ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

रविवार, 21 जनवरी 2018

स्वागत


   हम अपने बेटे के साथ एक बड़ी समस्या के समय से होकर निकल रहे थे। एक चर्च सभा के बाद मेरे एक मित्र ने मुझे एक किनारे लेकर मुझ से कहा, “मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे और तुम्हारे बेटे के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करता हूँ;” उसने आगे कहा, “मुझे बहुत बुरा लगता है और मैं अपने आप को दोषी अनुभव करता हूँ।” मैं ने पूछा, “क्यों?” तो उसने उत्तर दिया, “क्योंकि मुझे कभी उद्दंड बच्चों के साथ व्यवहार नहीं करना पड़ा है। मेरे बच्चे अपने आप ही नियमों के अनुसार चलते रहे; मुझे उन्हें कुछ कहने या नहीं कहने की आवश्यकता ही नहीं हुई।” फिर उसने कंधे झटकते हुए कहा, “बच्चे अपने चुनाव स्वयं ही कर लेते हैं।”

   मैं उसे गले लगाना लेना चाहता था। उसकी सहानुभूति मेरे लिए परमेश्वर की ओर से एक उपहार था, एक स्मरण कराना कि मेरा स्वर्गीय पिता मेरे बेटे के साथ मेरे संघर्ष को जानता, समझता है, उसका ध्यान रखता है।

   उद्दंड बच्चों के साथ के संघर्ष को हमारे स्वर्गीय पिता से बेहतर कोई नहीं जानता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दी गई उड़ाऊ पुत्र की कहानी, हमारे और परमेश्वर के संबंध की कहानी है। प्रभु यीशु ने यह कहानी उन सभी पापियों के लिए कही है जिन्हें अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता के पास आने और उसके साथ प्रेम के संबंध को अनुभव करने की आवश्यकता है।

   प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर है, जो हमें प्रेम की दृष्टि से देखता रहता है और प्रतीक्षा में रहता है कि हम उसके पास लौट कर आ जाएँ। वो उस कहानी का प्रेमी पिता है जो दौड कर अपनी सन्तान को गले लगाना चाहता है, पश्चातापी पापी का प्रेम और आदर के साथ घर में स्वागत करना चाहता है।

   प्रभु परमेश्वर ने हमारे स्वागत के लिए घर के बरामदे की बत्ती ही जली नहीं छोड़ी है, वह भी बरामदे में बैठा हमारी प्रतीक्षा कर रहा है कि हम लौट कर उसके पास आएँ और वह हमारा स्वागत करे। - जेम्स बैंक


हमारे प्रिय जन हमारे आग्रह ठुकरा सकते हैं,हमारे संदेशों को अनसुना कर सकते हैं, 
हमारे समझाने का विरोध कर सकते हैं, हमारे व्यक्तित्व को तुच्छ समझ सकते हैं – 
परन्तु हमारी प्रार्थनाओं के आगे बेबस हैं। - जे. सिडलो बैक्सटर

क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है। - भजन 86:5

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21



शनिवार, 20 जनवरी 2018

असली


   कुछ वर्ष पहले, अपने परिवार में हुई एक त्रासदी के बारे में Our Daily Bread में लिखने के पश्चात, मुझे एक पाठक का पत्र मिला; उसने लिखा था, “जब आपने अपनी त्रासदी के बारे में बताया, तो मुझे एहसास हुआ कि लिखने वाले आप लोग भी असली हो, आप भी असल में समस्याओं का सामना करते हैं।” यह बात कितनी सत्य है! मैं जब अपने साथी लेखकों के बारे में विचार करता हूँ, तो मुझे हमारे मध्य में विद्यमान कैंसर, पथभ्रष्ठ सन्तान, अधूरे सपने, और ऐसे ही अन्य अनेकों समस्याओं का ध्यान हो आता है। इसमें कोई शक की बात ही नहीं है कि हम सँसार के अन्य लोगों के समान ही, असली लोग हैं, जो एक असली परमेश्वर के बारे में लिखे हैं; ऐसा परमेश्वर जो हमारी समस्याओं को समझता है, उनमें हमारे साथ रहता है, उनसे पार पाने के लिए हमें सामर्थ्य और सदबुद्धि देता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस मसीही विश्वास के जीवन एक अदभुत अनुसरण योग्य उदाहरण प्रस्तुत करता है। उसे शारीरिक समस्याएँ थीं; उसे वैधानिक समस्याएँ थीं। उसे मसीही विश्वासियों में परस्पर संबंधों को लेकर भी संघर्ष करने पड़े। और इन सब समस्याओं से जूझते हुए भी, उसने हमारे लिए मसीही विश्वास के जीवन का एक अनुपम एक उदाहरण स्थापित किया। उसने फिलिप्पियों 3:17 में लिखा, “हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।”

    हमारे आस-पास जिन लोगों को सुसमाचार की, प्रभु यीशु मसीह की, आवश्यकता है, वे ऐसे लोगों के जीवनों और उदाहरणों को खोज रहे हैं जो उन्हें असली और अनुसरण योग्य दिखें, ऐसे लोग जो अपने जीवनों के उदाहरण के द्वारा उन्हें हमारे सिद्ध उद्धारकर्ता की ओर संकेत कर सकें। इसका अर्थ है कि हमें अपने व्यवाहारिक जीवन में असली होना है, मसीह यीशु को असल में प्रदर्शित करना है। - डेव ब्रैनन


यदि हम परमेश्वर के प्रति सच्चे हैं, तो हम लोगों के प्रति झूठे कभी नहीं होंगे।

कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तिमुथियुस 4:12

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:17-21
Philippians 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Philippians 3:18 क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Philippians 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Philippians 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Philippians 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 49-50
  • मत्ती 13:31-58


शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

अनुसरण


   तिब्बती शेरपा नवांग गोम्बू और अमेरिकी जिम व्हिटेकर एवरेस्ट पर्वत की चोटी पर 1 मई, 1963 को पहुँचे। जब वे शिखर के निकट आ रहे थे तो दोनों के मन में शिखर पर पहले कदम रखने के आदर को पाने के बारे में विचार चल रहे थे। शिखर के निकट पहुँच कर व्हिटेकर ने गोम्बू को इशारा किया कि शिखर पर पहले कदम वह रखे, परन्तु गोम्बू ने मुस्कुराते हुए मना किया और कहा, “पहले आप, बिग जिम!” अंततः दोनों ने एक साथ शिखर पर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया और एक साथ एवरेस्ट के शिखर पर पहुँचे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने फिलिप्पियों की मण्डली के लोगों को इसी प्रकार की नम्रता दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया। उसने उन्हें लिखा, “हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे” (फिलिप्पियों 2:4)। स्वार्थ और बड़ा बनने की भावना लोगों में विभाजन ला सकती है, परन्तु दीनता और नम्रता हमें एक करती है, क्योंकि यह “एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो” (पद 2) वाला गुण है।

   जब भी झगड़े और मतभेद उत्पन्न हों, सही होने के अपने अधिकार का त्याग कर के, हम उन्हे बढ़ने से पहले ही समाप्त कर सकते हैं। नम्रता चाहती है कि हम अपने प्रभु परमेश्वर के समान अनुग्रह और कोमलता दिखाएँ, न कि अपनी ही इच्छा को पूरा करवाने के लिए जोर दें, “दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो” (पद 3)।

   नम्रता का अभ्यास करना हमें प्रभु यीशु की समानता में बढ़ाता है, जिसने “मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली” (पद 8)। प्रभु यीशु का अनुसरण करने का अर्थ है जो हमारे लिए भला है, उस से हटकर, वह करें जो औरों के लिए भला है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


नम्रता एकता को बढ़ावा देती है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Philippians 2:4 हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 46-48
  • मत्ती 13:1-30


गुरुवार, 18 जनवरी 2018

उपलब्ध


   सन 2009 की शरद ऋतु में न्यू यॉर्क की हडसन नदी में एक बड़े वायुयान को आपात स्थिति में उतरना पड़ा। उस विमान के पायलेट, कप्तान चेस्ली सलनबर्गर ने वायुयान को बिना किसी के हताहत हुए नदी में सुरक्षित उतार लिया। बाद में उनसे उन पलों के बारे में पूछ गया जब वायुवान हवा में था और उन्हें जीने-मरने के निर्णय लेने थे। उन्होंने कहा, “इसे देखने का एक दृष्टिकोण यह हो सकता है कि पिछले 42 वर्षों से मैं अपने अनुभव, शिक्षा, और प्रशिक्षण के बैंक में छोटे-छोटे किंतु नियमित अंश जमा करता रहा हूँ। और उस दिन मुझे लगा कि अब इतना तो जमा हो गया है कि मैं उसमें से एक बड़ी रकम निकाल सकूँ।”

   हम में से अधिकांश जीवन में कभी-न-कभी किसी संकट का सामना अवश्य करेंगे। हो सकता है कि वह हमारा काम से सेवानिवृत किया जाना हो, या किसी चिकित्सीय जाँच के अनेपक्षित परिणाम हों, या किसी प्रिय परिवार के सदस्य अथवा मित्र की हानि हो। ऐसे समयों में हमें अपने आत्मिक बैंक-खाते में जमा की गई पूंजी में से कुछ बड़ा निकालने की आवश्यकता पड़ेगी।

   ऐसी परिस्थिति में हम अपने उस आत्मिक बैंक खाते में क्या पाएँगे? यदि हमने अपने जीवन में परमेश्वर के साथ एक गहरा संबंध बनाए रखा है, तो हम अपने खाते में अपने विश्वास के कार्यों के नियमित अंश जमा करते रहें हैं, जिससे अब परमेश्वर के अनुग्रह के अनुभव (2 कुरिन्थियों 8:9; इफिसियों 2:4-7), और परमेश्वर के वचन बाइबल की प्रतिज्ञाएं कि परमेश्वर न्यायी और विश्वासयोग्य है (व्यवस्थाविवरण 32:4; 2 थिस्सलुनीकियों 3:3) हमारे साथ हैं, हमें उपलब्ध हैं।

   परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह हम परमेश्वर की संतानों, अर्थात मसीही विश्वासियों को आवश्यकतानुसार निकालने के लिए उपलब्ध है (भजन 9:10; इब्रानियों 4:16)। - सिंडी हैस कैस्पर


बीते समय में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को स्मरण करने से
 हमें भविष्य के लिए सामर्थ्य मिलती है।

परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। - 2 थिस्सलुनीकियों 3:3

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 43-45
  • मत्ती 12:24-50



बुधवार, 17 जनवरी 2018

स्वर्ग की झलक


   सड़क पार, हमारे चर्च के सामने, एक विश्व-स्तरीय वनस्पति उद्यान है, जहाँ सभी चर्चों की सम्मिलित गोष्ठी का आयोजन किया गया था। मैं उस समारोह में गई, और उस उद्यान में विचरण करते हुए लोगों से भी मिल रही थी, और पौधों के बारे में जानकारी रखने वाले, उन से प्रेम करने तथा उनकी देखभाल करने वाले लोगों के परिश्रम की सुन्दर प्रस्तुति का आनन्द भी ले रही थी। यह सब करते हुए मुझे एहसास हुआ कि वह संध्या और स्थान, चर्च को कैसे कार्य करने चाहिए जिससे कि वह पृथ्वी पर स्वर्ग की झलक प्रस्तुत करे, के संकेतों से भरपूर थी।

   उद्यान एक ऐसा स्थान होता है जहाँ प्रत्येक पौधे को एक ऐसे वातावरण में रखा जाता है जहाँ वह अच्छे से बढ़े और फूले-फले। माली उस पौधे के लिए मिट्टी तैयार करते हैं, उन्हें कीड़ों से बचाते हैं, सुनिश्चित करते हैं कि सभी पौधों को आवश्यकतानुसार एवं पर्याप्त मात्रा में भोजन, जल और सूर्य का प्रकाश प्राप्त हो। इस सारी देखभाल और परिश्रम का परिणाम होता है एक ऐसा सुन्दर और खुशबूदार स्थान जो लोगों को आनंदित करता है।

   उद्यान के समान ही चर्च को भी वह स्थान होना है जहाँ सब मिलकर परमेश्वर की महिमा तथा सब की भलाई के लिए कार्य करें। एक ऐसा स्थान जहाँ सब बढ़ें, फूलें, फलें, अपने आप को एक सुरक्षित वातावरण में अनुभव करें। एक ऐसा स्थान जहाँ उनकी आवश्यकतानुसार सभी लोगों की देखभाल की जाती हो; जहाँ हम सभी अपना प्रिय कार्य करें – ऐसे कार्य जिनसे सब का भला हो (1 कुरिन्थियों 14:26)।

   अच्छी देखभाल पाने वाले पौधों के समान, जो लोग एक स्वस्थ वातावरण में बढ़ते हैं, उनके जीवन की सुगंध औरों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करती है, परमेश्वर के प्रेम और दया की सुंदरता को लोगों के समक्ष प्रस्तुत करती है। चर्च सिद्ध तो नहीं है, परन्तु स्वर्ग की झलक अवश्य हो सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो हृदय प्रभु यीशु के प्रेम की सुगंध से भरे हुए हैं, 
वे उसकी सुंदरता को भी प्रदर्शित करेंगे।

इसलिये हे भाइयो क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्यभाषा, या प्रकाश, या अन्यभाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। - 1 कुरिन्थियों 14:26

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 14:6-12
1 Corinthians 14:6 इसलिये हे भाइयों, यदि मैं तुम्हारे पास आकर अन्य अन्य भाषा में बातें करूं, और प्रकाश, या ज्ञान, या भविष्यद्वाणी, या उपदेश की बातें तुम से न कहूं, तो मुझ से तुम्हें क्या लाभ होगा?
1 Corinthians 14:7 इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएं भी, जिन से ध्‍वनि निकलती है जैसे बांसुरी, या बीन, यदि उन के स्‍वरों में भेद न हो तो जो फूंका या बजाया जाता है, वह क्योंकर पहिचाना जाएगा?
1 Corinthians 14:8 और यदि तुरही का शब्द साफ न हो तो कौन लड़ाई के लिये तैयारी करेगा?
1 Corinthians 14:9 ऐसे ही तुम भी यदि जीभ से साफ साफ बातें न कहो, तो जो कुछ कहा जाता है वह क्योंकर समझा जाएगा? तुम तो हवा से बातें करने वाले ठहरोगे।
1 Corinthians 14:10 जगत में कितने ही प्रकार की भाषाएं क्यों न हों, परन्तु उन में से कोई भी बिना अर्थ की न होगी।
1 Corinthians 14:11 इसलिये यदि मैं किसी भाषा का अर्थ न समझूं, तो बोलने वाले की दृष्टि में परदेशी ठहरूंगा; और बोलने वाला मेरे दृष्टि में परदेशी ठहरेगा।
1 Corinthians 14:12 इसलिये तुम भी जब आत्मिक वरदानों की धुन में हो, तो ऐसा प्रयत्न करो, कि तुम्हारे वरदानों की उन्नति से कलीसिया की उन्नति हो।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23



मंगलवार, 16 जनवरी 2018

बढ़ना


   मेक्सिकन सैलामैंडर, ऐक्सुहलाहटल विचित्र जीव है, जो जीवन भर मेंढक के बच्चों – टैडपोल के समान स्वरूप बनाए रखता है। लेखकों और दार्शनिकों ने इस जीव को उनके प्रतिरूप के समान प्रयोग किया है जो बढ़ना नहीं चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, इब्रानियों 5 में हम कुछ ऐसे मसीही विश्वासिओं के बारे में पढ़ते हैं जो स्वस्थ विकास के साथ परिपक्वता की ओर बढ़ने के स्थान पर, नए विश्वासियों के समान, केवल आत्मिक “दूध” का ही पोषण चाहते थे। संभवतः यह मसीही विश्वासियों पर होने वाले सताव के भय के कारण था कि वे मसीह में विश्वासयोग्यता में उतना नहीं बढ़ रहे थे जिससे वे अन्यों के लिए मसीह के समान दुःख उठाने के लिए तैयार हों (पद 7-10)। इस कारण वे जो मसीह की समानता के गुण दिखा चुके थे (6:9-11), उनसे भी पीछे हट जाने के खतरे में थे। वे आत्म-बलिदान के ठोस आहार के लिए तैयार नहीं थे (5:14)। इसलिए इब्रानियों की पत्री के लेखक ने उन्हें लिखा, “इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो” (पद 11)।

   ऐक्सुहलाहटल, अपने सृष्टिकर्ता द्वारा उनके लिए निर्धारित नमूने का अनुसरण करते हैं; वैसे ही मसीह यीशु के अनुयायियों को, उनके लिए निर्धारित किए गए परिपक्वता में बढ़ते जाने का अनुसरण करना है। जब हम वैसा करते हैं तो समझ पाते हैं कि मसीह में बढ़ने का अर्थ केवल व्यक्तिगत शान्ति और आनन्द ही नहीं है। मसीह की समानता में बढ़ने के द्वारा हम निःस्वार्थ होकर औरों को प्रोत्साहित करते हैं, तथा पिता परमेश्वर का भी आदर करते हैं। - कीला ओकोआ


हम परमेश्वर के वचन रूपी भोजन को जितना अधिक लेंगे, 
उतनी ही अधिक हमारी बढ़ोतरी भी होगी।

हे भाइयो, तुम समझ में बालक न बनो: तौभी बुराई में तो बालक रहो, परन्तु समझ में सियाने बनो। - 1 कुरिन्थियों 14:20

बाइबल पाठ: इब्रानियों 5:11-14
Hebrews 5:11 इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो।
Hebrews 5:12 समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
Hebrews 5:13 क्योंकि दूध पीने वाले बच्‍चे को तो धर्म के वचन की पहिचान नहीं होती, क्योंकि वह बालक है।
Hebrews 5:14 पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्‍द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11



सोमवार, 15 जनवरी 2018

मेल-मिलाप की सेवकाई


   1957 में एक इतवार की प्रातः जब डॉ॰ मार्टिन लूथर किंग जूनियर प्रचार कर रहे थे, तो उन्हें जातिवाद में लिप्त समाज पर पलटवार करने की मनोभावना से संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने एलाबामा में मौनटगोमरी की डेक्स्टर एवेन्यू बैपटिस्ट मण्डली से पूछा, “आप अपने विरोधियों से प्रेम कैसे करते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “अपने आप से आरंभ कीजिए...जब विरोधी को पराजित करने का अवसर आपके सामने आए तो वही समय होता है वैसा न करने का।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के कहे शब्दों को अध्दत करते हुए उन्होंने कहा: “परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है” (मत्ती 5:44-45)। जब हम अपने विरोधियों के बारे में विचार करते हैं, तब भला होगा यदि हम साथ ही इस बात को भी स्मरण करें कि एक समय हम भी परमेश्वर के विरोधी थे (देखें रोमियों 5:10); परन्तु जैसा पौलुस ने लिखा, “और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है” (2 कुरिन्थियों 5:18-19)। आज हमें प्रभु यीशु में मेल-मिलाप का यह सन्देश सँसार के लोगों तक लेकर जाना है।

   जातिवाद और राजनैतिक तनाव कोई नई बात नहीं हैं। परन्तु प्रभु यीशु की मण्डली का कर्तव्य कभी भी भेद-भाव और विघटन को प्रोत्साहित करना नहीं है। जो हमारे समान नहीं हैं, जो हमसे भिन्न विचार रखते हैं, या जो हमारी हानि की इच्छा रखते हैं, हमें कभी भी उन पर कोई हमला नहीं करना है। हमारी सेवकाई तो प्रभु यीशु के निःस्वार्थ सेवा के हृदय के अनुसार मेल-मिलाप करने और करवाने की सेवकाई है। - टिम गुस्ताफ्सन


नफ़रत उसका भी नाश करती है जो नफरत करता है 
और उसका भी जिससे नफरत की जाती है। - मार्टिन लूथर किंग जूनियर

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? – रोमियों 5:10

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:16-21
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे।
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 36-38
  • मत्ती 10:21-42