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बुधवार, 26 अगस्त 2015

सहारा


   पिछली गर्मियों में जब मेरेलिन ने एक वर्क्ष का पौधा लगाया तो उसके सामने यह प्रश्न था - पौधे को सहारा दिया जाए या ना दिया जाए? जिस से उसने पौधा खरीदा था, उस विक्रेता ने मेरेलिन को कहा था कि, "एक वर्ष तक इस पौधे को सहारा दिए रखिए जिससे वह तेज़ हवाओं को झेल सके, फिर उस सहारे को हटा दीजिए जिस से उसकी जड़ें गहरी और मज़बूत हो जाएं और उसे थामे रहें।" लेकिन मेरेलिन के एक पड़ौसी ने उसे सलाह दी कि "कोई सहारा ना लगाए जिस से वह पौधा आरंभ से ही गहरी और मज़बूत जड़ों वाला हो, वरना बड़ा होने और पूरा पेड़ बनने में उसकी जड़ें कमज़ोर रह जाएंगी। सहारा नहीं देना दीर्घ-कालीन स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।"

   रिश्तों के पनपने में भी हम इसी प्रश्न को लेकर चिंतित होते हैं। यदि हमारा कोई प्रीय अपने आप को किसी परेशानी में डाल लेता है, तब क्या हमें उसे उस परेशानी से निकालने के द्वारा उसे सहारा देना चाहिए, या फिर उसे अपने किए के परिणाम भुगतने के द्वारा स्वयं को मज़बूत बनने देना चाहिए, अपनी "जड़ें गहरी" करने देना चाहिए? उस व्यक्ति के दीर्घ-कालीन स्वास्थ्य के लिए जो बेहतर हो वही हमें करना चाहिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक के 19 अध्याय में हमें दोनों ही प्रकार के विचार मिलते हैं - हमें दया के साथ सहायता करनी चाहिए (पद 17), परन्तु ऐसा करने से खतरा भी है क्योंकि इसे बारंबार करने की आवश्यकता भी हो सकती है (पद 19)। ऐसे में सही बात को करने के लिए हमें हमारी अपनी समझ-बूझ से बढ़कर बुद्धिमता की आवश्यकता होती है।

   इसीलिए परमेश्वर ने हमें अपने ऊपर ही नहीं छोड़ दिया है। हम जब भी उससे बुद्धि माँगेंगे, उसका आश्वासन है कि वह हमें बुद्धि देगा (याकूब 1:5)। जब हम परमेश्वर को अपना सहारा बना लेते हैं, वह हमें मज़बूती प्रदान करता है और हमारी जड़ों को गहरा करता है। - ऐनी सेटास


सही बुद्धिमता संसार को परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखने में है।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: नीतिवचन 19:15-25
Proverbs 19:15 आलस से भारी नींद आ जाती है, और जो प्राणी ढिलाई से काम करता, वह भूखा ही रहता है। 
Proverbs 19:16 जो आज्ञा को मानता, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो अपने चाल चलन के विषय में निश्चिन्त रहता है, वह मर जाता है। 
Proverbs 19:17 जो कंगाल पर अनुग्रह करता है, वह यहोवा को उधार देता है, और वह अपने इस काम का प्रतिफल पाएगा। 
Proverbs 19:18 जब तक आशा है तो अपने पुत्र को ताड़ना कर, जान बूझ कर उसको मार न डाल। 
Proverbs 19:19 जो बड़ा क्रोधी है, उसे दण्ड उठाने दे; क्योंकि यदि तू उसे बचाए, तो बारंबार बचाना पड़ेगा। 
Proverbs 19:20 सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे। 
Proverbs 19:21 मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है। 
Proverbs 19:22 मनुष्य कृपा करने के अनुसार चाहने योग्य होता है, और निर्धन जन झूठ बोलने वाले से उत्तम है। 
Proverbs 19:23 यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय मानने वाला ठिकाना पा कर सुखी रहता है; उस पर विपत्ती नहीं पड़ने की। 
Proverbs 19:24 आलसी अपना हाथ थाली में डालता है, परन्तु अपने मुंह तक कौर नहीं उठाता। 
Proverbs 19:25 ठट्ठा करने वाले को मार, इस से भोला मनुष्य समझदार हो जाएगा; और समझ वाले को डांट, तब वह अधिक ज्ञान पाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8


मंगलवार, 25 अगस्त 2015

अगला अध्याय


   स्टीव सन 1956 में लगभग 5 वर्ष का था जब उसके पिता, जो मसीही सेवकाई में लगे विमान चालक थे, तथा उनके चार साथियों को मध्य अमेरिका के इक्योडोर देश के वॉवडानी कबीले के लोगों ने मार डाला। लेकिन उन मारे गए लोगों के परिवार जनों द्वारा दिखाए गए प्रेम और क्षमा के कारण आज उस वॉवडानी कबीले में मसीही विश्वासियों का एक बढ़ता हुआ समूह है। बड़ा होकर स्टीव इक्योडोर देश के उसी वॉवडानी कबीले के लोगों में गया और उसके पिता की हत्या करने वाले व्यक्तियों में से एक व्यक्ति, मिनकाए से मित्रता करी।

   जीवन के लिए स्टीव का मानना तथा आदर्श वाक्य है, "अपनी कहानी परमेश्वर को लिखने दीजिए"; उसका कहना है कि "ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी कहानी स्वयं लिखते हैं परन्तु जब उसमें कोई गड़बड़ होती है या बाधा आती है तो परमेश्वर को उसे सुधारने वाले संपादक के समान प्रयोग करते हैं। लेकिन मैंने बहुत पहले ही ठान लिया था कि मैं अपनी संपूर्ण कहानी परमेश्वर को ही लिखने दूँगा।" जब 2012 में स्टीव गंभीर दुर्घटना का शिकार हुआ तो उसने अपने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा, "परमेश्वर को यह अध्याय भी लिखने दो।" आज भी उसका मसीही विश्वास ही उसे आगे लेकर चल रहा है।

   प्रभु यीशु के अनुयायियों की कहानी निरन्तर लिखी जाती है, तथा उजागर होती रहती है। हम में से कोई नहीं जानता कि हमारे जीवन के अगले अध्याय में क्या लिखा जाएगा। लेकिन जब हम मसीह यीशु की ओर देखते हुए धीरज से अपनी दौड़ को दौड़ते रहते हैं, तो हम अपने विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले (इब्रानियों 12:1-2) प्रभु यीशु पर विश्वास के साथ आगे भी बढ़ते रह सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने ही हमारे जीवन-गाथा के आरंभ को लिखा, और वही हमारे जीवन के अगले अध्याय को और फिर अन्त को भी लिखेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


अपने आस-पास के संसार को आपके जीवन में लिखी गई प्रभु यीशु के प्रेम और अनुग्रह की कहानी को बताते रहिए।

भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तिमुथियुस 4:8 

बाइबल पाठ: इब्रानियों12:1-11
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। 
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। 
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो। 
Hebrews 12:5 और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों की नाईं दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। 
Hebrews 12:6 क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। 
Hebrews 12:7 तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? 
Hebrews 12:8 यदि वह ताड़ना जिस के भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे! 
Hebrews 12:9 फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें। 
Hebrews 12:10 वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्रता के भागी हो जाएं। 
Hebrews 12:11 और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40


सोमवार, 24 अगस्त 2015

सहायक


   ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली जिमनास्ट, गैब्बी डगलस ने 2012 के लंडन खेलों में दो स्वर्णपदक जीतने के बाद घोषणा करी: "परमेश्वर आपको कभी नहीं छोड़ेगा। वह सदा आपके साथ रहेगा।"

   कभी कभी किसी खिलाड़ी द्वारा इस प्रकार के कथन कहे जाने का गलत अर्थ निकाल लिया जाता है; लोग समझते हैं कि खिलाड़ी कह रहा है कि क्योंकि परमेश्वर मेरे साथ है इसलिए मैं कभी हार नहीं सकता! किंतु यदि हम परमेश्वर के वचन बाइबल में से भजन 118:5-6 को देखें तो हमें वास्तविक स्थिति, और गैब्बी के कथन का सही अर्थ पता चलता है। वहाँ भजनकार ने लिखा, "मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?" (भजन 118:5-6) - यहाँ स्पष्ट है कि भजन के लेखक का इस कथन से तात्पर्य है कि जब भी संकट हमारे जीवन में आएगा, प्रेम और दया से भरा हुआ परमेश्वर सदा हमारा ध्यान रखेगा, हमें आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा।

   हम उस साहसी ओलंपिक विजेता से सीख ले सकते हैं। जब भी संकट आएं, अर्थव्यवस्था लड़खड़ाने लगे, हमें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति भारी लगने लगे, गैब्बी की बात ध्यान रखें: "परमेश्वर आपको कभी नहीं छोड़ेगा।" यदि हमारा कोई प्रीय रिश्ता टूटने लगे, या अन्य कोई परेशानी आ जाए, स्थिति चाहे कोई भी हो, मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमें निश्चय है कि हमारी सहायता कहाँ से आएगी - परमेश्वर हमारा सर्वदा उपलब्ध और हमारे पक्ष में कार्यरत सहायक है। - डेव ब्रैनन


हर परीक्षा और संघर्ष में परमेश्वर हमारे साथ है।

संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली। - भजन 120:1

बाइबल पाठ: भजन 118:1-6
Psalms 118:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है! 
Psalms 118:2 इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:3 हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:4 यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:5 मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। 
Psalms 118:6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19


रविवार, 23 अगस्त 2015

उपहार


   सर क्रिस्टोफर रेन ने 17वीं शताब्दी के अन्त के समय में लंडन शहर में 50 से भी अधिक चर्च भवनों का नक्शा और निर्माण किया। उनके चर्च भवन बनाने में दो प्रमुख विशेषताएं थीं, पहली थी कि उनके द्वारा योजनाबद्ध किए हुए चर्च में ऊँचे और नोकीले, मीनार के समान दिखने वाले ढांचे होते थे। दूसरी विशेषता के साथ कुछ गहरा अर्थ जुड़ा हुआ था। रेन को इस बात का दृढ़ निश्चय था कि उनके द्वारा बनाए गए चर्च भवन की खिड़कियों में काँच पारदर्शी और रंगहीन हों, जबकि उन दिनों चर्च में रंगीन और चित्रों को दिखाने वाले काँच लगाने की परंपरा थी। पारदर्शी और रंगविहीन काँच लगाने के पीछे रेन का कारण, रेन ही के शब्दों में था: "मानव जाति के लिए परमेश्वर का सबसे उत्तम उपहार ज्योति है।" रेन चाहते थे कि जब लोग परमेश्वर की आराधना के लिए चर्च में एकत्रित हों तो वे परमेश्वर के उस उपहार, ज्योति, में बैठें और उसका भरपूर उपयोग करें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति की पुस्तक में दिए गए सृष्टि की रचना के वर्णन में सृष्टि की रचना के पहले ही दिन परमेश्वर ने ज्योति को बनाया (उत्पत्ति 1:3)। परमेश्वर द्वारा बनाई गई ज्योति केवल देखने का माध्यम ही नहीं थी, वह उस आने वाली बात का भी प्रतिरूप थी जो बाद में प्रभु यीशु अपने साथ इस पाप के अन्धकार से भरे संसार में लेकर आया। प्रभु यीशु ने अपने बारे में कहा, "तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा" (यूहन्ना 8:12)। प्रभु यीशु के अनुयायी के लिए, ज्योति, उसके तथा संसार के मुक्तिदाता के चरित्र को स्मरण करवाने का एक बड़ा और प्रत्यक्ष माध्यम है; पापों के दुषप्रभाव से मिलने वाली उस मुक्ति का जिसके लिए प्रभु यीशु ने अपने प्राण क्रूस पर बलिदान किए थे।

   रेन का मानना बिल्कुल सही था; मानव जाति के लिए परमेश्वर का सबसे बड़ा उपहार ज्योति ही है - प्रभु यीशु, जो जगत की ज्योति है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु पाप के अन्धकार में पड़े संसार को अनन्त जीवन की ज्योति देने आया।

और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। - यूहन्ना 3:19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:12-20
John 8:12 तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। 
John 8:13 फरीसियों ने उस से कहा; तू अपनी गवाही आप देता है; तेरी गवाही ठीक नहीं। 
John 8:14 यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि यदि मैं अपनी गवाही आप देता हूं, तौभी मेरी गवाही ठीक है, क्योंकि मैं जानता हूं, कि मैं कहां से आया हूं और कहां को जाता हूं परन्तु तुम नहीं जानते कि मैं कहां से आता हूं या कहां को जाता हूं। 
John 8:15 तुम शरीर के अनुसार न्याय करते हो; मैं किसी का न्याय नहीं करता। 
John 8:16 और यदि मैं न्याय करूं भी, तो मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अकेला नहीं, परन्तु मैं हूं, और पिता है जिसने मुझे भेजा। 
John 8:17 और तुम्हारी व्यवस्था में भी लिखा है; कि दो जनों की गवाही मिलकर ठीक होती है। 
John 8:18 एक तो मैं आप अपनी गवाही देता हूं, और दूसरा पिता मेरी गवाही देता है जिसने मुझे भेजा। 
John 8:19 उन्होंने उस से कहा, तेरा पिता कहां है? यीशु ने उत्तर दिया, कि न तुम मुझे जानते हो, न मेरे पिता को, यदि मुझे जानते, तो मेरे पिता को भी जानते। 
John 8:20 ये बातें उसने मन्दिर में उपदेश देते हुए भण्‍डार घर में कहीं, और किसी ने उसे न पकड़ा; क्योंकि उसका समय अब तक नहीं आया था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6


शनिवार, 22 अगस्त 2015

वचन


   इंटरनैट के इस युग में संगीत से संबंधित एक चमत्कार है पैंडोरा नामक एक प्रोग्राम। इस प्रोग्राम के द्वारा आप अपने लिए अपनी पसन्द के गाने बजाने वाला रेडियो-स्टेशन बना सकते हैं। इसकी कार्यविधि सरल है, पैंडोरा आपके लिए कोई गाना बजाता है, उस गाने को सुनकर आपको अपनी पसन्द के अनुसार उसे स्वीकार या अस्वीकार करना होता है। इस प्रकार आप अपनी पसन्द के गानों का संकलन बना लेते हैं और फिर उसी संकलन के गाने पैंडोरा पर आपके लिए बजते हैं।

   दुर्भाग्यवश हम में से बहुतेरे यही कार्य परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ भी करते हैं। हम बाइबल के कुछ ऐसे खण्ड चुन लेते हैं जो हमें पसन्द हैं और शेष को नज़रन्दाज़ कर देते हैं, इस प्रकार हम अपनी पसन्द के अनुसार बाइबल की शिक्षाओं और बातों का संकलन बना लेते हैं, और उन्हीं को ध्यान में रखते हैं। परन्तु भजनकार ने परमेश्वर के वचन को उसके समूचे स्वरूप में आदर दिया; उसने कहा, "तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक एक धर्ममय नियम सदा काल तक अटल है" (भजन 119:160)। प्रेरित पौलुस ने अपने युवा सहकर्मी तिमुथियुस से कहा, "हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए" (2 तिमुथियुस 3:16-17)।

   परमेश्वर का वचन प्रभु यीशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण था (मत्ती 5:17-18), परन्तु प्रभु का दृष्टिकोण उस समय के धर्मगुरुओं से भिन्न था; प्रभु उन धर्मगुरुओं के समान परमेश्वर के वचन का केवल ऊपरी रीति से या दिखाने को पालन करने के पक्ष में नहीं था, वरन वह चाहता था कि लोगों के मन उस वचन की गहराई को समझें और वे सच्चे तथा खरे मन से उसका पालन करें; उदाहरणस्वरूप, प्रभु यीशु के लिए परमेश्वर की दस आज्ञाओं में से एक, "तू हत्या न करना" (निर्गमन 20:13) का अर्थ केवल शरीर की हत्या नहीं था, वरन यदि कोई अपने भाई से अकारण क्रुद्ध होकर उसे अपशब्द कहे तो यह भी उसकी हत्या करने के समान ही था (मत्ती 5:21-22)।

   हम जितना अधिक परमेश्वर के वचन को अपनाएंगे, उसका अध्ययन और मनन करेंगे, हम उतना ही अधिक परमेश्वर को जानेंगे और उसका आदर करने पाएंगे, उससे आशीषित होने पाएंगे। - मार्विन विलियम्स


जब भी आप अपनी बाइबल खोलें, उसके रचियेता से प्रार्थना भी करें कि वह आपके हृदय को उसकी सच्चाईयों के लिए खोले।

मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूँगा, और तेरी करुणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूँगा, क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्त्व दिया है। - भजन 138:2

बाइबल पाठ: मत्ती 5:17-22
Matthew 5:17 यह न समझो, कि मैं व्यवस्था था भविष्यद्वक्ताओं की पुस्‍तकों को लोप करने आया हूं। 
Matthew 5:18 लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्‍दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा। 
Matthew 5:19 इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा। 
Matthew 5:20 क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि यदि तुम्हारी धामिर्कता शास्‍त्रियों और फरीसियों की धामिर्कता से बढ़कर न हो, तो तुम स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाओगे।
Matthew 5:21 तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:22 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्‍ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे “अरे मूर्ख” वह नरक की आग के दण्‍ड के योग्य होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5


शुक्रवार, 21 अगस्त 2015

संभावनाएं


   हम में से बहुतेरे लोग संभावनाओं के आधार पर दैनिक जीवन से संबंधित निर्णय लेते हैं; उदाहरण्स्वरूप, यदि बारिश पड़ने की 20% संभावना है तो उसे नज़रन्दाज़ किया जा सकता है, परन्तु यदि 90% है तो फिर छाता साथ ले लेते हैं। किसी भी बात के होने की जितनी अधिक संभावना होगी, उसके अनुसार ही हमारे निर्णय भी होंगे क्योंकि हम बुद्धिमानी से चुनाव करने तथा हर बात में सफल रहने वाले होना चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक के 12वें अध्याय में एक परिस्थिति दी गई है जिसमें ज़िंदा बचने की संभावना ना के बराबर थी। प्रभु यीशु के चेले पतरस को पकड़वा कर बन्दीगृह में डाला गया था, जहाँ उसे दो पहरेदारों के बीच ज़ंज़ीरों से बान्ध कर रखा गया था, और एक अन्य पहरेदार दरवाज़े पर तैनात था (पद 6)। हाकिम हेरोदेस ने प्रभु यीशु के एक अन्य करीबी चेले और पतरस के साथी याकूब को पहले ही मरवा डाला था, और उसने पतरस को भी इसी उद्देश्य से पकड़वाकर रखा था (पद 1-3)। कोई भी सट्टेबाज़ इस परिस्थिति से पतरस के ज़िंदा निकल आने पर कभी भी सट्टा नहीं लगाता।

   लेकिन पतरस के लिए परमेश्वर की योजना कुछ और ही थी, ऐसी विलक्षण कि पतरस के वे साथी जो उसके बचाने के लिए प्रार्थना कर रहे थे, वे भी एकाएक विश्वास नहीं कर सके (पद 13-16); परमेश्वर पतरस को अद्भुत रीति से बन्दीगृह से ज़िंदा निकाल कर ले आया, और प्रार्थना कर रहे उसके साथियों के बीच ला कर खड़ा कर दिया!

   परमेश्वर संभावनाओं से परे होकर कार्य कर सकता है क्योंकि वह सर्वशक्तिमान है, उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। वह जिसने हम से प्रेम किया, हमारे लिए अपने प्राण दिए और हमारे उद्धार के लिए मृतकों में से जीवित हो उठा, वही प्रभु हमारे जीवनों का नियंत्रण भी करता है, चाहे वह हमें सफलताओं की भरपूरी में रखे या हमें दुखों का सामना करना पड़े, वह सर्वदा हमारे साथ है, हमारे हित में कार्य कर रहा है। इसलिए सदा विश्वास रखें कि चाहे परिस्थितियाँ अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल, परमेश्वर हर परिस्थिति में अपनी सामर्थ प्रकट कर सकता है; चाहे संभावनाएं संभव हों या असंभव, परमेश्वर अपने निर्धारित कार्य निर्विरोध कर सकता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


पृष्ठभूमि में रहकर भी परमेश्वर सदा नियंत्रण में बना रहता है।

फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। - लूका 18:1

बाइबल पाठ: प्रेरितों 12:1-17
Acts 12:1 उस समय हेरोदेस राजा ने कलीसिया के कई एक व्यक्तियों को दुख देने के लिये उन पर हाथ डाले। 
Acts 12:2 उसने यूहन्ना के भाई याकूब को तलवार से मरवा डाला। 
Acts 12:3 और जब उसने देखा, कि यहूदी लोग इस से आनन्‍दित होते हैं, तो उसने पतरस को भी पकड़ लिया: वे दिन अखमीरी रोटी के दिन थे। 
Acts 12:4 और उसने उसे पकड़ के बन्‍दीगृह में डाला, और रखवाली के लिये, चार चार सिपाहियों के चार पहरों में रखा: इस मनसा से कि फसह के बाद उसे लोगों के साम्हने लाए। 
Acts 12:5 सो बन्‍दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी। 
Acts 12:6 और जब हेरोदेस उसे उन के साम्हने लाने को था, तो उसी रात पतरस दो जंजीरों से बन्‍धा हुआ, दो सिपाहियों के बीच में सो रहा था: और पहरूए द्वार पर बन्‍दीगृह की रखवाली कर रहे थे। 
Acts 12:7 तो देखो, प्रभु का एक स्वर्गदूत आ खड़ा हुआ: और उस कोठरी में ज्योति चमकी: और उसने पतरस की पसली पर हाथ मार के उसे जगाया, और कहा; उठ, फुरती कर, और उसके हाथ से जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं। 
Acts 12:8 तब स्वर्गदूत ने उस से कहा; कमर बान्‍ध, और अपने जूते पहिन ले: उसने वैसा ही किया, फिर उसने उस से कहा; अपना वस्‍त्र पहिनकर मेरे पीछे हो ले। 
Acts 12:9 वह निकलकर उसके पीछे हो लिया; परन्तु यह न जानता था, कि जो कुछ स्वर्गदूत कर रहा है, वह सचमुच है, वरन यह समझा, कि मैं दर्शन देख रहा हूं। 
Acts 12:10 तब वे पहिले और दूसरे पहरे से निकलकर उस लोहे के फाटक पर पहुंचे, जो नगर की ओर है; वह उन के लिये आप से आप खुल गया: और वे निकलकर एक ही गली हो कर गए, इतने में स्वर्गदूत उसे छोड़कर चला गया। 
Acts 12:11 तब पतरस ने सचेत हो कर कहा; अब मैं ने सच जान लिया कि प्रभु ने अपना स्वर्गदूत भेज कर मुझे हेरोदेस के हाथ से छुड़ा लिया, और यहूदियों की सारी आशा तोड़ दी।
Acts 12:12 और यह सोचकर, वह उस यूहन्ना की माता मरियम के घर आया, जो मरकुस कहलाता है; वहां बहुत लोग इकट्ठे हो कर प्रार्थना कर रहे थे। 
Acts 12:13 जब उसने फाटक की खिड़की खटखटाई; तो रूदे नाम एक दासी सुनने को आई। 
Acts 12:14 और पतरस का शब्द पहचानकर, उसने आनन्द के मारे फाटक न खोला; परन्तु दौड़कर भीतर गई, और बताया कि पतरस द्वार पर खड़ा है। 
Acts 12:15 उन्होंने उस से कहा; तू पागल है, परन्तु वह दृढ़ता से बोली, कि ऐसा ही है: तब उन्होंने कहा, उसका स्वर्गदूत होगा। 
Acts 12:16 परन्तु पतरस खटखटाता ही रहा: सो उन्होंने खिड़की खोली, और उसे देखकर चकित हो गए। 
Acts 12:17 तब उसने उन्हें हाथ से सैन किया, कि चुप रहें; और उन को बताया, कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्‍दीगृह से निकाल लाया है: फिर कहा, कि याकूब और भाइयों को यह बात कह देना; तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4



गुरुवार, 20 अगस्त 2015

स्वरूप और चरित्र


   जब मैं अपने अन्य परिवारजनों के साथ अपने परिवार के लोगों की पुरानी तसवीरें देखती हूँ तो हम अकसर उनकी उन शारीरिक विशेषताओं को लेकर हलक-फुलका मज़ाक करते हैं, जो अब हम में दिखाई देती हैं। सामान्यतः हमारा ध्यान शरीर के विकारों या भद्देपन पर अधिक जाता है, जैसे कि छोटी टाँगें, टेढ़े-मेढ़े दाँत, अव्यवस्थित बाल इत्यादि। हम में से प्रत्येक जन अपने शरीर की कोई ना कोई कुरुपता अपने पूर्वजों में ढ़ूँढ़ ही लेता है और उसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार बताता है। लेकिन हमने केवल शरीर के स्वरूप को ही अपने पूर्वजों से नहीं पाया है, हमने उनके स्वभाव को भी किसी ना किसी सीमा तक उन से प्राप्त किया है, बुरे या अरुचिकर स्वभाव को भी, लेकिन हम उन स्वभाव सम्बंधी बातों पर उतना ध्यान नहीं देते हैं जितना शारीरिक स्वरूप पर देते हैं।

   जैसा मैंने ध्यान किया है, लोग शरीर के विकारों और भद्देपन को छुपाने या सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं - व्यायाम करना, वज़न घटाना, श्रंगार करना, बालों को रंगना आदि। लेकिन ऐसे ही प्रयास वे अपने चरित्र के विकारों को सुधारने के लिए करने की बजाए, उन विकारों को तर्क संगत ठहराने के लिए पूर्वजों से मिले अनुवांषिक बुरे व्यवहार को ज़िम्मेदार बताने तक ही रह जाते हैं। शायद इसलिए क्योंकि शारीरिक स्वरूप को बदलना चरित्र बदलने से अधिक सरल है। लेकिन ज़रा विचार कीजिए, यदि हम अपने चरित्र को सुधारने के लिए मेहनत करें तो हम सब के लिए कितना भला होगा।

   परमेश्वर की सन्तान होने के नाते हम मसीही विश्वासी अपनी आनुवांशिक रचना से बंधे नहीं हैं। हम परमेश्वर के सामने अपनी खामियों को मान कर उन्हें उसके हाथों में सौंप सकते हैं और उससे यह आग्रह कर सकते हैं कि वह हमें सुधारे; हमें बनाते समय जो कुछ उसने हमारे लिए सोचा और ठहराया था उन सब बातों को अपनी इच्छा और योजना के अनुसार हम में पूरा करे, जिससे हम संसार के समक्ष उसके प्रेम की अभिव्यक्ति के अनुपम उदाहरण बन सकें।

   परमेश्वर चाहता है कि हम उसके पुत्र और सारे जगत के उद्धाकर्ता प्रभु यीशु के स्वरूप में हो जाएं, और वह हमें अंश अंश करके उसके स्वरूप में बदलता भी जा रहा है (2 कुरिन्थियों 3:18)। उसे अपना यह कार्य करने की खुली छुट दें, वह आपका स्वरूप और चरित्र दोनों ही निखार देगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


परमेश्वर का आत्मा हमें परमेश्वर के पुत्र के स्वरूप और चरित्र में ढालता जाता है।

और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। - 1 कुरिन्थियों 15:49

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:1-3, 17-18
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों कि नाईं सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं? 
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। 
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों की नाईं लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है। 
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। 
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3