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Saturday, April 17, 2021

प्रेम

 

          मेरा सबसे छोटा पोता अभी दो ही महीन का है, लेकिन फिर भी, मैं जब भी उसे देखने पाती हूँ, मुझे उस में कुछ नया दिखाई देते हैं। हाल ही में, जब मैं उसे दुलार से पुकार रही थी, तो उसने मेरी ओर देखा और मुसकुराया और मेरी आँखों में आँसू आ गए। शायद यह आँसू, उस आनन्द के थे, जो मेरे अपने बच्चों की पहली मुसकुराहट की यादों का था, जिसे मैंने बहुत वर्ष पहले देखा था, लेकिन फिर भी ऐसा लगता है मानो कल ही की बात थी। कुछ पल ऐसे ही होते हैं – जिनका वर्णन नहीं किया जा सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 103, दाऊद द्वारा लिखा गया परमेश्वर की स्तुति का एक गीत है, जो यह भी स्मरण करता है कि वे आनन्ददायक पल कितनी शीघ्र हमारे जीवनों से होकर निकल जाते हैं: “मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता” (पद 15-16)।

          किन्तु जीवन के अल्पकालीन होने को स्मरण करने के बावजूद, दाऊद ने फूलों को बढ़ने और खिलने के बारे में लिखा। यद्यपि प्रत्येक फूल बहुत शीघ्रता से बढ़ता है, खिलता है, अपनी सुगन्ध बिखेरता है, अपने रंग दिखाता है, और उसकी सुन्दरता उन पलों में बहुत आनन्द प्रदान करती है, और फिर वह जाता रहता है, भुला दिया जाता है – “और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है” (पद 16)। इसकी तुलना में हमें प्रभु से यह आश्वासन है कि “परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है” (पद 17)।

          फूलों के समान हम भी कुछ पल के लिए खिलने और आनन्द देने वाले हो सकते हैं; लेकिन हम इस तथ्य से भी आनन्दित रह सकते हैं कि हमारे जीवन के पल कभी भुलाए नहीं जाते हैं। हमारे जीवनों के हर पल की हर बात परमेश्वर के पास सुरक्षित है; और उसका अनन्तकाल का प्रेम उसकी संतानों के साथ हमेशा बना रहता है। - एलिसन कीड़ा

 

परमेश्वर के लिए फूलने-फलने के लिए हमें जो भी चाहिए, वह हमें देता है।


तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके नाम का सम्मान करते थे, उनके स्मरण के निमित्त उसके सामने एक पुस्तक लिखी जाती थी। - मलाकी 3:16

बाइबल पाठ: भजन 103:13-22

भजन 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।

भजन 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।

भजन 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

भजन 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।

भजन 103:17 परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,

भजन 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।

भजन 103:19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।

भजन 103:20 हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!

भजन 103:21 हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओ, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!

भजन 103:22 हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24


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