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शुक्रवार, 18 जून 2021

बचाव

 

          कॉमिक पुस्तिकाओं के नायक आज भी हमेशा के समान ही लोकप्रिय हैं। केवल 2017 में ही सुपरहीरो कहानियों पर बनी छः फिल्मों ने 4 ख़रब अमरीकी डॉलर से भी अधिक के कमाई की। लेकिन लोग इस प्रकार से रोमांचित करने वाली फिल्मों की ओर इतने आकर्षित क्यों होते हैं? हो सकता है कि कुछ सीमा तक यह इसलिए हो क्योंकि ऐसी कहानियाँ, कुछ प्रकार से परमेश्वर की महान कहानी के समान होती हैं। उन कहानियों में एक नायक, एक खलनायक, और ऐसे लोग होते हैं जिन्हें बचाए जाने की आवश्यकता है, और ढेर सारा दिलचस्प और रोमांचित करने वाला घटनाक्रम होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, कहानी का सबसे बड़ा खलनायक शैतान है – जो हमारी आत्माओं का शत्रु है। लेकिन साथ ही कई छोटे खलनायक भी हैं। बाइबल की एक पुस्तक, दानिय्येल में भी एक ऐसी ही रोमांचकारी कहानी है, जिसमें ‘छोटा खलनायक राजा नबूकदनेस्सर है। राजा नबूकदनेस्सर उस समय के ज्ञात संसार के अधिकांश भाग का राजा था। उसने अपनी एक विशाल प्रतिमा बनवाई और आज्ञा निकाली कि जो कोई उसकी प्रतिमा के आगे झुक कर दण्डवत नहीं करेगा, वह मार डाला जाएगा (दानिय्येल 3:1-6)। जब उसके अधिकारियों में से तीन साहसी यहूदी अधिकारियों ने राजा की आज्ञा का पालन करने से इनकार किया (पद 12-18) तो राजा ने उन्हें धधकती आग के भट्टे में डलवा दिया, किन्तु परमेश्वर ने उन्हें उस आग के भट्टे से सुरक्षित निकलवा लिया (पद 24-27)।

          फिर, एक अचंभित करने वाले घटनाक्रम में, हम देखते हैं कि इस खलनायक का मन बदलने लगता है। इस रोमांचकारी घटना की प्रतिक्रिया में, नबूकदनेस्सर ने कहा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर” (पद 28)। लेकिन फिर वह यह भी घोषणा करता है कि जो परमेश्वर की अवमानना करेगा, वह मार डाला जाएगा (पद 29); वह अभी तक यह नहीं समझ पाया था कि अपने कार्यों के लिए परमेश्वर को उसकी सहायता की आवश्यकता नहीं  है। नबूकदनेस्सर इससे अगले, 4 अध्याय में, परमेश्वर के बारे में और कुछ सीखता है – लेकिन वह एक अलग कहानी है।

          हम जो नबूकदनेस्सर में देखते हैं, वह केवल एक खलनायक ही नहीं है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति है जो एक आत्मिक खोज की यात्रा पर है। बाइबल में परमेश्वर की कहानी में, नायक प्रभु यीशु मसीह, हर किसी की ओर सहायता का हाथ बढ़ाता है, जिसे भी बचाए जाने की आवश्यकता अनुभव होती है, प्रभु की सहायता उसे उपलब्ध रहती है – खलनायकों को भी। क्या प्रभु यीशु मसीह के द्वारा, पाप और उसके दुष्परिणामों से, आप का बचाव हो गया है? – टिम गुस्ताफसन

 

प्रभु यीशु ने अपने सताने वालों के लिए भी प्रार्थना की; हम भी ऐसा ही करें।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:26-30

दानिय्येल 3:26 फिर नबूकदनेस्सर उस धधकते हुए भट्टे के द्वार के पास जा कर कहने लगा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, हे परमप्रधान परमेश्वर के दासों, निकल कर यहां आओ! यह सुन कर शद्रक, मेशक और अबेदनगो आग के बीच से निकल आए।

दानिय्येल 3:27 जब अधिपति, हाकिम, गवर्नर और राजा के मन्त्रियों ने, जो इकट्ठे हुए थे, उन पुरुषों की ओर देखा, तब उनकी देह में आग का कुछ भी प्रभाव नहीं पाया; और उनके सिर का एक बाल भी न झुलसा, न उनके मोजे कुछ बिगड़े, न उन में जलने की कुछ गन्‍ध पाई गई।

दानिय्येल 3:28 नबूकदनेस्सर कहने लगा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना या दण्डवत न करेंगे।

दानिय्येल 3:29 इसलिये अब मैं यह आज्ञा देता हूं कि देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वालों में से जो कोई शद्रक, मेशक और अबेदनगो के परमेश्वर की कुछ निन्दा करेगा, वह टुकड़े टुकड़े किया जाएगा, और उसका घर घूरा बनाया जाएगा; क्योंकि ऐसा कोई और देवता नहीं जो इस रीति से बचा सके।

दानिय्येल 3:30 तब राजा ने बाबुल के प्रान्त में शद्रक, मेशक, अबेदनगो का पद और ऊंचा किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 10-11
  • प्रेरितों 4:1-22


रविवार, 24 नवंबर 2019

हृदय



      बहुत वर्षों तक हमारे पास ‘वेस्ट हाइलैंड टेरियर’जाती का एक पालतू कुत्ता था। इस प्रकार के कुत्ते बहुत मज़बूत होते हैं, उन्हें शिकार के लिए इस नसल का बनाया गया है जिससे वे बिज्जू और अन्य जानवरों के बिलों में घुसकर उन्हें पकड़ सकें। हमारा कुत्ता अपनी नसल के मूल कुत्तों से अनेकों पीढ़ी बाद का था, परन्तु फिर भी उसमें वही प्रवृत्ति थी जो अनेकों वर्षों तक प्रजनन के द्वारा उनमें लाई गई थी। एक बार वह हमारे घर के पीछे के आंगन में एक पत्थर के नीचे छिपे किसी जानवर के पीछे पड़ गया, और उसे पकड़ने के लिए उस पत्थर के नीचे खोदने लगा, और कई फीट तक खोदता ही गया।

      अब मेरे प्रश्न पर विचार कीजिए: हम मनुष्य क्यों किसी बात के पीछे पड़कर, फिर उसे पा लेने के लिए उसके पीछे पड़े ही रहते हैं? क्यों हमें उन पहाड़ों पर चढ़ना ही होता है जिनपर कोई और नहीं चढ़ा है; उन बर्फीली खड़ी ढलानों पर स्की करना ही होता है; सबसे खतरनाक पहाड़ी नदियों में होकर नौका चलानी ही होती है; प्रकृति के बल को चुनौतियां देनी ही होती हैं? इस लालसा का कुछ भाग तो रोमांच और आनन्द की अभिलाषा के कारण है, परन्तु इससे बढ़कर भी कुछ है। यह परमेश्वर के प्रति हमारी प्रवृत्ति है जो हम में डाली गई है। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि हम परमेश्वर को पाने की लालसा न रखें।

      अवश्य ही हम इसे पहिचानते नहीं हैं; हमें बस इतना पता होता है कि हमें किसी बात की लालसा है। मार्क ट्वेन ने कहा, “आप यह नहीं जानते हैं कि आपको क्या चाहिए; परन्तु आप उसकी इतनी तीव्र लालसा रखते हैं कि उसके लिए आप मृत्यु का जोखिम भी उठा लेते हैं।” हमारा हृदय ही परमेश्वर का सच्चा घर है। जैसे कि चर्च के फादर अगस्टिन ने, उनके प्रसिद्ध कथन में, कहा है: “हे प्रभु आपने हमें अपने लिए बनाया है, और हमारे हृदय तब तक बेचैन रहते हैं जब तक कि वे आप में चैन न पा लें।”

      और हृदय क्या है? वह हमारे अन्दर का एक गहरा रिक्त स्थान है जिसे केवल परमेश्वर ही भर सकता है। - डेविड रोपर

हमारी सभी गहरी लालसाओं के पीछे, परमेश्वर के प्रति हमारी गहरी लालसा है।

आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! – रोमियों 11:33

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:10-11
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 22-23
  • 1 पतरस 1



सोमवार, 7 मार्च 2016

अनुवाद


   बीते अनेक वर्षों में मुझे संसार के अनेक स्थानों पर अनेक लोगों को परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षाओं को पहुँचाने के अवसर मिले हैं। लेकिन क्योंकि मैं केवल अंग्रेज़ी भाषा ही जानता हूँ इसलिए मुझे अकसर अनुवादकों के साथ कार्य करना पड़ता है जो मेरे मन से निकले शब्दों को अपने लोगों की भाषा में अनुवाद करके बोलते हैं। प्रभावी संवाद इन अनुवदकों के कौशल पर निर्भर होता है; उनकी ज़िम्मेदारी होती है कि वे अंग्रेज़ी में कहे शब्दों का सही और अर्थपूर्ण अनुवाद अपने लोगों के सामने प्रस्तुत करें।

   अनुवाद करने का यह कार्य एक प्रकार से परमेश्वर के लोगों के मध्य परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य के एक पहलु के समान है। जब हम मसीही विश्वासी प्रार्थना में होते हैं तो अनेक बार हमें यह समझ नहीं आता कि हम कैसे और क्या प्रार्थना करें, परन्तु हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता ने इस समस्या का समाधान पहले से ही हमारे लिए तैयार कर रखा है: "इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है" (रोमियों 8:26)। जब हम पिता परमेश्वर के पास प्रार्थना में आते हैं, तो पवित्र आत्मा हमारी सहायता के लिए आकर हमारे मन की बातों का, जिन्हें हम ठीक से व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं, परमेश्वर के भले उद्देश्यों के अनुसार अनुवाद करके हमारी ओर से उन्हें परमेश्वर के सामने प्रस्तुत करता है (पद 27)।

   कैसा अद्भुत प्रयोजन! ना केवल परमेश्वर चाहता है कि हम अपने मन की बात उसके सामने कहें, वरन हमारी सहायता के लिए उसने पहले से ही वह सर्वोत्तम अनुवादक हमारे लिए प्रदान कर रखा है जो प्रार्थना में, हमारे मन की बातों को परमेश्वर तक पहुँचाने में, हमारी सहायता करता है।

   परमेश्वर के पवित्र आत्मा की हमारे साथ बनी रहने वालि उपस्थिति के कारण हम निश्चिंत और आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारे मन की बात परमेश्वर पिता तक पहुँचने में कभी अधूरी या अनकही नहीं रहेगी। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के पवित्र आत्मा का सहयोग यह निश्चित करता है कि हमारी प्रार्थनाएं परमेश्वर के उद्देश्यों के अनुसार हों।

हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। - भजन 139:1-4

बाइबल पाठ: रोमियों 8:19-27
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। 
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई। 
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी। 
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है। 
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं। 
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा? 
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं। 
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। 
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 3-4
  • मरकुस 10:32-52


रविवार, 6 मार्च 2016

भय


   अपने बच्चों के साथ खेले गए सबसे आरंभिक खेलों में से एक अकसर होता है माता-पिता द्वारा एक बनावटी भय का प्रयोग। माता-पिता अपने हाथों से अपना चेहरा छुपा लेते हैं और फिर अचानक ही मूँह से "भू" की आवाज़ निकालते हुए चेहरे से हाथ हटाकर बच्चे के सामने अपना चेहरा प्रगट कर देते हैं जिससे बच्चे रोमांचित और आनन्दित होते हैं। ऐसे बनावटी भय से भयभीत होना रोमांचकारी और मज़ेदार होता है, जब तक कि बच्चा वास्तविक भय का सामना नहीं करता; और तब वह भय किसी आनन्द और हंसी का कारण नहीं होता। यह अनुभव भी बच्चों को अकसर तब होता है जब वे एक से दूसरी चीज़ से आकर्षित होकर माता-पिता से दूर चलते चले जाते हैं और फिर अचानक ही उन्हें आभास होता है कि वे अकेले हैं, उन्हें आश्वस्त रखने वाला कोई परिचित जन उनके साथ नहीं है; और तब बच्चों के मूँह से हंसी नहीं वरन चिल्लाकर रोने की आवाज़ निकलती है। उस आवाज़ को सुनते ही माता-पिता उस बच्चे के पास आकर उसे गोद में उठा लेते हैं, पुचकारते हैं आश्वस्त करते हैं, विश्वास दिलाते है कि वे अकेले नहीं हैं।

   जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं हमारे बनावटी भय भी अलग-अलग और भिन्न स्वरूप लेने लगते हैं - डरावने कथानक वाली पुस्तकें और फिल्में, या फिर मनोरंजन पार्कों में ऐसे झूले और कार्य जिनमें भय का समावेश होता है, इत्यादि हमें रोमांचित करने लगते हैं। यह कृत्रिम भय कई दफा इतना रोमांच उत्पन्न करता है कि हम और अधिक रोमांच पाने के लिए और अधिक जोखिम उठाने लग जाते हैं।

   संसार के आकर्षण और रोमांच कई दफा हमें परमेश्वर के मार्गों और परमेश्वर से दूर भी ले जाते हैं, और फिर किसी कठिन या कष्टदायक परिस्थिति में पड़ने पर ही हमें एहसास होता है कि हम उस प्रेम करने और ध्यान रखने वाले परमेश्वर पिता से दूर निकल आए हैं, जैसा कि प्राचीन इस्त्राएलियों ने अनुभव किया (यशायाह 30), और तब हम वास्तव में भयभीत होते हैं। ऐसे में हमें सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारने के लिए कोई विशेष शब्दों के प्रयोग की या फिर किसी स्पष्टीकरण की या अपनी बात को सही दिखाने के लिए कोई तर्क देने की आवश्यकता नहीं है; बस सच्चे दिल से निकली एक पुकार ही काफी है, और परमेश्वर हमारी सहायता के लिए तुरंत हाज़िर हो जाता है, हमें संभालता है, आश्वस्त करता है।

   प्रेम करने वाले माता-पिता के समान परमेश्वर सदा तत्पर रहता है कि हमें आश्वस्त रखे कि उसे हमारी परवाह है और वह यही चाहता है कि उसके बच्चे उसके साथ, उसके संरक्षण में बने रहें जिससे उन्हें कभी किसी परिस्थिति का सामना करने में घबराना ना पड़े; किसी भय से परेशान ना होना पड़े। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पर भरोसा रखने से भय हम से दूर रहते हैं।

और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15 

बाइबल पाठ: यशायाह 30:1-5; 18-19
Isaiah 30:1 यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करने वाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं। 
Isaiah 30:2 वे मुझ से बिन पूछे मिस्र को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मिस्र की छाया में शरण लें। 
Isaiah 30:3 इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मिस्र की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा। 
Isaiah 30:4 उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं। 
Isaiah 30:5 वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।
Isaiah 30:18 तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।
Isaiah 30:19 हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31