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रविवार, 17 अगस्त 2014

वे देख रहे हैं


   व्यावासयिक फुटबॉल के एक खिलाड़ी की टीम पिछले कुछ स्पताहों से लगातार हारती चली जा रही थी। एक रिपोर्टर ने उस खिलाड़ी से पूछा कि जब उसकी टीम ऐसे हारती चली जा रही है, तो क्या है जो उसे प्रेरित करता है कि वह मेहनत से खेले और अपना सर्वोत्तम दे? उसने उत्तर दिया, "मेरे पिता मेरा खेल देखते हैं, मेरी माता मेरा खेल देखती हैं। इसलिए विश्वास रखो मैं खेल में अपना सर्वोत्तम ही दूँगा।" उस खिलाड़ी ने पहचाना था कि खेल में हार-जीत से भी बढ़कर कुछ है - लोग उसे देख रहे हैं, उसके खेल से उसका आँकलन कर रहे हैं, यह उसके लिए अपना सर्वोत्तम देने की प्रेरणा के लिए काफी था।

   प्रभु यीशु ने अपने पहाड़ी सन्देश के आरंभिक भाग में इसी सत्य को अपने चेलों के सामने रखा। हमें अपने जीवन इस एहसास के साथ व्यतीत करने चाहिएं कि लोग हमें देख रहे हैं, और हमारा जीवन उनके लिए हमारे परमेश्वर की गवाही हैं। प्रभु यीशु ने कहा, "उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें" (मत्ती 5:16)। हमारे जीवन का उजियाला कैसे चमकता है?
  • हमारी प्रतिदिन की परिस्थितियों और कार्यों में प्रभु यीशु के मन और चरित्र को प्रदर्शित करने के द्वारा।
  • जैसे प्रभु यीशु ने उपेक्षित और तिरिस्कृत लोगों के प्रति संवेदना एवं सहानुभूति दिखाई, वैसे ही हमारे भी ऐसों के प्रति यही भावना दिखाने के द्वारा।
  • प्रभु यीशु के समान ही अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के नाम और प्रतिष्ठा के प्रति चिन्तित रहने के द्वारा।

   लोग तो हम मसीही विश्वासियों को देख ही रहे हैं; प्रश्न यह है कि उन्हें हम में दिखाई क्या दे रहा है? - बिल क्राउडर


अपनी ज्योति को चमकने दें - फिर चाहे आप कोने में जलने वाली मोमबत्ती हों, या पहाड़ी पर स्थित दीपस्तंभ!

पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। - 1 पतरस 2:9

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए। 
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। 
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। 
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 64-66


शनिवार, 16 अगस्त 2014

जुड़े हुए


   मेरी पत्नि घर पर अपने लैपटॉप कंप्यूटर पर कार्य कर रही थी; उसका ध्यान लैप्टॉप की बैट्री की दशा दिखाने वाले सूचक पर गया, जो दिखा रहा था कि बैट्री लगभग समाप्त हो चुकी थी और कंप्यूटर अब बस बन्द होने वाला था। उसे यह अटपटा लगा क्योंकि उसने लैपटॉप को बिजली के प्लग से जोड़ा था, इसलिए लैपटॉप को बैट्री पर नहीं घर की बिजली से चलना था। उसने लैपटॉप के तार का मुआयना किया तो पाया कि लैपटॉप का तार एक्स्टेन्शन तार में तो जुड़ा था, पर एक्स्टेन्शन का तार मेन सॉकेट प्लग से जुड़ा हुआ नहीं था, इस कारण लैपटॉप को घर की बिजली से कोई करंट नहीं मिल रहा था और वह बैट्री पर चलते हुए अब बस बन्द होने को था। यह देखकर उसने मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा और कहा, इसमें कहीं ना कहीं कोई आत्मिक सन्देश छिपा है।

   उसके यह कहने पर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक से परमेश्वर की सामर्थ के संबंध में एक परिच्छेद स्मरण हो आया: यशायाह 40:27-31। इस परिच्छेद में यशायाह सच्चे और कभी ना समाप्त होने वाले ऊर्जा के स्त्रोत, परमेश्वर के विषय में बताता है, जिसमें से हमें सामर्थ प्राप्त करते रहना है। वह उन से, जिनकी सामर्थ क्षीण होती जा रही है कहता है कि वे परमेश्वर की बाट जोहें, उससे जुड़े रहें जिससे वे नया बल प्राप्त करते जाएं (पद 29-31)।

   प्रभु यीशु ने भी अपने चेलों से दाख की लता का उदाहरण देते हुए कहा कि वे लता की डालियों के समान, लता के तने अर्थात उससे सदा जुड़े रहें जिससे सदा उसकी सामर्थ उनमें प्रवाहित होती रहे (यूहन्ना 15:4-5)। प्रभु यीशु का यह कथन यशायाह द्वारा लिखित उपरोक्त परिच्छेद के अन्तिम भाग के समानन्तर ही है।

   जब कभी हम अपने आप को थका हुआ और व्यथित पाते हैं, तो यह जाँच लेना आवश्यक है कि क्या हम सामर्थ के अपने स्त्रोत से वास्तव में जुड़े हुए हैं कि नहीं। क्योंकि हमारी अपनी सामर्थ तो क्षणिक है, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ कभी समाप्त नहीं होगी, हमारे जीवनों को सदा कार्यकारी बनाए रखेगी। - रैण्डी किलगोर


इस सृष्टि के सृजनहार में सामर्थ की कोई घटी नहीं है।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: यशायाह 40:27-31
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 61-63


शुक्रवार, 15 अगस्त 2014

इच्छाएं और योजनाएं


   सन 1960 में, जिस माध्यमिक स्कूल में मैं विद्यार्थी था, सभी विद्यार्थियों ने प्रतिभा से संबंधित एक प्रोजैक्ट में भाग लिया। कई दिनों तक हम परीक्षाएं देते रहे जो हमारे शैक्षिक विषयों के सम्बंध में हमारे रुझान को जाँचती थीं। इसके अतिरिक्त हम से कहा गया कि भविष्य को लेकर हम अपनी योजनाएं, इच्छाएं और आशाएं भी बताएं। इस प्रोजैक्ट में भाग लेने वाले केवल हम ही नहीं थे वरन इसमें सारे अमेरिका से 1300 स्कूल और 400,000 विद्यार्थी भाग ले रहे थे। यद्यपि हम में से कोई नहीं जानता था कि आगे चलकर हमारा जीवन क्या दिशा या मोड़ ले लेगा, तो भी हम अपनी सोच के अनुसार अपने भविष्य का विचार कर रहे थे, योजना बना रहे थे।

   यही बात परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक तरशीश के निवासी शाऊल के लिए भी सच थी। एक जवान व्यक्ति के रूप में उसके जीवन का लक्ष्य था मसीही विश्वासियों का नाश करना (प्रेरितों 7:58-8:3; गलतियों 1:13)। लेकिन यही घोर मसीह विरोधी शाऊल, प्रभु यीशु से एक ही साक्षात्कार के बाद, मसीह यीशु का अनुयायी और प्रेरित पौलुस बन गया और मसीही विश्वासियों को गिनती तथा विश्वास में बढ़ाने में पूरे जी-जान से सक्रीय हो गया। जब वह यरुशलेम की ओर जा रहा था, जहाँ वह जानता था कि उसे बन्दी बनाया जाएगा और बहुत कष्ट उठाने पड़ेंगे, उसने उसके कठिन भविष्य को लेकर चिंतित हो रहे अपने मित्रों से कहा, "परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है" (प्रेरितों 20:24)।

   जब हमारे जीवन का लक्ष्य परमेश्वर को महिमा देना होता है, तब परमेश्वर हमारे हर कदम पर हमारा मार्गदर्शन करता है और सुरक्षा देता है। हमारी इच्छाएं और योजनाएं जो भी हों, जब हम उन्हें परमेश्वर के हाथों में छोड़ देते हैं, तब हमारी हर बात का नियंत्रण, निर्धारण और परिणाम परमेश्वर की ओर से ही होता है, फिर हमें चाहे सफलता मिले या असफलता, सब हमारी भलाई के लिए ही होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


अपना मसीही जीवन वैसे ही जीते रहें जैसे उसे आरंभ किया था - मसीह यीशु पर विश्वास के साथ।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:16-24
Acts 20:16 क्योंकि पौलुस ने इफिसुस के पास से हो कर जाने की ठानी थी, कि कहीं ऐसा न हो, कि उसे आसिया में देर लगे; क्योंकि वह जल्दी करता था, कि यदि हो सके, तो उसे पिन्‍तेकुस का दिन यरूशलेम में कटे।
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया। 
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा। 
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा। 
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। 
Acts 20:21 वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए। 
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा 
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं। 
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 58-60


गुरुवार, 14 अगस्त 2014

योग्य


   हमारी एक मित्र अकसर तसमानिया के होबार्ट शहर जाया करती थी और हम सोचते थे कि ऐसा क्या है जिसके कारण वह बार बार होबार्ट जाती रहती है। हाल ही में उसने हमें निमंत्रण दिया कि हम भी उसके साथ वहाँ पर कुछ समय व्यतीत करें। हम हवाई आडे से निकल कर एक पुल पर से होकर निकले, फिर शहर और उसके आस-पास बसी हुई बस्ती से निकलने लगे - यात्रा में कुछ भी अनूठा या आकर्षक नहीं था, परन्तु हम आगे की ओर बढ़ते रहे। फिर चढ़ाई आरंभ हो गई, कुछ तीव्र मोड़ों और खड़ी चढ़ाई के पश्चात हमें नीचे का समुद्र तट दिखाई देने लगा, लेकिन उसमें भी कुछ विशेष बात नहीं थी।

   अन्ततः एक खड़ी ढाल वाली चढ़ाई पर चढ़कर हम अपने गन्तव्य पर पहुँच गए, और वहाँ से जो नीचे के शहर तथा इलाके का नज़ारा था वह स्तब्ध कर देने वाला था। हवाई अड्डे से निकल कर जिस पुल पर से हो कर हम आए थे, वह भी हमें दिखाई दे रहा था; अब वह नीरस नहीं वरन बहुत सुन्दर दिख रहा था! अब हम समझ पाए कि हमारी वह मित्र यहाँ अकसर क्यों आती रहती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री के 11वें अध्याय में अनेक विश्वास के योद्धाओं के नाम दर्ज हैं। उन सभी के जीवन में कई "तीखे मोड़ और चढ़ाईयाँ" तथा नीरस परिस्थितियाँ आईं। लेकिन वे सभी अपनी विश्वास यात्रा में आगे बढ़ते ही रहे, ना रुके और ना वापस लौटे। उनका गन्तव्य? स्वर्ग, वह स्थिर नेव वाला नगर - "...जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है" (इब्रानियों 11:10)।

   एस्तेर केर रश्तोई ने अपने स्तुति गीत, "When We See Christ" (जब हम मसीह को देखेंगे) में स्वर्ग की ओर मसीही विश्वासी की यात्रा के विषय में लिखा है:
   यह सब उस पल के योग्य होगा, जब हम मसीह को देखेंगे
   जीवन की कठिनाईयाँ कितनी छोटी लगेंगी, जब हम मसीह को देखेंगे
   उसके चेहरे की एक झलक से ही सारे दुख जाते रहेंगे
   इसलिए बहादुरी से जीवन दौड़ को दौड़ो, जब तक कि हम मसीह को देखें

   आज चाहे आपका मसीही विश्वास का जीवन सामान्य हो चाहे कठिन, आगे की ओर बढ़ते ही रहें। अपनी यात्रा के अन्त में आकर आप उस अद्भुत स्थान को देखने पाएंगे जो परमेश्वर ने आप के लिए तैयार किया है, और इस जीवन की हर बात उस पल के योग्य होगी। - सी. पी. हिया


स्वर्ग के आनन्द पृथ्वी की कठिनाईयों की भरपाई से भी अधिक होंगे।

सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। - कुलुस्सियों 3:1-2

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया। 
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया। 
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है। 
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था। 
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। 
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं। 
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। 
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 55-57


बुधवार, 13 अगस्त 2014

दीवार


   "दीवार"; पूर्वी जर्मनी के निवासियों के लिए 13 अगस्त 1961 को खड़ी करी गई देश को दो भागों में विभाजित करने वाली बाधा की पहचान कराने के लिए बस यही शब्द काफी था। यह तिथि कॉन्क्रीट की उस मज़बूत दीवार के निर्माण को आरंभ किए जाने की तिथि थी जो जर्मनी के पूर्वी और पश्चिमी भाग को पृथक करती थी। अन्ततः वह दीवार अभेद्य हो गई, उसकी रक्षा के लिए सशस्त्र सैनिक बल और काँटेदार तार की बाड़ लगा दी गई। किंतु सन 1989 में वह दीवार गिरा दी गई, और देश के दोनों भाग फिर से मिलकर एक हो गए।

   एक अन्य दीवार है, मानव जाति और परमेश्वर के बीच खड़ी मनुष्य के पाप की दीवार। इस दीवार का निर्माण अदन की वाटिका में हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा, द्वारा परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के कारण संसार में हुए पाप के प्रवेश से हुआ, और तब से परमेश्वर की अवहेलना, उसकी अनाज्ञाकारिता और मनुष्य का पाप इस दीवार को बनाए हुए हैं। लेकिन परमेश्वर ने स्वयं ही पहल करके पाप में गिरे मनुष्यों को अपने से मेल-मिलाप करने का मार्ग तैयार करके दिया है।

   प्रभु यीशु के कलवरी के क्रूस पर समस्त मानव जाति के सभी पापों के लिए दिए गए बलिदान और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा हम मनुष्यों का परमेश्वर से मेल-मिलाप हो पाना संभव हो गया है (2 कुरिन्थियों 5:17-21)। अब जो कोई भी, स्वेच्छा तथा साधारण विश्वास से प्रभु यीशु के क्रूस पर किए गए कार्य को ग्रहण करता है और उससे पापों की क्षमा माँगता है, उसके पाप क्षमा हो जाते हैं, उसके लिए परमेश्वर से पृथक करने वाली पाप की दीवार गिर जाती है और उसका मेल-मिलाप परमेश्वर से हो जाता है। प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर किए गए इस महान कार्य द्वारा ना केवल हमारा मेल परमेश्वर से हो जाता है, वरन मानव जाति को परस्पर विभाजित करने वाली दीवारें भी ढह जाती हैं; अब यहूदी तथा गैर-यहूदी, दास तथा स्वतंत्र, पुरुष तथा स्त्री आदि में कोई विभाजन शेष नहीं रहता (गलतियों 3:28)।

   संभव है आज अनिश्चय की दीवार आपको प्रभु यीशु के पक्ष में निर्णय लेने से रोक रही हो; इस दीवार को परमेश्वर से मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार की आशीष से आपको वंचित ना रखने दीजिए। अपने अविश्वास की दीवार को गिरा कर प्रभु यीशु की ओर हाथ बढ़ाईए और अनन्त आशीष के संभागी हो जाईए। - सिंडी हैस कैस्पर


बाइबल, पाप में मनुष्य की पूर्ण बरबादी तथा मसीह यीशु में उसकी पूर्ण बहाली का अभिलेख है। - बार्नहाउस

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। - रोमियों 5:1-2

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:13-18
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए।
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 52-54


मंगलवार, 12 अगस्त 2014

सन्देह और विश्वास


   क्या एक मसीही विश्वासी जो अपने विश्वास की बातों को लेकर कभी-कभी सन्देह में पड़ जाता है, प्रभु यीशु की सेवकाई प्रभावी रीति से करने पाएगा? कुछ लोगों का मानना है कि परिपक्व एवं विश्वास में उन्नति करते रहने वाले मसीही विश्वासी कभी भी अपने विश्वास की बातों पर कोई सन्देह नहीं करते। किंतु जिस प्रकार हम ऐसे अनुभवों से होकर निकलते हैं जो हमारे विश्वास को बढ़ाते हैं, वैसे ही हम कभी कभी ऐसे अनुभवों से होकर भी निकल सकते हैं जो अस्थायी तौर पर हमारे मनों में सन्देह उत्पन्न कर सकते हैं।

   प्रभु यीशु के एक चेले, थोमा को प्रभु यीशु के मृतकों में से जी उठने के समाचार पर एकाएक विश्वास नहीं हुआ: "जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा" (यूहन्ना 20:25)। प्रभु यीशु मसीह ने इस अविश्वास के लिए थोमा की भर्त्सना नहीं करी, वरन उसके सामने वही प्रमाण प्रस्तुत किया जो थोमा को चाहिए था। मृतकों से जी उठे अपने प्रभु को सप्रमण प्रत्यक्ष देखकर थोमा उसके सामने झुक गया और, "यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!" (यूहन्ना 20:28)। 

   इस घटना के पश्चात परमेश्वर के वचन बाइबल में थोमा का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। परन्तु मसीही मण्डली, अर्थात चर्च का इतिहास बताता है कि थोमा भारत आया, और दक्षिण भारत में ही बस गया। उसने प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप क्षमा तथा उद्धार का प्रचार किया, अनेक आश्चर्यकर्म किए, चर्च स्थापित किए, और उसके द्वारा स्थापित चर्चों में से कुछ आज भी सक्रीय हैं, और थोमा द्वारा स्थापित किए जाने का दावा करते हैं।

   जीवन में उठने वाले सन्देहों को जीवन का भाग मत बनने दीजिए। परमेश्वर के समक्ष अपने सन्देहों को रखिए, उससे अपने सन्देह के निवारण का मार्ग पूछिए, और परमेश्वर को अपनी गहरी पहिचान आप पर प्रगट करने का अवसर दीजिए और फिर अपने सन्देह से ऊपर उठकर अपने विश्वास को फिर से स्थिर कीजिए और आप परमेश्वर के लिए उपयोगी होने पाएंगे तथा उसके लिए महान कार्य करने पाएंगे। - डेनिस फिशर


अपने सन्देहों पर सन्देह और विश्वास पर विश्वास करना सीखिए।

और यह भी जानते हैं, कि परमेश्वर का पुत्र आ गया है और उसने हमें समझ दी है, कि हम उस सच्चे को पहचानें, और हम उस में जो सत्य है, अर्थात उसके पुत्र यीशु मसीह में रहते हैं: सच्चा परमेश्वर और अनन्त जीवन यही है। - 1 यूहन्ना 5:20

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:24-31
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। 
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। 
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! 
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए। 
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 49-51


सोमवार, 11 अगस्त 2014

थके और प्यासे


   मोआब की पहाड़ियों से उस वाचा की हुई भूमि की वह पहली झलक मेरे लिए बहुत निराशाजनक थी। मुझे लग रहा था कि यरदन नदी के पूर्वी तट के दृश्य की अपेक्षा यहाँ का दृश्य बहुत भिन्न होगा, लेकिन मुझे कुछ खास फर्क नज़र नहीं आया। मैंने अपनी गाईड से पूछा, "जब मिस्त्र की गुलामी से निकलकर इस्त्राएली यहाँ पहली बार आए थे तब क्या यह इलाका इससे भिन्न दिखता था?" उसने उत्तर दिया, "नहीं! यह हज़ारों से वर्षों से ऐसा ही दिखाई देता रहा है।" उससे मैंने अपने प्रश्न को दूसरे शब्दों में पूछा, "जब वे इस्त्राएली यहाँ पहुँचे, तब उन्होंने क्या देखा होगा?" उस गाईड का उत्तर था, "संसार का सबसे बड़ा मरुद्दयान!"

   तब मैं समझ गई। मैंने बंजर मरुभूमि की यहाँ तक की यात्रा एक आरामदायक वातानुकूलित बस में बैठकर जिसमें पीने के पानी की ठंडी बोतलें बहुतायत से उपलब्ध थीं करी थी, मेरे लिए पीने लायक मीठे पानी का स्त्रोत, वह मरूद्दयान कोई विशेष बात नहीं थी। लेकिन वे इस्त्राएली एक तपते हुए बंजर मरुभूमि में वर्षों पैदल यात्रा करते रहे थे; उनके लिए दूर से ही फीकी सी हरियाली दिखाने वाला यह स्थान जीवनदायक जल उपलब्ध होने का आश्वासन रहा होगा। वे जब यहाँ पहुँचे थे, तब थक कर चूर थे, जबकि मैं आराम से थी। उन्हें यहाँ पहुँचने में 40 कठिन वर्ष लगे थे, मुझे केवल 4 घंटे।

   जीवनदायक जल के सोते वाले उस मरुद्दयान के समान ही परमेश्वर की भलाई भी कभी कभी सूखे और कठिन स्थानों में ही मिलती है। मैं सोचती हूँ, हम कितनी ही दफा अपने प्रति परमेश्वर की देख-रेख तथा भलाई को देख नहीं पाते क्योंकि हमारी आत्मिक इन्द्रियाँ सुख-विलास के साधनों ने कुन्द कर दी हैं। इसलिए परमेश्वर की यह भलाईयाँ हमें तब ही दिखाई देती हैं जब जीवन यात्रा में हम थके और प्यासे होते हैं। परमेश्वर हमारी यह थकावट और प्यास यूँ ही बनाए रखे जिससे हम उसके प्रति तथा हमारे लिए उसकी भलाईयों के प्रति संवेदन शील होकर सदा ही उसके धन्यवादी तथा उसको समर्पित बने रहें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु ही वह जीवन जल का सोता है जो प्यासी आत्मा को तृप्त कर सकता है।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। - यूहन्ना 7:37

बाइबल पाठ: यहोशु 3:1-11
Joshua 3:1 बिहान को यहोशू सबेरे उठा, और सब इस्राएलियों को साथ ले शित्तीम से कूच कर यरदन के किनारे आया; और वे पार उतरने से पहिले वहीं टिक गए। 
Joshua 3:2 और तीन दिन के बाद सरदारों ने छावनी के बीच जा कर 
Joshua 3:3 प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दी, कि जब तुम को अपने परमेश्वर यहोवा की वाचा का सन्दूक और उसे उठाए हुए लेवीय याजक भी देख पड़ें, तब अपने स्थान से कूच कर के उसके पीछे पीछे चलना, 
Joshua 3:4 परन्तु उसके और तुम्हारे बीच में दो हजार हाथ के अटकल अन्तर रहे; तुम सन्दूक के निकट न जाना। ताकि तुम देख सको, कि किस मार्ग से तुम को चलना है, क्योंकि अब तक तुम इस मार्ग पर हो कर नहीं चले। 
Joshua 3:5 फिर यहोशू ने प्रजा के लोगों से कहा, तुम अपने आप को पवित्र करो; क्योंकि कल के दिन यहोवा तुम्हारे मध्य में आश्चर्यकर्म करेगा। 
Joshua 3:6 तब यहोशू ने याजकों से कहा, वाचा का सन्दूक उठा कर प्रजा के आगे आगे चलो। तब वे वाचा का सन्दूक उठा कर आगे आगे चले। 
Joshua 3:7 तब यहोवा ने यहोशू से कहा, आज के दिन से मैं सब इस्राएलियों के सम्मुख तेरी प्रशंसा करना आरम्भ करूंगा, जिस से वे जान लें कि जैसे मैं मूसा के संग रहता था वैसे ही मैं तेरे संग भी हूं। 
Joshua 3:8 और तू वाचा के सन्दूक के उठाने वाले याजकों को यह आज्ञा दे, कि जब तुम यरदन के जल के किनारे पहुंचो, तब यरदन में खड़े रहना।
Joshua 3:9 तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, कि पास आकर अपने परमेश्वर यहोवा के वचन सुनो। 
Joshua 3:10 और यहोशू कहने लगा, कि इस से तुम जान लोगे कि जीवित ईश्वर तुम्हारे मध्य में है, और वह तुम्हारे सामहने से नि:सन्देह कनानियों, हित्तियों, हिव्वियों, परिज्जियों, गिर्गाशियों, एमोरियों, और यबूसियों को उनके देश में से निकाल देगा। 
Joshua 3:11 सुनो, पृथ्वी भर के प्रभु की वाचा का सन्दूक तुम्हारे आगे आगे यरदन में जाने पर है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 46-48