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बुधवार, 11 दिसंबर 2019

उपहार



      लंडन में स्थित कैफे रांदेवू में सुन्दर रौशनी, बैठने के लिए आरामदेह सोफा, और वातावरण में अच्छी कॉफ़ी की गंध है। जो वहाँ नहीं है, वह है कीमतों की सूची – वहाँ सब कुछ मुफ्त है। इसका आरंभ स्थानीय चर्च के द्वारा एक व्यवसाय के रुप में हुआ था, और आरम्भ होने के एक वर्ष पश्चात इसे यह स्वरुप दिया गया। वहाँ के प्रबंधकों को यह लगा कि परमेश्वर उन्हें कुछ बिलकुल ही नया करने के लिए बुला रहा है – सब कुछ मुफ्त में देने के लिए। आज आप वहाँ पर कॉफ़ी, केक, सैंडविच आदि बिना कुछ भी कीमत चुकाए मंगवा सकते हैं। वहाँ कोई दान-पात्र भी नहीं रखा गया है। सब कुछ उपहार के रूप में है।

      मैंने वहाँ के एक प्रबंधक से पूछा कि वे लोग इतने उदार क्यों हैं? उसने उत्तर दिया, “हम लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार करने का प्रयास कर रहे हैं, जैसा परमेश्वर ने हमारे साथ किया है। हम चाहे उसका धन्यवाद करें या न करें, परमेश्वर हमें फिर भी देता रहता है। वह हमारे प्रति, हमारी कल्पना से भी कहीं अधिक उदार रहता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल से हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने हमें हमारे पापों से छुडाने और परमेश्वर के साथ हमारा मेल-मिलाप करवाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा। आज प्रभु जीवित है और हमारे लिए विनती तथा निवेदन करता है। प्रभु के इस बलिदान और पुनरुत्थान के कारण, जिससे समस्त संसार के सभी लोगों के पापों का दण्ड चुका दिया गया, उसपर विश्वास करने और उसे अपना जीवन समर्पित करने के द्वारा हमारे सारे अपराध क्षमा हो सकते हैं, और हमें एक नया जीवन प्राप्त हो सकता है (इफिसियों 2:1-5)। और इससे संबंधित एक बहुत अद्भुत बात यह है कि यह सब हमें मुफ्त में उपलब्ध करवाया गया है, एक उपहार के समान। जो नया जीवन प्रभु हमें देता है न तो हम उसे खरीद सकते हैं, और न ही उसकी कीमत के लिए अपना कुछ योगदान दे सकते हैं (पद 8-9); हम बस उसे एक उपहार के समान स्वीकार कर सकते हैं और उपयोग कर सकते हैं।

      जब कैफे रांदेवू में काम करने वाले लोग, कॉफ़ी और केक परोसते हैं, वे परमेश्वर की उदारता की एक झलक लोगों के लिए प्रस्तुत करते हैं। मुझे और आपको अनन्त जीवन उपहार स्वरूप मुफ्त में इसलिए दिया जाता है क्योंकि प्रभु यीशु ने उसकी कीमत अपने जीवन के द्वारा चुका दी है। - शेरेडियन वॉयसे

प्रभु यीशु में अनन्त जीवन ग्रहण करने के लिए मुफ्त प्रदान किया जाने वाला एक उपहार है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-9
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 2



मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

पुनःस्थापित



      हमारे चर्च में एक अतिथि मसीही संगीत मण्डली आराधना और स्तुति में अगुवाई कर रही थी, और प्रभु के लिए उनका उत्साह हृदय-स्पर्शी था। हम उनके प्रभु के प्रति प्रेम और उत्साह को देख तथा अनुभव कर सकते थे। फिर उन संगीतज्ञों ने बताया कि वे सभी किसी न किसी जुर्म के लिए कैदी रह चुके थे। उनके यह बताने के बाद उनके द्वारा गाए जाने वाले गीतों का एक नया ही अर्थ हो गया, और मैं समझ सका कि उनके स्तुति के शब्दों का उनके लिए इतना गहरा महत्त्व क्यों है। उनकी वह स्तुति और आराधना उनके पहले टूटे हुए और फिर प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाने के द्वारा पुनःस्थापित हुए जीवनों की गवाही थी।

      संसार सफलता को गले लगाता है, परन्तु प्रभु यीशु असफल और टूटे हुओं को भी अपने पास बुलाता है और उन्हें वही आदर तथा स्थान देता है जो अन्य किसी का है। ऐसे लोगों के जीवनों की कहानियां हमें यह आश्वासन देती है कि हमारे लिए एक आशा है; हम चाहे कितनी ही बार असफल क्यों न रहे हों, परन्तु हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम फिर भी बना रहता है, वह हमें अपने पास रखने के लिए सदा लालायित रहता है। पास्टर गैरी इनरिग कहते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 11, जो कि परमेश्वर पर विश्वास करने वाले दिग्गजों की सूची है, को विशवास के दिग्गजों के स्थान पर परमेश्वर द्वारा पुनःस्थापित असफल व्यक्तियों की सूची कहा जा सकता है। इब्रानियों 11 की उस सूची में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसके जीवन में कोई गंभीर कमी या त्रुटि न रही हो, और जिसे परमेश्वर ने पुनःस्थापित न किया हो। परमेश्वर के अनुग्रह का यह महान सिद्धांत है कि वह असफल लोगों को पुनःस्थापित करने के कार्य में लगा हुआ है; उसे ऐसे लोगों की लालसा है, और वह उनके जीवनों में सुधार का कार्य करना चाहता है, यदि वे उसे ऐसा करनें दें तो।

      मुझे भजन 145 की शान्ति और आशवासन बहुत पसंद है; यह भजन परमेश्वर के अद्भुत कार्यों (पद 5-6), और महिमामय राज्य (पद 11) की बात करता है। फिर इसमें परमेश्वर की करुणा (पद 8-9) और विश्वासयोग्यता का वर्णन दिया गया है (पद 13), और फिर इसके तुरंत बाद भजन बताता है कि वह गिरे हुओं को उठाता और संभालता है (पद 14)। हम पतित मनुष्यों को उठाने के लिए उसके सभी गुणों को व्यक्त किया गया है। निःसंदेह परमेश्वर पुनःस्थापित करने के कार्य में लगा हुआ है।

      क्या आप पहले कभी जीवन में असफल रहे हैं? हम सभी रहे हैं। क्या आप पुनःस्थापित हो गए हैं? जितने प्रभु परमेश्वर द्वारा छुड़ाए और बचाए गए हैं, वे सभी पुनःस्थापित किए गए हैं, तथा परमेश्वर के अनुग्रह की गवाही हैं। - लेस्ली को

हमारे असफल जीवन, परमेश्वर द्वारा सफल किए जाने की गवाही बन सकते हैं।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: भजन 145:1-16
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।
Psalms 145:14 यहोवा सब गिरते हुओं को संभालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है।
Psalms 145:15 सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उन को आहार समय पर देता है।
Psalms 145:16 तू अपनी मुट्ठी खोल कर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 1



सोमवार, 9 दिसंबर 2019

परिवर्तन



      मुख्य समाचार का शीर्षक था, “परिवर्तन: अन्दर से बाहर या बाहर से अन्दर?” जो कि वर्तमान के एक लोकप्रीय चलन को प्रतिबिंबित कर रहा था। यह विचार कि अपने बाहरी स्वरूप को निखारने के द्वारा या बाहर से बेहतर दिखने के द्वारा हम अपने भीतर जो अनुभव करते हैं उसे सरलता से बदल सकते हैं, और अपने जीवन भी बदल सकते हैं, परिवर्तन करने के लिए एक सरल तरीका हो सकता है।

      यह एक आकर्षक विचार है – बेहतर दिखने के द्वारा अपने जीवन को बेहतर कौन नहीं करना चाहेगा? हम में से बहुतेरों ने कठिनाइयों का सामना करने के द्वारा सीखा है कि पुरानी आदतों को छोड़ना लगभग असंभव होता है। साधारण से बाहरी परिवर्तनों पर ध्यान करने के द्वारा एक आशा होती है कि जीवन सुधारने के लिए कोई सरल तरीका भी हो सकता है।

      किन्तु यद्यपि, ऐसे परिवर्तन हमारे जीवनों को सुधार सकते हैं, परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक गहरे परिवर्तन के प्रयास के लिए आमंत्रित करती है – ऐसा परिवर्तन जो हम अपने आप से कभी नहीं कर सकते हैं। इसी संबंध में पौलुस प्रेरित ने गलातियों 3 अध्याय में तर्क दिया कि परमेश्वर की व्यवस्था, जो कि उसकी इच्छा को प्रकट करने वाला एक अनमोल उपहार है, परमेश्वर के लोगों के टूटेपन को चंगा नहीं कर सकी (पद 19-22)। सच्ची चंगाई और स्वतंत्रता के लिए उन्हें विश्वास के द्वारा मसीह यीशु को “पहन” लेना था (पद 27), उसकी आत्मा की सहायता द्वारा (5:5)। जब वे इस प्रकार से उसके द्वारा पृथक किए जाकर एक नए स्वरूप में ढाले जाएंगे, तब ही वे अपनी सच्ची पहचान और कीमत को जानने पाएँगे – कि प्रत्येक मसीही विश्वासी परमेश्वर की सभी प्रतिज्ञाओं का बराबर का हकदार है (3:28-29)।

      हम अपने आप को सुधारने के तरीकों पर अपनी बहुत सी ऊर्जा व्यय कर सकते हैं। परन्तु हमारे जीवनों में सबसे गहरा और सबसे संतुष्ट करने वाला परिवर्तन हमारे हृदयों में उस प्रेम को जानने के द्वारा होता है जो समस्त ज्ञान से परे है (इफिसियों 3:17-19) – प्रेम जो सब कुछ परिवर्तित कर देता है। - मोनिका ब्रैंड्स

सच्चा और स्थाई परिवर्तन केवल प्रभु यीशु में ही संभव है।

क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। - गलातियों 5:5

बाइबल पाठ: गलातियों 3:22-29
Galatians 3:22 परन्तु पवित्र शास्त्र ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करने वालों के लिये पूरी हो जाए।
Galatians 3:23 पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की आधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होने वाला था, हम उसी के बन्‍धन में रहे।
Galatians 3:24 इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारी शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें।
Galatians 3:25 परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे।
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो।
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है।
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो।
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा



रविवार, 8 दिसंबर 2019

अनुग्रह



      मैं हाई स्कूल का विद्यार्थी था, और कुछ काम भी किया करता था। एक शनिवार की प्रातः, मैं अपने कार्यस्थल पर, जो कि एक खेलने का स्थान था, जल्दी पहुँचने के लिए आतुर था। पिछली संध्या मैं देर तक काम करता रहा था, फर्श की सफाई करता रहा था क्योंकि सफाई कर्मचारी बीमार होने के कारण नहीं आया था। मैंने मालिक को सफाई कर्मचारी के बारे में नहीं बताया, क्योंकि मैं उन्हें चकित करना चाहता था; और मैंने सोचा कि इससे क्या गलत हो जाएगा?

      जैसा मैंने जाना, बहुत कुछ गलत हो सकता था और हुआ।

      जैसे ही मैं कार्यस्थल पर पहुँचकर दरवाज़े के अन्दर घुसा, मैंने देखा कि फर्श पर कुछ इंच तक पानी भरा हुआ था, और उस पानी में वहाँ का बहुत सा सामान तैर रहा था। तब मुझे ध्यान आया कि मैंने क्या गलती कर दी थी – फर्श को साफ़ करते समय, मैंने पानी भरने के लिए जिस नल को खोला था, उसे मैं रात भर खुला ही छोड़ आया था! लेकिन बहुत अचरज की बात थी कि मेरे मालिक ने मेरा स्वागत एक बड़ी सी मुस्कराहट और मुझे गले लगाने के साथ किया – “तुमने प्रयास तो किया”, उन्होंने कहा।

      हम परमेश्वर के वचन बाइबल में शाऊल के बारे में देखते हैं कि वह मसीही विश्वासियों का पीछा करने और उन्हें सताने में लगा हुआ था (प्रेरितों 9:1-2), और जब इसी के लिए वह दमिश्क जा रहा था, तो उसका सामना प्रभु यीशु मसीह से हुआ (पद 3-4)। प्रभु यीशु ने इस शीघ्र ही ‘पौलुस प्रेरित’ के नाम से जाने जानेवाले व्यक्ति का सामना उसके पापों से करवाया। उस अनुभव में शाऊल/पौलुस अंधा हो गया, और परमेश्वर ने हनन्याह नामक एक मसीही विश्वासी को भेजकर, उसके द्वारा पौलुस को उसकी दृष्टि वापस की, जो कि परमेश्वर द्वारा पौलुस के प्रति दिखाया गया अनुग्रह का कार्य था (पद 17)।

      मुझे और शाऊल दोनों को ही अनपेक्षित अनुग्रह प्राप्त हुआ। अधिकाँश लोग जानते हैं कि उनके जीवन बिगड़े हुए हैं। उन्हें सुधरने के लिए भाषणों की बजाए छुटकारे के लिए एक आशा की आवश्यकता है। कठोर चेहरे और तीक्षण शब्द उस उन्हें उस आशा को देख पाने में बाधा हो सकते हैं। हनन्याह, या मेरे मालिक के समान, प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों को भी इन लोगों के जीवन परिवर्तित करने में सहायक होने के लिए, उनके लिए अनुग्रह का रूप बनना चाहिए। - रैंडी किल्गोर

एक मसीही के अनुग्रहपूर्ण कार्य, 
किसी के लिए उद्धारकर्ता तक पहुँचने के मार्ग को सरल बना सकते हैं।

इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस से पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है। - प्रेरितों 20:28

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:1-19
Acts 9:1 और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया।
Acts 9:2 और उस से दमिश्क के अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्‍ध कर यरूशलेम में ले आए।
Acts 9:3 परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी।
Acts 9:4 और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?
Acts 9:5 उसने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उसने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है।
Acts 9:6 परन्तु अब उठ कर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा।
Acts 9:7 जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे।
Acts 9:8 तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए।
Acts 9:9 और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया।
Acts 9:10 दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उसने कहा; हां प्रभु।
Acts 9:11 तब प्रभु ने उस से कहा, उठ कर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है।
Acts 9:12 और उसने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए।
Acts 9:13 हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्र लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं।
Acts 9:14 और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्‍ध ले।
Acts 9:15 परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्र है।
Acts 9:16 और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
Acts 9:17 तब हनन्याह उठ कर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात यीशु, जो उस रास्‍ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाए।
Acts 9:18 और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठ कर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन कर के बल पाया।
Acts 9:19 और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 8-10
  • 3 यूहन्ना



शनिवार, 7 दिसंबर 2019

प्राथमिकता



      जब हम वायु यान से यात्रा करते हैं तो उड़ान भरने से पूर्व विमान का एक कर्मचारी आपात स्थिति में बचाव संबंधी निर्देश बताता है, जिनमें यह भी बताता है कि विमान के अन्दर हवा के दबाव या ऑक्सीजन की कमी होने के कारण यदि उनके सामने ऑक्सीजन के मास्क लटकने लगें तो किसी अन्य की सहायता करने से पहले, प्रत्येक व्यक्ति अपना मास्क ठीक से पहन ले, और तब ही किसी अन्य की सहायता करे। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि कोई स्वयं ही सही स्थिति में नहीं होगा तो फिर वह किसी अन्य की सही प्रकार से सहायता कैसे कर सकेगा। दूसरों की सहायता करने से पहले स्वयं को सचेत होना आवश्यक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने तिमुथियुस को लिखा कि वह अपने आत्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखे, औरों की सेवा और सहायता करने से पूर्व। उसने तिमुथियुस को उसकी पास्टर होने की अनेकों जिम्मेदारियों का स्मरण करवाया, जैसे कि, झूठे शिक्षकों से संघर्ष (1 तिमुथियुस 4:1-5), गलत सैद्धांतिक शिक्षाओं को सही करना (पद 6-8)। परन्तु अपने दायित्वों का सही निर्वाह करने के लिए जो सबसे अधिक आवश्यक था वह था कि “...इन बातों पर स्थिर रह...” (पद 16)। प्रभु के साथ औरों के संबंध को बनाने या सुधारने से पहले, उसे प्रभु के साथ अपने संबंध की सही देखभाल करते रहने की आवश्यकता थी।

      पौलुस ने जो तिमुथियुस को सिखाया, वही आज हम पर भी वैसे ही लागू होता है। प्रतिदिन हमारा सामना ऐसे लोगों से होता है जो प्रभु को नहीं जानते हैं। जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल के नियमित अध्ययन, प्रार्थना में उसके साथ बिताए गए समय, और पवित्र आत्मा की प्रेरणा से मिले निर्देशों के पालन के द्वारा अपनी आत्मिक दशा को सही रखते हैं, तब ही हम औरों की सही प्रकार से सहायता करने के लिए सचेत रह सकते हैं। हमें अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना चाहिए जिससे प्रभु के लिए उपयोगी बन सकें। - सी. पी. हिया

मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से संसार के लोग प्रभु यीशु को देखते हैं।

अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:12

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 4:12-16
1 Timothy 4:12 कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा।
1 Timothy 4:13 जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
1 Timothy 4:14 उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्‍चिन्‍त न रह।
1 Timothy 4:15 उन बातों को सोचता रह, और इन्हीं में अपना ध्यान लगाए रह ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख।
1 Timothy 4:16 इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुनने वालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 5-7
  • 2 यूहन्ना



शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

भरोसा



      सन 1992 में लगी एक चोट के कारण मुझे पीठ, कन्धों और गर्दन में लगातार दर्द बना रहता है। कभी-कभी यह दर्द बहुत बढ़ जाता है और निराशाजनक हो जाता है, और ऐसे में प्रभु पर भरोसा बनाए रखना या उसकी स्तुति और आराधना करना सरल नहीं होता है। परन्तु जब मेरी स्थिति असहनीय हो जाती है, तब परमेश्वर की लगातार साथ बनी रहने वाली उपस्थिति मुझे उसकी कभी न बदलने वाली भलाई, असीम सामर्थ्य, और संभाले रखने वाले अनुग्रह के प्रति आश्वस्त करती है। और जब भी मुझे मेरे प्रभु पर संदेह करने का प्रलोभन होता है, तो परमेश्वर के वचन बाइबल में दानिय्येल नबी के साथ के तीन पात्रों, शद्रक, मेशक, और अबेदनगो के दृढ़ विश्वास के द्वारा मुझे प्रोत्साहन मिलता है। उन तीनों ने परमेश्वर की आराधना की, तथा उस पर अपना भरोसा बनाए रखा कि वो उनके साथ बना हुआ है, तब भी जब उनकी परिस्थिति पूर्णतः आशाहीन थी।

      जब राजा नबूकदनेस्सर ने उन्हें धधकती हुई आग की भट्टी में डालने की धमकी दी, क्योंकि उन्होंने राजा द्वारा बनवाई गई सोने की मूर्ति की उपासना करने से मना किया था (दानिय्येल 3:13-15), तब इन तीनों ने साहस और दृढ़ विश्वास प्रदर्शित किया। उन्होंने परमेश्वर ही की आराधना करते रहने के विषय कभी संदेह भी नहीं किया, चाहे परमेश्वर उन्हें उस विषम परिस्थिति से छुड़ाए या न छुड़ाए (पद 17, 18)। और परमेश्वर ने भी उनकी आवश्यकता के समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा; वह उनके साथ उस आग की भट्टी में भी गया और वहाँ पर उनकी रक्षा भी की (पद 24-25)।

      परमेश्वर हमें भी कभी भी अकेला नहीं छोड़ता है। हमारी परीक्षाओं और कठिनाइयों में, चाहे वे हमें नबूकदनेस्सर की भट्टी के  समान विनाशकारी ही क्यों न लगें, वह हमारे साथ बना रहता है। चाहे इस लोक में हमारे दुखों का अंत न भी हो, तो भी परमेश्वर सदा ही सामर्थी, विश्वासयोग्य, और भला है और बना रहेगा। हम उसकी लगातार और प्रेमपूर्ण उपस्थिति के हमारे साथ बने रहने पर निश्चिन्त होकर पूर्ण भरोसा कर सकते हैं। - जोशील डिक्सन

विश्वास हमारे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अपरिवर्तनीय चरित्र पर आधारित है,
 न कि हमारी परिस्थितियों पर।

यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं। - 1 कुरिन्थियों 15:19

बाइबल पाठ: दनिय्येल 3:13-25
Daniel 3:13 तब नबूकदनेस्सर ने रोष और जलजलाहट में आकर आज्ञा दी कि शद्रक, मेशक, और अबेदनगो को लाओ। तब वे पुरूष राजा के साम्हने हाजिर किए गए।
Daniel 3:14 नबूकदनेस्सर ने उन से पूछा, हे शद्रक, मेशक, और अबेदनगो, तुम लोग जो मेरे देवता की उपासना नहीं करते, और मेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत नहीं करते, सो क्या तुम जान बूझकर ऐसा करते हो?
Daniel 3:15 यदि तुम अभी तैयार हो, कि जब नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो, और उसी क्षण गिर कर मेरी बनवाई हुई मूरत को दण्डवत करो, तो बचोगे; और यदि तुम दण्डवत न करो तो इसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाले जाओगे; फिर ऐसा कौन देवता है, जो तुम को मेरे हाथ से छुड़ा सके?
Daniel 3:16 शद्रक, मेशक और अबेदनगो ने राजा से कहा, हे नबूकदनेस्सर, इस विषय में तुझे उत्तर देने का हमें कुछ प्रयोजन नहीं जान पड़ता।
Daniel 3:17 हमारा परमेश्वर, जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्टे की आग से बचाने की शक्ति रखता है; वरन हे राजा, वह हमें तेरे हाथ से भी छुड़ा सकता है।
Daniel 3:18 परन्तु, यदि नहीं, तो हे राजा तुझे मालूम हो, कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे, और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे।
Daniel 3:19 तब नबूकदनेस्सर झुंझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उसने आज्ञा दी कि भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दो।
Daniel 3:20 फिर अपनी सेना में के कई एक बलवान पुरूषों को उसने आज्ञा दी, कि शद्रक, मेशक और अबेदनगो को बान्धकर उन्हें धधकते हुए भट्ठे में डाल दो।
Daniel 3:21 तब वे पुरूष अपने मोजों, अंगरखों, बागों और और वस्त्रों सहित बान्धकर, उस धधकते हुए भट्ठे में डाल दिए गए।
Daniel 3:22 वह भट्ठा तो राजा की दृढ़ आज्ञा होने के कारण अत्यन्त धधकाया गया था, इस कारण जिन पुरूषों ने शद्रक, मेशक और अबेदनगो को उठाया वे ही आग की आंच से जल मरे।
Daniel 3:23 और उसी धधकते हुए भट्ठे के बीच ये तीनों पुरूष, शद्रक, मेशक और अबेदनगो, बन्धे हुए फेंक दिए गए।
Daniel 3:24 तब नबूकदनेस्सर राजा अचम्भित हुआ और घबरा कर उठ खड़ा हुआ। और अपने मन्त्रियों से पूछने लगा, क्या हम ने उस आग के बीच तीन ही पुरूष बन्धे हुए नहीं डलवाए? उन्होंने राजा को उत्तर दिया, हां राजा, सच बात तो है।
Daniel 3:25 फिर उसने कहा, अब मैं देखता हूं कि चार पुरूष आग के बीच खुले हुए टहल रहे हैं, और उन को कुछ भी हानि नहीं पहुंची; और चौथे पुरूष का स्वरूप ईश्वर के पुत्र के सदृश्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5



गुरुवार, 5 दिसंबर 2019

प्रेम



      जब मेरी बहन मेसेल छोटी थी, तो वह एक प्रचलित और जाना-माना मसीही स्तुति गीत अपनी ही रीति से गाया करती थी: “यीशु मुझ से करता प्यार, बाइबल बताती मेसेल को।” उसके द्वारा यह गीत इस प्रकार से गाया जाना सुनकर मुझे, जो उसकी बड़ी तथा अधिक ‘बुद्धिमान’ बहन थी, बहुत खिसियाहट होती थी! मैं जानती थी कि उस गीत की वह पंक्ति ‘...बाइबल बताती सभी को’ है न कि ‘...मेसेल को’ परन्तु मैं कितना भी कह लूँ वह तो अपने ही तरीके से ‘...मेसेल को’ ही गाती थी।

      अब मैं जानती हूँ कि मेसेल सही थी। परमेश्वर का वचन बाइबल यही सिखाती है कि प्रभु यीशु हम सभी से प्रेम करता है। बाइबल में हम बारंबार इसी सत्य को विभिन्न प्रकार से दोहराया गया देखते हैं। उदाहरण के लिए यूहन्ना रचित सुसमाचार के सुप्रसिद्ध पद को ही देखिए: “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए” (यूहन्ना 3:16)।

      प्रभु के प्रेम के इस सन्देश को यूहन्ना अपनी पत्री में भी दोहराता है: “प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा” (1 यूहन्ना 4:10)। जैसे यूहन्ना जानता था कि प्रभु यीशु उससे प्रेम करते हैं, हम भी वैसे ही आश्वस्त रह सकते हैं – प्रभु परमेश्वर हम से प्रेम करता है, और बाइबल हमें यही बताती है। - एलिसन कीडा

यीशु मुझसे प्यार करता है; मैं यह जानता हूँ।

देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। - 1 यूहन्ना 3:1-2

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-16
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-2
  • 1 यूहन्ना 4