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शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2015

दुल्हन


   पुस्तक To Marry an English Lord उन्नीसवीं सदी में अमेरिका के अमीर खान्दानों की युवतियों के ब्रिटेन के राजसी घरानों में विवाह रचाने के शौक पर लिखी गई है। यह शौक रखने वाली स्त्रियाँ धनवान तो थीं, परन्तु उनके अन्दर राजपदधारी होने और उससे समाज में मिलने वाले रुतबे को पाने की लालसा थी। पुस्तक का आरंभ होता है रानी विकटोरिया के पुत्र राजकुमार एल्बर्ट के एक सामाजिक निमंत्रण पर अमेरिका के दौरे पर जाने के साथ। उस दौरे के दौरान राजकुमार के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है जिसमें आमंत्रित लोगों के नाच में सम्मिलित होने का भी अवसर होता है। इस अवसर पर बहुत सी अमीर युवतियाँ इस आश्य से आती हैं कि संभवतः उन्हें राजकुमार एल्बर्ट की दुल्हन बनने का अवसर मिल जाए।

   प्रभु यीशु में विश्वास रखने वालों के पास केवल आशा नहीं है - उनके पास इस पृथ्वी पर राजपदधारी होने (1 पतरस 2:9) तथा स्वर्ग में राजसी विवाह का आश्वासन है। इस राजसी विवाह के बारे में प्रेरित यूहन्ना ने प्रकाशितवाक्य नामक पुस्तक में लिखा: "आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है। और उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम हैं" (प्रकाशितवाक्य 19:7-8)। प्रभु यीशु वह मेमना, वह दूल्हा तथा सभी मसीही विश्वासियों द्वारा मिलकर बनी मण्डली उसकी दुल्हन है।

   प्रभु यीशु की दुल्हन होने के नाते हमें अपने आप को उस विशेष दिन के लिए तैयार करना है। यह तैयारी आज और अभी से प्रभु यीशु की निकटता में बने रहने और चलते रहने के द्वारा होनी है, क्योंकि उसकी दुलहन के रूप में हम स्वर्ग में यही तो करेंगे। और इस तैयारी में आज प्रभु यीशु स्वयं हमारा सहायक है क्योंकि वह अपनी दुल्हन को बेदाग़ और बेझुर्री करके अपने साथ खड़े होने के लिए तैयार कर रहा है (इफिसियों 5:25-27)। - डेनिस फिशर


राजाओं के राजा से निकट संबंध से बढ़कर कोई अन्य सौभाग्य नहीं है।

पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। - 1 पतरस 2:9

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 19:6-9; इफिसियों 5:25-27
Revelation 19:6 फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्द सुना, कि हल्लिलूय्याह! इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है। 
Revelation 19:7 आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है। 
Revelation 19:8 और उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम हैं। 
Revelation 19:9 और उसने मुझ से कहा; यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उसने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं।

Ephesians 5:25 हे पतियों, अपनी अपनी पत्‍नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम कर के अपने आप को उसके लिये दे दिया। 
Ephesians 5:26 कि उसको वचन के द्वारा जल के स्‍नान से शुद्ध कर के पवित्र बनाए। 
Ephesians 5:27 और उसे एक ऐसी तेजस्‍वी कलीसिया बना कर अपने पास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, वरन पवित्र और निर्दोष हो। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 14-16
  • इफिसियों 5:1-16


गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

स्तुतिगान


   अन्तरिक्ष में स्थित दूरबीन हबल, चिड़ियाघर और गाते हुए बच्चों में क्या समानता हो सकती है? परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे भजन 148 के अनुसार, हम इस निषकर्ष पर पहुँचते हैं कि ये तीनों परमेश्वर की भव्य और अद्भुत सृष्टि की ओर इशारा करते हैं।

   अकसर इस बात पर प्रश्नचिन्ह लगाया जाता है कि परमेश्वर ने ही इस समस्त सृष्टि की रचना करी है। इसलिए यह अच्छा समय होगा कि हम स्मरण करें कि हमें सारी सृष्टि के साथ मिलकर परमेश्वर की कार्य-कौशलता के लिए उसकी कितनी स्तुति और आराधना करनी चाहिए।

   हबल दूरबीन ने इस सृष्टि के भौंचक्के कर देने वाले चित्र खींच कर भेजे हैं। हबल द्वारा लिया गया प्रत्येक चित्र सृष्टि में फैले सितारों और नक्षत्र-पुंजों को दिखाता है और परमेश्वर की अद्भुत कारीगरी का प्रमाण है। बाइबल में भजन 148:3 में लिखा है: "हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो!"

   चिड़ियाघर का भ्रमण हमें परमेश्वर द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के जीव-जन्तुओं की विविधता का एक छोटा सा नमूना दिखाता है; भजन 148 के 7 और 10 पदों में लिखा है कि सभी वन-पशु, घरेलु-जन्तु, पक्षी आदि परमेश्वर की स्तुति करें।

   बच्चों को उन्मुक्त भाव से परमेश्वर की प्रशंसा और उसका स्तुतिगान करते देखना और सुनना इस बात की ओर इशारा करता है कि पृथ्वी के सभी लोगों को अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति में आवाज़ उठानी चाहिए (पद 11-13)।

   चाहे तारागण हों या पशु-पक्षी अथवा मनुष्य, सभी के लिए कहा गया है कि, "यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है" (भजन 148:13)। - डेव ब्रैनन


सृष्टि परमेश्वर की गवाही देती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1 

बाइबल पाठ: भजन 148
Psalms 148:1 याह की स्तुति करो! यहोवा की स्तुति स्वर्ग में से करो, उसकी स्तुति ऊंचे स्थानों में करो! 
Psalms 148:2 हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो: हे उसकी सब सेना उसकी स्तुति कर! 
Psalms 148:3 हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो! 
Psalms 148:4 हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपर वाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो। 
Psalms 148:5 वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए। 
Psalms 148:6 और उसने उन को सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।
Psalms 148:7 पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर, 
Psalms 148:8 हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन मानने वाली प्रचण्ड बयार! 
Psalms 148:9 हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों! 
Psalms 148:10 हे वन-पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगने वाले जन्तुओं और हे पक्षियों! 
Psalms 148:11 हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों! 
Psalms 148:12 हे जवानों और कुमारियों, हे पुरनियों और बालकों! 
Psalms 148:13 यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है। 
Psalms 148:14 और उसने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊंचा किया है; यह उसके सब भक्तों के लिये अर्थात इस्राएलियों के लिये और उसके समीप रहने वाली प्रजा के लिये स्तुति करने का विषय है। याह की स्तुति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4


बुधवार, 30 सितंबर 2015

जीवन जल


   कॉलेराडो आने वाले पर्यटक अकसर इस बात से अनभिज्ञ रहते हैं कि क्यों उनके शरीर से पानी की मात्रा कम होती जा रही है। उस क्षेत्र का शुष्क वातावरण और चिलचिलाती धूप, विशेषकर पहाड़ों में, शरिर से जल को सुखा देती है। इसीलिए यहाँ अनेक पर्यटक मानचित्रों और स्थान स्थान पर लगे चिन्हों पर लोगों से काफी मात्रा में पानी पीते रहने का आग्रह लिखा मिलता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जल को अकसर जीवन जल प्रभु यीशु के प्रतीक के रूप में दिया गया है, ऐसा जल जो हमारी प्रत्येक प्यास को तृप्त करता है। बाइबल में लिखे प्रभु यीशु के सबसे यादगार वार्तालापों में से एक है उनका कुँए के पास सामरी स्त्री से किया गया वार्तालाप (यूहन्ना 4:1-42)। वार्तालाप का आरंभ हुआ प्रभु यीशु के सामरी स्त्री से जल माँगने के द्वारा (पद 7), और वार्तालाप का सिलसिला बढ़ते बढ़ते कुछ और गहरी बातों की ओर मुड़ गया जब प्रभु यीशु ने कुँए के जल के संदर्भ में उस स्त्री से कहा: "...जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:13-14)।

   इस वार्तालाप का परिणाम हुआ कि वह सामरी स्त्री और फिर उस स्थान के अनेक निवासियों प्रभु यीशु पर विश्वास किया कि वही मसीह अर्थात संसार का उद्धारकर्ता है (पद 42)।

   जैसे हमारे शरीर जल के बिना जीवित नहीं रह सकते, वैसे ही हमारे प्राण और आत्मा उस आत्मिक जल के बिना जीवित नहीं रह सकते जो प्रभु यीशु अपने विश्वास करने वाले को देता है। आज यह जीवन जल परमेश्वर की ओर से संसार के हर व्यक्ति के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध है; इस जीवन जल से अपनी आत्मिक प्यास बुझाने के अवसर को जाने ना दें। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्यासी आत्मा को केवल जीवन जल प्रभु यीशु ही तृप्त कर सकता है।

और उसके वचन के कारण और भी बहुतेरों ने विश्वास किया। और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है। - यूहन्ना 4:41-42

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:6-15
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। 
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला। 
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे। 
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)। 
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। 
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया? 
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया? 
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। 
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा। 
John 4:15 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, वह जल मुझे दे ताकि मैं प्यासी न होऊं और न जल भरने को इतनी दूर आऊं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3


मंगलवार, 29 सितंबर 2015

अनुसरण


   कलाई पर बान्धी जाने वाली घड़ियों के लिए रेडियो पर प्रसारित होने वाले एक विज्ञापन में सलाह दी जा रही थी कि लोग चटकीले रंग के पट्टे वाली घड़ी खरीद कर उसे किसी अन्य रंग के कपड़ों के साथ पहिनें, जिससे लोग रंगों के इस असामंजस्य को लेकर पहनने वालों के साहस से आकर्षित हों और उनके समान बनना चाहें। हम सब के अन्दर कुछ तो ऐसा होता है जो चाहता है कि लोग हमारा अनुसरण करें।

   यदि आप परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों के 4 अध्याय को सरसरी निगाह से पढ़ें तो आपको लग सकता है कि उस पत्री का लेखक पेरित पौलुस यह कहने के द्वारा कि "मैं तुम से बिनती करता हूं, कि मेरी सी चाल चलो" (1 कुरिन्थियों 4:16) कुछ शेखी मार रहा है। लेकिन उस पत्री को ध्यान से पढ़ने पर हमें पता चलता है कि पौलुस ने इतने भरोसे से ऐसा क्यों कहा है; क्योंकि वह स्वयं मनुष्यों के सबसे महान सेवक, प्रभु यीशु का सेवक होने के लिए उसका अनुसरण करता था (1 कुरिन्थियों 11:1)।

   मसीह यीशु का अनुसरण करने की उसकी इस सेवकाई से पौलुस को मसीही मण्डलियों में निरादर और ताड़नाएं भी मिलीं (1 कुरिन्थियों 4:10-17)। जब पौलुस कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखता है कि चाहे उनके 10,000 शिक्षक भी हों तो भी वह मसीही विश्वास में उनका आत्मिक पिता है, तब वह उन्हें ऐसा यह एहसास दिलाने के लिए लिखता है कि प्रभु यीशु मसीह ही एकमात्र कारण है जिसके अन्तर्गत वे लोग उसके प्रचार और शिक्षाओं पर विश्वास कर सकते हैं।

   यदि हम चाहते हैं कि लोग हमारा अनुसरण करें, तो हमें सबसे पहले अपने प्रभु यीशु का अनुसरण करना होगा। यदि हम में लोगों को प्रभु यीशु की ओर इशारा करने का साहस है, यदि हम में कोई गुण, कोई ऐसा भलाई है जो लोगों के लिए अनुसरणीय उदाहरण हो सकती है, तो यह केवल हमारे प्रभु यीशु का अनुसरण करने के द्वारा ही सम्भव है, हमारी अपनी किसी सामर्थ या योग्यता के द्वारा नहीं। - ऐनी सेटास



हम जितना प्रभु यीशु का अनुसरण करते हैं, लोग भी हमारा उतना ही अनुसरण करेंगे।

इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:1-2

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 4:10-17
1 Corinthians 4:10 हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो: हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो: तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं। 
1 Corinthians 4:11 हम इस घड़ी तक भूखे-प्यासे और नंगे हैं, और घूंसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; 
1 Corinthians 4:12 और अपने ही हाथों से काम कर के परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं। 
1 Corinthians 4:13 वे बदनाम करते हैं, हम बिनती करते हैं: हम आज तक जगत के कूड़े और सब वस्‍तुओं की खुरचन की नाईं ठहरे हैं। 
1 Corinthians 4:14 मैं तुम्हें लज्ज़ित करने के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर उन्हें चिताता हूं। 
1 Corinthians 4:15 क्योंकि यदि मसीह में तुम्हारे सिखाने वाले दस हजार भी होते, तौभी तुम्हारे पिता बहुत से नहीं, इसलिये कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा मैं तुम्हारा पिता हुआ। 
1 Corinthians 4:16 सो मैं तुम से बिनती करता हूं, कि मेरी सी चाल चलो। 
1 Corinthians 4:17 इसलिये मैं ने तीमुथियुस को जो प्रभु में मेरा प्रिय और विश्वासयोग्य पुत्र है, तुम्हारे पास भेजा है, और वह तुम्हें मसीह में मेरा चरित्र स्मरण कराएगा, जैसे कि मैं हर जगह हर एक कलीसिया में उपदेश करता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2


सोमवार, 28 सितंबर 2015

अयोग्य?


   बहुत वर्ष पहले की बात है कि विश्व-विख्यात सुसमाचार प्रचारक, बिली ग्राहम को इंग्लैंड के सुप्रसिद्ध कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवचन देना था, लेकिन वे उस विश्वविद्यालय के प्रतिभावान लोगों के सामने अपने आप को अयोग्य अनुभव कर रहे थे, क्योंकि उनके पास ना तो किसी प्रकार की उच्च शिक्षा की कोई उपाधि थी और ना ही उन्होंने किसी बाइबल कॉलेज से कोई डिग्री प्राप्त करी थी। बिली ने अपने एक निकट मित्र से कहा, "मुझे नहीं पता कि जीवन में इससे से अधिक अयोग्य और अवसर के लिए अतैयार मैंने कभी अनुभव किया है।" बिली ने परमेश्वर से सहायता की प्रार्थना करी, और परमेश्वर ने उन्हें सुसमाचार और प्रभु यीशु के क्रूस की सरल सच्चाई को उन प्रतिभावान लोगों के मध्य स्पष्टता से बताने के लिए बहुतायत से इस्तेमाल किया।

   जब परमेश्वर ने मूसा को मिस्त्र के राजा फिरौन के पास जाकर उससे परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल को मुक्त करने के लिए कहने के लिए चुना तो मूसा ने भी अपने आप को इस कार्य के लिए सर्वथा अयोग्य अनुभव किया: "तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?" (निर्गमन 3:11)। तब परमेश्वर ने मूसा को आश्वस्त किया, "...निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा..." (निर्गमन 3:12)। यह जानकर कि उसे जाना ही होगा और परमेश्वर की बात को फिरौन तथा इस्त्राएलियों को बताना ही होगा, मूसा ने यह कहकर बचना चाहा, "जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं?", तो परमेश्वर का उत्तर था, "...तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है" (निर्गमन 3:13-14)। परमेश्वर ने अपना नाम "मै हूँ", अपने अनन्त, स्वयंभू और आत्म-पर्याप्त होने के गुणों और चरित्र को दर्शाने के लिए कहा।

   हम परमेश्वर की आज्ञा पूरी करने में अपनी अयोग्यता दिखाने के लिए परमेश्वर के सामने प्रश्न उठा सकते हैं, परन्तु वह तब भी हमारे प्रति विश्वासयोग्य रहता है, हमें सामर्थ देता है, हमें अपनी महिमा के लिए इस्तेमाल करता है। हर परिस्थिति के लिए उसके पर्याप्त होने और उसकी सामर्थ के सामने हमारी व्यक्तिगत कमज़ोरियाँ महत्वहीन तथा अति गौण हैं। हम जब भी अपने आप को अयोग्य दर्शाने के लिए प्रश्न उठाएंगे, "मैं क्या हूं?" तो परमेश्वर का उत्तर होगा, "मैं हूं"! - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जब परमेश्वर आपके साथ हो तो आपको यात्रा, मार्ग और परिस्थितियों को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

इसलिये तू अपनी कमर कस कर उठ; और जो कुछ कहने की मैं तुझे आज्ञा दूं वही उन से कह। तू उनके मुख को देख कर न घबराना, ऐसा न हो कि मैं तुझे उनके साम्हने घबरा दूं। क्योंकि सुन, मैं ने आज तुझे इस सारे देश और यहूदा के राजाओं, हाकिमों, और याजकों और साधारण लोगों के विरुद्ध गढ़वाला नगर, और लोहे का खम्भा, और पीतल की शहरपनाह बनाया है। वे तुझ से लड़ेंगे तो सही, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि बचाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है। - यिर्मयाह 1:17-19

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-15
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे। 
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं? 
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है। 
Exodus 3:15 फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, कि तू इस्राएलियों से यह कहना, कि तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर, यहोवा उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1


रविवार, 27 सितंबर 2015

न्याय और करुणा


   जब कॉलेराडो स्प्रिंग्स, कॉलेराडो, के जंगलों में लगी आग से सैंकड़ों घर तथा जानवरों के रहने के अनेक स्थल जल कर राख हो गए, तो सारे देश में लोग परमेश्वर से प्रार्थना करने लगे कि वह बारिश को भेजे जिससे आग बुझ सके, विनाश रुक सके और आग बुझाने में लगे लोगों को राहत मिल सके। प्रार्थना करने वाले लोगों में से कुछ ने अपनी प्रार्थनाओं के साथ एक रोचक शर्त भी लगाई; उन्होंने परमेश्वर से करुणा दिखाने का आग्रह किया और बरसात की माँग करी लेकिन ऐसी बारिश जिसके साथ बिजली ना कड़के, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि बिजली गिरने से कहीं और आग लग सकती है।

   इससे मुझे स्मरण हो आता है कि हम उसी वस्तु से हानि और लाभ के बीच कैसे तनाव में जीवन व्यतीत करते हैं। हम आग से अपना भोजन पकाते हैं, अपने आप को गरम रखते हैं, लेकिन वही आग हमें भस्म भी कर सकती है। बिना पानी हमारा जीवन नहीं है, हमें अपने शरीरों के कार्य करते रहने के लिए उचित मात्रा में पानी चाहिए, इस पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए के लिए और पर्यावरण को बनाए रखने के लिए पानी चाहिए, लेकिन उसी पानी में हम डूब भी सकते हैं, वह हमें और हमारे घर तथा फसलों को बहा कर ले जा सकता है, बर्बाद कर सकता है। किसी भी चीज़ की कमी या अधिकाई, या अनियंत्रित प्रयोग हानिकारक अथवा जीवन के लिए खतरनाक हो जाता है।

   यही सिद्धांत आत्मिक बातों और जीवन पर भी लागू होता है। सभ्यताओं को पनपने और बढ़ने के लिए, परस्पर विरोधाभास रखने वाली दो बातों, करुणा और न्याय (ज़कर्याह 7:9) की आवश्यकता होती है। प्रभु यीशु ने धर्मगुरुओं को परमेश्वर की व्यवस्था के अक्षरशः पालन पर ज़ोर देने परन्तु उसकी गंभीर बातों की अवहेलना करने के लिए डाँटा (मत्ती 23:23)।

   हम न्याय या करुणा में से किसी एक की ओर झुकाव रख सकते हैं, परन्तु प्रभु यीशु हमारे प्रति उन्हें बिलकुल संतुलित रखता है (यशायाह 16:5, 42:1-4)। समस्त मानव जाति के पापों के दण्ड के लिए प्रभु यीशु द्वारा दिए गए बलिदान से परमेश्वर के न्याय और हमारे प्रति उसकी करुणा, दोनों ही की माँग पूरी हुई, और हमें परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप का मार्ग मिला है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के न्याय और करुणा का मिलन प्रभु यीशु के क्रूस पर हुआ।

हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को अर्थात न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते। - मत्ती 23:23

बाइबल पाठ: यशायाह 16:1-5, 42:1-4
Isaiah 16:1 जंगल की ओर से सेला नगर से सिय्योन की बेटी के पर्वत पर देश के हाकिम के लिये भेड़ों के बच्चों को भेजो। 
Isaiah 16:2 मोआब की बेटियां अर्नोन के घाट पर उजाड़े हुए घोंसले के पक्षी और उनके भटके हुए बच्चों के समान हैं। 
Isaiah 16:3 सम्मति करो, न्याय चुकाओ; दोपहर ही में अपनी छाया को रात के समान करो; घर से निकाले हुओं को छिपा रखो, जो मारे मारे फिरते हैं उन को मत पकड़वाओ। 
Isaiah 16:4 मेरे लोग जो निकाले हुए हैं वे तेरे बीच में रहें; नाश करने वाले से मोआब को बचाओ। पीसने वाला नहीं रहा, लूट पाट फिर न होगी; क्योंकि देश में से अन्धेर करने वाले नाश हो गए हैं। 
Isaiah 16:5 तब दया के साथ एक सिंहासन स्थिर किया जाएगा और उस पर दाऊद के तम्बू में सच्चाई के साथ एक विराजमान होगा जो सोच विचार कर सच्चा न्याय करेगा और धर्म के काम पर तत्पर रहेगा।

Isaiah 42:1 मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। 
Isaiah 42:2 न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा। 
Isaiah 42:3 कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा। 
Isaiah 42:4 वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6


शनिवार, 26 सितंबर 2015

बुद्धिमानी


   कहा जाता है कि प्रसिद्ध वैज्ञानिक एलबर्ट आइन्सटाईन ने कहा था, "केवल दो चीज़ें असीम हैं, सृष्टि एवं मनुष्यों की मूर्खता; लेकिन इन में से प्रथम के बारे में मैं इतना निश्चित नहीं हूँ।" दुर्भाग्यवश, हम अपनी मूर्खता के कारण अपने आप को अकसर परेशानियों में डाल लेते हैं, या अपनी मूर्खता से दूसरों को परेशानी दे देते हैं अथवा दूसरों की बर्बादी का कारण बन जाते हैं; और हमारे ऐसा करते रहने की कोई सीमा नहीं है।

   ऐसे ही एक खेद के समय में दाऊद ने भजन 38 में अपनी हालत और शिकायत को परमेश्वर के सामने रखा। अपनी मूर्खता के कारण मिले दुखद परिणामों और असफलताओं का वर्णन करते हुए दाऊद ने गंभीर बात कही: "मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं" (भजन 38:5)। यद्यपि भजनकार यह तो नहीं बताता है कि वे मूर्खताएं क्या थीं या फिर उसके घाव कैसे थे, लेकिन जो बात स्पष्ट है वह है कि दाऊद को यह पता था कि उन दुखों का कारण उसकी मूर्खता ही है।

   ऐसी विनाशकारी मूर्खता के दुषपरिणामों से निकलने का एक ही मार्ग है - परमेश्वर की बुद्धिमानी की शरण में आ जाएं। परमेश्वर के वचन बाइबल की नीतिवचन नामक पुस्तक में लिखा है, "यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है" (नीतिवचन 9:10)। केवल परमेश्वर को हमें बदल देने की अनुमति देने और उससे ऐसा करने का आग्रह करने के द्वारा ही हम अपनी मूर्खताओं और उनके दुषपरिणामों से निकल सकते हैं। उसके धैर्यपूर्ण तथा सप्रेम मार्गदर्शन द्वारा हम बुद्धिमानी के मार्ग पर चलते रह सकते हैं। - बिल क्राउडर


जो नम्रता के साथ परमेश्वर से आग्रह करते हैं, उन्हें परमेश्वर अपनी बुद्धिमता अवश्य प्रदान करता है।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। - याकूब 1:5-6

बाइबल पाठ: भजन 38:1-15
Psalms 38:1 हे यहोवा क्रोध में आकर मुझे झिड़क न दे, और न जलजलाहट में आकर मेरी ताड़ना कर! 
Psalms 38:2 क्योंकि तेरे तीर मुझ में लगे हैं, और मैं तेरे हाथ के नीचे दबा हूं। 
Psalms 38:3 तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं; और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं। 
Psalms 38:4 क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाईं मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।
Psalms 38:5 मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं। 
Psalms 38:6 मैं बहुत दुखी हूं और झुक गया हूं; दिन भर मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं। 
Psalms 38:7 क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं। 
Psalms 38:8 मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।
Psalms 38:9 हे प्रभु मेरी सारी अभिलाषा तेरे सम्मुख है, और मेरा कराहना तुझ से छिपा नहीं। 
Psalms 38:10 मेरा हृदय धड़कता है, मेरा बल घटता जाता है; और मेरी आंखों की ज्योति भी मुझ से जाती रही।
Psalms 38:11 मेरे मित्र और मेरे संगी मेरी विपत्ति में अलग हो गए, और मेरे कुटुम्बी भी दूर जा खड़े हुए। 
Psalms 38:12 मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिये जाल बिछाते हैं, और मेरी हानि के यत्न करने वाले दुष्टता की बातें बोलते, और दिन भर छल की युक्ति सोचते हैं। 
Psalms 38:13 परन्तु मैं बहिरे की नाईं सुनता ही नहीं, और मैं गूंगे के समान मूंह नहीं खोलता। 
Psalms 38:14 वरन मैं ऐसे मनुष्य के तुल्य हूं जो कुछ नहीं सुनता, और जिसके मुंह से विवाद की कोई बात नहीं निकलती।
Psalms 38:15 परन्तु हे यहोवा, मैं ने तुझ ही पर अपनी आशा लगाई है; हे प्रभु, मेरे परमेश्वर, तू ही उत्तर देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5