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शनिवार, 11 जनवरी 2020

अन्दर


      मैंने अपनी सहेली, एमिली, से, उसकी बेटी द्वारा अपने छोटे से हाथों में पकड़ी हुई कपड़े की गुडिया की सराहना की, तो उसने मुझ से पूछा, “क्या तुम देखना चाहोगी कि उस गुड़िया के अन्दर क्या है?” तुरंत ही कौतुहल के कारण मैंने कहा, “अवश्य।” एमिली ने उस गुड़िया को लिया, घुमाकर उलटा किया, उसकी पीठ में लगी हुई ज़िप को खोला, और उसके अन्दर से एक खज़ाना निकाला – एमिली की अपनी कपड़े की गुड़िया, जिसे वह दो दशक से भी अधिक पहले, अपने बचपन में हर समय लिए रहती थी और जिससे वह बहुत प्रेम करती थी! वह बाहरी गुड़िया तो एक ढाँचा मात्र थी, जिसे उसके अन्दर छिपी एमिली की गुड़िया बल और रूप प्रदान करती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु, और पुनरुत्थान का वर्णन एक खज़ाने के समान किया है, जिसे परमेश्वर के लोग अपनी कमज़ोर मानवता में लिए फिरते हैं। जो प्रभु पर विश्वास करते हैं, उसे समर्पित रहते हैं, उन्हें यह खज़ाना सामर्थी करता है कि वे जीवन की विषम और अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी अपनी सेवा को ज़ारी रख सकें। और जब वे ऐसा करते हैं, तो प्रभु की ज्योति – उसका जीवन – उनकी मानवता के “दरारों” में से चमकता है, औरों को प्रकाशित करता है। पौलुस हम सभी को प्रोत्साहित करता है कि हम हिम्मत न हारें (2 कुरिन्थियों 4:16), क्योंकि परमेश्वर हमें उसका कार्य करने के लिए बलवन्त करता है।

      उस अन्दर की गुड़िया के समान, हमारे अन्दर बसा प्रभु यीशु के सुसमाचार का खज़ाना, हमें इस जीवन के लिए मसीही स्वरूप,  उद्देश्य और संयम प्रदान करता है। जब हमारे अन्दर से परमेश्वर की सामर्थ्य चमकती है, तो वह औरों को यह पूछने के लिए आमंत्रित करती है कि “अन्दर क्या है?” तब हम अपने हृदय को खोल कर उन्हें दिखा सकते हैं कि हमारे अन्दर प्रभु यीशु मसीह से मिला उसका जीवनदायक वचन और उसकी अटल प्रतिज्ञाएं हैं। - कर्स्टन होल्मबर्ग

सत्य का सुसमाचार परमेश्वर के लोगों के टूटेपन में से होकर चमकता है।

क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। - 2 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 27-28 
  • मत्ती 8:18-34

सोमवार, 9 दिसंबर 2019

परिवर्तन



      मुख्य समाचार का शीर्षक था, “परिवर्तन: अन्दर से बाहर या बाहर से अन्दर?” जो कि वर्तमान के एक लोकप्रीय चलन को प्रतिबिंबित कर रहा था। यह विचार कि अपने बाहरी स्वरूप को निखारने के द्वारा या बाहर से बेहतर दिखने के द्वारा हम अपने भीतर जो अनुभव करते हैं उसे सरलता से बदल सकते हैं, और अपने जीवन भी बदल सकते हैं, परिवर्तन करने के लिए एक सरल तरीका हो सकता है।

      यह एक आकर्षक विचार है – बेहतर दिखने के द्वारा अपने जीवन को बेहतर कौन नहीं करना चाहेगा? हम में से बहुतेरों ने कठिनाइयों का सामना करने के द्वारा सीखा है कि पुरानी आदतों को छोड़ना लगभग असंभव होता है। साधारण से बाहरी परिवर्तनों पर ध्यान करने के द्वारा एक आशा होती है कि जीवन सुधारने के लिए कोई सरल तरीका भी हो सकता है।

      किन्तु यद्यपि, ऐसे परिवर्तन हमारे जीवनों को सुधार सकते हैं, परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक गहरे परिवर्तन के प्रयास के लिए आमंत्रित करती है – ऐसा परिवर्तन जो हम अपने आप से कभी नहीं कर सकते हैं। इसी संबंध में पौलुस प्रेरित ने गलातियों 3 अध्याय में तर्क दिया कि परमेश्वर की व्यवस्था, जो कि उसकी इच्छा को प्रकट करने वाला एक अनमोल उपहार है, परमेश्वर के लोगों के टूटेपन को चंगा नहीं कर सकी (पद 19-22)। सच्ची चंगाई और स्वतंत्रता के लिए उन्हें विश्वास के द्वारा मसीह यीशु को “पहन” लेना था (पद 27), उसकी आत्मा की सहायता द्वारा (5:5)। जब वे इस प्रकार से उसके द्वारा पृथक किए जाकर एक नए स्वरूप में ढाले जाएंगे, तब ही वे अपनी सच्ची पहचान और कीमत को जानने पाएँगे – कि प्रत्येक मसीही विश्वासी परमेश्वर की सभी प्रतिज्ञाओं का बराबर का हकदार है (3:28-29)।

      हम अपने आप को सुधारने के तरीकों पर अपनी बहुत सी ऊर्जा व्यय कर सकते हैं। परन्तु हमारे जीवनों में सबसे गहरा और सबसे संतुष्ट करने वाला परिवर्तन हमारे हृदयों में उस प्रेम को जानने के द्वारा होता है जो समस्त ज्ञान से परे है (इफिसियों 3:17-19) – प्रेम जो सब कुछ परिवर्तित कर देता है। - मोनिका ब्रैंड्स

सच्चा और स्थाई परिवर्तन केवल प्रभु यीशु में ही संभव है।

क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। - गलातियों 5:5

बाइबल पाठ: गलातियों 3:22-29
Galatians 3:22 परन्तु पवित्र शास्त्र ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करने वालों के लिये पूरी हो जाए।
Galatians 3:23 पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की आधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होने वाला था, हम उसी के बन्‍धन में रहे।
Galatians 3:24 इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारी शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें।
Galatians 3:25 परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे।
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो।
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है।
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो।
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा



शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017

अन्दर का दृश्य


   सेवा निवृत भौतिक शास्त्री, अरे वेन्ट रीट, बहुत ही असामान्य विधि से कलाकृतियाँ बनाते हैं। वे पौधों और मरे हुए पशुओं को अलग-अलग प्रकार से रखकर उनका एक्स-रे उतारते हैं। फिर उन एक्स-रे फिल्मों को स्कैन करके उन्हें अपने कंप्यूटर में ले लेते हैं, और कंप्यूटर से उन चित्रों के कुछ भागों में रंग भरते हैं। उनकी ये कलाकृतियाँ फूलों, मछलियों, पक्षियों, रेंगने वाले जन्तुओं, बन्दरों आदि की रचना की भीतरी जटलिताओं को दिखाता है।

   किसी वस्तु के अन्दर का दृश्य बहुधा उसके बाहरी रूप से अधिक रोचक, सार्थक और महत्वपूर्ण होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी परमेश्वर ने इस बात को बताया है कि परमेश्वर हमारे बाहरी स्वरूप का नहीं वरन हमारे मन का आँकलन करता है। जब परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता शमूएल को यिशै के घर भेजा कि अपनी प्रजा इसत्राएल के नए राजा का अभिषेक करे, तो वहाँ पहुँच कर जब शमूएल ने एलियाब को देखा तो उसे लगा कि इस्त्राएल का नया राजा वह ही होगा (1 शमूएल 16:6)। परन्तु परमेश्वर ने शमूएल को चिताया कि वह एलियाब के शारीरिक गुणों को ना देखे; परमेश्वर ने कहा, "...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है" (1 शमूएल 16:7)। फिर परमेश्वर ने एलियाब को नहीं वरन दाउद को इस्त्राएल का नया राजा होने के लिए नियुक्त किया।

   जब परमेश्वर हमें देखता है तो वह हमारे डील-डौल की अपेक्षा हमारे हृदय की दशा में, हमारे चेहरे की बनावट की अपेक्षा हमारी आत्मा की दशा में अधिक रुचि रखता है। अपने कार्यों के लिए वह हमें आयु में बहुत वृद्ध या बहुत कम, आकार में बहुत बड़ा या बहुत छोटा करके नहीं देखता है। वह केवल उस मुख्य बात पर अपना ध्यान केंद्रित करता है जो सबसे महत्वपूर्ण है - उसके प्रेम के प्रति हमारा प्रत्युत्तर और उसके लोगों के प्रति हमारी चिन्ता (मत्ती 22:37-39)। बाइबल में 2 इतिहास 6:30 में लिखा है कि मनुष्य के हृदय की दशा को केवल परमेश्वर ही जानता है।

   जब प्रभु परमेश्वर, जिसने हमारे लिए इतना कुछ किया है, हमारे हृदय के अन्दर देखता है तो उसे क्या दृश्य दिखाई देता है? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


व्यक्ति के सही आँकलन का माप उसके हृदय की दशा है।

तो तू अपने स्वगींय निवासस्थान से सुन कर क्षमा करना, और एक एक के मन की जानकर, उसकी चाल के अनुसार उसे फल देना; (तू ही तो आदमियों के मन का जानने वाला है); - 2 इतिहास 6:30 

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 16:1-7
1 Samuel 16:1 और यहोवा ने शमूएल से कहा, मैं ने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर के चल; मैं तुझ को बेतलेहेमी यिशै के पास भेजता हूं, क्योंकि मैं ने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है। 
1 Samuel 16:2 शमूएल बोला, मैं क्योंकर जा सकता हूं? यदि शाऊल सुन लेगा, तो मुझे घात करेगा। यहोवा ने कहा, एक बछिया साथ ले जा कर कहना, कि मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं। 
1 Samuel 16:3 और यज्ञ पर यिशै को न्योता देना, तब मैं तुझे जता दूंगा कि तुझ को क्या करना है; और जिस को मैं तुझे बताऊं उसी को मेरी ओर से अभिषेक करना। 
1 Samuel 16:4 तब शमूएल ने यहोवा के कहने के अनुसार किया, और बेतलहेम को गया। उस नगर के पुरनिये थरथराते हुए उस से मिलने को गए, और कहने लगे, क्या तू मित्रभाव से आया है कि नहीं? 
1 Samuel 16:5 उसने कहा, हां, मित्रभाव से आया हूं; मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं; तुम अपने अपने को पवित्र कर के मेरे साथ यज्ञ में आओ। तब उसने यिशै और उसके पुत्रों को पवित्र कर के यज्ञ में आने का न्योता दिया। 
1 Samuel 16:6 जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि कर के सोचा, कि निश्चय जो यहोवा के साम्हने है वही उसका अभिषिक्त होगा। 
1 Samuel 16:7 परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3