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रविवार, 22 फ़रवरी 2015

अभिषिक्त


   अन्तरिक्ष यान वॉयएजर 1 को सन 1977 में प्रक्षेपित किया गया; अब वह धरती से 10 अरब मील दूर हमारे सौर मण्डल के बाहरी किनारे के समीप है। फरवरी 1990 में जब यह यान पृथ्वी से 4 अरब मील की दूरी पर था तब वैज्ञानिकों ने उसके कैमरे को पृथ्वी की ओर घुमाया और पृथ्वी की तसवीरें खींचीं। उन तसवीरों में पृथ्वी रिक्त स्थान के अथाह समुद्र में एक छोटे से नीले बिन्दु के समान दिखाई देती है। कलपना से भी परे सृष्टि के फैलाव में हमारा यह गृह एक बहुत सूक्ष्म कण के समान है। इस विशाल और अपरिमित तारा समूहों के फैलाव में विद्यमान इस सूक्ष्म से कण पर 7 अरब से भी अधिक लोग रहते हैं, जिनमें से एक आप हैं!

   यदि यह तथ्य आपको महत्वहीन अनुभव करवाते हैं तो ज़रा ठहरिए, परमेश्वर के पास आपके लिए एक अच्छी खबर है। परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद द्वारा लिखे गए भजनों में से एक में वह ऐसी बात कहता है जिसके संदर्भ में आप सितारों की ओर देखकर भी आनन्दित होंगे; दाऊद बताता है कि हम इस महान और विशाल सृष्टि के सृष्टिकर्ता परमेश्वर की नज़रों में अति महत्वपूर्ण और बहुमूल्य हैं: "जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं; तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?  क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है" (भजन 8:3-5)। दाऊद द्वारा लिखी गई इस बात पर थोड़ा ठहर कर विचार कीजिए; जिस सृष्टि के छोर को मनुष्य द्वारा बनाया कोई यंत्र या दूरबीन देख नहीं पाई, अपने सारे वैज्ञानिक उपकरणों और ज्ञान के बाद भी जिसमें विद्यमान तारा गणों और नक्षत्रों की संख्या का मनुष्य केवल अनुमान मात्र लगा सकता है, गिन नहीं सकता, उस सृष्टि का रचियता परमेश्वर आपको तथा आपके बारे में व्यक्तिगत रीति से खुलासे से जानता है, आपसे लगाव रखता है, आपकी चिंता करता है, आपसे इतना प्रेम करता है कि उसने प्रभु यीशु को स्वर्ग से पृथ्वी पर आपके बदले अपने प्राण बलिदान करने के लिए भेज दिया जिससे आप परमेश्वर के साथ रह सकें। आप अपनी नज़रों में गौण एवं महत्वहीन हो सकते हैं, परमेश्वर की नज़रों में कदापि नहीं।

   परमेश्वर की सृष्टि को अचरज से निहारें, सृष्टि के सृष्टिकर्ता की महिमा करें, उसे धन्यवाद दें क्योंकि उसने आपको प्रभु यीशु में अभिषिक्त हो कर अपने साथ स्वर्ग में रहने का निमंत्रण और मार्ग दिया है। - डेव ब्रैनन


सृष्टि में हम परमेश्वर की सामर्थ और प्रभु यीशु में हम परमेश्वर का प्रेम देखते हैं।

हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? - भजन 144:3

बाइबल पाठ: भजन 8
Psalms 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है। 
Psalms 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे। 
Psalms 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं; 
Psalms 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? 
Psalms 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है। 
Psalms 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है। 
Psalms 8:7 सब भेड़-बकरी और गाय-बैल और जितने वनपशु हैं, 
Psalms 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं। 
Psalms 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20



शनिवार, 21 फ़रवरी 2015

मिट्टी के बरतन


   जब आप कोई बहुमूल्य आभूषण खरीदते हैं तो उसे एक डब्बे में रखकर आपको दिया जाता है, जिसमें अन्दर किसी गहरे रंग का मखमल लगा होता है। इससे आपका ध्यान डब्बे या मखमल की ओर नहीं वरन उस पृष्ठभूमि में चमक रहे उस सुन्दर आभूषण की ओर जाता है। यदि डब्बे या अन्दर के मखमल को बहुत सजावट के साथ लगाया जाए तो देखने वालों का ध्यान आभूषण से हटकर डब्बे की ओर जा सकता है।

   इससे मुझे प्रेरित पौलुस द्वारा मसीही सेवकाई के विषय में कही गई बात स्मरण आती है; पौलुस ने कुरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखा, "परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे" (2 कुरिन्थियों 4:7)। मसीही सेवकाई में कभी कभी इस बात को नज़रन्दाज़ कर देना सहज हो जाता है कि हम मसीही विश्वासी बाहरी "डब्बे" मात्र ही हैं, असली सुन्दरता और मूल्य तो उस प्रभु का है जो हमारे अन्दर रहता है और हम में होकर कार्य करता है। क्योंकि हम इस तथ्य को भूल बैठते हैं इसलिए जब हम किसी को क्षमा कर देते हैं, या किसी पर दया दिखाते हैं, या कोई बड़ा दान करते हैं या मसीही सेवकाई में होने वाली अन्य उपलब्धियों के लिए स्वयं श्रेय लेने लग जाते हैं, अपने लिए महिमा अर्जित करने लग जाते हैं। ऐसा करने से हम उस परमेश्वर प्रभु को जो हमारे अन्दर रहकर और हम में होकर कार्य करता है उसकी महिमा और गौरव से वंचित करते हैं और उसके प्रताप को संसार के सामने प्रकट होने और लोगों को उसकी ओर आकर्षित होने में बाधा बनते हैं।

   जब हम अपने प्रभु यीशु मसीह के लिए कार्य करते हैं, तो उद्देश्य स्वयं श्रेय लेने का नहीं वरन उसे ही सारा आदर, गौरव और महिमा देने का होना चाहिए; जितना हम अपने आप को पीछे और मसीह यीशु को आगे करेंगे, संसार उतनी भली-भांति उसकी महिमा और सामर्थ को जानने पाएगा। हम अपने आप को जितना उसके सामने झुकाते और उसके पीछे छुपाते रहेंगे, प्रभु उतना अधिक हमें आदर का पात्र बनाता जाएगा और उठाता जाएगा। इसीलिए पौलुस लिखता है कि प्रभु रूपी यह धन मिट्टी के बरतन रूपी साधारण से मनुष्यों में रखा गया है, जिससे देखने वाले मिट्टी के बरतन से नहीं वरन उसके अन्दर रखे बहुमूल्य खज़ाने से आकर्षित हों; उस खज़ाने से जो अपनी उपस्थिति से उस मिट्टी के बरतन का मूल्य बढ़ा देता है, वरना सजाए हुई मिट्टी के बरतन की क्या कीमत - रहेगा तो वह मिट्टी का ही। - जो स्टोवैल


अपने जीवन से मसीह यीशु की चमक को दिखाएं।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-15
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे। 
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। 
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो। 
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर। 
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं। 
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा। 
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3
  • मरकुस 3