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सोमवार, 8 अप्रैल 2019

संबंध



      छुटपन में जब मेरे बेटा अगली कक्षा में गया, तो वह “मुझे मेरी शिक्षिका जीवन भर के लिए चाहिए” कहकर बहुत रोया। हमें उसे समझना पड़ा कि शिक्षकों का बदलना जीवन का भाग है। हम यह विचार कर सकते हैं कि क्या ऐसा कोई संबंध है जो जीवन भर बना रहता है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने पाया कि ऐसा संबंध है। उसका जीवन बहुत से नाटकीय परिवर्तनों से होकर निकला, और इस उथल-पुथल भरे जीवन मार्ग में उसे अपने प्रिय जनों को भी गंवाना पड़ा। अपने जीवन के अन्त समय के निकट उसने प्रार्थना की, “परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ; और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें” (उत्पत्ति 48:15-16)।

      याकूब एक चरवाहा रहा था, इसलिए उसने परमेश्वर के साथ अपने संबंध को चरवाहे के, उसकी भेड़ों के साथ संबंध के समान देखा। भेड़ के जन्म लेने के समय से लेकर, उसके बढ़ने और फिर बूढ़े होने तक चरवाहा दिन-रात उसकी देखभाल करता रहता है। वह दिन में उसका मार्गदर्शन तथा रात में उसकी रक्षा करता है। दाऊद भी एक चरवाहा रहा था, और उसका भी यही मानना था; साथ ही उसने यह कहकर कि “निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा” (भजन 23:6) परमेश्वर के साथ अनन्त के संबंध को प्रगट किया।

      शिक्षक बदलना जीवन का भाग है। परन्तु हमारे अच्छे चरवाहे, हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमसे वायदा किया है कि हमारे पृथ्वी के जीवन भर वह हमारे साथ रहेगा (मत्ती 28:20), और जब यहाँ का जीवन समाप्त हो जाएगा तो वह हमें अपने साथ अनन्तकाल के लिए ले लेगा। यह कितना अच्छा है कि प्रभु परमेश्वर के साथ हमारा कभी समाप्त न होने वाला अनन्तकाल का संबंध है। - कीला ओकोआ


परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ता है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28: 18-20

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 48:8-16
Genesis 48:8 तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्र देख पड़े, और उसने पूछा, ये कौन हैं?
Genesis 48:9 यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्र हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उसने कहा, उन को मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
Genesis 48:10 इस्राएल की आंखे बुढ़ापे के कारण धुन्धली हो गई थीं, यहां तक कि उसे कम सूझता था। तब यूसुफ उन्हें उनके पास ले गया ; और उसने उन्हें चूमकर गले लगा लिया।
Genesis 48:11 तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मुझे आशा न थी, कि मैं तेरा मुख फिर देखने पाऊंगा: परन्तु देख, परमेश्वर ने मुझे तेरा वंश भी दिखाया है।
Genesis 48:12 तब यूसुफ ने उन्हें अपने घुटनों के बीच से हटाकर और अपने मुंह के बल भूमि पर गिर के दण्डवत की।
Genesis 48:13 तब यूसुफ ने उन दोनों को लेकर, अर्थात एप्रैम को अपने दाहिने हाथ से, कि वह इस्राएल के बाएं हाथ पड़े, और मनश्शे को अपने बाएं हाथ से, कि इस्राएल के दाहिने हाथ पड़े, उन्हें उसके पास ले गया।
Genesis 48:14 तब इस्राएल ने अपना दहिना हाथ बढ़ाकर एप्रैम के सिर पर जो छोटा था, और अपना बायां हाथ बढ़ाकर मनश्शे के सिर पर रख दिया; उसने तो जान बूझकर ऐसा किया; नहीं तो जेठा मनश्शे ही था।
Genesis 48:15 फिर उसने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ;
Genesis 48:16 और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62



रविवार, 7 अप्रैल 2019

प्रभाव



      मैं अपनी पत्नि के साथ लंडन में घूमते हुए एक मार्ग पर आया जिसका नाम था  गौडलिमैन स्ट्रीट (Godliman Street)। हमें बताया गया कि यहाँ कभी एक व्यक्ति रहा करता था जिसका जीवन इतना धर्मी था कि उसके घर के इस मार्ग को “that godly man’s street” (उस धर्मी व्यक्ति का मार्ग) कहा जाने लगा और इससे ही इसका यह नाम पड़ा। इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड की एक कथा स्मरण आती है।

      शाउल के लड़कपन में उसके पिता ने उसे एक सेवक के साथ भेजा कि वह उनके कुछ गदहों को खोज लाए, जो कहीं भटक गए थे। वे दोनों युवक कई दिनों तक उन गदहों को ढूंढते रहे, परन्तु उन्हें वे नहीं मिले। शाउल हार मानकर घर लौट जाने के लिए तैयार था, परन्तु उसके सेवक ने वहीं पास में स्थित रामाह नामक गाँव की ओर संकेत करके कहा कि वह भविष्यद्वक्ता शमूएल का गाँव है, और बताया कि “सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हम को हमार मार्ग बताए कि किधर जाएं” (1 शमूएल 9:6)।

      अपनी सारी उम्र भर, और अब अपनी वृद्धावस्था में भी शमूएल का यही प्रयास रहता था कि वह परमेश्वर की संगति और मित्रता में बना रहे, और उसके शब्द सदा ही सत्य के कारण प्रभावी होते थे। लोग उसे परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता जानते थे। इसलिए शाउल और उसका सेवक, “...उस नगर को चले जहां परमेश्वर का जन था” (पद 10)।

      काश कि हमारे जीवन भी ऐसे हों कि उनसे प्रभु यीशु मसीह प्रतिबिंबित हो सकें, जिससे हम अपने आस-पास के लोगों पर प्रभु की महिमा के लिए प्रभाव डाल सकें और प्रभु यीशु मसीह के अनुसरण से मिली हमारी इस धार्मिकता का यह प्रभाव बना रहे। - डेविड रोपर


प्रभु यीशु मसीह की धार्मिकता को प्रतिबिंबित करने वाला जीवन सबसे प्रभावी जीवन है।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 9: 1-10
1 Samuel 9:1 बिन्यामीन के गोत्र में कीश नाम का एक पुरूष था, जो अपनीह के पुत्र बकोरत का परपोता, और सरोर का पोता, और अबीएल का पुत्र था; वह एक बिन्यामीनी पुरूष का पुत्र और बड़ा शक्तिशाली सूरमा था।
1 Samuel 9:2 उसके शाऊल नाम एक जवान पुत्र था, जो सुन्दर था, और इस्राएलियों में कोई उस से बढ़कर सुन्दर न था; वह इतना लम्बा था कि दूसरे लोग उसके कान्धे ही तक आते थे।
1 Samuel 9:3 जब शाऊल के पिता कीश की गदहियां खो गईं, तब कीश ने अपने पुत्र शाऊल से कहा, एक सेवक को अपने साथ ले जा और गदहियों को ढूंढ ला।
1 Samuel 9:4 तब वह एप्रैम के पहाड़ी देश और शलीशा देश होते हुए गया, परन्तु उन्हें न पाया। तब वे शालीम नाम देश भी हो कर गए, और वहां भी न पाया। फिर बिन्यामीन के देश में गए, परन्तु गदहियां न मिलीं।
1 Samuel 9:5 जब वे सूफ नाम देश में आए, तब शाऊल ने अपने साथ के सेवक से कहा, , हम लौट चलें, ऐसा न हो कि मेरा पिता गदहियों की चिन्ता छोड़कर हमारी चिन्ता करने लगे।
1 Samuel 9:6 उसने उस से कहा, सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हम को हमारा मार्ग बताए कि किधर जाएं।
1 Samuel 9:7 शाऊल ने अपने सेवक से कहा, सुन, यदि हम उस पुरूष के पास चलें तो उसके लिये क्या ले चलें? देख, हमारी थैलियों में की रोटी चुक गई है और भेंट के योग्य कोई वस्तु है ही नहीं, जो हम परमेश्वर के उस जन को दें। हमारे पास क्या है?
1 Samuel 9:8 सेवक ने फिर शाऊल से कहा, कि मेरे पास तो एक शेकेल चान्दी की चौथाई है, वही मैं परमेश्वर के जन को दूंगा, कि वह हम को बताए कि किधर जाएं।
1 Samuel 9:9 पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई परमेश्वर से प्रश्न करने जाता तब ऐसा कहता था, कि चलो, हम दर्शी के पास चलें; क्योंकि जो आज कल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।
1 Samuel 9:10 तब शाऊल ने अपने सेवक से कहा, तू ने भला कहा है; हम चलें। सो वे उस नगर को चले जहां परमेश्वर का जन था।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



शनिवार, 6 अप्रैल 2019

अपरिवर्तनीय


      मेरी एक सहेली ने, जो हाल ही में अनेकों परिस्थितियों से होकर निकली थी, लिखा, “मैं जब अपने विद्यार्थी जीवन के पिछले चार छःमाही सत्रों पर ध्यान करती हूँ, तो पाती हूँ कि बहुत सी बातें परिवर्तित हुई हैं...यह भयावह है, वास्तव में बहुत भयावह है कि कुछ भी स्थाई नहीं है, सब परिवर्तित हो जाता है।

      यह सत्य है कि दो वर्ष के अंतराल में बहुत कुछ हो सकता है – जीविका के स्त्रोत में परिवर्तन, नए मित्र मिलना, कोई बीमारी, किसकी मृत्यु, कुछ भी। हमें पता भी नहीं है, कोई जीवन-परिवर्तन कर देने वाला अनुभव, चाहे अच्छा हो या बुरा, अगले पल में  हमारी प्रतीक्षा कर रहा हो और हम कभी भी उसके चँगुल में फंस सकते हैं। इसलिए यह कितनी शान्ति की बात है कि हमारा प्रेमी स्वर्गीय परमेश्वर पिता कभी नहीं बदलता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा है, “परन्तु तू वहीं है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का” (भजन 102:27)। इस सत्य के अभिप्राय अति गहन हैं। इसका अभिप्राय है कि  परमेश्वर सदा काल के लिए प्रेमी, न्यायी, और बुद्धिमान है। जैसा कि बाइबल शिक्षक ए. डब्ल्यू. पिंक ने कहा, “सृष्टि के अस्तित्व में बुलाए जाने से पहले परमेश्वर के जो भी गुण थे, वे अभी भी बिलकुल वैसे ही हैं, और अनन्तकाल तक वैसे ही बने रहेंगे।”

      बाइबल के नए नियम खण्ड में याकूब ने लिखा, “क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है” (याकूब 1:17)। परिवर्तित होती हुई हमारी परिस्थितियों में, हम इस बात के प्रति निश्चित रह सकते हैं कि हमारे प्रभु परमेश्वर के गुण कभी परिवर्तित नहीं होंगे, और वह अपने सभी गुणों के प्रति अपरिवर्तनीय बना रहेगा। वही सभी भली बातों का स्त्रोत है और वह जो भी करता है भला ही करता है।

      ऐसा प्रतीत हो सकता है कि कुछ भी सदाकाल के लिए नहीं है, परन्तु हमारा प्रभु परमेश्वर अपने लोगों के लिए सदा भला बना रहता; वह अपरिवर्तनीय है। - पोह फैंग चिया


वह जो सृष्टि को थामे रहता है, वह आपको भी थामे रहेगा।

क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याकूब की सन्तान तुम नाश नहीं हुए। - मलाकी 3:6

बाइबल पाठ: भजन 102:25-28
Psalms 102:25 आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।
Psalms 102:26 वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्र के समान बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
Psalms 102:27 परन्तु तू वही है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का।
Psalms 102:28 तेरे दासों की सन्तान बनी रहेगी; और उनका वंश तेरे साम्हने स्थिर रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17


शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

मूर्तियां



      टोगो की मोनो नदी में अपने बपतिस्मा होने के प्रतीक्षा करते हुए, कोस्सी ने नीचे झुक कर एक घिसी हुई लकड़ी की मूर्ति उठाई। उसका परिवार पीढ़ियों से उस मूर्ति का उपासक रहा था। परिवार के लोगों के सामने, कोस्सी ने उस मूर्ति को पास में जल रही आग में फेंक दिया। अब उन्हें अपनी सबसे बढ़िया मुर्गियों को उस मूर्ति के लिए बलिदान चढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं रही थी।

      पश्चिमी देशों में अधिकांश लोग मूर्तियों को रूपक अलंकार के रूप में लेते हैं, उन बातों के लिए जिन्हें वे अपने जीवनों में परमेश्वर के समान या उससे भी महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान देते हैं। किन्तु पश्चिमी अफ्रीका के देश टोगो में मूर्तियां वास्तविक देवता मानी जाती हैं, जिन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सामने बलिदान चढ़ाते रहना पड़ता है। एक नए मसीही विश्वासी के द्वारा बपतिस्मा लेना और मूर्तियों को जलाना, सच्चे जीवते परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह के प्रति उसके समर्पण का साहसिक कार्य और प्रतीक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में इस्राएल के इतिहास में हम पाते हैं कि आठ वर्षीय राजा योशिय्याह एक ऐसे समय पर राजा-गद्दी पर आया जब यहूदा में मूर्तिपूजा और व्यभिचार व्याप्त था। उस के पिता और दादा यहूदा के उस अनैतिक काल के सबसे बुरे राजाओं में से थे। योशिय्याह के समय परमेश्वर के प्रधान-पुजारी को मंदिर में परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक मिली, और उसने वह योशिय्याह को दी। जब युवा योशिय्याह ने उस पुस्तक में लिखी व्यवस्था की बातों को सुना तो उसने उन्हें आदर दिया और उन्हें अपनाया (2 राजा 22:8-13)। परमेश्वर के वचन का पालन करते हुए योशिय्याह ने विधर्मियों की वेदियाँ नष्ट कीं, और अशेराह देवी को समर्पित वस्तुओं को जलाया, तथा पारंपरिक वेश्यावृत्ति पर प्रतिबन्ध लगा दिया। इन विधर्मी परंपराओं के स्थान पर उसने परमेश्वर के फसह के पर्व को मनाया (23:21-23)।

      जब भी हम परमेश्वर के अतिरिक्त किसी अन्य से समाधान ढूँढते हैं, तो जाने या अनजाने में हम एक झूठे देवता, एक मूर्ति के पीछे हो लेते हैं। आज हमारे लिए यह उपयुक्त होगा कि हम अपने आप से पूछें, हमारे जीवनों में ऐसी कौन सी मूर्तियां हैं जिन्हें हमें फेंकने और जला देने की आवश्यकता है जिससे हम पूर्ण समर्पण के साथ प्रभु परमेश्वर के पीछे चला सकें। - टिम गुस्ताफ्सन


हे बालको, अपने आप को मुरतों से बचाए रखो। - 1यूहन्ना 5:21

बाइबल पाठ: 2 राजा 23:1-8, 21-25
2 Kings 23:1 राजा ने यहूदा और यरूशलेम के सब पुरनियों को अपने पास इकट्ठा बुलवाया।
2 Kings 23:2 और राजा, यहूदा के सब लोगों और यरूशलेम के सब निवासियों और याजकों और नबियों वरन छोटे बड़े सारी प्रजा के लोगों को संग ले कर यहोवा के भवन में गया। तब उसने जो वाचा की मुस्तक यहोवा के भवन में मिली थी, उसकी सब बातें उन को पढ़ कर सुनाईं।
2 Kings 23:3 तब राजा ने खम्भे के पास खड़ा हो कर यहोवा से इस आशय की वाचा बान्धी, कि मैं यहोवा के पीछे पीछे चलूंगा, और अपने सारे मन और सारे प्राण से उसकी आज्ञाएं, चितौनियां और विधियों का नित पालन किया करूंगा, और इस वाचा की बातों को जो इस पुस्तक में लिखी है पूरी करूंगा। और सब प्रजा वाचा में सम्भागी हुई।
2 Kings 23:4 तब राजा ने हिलकिय्याह महायाजक और उसके नीचे के याजकों और द्वारपालों को आज्ञा दी कि जितने पात्र बाल और अशेरा और आकाश के सब गण के लिये बने हैं, उन सभों को यहोवा के मन्दिर में से निकाल ले आओ। तब उसने उन को यरूशलेम के बाहर किद्रोन के खेतों में फूंक कर उनकी राख बेतेल को पहुंचा दी।
2 Kings 23:5 और जिन पुजारियों को यहूदा के राजाओं ने यहूदा के नगरों के ऊंचे स्थानों में और यरूशलेम के आस पास के स्थानों में धूप जलाने के लिये ठहराया था, उन को और जो बाल और सूर्य-चन्द्रमा, राशिचक्र और आकाश के कुल गण को धूप जलाते थे, उन को भी राजा ने दूर कर दिया।
2 Kings 23:6 और वह अशेरा को यहोवा के भवन में से निकाल कर यरूशलेम के बाहर किद्रोन नाले में लिवा ले गया और वहीं उसको फूंक दिया, और पीस कर बुकनी कर दिया। तब वह बुकनी साधारण लोगों की कबरों पर फेंक दी।
2 Kings 23:7 फिर पुरुषगामियों के घर जो यहोवा के भवन में थे, जहां स्त्रियां अशेरा के लिये पर्दे बुना करती थीं, उन को उसने ढा दिया।
2 Kings 23:8 और उसने यहूदा के सब नगरों से याजकों को बुलवाकर गेबा से बेर्शेबा तक के उन ऊंचे स्थानों को, जहां उन याजकों ने धूप जलाया था, अशुद्ध कर दिया; और फाटकों के ऊंचे स्थान अर्थात जो स्थान नगर के यहोशू नाम हाकिम के फाटक पर थे, और नगर के फाटक के भीतर जाने वाले की बाई ओर थे, उन को उसने ढा दिया।

2 Kings 23:21 और राजा ने सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इस वाचा की पुस्तक में जो कुछ लिखा है, उसके अनुसार अपने परमेश्वर यहोवा के लिये फसह का पर्व मानो।
2 Kings 23:22 निश्चय ऐसा फसह न तो न्यायियों के दिनों में माना गया था जो इस्राएल का न्याय करते थे, और न इस्राएल वा यहूदा के राजाओं के दिनों में माना गया था।
2 Kings 23:23 राजा योशिय्याह के अठारहवें वर्ष में यहोवा के लिये यरूशलेम में यह फसह माना गया।
2 Kings 23:24 फिर ओझे, भूतसिद्धि वाले, गृहदेवता, मूरतें और जितनी घिनौनी वस्तुएं यहूदा देश और यरूशलेम में जहां कहीं दिखाई पड़ीं, उन सभों को योशिय्याह ने उस मनसा से नाश किया, कि व्यवस्था की जो बातें उस पुस्तक में लिखी थीं जो हिलकिय्याह याजक को यहोवा के भवन में मिली थी, उन को वह पूरी करे।
2 Kings 23:25 और उसके तुल्य न तो उस से पहिले कोई ऐसा राजा हुआ और न उसके बाद ऐसा कोई राजा उठा, जो मूसा की पूरी व्यवस्था के अनुसार अपने पूर्ण मन और मूर्ण प्राण और पूर्ण शक्ति से यहोवा की ओर फिरा हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56



गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

वचन



      मध्य-बीसवीं सदी के एक कर्मठ और सक्रीय मसीही अगुवे तथा द नेविगेटर्स के संस्थापक, डॉसन ट्रोटमैन, ने प्रत्येक मसीही के जीवन में बाइबल अध्ययन के महत्व पर ज़ोर दिया। ट्रोटमैन अपने दिन की समाप्ति नियमित रीति से एक अभ्यास – जिसे वे “उसका वचन अंतिम बात” कहते थे, के साथ करते थे। सोने से पहले वे किसी एक कंठस्थ पद या परिच्छेद पर मनन करते थे, और फिर अपने जीवन में उसके स्थान तथा उपयोगिता के विषय प्रार्थना करते थे। उनका उद्देश्य था कि परमेश्वर के वचन बाइबल का एक भाग सोते समय उनका अंतिम विचार बने।

      भजनकार दाऊद ने लिखा, “जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा; क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा” (भजन 63:6-7)। हम चाहे किसी कठिन परिस्थिति में हों या शान्ति के समय का आनन्द ले रहे हों, सोते समय हमारे अंतिम विचार, उस आराम और सुख के साथ जो परमेश्वर हमें देता है, हमारे मनों को शान्त कर सकते हैं, और आने वाली प्रातः के लिए हमारे प्रथम विचार का विषय भी निर्धारित कर सकते हैं।

      मेरे एक मित्र और उनकी पत्नि अपने दिन की समाप्ति अपने चार बच्चों के साथ बाइबल का एक खण्ड और दैनिक मनन का पाठ पढ़ने के साथ करते हैं। वे अपने प्रत्येक बच्चे द्वारा उस खण्ड और मनन पाठ से संबंधित उठाए गए प्रश्नों और विचारों का स्वागत करते हैं, और स्कूल में तथा घर में प्रभु यीशु की पीछे चलने के अभिप्राय पर चर्चा करते हैं। वे इस अभ्यास को उनका “उसका वचन अंतिम बात” कहते हैं।

      परमेश्वर के वचन पर मनन के साथ दिन का आरंभ और अन्त करने से उत्तम और कोई बात नहीं है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जब हम परमेश्वर के वचन को पढ़ते हैं तब परमेश्वर का आत्मा हमारे मनों को स्वच्छ बनाता है।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: भजन 63:1-11
Psalms 63:1 हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है।
Psalms 63:2 इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।
Psalms 63:3 क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा।
Psalms 63:4 इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा।
Psalms 63:5 मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार कर के तेरी स्तुति करूंगा।
Psalms 63:6 जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;
Psalms 63:7 क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।
Psalms 63:8 मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है।
Psalms 63:9 परन्तु जो मेरे प्राण के खोजी हैं, वे पृथ्वी के नीचे स्थानों में जा पड़ेंगे;
Psalms 63:10 वे तलवार से मारे जाएंगे, और गीदड़ों का आहार हो जाएंगे।
Psalms 63:11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई ईश्वर की शपथ खाए, वह बड़ाई करने पाएगा; परन्तु झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द किया जाएगा।

एक साल में बाइबल:  
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25



बुधवार, 3 अप्रैल 2019

साथ



      अपोलो 15 के अंतरिक्षयात्री एल वॉर्डन को चन्द्रमा की पिछली ओर रहकर अकेले होने का अनुभव था। जब 1971 में उनके दो साथी, हज़ारों मील दूर, चन्द्रमा की सतह पर कार्य कर रहे थे तो एल अकेले ही तीन दिन तक उनके अंतरिक्ष यान को चला रहे थे। उस समय में उनका साथ केवल अंतरिक्ष में स्थित सितारे ही दे रहे थे, और एल को वे इतने घने लगे मानों उन सितारों ने उन्हें रौशनी की एक चादर में लपेट लिया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, याकूब, भी बिलकुल अकेले रात बिता रहा था, परन्तु एक भिन्न कारण से। वह अपने बड़े भाई एसव से जान बचा कर भाग रहा था, क्योंकि पहलौठे के लिए निर्धारित आशीषों को याकूब ने अपने लगभग अंधे हो चुके पिता से, धोखे से चुरा लिया था और एसव के स्थान पर स्वयं के लिए ले लिया था। लेकिन सो जाने के पश्चात, याकूब ने पृथ्वी से स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का दर्शन देखा। उसने उस सीढ़ी पर स्वर्गदूतों को चढ़ते-उतारते देखा और उससे परमेश्वर ने बात की। परमेश्वर ने याकूब को आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ रहेगा और उसके वंशजों के द्वारा समस्त पृथ्वी को आशीषित करेगा। जब याकूब नींद से उठा तो उसने कहा, “निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था” (उत्पत्ति 28:16)।

      याकूब ने अपने आप को अपने धोखे के कारण अकेला कर लिया था। किन्तु उसके अकेलेपन की उस अंधेरी रात में भी परमेश्वर उसके साथ था, और परमेश्वर की मनुष्यों की योजनाओं से बहुत अधिक बेहतर और भलाई की दूरगामी योजनाएं उसके साथ थीं। प्रभु यीशु मसीह में होकर आज स्वर्ग हमारे लिए बहुत निकट है, और “याकूब का परमेश्वर” हमारे साथ रहता है। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर हमारे सोचने से अधिक निकट है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



सहानुभूति



      हम सात लोग एक स्थान पर संगीत उत्सव देखने गए जिसके लिए बहुत से लोगों की भीड़ आई हुई थी। हम सभी एक साथ बैठना चाह रहे थे, इसलिए हम बैठने के स्थान की एक ही पंक्ति की ओर जाने लगे, कि इतने में एक महिला अपने दो साथियों को लिए हुए हम लोगों के बीच में से घुसकर उस स्थान पर आगे को आ गई और जहाँ हम बैठने जा रहे थे वहाँ बैठ गई। मेरी पत्नी ने उससे कहा कि हम सब एक साथ हैं और साथ बैठना चाह रहे हैं परन्तु उसने वह स्थान नहीं छोड़ा और हम लोगों को तीन और चार के गुट में होकर आगे पीछे की पंक्तियों में होकर बैठना पड़ा।

      हम तीन जन पीछे वाली पंक्ति में बैठे हुए थे कि मेरी पत्नि सू ने ध्यान किया कि उस महिला के एक साथी के साथ कुछ दिक्कत थी और उसे विशेष ध्यान की आवश्यकता थी। तब हमें आभास हुआ कि उस महिला का भी प्रयास था कि वह अपने साथियों के साथ इकट्ठे बैठ सके जिससे उसके साथी की देखभाल होती रहे। यह आभास होते ही उस महिला के प्रति हमारी चिढ़चिढ़ाहट शान्त हो गई। सू ने कहा, “ज़रा सोचो, ऐसी भीड़ भरे स्थानों में उसे कितनी कठिनाई होती होगी।” अवश्य ही उस महिला ने रूखेपन से व्यवहार किया था परन्तु हम उसके प्रति क्रोधित होने के स्थान पर, सहानुभूति से प्रत्युत्तर दे सकते थे।

      हम जहाँ भी जाएँगे, हमें ऐसे लोग मिलेंगे जिन्हें सहानुभूति की आवश्यकता है। हो सकता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित द्वारा लिखे गए ये वचन हमें अपने चारों ओर के लोगों के प्रति एक भिन्न दृष्टिकोण – सहानुभूति का दृष्टिकोण रखने में सहायता करें: “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जब हम सहानुभूति दिखाते हैं, तब हम लोगों को प्रभु यीशु की ओर देखने का संकेत देते हैं जिसने अपना अनुग्रह और सहानुभूति भरा हृदय हमारे लिए उंडेल दिया। - डेव ब्रैनन


औरों की परेशानियों को समझकर उनके सहायक होना ही सहानुभूति है।

पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? - 1 यूहन्ना 3:17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल:  
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50