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शनिवार, 17 अप्रैल 2021

प्रेम

 

          मेरा सबसे छोटा पोता अभी दो ही महीन का है, लेकिन फिर भी, मैं जब भी उसे देखने पाती हूँ, मुझे उस में कुछ नया दिखाई देते हैं। हाल ही में, जब मैं उसे दुलार से पुकार रही थी, तो उसने मेरी ओर देखा और मुसकुराया और मेरी आँखों में आँसू आ गए। शायद यह आँसू, उस आनन्द के थे, जो मेरे अपने बच्चों की पहली मुसकुराहट की यादों का था, जिसे मैंने बहुत वर्ष पहले देखा था, लेकिन फिर भी ऐसा लगता है मानो कल ही की बात थी। कुछ पल ऐसे ही होते हैं – जिनका वर्णन नहीं किया जा सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 103, दाऊद द्वारा लिखा गया परमेश्वर की स्तुति का एक गीत है, जो यह भी स्मरण करता है कि वे आनन्ददायक पल कितनी शीघ्र हमारे जीवनों से होकर निकल जाते हैं: “मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता” (पद 15-16)।

          किन्तु जीवन के अल्पकालीन होने को स्मरण करने के बावजूद, दाऊद ने फूलों को बढ़ने और खिलने के बारे में लिखा। यद्यपि प्रत्येक फूल बहुत शीघ्रता से बढ़ता है, खिलता है, अपनी सुगन्ध बिखेरता है, अपने रंग दिखाता है, और उसकी सुन्दरता उन पलों में बहुत आनन्द प्रदान करती है, और फिर वह जाता रहता है, भुला दिया जाता है – “और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है” (पद 16)। इसकी तुलना में हमें प्रभु से यह आश्वासन है कि “परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है” (पद 17)।

          फूलों के समान हम भी कुछ पल के लिए खिलने और आनन्द देने वाले हो सकते हैं; लेकिन हम इस तथ्य से भी आनन्दित रह सकते हैं कि हमारे जीवन के पल कभी भुलाए नहीं जाते हैं। हमारे जीवनों के हर पल की हर बात परमेश्वर के पास सुरक्षित है; और उसका अनन्तकाल का प्रेम उसकी संतानों के साथ हमेशा बना रहता है। - एलिसन कीड़ा

 

परमेश्वर के लिए फूलने-फलने के लिए हमें जो भी चाहिए, वह हमें देता है।


तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके नाम का सम्मान करते थे, उनके स्मरण के निमित्त उसके सामने एक पुस्तक लिखी जाती थी। - मलाकी 3:16

बाइबल पाठ: भजन 103:13-22

भजन 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।

भजन 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।

भजन 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

भजन 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।

भजन 103:17 परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,

भजन 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।

भजन 103:19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।

भजन 103:20 हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!

भजन 103:21 हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओ, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!

भजन 103:22 हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24


बुधवार, 9 सितंबर 2020

सुगन्ध

 

         गर्म और धूल भरे वातावरण में बॉब बस की यात्रा करके अपने घर से दूर एक शहर को गया था। वह दिन भर की लम्बी यात्रा से बहुत थक गया था, और धन्यवादी थी कि वह उस इलाके में रहने वाले कुछ अपने मित्रों के मित्रों के साथ भोजन करने पाएगा। उन लोगों ने बॉब का स्वागत किया, और तुरंत ही उसे उन लोगों से मिलकर एक शान्ति और आराम का अनुभव हुआ। उसे लगा कि मानो वह घर में है, सुरक्षित है, आराम से है, और वे लोग उसकी कद्र करते हैं।

         बाद में इस बात पर विचार करते समय कि उसे उस अजनबी स्थान और लोगों के बीच तुरंत ही इतनी शान्ति कैसे मिल गई, बॉब को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी गई उसकी दूसरी पत्री में उत्तर मिल गया। उस पत्री में पौलुस ने मसीह के अनुयायियों में “मसीह की सुगन्ध” होने की बात कही, और तुरंत ही बॉब ने अपने आप से कहा, “हाँ! यही बात थी” उस दिन उसे अपने मेजबानों से मसीह की सुगन्ध आई थी, और इससे उसके मन को शान्ति मिली थी।

         पौलुस जब लिखता है कि परमेश्वर अपने लोगों को मसीह में “जय के उत्सव” में लिए फिरता है  और उनमें होकर अपने ज्ञान की सुगन्ध फैलाता है, तो वह उस समय की एक प्रथा को अपनी लिखी बात का आधार बना रहा था। जब सेना विजयी होकर युद्ध से लौटती थी, तो उनके विजय-उत्सव का जलूस जिन मार्गों से होकर जाता था, वहाँ सुगन्धित पदार्थ जलाए जाते थे। उस विजयी सेना के समर्थक उस सुगन्ध से आनन्दित होते थे। पौलुस कहता है कि इसी प्रकार से परमेश्वर के लोग अपने साथ एक सुगन्ध लिए चलते हैं जिसकी अनुभूति अन्य मसीही विश्वासियों को होती है, उन्हें आनन्दित करती है। यह कोई ऐसी बात नहीं है जिसे हम अपने से उत्पन्न करते हैं; परन्तु यह परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान की जाती है जब वह हमें उसके ज्ञान को औरों में फैलाने के लिए प्रयोग करता है।

         बॉब मेरे पिता हैं, और वह दूर की यात्रा चालीस से भी अधिक वर्ष पहले की गई थी, परन्तु वे आज तक उसे भूले नहीं हैं। वे आज भी उन लोगों की यह कहानी सुनाते हैं – मसीह की सुगन्ध वाले लोगों की। - एमी पीटरसन

 

आपके लिए, कौन मसीह की सुगन्ध को फैलाने वाला है?


और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-17

2 कुरिन्थियों 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।

2 कुरिन्थियों 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्ध हैं।

2 कुरिन्थियों 2:16 कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्‍ध, और कितनों के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

2 कुरिन्थियों 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2

शनिवार, 9 सितंबर 2017

सुगन्ध


   मैं जब भी खिले हुए गुलाबों वाले पौधे या किसी फूलों के गुलदस्ते के निकट होता हूँ, तो मेरा मन करता है कि मैं उन फूलों को अपनी नाक के निकट लाकर उसकी सुगन्ध का आनन्द लूँ। फूलों की वह भीनी सुगन्ध मेरे मन को आनन्दित करती है और मेरे अन्दर अच्छी भावनाएं जागृत करती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस ने कहा, क्योंकि हम मसीह के हैं इसलिए परमेश्वर "... अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है" (2 कुरिन्थियों 2:14)। परमेश्वर की सामर्थ्य से हम जयवन्त जीवन जी सकते हैं, अपने स्वार्थ के स्थान पर उस से उसकी प्रेम और दया ले सकते हैं, और उससे मिलने वाले उद्धार की भलाई का प्रचार कर सकते हैं। जब हम ऐसा करते हैं तो हम परमेश्वर के लिए एक मनभावनी सुगन्ध होते हैं।

   पौलुस इसके पश्चात एक दूसरा शब्द चित्र भी प्रस्तुत करता है, मसीही विश्वासियों को "मसीह की पत्रियाँ" कहता है। पत्र समान हमारे मसीही विश्वास का जीवन किसी साधारण स्याही से नहीं लिखा जाता है, परन्तु परमेश्वर के पवित्र आत्मा के द्वारा लिखा जाता है (3:3)। प्रभु यीशु मसीह में स्वेच्छा से लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर जब हमें परिवर्तित करता है, तो वह अपना वचन हमारे हृदय में, दूसरों द्वारा पढ़े जाने के लिए लिख देता है।

   बाइबल में दिए गए ये दोनों ही शब्द चित्र हमें प्रोत्साहित करते हैं कि हम प्रभु यीशु मसीह की सुन्दरता को अपने जीवनों द्वारा लोगों को दिखाएं जिससे वे मसीह यीशु की ओर आकर्षित हो सकें। जैसे पौलुस ने इफिसीयों 5:2 में लिखा, मसीह यीशु ही है जिसने हम से "...प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।" - लॉरेंस दरमानी


हमारे कार्य हमारे प्रचार से अधिक बोलते हैं।

जो बुद्धिमान हो, वही इन बातों को समझेगा; जो प्रवीण हो, वही इन्हें बूझ सकेगा; क्योंकि यहोवा के मार्ग सीधे हैं, और धर्मी उन में चलते रहेंगे, परन्तु अपराधी उन में ठोकर खाकर गिरेंगे। - होशे 14:9

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-3:3
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है? 
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों के समान सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं? 
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते हैं। 
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2


शनिवार, 8 अप्रैल 2017

सुगन्धित


   मैं आभारी हूँ कि परमेश्वर ने हमें सूँघने की शक्ति दी है, जिससे हम जीवन की अनेकों सुगन्धों का आनन्द ले सकते हैं। मैं जानता हूँ कि मैं प्रातः दाढ़ी बनाने के बाद लगाए गए आफटर-शेव की ताज़गी भरी सुगन्ध का कैसा आनन्द लेता हूँ। या फिर बसन्त के समय में ताज़ी काटी गई घास की सुगन्ध कैसी मनभावनी होती है। मुझे अपने घर के पीछे के आँगन में बैठकर बाग़ से आने वाली गुलाबों की सुगन्ध का आनन्द लेना बहुत प्रीय है। और फिर अनेकों प्रकार के भोजनों की भिन्न प्रकार की सुगन्धों का तो कहना ही क्या।

   इसलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित द्वारा लिखा हुई बात मेरा ध्यान आकर्षित करती है। पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को उनके द्वारा सप्रेम किए गए सहायता कार्यों के संबंध में अपनी पत्री में लिखा, "मेरे पास सब कुछ है, वरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्‍त हो गया हूं, वह तो सुगन्‍ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है" (फिलिप्पियों 4:18)। जब हम उनकी सहायता करने के बारे में विचार करते हैं,जो किसी आवश्यकता में हैं, तो बहुधा हम इसे केवल करने के लिए एक अच्छा कार्य मात्र समझ लेते हैं; या फिर ऐसा कार्य जो मसीह और मसीही विश्वासी के चरित्र के अनुरूप है। परन्तु पौलुस के द्वारा परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने हमारे लिए लिखवाया है कि दूसरों की सहायतार्थ स्वेच्छा से किया गया कार्य, परमेश्वर के सिंहासन स्थल को ऐसी सुगन्ध से भर देता है जिससे वह प्रसन्न होता है।

   यह आभास होना कि परमेश्वर के नाम में हमारे द्वारा किसी की सहायता के लिए किए गए कार्य एक सुगन्ध के समान परमेश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं, उन सहायता-कार्यों को करने के लिए कितना बड़ा प्रोत्साहन और कितना अधिक प्रेरणादायक है।

   प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में ध्यान करें कि आपके द्वारा किए जाने वाले ऐसे कार्यों की आवश्यकता किसे है; परमेश्वर से प्रार्थना करें कि आपको किसी ऐसे के पास लेकर जाए जिसकी आप कुछ सहायता कर सकें। औरों के लिए आशीष बनें; यह परमेश्वर को प्रसन्न करने वाली भली सुगन्ध होगा। - जो स्टोवैल


औरों के लिए आशीष बनना परमेश्वर से आशीष पाना है।

पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है। - इब्रानियों 13:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:10-20
Philippians 4:10 मैं प्रभु में बहुत आनन्‍दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्‍चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला। 
Philippians 4:11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं। 
Philippians 4:12 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। 
Philippians 4:13 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। 
Philippians 4:14 तौभी तुम ने भला किया, कि मेरे क्‍लेश में मेरे सहभागी हुए। 
Philippians 4:15 और हे फिलप्‍पियो, तुम आप भी जानते हो, कि सुसमाचार प्रचार के आरम्भ में जब मैं ने मकिदुनिया से कूच किया तब तुम्हें छोड़ और किसी मण्‍डली ने लेने देने के विषय में मेरी सहयता नहीं की। 
Philippians 4:16 इसी प्रकार जब मैं थिस्सलुनीके में था; तब भी तुम ने मेरी घटी पूरी करने के लिये एक बार क्या वरन दो बार कुछ भेजा था। 
Philippians 4:17 यह नहीं कि मैं दान चाहता हूं परन्तु मैं ऐसा फल चाहता हूं, जो तुम्हारे लाभ के लिये बढ़ता जाए। 
Philippians 4:18 मेरे पास सब कुछ है, वरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्‍त हो गया हूं, वह तो सुगन्‍ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है। 
Philippians 4:19 और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा। 
Philippians 4:20 हमारे परमेश्वर और पिता की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन। 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62


शुक्रवार, 18 मार्च 2016

सुगन्ध


   कुछ सुगन्ध अविस्मर्णीय होती हैं। अभी हाल की बात है, मेरे पति की शेविंग क्रीम समाप्त होने को थी। मैंने कहा, "मैं कुछ खरीद लाऊँगी"; उन्होंने अपनी शेविंग क्रीम दिखाते हुए पूछा, "तुम यह वाली ही लाना; मुझे इसकी सुगन्ध बहुत पसन्द है - मेरे पिता भी सदा यही प्रयोग करते थे।" मैं यह सुनकर मुस्कुराई और मुझे अपने साथ घटी वह घटना स्मरण हो आई जब अचानक ही कहीं से मुझे उस शैम्पू की सुगन्ध आई थी जो मेरे बचपन में मेरी माँ मेरे बाल धोने के लिए प्रयोग करती थीं और उस सुगन्ध से मैं अपने बचपन की यादों में चली गई थी। मेरे और मेरे पति के अन्दर, सुगन्ध के कारण, एक भावनात्मक प्रतिक्रिया हुई थी और हम उन लोगों की सुखद यादों में चले गए थे जो हमारे प्रीय थे।

   ऑलिवर वेन्डल होम्स ने कहा था, "यादें, कलपनाएं, बीती भावनाएं और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं किसी भी अन्य माध्यम की अपेक्षा सुगन्ध के द्वारा अधिक सरलता से जागृत हो जाती हैं।"

   इसलिए, कैसा रहे यदि हमारे जीवन ऐसे हों जो सुगन्ध के समान लोगों को हमारे प्रभु परमेश्वर की ओर आकर्षित करें? परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 कुरिन्थियों 2:15 में प्रेरित पौलुस लिखता है: "क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।" अर्थात हमारे जीवन की सुगन्ध ना केवल परमेश्वर को भाने वाली हो, वरन उससे अन्य लोग भी परमेश्वर की ओर आकर्षित होने पाएं, ना कि हमारे कारण लोग परमेश्वर से दूर हों। हम मसीही विश्वासी जो प्रभु यीशु के बलिदान के महत्व को जानते और समझते हैं, हमारे पास यह सुअवसर है कि हम संसार में मसीह यीशु की सुगन्ध बनकर जीवन व्यतीत करें, मसीह यीशु के गुण और चरित्र को औरों को स्मरण कराते रहने के माध्यम बनें।

   मसीह यीशु की समानता में होने की मीठी सुगन्ध, जगत के उद्धारकर्ता की ओर लोगों को आकर्षित करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम बन सकता है। - सिंडी हैस कैसपर


जब हम परमेश्वर के साथ-साथ चलते हैं तो अपने पीछे एक ऐसी मोहक सुगन्ध छोड़ जाते हैं जो दूसरों को मसीह यीशु का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करती है।

और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:12-17
2 Corinthians 2:12 और जब मैं मसीह का सुसमाचार, सुनाने को त्रोआस में आया, और प्रभु ने मेरे लिये एक द्वार खोल दिया। 
2 Corinthians 2:13 तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तितुस को नहीं पाया; सो उन से विदा हो कर मैं मकिदुनिया को चला गया। 
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2 Corinthians 2:16 कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है? 
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47


रविवार, 9 नवंबर 2014

निमंत्रण


   चर्च में युवकों के दल की पार्टी थी और उस दल की एक सदस्या, लिंडा ने अपनी एक सहेली केटी को भी उसमें सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया था। केटी बचपन के बाद से कभी चर्च नहीं गई थी और इस पार्टी में सम्मिलित होते हुए उसके अन्दर एक घबराहट थी, उसे समझ नहीं आ रहा था कि लगभग सभी लोग जहाँ उसके लिए अपरिचित होंगे, वहाँ उसे कैसा लगेगा, उसके साथ कैसा व्यवहार होगा, वह औरों के साथ कैसे संपर्क बना पाएगी। लेकिन वहाँ पहुँचने पर उसका मन शान्त हो गया; उसके नाम की प्लेट पर उपस्थित लोगों की ओर से सप्रेम स्वागत के कार्ड पहले से ही रखे हुए थे, जैसे कि सब ने अन्य सभी के लिए लिख कर रखे थे। लेकिन केटी के लिए यह हृदय छू लेने वाली बात थी कि उस दल के सदस्यों ने सारी पार्टी में उस अपरिचित के लिए भी वही आदर और प्रेम दिखाया जो उन्होंने अपनी जान-पहचान वालों के लिए दिखाया था।

   केटी को वहाँ बहुत अच्छा लगा, और उनका यह प्रेम देखकर उसने लिंडा द्वारा दिया गया चर्च आने का निमंत्रण भी स्वीकार कर लिया। चर्च में उसने उसके पापों में होने के बावजूद, उसके प्रति परमेश्वर के प्रेम के बारे में सुना और उसने प्रभु यीशु में होकर मिलने वाली पापों की क्षमा एवं उद्धार को ग्रहण कर लिया। उस युवा दल के सप्रेम व्यवहार ने उसे परमेश्वर के प्रेम की एक झलक दिखाई थी जिससे परमेश्वर उसके हृदय को परमेश्वर पर विश्वास करने उसे समर्पित जीवन जीने के लिए प्रेरित कर सका।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने लिखा, "हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए" (1 यूहन्ना 4:11)। यह प्रेम केवल हमारे अपने परिवार या अन्य मसीही विश्वासियों तक ही सीमित नहीं रहना है, वरन उनके लिए भी प्रदर्शित होना है जो अभी तक मसीह के प्रेम को नहीं जानते हैं। रे स्टैडमैन ने लिखा, "जब परमेश्वर का प्रेम हमारे हृदयों को रौशन करता है, हमारे मन औरों के लिए और खुले हो जाते हैं, और उस प्रेम की सुगन्ध हमारे मनों से निकलकर औरों तक पहुँचती है जिससे वे भी उस सुगन्ध के स्त्रोत के प्रति आकर्षित होते हैं।" यही लिंडा के निमंत्रण और उस युवा दल के व्यवहार ने केटी के लिए किया।

   आज भी परमेश्वर आप में होकर अपने प्रेम की सुगन्ध दूसरों तक पहुँचा सकता है जो उन लोगों के लिए परमेश्वर के प्रेम तक पहुँचने का निमंत्रण तथा अनन्त जीवन का मार्ग बन सकता है। - ऐनी सेटास


परमेश्वर के प्रेम और भय में व्यतीत होने वाला जीवन दुसरों को मसीह यीशु की ओर आकर्षित करने वाला जीवन होता है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16  

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-11
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। 
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। 
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। 
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा। 
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रेरितों 3-5


बुधवार, 24 अक्टूबर 2012

सुगन्ध


   मुझे अभी भी स्मरण है कि हम कैसे आनन्द के साथ छुट्टी मनाने के लिए एक परिवार के रूप में निकलते थे, किंतु कार की पिछली सीट पर बैठे बच्चों के आपसी झगड़ों के कारण छुट्टी के आनन्द का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता था। ऐसा कौन सा परिवार है जो छोटी छोटी और बिना महत्व की बातों पर बच्चों के आपसी झगड़ों, एक दूसरे की शिकायतों, बच्चों की एक दूसरे से तुलना और एक दूसरे के प्रति माता-पिता के प्रेम के आंकलन से दुखी नहीं हुआ होगा?

   यदि आप ऐसे अनुभव से होकर निकले हैं तो आप भली भांति समझ सकेंगे कि हमारे पिता परमेश्वर को कैसा प्रतीत होता है जब उनकी सन्तान उनके प्रेम को संसार में फैलाने की बजाए आपस में लड़ती-झगड़ती है, एक दूसरे से दुर्व्यहार और एक दूसरे की शिकायतें करने में लगी रहती है। हमारा आपस में मेल-मिलाप से रहना परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण है। प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने से पहले अपने वर्तमान और भविष्य के चेलों की आपसी एकमनता के लिए प्रार्थना करी: "मैं केवल इन्‍हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्‍तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ने ही मुझे भेजा है" (यूहन्ना १७:२०-२१)। प्रभु यीशु ने आपस में बड़ा-छोटा होने का विवाद करने वाले अपने चेलों को निर्देष भी दिया कि वे परस्पर डाह और विरोध नहीं वरन प्रेम और सेवा-भाव रखें (यूहन्ना १३:३४-३५; मत्ती २०:२०-२८)। जिन सात बातों से परमेश्वर को जी से घृणा है, उनमें से एक है "... भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करने वाला मनुष्य" (नीतिवचन ६:१९)।

   यह अचरज की बात नहीं कि भजनकार ने परमेश्वर की प्रेर्णा से लिखे गए भजन में लिखा है कि जब भाई लोग आपस में मेल-मिलाप से रहते हैं तो "देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी पर बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुंच गया" (भजन १३३:१-२)। प्राचीन समयों में अभिषेक के तेल में कई सुगन्धित द्रव्यों को मिश्रित किया जाता था, और इस तेल से अभिषिक्त जन जब कहीं जाता था तो इस विशेष सुगन्ध के द्वारा ही वह पहचान लिया जाता था; उसके पास से आने वाली सुगन्ध जहां भी वह होता था उस स्थान और वहां के वातावरण को सुगन्धित और मनोहर कर देती थी।

   हम मसीही विश्वासियों का यही प्रयास रहे कि हमारे आपसी प्रेम और सेवा-भाव की सुगन्ध ना केवल हमारे परिवार और चर्च को महकाए वरन हमारे समाज और कार्य-स्थल को भी मसीह के प्रेम की सुगन्ध से भर दे। - जो स्टोवैल


जो मसीही विश्वासी प्रेम और मेल-मिलाप में रहते हैं उन से मसीह यीशु की सुगन्ध फैलती रहती है।

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! - भजन १३३:१

बाइबल पाठ: भजन १३३:१-३; २ कुरिन्थियों २:१४-१६
Psa 133:1  देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! 
Psa 133:2  यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी पर बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुंच गया। 
Psa 133:3  वह हेर्मोन् की उस ओस के समान है, जो सिरयोन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।
2Co 2:14  परन्‍तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2Co 2:15  क्‍योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2Co 2:16  कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनों के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३-५ 
  • १ तिमुथियुस ४