ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

स्वागत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वागत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 9 मार्च 2021

देखभाल

 

          मेरे मित्र जब यूरोप के सबसे निर्धन देशों में से एक, मोलदोवा, में रहते थे, तब वे वहाँ के लोगों, विशेषकर मसीही विश्वासियों के द्वारा, उनका गर्मजोशी और खुले दिल के साथ स्वागत-सत्कार देखकर बहुत प्रभावित हुए। एक बार वे अपने चर्च के एक दंपति के घर उनसे मिलने गए और साथ में उनके लिए कुछ कपड़े और भोजन-सामग्री भी ले गए। जिनसे वे मिलने गए थे, वे बहुत गरीब थी, लेकिन उन्होंने कई बच्चों को उनकी देखभाल के लिए गोद ले रखा था। उस दंपति ने मेरे उन मित्रों के साथ बहुत आदरणीय मेहमानों के समान व्यवहार किया, उनके बहुत मना करने के बाद भी उन्हें मीठी चाय और साथ में कुछ खाने के लिए भी दिया। जब मेरे मित्र उनके घर से उन्हें अपने द्वारा लाई गई सामग्री को उन्हें देने के बाद वहाँ से जाने लगे, तो वे उन्हें मिले उस अतिथि सत्कार से बहुत प्रभावित थे।

          उन विश्वासियों ने वह साक्षात कर के दिखाया, जिसकी आज्ञा परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्राएलियों को दी थी। परमेश्वर ने उनसे कहा था,और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे” (व्यवस्थाविवरण 10:12)। इस्राएलियों को इसका पालन कैसे करना था? उत्तर इससे कुछ आगे के पदों में दिया गया है: “इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे” (व्यवस्थाविवरण 10:19)। परमेश्वर के दृष्टिकोण से, अजनबियों का स्वागत और सत्कार करने के द्वारा वे परमेश्वर की सेवा और आदर करेंगे; और उन्हें प्रेम तथा देखभाल दिखाने के द्वारा, वे परमेश्वर में अपने विश्वास को भी व्यक्त करेंगे।

          हमारी परिस्थितियाँ उन मोलदोविया के लोगों से भिन्न हो सकती हैं, किन्तु हम भी प्रभु परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को औरों के प्रति अपने अतिथि सत्कार के द्वारा दिखा सकते हैं। चाहे हम उनका अपने घरों में स्वागत करें, या मार्ग में चलते समय मिलने वाले लोगों का मुस्कराहट के साथ अभिनंदन करें, हम इस अकेलेपन और दुखों से भरे संसार को परमेश्वर की प्रेम भरी देखभाल को दिखा सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

सत्कार के वरदान के उपयोग के द्वारा मसीही विश्वासी परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करते हैं।


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-19

व्यवस्थाविवरण 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे,

व्यवस्थाविवरण 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?

व्यवस्थाविवरण 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;

व्यवस्थाविवरण 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।

व्यवस्थाविवरण 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।

व्यवस्थाविवरण 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।

व्यवस्थाविवरण 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है।

व्यवस्थाविवरण 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 8-10
  • मरकुस 11:19-33

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

स्वागत


         हाल ही में, छुट्टियों के समय में, मैं अपनी पत्नी के साथ एक स्थान पर घूमने के लिए गया। वहाँ एक प्रसिद्ध खेल-कूद आयोजित करने का विशाल स्थान है, और हम उसे भी देखने गए। उस समय वहाँ कोई खेल-कूद नहीं चल रहे थे, परन्तु जब हम वहाँ पहुंचे तो दरवाज़े पूरे खुले हुए थे, और हमें लगा कि हम अन्दर जाकर उसे देख सकते हैं। हम अन्दर चले गए, और वहाँ के खेल स्थलों, तथा अच्छे से रखे हुए घास के मैदान की सराहना करते हुए, जब हम बाहर की ओर चलने लगे तो किसी ने हमें रोक कर बड़े रूखी आवाज़ में कहा कि हमें अन्दर नहीं आना चाहिए था। तुरंत ही हमें लगा कि हम वहाँ परदेशी हैं, और हमें बुरा भी लगा।

         उन्हीं छुट्टियों में, एक दिन हम एक चर्च को देखने गए। वहाँ भी हमें दरवाज़े खुले हुए मिले, इसलिए हम वहां भी अन्दर चले गए। यह हमारे पहले अनुभव से बहुत भिन्न था। अन्दर कई स्थानीय लोग थे, जिन्होंने बड़ी आत्मीयता से हमारा स्वागत किया, और हमें अपने घर जैसा अनुभव करवाया। जब चर्च की सभा का समापन हुआ तो हम वहाँ से एक अपनेपन और स्वागत की अनुभूति लेकर निकले।

         लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि अनेकों बार जब कोई बाहरी व्यक्ति चर्च सभाओं में आते हैं, तो उन्हें एक ठंडेपन का व्यवहार और एक अनकहे सन्देश “आपको यहाँ नहीं होना चाहिए” की अनुभूति होती है। परन्तु पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें सब की पहुनाई करने वाले होने के लिए कहती है। प्रभु यीशु ने कहा, हमें अपने पड़ौसियों से अपने समान प्रेम रखना चाहिए, जिसका अभिप्राय उनका अपने घरों और चर्चों में स्वागत करना भी होता है (मत्ती 22:39)। इब्रानियों की पत्री में हमें स्मरण कराया गया है कि अतिथि सत्कार करना न भूलें (13:2)।

         दोनों, लूका तथा पौलुस हमें निर्देश देते हैं कि हम सामाजिक तथा शारीरिक आवश्यकताओं वाले लोगों के प्रति  सक्रिय प्रेम प्रदर्शित करें (लूका 14:13-14; रोमियों 12:13); और मसीही विश्वासियों के समुदाय में हमें विशेषतः प्रेम दिखाने के लिए कहा गया है (गलातियों 6:10)।

         जब हम सभी लोगों का मसीह के समान प्रेम के साथ खुले दिल से स्वागत करते हैं, तो हम अपने तथा संपूर्ण जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रेम और अनुग्रह को प्रदर्शित करते हैं। - डेव ब्रैनन

 

जब हम अतिथि सत्कार करते हैं, हम परमेश्वर की भलाइयों को बांटते हैं।


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-3

इब्रानियों 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।

इब्रानियों 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।

इब्रानियों 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3

शनिवार, 11 जुलाई 2020

परिवार


     जब मैं और मेरे पति, उनकी बहन के निकट रहने के लिए एक दूसरे शहर को स्थानांतरित हुए, तो हमें पता नहीं था कि हम कहाँ रहेंगे या काम करेंगे। एक किराए का घर ढूँढने में स्थानीय चर्च ने हमारी सहायता की, और उस घर में कई शयन-कक्ष थे। हम एक कमरे में रह सकते थे, और अन्य कमरों को वहाँ अध्ययन के लिए आने वाले अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को किराए पर दे सकते थे। अगले तीन वर्षों तक हम ऐसे परदेशी थे, जो संसार भर से आने वाले अन्य परदेशियों का स्वागत करते थे, उनके साथ अपने घर और भोजन को साझा करते थे। और वे लोग हमारे साथ परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में सम्मिलित होने के लिए हर शुक्रवार को अन्य दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को लाया करते थे।

     परमेश्वर के लोग जानते हैं कि घर से दूर होने का क्या अर्थ होता है। सैंकड़ों वर्षों तक, इस्राएली मिस्र में परदेशी थे, दास थे। लैव्यव्यवस्था 19 में, अन्य चिर-परिचित निर्देशों जैसे कि “अपने माता और पिता का आदर करना” और “चोरी न करना” (पद 3, 11) के साथ परमेश्वर ने अपने लोगों को स्मरण दिलाया कि वे दयालु होकर परदेशियों की देखभाल करें, क्योंकि उन्हें परदेशी तथा आतंकित होने का अनुभव था (पद 33-34)।

     आज प्रभु परमेश्वर के अनुयायी होते हुए हम में से अधिकाँश ने वास्तव में निर्वासित होने के अनुभव को नहीं जाना है, परन्तु हम सभी यह जानते हैं की पृथ्वी पर “परदेशी” होकर रहने (1 पतरस 2:11) का क्या अनुभव होता है – वे लोग जो यहाँ पर भी अपने आप को बाहर का अनुभव करते हैं, परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के साथ संबंधित होने के कारण। हमें पहुनाई करने वाले समुदाय के निर्माण के लिए कहा गया है, जहाँ परदेशी परमेश्वर के परिवार के सदस्य बनने के लिए अन्य परदेशियों का स्वागत करते हैं।

     उस नए शहर में जो उदार और प्रेमपूर्ण स्वागत मुझे और मेरे पति को मिला, उसने हमें उस स्वागत को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया, और यही परमेश्वर के परिवार का सदस्य होने का मर्म है (रोमियों 12:13)।

 

आज हम किसे पहुनाई दिखा सकते हैं?


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: लैव्यव्यवस्था 19:1-9, 33-34

लैव्यव्यवस्था 19:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

लैव्यव्यवस्था 19:2 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कह, कि तुम पवित्र बने रहो; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा पवित्र हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:3 तुम अपनी अपनी माता और अपने अपने पिता का भय मानना, और मेरे विश्राम दिनों को मानना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:4 तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:5 जब तुम यहोवा के लिये मेलबलि करो, तब ऐसा बलिदान करना जिससे मैं तुम से प्रसन्न हो जाऊं।

लैव्यव्यवस्था 19:6 उसका मांस बलिदान के दिन और दूसरे दिन खाया जाए, परन्तु तीसरे दिन तक जो रह जाए वह आग में जला दिया जाए।

लैव्यव्यवस्था 19:7 और यदि उस में से कुछ भी तीसरे दिन खाया जाए, तो यह घृणित ठहरेगा, और ग्रहण न किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:8 और उसका खानेवाला यहोवा के पवित्र पदार्थ को अपवित्र ठहराता है, इसलिये उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा; और वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:9 फिर जब तुम अपने देश के खेत काटो तब अपने खेत के कोने कोने तक पूरा न काटना, और काटे हुए खेत की गिरी पड़ी बालों को न चुनना।

लैव्यव्यवस्था 19:33 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।

लैव्यव्यवस्था 19:34 जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।     

 एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

बुधवार, 10 जून 2020

व्यवहार


     “कौन है जो सभी को गले लगाएगा?”

     यह उन अनेकों प्रश्नों में से एक था जो हमारे मित्र स्टीव ने हम से कहे जब उसे पता चला कि उसे कैंसर है, और अपने इलाज के लिए उसे कुछ समय चर्च से अनुपस्थित रहना होगा। स्टीव ऐसा व्यक्ति है जो हर किसी के साथ प्रेम और मित्रता के भाव से मिलता है – प्रेमपूर्ण अभिनन्दन, गर्मजोशी से हाथ मिलाना, और कुछ के लिए तो एक “पवित्र गले लगाना” भी, जो स्टीव के द्वारा परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों 16:16 में पौलुस प्रेरित द्वारा कही गई बात, “आपस में पवित्र चुम्बन से नमस्कार करो” का अपनाया गया स्वरूप है।

     और अब जब हम स्टीव के लिए प्रार्थना कर रहे हैं कि परमेश्वर उसे चंगाई दे, उसे स्वस्थ कर दे, स्टीव की अपनी चिंता यह है कि जब वह चर्च नहीं आने पा रहा है, और हमें उसके उस प्रेमपूर्ण अभिवादन और व्यवहार से वंचित रहना पड़ेगा; तो कौन है जो उस के समान मित्रता के व्यवहार को प्रदर्शित करेगा।

     जिस खुलेपन से स्टीव औरों से मिलता है और व्यवहार करता है, वैसे सभी तो नहीं करने पाते हैं, परन्तु लोगों की चिंता करने का उस का व्यवहार हमारे लिए एक अच्छा उदाहरण है। प्रेरित पतरस ने बाइबल में लिखा, “बिना कुड़कड़ाए एक दूसरे का अतिथि-सत्कार करो,” अर्थात, प्रेम को आधार बना कर एक दूसरे के साथ मिलो (1 पतरस 4:9; देखें फिलिप्पियों 2:14)। प्रथम शताब्दी के उस अतिथि-सत्कार में यात्रियों को अपने घर में ठहराना भी सम्मिलित था – और यह करने का आरम्भ भी प्रेम भरे अभिन्दन के साथ स्वागत करने से ही होता है।

     जब हम औरों के साथ प्रेम में हो कर व्यवहार करते हैं, वह चाहे आलिंगन करने के साथ हो या केवल एक मुस्कराहट के द्वारा, हमारा प्रत्येक व्यवहार ऐसा हो कि “यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो” (1 पतरस 4:11)। - डेव ब्रैनन

 

जब हम भला व्यवहार करते हैं, तब हम परमेश्वर की भलाई औरों के साथ बाँटते हैं।


सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो। - 1 कुरिन्थियों 10:31

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11

1 पतरस 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।

1 पतरस 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।

1 पतरस 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए।

1 पतरस 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22


सोमवार, 20 अप्रैल 2020

क्षमा



     मैंने एक दोपहर के दो घंटे एक चित्र-कला प्रदर्शनी, जिसका शीर्षक था ‘पिता और उसके दो पुत्र: क्षमा के चित्र’ के चित्र देखने में बिताए; इस प्रदर्शनी के सभी चित्र परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत (लूका 15:11-31) पर आधारित थे। मुझे एडवर्ड रिओजस द्वारा बनाए गए चित्र ने विशेषतः प्रभावित किया। उस चित्र में उड़ाऊ पुत्र घर की ओर लौट रहा है, उसके सिर झुका हुआ है और उसने चिथड़े पहने हुए हैं। उसके पीछे मृत्यु का देश है, और वह जिस मार्ग पर चल रहा है, उसके दूसरे छोर पर उसका पिता उसकी ओर दौड़ा चला आ रहा है। चित्र के नीचे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द, “तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा” (लूका 15:20) लिखे हुए हैं।

     एक बार फिर मेरा हृदय, परमेश्वर के उस अपरिवर्तनीय प्रेम का एहसास करने के द्वारा, जिसने मेरा जीवन बदल दिया है, बहुत गहराई से द्रवित हुआ। जब मैं उससे मुँह मोड़कर चला गया, तब परमेश्वर ने मुझ से मुँह नहीं मोड़ा, वरन वह मेरी प्रतीक्षा करता रहा, मेरी राह देखता रहा। हम उसके प्रेम के योग्य तो नहीं हैं, फिर भी उसका प्रेम हमारे प्रति कभी कम नहीं होता है। चाहे हम अकसर परमेश्वर की उपेक्षा करते रहते हैं, फिर भी वह कभी हमसे दूर नहीं जाता है।

     हम सभी उसके सामने दोषी हैं, फिर भी हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमारी ओर हाथ बढ़ाकर, हमें गले लगाकर, हमारा स्वागत ऐसे ही करता है जैसे प्रभु द्वारा सुनाए गए दृष्टांत में पिता करता है। उड़ाऊ पुत्र के लौट आने पर उस पिता ने अपने सेवकों से कहा, “और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे” ( पद 23, 24)।

     आज भी जो भी जन प्रभु परमेश्वर की ओर लौट कर आता है, परमेश्वर उसे क्षमा करता है, उसका स्वागत करता है। और यह क्षमा प्राप्ती, आनन्द मनाने योग्य बात है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

हम चाहे उसके प्रेम के योग्य नहीं हैं, 
फिर भी हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम बदलता नहीं है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
लूका 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
लूका 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
लूका 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
लूका 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
लूका 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
लूका 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
लूका 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
लूका 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
लूका 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
लूका 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
लूका 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
लूका 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
लूका 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं।
लूका 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 9-11
  • लूका 15:11-32



मंगलवार, 27 अगस्त 2019

खोजी



      प्रति शनिवार हमारा परिवार दौड़ के मैदान के किनारे पर खड़ा होकर प्रतियोगिता में भाग ले रही हमारी बेटी को प्रोत्साहित करता है, जब वह अपने हाई-स्कूल की लंबी-दूरी की दौड़ की टीम के साथ प्रतियोगिता में भाग लेती है। समापन रेखा को पार करने के बाद सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम के अन्य सदस्यों, प्रशिक्षकों, और अभिभावकों से मिलने के लिए मैदान में फ़ैल जाते हैं। भीड़, बहुधा तीन सौ से भी अधिक लोगों की, उन धावकों को घेर लेती है, जिससे उनमें से किसी एक को पहचान पाना कठिन हो जाता है। हम सभी परिवार जनों की आँखें उस एक धावक, हमारी बेटी को, जिसे देखने हम आए हैं, ढूँढ़ रही होती हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक में, सत्तर वर्ष की बेबिलौन की बंधुवाई के बाद परमेश्वर द्वारा इस्राएलियों के यरूशलेम और यहूदा लौटा कर लाए जाने का वर्णन है। यशायाह बताता है कि परमेश्वर उनसे कैसा आनन्दित हुआ, कैसे उनके लौटने के मार्ग और उनके स्वागत के लिए द्वार तैयार करवाए। परमेश्वर पुष्टि करता है कि वे उसके बुलाए और पवित्र किए हुए लोग हैं, और उनके आदर के लिए उन्हें एक नया नाम देता है “तेरा नाम ग्रहण की हुई अर्थात न-त्यागी हुई नगरी पड़ेगा” (यशायाह 62:12)। परमेश्वर ने उन्हें बेबिलौन के विभिन्न स्थानों से एकत्रित करके अपने पास बुलाया था।

      इस्राएलियों के समान, हम भी परमेश्वर के प्रिय सन्तान हैं, जिन्हें परमेश्वर लगन से खोजता है। यद्यपि एक समय हमारे पापों के कारण हम उससे दूर थे, परन्तु प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारे मेल-मिलाप और संगति के लिए मार्ग बनकर तैयार हो गया है। परमेश्वर हमारा खोजी है कि हम उसके पास लौट आएँ, वह सँसार के लोगों में से हमें खोज रहा है, हमारे स्वागत के लिए और हमें गले लगाने के लिए लालायित रहता है। - कर्स्टेन होल्म्बर्ग


परमेश्वर अपनी प्रिय संतानों का खोजी है।

क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देखो, मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों की सुधि लूंगा, और उन्हें ढूंढ़ूंगा। जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूंगा; मैं उन्हें उन सब स्थानों से निकाल ले आऊंगा, जहां जहां वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर-बितर हो गई हों। - यहेजकेल 34:11-12

बाइबल पाठ: यशायाह 62:1-12
Isaiah 62:1 सिय्योन के निमित्त मैं चुप न रहूंगा, और यरूशलेम के निमित्त मैं चैन न लूंगा, जब तक कि उसकी धामिर्कता प्रकाश के समान और उसका उद्धार जलते हुए पलीते के समान दिखाई न दे।
Isaiah 62:2 जब अन्यजातियां तेरा धर्म और सब राजा तेरी महिमा देखेंगे; और तेरा एक नया नाम रखा जाएगा जो यहोवा के मुख से निकलेगा।
Isaiah 62:3 तू यहोवा के हाथ में एक शोभायमान मुकुट और अपने परमेश्वर की हथेली में राजमुकुट ठहरेगी।
Isaiah 62:4 तू फिर त्यागी हुई न कहलाएगी, और तेरी भूमि फिर उजड़ी हुई न कहलाएगी; परन्तु तू हेप्सीबा और तेरी भूमि ब्यूला कहलाएगी; क्योंकि यहोवा तुझ से प्रसन्न है, और तेरी भूमि सुहागन होगी।
Isaiah 62:5 क्योंकि जिस प्रकार जवान पुरूष एक कुमारी को ब्याह लाता है, वैसे ही तेरे पुत्र तुझे ब्याह लेंगे; और, जैसे दुल्हा अपनी दुल्हिन के कारण हषिर्त होता है, वैसे ही तेरा परमेश्वर तेरे कारण हषिर्त होगा।
Isaiah 62:6 हे यरूशलेम, मैं ने तेरी शहरपनाह पर पहरूए बैठाए हैं; वे दिन-रात कभी चुप न रहेंगे। हे यहोवा को स्मरण करने वालो, चुप न रहो,
Isaiah 62:7 और, जब तक वह यरूशलेम को स्थिर कर के उसकी प्रशंसा पृथ्वी पर न फैला दे, तब तक उसे भी चैन न लेने दो।
Isaiah 62:8 यहोवा ने अपने दाहिने हाथ की और अपनी बलवन्त भुजा की शपथ खाई है: निश्चय मैं भविष्य में तेरा अन्न अब फिर तेरे शत्रुओं को खाने के लिये न दूंगा, और परदेशियों के पुत्र तेरा नया दाखमधु जिसके लिये तू ने परिश्रम किया है, नहीं पीने पाएंगे;
Isaiah 62:9 केवल वे ही, जिन्होंने उसे खत्ते में रखा हो, उस से खाकर यहोवा की स्तुति करेंगे, और जिन्होंने दाखमधु भण्डारों में रखा हो, वे ही उसे मेरे पवित्रस्थान के आंगनों में पीने पाएंगे।
Isaiah 62:10 जाओ, फाटकों में से निकल जाओ, प्रजा के लिये मार्ग सुधारो; राजमार्ग सुधार कर ऊंचा करो, उस में के पत्थर बीन बीनकर फेंक दो, देश देश के लोगों के लिये झण्डा खड़ा करो।
Isaiah 62:11 देखो, यहोवा ने पृथ्वी की छोर तक इस आज्ञा का प्रचार किया है: सिय्योन की बेटी से कहो, देख, तेरा उद्धारकर्ता आता है, देख, जो मजदूरी उसको देनी है वह उसके पास है और उसका काम उसके सामने है।
Isaiah 62:12 और लोग उन को पवित्र प्रजा और यहोवा के छुड़ाए हुए कहेंगे; और तेरा नाम ग्रहण की हुई अर्थात न-त्यागी हुई नगरी पड़ेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9



गुरुवार, 18 जुलाई 2019

तैयार



      मेरे शहर के एक चर्च में लोगों का स्वागत करने के लिए एक अद्वितीय कार्ड का प्रयोग किया जाता है; ऐसा कार्ड जिससे सब के लिए परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह प्रदर्शित होता है। उस कार्ड पर लिखा है, “यदि आप एक...संत, पापी, पराजित, विजयी” – और इससे आगे अनेकों अन्य शब्द जो संघर्षरत लोगों की स्थिति का वर्णन करते हैं, जैसे कि – “शराबी , पाखंडी, धोखेबाज़, भयभीत, अनुपयुक्त...हैं, तो आपका यहाँ पर स्वागत है।” उस चर्च के एक पास्टर ने मुझे बताया कि, “प्रत्येक इतवार को होने वाली आराधना सभा में, चर्च में उपस्थित हम सभी लोग ऊँची आवाज़ में इसे एक साथ पढ़ते हैं।”

      कितनी ही बार हम उपनामों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें हमें परिभाषित करने देते हैं। परन्तु परमेश्वर का अनुग्रह उपनामों की कोई परवाह नहीं करता है, क्योंकि उसका अनुग्रह हमारे प्रति उसके प्रेम पर आधारित है, न कि हमारे अपने प्रति आँकलन पर। हम अपने आप को चाहे अद्भुत समझें अथवा भयानक, योग्य समझें अथवा अयोग्य और अनुपयुक्त, हम परमेश्वर से अनन्त जीवन का दान प्राप्त कर सकते हैं। प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को स्मरण दिलाया कि, “क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा” (रोमियों 5:6)।

      प्रभु की हमसे यह अपेक्षा नहीं है कि हम अपने आप परिवर्तित हो जाएँगे। वरन वह हमें आमंत्रित करता है कि हम जैसे भी हैं, वैसे ही उसके पास आ जाएँ, और हमें उसमें आशा, चंगाई और स्वतंत्रता मिलेगी : “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (पद 8)। हम जैसे भी हैं, जो भी हैं, जहाँ भी हैं, हमारी यथास्थिति में प्रभु परमेश्वर हमें स्वीकार करने के लिए तैयार है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर की क्षमा हमारे पराजित अथवा घमण्डी, 
किसी भी उपनाम की उपेक्षा करने को तैयार है।

यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे। यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो। - यशायाह 1:18-19

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है।
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 20-22
  • प्रेरितों 21:1-17



मंगलवार, 5 मार्च 2019

स्वागत और पहुनाई



      हमने एक भोज का आयोजन किया, जिसमें पाँच देशों के निवासियों के परिवार हमारे साथ भोजन करने के लिए सम्मिलित हुए, और वह हमारे लिए एक अद्भुत यादगार है। भोज के समय हमारे वार्तालाप में सभी सम्मिलित हुए, यह वार्तालाप एक या दो तक ही सीमित नहीं रहा। उपस्थित सभी लोगों ने लंडन शहर में जीवन के प्रति, उनके विभिन्न देशों से होने के परिदृश्य में होकर, अपने विचारों को साझा किया। उस संध्या की समाप्ति के बाद, मेरे पति और मैंने अनुभव किया कि हमने जितना दिया था, उससे कहीं अधिक हमें मिल गया था, जिसमें नए मित्र बनाने और भिन्न संसकृतियों के विषय सीखने से संबंधित भावनाओं का स्नेहिल एहसास भी था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री के अन्त में लेखक सामाजिक जीवन से संबंधित कुछ बातों के विषय कुछ निर्देश देता है, जिनमें से एक है कि उसके पाठक अतिथिसत्कार में लगे रहें। क्योंकि इस सेवा में “इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है” (13:2)। संभव है कि लेखक के मन में अब्राहम और सारा का विचार हो, जिनके विषय हम उत्पत्ति 18:1-14 में देखते हैं कि उन्होंने कुछ अजनबियों का अपने निवास-स्थान में स्वागत किया, उनकी पहुनाई की, उन्हें उत्तम भोजन खिलाया। वे नहीं जानते थे कि वे स्वर्गदूतों की पहुनाई कर रहे हैं, जो उनके लिए आशीष का सन्देश लेकर आए थे।

      हम लोगों को अपने घरों में, उनसे कुछ प्राप्त करने के लिए स्वागत नहीं करते हैं, परन्तु बहुधा हम पहुनाई के द्वारा जितना देते हैं, उससे अधिक प्राप्त कर लेते हैं। प्रभु परमेश्वर के नाम में लोगों का स्वागत और पहुनाई करने के द्वारा हम प्रभु के प्रेम को औरों तक पहुँचने का माध्यम बनते हैं; स्वागत और पहुनाई में लगे रहें। - एमी बाउचर पाई


जब हम पहुनाई करते हैं, हम परमेश्वर की भलाई और उपहारों को बांटते हैं।

भाईचारे की प्रीति बनी रहे। पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 18:1-14
Genesis 18:1 इब्राहीम माम्रे के बांजो के बीच कड़ी धूप के समय तम्बू के द्वार पर बैठा हुआ था, तब यहोवा ने उसे दर्शन दिया:
Genesis 18:2 और उसने आंख उठा कर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उसने उन्हे देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत की और कहने लगा,
Genesis 18:3 हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
Genesis 18:4 मैं थोड़ा सा जल लाता हूं और आप अपने पांव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें।
Genesis 18:5 फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्होंने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
Genesis 18:6 सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जा कर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना।
Genesis 18:7 फिर इब्राहीम गाय बैल के झुण्ड में दौड़ा, और एक कोमल और अच्छा बछड़ा ले कर अपने सेवक को दिया, और उसने फुर्ती से उसको पकाया।
Genesis 18:8 तब उसने मक्खन, और दूध, और वह बछड़ा, जो उसने पकवाया था, ले कर उनके आगे परोस दिया; और आप वृक्ष के तले उनके पास खड़ा रहा, और वे खाने लगे।
Genesis 18:9 उन्होंने उस से पूछा, तेरी पत्नी सारा कहां है? उसने कहा, वह तो तम्बू में है।
Genesis 18:10 उसने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा; और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी।
Genesis 18:11 इब्राहीम और सारा दोनो बहुत बूढ़े थे; और सारा का स्त्रीधर्म बन्द हो गया था
Genesis 18:12 सो सारा मन में हंस कर कहने लगी, मैं तो बूढ़ी हूं, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा?
Genesis 18:13 तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कहकर क्यों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढिय़ा हो गई हूं, सचमुच एक पुत्र उत्पन्न होगा?
Genesis 18:14 क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्र उत्पन्न होगा।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 34-36
  • मरकुस 9:30-50



सोमवार, 3 सितंबर 2018

नकल



      बच्चों को सिखा रहे पास्टर ने  उसके चारों ओर एकत्रित हुए बच्चों से कहा के वे एक खेल खेलेंगे जिसका नाम है “नकल”; पास्टर ने बच्चों को समझाया, “मैं कोई नाम लूंगा, और तुम्हें उस नाम वाली वस्तु के अनुसार उसकी नकल करके दिखानी होगी। क्या तुम तैयार हो?” पास्टर ने पहला नाम लिया, मुर्गी! बच्चों ने अपनी बाहों से पंख फड़फड़ाने, मुँह से कुड़कुड़ाने की नकल उतारी। फिर आया हाथी, उसके बाद फुटबॉल का खिलाड़ी, और फिर नर्तकी अन्त में पास्टर ने नाम लिया यीशु ; अधिकांश बच्चे सकपका गए, फिर एक छः वर्षीय बच्चे ने खड़े होकर, चहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट के साथ, स्वागत में अपनी बाहें फैला दीं। सभी लोगों ने ताली बजाकर उसकी प्रशंसा की।

      हम कितनी सरलता से यह भूल जाते हैं कि हमारी बुलाहट प्रतिदिन के जीवन में मसीह यीशु के समान बनने की है। “इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया” (इफिसियों 5:1-2)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने थिस्सलूनिकिया के मसीही विश्वासियों की सराहना की, क्योंकि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने मसीही विश्वास का व्यावाहारिक प्रदर्शन किया था। पौलुस ने लिखा, “और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे। यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने” (1 थिस्सलुनीकियों 1:6-7)।

      यह हमारे अन्दर प्रभु यीशु का जीवन ही है जो हमें प्रोत्साहित एवँ योग्य करता है कि हम इस सँसार में प्रभु के समान चलें, और सारे सँसार के समस्त लोगों के लिए परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को बताएँ, सबके स्वागत के लिए अपनी बाहों को खुला रखें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु की बाहें स्वागत में सदा खुली रहती हैं।

प्रभु यीशु ने कहा: “क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।” - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 1:1-10
1 Thessalonians 1:1 पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
1 Thessalonians 1:2 हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
1 Thessalonians 1:3 और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
1 Thessalonians 1:4 और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
1 Thessalonians 1:5 क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 1:6 और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
1 Thessalonians 1:7 यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
1 Thessalonians 1:8 क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
1 Thessalonians 1:9 क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम कैसे मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
1 Thessalonians 1:10 और उसके पुत्र के स्वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



सोमवार, 2 जुलाई 2018

समय



      मेरे बचपन में, हमारा परिवार महीने में एक बार मेरे नाना-नानी के घर जाया करता था, जो एक दूसरे प्रांत में, एक फार्महाउस में रहा करते थे। हम जब भी उनके फार्महाउस के दरवाज़े पर पहुँचते थे, मेरी नानी हमारा स्वागत इन शब्दों के साथ करती थीं, “आओ, अन्दर आओ; यहाँ कुछ समय आराम से बैठो।” यह उनका हमसे यह कहने का तरीका था कि हम आराम से रहें, कुछ समय उनके साथ बिताएं, और एक-दूसरे के हाल-चाल जानें, बात-चीत में समय बिताएं।

      जीवन बहुत व्यस्त हो सकता है। कार्यों से भरे हमारे सँसार में लोगों को जानना कठिन हो सकता है। किसी से यह कहने का समय निकालना कि वे आराम से आकर हमारे साथ बैठें और बात-चीत करें, कठिन हो सकता है। हम एक-दूसरे के साथ इधर-उधर की बात-चीत में समय बिताने के स्थान पर, एक-दूसरे को फोन के माध्यम से सन्देश भेजकर, उनसे मुद्दे की बात अधिक सरलता एवँ शीघ्रता से कर सकते हैं।

      परन्तु ध्यान कीजिए कि प्रभु यीशु मसीह ने क्या किया जब वे एक महसूल लेने वाले के जीवन में कार्य करना चाहते थे। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु यीशु ज़क्कई के घर गए, कि उसके साथ कुछ समय बिता सकें। उनके कहे शब्द, “...आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है” (लूका 19:5) संकेत करते हैं कि प्रभु यीशु ज़क्कई के घर केवल थोड़ा सा समय बिताने नहीं गए थे। प्रभु यीशु ने उसके साथ समय बिताया और प्रभु के साथ बिताए उस समय के कारण, ज़क्काई का जीवन बदल गया।

      मेरी नानी के घर के बरामदे में बहुत सी कुर्सियाँ थीं – सभी आगंतुकों के स्वागत और उन्हें आराम से बैठकर बात-चीत करने का संकेत देने के लिए। यदि हमें किसी को निकटता से जानना है और उनके जीवनों में अन्तर लाना है, जैसे प्रभु यीशु ने ज़क्कई के जीवन में किया, तो हमें उन्हें आमंत्रित करके उनके साथ समय बिताना होगा। - डेव ब्रैनन


किसी और कि जो सबसे अच्छा उपहार आप दे सकते हैं, 
वह आपका समय हो सकता है।

और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। - इफिसियों 5:16

बाइबल पाठ: लूका 19:1-9
Luke 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था।
Luke 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था।
Luke 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था।
Luke 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था।
Luke 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है।
Luke 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया।
Luke 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।
Luke 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।
Luke 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 22-24
  • प्रेरितों 11



रविवार, 21 जनवरी 2018

स्वागत


   हम अपने बेटे के साथ एक बड़ी समस्या के समय से होकर निकल रहे थे। एक चर्च सभा के बाद मेरे एक मित्र ने मुझे एक किनारे लेकर मुझ से कहा, “मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे और तुम्हारे बेटे के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करता हूँ;” उसने आगे कहा, “मुझे बहुत बुरा लगता है और मैं अपने आप को दोषी अनुभव करता हूँ।” मैं ने पूछा, “क्यों?” तो उसने उत्तर दिया, “क्योंकि मुझे कभी उद्दंड बच्चों के साथ व्यवहार नहीं करना पड़ा है। मेरे बच्चे अपने आप ही नियमों के अनुसार चलते रहे; मुझे उन्हें कुछ कहने या नहीं कहने की आवश्यकता ही नहीं हुई।” फिर उसने कंधे झटकते हुए कहा, “बच्चे अपने चुनाव स्वयं ही कर लेते हैं।”

   मैं उसे गले लगाना लेना चाहता था। उसकी सहानुभूति मेरे लिए परमेश्वर की ओर से एक उपहार था, एक स्मरण कराना कि मेरा स्वर्गीय पिता मेरे बेटे के साथ मेरे संघर्ष को जानता, समझता है, उसका ध्यान रखता है।

   उद्दंड बच्चों के साथ के संघर्ष को हमारे स्वर्गीय पिता से बेहतर कोई नहीं जानता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दी गई उड़ाऊ पुत्र की कहानी, हमारे और परमेश्वर के संबंध की कहानी है। प्रभु यीशु ने यह कहानी उन सभी पापियों के लिए कही है जिन्हें अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता के पास आने और उसके साथ प्रेम के संबंध को अनुभव करने की आवश्यकता है।

   प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर है, जो हमें प्रेम की दृष्टि से देखता रहता है और प्रतीक्षा में रहता है कि हम उसके पास लौट कर आ जाएँ। वो उस कहानी का प्रेमी पिता है जो दौड कर अपनी सन्तान को गले लगाना चाहता है, पश्चातापी पापी का प्रेम और आदर के साथ घर में स्वागत करना चाहता है।

   प्रभु परमेश्वर ने हमारे स्वागत के लिए घर के बरामदे की बत्ती ही जली नहीं छोड़ी है, वह भी बरामदे में बैठा हमारी प्रतीक्षा कर रहा है कि हम लौट कर उसके पास आएँ और वह हमारा स्वागत करे। - जेम्स बैंक


हमारे प्रिय जन हमारे आग्रह ठुकरा सकते हैं,हमारे संदेशों को अनसुना कर सकते हैं, 
हमारे समझाने का विरोध कर सकते हैं, हमारे व्यक्तित्व को तुच्छ समझ सकते हैं – 
परन्तु हमारी प्रार्थनाओं के आगे बेबस हैं। - जे. सिडलो बैक्सटर

क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है। - भजन 86:5

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21



गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

खुली बाहें


   प्रतिदिन एक पिता मार्ग पर नज़रें गड़ाए बड़ी लालसा से देखता रहता था, उसे अपने पुत्र के आने की प्रतीक्षा थी; और प्रति संध्या वह निराश अपने बिस्तर पर सोने के लिए जाता था क्योंकि वह पुत्र नहीं आया था। परन्तु एक दिन मार्ग पर दूर कोई आता हुआ दिखाई दिया, कुछ देर में एक मानव आकृति निकट आती हुई दिखाई दी। पिता के मन में आशा बंधी; उसने अपने आप से पूछा, ’क्या ये मेरा पुत्र होगा?’ फिर जब वह व्यक्ति और निकट आया तो पिता को उसकी चाल परिचित लगी, और मन में विश्वास जाग उठा, ’यह मेरा पुत्र ही है!’

   ऐसा होते ही, "...वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा" (लूका 15:20)। जो पिता ने किया वह उस समय के व्यवहार और संस्कारों के विरुध्द था, कि कोई संभ्रांत व्यक्ति ऐसे दौड़ता हुआ मार्ग पर निकल जाए। परन्तु पिता को इसकी कोई परवाह नहीं थी, वह तो अपने पुत्र से मिलने जा रहा था, उसके आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, उसे अपने पुत्र को गले लगाने से रोकने वाली कोई बात हो नहीं सकती थी।

   वह पुत्र अपने पिता से मिले इस स्वागत के योग्य नहीं था क्योंकि वह स्वयं ही पिता से संपत्ति का अपना भाग लेकर पिता का घर छोड़ कर चला गया था, और दुराचार तथा बुरी संगति में सारी दौलत उड़ा दी थी। पिता से संपत्ति का अपना भाग माँगने का दावा करना और संपति ले लेना एक प्रकार से यह दर्शाना था कि उस पुत्र के लिए पिता अब दिवंगत है, और पिता के मरणोप्रांत वह विरासत के अपना अधिकार पर दावा कर रहा है। परन्तु पुत्र ने पिता के साथ जो भी किया था, उसके बावजूद, अपने पिता की दृष्टि में वह अभी भी उसका पुत्र था (पद 24)। पिता ने लौट कर आए हुए उस पश्चातापी पुत्र को क्षमा कर दिया, घर में उसका स्थान उसे बहाल कर दिया, उसके लौटने का बड़ा आनन्द मनाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया यह दृष्टांत मुझे स्मरण दिलाता है कि मेरा परमेश्वर पिता भी मुझे मेरे किसी कार्य या भलाई या धार्मिकता के कारण नहीं वरन संपूर्णतः अपने प्रेम और अनुग्रह के कारण स्वीकार करता है, मेरे पापों को क्षमा करता है, और मुझे अपने परिवार का सदस्य बना लेता है। यह दृष्टांत मुझे यह भी एहसास करवाता है कि मैं चाहे जितना भी नीचे गिर जाऊँ, परन्तु फिर भी अपने पापों के लिए मेरे पश्चातापी होते ही मेरे परमेश्वर पिता का अनुग्रह मुझे उठा कर बहाल कर सकता है। मैं इस बात से सदा आश्वस्त रह सकता हूँ कि मेरा परमेश्वर पिता सदा मेरी प्रतीक्षा में रहता है और जैसे ही मैं उसकी ओर अपने कदम बढ़ाता हूँ, वह खुली बाहों से मेरा स्वागत करता है, मेरे लौट आने का आनन्द मनाता है। - पो फैंग चिया


हम दण्ड पाने के योग्य हैं, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें क्षमा मिलती है; 
हमें परमेश्वर का क्रोध मिलना चाहिए, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें परमेश्वर से प्रेम मिलता है। - फिलिप यैन्सी

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। 
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। 
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। 
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा। 
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। 
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। 
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। 
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। 
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। 
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। 
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ। 
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। 
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32