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सोमवार, 25 नवंबर 2019

मनुष्य



      जब एक न्यायाधिकारी से कहा गया कि वह समाज में अपनी भूमिका के बारे में कुछ कहे, तो उसने न तो अपने पद का हवाला दिया, और न ही अपने अधिकारों का वर्णन किया। वरन उसने नम्रता से कहा, “हम मनुष्य हैं, जो संकट में पड़े अन्य मनुष्यों के साथ काम करते हैं।”

      उसकी यह नम्रता – उसके द्वारा यह स्वीकार करना कि वह अन्य मनुष्यों के समान ही है – मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस के शब्दों को स्मरण करवाता है, जो उसने रोमी शासन के आधीन सताव झेल रहे प्रथम शताब्दी के मसीही विश्वासियों को लिखे थे। पतरस ने कहा: “निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो” (1 पतरस 3:8)। प्रतीत होता है कि पतरस कह रहा था कि संकट में पड़े मनुष्यों के प्रति सबसे उत्तम प्रतिक्रिया है मनुष्य ही के समान होना, इस बात का बोध रखना कि हम सभी समान ही हैं। क्या परमेश्वर ने भी यही नहीं किया जब उसने अपने पुत्र को भेजा – वह मनुष्य बन कर आया ताकि हम मनुष्यों की सहायता कर सके (फिलिप्पियों 2: 5-7)।

      यदि हम केवल अपने पतित हृदयों की गहराइयों में ही झांकते रहेंगे, तो हम अपने मनुष्य होने को तुच्छ समझने का खतरा उठाते हैं। परन्तु क्या हो यदि हम अपने मनुष्य होने को संसार के लिए उपयोगी होना समझें? प्रभु यीशु हमें सिखाते हैं कि हम कैसे पूर्णतः मनुष्यों की समानता का जीवन जी सकते हैं, सेवकों के समान, इस बोध के साथ कि हम सभी समान हैं। परमेश्वर ने हमें “मनुष्य” ही बनाया है, किन्तु अपने स्वरूप में, और फिर हमारे प्रति अपने बिना किसी शर्त के प्रेम के अंतर्गत हमारा उद्धार भी किया है।

      यह निश्चित है कि हमारा सामना विभिन्न संघर्षों में पड़े मनुष्यों से होगा। उस प्रभाव की कल्पना करें जो हम लाने पाएंगे जब उनके प्रति मनुष्य के समान ही प्रत्युत्तर दें – ऐसे मनुष्य जो अन्य मनुष्यों के साथ मिलकर संकट में पड़े मनुष्यों की सहायता करने वाले साथी होते हैं। - एलीसा मॉर्गन

नम्रता परमेश्वर को, तथा उसके समक्ष अपने आप को, पहिचानने का परिणाम है।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। - फिलिप्पियों 2:5-7

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:11-17; 3:8-9
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है।
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो।
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो।
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1 पतरस 2



रविवार, 24 नवंबर 2019

हृदय



      बहुत वर्षों तक हमारे पास ‘वेस्ट हाइलैंड टेरियर’जाती का एक पालतू कुत्ता था। इस प्रकार के कुत्ते बहुत मज़बूत होते हैं, उन्हें शिकार के लिए इस नसल का बनाया गया है जिससे वे बिज्जू और अन्य जानवरों के बिलों में घुसकर उन्हें पकड़ सकें। हमारा कुत्ता अपनी नसल के मूल कुत्तों से अनेकों पीढ़ी बाद का था, परन्तु फिर भी उसमें वही प्रवृत्ति थी जो अनेकों वर्षों तक प्रजनन के द्वारा उनमें लाई गई थी। एक बार वह हमारे घर के पीछे के आंगन में एक पत्थर के नीचे छिपे किसी जानवर के पीछे पड़ गया, और उसे पकड़ने के लिए उस पत्थर के नीचे खोदने लगा, और कई फीट तक खोदता ही गया।

      अब मेरे प्रश्न पर विचार कीजिए: हम मनुष्य क्यों किसी बात के पीछे पड़कर, फिर उसे पा लेने के लिए उसके पीछे पड़े ही रहते हैं? क्यों हमें उन पहाड़ों पर चढ़ना ही होता है जिनपर कोई और नहीं चढ़ा है; उन बर्फीली खड़ी ढलानों पर स्की करना ही होता है; सबसे खतरनाक पहाड़ी नदियों में होकर नौका चलानी ही होती है; प्रकृति के बल को चुनौतियां देनी ही होती हैं? इस लालसा का कुछ भाग तो रोमांच और आनन्द की अभिलाषा के कारण है, परन्तु इससे बढ़कर भी कुछ है। यह परमेश्वर के प्रति हमारी प्रवृत्ति है जो हम में डाली गई है। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि हम परमेश्वर को पाने की लालसा न रखें।

      अवश्य ही हम इसे पहिचानते नहीं हैं; हमें बस इतना पता होता है कि हमें किसी बात की लालसा है। मार्क ट्वेन ने कहा, “आप यह नहीं जानते हैं कि आपको क्या चाहिए; परन्तु आप उसकी इतनी तीव्र लालसा रखते हैं कि उसके लिए आप मृत्यु का जोखिम भी उठा लेते हैं।” हमारा हृदय ही परमेश्वर का सच्चा घर है। जैसे कि चर्च के फादर अगस्टिन ने, उनके प्रसिद्ध कथन में, कहा है: “हे प्रभु आपने हमें अपने लिए बनाया है, और हमारे हृदय तब तक बेचैन रहते हैं जब तक कि वे आप में चैन न पा लें।”

      और हृदय क्या है? वह हमारे अन्दर का एक गहरा रिक्त स्थान है जिसे केवल परमेश्वर ही भर सकता है। - डेविड रोपर

हमारी सभी गहरी लालसाओं के पीछे, परमेश्वर के प्रति हमारी गहरी लालसा है।

आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! – रोमियों 11:33

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:10-11
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 22-23
  • 1 पतरस 1



शनिवार, 23 नवंबर 2019

सर्वसामर्थी



      एक दिन समुद्रतट पर विचरण करते हुए मैंने कुछ लोगों को हवा के वेग से चलने वाले पटरों की सहायता से लहरों पर अटखेलियाँ करते हुए देखा। जब उनमें से एक किनारे पर आया तो मैंने उससे पूछा कि क्या उसका वह पानी पर उछालें लेना जितना कठिन दिखाई देता क्या वास्तव में वैसा या उससे भी कठिन था? उसने उत्तर दिया, “नहीं; वरन यह केवल लहरों के वेग की सहायता से पानी पर पटरा चलाने से अधिक सरल था, क्योंकि उन्हें हवा की सहायता भी उपलब्ध थी।”

      बाद में जब मैं समुद्रतट पर टहल रही थी, तो मैं हवा की शक्ति के बारे में सोचने लगी – उससे न केवल वे लोग पानी पर पटरा चला सकते थे, वरन वही हवा मेरे बालों को उड़ाकर मेरे चेहरे पर भी ला रही थी; और मैंने अपने विचारों को रोक कर हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर के विषय में ध्यान किया। हम परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खंड में अमोस की पुस्तक में देखते हैं कि परमेश्वर कहता है, “देख, पहाड़ों का बनाने वाला और पवन का सिरजने वाला, और मनुष्य को उसके मन का विचार बताने वाला और भोर को अन्धकार करने वाला, और जो पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलने वाला है, उसी का नाम सेनाओं का परमेश्वर यहोवा है” (अमोस 4:13)।

      अपने इस भविष्यद्वक्ता के द्वारा परमेश्वर ने अपने लोगों को अपनी सामर्थ्य के बारे में स्मरण करवाया, और उन्हें लौट कर अपने पास आने के लिए कहा। उसने उन्हें सचेत किया कि यदि वे उसकी और लौट कर नहीं आएँगे, तो वह उन पर अपने आप को अपने न्याय के द्वारा प्रकट करेगा। यद्यपि यहाँ पर हम परमेश्वर के न्यायी होने को देखते हैं, बाइबल हमें परमेश्वर के प्रेम के बारे में उतनी ही स्पष्टता से बताती है, जिस प्रेम के अंतर्गत परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को संसार के लोगों के पापों के बदले बलिदान होने के लिए भेजा (यूहन्ना 3:16)।

      दक्षिण इंग्लैंड में उस दिन तेज़ बहती हुई हवा की शक्ति के द्वारा मुझे परमेश्वर की महानता का एहसास हुआ। यदि आज आप हवा के वेग का अनुभव करें, तो थोड़ा थम कर हमारे सर्वसामर्थी परमेश्वर के बारे में थोड़ा विचार करें। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर ने अपने प्रेम में होकर सृष्टि की रचना की – उसकी स्तुति हो।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।  - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: अमोस 4:12-13
Amos 4:12 इस कारण, हे इस्राएल, मैं तुझ से ऐसा ही करूंगा, और इसलिये कि मैं तुझ में यह काम करने पर हूं, हे इस्राएल, अपने परमेश्वर के साम्हने आने के लिये तैयार हो जा।
Amos 4:13 देख, पहाड़ों का बनाने वाला और पवन का सिरजने वाला, और मनुष्य को उसके मन का विचार बताने वाला और भोर को अन्धकार करने वाला, और जो पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलने वाला है, उसी का नाम सेनाओं का परमेश्वर यहोवा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 20-21
  • याकूब 5



शुक्रवार, 22 नवंबर 2019

आराधना



      कुछ समय पहले की बात है, जब मैं एक चर्च की तलाश में थी जहां मैं नियमित आराधना के लिए जा सकूँ, तब मेरी एक सहेली ने मुझे अपने चर्च में बुलाया। गीत मण्डली के अगुवों ने एक स्तुति गीत गाने में उपस्थित मण्डली के लोगों की अगुवाई की; जो गीत गाया गया वह मुझे बहुत पसंद था, इसलिए अपने कॉलेज के समय के संगीत मण्डली के निर्देशक की सलाह “खुल कर गाओ” को स्मरण करते हुए, मैंने बड़े जोश के साथ वह गाना गाया। गीत गाए जाने के बाद, मेरी सहेली के पति ने मेरी और मुड़कर मुझसे कहा, “तुमने काफी ऊँची आवाज़ में गाया” और उनकी यह टिप्पणी सराहना के भाव में नहीं थी! उसके बाद से मैं अपने गीत गाने पर सचेत होकर ध्यान रखने लगी, यह बात निश्चित करती रही कि मेरी आवाज़ मेरे आस-पास के लोगों से माध्यम हो; और मेरे मन में सदा यह चलता रहा कि मेरे गीत गाने को लेकर लोग मेरी कोई आलोचना तो नहीं कर रहे हैं।

      परन्तु एक इतवार की आराधना सभा में मैंने देखा कि मेरे पास की एक महिला बिना किसी संकोच के, खुले मन से, सच्ची आराधना के भाव में स्तुति गीत गा रही थी। उसकी आराधना को सुनकर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद द्वारा उसके जीवन में देखी जा सकने वाली सहज और उत्साही आराधना का स्मरण हो आया। भजन 98 में दाऊद कहता है कि सारी पृथ्वी जयजयकार के साथ आराधना करे (पद 4)।

      भजन 98 का पहला पद हमें बताता है कि हमें आराधना आनन्द के साथ क्यों करनी चाहिए, हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर ने आश्चर्यकर्म किए हैं। इस पूरे भजन में दाऊद परमेश्वर के उन अद्भुत कार्यों को स्मरण करता है – परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और सभी के प्रति न्याय, उसकी करुणा, और उसका उद्धार। परमेश्वर के, तथा उसके द्वारा किए गए कार्यों के विषय मनन करने से हमारे हृदय आराधना भर जाते हैं।

      आपके जीवन में परमेश्वर ने क्या अद्भुत कार्य किए हैं? कृतज्ञता के साथ उसकी भलाईयों को स्मरण करें, और धन्यवाद की आराधना में उसके लिए अपने स्वरों को उठाएं। - लिंडा वॉशिंगटन

आराधना हमारे ध्यान के केंद्र बिंदु को वहीं स्थापित कर देती है
 जहां उसे होना चाहिए – परमेश्वर पर।

राज्य राज्य के लोग आनन्द करें, और जयजयकार करें, क्योंकि तू देश देश के लोंगों का न्याय धर्म से करेगा, और पृथ्वी के राज्य राज्य के लोगों की अगुवाई करेगा। - भजन 67:4

बाइबल पाठ: भजन 98
Psalms 98:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्म किए है! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है!
Psalms 98:2 यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है।
Psalms 98:3 उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।
Psalms 98:4 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ!
Psalms 98:5 वीणा बजा कर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजा कर भजन का स्वर सुनाओ।
Psalms 98:6 तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।
Psalms 98:7 समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें!
Psalms 98:8 नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
Psalms 98:9 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 18-19
  • याकूब 4



गुरुवार, 21 नवंबर 2019

उद्देश्य



      जब हमारे बच्चे छोटे थे, तो उनका एक प्रीय खेल था हमारे पड़ौसी के घर में लगे चिनार के पेड़ के हमारे आँगन में गिरते हुए बीजों को पकड़ने का प्रयास करना। उन बीजों के ‘पंख’ होते हैं, और वे पेड़ से नीचे गिरते समय गोल-गोल घूमते और उड़ते हुए नीचे आते हैं। उन बीजों का उद्देश्य यह उड़ना और घूमना नहीं है, वरन धरती पर गिरकर उगना और पेड़ बनना है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा, “...वह समय आ गया है, कि मनुष्य के पुत्र कि महिमा हो। मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है” (यूहन्ना 12:23-24)।

      प्रभु यीशु के शिष्य तो चाहते थे कि उनका आदर उस प्रतिज्ञागत मसीहा के रूप में हो, परन्तु वे इसलिए आए थे कि अपने जीवन का बलिदान करें, जिससे उन पर विशवास लाने वालों को पापों की क्षमा और बदले हुए जीवन का दान मिल सके। प्रभु यीशु के अनुयायी होने के नाते हमारे लिए उसके वचन हैं कि, “जो अपने प्राण को प्रिय जानता है, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनन्त जीवन के लिये उस की रक्षा करेगा। यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा” (पद 25-26)।

      यह प्रभु यीशु का उद्देश्य था कि हम उस पर विश्वास लाएं और उससे पापों से क्षमा तथा अनन्त जीवन पाएं। - डेविड मैक्कैसलैंड

प्रभु यीशु हमें बुलाता है कि हम उसकी सेवा में अपने जीवन उसे समर्पित करें।

प्रभु यीशु ने कहा: “...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।” – यूहन्ना 10:10-11

बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:23-33
John 12:23 इस पर यीशु ने उन से कहा, वह समय आ गया है, कि मनुष्य के पुत्र कि महिमा हो।
John 12:24 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है।
John 12:25 जो अपने प्राण को प्रिय जानता है, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनन्त जीवन के लिये उस की रक्षा करेगा।
John 12:26 यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा।
John 12:27 जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
John 12:28 हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा।
John 12:29 तब जो लोग खड़े हुए सुन रहे थे, उन्होंने कहा; कि बादल गरजा, औरों ने कहा, कोई स्वर्गदूत उस से बोला।
John 12:30 इस पर यीशु ने कहा, यह शब्द मेरे लिये नहीं परन्तु तुम्हारे लिये आया है।
John 12:31 अब इस जगत का न्याय होता है, अब इस जगत का सरदार निकाल दिया जाएगा।
John 12:32 और मैं यदि पृथ्वी पर से ऊंचे पर चढ़ाया जाऊंगा, तो सब को अपने पास खीचूंगा।
John 12:33 ऐसा कहकर उसने यह प्रगट कर दिया, कि वह कैसी मृत्यु से मरेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 16-17
  • याकूब 3



बुधवार, 20 नवंबर 2019

शांति


      हमारे घर के पीछे के आँगन में चेरी का एक पुराना पेड़ है, जिसके हाल बिगड़ने लगे थे और लग रहा था कि वह अब मरने लगा है। इसलिए मैंने पेड़ों की देखभाल करने वाले एक विशेषज्ञ को उसे देखने के लिए बुलाया। उस विशेषज्ञ ने उस पेड़ की जांच करके कहा कि वह बहुत “थका” हुआ है और उसे तुरंत देखभाल की आवश्यकता है। मेरी पत्नि ने यह सुनकर वहाँ से जाते हुए पेड़ से बुदबुदा कर कहा, “शांति रखो;” उसके लिए वह एक कठिन सप्ताह रहा था।

      हम सभी के साथ ऐसा होता है, हम कठिन समयों से होकर निकलते हैं, चिंताओं से भरे हुए समय – वे किसी भी बात के कारण, चाहे हमारे पथभ्रष्ट होते हुए समाज, या हमारी वैवाहिक स्थिति, या बच्चों को लेकर हमारी चिंताएं, या हमारे कार्य और व्यवसाय, हमारी आर्थिक स्थिति, हमारा स्वास्थ्य या हमारी सुख-समृद्धि, आदि द्वारा हो सकते हैं। परन्तु हम मसीही विश्वासियों से प्रभु यीशु मसीह ने वायदा किया है कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, हम शांति में रह सकते हैं। प्रभु ने अपने वचन बाइबल में अपने शिष्यों से कहा, “मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे” (यूहन्ना 14:27)।

      प्रभु यीशु के दिन सदा ही परेशानी और अव्यवस्था से भरे होते थे। उसके शत्रु उसे तंग करते रहते थे और उसके परिवार तथा मित्र जन उसे ठीक से समझते नहीं थे। अकसर उसके पास सिर रखने के लिए भी स्थान नहीं होता था। परन्तु फिर भी उसके व्यवहार और आचरण में कभी कोई तनाव अथवा अशांति नहीं होती थी। उसमें एक भीतरी शान्ति थी, एक ठहराव था। उसने जिस शांति को हमें देने का वायदा किया है, वह यही शांति है – बीते, वर्तमान, या आने वाले समय की चिंता से स्वतंत्रता; वही शांति जो उसने अपने जीवन से दिखाई।

      किसी भी परिस्थिति में, वह चाहे कितनी भी भयावह या फिर साधारण हो, हम प्रार्थना में प्रभु के पास आ सकते हैं। वहाँ उसकी उपस्थिति में हम उसे अपनी चिंताएं और भय बता सकते हैं। प्रेरित पौलुस हमें आश्वस्त करता है कि “तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी” (फिलिप्पियों 4:7)। चाहे हम कठिन समय से होकर निकले हों अथवा निकल रहे हों, प्रभु की शांति सदा हमारे साथ बनी रहती है। - डेविड रोपर

समस्याओं के मध्य में भी, प्रभु यीशु में होकर हमें शांति मिल सकती है।

यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? – भजन 27:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-27
John 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
John 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
John 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
John 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।
John 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे।
John 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।
John 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।
John 14:22 उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ कि तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं।
John 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
John 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
John 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
John 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
John 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 14-15
  • याकूब 2


मंगलवार, 19 नवंबर 2019

उत्कृष्ट कृति



      मेरे पिता, तीरंदाजों के लिए उनकी पसंद के अनुसार तरकश बनाते हैं, जिसमें वे अपने तीर ले जा सकें। वे असली चमड़े के भागों पर पहले वन्य जीव-जंतुओं की आकृतियाँ काट और खोद कर बनाते हैं, और फिर उन भागों को साथ मिलाकर सिल देते हैं। मैं जब उनसे मिलाने गई हुई थी, तो मैंने बैठकर उन्हें अपनी एक कृति को बनाते हुए देखा। उनके सावधान हाथों ने चाकू की नोक से चमड़े पर उचित दबाव के साथ कटाई और खुदाई की, और विभिन्न आकृतियों को बनाया, और फिर एक कपड़े को रंग में डुबोकर उनपर रंग चढ़ा दिया जिससे वे और अधिक सुन्दर लगने लगीं।

      मैं बैठी अपने पिता की कारीगरी की सराहना कर रही थी, तो मुझे ध्यान आया कि कितनी ही बार मैं अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर की कारीगरी की, जो मुझमें तथा औरों में विदित है, सराहना और अंगीकार करने से चूक जाती हूँ। परमेश्वर की अद्भुत कारीगरी पर मनन करते हुए मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद द्वारा परमेश्वर की रचना की पुष्टि स्मरण हो आई, कि परमेश्वर ने ही हमारे आतंरिक अस्तित्व को रचा है, और हम भयानक तथा अद्भुत रीति से रचे गए हैं (भजन 139:13-14)।

      क्योंकि हम जानते हैं कि हमारे सृष्टिकर्ता की प्रत्येक रचना अद्भुत है (पद 14), इसलिए हम भरोसे के साथ उसकी स्तुति और प्रशंसा कर सकते हैं। हम अपना तथा दूसरों का भी और अधिक आदर करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर ही हमारा और उनका रचियता है, और समस्त सृष्टि के सृष्टिकर्ता ने हमारे अस्तितिव में आने से पहले ही हमें पूरी तरह से, अन्दर और बाहर, न केवल जाना, वरन हमारे सभी दिन भी ठहराए (पद 15-16)।

      जैसे वह चमड़े का टुकड़ा मेरे पिता के कुशल हाथों में तराशा जाकर एक सुन्दर तरकश बन गया, वैसे ही हम भी परमेश्वर की अनुपम और एकमात्र सुन्दर रचना हैं, इसलिए बहुमूल्य हैं। हम में से प्रत्येक को परमेश्वर ने अपनी इच्छा के अनुसार अद्वितीय और एक उद्देश्य के साथ बनाया है, जिससे हम उसकी एक उत्कृष्ट कृति होकर परमेश्वर की भव्यता और महानता को प्रगट करें। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर प्रत्येक व्यक्ति को एक उद्देश्य और विशिष्टता के साथ अद्भुत रीति से बनाता है।

तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया। - यिर्मयाह 1:4-5

बाइबल पाठ: भजन 139:11-18
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 11-13
  • याकूब 1