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Tuesday, May 4, 2021

प्रतीक्षा

 

          पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई।

          यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में रहकर प्रतीक्षा करें जब तक कि उन्हें पवित्र आत्मा का बपतिस्मा न मिल जाए (प्रेरितों 1:4-5)।

          जब वो शिष्य प्रतीक्षा में ऊपर के कमरे में एकत्रित रहते थे, संभवतः उत्साह और प्रत्याशा से भरे हुए, तब प्रतीत होता है कि वे यह भी समझते थे कि प्रभु द्वारा उन से प्रतीक्षा करने के लिए कहने का अर्थ यह नहीं था कि वे निष्क्रिय होकर बैठे रहें। वे लोग उस स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करते रहते थे (पद 14); और पवित्र शास्त्र से शिक्षा पाकर उन्होंने यहूदा के स्थान पर एक अन्य शिष्य को चुनकर नियुक्त किया (पद 26)। जब वे एक मन होकर प्रार्थना और आराधना में लगे हुए थे, तब पवित्र आत्मा उन पर उतर आया (2:1-4)।

          वो शिष्य केवल प्रतीक्षा ही नहीं कर रहे थे; वे तैयारी भी कर रहे थे। जब हम परमेश्वर के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हों, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अधीर होकर कुछ कर बैठें या फिर निष्क्रिय होकर पड़े रहें। हम प्रतीक्षा के समय को प्रार्थना, आराधना, और संगति रखने में बिता सकते हैं, और जो कार्य प्रभु परमेश्वर हमसे करवा सकता है उसकी प्रत्याशा में वह समय तैयारी करने में बिता सकते हैं। प्रतीक्षा करना हमारे शरीरों, मनों, और मस्तिष्क को आने वाले दायित्व के लिए तैयार करने का समय होना चाहिए।

          निःसंदेह, जब परमेश्वर हम से प्रतीक्षा करने के लिए कहे, तो हम आने वाले दायित्व और आशीष के कारण उत्साहित हों, और प्रभु परमेश्वर भर उसकी योजनाओं के लिए भरोसा रखते हुए, प्रतीक्षा के अपने समय को तैयारी में बिताएँ। - पीटर चिन

 

प्रभु मुझे प्रतीक्षा के समयों में अधीर न होने दें, वरन आते समय के लिए तैयार करें।


जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है। - सभोपदेशक 9:10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11

प्रेरितों के काम 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।

प्रेरितों के काम 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।

प्रेरितों के काम 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

प्रेरितों के काम 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।

प्रेरितों के काम 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।

प्रेरितों के काम 1:6 सो उन्होंने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्राएल को राज्य फेर देगा?

प्रेरितों के काम 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।

प्रेरितों के काम 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।

प्रेरितों के काम 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।

प्रेरितों के काम 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरुष श्वेत वस्त्र पहने हुए उन के पास आ खड़े हुए।

प्रेरितों के काम 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 16-18
  • लूका 22:47-71

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