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शनिवार, 22 अप्रैल 2017

सुखद अन्त


   मेरे एक मित्र ने बहुत वर्ष पहले उसके साथ घटी एक घटना के बारे में बताया; वह टी.वी. पर फुटबॉल का खेल देख रहा था, और उसकी छोटी बेटी पास ही में खेल रही थी। अपनी पसन्दीदा टीम के खराब खेल से क्रोधित होकर मेरे मित्र ने आवेश में आकर जो पहली चीज़ उसके हाथ में आई, उसे ज़ोर से पटक दिया। परिणामस्वरूप, उसकी बेटी का पसन्दीदा खिलौना और दिल, दोनों ही टूट गए। मेरे मित्र ने तुरंत ही अपनी बेटी को गले लगा लिया और उससे क्षमा माँगी। उसने वैसा ही एक और खिलौना भी लाकर अपनी बेटी को दे दिया, और उसे लगा कि अब बात ठीक हो गई है। परन्तु उसे आभास नहीं था कि उसके आवेशपूर्ण कार्य ने उसकी चार वर्षीय पुत्री को कितना भयभीत कर दिया था, और उस बेटी को आभास नहीं था कि इससे उसे कितनी गहरी चोट पहुँची थी। परन्तु समय के साथ, क्षमा भी आ गई।

   कई वर्ष के बाद, अब जब उसकी बेटी बड़ी हो गई थी, विवाहित थी, और अपने पहले बच्चे को जन्म देने की तैयारी में थी, तो मेरे मित्र ने वैसा ही एक खिलौना अपनी बेटी को फिर से भेजा। बेटी ने उस खिलौने की तसवीर फेसबुक पर पोस्ट की और साथ ही लिखा, "इस उपहार की, मेरे बचपन तक जाने वाली एक लंबी और पुरानी कहानी है। उस समय यह कहानी सुखद नहीं थी, परन्तु अब इस कहानी का अन्त सुखद है। छुटकारा पाना बहुत मनोरम होता है। धन्यवाद नाना जी!"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासियों से आग्रह करती है कि, "नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है" (इफिसियों 4:24)। प्रभु यीशु में लाए विश्वास से हमें मिले नए मनुष्यत्व को पहने रखें और क्रोध करना छोड़ दें। यदि हम किसी अन्य व्यक्ति के क्रोध का शिकार होते हैं, तो भी परमेश्वर चाहता है कि हम, "एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो" (पद 32)।

   संबंधों को पुनःस्थापित करना सरल नहीं होता, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से ऐसा होना संभव होता है, और तब उस कहानी का सुखद अन्त भी होता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


पश्चाताप और क्षमा वो गोंद हैं जो टूटे संबंधों को जोड़ देते हैं।

इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:12-13

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:20-32
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। 
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। 
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। 
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। 
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। 
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो। 
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो। 
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 14-15
  • लूका 17:1-19


शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

संभव


   सन 2008 में, इंगलैण्ड में घरों की कीमतें गिर रही थीं। लेकिन 40 वर्ष के हमारे घर को बेचने की इच्छा को प्रकट करने के दो सप्ताह बाद ही हमें उसे अच्छी कीमत पर खरीदने वाला एक खरीददार मिला और सौदा पक्का हो गया। ऐसा होते ही हमने मुझे विरासत में मिले पुराने घर को गिरा कर उसके स्थान पर नया घर खड़ा करने का काम आरंभ करवा दिया, क्योंकि अब हमें वहीं जाकर उस घर में रहना था। लेकिन घर के बेचने की प्रक्रिया के पूरा होने के कुछ ही दिन पूर्व, उस खरीददार ने हाथ पीछे खींच लिए और सौदे से इन्कार कर दिया। अब हम बड़ी कठिन परिस्थिति में थे - हमारे पास अब दो घर थे, एक की कीमत तेज़ी से गिरती जा रही थी; और दूसरा जीर्ण और रहने के अयोग्य था, हम ना तो उसमें रह सकते थे और ना ही उसे बेच सकते थे। हमारे लिए एक असंभव स्थिति बन गई थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, मूसा के बाद इस्त्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व प्राप्त करने वाले यहोशू के सामने भी एक असंभव स्थिति थी - कनान में प्रवेश करते ही उनके सामने दृढ़ गढ़ वाला नगर यरीहो था। यहोशु को भी प्रतीत हुआ होगा कि वह असंभव स्थिति का सामना कर रहा है, क्योंकि आगे बढ़ने के लिए उसे यरीहो पर जय पानी थी (यहोशु 5:13-6:27)। ऐसे में उसे तलवार हाथ में लिए एक दिव्य पुरुष ने दर्शन दिया; कुछ धर्मज्ञानियों का मानना है कि वह व्यक्ति स्वयं प्रभु यीशु ही था। यहोशू ने उत्सुकत्ता से उस से पूछा कि आते युध्द में वह इसत्राएलियों की ओर से लड़ेगा या उनके शत्रुओं की ओर से? उसने कहा, "...नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं..." (यहोशू 5:14); और यहोशू ने झुक कर उसे दण्डवत की और परमेश्वर की आज्ञा पूछी।

   यहोशु अभी भी नहीं जानता था कि कैसे वह यरीहो पर जय पाएगा, परन्तु उसने विश्वास के साथ परमेश्वर की बात को सुना और स्वीकार किया, तथा परमेश्वर की आराधना की। इसके बाद यहोशु ने परमेश्वर के निर्देषों के अनुसार कार्य किया, और परमेश्वर की सामर्थ्य से असंभव प्रतीत होने वाला विकट कार्य सरल और संभव हो गया; वे अद्भुत रीति से यरीहो पर जयवंत हो गए। मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है। - मरकुस 10:27

बाइबल पाठ: यहोशू 5:13-6:5
Joshua 5:13 जब यहोशू यरीहो के पास था तब उसने अपनी आंखें उठाई, और क्या देखा, कि हाथ में नंगी तलवार लिये हुए एक पुरूष साम्हने खड़ा है; और यहोशू ने उसके पास जा कर पूछा, क्या तू हमारी ओर का है, वा हमारे बैरियों की ओर का? 
Joshua 5:14 उसने उत्तर दिया, कि नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं। तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है? 
Joshua 5:15 यहोवा की सेना के प्रधान ने यहोशू से कहा, अपनी जूती पांव से उतार डाल, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र है। तब यहोशू ने वैसा ही किया।
Joshua 6:1 और यरीहो के सब फाटक इस्राएलियों के डर के मारे लगातार बन्द रहे, और कोई बाहर भीतर आने जाने नहीं पाता था। 
Joshua 6:2 फिर यहोवा ने यहोशू से कहा, सुन, मैं यरीहो को उसके राजा और शूरवीरों समेत तेरे वश में कर देता हूं। 
Joshua 6:3 सो तुम में जितने योद्धा हैं नगर को घेर लें, और उस नगर के चारों ओर एक बार घूम आएं। और छ: दिन तक ऐसा ही किया करना। 
Joshua 6:4 और सात याजक सन्दूक के आगे आगे जुबली के सात नरसिंगे लिये हुए चलें; फिर सातवें दिन तुम नगर के चारों ओर सात बार घूमना, और याजक भी नरसिंगे फूंकते चलें। 
Joshua 6:5 और जब वे जुबली के नरसिंगे देर तक फूंकते रहें, तब सब लोग नरसिंगे का शब्द सुनते ही बड़ी ध्वनि से जयजयकार करें; तब नगर की शहरपनाह नेव से गिर जाएगी, और सब लोग अपने अपने साम्हने चढ़ जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16


गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

खुली बाहें


   प्रतिदिन एक पिता मार्ग पर नज़रें गड़ाए बड़ी लालसा से देखता रहता था, उसे अपने पुत्र के आने की प्रतीक्षा थी; और प्रति संध्या वह निराश अपने बिस्तर पर सोने के लिए जाता था क्योंकि वह पुत्र नहीं आया था। परन्तु एक दिन मार्ग पर दूर कोई आता हुआ दिखाई दिया, कुछ देर में एक मानव आकृति निकट आती हुई दिखाई दी। पिता के मन में आशा बंधी; उसने अपने आप से पूछा, ’क्या ये मेरा पुत्र होगा?’ फिर जब वह व्यक्ति और निकट आया तो पिता को उसकी चाल परिचित लगी, और मन में विश्वास जाग उठा, ’यह मेरा पुत्र ही है!’

   ऐसा होते ही, "...वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा" (लूका 15:20)। जो पिता ने किया वह उस समय के व्यवहार और संस्कारों के विरुध्द था, कि कोई संभ्रांत व्यक्ति ऐसे दौड़ता हुआ मार्ग पर निकल जाए। परन्तु पिता को इसकी कोई परवाह नहीं थी, वह तो अपने पुत्र से मिलने जा रहा था, उसके आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, उसे अपने पुत्र को गले लगाने से रोकने वाली कोई बात हो नहीं सकती थी।

   वह पुत्र अपने पिता से मिले इस स्वागत के योग्य नहीं था क्योंकि वह स्वयं ही पिता से संपत्ति का अपना भाग लेकर पिता का घर छोड़ कर चला गया था, और दुराचार तथा बुरी संगति में सारी दौलत उड़ा दी थी। पिता से संपत्ति का अपना भाग माँगने का दावा करना और संपति ले लेना एक प्रकार से यह दर्शाना था कि उस पुत्र के लिए पिता अब दिवंगत है, और पिता के मरणोप्रांत वह विरासत के अपना अधिकार पर दावा कर रहा है। परन्तु पुत्र ने पिता के साथ जो भी किया था, उसके बावजूद, अपने पिता की दृष्टि में वह अभी भी उसका पुत्र था (पद 24)। पिता ने लौट कर आए हुए उस पश्चातापी पुत्र को क्षमा कर दिया, घर में उसका स्थान उसे बहाल कर दिया, उसके लौटने का बड़ा आनन्द मनाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया यह दृष्टांत मुझे स्मरण दिलाता है कि मेरा परमेश्वर पिता भी मुझे मेरे किसी कार्य या भलाई या धार्मिकता के कारण नहीं वरन संपूर्णतः अपने प्रेम और अनुग्रह के कारण स्वीकार करता है, मेरे पापों को क्षमा करता है, और मुझे अपने परिवार का सदस्य बना लेता है। यह दृष्टांत मुझे यह भी एहसास करवाता है कि मैं चाहे जितना भी नीचे गिर जाऊँ, परन्तु फिर भी अपने पापों के लिए मेरे पश्चातापी होते ही मेरे परमेश्वर पिता का अनुग्रह मुझे उठा कर बहाल कर सकता है। मैं इस बात से सदा आश्वस्त रह सकता हूँ कि मेरा परमेश्वर पिता सदा मेरी प्रतीक्षा में रहता है और जैसे ही मैं उसकी ओर अपने कदम बढ़ाता हूँ, वह खुली बाहों से मेरा स्वागत करता है, मेरे लौट आने का आनन्द मनाता है। - पो फैंग चिया


हम दण्ड पाने के योग्य हैं, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें क्षमा मिलती है; 
हमें परमेश्वर का क्रोध मिलना चाहिए, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें परमेश्वर से प्रेम मिलता है। - फिलिप यैन्सी

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। 
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। 
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। 
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा। 
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। 
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। 
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। 
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। 
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। 
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। 
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ। 
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। 
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32


बुधवार, 19 अप्रैल 2017

परमेश्वर का संसार


   मैं जानती थी कि अपने जन्मदिवस के उपहार में संसार का नक्शा पाना मेरे बेटे को अच्छा लगेगा। कुछ प्रयास के पश्चात मैंने महाद्वीपों का एक रंगबिरंगा नक्शा खोज लिया, जिसमें प्रत्येक भू-भाग पर उस भाग से संबंधित कुछ चित्र बने हुए थे। पापुआ न्यू गिनि पर वहाँ की एक विशेष तितली बनी हुई थी, चिली पर पर्वत श्रंखला दिखाई दे रही थी, दक्षिण अफ्रीका पर एक हीरा बना हुआ था। उसे देख कर मैं बहुत प्रसन्न हुई, परन्तु नक्शे के नीचे लगे लेबल "हमारा संसार" को पढ़कर मैं कुछ सोच में पड़ गई।

   एक अर्थ में पृथ्वी हमारा संसार है क्योंकि हम इसमें रहते हैं। हमें इसका पानी पीने, इसके अन्दर से खनीज़ और रत्न खोद कर निकालने, इसके जल से मछली पकड़ने आदि के अधिकार केवल इसलिए हैं क्योंकि परमेश्वर ने हमें ऐसा करने की अनुमति दे रखी है (उत्पत्ति 1:28-30)। वास्तव में यह हमारा नहीं, वरन परमेश्वर का संसार है, जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, "पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी" (भजन 24:1)। मुझे आश्चर्य होता है कि परमेश्वर ने अपनी यह विलक्षण रचना हम निरे मनुष्यों को सौंपी है। वह जानता था कि हम में से कुछ इसका दुरुपयोग करेंगे, इस बात का भी इन्कार करेंगे कि इसे परमेश्वर ने रचा है, और इसके स्वामी होने का दावा करेंगे। परन्तु फिर भी वह हमें इसे अपना घर कहने देता है, और अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु के द्वारा इसे संभाले रहता है (कुलुस्सियों 1:16)।

   आज परमेश्वर के संसार में जीवन का आनन्द लेने के लिए कुछ समय बिताएं; उसके बनाए किसी फल का स्वाद लें; उसके रचे किसी पक्षी के गीत की धुन सुनें; सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य से पुलकित हों। प्रयास करें कि जिस संसार में आप रहते हैं, उससे प्रेरित होकर उसके रचियता, सृष्टिकर्ता परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें, उसका धन्यवाद करें, उसके कृतज्ञ हों। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सृष्टि की सुन्दरता हमें परमेश्वर का स्तुतिगान करने की प्रेरणा देती है।

जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। - कुलुस्सियों 1:14-16 

बाइबल पाठ: भजन 24
Psalms 24:1 पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। 
Psalms 24:2 क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।
Psalms 24:3 यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? 
Psalms 24:4 जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है। 
Psalms 24:5 वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा। 
Psalms 24:6 ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूब वंशी हैं।
Psalms 24:7 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो। हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ। क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा। 
Psalms 24:8 वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है! 
Psalms 24:9 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो हे सनातन के द्वारों तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा! 
Psalms 24:10 वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 6-8
  • लूका 15:1-10


मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

सामर्थ्य


   अफ्रीका का चीता थोड़े से समय के लिए 112 किलोमीटर (70 मील) प्रति घंटा की गति से दौड़ सकता है, परन्तु लंबी दूरी की दौड़ में वह उतना अच्छा नहीं है। बी.बी.सी. में प्रासारित एक समाचार के अनुसार केनिया के एक गाँव के चार लोगों ने 4 मील की दौड़ में दो चीतों को पराजित कर दिया। बात यह थी कि दो चीते गाँव की बकरियों को शिकार बना रहे थे। इसलिए उन चार लोगों ने मिलकर उन चीतों को रोकने की योजना बनाई। उन्होंने दिन के सबसे गर्म समय की प्रतीक्षा की, और फिर उन चीतों के पीछे भागे, और उन्हें इतना दौड़ाया कि वे थक कर निढाल हो गए। फिर वे दोनों थके हुए चीते सरलता से पकड़े जा सके, और उन्हें केनिया वन्यजीव अधिकारियों को उनके पुनःस्थापन के लिए सौंप दिया गया।

   क्या उन चीतों में हम अपने आप को देखने पाते हैं? हमारी अपनी शारीरिक सामर्थ्य प्रभावशाली प्रतीत हो सकती है, परन्तु वह कुछ समय के लिए ही होती है। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता हमें चिताता है, हम उन जंगली फूलों के समान हैं जो सूर्य की गर्मी में शीघ्र ही मुर्झा जाते हैं (यशायाह 40:6-8)।

   परन्तु जहाँ हमारी अपनी सामर्थ्य समाप्त होती है, वहाँ हमारे लिए परमेश्वर का कार्य आरंभ होता है। बाइबल हमें बताती है कि जो परमेश्वर की बाट जोहते हैं, उनके लिए परमेश्वर की ओर से एक अप्रत्याशित आशीष प्रतीक्षा कर रही होती है। परमेश्वर अपने समय और विधि अनुसार हमारी सामर्थ्य को नया कर सकता है। वह अपनी आत्मा के द्वारा अपने ऊपर विश्वास करने वालों को वह सामर्थ्य दे सकता है जिसके द्वारा "वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे" (पद 31)। - मार्ट डीहॉन


जब हम परमेश्वर के निकट आते हैं तो 
हमारे मन तरोताज़ा और हमारी सामर्थ्य नई हो जाती है।

यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा। - भजन 37:34

बाइबल पाठ: यशायाह 40:6-11, 28-31
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। 
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। 
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो! 
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है। 
Isaiah 40:11 वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ्य देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 3-5
  • लूका 14:25-35


सोमवार, 17 अप्रैल 2017

परिवार


   एक पास्टर की पत्नि को पार्किन्सन रोग से, जिस के कारण हाथ-पैरों के कार्य करने में बाधा आती है, पीड़ित पाया गया। पास्टर को चिंता हुई कि कैसे वह अपने परिवार और पत्नि की देखभाल करेगा, जबकि उसे अपने चर्च परिवार की भी भलि-भांति देखभाल करनी थी। परन्तु उसकी चिन्ता व्यर्थ थी क्योंकि उसके चर्च परिवार के सदस्यों ने स्वतः ही आगे बढ़कर उसके परिवार के लिए भोजन व्यवस्था और उस की पत्नि की देखभाल में सहायता की।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा कुरिन्थुस की मसीही मण्डली को लिखी दो पत्रियाँ हैं। अपनी पहली पत्री में पौलुस ने कुरिन्थुस की मसीही मण्डली के सदस्यों उन आत्मिक वरदानों के उद्देश्य के बारे में समझाया, जो परमेश्वर ने उन्हें दिए थे। उन विभिन्न वरदानों की सूचि बनाने से पहले पौलुस ने उन्हें स्मरण करवाया कि, "किन्‍तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है" (पद 7)। परमेश्वर हमें आत्मिक वरदान इसलिए नहीं देता है कि हम उन्हें अपने ही स्वार्थ तथा लाभ के लिए प्रयोग करें; वरन इसलिए देता है जिससे कि हम उनके द्वारा औरों की सेवा करें, और ऐसा करके हम उसकी सेवा करते हैं।

   हम सब मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की ओर से भिन्न आत्मिक वरदान मिले हैं, जिन्हें हमें समय तथा आवश्यकता के अनुसार योग्य रीति से मसीही मण्डली तथा विश्वासियों के लाभ के लिए प्रयोग करना है। परन्तु उनका प्रयोग करते समय इस बात का भी ध्यान रखना है कि हम उन्हें प्रेम के साथ प्रयुक्त करें, "जिस से पवित्र लोग सिध्द हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए" (इफिसियों 4:12)। परमेश्वर ने हमें जहाँ कहीं भी रखा है, हम वहीं पर उसके द्वारा हमें दी गई विभिन्न योग्यताओं, क्षमताओं, और वरदानों का उपयोग वहाँ की आवश्यकताओं के अनुसार कर सकते हैं, इस बात का ध्यान रखते हुए कि हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर के परिवार, उसकी मण्डली, अर्थात प्रभु की देह के अंग हैं, एक दूसरे के पूरक तथा सहायक हैं। - सी. पी. हिया


अपने वरदानों को दूसरों के देखभाल के लिए प्रयोग करें।

इसलिये तुम भी जब आत्मिक वरदानों की धुन में हो, तो ऐसा प्रयत्न करो, कि तुम्हारे वरदानों की उन्नति से कलीसिया की उन्नति हो। - 1 कुरिन्थियों 14:12 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:1-12
1 Corinthians 12:1 हे भाइयों, मैं नहीं चाहता कि तुम आत्मिक वरदानों के विषय में अज्ञात रहो। 
1 Corinthians 12:2 तुम जानते हो, कि जब तुम अन्यजाति थे, तो गूंगी मूरतों के पीछे जैसे चलाए जाते थे वैसे चलते थे। 
1 Corinthians 12:3 इसलिये मैं तुम्हें चितौनी देता हूं कि जो कोई परमेश्वर की आत्मा की अगुआई से बोलता है, वह नहीं कहता कि यीशु श्रापित है; और न कोई पवित्र आत्मा के बिना कह सकता है कि यीशु प्रभु है।
1 Corinthians 12:4 वरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है। 
1 Corinthians 12:5 और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है। 
1 Corinthians 12:6 और प्रभावशाली कार्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमेश्वर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है। 
1 Corinthians 12:7 किन्‍तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है। 
1 Corinthians 12:8 क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुध्दि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें। 
1 Corinthians 12:9 और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का वरदान दिया जाता है। 
1 Corinthians 12:10 फिर किसी को सामर्थ के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को आत्माओं की परख, और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना। 
1 Corinthians 12:11 परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।
1 Corinthians 12:12 क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24


रविवार, 16 अप्रैल 2017

जैसे भी


   सुप्रसिध्द मसीही भजन Just As I Am (जैसा मैं हूँ) सन 1834 में शारलेट ईलिय्ट के द्वारा लिखा गया था। शारलेट कई वर्षों से विकलांग थीं, और यद्यपि वे लड़कियों के एक स्कूल के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने में योगदान करना चाहती थीं, परन्तु उनकी बीमारी ने उन्हें अन्य लोगों के साथ जाकर स्वयं सेवा करने नहीं दी। इससे वे अपने आप को व्यर्थ अनुभव करने लगीं और उनके इसी भीतरी द्वंद ने उन के मन में मसीह पर उनके विश्वास के प्रति शंकाएं उत्पन्न कीं। अपने मन में उठ रही उन शंकाओं के प्रत्युत्तर में उन्होंने यह भजन लिखा। उनकी वेदना संभवतः इस भजन की इन पंकतियों सबसे अच्छी तरह दिखाई देती है:
जैसी मैं हूँ मन शंकामय, और बाहर भीतर हर समय,
है दुविधा, झगड़ा, जलन, भय, मसीह मैं आती हूँ।

   अपने क्रूस पर दिए गए बलिदान और दफनाए जाने के तीन दिन पश्चात, प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे और जा कर अपने चेलों से मिले। जब प्रभु यीशु पहली बार चेलों से मिलने आए, तब एक चेला थोमा, जिसे इतिहास ने "शंका करने वाला थोमा" का उपनाम दिया है शेष चेलों के साथ नहीं था। जब अन्य चेलों ने थोमा को प्रभु यीशु के जी उठने और मिलने आने के बारे में बताया तो उसने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया और कहा कि जब तक वह प्रभु के हाथों में कीलों के, तथा पंजर में भाले के छेद मे अपनी ऊँगली नहीं डाल लेता, तब तक वह विश्वास नहीं करेगा। बाद में प्रभु यीशु फिर से चेलों से मिलने आए और उन्होंने थोमा को उन्हें क्रूस पर चढ़ाए जाने के चिन्हों द्वारा पुष्टि करने को कहा (यूहन्ना 20:27)। थोमा प्रभु के सामने नतमस्तक हो गया और उसने प्रभु के मृतकों में से पुनरुत्थान पर विश्वास किया। तब, "यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया" (पद 29)।

   आज के हम मसीही विश्वासी वे हैं जिन्होंने प्रभु यीशु को, उन चेलों के समान सदेह, प्रत्यक्ष नहीं देखा है परन्तु फिर भी प्रभु पर विश्वास किया है। साथ ही, समय-समय पर आने वाली सांसारिक परिस्थितियों के कारण, हम भी कभी-कभी अपने मसीही विश्वास या फिर प्रभु यीशु पर ही सन्देह करने लग जाते हैं। इस कमज़ोर विश्वास की स्थिति में भी यदि हम प्रभु को पुकार कर कहें, "...हे प्रभु, मैं विश्वास करता हूं, मेरे अविश्वास का उपाय कर" (मरकुस 9:24) तो थोमा और शारलेट के समान ही प्रभु हमें भी अपनी शान्ति से परिपूर्ण करेगा, अपने निकट ले लेगा। प्रभु यीशु हमें, जैसे भी हम हैं, उसी अवस्था में अपने पास आने का निमंत्रण देता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पुनर्जीवित हो उठा मसीह यीशु आपको 
जीवन की भरपूरी प्राप्त करने के लिए आमंत्रित करता है।

उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। - 1 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:19-31
John 20:19 उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:20 और यह कहकर उसने अपना हाथ और अपना पंजर उन को दिखाए: तब चेले प्रभु को देखकर आनन्‍दित हुए। 
John 20:21 यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं। 
John 20:22 यह कहकर उसने उन पर फूंका और उन से कहा, पवित्र आत्मा लो। 
John 20:23 जिन के पाप तुम क्षमा करो वे उन के लिये क्षमा किए गए हैं जिन के तुम रखो, वे रखे गए हैं।
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। 
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। 
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! 
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए। 
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 30-31
  • लूका 13:23-35