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Monday, May 3, 2021

पड़ौसी

 

          2017 की गर्मियों में, हरिकेन हार्वी नामक एक बहुत प्रचंड चक्रवाधी तूफ़ान ने अमेरिका के खाड़ी तट के क्षेत्र में बहुत तबाही मचाई। उस समय बहुत से लोगों ने आगे बढ़कर ज़रूरतमंद लोगों की भोजन, पानी, वस्त्रों और रहने के स्थान द्वारा सहायता की।

          मेरीलैंड के एक प्यानों-स्टोर के मालिक को लगा कि उसे इससे कुछ और बढ़कर करना चाहिए। उसने विचार किया कि कैसे संगीत ऐसे लोगों में जिनका सब कुछ नष्ट हो गया था एक विशेष प्रकार की चंगाई और सामान्य होने के भाव को जागृत कर सकता है। इसलिए वह और उसके कर्मचारी मिलकर लोगों के पुराने प्यानों ठीक करने लगे और पता लगाने लगे कि किन्हें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। फिर बसंत के समय में डीनक क्रैमर और उसकी पत्नी लोइस, ट्रक में उन प्यानों को भरकर ह्यूस्टन, टेक्सस के लिए लम्बी यात्रा पर निकले जिससे उस विनाश से प्रभावित क्षेत्र के कृतज्ञ परिवारों, चर्चों और स्कूलों को मुफ्त में उन प्यानों को वितरित कर सकें।

          कभी-कभी हम यह सोच लेते हैं कि शब्द पड़ौसी का अर्थ है कोई ऐसा व्यक्ति जो पास ही में रहता है, या जिसे हम जानते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 10 अध्याय में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया नेक सामरी व्यक्ति का दृष्टांत है, जो सिखाता है कि पड़ौसी के प्रति प्रेम रखने के लिए कोई सीमाएँ बीच में नहीं आनी चाहिएँ। सामरिया के उस व्यक्ति ने निःसंकोच और बिना कोई कीमत लिए एक घायल अजनबी की सहायता की, यद्यपि वह घायल मनुष्य एक यहूदी था और यहूदी सामरियों को तुच्छ समझते थे।

          जब डीन क्रैमर से पूछा गया कि उसने वो सारे प्यानों ऐसी ही क्यों वितरित कर दिए, तो उसका सीधा सा उत्तर था, “हमें अपनी पड़ौसियों की सहायता करने के लिए कहा गया है।” और प्रभु यीशु ने कहा है परमेश्वर और पड़ौसियों से प्रेम करने से बढ़कर और कोई आज्ञा नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

प्रभु मुझे सभी से प्रेम रखना, उन्हें अपने पड़ौसी समझना सिखाएं।


और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। - मरकुस 12:30-31

बाइबल पाठ: लूका 10:25-37

लूका 10:25 और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरु, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूँ?

लूका 10:26 उसने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्या लिखा है तू कैसे पढ़ता है?

लूका 10:27 उसने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

लूका 10:28 उसने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा।

लूका 10:29 परन्तु उसने अपने आप को धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?

लूका 10:30 यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिये, और मार पीट कर उसे अधमरा छोड़कर चले गए।

लूका 10:31 और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:32 इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:33 परन्तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया।

लूका 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।

लूका 10:35 दूसरे दिन उसने दो दीनार निकाल कर सराय के मालिक को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा।

लूका 10:36 अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा?

लूका 10:37 उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 14-15
  • लूका 22:21-46

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