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मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

स्तुति

 

          मैं इस्राएल के ऐइन करेम में स्थित चर्च ‘ऑफ़ द विज़िटेशन’ के आँगन में बैठी थी, और वहाँ सड़सठ भाषाओं में सड़सठ मोज़ाएक (पच्चीकारी) पट्टियों पर प्रदर्शित की गई लूका 1:46-55 की सुन्दरता को देख कर अभिभूत हो गई थी। परमेश्वर के वचन बाइबल के इस खण्ड को पारंपरिक रूप में उसके लातीनी भाषा के नाम ‘मैग्निफिकेट’ अर्थात स्तुतिगान से जाना जाता है। ये पद मरियम का आनंदमय प्रत्युत्तर हैं, स्वर्गदूत द्वारा उसे बताए जाने पर कि परमेश्वर ने उसे चुना है कि वह जगत के उद्धारकर्ता मसीहा की माँ बनेगी।

          वहाँ लगी प्रत्येक मोज़ाएक (पच्चीकारी) पट्टियों पर मरियम के स्तुतिगान के शब्द लिखे हुए थे, जिनमें “मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है। और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर से आनन्दित हुई।...क्योंकि उस शक्तिमान ने मेरे लिये बड़े बड़े काम किए हैं, और उसका नाम पवित्र है” (46-49) भी सम्मिलित हैं। उन टाइल्स में लिखे गए स्तुतिगान के वे शब्द मरियम द्वारा परमेश्वर की उसके प्रति तथा इस्राएल के प्रति विश्वासयोग्यता को स्मरण करते हैं और बयान करते हैं।

          मरियम परमेश्वर के अनुग्रह की कृतज्ञ पात्र थी, और अपने उद्धार में आनन्दित हुई (पद 47)। उसने बयान किया कि परमेश्वर का इस्राएल के प्रति अनुग्रह सदियों और पीढ़ियों से चलता चला आ रहा है (पद 50)। इस्राएलियों के प्रति परमेश्वर की देखभाल का ध्यान कर के मरियम परमेश्वर के द्वारा उनके लिए किए गए सामर्थी कार्यों के लिए उसकी स्तुति करती है (पद 51)। वह परमेश्वर का धन्यवाद और स्तुति उसकी दैनिक आवश्यकताओं के उपलब्ध करवाते रहने के लिए भी करती है (पद 53)।

          यहाँ से मरियम से हम सीखते हैं कि परमेश्वर द्वारा हमारे लिए किए गए महान कार्यों को स्मरण करने से हम आनन्दित होने और उसकी स्तुतिगान करने के लिए उभारे जा सकते हैं। इस क्रिसमस के समय में, इस वर्ष का  पुनःअवलोकन करते समय परमेश्वर की भलाइयों को स्मरण करें, और आप स्वतः ही अपने आप को परमेश्वर की स्तुति करते हुए पाएँगे। - लीसा सामरा

 

परमेश्वर की भलाइयों को स्मरण करें, उन्हें औरों को बताएँ, 

और उनके लिए उसकी स्तुति-आराधना करें।


और हन्ना ने प्रार्थना कर के कहा, “मेरा मन यहोवा के कारण मगन है; मेरा सींग यहोवा के कारण ऊंचा, हुआ है। मेरा मुंह मेरे शत्रुओं के विरुद्ध खुल गया, क्योंकि मैं तेरे किए हुए उद्धार से आनन्दित हूँ।” - 1 शमूएल 2:1

बाइबल पाठ: लूका 1:46-55

लूका 1:46 तब मरियम ने कहा, मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है।

लूका 1:47 और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर से आनन्दित हुई।

लूका 1:48 क्योंकि उसने अपनी दासी की दीनता पर दृष्टि की है, इसलिये देखो, अब से सब युग युग के लोग मुझे धन्य कहेंगे।

लूका 1:49 क्योंकि उस शक्तिमान ने मेरे लिये बड़े बड़े काम किए हैं, और उसका नाम पवित्र है।

लूका 1:50 और उस की दया उन पर, जो उस से डरते हैं, पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

लूका 1:51 उसने अपना भुजबल दिखाया, और जो अपने आप को बड़ा समझते थे, उन्हें तित्तर-बित्तर किया।

लूका 1:52 उसने बलवानों को सिंहासनों से गिरा दिया; और दीनों को ऊंचा किया।

लूका 1:53 उसने भूखों को अच्छी वस्तुओं से तृप्त किया, और धनवानों को छूछे हाथ निकाल दिया।

लूका 1:54 उसने अपने सेवक इस्राएल को सम्हाल लिया।

लूका 1:55 कि अपनी उस दया को स्मरण करे, जो इब्राहीम और उसके वंश पर सदा रहेगी, जैसा उसने हमारे बाप-दादों से कहा था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • आमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6

सोमवार, 14 दिसंबर 2020

प्रेम गीत

 

          गीत लेखक बिली हिल ने 1936 में एक गाना प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक था “The Glory of Love” (प्रेम की महिमा), जो शीघ्र ही सारे देश में बहुत लोकप्रिय हो गया। उस गाने का विषय था एक दूसरे के प्रति प्रेम के कारण छोटे छोटे कार्य भी एक दूसरे के लिए करते रहना। इसके पचास वर्ष बाद, एक अन्य गीत लेखक, पीटर कैटेरा, ने उसी शीर्षक का एक और प्रेम गीत लिखा, जिसमें उसने हमेशा साथ जीते रहने वाले दो लोगों की कल्पना की, जो यह जानते हैं कि उन्होंने एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम के कारण सब कुछ किया है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल की अंतिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य में, एक नए प्रेम गीत के बारे में बताया गया है जो किसी दिन स्वर्ग और पृथ्वी पर उपस्थित प्रत्येक जन के स्वर में उठाया जाएगा (प्रकाशितवाक्य 5:9, 13)। किन्तु इस संगीत का आरंभ शोक के छोटे सुर के साथ होता है, क्योंकि हमें वर्णन लिखने वाले यूहन्ना को संसार के साथ जो कुछ भी बुरा हुआ है, उसका कोई उत्तर मिलता दिखाई नहीं देता है (पद 3-4)। परन्तु उसका मन प्रसन्न हो जाता है और संगीत अपने उत्कर्ष पर पहुँचता है (पद 12-13) जब यूहन्ना प्रेम की वास्तविक महिमा और कहानी को जानने पाता है। शीघ्र ही वह समस्त सृष्टि को यहूदा के सर्व-सामर्थी सिंह-राजा की जयजयकार करते सुनता है (पद 5), जिसने अपने आप को अपने लोगों के प्रति उसके प्रेम के कारण एक मेमने के समान बलिदान कर देने के द्वारा अपनी प्रजा के हृदय को जीत लिया है (पद 13)।

          हम इस सर्वाधिक मार्मिक गीत के गए जाने में दयालुता के साथ किए गए छोटे से छोटे सामान्य कार्यों को भी संगीत में ऊँचे उठते हुए देखते हैं। जिस महिमा के बारे में हम गाते हैं, वह परमेश्वर के हृदय को प्रतिबिंबित करती है। हम उसके बारे में प्रेम गीत इसलिए गाते हैं क्योंकि उसने ही हमें यह गीत प्रदान किया है। - मार्ट डी हान

 

सामान्य और छोटे दयालुता के कार्यों के द्वारा भी आप परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते हैं।


हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया। - 1 यूहन्ना 4:19

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 5:1-13

प्रकाशितवाक्य 5:1 और जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्तक देखी, जो भीतर और बाहर लिखी हुई भी, और वह सात मुहर लगा कर बन्द की गई थी।

प्रकाशितवाक्य 5:2 फिर मैं ने एक बलवन्‍त स्वर्गदूत को देखा जो ऊंचे शब्द से यह प्रचार करता था कि इस पुस्तक के खोलने और उस की मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है?

प्रकाशितवाक्य 5:3 और न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला।

प्रकाशितवाक्य 5:4 और मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला।

प्रकाशितवाक्य 5:5 तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है।

प्रकाशितवाक्य 5:6 और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानो एक वध किया हुआ मेमना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आँखें थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं।

प्रकाशितवाक्य 5:7 उसने आ कर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्तक ले ली,

प्रकाशितवाक्य 5:8 और जब उसने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेमने के सामने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएं हैं।

प्रकाशितवाक्य 5:9 और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है।

प्रकाशितवाक्य 5:10 और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं।

प्रकाशितवाक्य 5:11 और जब मैं ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों के चारों ओर बहुत से स्‍वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी।

प्रकाशितवाक्य 5:12 और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेमना ही सामर्थ्य, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।

प्रकाशितवाक्य 5:13 फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेमने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5

रविवार, 13 दिसंबर 2020

विश्वासयोग्य

 

          मैंने अपने क्रिसमस ट्री को रंग-बिरंगी चमकने वाली बत्तियों से लपेटा और उसकी टहनियों पर गुलाबी और नीले रिबन लगाए, और उसका नाम “बच्चे की आशा” क्रिसमस ट्री रख दिया। मैं और मेरे पति पिछले चार वर्ष से बच्चे को गोद लेने की प्रतीक्षा कर रहे थे; और मेरी इच्छा थी कि क्रिसमस तक हमारी यह इच्छा निश्चय ही पूरी हो जाए।

          हर प्रातः मैं उस पेड़ के पास रुकती, प्रार्थना करती, अपने आप को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता का ध्यान दिलाती थी। फिर हमें 21 दिसंबर को समाचार मिला – इस वर्ष भी हमें बच्चा नहीं मिल पाएगा। मैं बहुत टूटा हुआ और हताश होकर उस क्रिसमस ट्री के पास रुकी, जो मेरे लिए परमेश्वर के प्रावधानों का प्रतीक बन गया था। क्या परमेश्वर अभी भी विश्वासयोग्य था? क्या मैं कुछ गलत कर रही थी?

          कभी कभी परमेश्वर अपने प्रेम में हमें अनुशासित करने के लिए प्रार्थनाओं के उत्तर रोक कर रखता है; और कुछ अन्य समयों पर, हमारे विश्वास को बढ़ाने के लिए, उत्तरों को देने में विलम्ब करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में विलापगीत में हम यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता द्वारा वर्णित इस्राएल के परमेश्वर द्वारा सुधारे जाने को पढ़ते हैं। परमेश्वर की उस ताड़ना को देखने से यिर्मयाह को होने वाली पीड़ा प्रगट है; यिर्मयाह कहता है, उसने अपनी तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है” (3:13)। लेकिन उस सब में भी यिर्मयाह परमेश्वर की विश्वासयोग्यता में अपने पूर्ण अडिग भरोसे को लिखता है, हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है” (पद 22, 23)।

          मैंने अपने उस क्रिसमस ट्री को क्रिसमस के बाद भी वैसे ही बने रहने दिया, और रोज़ सुबह वहाँ प्रार्थना करना ज़ारी रखा। आखिरकार, ईस्टर के सप्ताहांत पर, हमें हमारी बेटी मिली। परमेश्वर सदा विश्वासयोग्य है, चाहे वह हमारे समय के अनुसार, और हमेशा हमारी इच्छा के अनुसार कार्य न भी करे।

          मेरे बच्चे अब तीस वर्ष से अधिक की आयु के हैं, परन्तु प्रति वर्ष मैं उस क्रिसमस ट्री का एक छोटा रूप लगाती और सजाती हूँ – अपने आप को तथा औरों को स्मरण दिलाने के लिए कि हमारा प्रभु परमेश्वर सदा विश्वासयोग्य है। - एलिसा मॉर्गन

 

हमारी आशा का सर्वोत्तम कारण परमेश्वर की विश्वासयोग्यता है।


क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई  के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। - हबक्कूक 3:17-18

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:1-3, 13-24

विलापगीत 3:1 उसके रोष की छड़ी से दु:ख भोगने वाला पुरुष मैं ही हूं;

विलापगीत 3:2 वह मुझे ले जा कर उजियाले में नहीं, अन्धियारे ही में चलाता है;

विलापगीत 3:3 उसका हाथ दिन भर मेरे ही विरुद्ध उठता रहता है।

विलापगीत 3:13 उसने अपनी तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है;

विलापगीत 3:14 सब लोग मुझ पर हंसते हैं और दिन भर मुझ पर ढालकर गीत गाते हैं,

विलापगीत 3:15 उसने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है।

विलापगीत 3:16 उसने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है;

विलापगीत 3:17 और मुझ को मन से उतार कर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ;

विलापगीत 3:18 इसलिए मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आशा जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है।

विलापगीत 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर!

विलापगीत 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।

विलापगीत 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आशा है:

विलापगीत 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।

विलापगीत 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।

विलापगीत 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • होशे 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4

शनिवार, 12 दिसंबर 2020

उत्तर

 

          मेरे एक सहकर्मी ने मुझ से कहा कि उसे नहीं लगता था कि वह यीशु का अनुयायी होने के योग्य है। वह अपने आरामदेह, आत्मकेंद्रित जीवन का वर्णन कर रहा था, और मैं सुन रहा था। उसने स्वीकार किया कि वह अपने जीवन से संतुष्ट नहीं है, और कहा, “समस्या यह है कि मैं बहुत प्रयास करता हूँ कि अच्छा बनूँ, औरों की देखभाल भी किया करूं, परन्तु मेरे यह प्रयास कुछ कार्य नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि जो मैं करना चाहता हूँ वह तो नहीं करने पाता हूँ, परन्तु जो नहीं करना चाहता हूँ, वही करता रहता हूँ।”

          फिर उसने बड़े भरोसे तथा आशा के साथ मुझ से पूछा, “तुम्हारे जीवन का क्या रहस्य है?” मैंने भी बड़ी सच्चाई और गंभीरता से उत्तर दिया, “मेरा रहस्य यह है कि मेरा कोई रहस्य नहीं है! मैं भी परमेश्वर की धार्मिकता के स्तर के अनुसार जीवन जीने में उतना ही अयोग्य और अक्षम हूँ, जितने कि तुम हो, और इसी लिए हमें प्रभु यीशु की आवश्यकता है।”

          फिर मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में से उसे रोमियों 7:15 दिखाया, जहाँ पर पौलुस ठीक वही बात कहता है जो उसने अपने बारे में मुझ से कही थी। प्रेरित पौलुस द्वारा कहे गए ये हताशा के शब्द उन सभी के मनों को छूते हैं जो परमेश्वर के पास आने के लिए पर्याप्त ‘मात्रा’ में भला तो होना चाहते हैं, परन्तु हो नहीं पाते हैं; वे चाहे मसीही विश्वासी हों अथवा नहीं। संभव है कि ये शब्द आपके भी हृदय को छूते हैं। यदि ऐसा है तो पौलुस का यह कथन कि हमारे उद्धार तथा परिणामस्वरूप जीवन में आने वाले परिवर्तनों का कर्ता प्रभु यीशु है (7:25-8:2) आपको अवश्य ही रोमांचित करेगा। प्रभु यीशु ने हमारे लिए पहले ही वह सब कर के दे दिया है जो हमें उन बातों से मुक्त होने के लिए चाहिए, जिनके कारण हम अपने आप से परेशान रहते हैं।

          परमेश्वर तथा हमारे मध्य की दीवार, अर्थात, पाप की दीवार, हमारे द्वारा कुछ भी किए जाने के बिना ही, हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह ने हटा दी है। परमेश्वर हम सभी का उद्धार, और पवित्र आत्मा के द्वारा हम में परिवर्तन और हमारी उन्नति चाहता है। वह हमारी आत्मा के द्वार पर खटखटाता है। उसके इस खटखटाने का उत्तर दीजिए, क्योंकि जीवन की हर बात के लिए वह ही उत्तर है। - रैंडी किलगोर

 

प्रभु यीशु के बिना, उद्धार और आत्मिक उन्नति, हमारी पहुँच के बाहर हैं।


वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तीमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: रोमियों 7:14-25

रोमियों 7:14 क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शारीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।

रोमियों 7:15 और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।

रोमियों 7:16 और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।

रोमियों 7:17 तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।

रोमियों 7:18 क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।

रोमियों 7:19 क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं।

रोमियों 7:20 परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।

रोमियों 7:21 सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।

रोमियों 7:22 क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।

रोमियों 7:23 परन्तु मुझे अपने अंगों में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।

रोमियों 7:24 मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?

रोमियों 7:25 मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूँ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • होशे 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

आशा

 

          हमारी कार की मरम्मत करने जो व्यक्ति आया था वह बहुत युवा दिखाई दे रहा था – मेरे पति डैन को लग रहा था कि हमारी कार की समस्या को समझने और उसका समाधान करने के लिए वह बहुत छोटा है; उन्होंने फुसफुसाकर मुझ से अपना संदेह व्यक्त करते हुए कहा, “यह तो बच्चा ही है।” उस युवक में डैन का अविश्वास उस कुड़कुड़ाने के समान लग रहा था जो नासरत के लोग प्रभु यीशु के लिए कर रहे थे।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, मत्ती 13:55 में हम देखते हैं कि जब प्रभु यीशु आराधनालय में लोगों को सिखा रहे थे, तो कुछ लोग अविश्वास के साथ प्रश्न पूछ रहे थे,क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं है?” वे उसका उपहास कर रहे थे, क्योंकि उन्हें अचंभा हो रहा था कि जिसे वह बचपन से जानते थे, वही अब चंगा कर रहा है और शिक्षा दे रहा है। इसीलिए वे असमंजस में पूछने लगे,इसको यह ज्ञान और सामर्थ्य कहाँ से मिले?” (पद 54)। प्रभु यीशु में विश्वास करने की बजाए, उन लोगों ने उसके द्वारा दिखाए जा रहे अधिकार के कारण उसके विषय ठोकर खाई (पद 15, 58)।

          इसी प्रकार से हम भी अपने उद्धारकर्ता की बुद्धिमत्ता और सामर्थ्य पर भरोसा रखने के लिए संघर्ष कर सकते हैं, विशेषकर हमारे जीवन की दैनिक साधारण और परिचित बातों के लिए। उन बातों के लिए उसकी सहायता की आशा न रखने के कारण हम उसके जीवन के द्वारा हमारे जीवनों को परिवर्तित करने के उसके आश्चर्यकर्म से वंचित रह जाते हैं (पद 58)।

          अन्ततः जैसा डैन ने पाया, जिस सहायता की उसे आशा थी, वह ठीक उसी के सामने खड़ी थी, उसे बस उसे स्वीकार करना था। डैन ने उस युवक से कार ठीक करने की सहायता लेना स्वीकार किया, और उसे हमारी पुरानी कार की बैट्री की जाँच कर लेने दी। निरीक्षण करने के बाद उस युवक को केवल एक बोल्ट बदलने की आवश्यकता पड़ी, और कुछ ही सेकेंड्स में कार चालू हो गई, बत्तियां जलने लगीं। डैन ने आश्चर्यचकित होकर कहा, “वह तो क्रिसमस के समान जगमगाने लगी।”

          इसी प्रकार से हम आशा रख सकते हैं कि मसीहा भी हमारे जीवनों में नया उजाला, सामर्थ्य, और सहायता ले आएगा, और हमारे प्रतिदिन के जीवन में एक नया परिवर्तन आ जाएगा। - पेट्रीशिया रेबोन

 

परमेश्वर हमारे जीवनों पर नियंत्रण रखता है, और वह हर बात के लिए सक्षम है।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: मत्ती 13:53-58

मत्ती 13:53 जब यीशु ये सब दृष्टान्त कह चुका, तो वहां से चला गया।

मत्ती 13:54 और अपने देश में आकर उन की सभा में उन्हें ऐसा उपदेश देने लगा; कि वे चकित हो कर कहने लगे; कि इस को यह ज्ञान और सामर्थ्य के काम कहां से मिले?

मत्ती 13:55 क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं? और क्या इस की माता का नाम मरियम और इस के भाइयों के नाम याकूब और यूसुफ और शमौन और यहूदा नहीं?

मत्ती 13:56 और क्या इस की सब बहिनें हमारे बीच में नहीं रहतीं? फिर इस को यह सब कहां से मिला?

मत्ती 13:57 सो उन्होंने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशु ने उन से कहा, भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता।

मत्ती 13:58 और उसने वहां उन के अविश्वास के कारण बहुत सामर्थ्य के काम नहीं किए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • होशे 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 2

गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

यहोवा का

 

         यह बहुत प्रकट बात है कि आजकल लोगों को अपन शरीरों पर टैटू बनवाना बहुत पसंद है। कुछ टैटू इतने छोटे होते हैं कि उन्हें साफ़ देखा भी न जा सके, और कुछ अन्य होते हैं जो अलग-अलग रंगों, शब्दों और डिजाईनों में, खिलाड़ियों, अभिनेताओं, या सामान्य लोगों के शरीर के अधिकांश भागों पर बने होते हैं। लगता है कि यह प्रवृत्ति स्थाई है, और अनुमान है कि सन 2014 में लोगों ने टैटू बनवाने के लिए 3 अरब डॉलर खर्च किए, तथा उन्हें हटवाने के लिए 66 करोड़ खर्च किए।

         आप चाहे टैटू के बारे में जो भी विचार रखते हों, परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह 44 अध्याय आलंकारिक रूप में लोगों द्वारा अपने हाथों पर “यहोवा का” (पद 5) लेने के बारे में बताता है। लोगों द्वारा यह लिखवा लेना, उस पूरे अनुच्छेद का चरम बिंदु है, जो परमेश्वर द्वारा उनकी देखभाल करने के विषय बताता है जो उसके चुनें हुए हैं (पद 1)। वे लोग परमेश्वर की सहायता पर भरोसा कर सकते थे (पद 2); तथा उनका देश और वंश आशीषों के लिए नियुक्त किया गया था (पद 3)। दो साधारण, शक्तिशाली शब्द, “यहोवा का” इस बात की पुष्टि करते थे कि यहोवा के लोग जानते थे कि वे उसकी संपत्ति हैं, और वह उनकी देखभाल करेगा।

         जो भी प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर के निकट आता है, वह अपने विषय दृढ़ निश्चय के साथ कह सकता है कि वह “यहोवा का” है। हम उसके लोग, उसके चरागाह की उसकी भेड़ें, उसकी संतान, उसकी मीरास, उसका निवासस्थान हैं। जीवन के विभिन्न समयों में हम इन बातों को थामे रहते हैं। चाहे बाहर से दिखने वाला कोई भी टैटू हम पर बना हुआ न हो, हम इस बात से आश्वस्त रह सकते हैं कि हम पर परमेश्वर पवित्र आत्मा की छाप लगी है, और हम अनन्तकाल के लिए परमेश्वर यहोवा के हैं (देखें रोमियों 8:16-17)। आर्थर जैक्सन

 

अपने जीवन से दिखाएँ कि आप परमेश्वर यहोवा के हैं।


और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी। - इफिसियों 1:13

बाइबल पाठ: यशायाह 44:1-5

यशायाह 44:1 परन्तु अब हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए इस्राएल, सुन ले!

यशायाह 44:2 तेरा कर्ता यहोवा, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया और तेरी सहायता करेगा, यों कहता है, हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए यशूरून, मत डर!

यशायाह 44:3 क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल और सूखी भूमि पर धाराएं बहाऊंगा; मैं तेरे वंश पर अपनी आत्मा और तेरी सन्तान पर अपनी आशीष उण्डेलूंगा।

यशायाह 44:4 वे उन मजनुओं के समान बढ़ेंगे जो धाराओं के पास घास के बीच में होते हैं।

यशायाह 44:5 कोई कहेगा, मैं यहोवा का हूं, कोई अपना नाम याकूब रखेगा, कोई अपने हाथ पर लिखेगा, मैं यहोवा का हूं, और अपना कुलनाम इस्राएली बताएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • होशे 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 1

बुधवार, 9 दिसंबर 2020

दृढ़ प्रेम

 

         मेरे पिता ने कहा, “मैं तुम से प्यार करता हूँ” और मैंने स्कूल के अन्दर जाने के लिए कदम बढ़ाते हुए, बिना उनकी बात पर ध्यान दिए कार के दरवाज़े को बन्द कर दिया। मैं छठी कक्षा में थी और पिछले कई महीनों से हम दोनों के मध्य लगभग यही प्रक्रिया प्रतिदिन दोहराई जा रही थी। हम सुबह के समय मेरे स्कूल पहुँचते, पिताजी कहते, “तुम्हारा दिन अच्छा गुज़रे; मैं तुम से प्यार करता हूँ!” और मैं बस प्रत्युत्तर में उन्हें “बाए” कहकर स्कूल चली जाती थी। न मैं उनसे नाराज़ थी, और न ही उनकी उपेक्षा कर रही थी; मैं तो बस अपने ही विचारों में इतनी तल्लीन रहती थी कि मुझे उनके कहे शब्दों का ध्यान भी नहीं होता था। लेकिन फिर भी मेरे पिता का प्रेम सदा वैसा ही दृढ़ बना रहा।

         परमेश्वर पिता का प्रेम भी ऐसा ही है – वरन इससे भी बढ़कर है। इस प्रकार के दृढ़ प्रेम को व्यक्त करने वाला इब्रानी भाषा का शब्द है ‘हेसेद, जो कि पुराने नियम में बारंबार आता है; और अकेले भजन 136 में ही यह शब्द छब्बीस बार आया है। कोई भी वर्तमान शब्द इसके संपूर्ण अर्थ को व्यक्त नहीं कर सकता है। हम इसका अनुवाद “कृपा,” “करुणा,” “दया,” या “वफादारी” करते हैं। हेसेद वह प्रेम है जो बाँधी गई वाचा की प्रतिबद्धता पर आधारित है; ऐसा प्रेम जो वफादार और भरोसेमंद है। जब परमेश्वर के लोगों ने पाप किया, तब भी परमेश्वर उनसे प्रेम करते रहने में उनके प्रति वफादार रहा। इस प्रकार का दृढ़ प्रेम परमेश्वर के चरित्र का अभिन्न अंग है (निर्गमन 34:6)।

         मैं जब बच्ची थी, तब कई बार अपने पिता के प्रेम को हलके में ले लेती थी, कि वह तो मेरे साथ रहेगा ही। आज कभी-कभी मैं यही बात अपन स्वर्गीय परमेश्वर पिता के प्रेम के साथ करती हूँ। मैं पिता परमेश्वर की बात को सुनकर उसका सही प्रत्युत्तर देने में चूक जाती हूँ। मैं उनकी कृतज्ञ नहीं रहती हूँ। लेकिन फिर भी मैं जानती हूँ कि मेरे प्रति परमेश्वर पिता का प्रेम सदा दृढ़ बना रहता है – जो एक ऐसा तथ्य है जो मेरे समस्त जीवन के लिए एक दृढ़ नींव प्रदान करता है। - एमी पीटरसन

 

आज किसी को परमेश्वर के प्रेम से अवगत करवाने के लिए समय निकालिए।


क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊंचाई, न गहराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी। - रोमियों 8:38-39

बाइबल पाठ: भजन 136:1-9

भजन संहिता 136:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:2 जो ईश्वरों का परमेश्वर है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:3 जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करुणा सदा की है।।

भजन संहिता 136:4 उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े आश्चर्यकर्म नहीं करता, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:5 उसने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:6 उसने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:7 उसने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:8 दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करुणा सदा की है।

भजन संहिता 136:9 और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करुणा सदा की है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा