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गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

जीवन का लक्षण

एक कहानी है, उस समय की जब कि अमेरिका में गुलाम बनाने की कुप्रथा का प्रचलन था। एक ज़मींदार अपने एक दास को लेकर बतख़ के शिकार पर निकला। ज़मींदार तो नास्तिक था परन्तु दास मसीही विश्वासी था। रास्ते में उनकी बघ्घी के पहिए पर लगा लोहे का घेरा उतर गया। दास उस घेरे को पहिए पर वापस चढ़ाने के लिए हथौड़े का प्रयोग कर रहा था और उसके ऊंगुली में चोट लग गई, और तुरंत ही उसके मुँह से गाली निकल गई। वह दास तुरंत अपने घुटनों पर गिर पड़ा और परमेश्वर से क्षमा की प्रार्थना करने लगा।

यह देखकर उसके मालिक ने कहा, "तुम मसीही हो, तो तुम्हें मसीही जीवन जीने के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ता है? मुझे देखो,मैं नास्तिक हूँ और जैसे चाहे जीता हूँ, मुझे तो कोई परेशानी नहीं होती।" दास के पास कोई उतर नहीं था। इतने में कुछ बतखें उनके ऊपर से उड़ती हुई निकलीं। मालिक ने अपनी बन्दूक ऊपर की ओर करके दो कार्तूस दाग़ दिए और दो बतखें नीचे गिर पड़ीं। उनमें से एक मर गई थी और दूसरी का पंख टूट गया था और वह छाटपटा रही थी। मालिक ने दास को कहा, "जल्दी जाओ और पहले उस छटपटाती हुई को पकड़ लो, दूसरी की चिंता मत करो, वह कहीं नहीं जा सकेगी।" दास जब बतखें लेकर आया तो मालिक से बोला, "श्रीमान, मेरे पास अब आपके प्रश्न का उतर है। आपका कहना है कि मसीही विश्वास का कोई लाभ नहीं क्योंकि उसके लिए संघर्ष करते रहना पड़ता है। इन दोनो बतखों की ओर देखिए, मैं उस बतख़ की तरह हूँ जो छटपटा रही है, क्योंकि इसकी तरह मुझमें भी जीवन है और शैतान मुझे घायल करता है कि मुझे मार सके और मैं घायल होकर छटपटाता हूँ। परन्तु आप इस मरी हुई बतख़ के समान अपने पापों में मरे हुए हैं और शैतान आपकी ओर से चिंतित नहीं है, क्योंकि आप उसकी मुठ्ठी में हैं। मेरा संघर्ष मुझ में विद्यमान जीवन का लक्षण है।"

जब हम मसीह को आदर देने वाला जीवन जीने का प्रयास करते हैं तो कभी कभी असफलताओं से निराश होते हैं। हम यह जानते हैं कि हम विजयी हो सकते हैं फिर भी कमज़ोर होकर गिर भी पड़ते हैं। लेकिन ऐसे में भी परमेश्वर का प्रेम भरा आलिंगन हमें फिर से उठकर आगे बढ़ने की नयी सामर्थ देता है।

सांसारिक बातों से हमारा संघर्ष हम में विद्यमान परमेश्वरीय जीवन का लक्षण है। - डेनिस डी हॉन


धार्मिकता में आनन्दित होना और दुष्टता पर दुखी होना सच्चे मसीही का लक्षण है।

चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है। - भजन ३७:२४


बाइबल पाठ: भजन ३७:१७-२४
Psa 37:17 क्योंकि दुष्टों की भुजाएं तो तोड़ी जाएंगी; परन्तु यहोवा धर्मियों को सम्भालता है।
Psa 37:18 यहोवा खरे लोगों की आयु की सुधि रखता है, और उनका भाग सदैव बना रहेगा।
Psa 37:19 विपत्ति के समय, उनकी आशा न टूटेगी और न वे लज्जित होंगे, और अकाल के दिनों में वे तृप्त रहेंगे।
Psa 37:20 दुष्ट लोग नाश हो जाएंगे और यहोवा के शत्रु खेत की सुथरी घास की नाई नाश होंगे, वे धूएं की नाई बिलाय जाएंगे।
Psa 37:21 दुष्ट ऋण लेता है, और भरता नहीं परन्तु धर्मीं अनुग्रह करके दान देता है;
Psa 37:22 क्योंकि जो उस से आशीष पाते हैं वे तो पृथ्वी के अधिकारी होंगे, परन्तु जो उस से शापित होते हैं, वे नाश को जाएंगे।
Psa 37:23 मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है;
Psa 37:24 चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।

एक साल में बाइबल:
  • १ शमूएल ७-९
  • लूका ९:१८-३६

बुधवार, 6 अप्रैल 2011

नई शुरुआत

यद्यपि हम कभी भी किसी असफलता को मिटा तो नहीं सकते, परन्तु उसके अनुभव से हम शिक्षा अवश्य ले सकते हैं। एक खिलाड़ी के गेन्द को गलत जगह फेंकने के कारण उसकी टीम हार सकती है, लेकिन वही खिलाड़ी चार दिन बाद किसी नए खेल में अपनी टीम को जिता भी सकता है। वह खिलाड़ी अपने नाम के आगे से वह हार तो कभी नहीं मिटा पाएगा, लेकिन उस हार से बहुमूल्य सीख लेकर वह भविष्य में जीतने के लिए कई मूल्यवान सबक सीख लेगा।

जब पौलुस और बरनबास अपनी पहली सुसमाचार प्रचार यात्रा पर निकले तो मरकुस भी उनके साथ गया (प्रेरितों १३:५), लेकिन किसी कारणवश वह उन्हें यात्रा के बीच ही में छोड़कर लौट गया (प्रेरितों १३:१३)। घर पर उसे अपने लिये पर पछतावा हुआ और उसने अपने दोनो मित्रों से अगली यात्रा पर फिर से उसे ले जाने का आग्रह किया। बरनाबास तो उसे एक और मौका देने को तैयार था किंतु पौलुस इसके लिए तैयार नहीं हुआ, इसलिए बरनाबास मरकुस को लेकर एक तरफ निकला तो पौलुस ने सिलास को अपने साथ लिया और अलग यात्रा पर निकल पड़ा। आगे चलकर मरकुस एक आदर्णीय मसीही अगुवा बना और परमेश्वर ने उसके द्वारा एक सुसमाचार वृतांत भी लिखवाया जो बाइबल का भाग बना। पौलुस ने तिमिथियुस को लिखी अपनी दूसरी पत्री में मरकुस को भी बुलवाया और उसके लिए लिखा, "मरकुस को लेकर चला आ; क्‍योंकि सेवा के लिये वह मेरे बहुत काम का है।" (२ तिमुथियुस ४:११)

गलतियों को दिल पर लगाए रखने से कोई लाभ नहीं होता। यही सोचते रहना कि काश हम किसी काम को फिर से कर पाते, व्यर्थ माथापच्ची है। हर एक दिन एक नई शुरुआत का अवसर है। यदि हम अपने बीते कल की गलतियों से शिक्षा लें और उन्के लिए पश्चतापी हों तो परमेश्वर की सहायता से हम नए दिन में नयी सफलताएं भी पा सकते हैं; क्योंकि मसीही विश्वासी के लिए परमेश्वर सदा क्षमादान के साथ नई शुरुआत देने के लिए तत्पर रहता है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


असफलता का यह अर्थ नहीं है कि आप कभी सफल नहीं होंगे; बस थोड़ा समय अधिक लगेगा।

तब बरनबास ने यूहन्ना को जो मरकुस कहलाता है, साथ लेने का विचार किया। परन्‍तु पौलुस ने उसे जो पंफूलिया में उन से अलग हो गया था, और काम पर उन के साथ न गया, साथ ले जाना अच्‍छा न समझा। - प्रेरितों १३:३७, ३८
मरकुस को लेकर चला आ; क्‍योंकि सेवा के लिये वह मेरे बहुत काम का है। - २ तिमुथियुस ४:११

बाइबल पाठ: प्रेरितों १५:३६-४१

Act 15:36 कुछ दिन बाद पौलुस ने बरनबास से कहा, कि जिन जिन नगरों में हम ने प्रभु का वचन सुनाया था, आओ, फिर उन में चलकर अपने भाइयों को देखें कि कैसे हैं।
Act 15:37 तब बरनबास ने यूहन्ना को जो मरकुस कहलाता है, साथ लेने का विचार किया।
Act 15:38 परन्‍तु पौलुस ने उसे जो पंफूलिया में उन से अलग हो गया था, और काम पर उन के साथ न गया, साथ ले जाना अच्‍छा न समझा।
Act 15:39 सो ऐसा टंटा हुआ, कि वे एक दूसरे से अलग हो गए: और बरनबास, मरकुस को लेकर जहाज पर कुप्रुस को चला गया।
Act 15:40 परन्‍तु पौलुस ने सीलास को चुन लिया, और भाइयों से परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपा जाकर वहां से चला गया।
Act 15:41 और कलीसियाओं को स्थिर करता हुआ, सूरिया और किलिकिया से होते हुआ निकला।

एक साल में बाइबल:
  • १ शमूएल ४-६
  • लूका ९:१-१७

मंगलवार, 5 अप्रैल 2011

अपने पीछे द्वार बन्द कर दीजिए

दो जन खुले मैदान में होकर जा रहे थे। अपना रास्ता छोटा करने के लिए उन्होंने पास के मैदान में होकर जाने का निर्णय लिया। उस मैदान को पशुओं के चराने के लिए बाड़े से घेरा हुआ था, और वे बाड़ का द्वार खोलकर मैदान से होकर जाने लगे। वे अपने वार्तलाप में इतना खोए हुए थे कि उन्हें बाड़े का द्वार बन्द ध्यान नहीं रहा। थोड़ी देर में उनमें से एक को यह याद आया और वह भाग कर वापस गया कि द्वार बन्द कर दे। ऐसा करते समय उसे अपने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति की दी हुई सलाह याद आई, "जीवन के मार्गों पर चलते हुए अपने पीछे द्वार बन्द करना कभी नहीं भूलना।"

वह बुज़ुर्ग जानता था कि जीवन के मार्ग में समस्याएं, कठिनाईयाँ, असफलताएं और दुख भरे कड़वे अनुभव अवश्य आएंगे। परन्तु वह नहीं चाहता था कि उसके बच्चे इन बातों को जीवन भर अपने साथ लिए फिरें: वरन उसकी इच्छा थी कि वे इन बातों को पीछे छोड़कर आगे की ओर देखने और बढ़ने वाले हो सकें।

मसीही विश्वासियों के लिए यह विशेषकर सत्य है। एक बार जब हम अपना पाप मान लेते हैं और अपनी गलती सुधारने के लिए जो भी आवश्यक है वह कर लेते हैं, तो फिर उस बात को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहिए; उसकी यादों में पड़े रहकर अपना आता समय और आते अवसर खराब नहीं करने चाहिएं।

प्रेरित पौलुस ने भी हमें सिखाया है कि बीती बातों को भूलकर उन चीज़ों की ओर ध्यान दें जो आगे हैं - "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।" (फिलिप्पियों ३:१३, १४)

जब बीती असफलताओं की बात आती है तो हमें अपने पीछे सदा द्वार बन्द कर देना चाहिए। - रिचर्ड डी हॉन


वह स्मरण रख कर जो हमें भूल जाना चाहिए हम असफलता को निमंत्रण देते हैं।

मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी; मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपने विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी। - यशायाह ५४:४

बाइबल पाठ: यशायाह ५४:१-१०
Isa 54:1 हे बांझ तू जो पुत्रहीन है जयजयकार कर; तू जिसे जन्माने की पीड़े नहीं हुई, गला खोलकर जयजयकार कर और पुकार! क्योंकि त्यागी हुई के लड़के सुहागिन के लड़कों से अधिक होंगे, यहोवा का यही वचन है।
Isa 54:2 अपने तम्बू का स्थान चौड़ा कर, और तेरे डेरे के पट लम्बे किए जाएं; हाथ मत रोक, रस्सियों को लम्बी और खूंटों को दृढ़ कर।
Isa 54:3 क्योंकि तू दाहिने-बाएं फैलेगी, और तेरा वंश जाति-जाति का अधिकारी होगा और उजड़े हुए नगरों को फिर से बसाएगा।
Isa 54:4 मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी; मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपने विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी।
Isa 54:5 क्योकि तेरा कर्त्ता तेरा पति है, उसका नाम सेनाओं का यहोवा है; और इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है, वह सारी पृथ्वी का भी परमेश्वर कहलाएगा।
Isa 54:6 क्योंकि यहोवा ने तुझे ऐसा बुलाया है, मानो तू छोड़ी हुई और मन की दुखिया और जवानी की त्यागी हुई स्त्री हो, तेरे परमेश्वर का यही वचन है।
Isa 54:7 क्षण भर ही के लिये मैं ने तुझे छोड़ दिया था, परन्तु अब बड़ी दया करके मैं फिर तुझे रख लूंगा।
Isa 54:8 क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है।
Isa 54:9 यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा।
Isa 54:10 चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है।

एक साल में बाइबल:
  • १ शमूएल १-३
  • लूका ८:२६-५६

सोमवार, 4 अप्रैल 2011

असफलता से सफलता

महान अविष्कारक चार्लस केटरिंग का सुझाव है कि हम बुद्धिमानी से असफल होना सीखें। उन्होंने कहा, "जब आप असफल हों तो उसका विशलेषण करें और पता लगाएं कि ऐसा क्यूँ हुआ, क्योंकि प्रत्येक असफलता सफलता के मन्दिर तक पहुँचाने वाला कदम है; और सुनिश्चित कर लें कि आप अपने अन्तिम प्रयास में असफल न हों।"

असफलता को सफलता में परिवर्तित करने के लिए तीन सुझाव हैं:

१. असफलता का ईमानदारी से सामना करें, कभी भी दिखाने भर को सफलता का स्वांग न करें।

२. असफलता का उपयोग करें, उसे व्यर्थ न जाने दें। उससे जो भी और जितना भी आप सीख सकते हैं वह अवश्य सीखें। हर कड़वा अनुभव आपको कुछ न कुछ अच्छा सिखा सकता है।

३. कभी भी असफलता को बहाना बना कर एक और प्रयत्न करने का इरादा न छोड़ दें। चाहे हम असफलता से हुए नुकसान की भरपाई कभी न कर पाएं, या उसके दुषप्रभावों को कभी न पलट सकें तौ भी एक नया आरंभ करने के लिए सदा तैयार रहें।

परमेश्वर अपने बच्चों को सिर्फ इसलिए कि हम उसकी सन्तान हैं, हमें अपने द्वारा लिए गए गलत निर्णयों और किए गए गलत कार्यों के दुषप्रभावों से बचा कर नहीं रखता; क्योंकि वह चाहता है कि हम उसकी आज्ञाकारिता की आशीशों और अनआज्ञाकारिता के परिणामों को अनुभव कर सकें और उनसे सीख सकें। साथ ही वह हमें एक बात और सिखाना चाहता है - उसकी सन्तान के लिए असफलता कभी अन्त नहीं है क्योंकि उसका पवित्र आत्मा हमारे अन्दर रहकर लगातार हमें परमेश्वर के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उभारता रहता है। वह हमें असफलता को परिपक्वता तक पहुँचने की सीढ़ी की तरह प्रयोग करने को उकसाता रहता है। परमेश्वर प्रत्येक परिस्थिति में हमारी भलाई ही के लिए कार्य करता है, असफलता में भी, और हमें उस भलाई में चलना है जिससे हम और बढ़ सकें।

असफलता से भी लाभ उठाना ही सफलता की कुँजी है, विशेषकर तब जब हम विश्वास करते हैं कि परमेश्वर हम में होकर कार्य करता रहता है कि हम उसकी सुइच्छा की पूर्ति करें। - डेनिस डी हॉन


असफलता को उसके विपरीत रूप में बदलना ही सफलता है।

क्‍योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्‍छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। - फिलिप्पियों २:१३

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों २:१२-१७
Php 2:12 सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
Php 2:13 क्‍योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्‍छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
Php 2:14 सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
Php 2:15 ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्‍तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)।
Php 2:16 कि मसीह के दिन मुझे घमण्‍ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
Php 2:17 और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्‍दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्‍द करता हूं।

एक साल में बाइबल:
  • रूथ १-४
  • लूका ८:१-२५

रविवार, 3 अप्रैल 2011

गुलाम

जब हम बार बार किसी पाप में पड़ने लगते हैं तो यह दिखाता है कि हम उसके गुलाम हो गए हैं। एडस (AIDS) रोग से पीड़ित और मृत्यु के निकट एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसे अपने समलैंगिक जीवन को लेकर पापबोध तो था और वह इससे निकलना भी चाहता था, लेकिन अपने इस अनैतिक जीवन शैली से वह अपने आप को निकाल नहीं सका। एक अन्य जवान व्यक्ति ने माना कि उसकी पत्नि उसे इसलिए छोड़कर चली गई क्योंकि वह अशलीलता (pornography) से अपने आप को दूर नहीं कर पा रहा था; वह इस बात से दुखी तो है, किंतु अब भी अशलीलता को छोड़ नहीं पा रहा है।

बाइबल का पात्र शिमशोन भी पाप का गुलाम हो गया था। वह दलीला से प्रेम लीला में रत रहा, यह जानते हुए भी कि वह उसके दुशमनों से मिली हुई है और अपने प्रेम जाल के द्वारा उसे दुशमनों के हाथों में सौंपना चाहती है। शिमशोन की यह मूर्खता उसकी वासना की गुलामी के कारण थी। जैसे उपरोक्त समलैंगिकता में तथा अशलीलता की लत में पड़े व्यक्ति थे, वैसे ही जानते समझते हुए भी, शिमशोन भी वह नहीं कर पाया जो उसे करना लेना चाहिए था।

एक बार हम गलत मार्ग पर चल निकलें तो वापस मुड़कर बाहर निकल पाना कठिन हो जाता है। प्रभु यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है" (यूहन्ना ८:३४)। पाप क्षणिक शारीरिक आनन्द द्वारा हमें फंसाता देता है और अनन्त खतरे में डाल देता है। पाप और उसकी गुलामी से बचने का एक ही मार्ग है - यीशु के आधीन हो जाओ, उसके दास हो जाओ।

यदि आप किसी बुरी आदत में फंसे हैं जो आपके जीवन को बरबाद कर रही है तो प्रभु यीशु के सम्मुख उस पाप को और उससे निकल पाने की अपनी अस्मर्थता को स्वीकार कर लें और सम्पूर्णतः उसके आधीन हो जाएं; वही आपको बचा सकता है - यह प्रभु का वायदा है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


पाप का आनन्द तो कुछ समय का होता है, किंतु उसके दुषपरिणाम सदाकाल के होते हैं।

मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। - यूहन्ना ८:३४

बाइबल पाठ: रोमियों ६:५-२३
Rom 6:6 क्‍योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्‍व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्‍व में न रहें।
Rom 6:7 क्‍योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा।
Rom 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी।
Rom 6:9 क्‍योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठकर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की।
Rom 6:10 क्‍योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्‍तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
Rom 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्‍तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।
Rom 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरणहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
Rom 6:13 और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमश्‍ेवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।
Rom 6:14 और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्‍योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।
Rom 6:15 तो क्‍या हुआ क्‍या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं कदापि नहीं।
Rom 6:16 क्‍या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्‍त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्‍त धामिर्कता है
Rom 6:17 परन्‍तु परमश्‍ेवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Rom 6:18 और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए।
Rom 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक र्दुबलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो।
Rom 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्‍वतंत्र थे।
Rom 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्‍या फल पाते थे?
Rom 6:22 क्‍योंकि उन का अन्‍त तो मृत्यु है परन्‍तु अब पाप से स्‍वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्‍त होती है, और उसका अन्‍त अनन्‍त जीवन है।
Rom 6:23 क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्‍तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १९-२१
  • लूका ७:३१-५०

शनिवार, 2 अप्रैल 2011

घातक दोष

व्यक्ति यदि अनुशासित न हो तो उसका नाश हो जाता है। मैं एक ऐसी लड़की को जानता हूँ जो कम उम्र में ही मर जाएगी यदि उसने खाने की अपनी आदतें नहीं बदलीं। मैं एक ऐसे जवान को भी जानता हूँ जो अपने आप को बरबाद करे जा रहा है, क्योंकि उसने कभी अनुशासन नहीं सीखा; वह एक धनाड्य परिवार में पैदा और बड़ा हुआ, लेकिन अपनी जुआ खेलने और शराब पीने की आदत के कारण वह अब आर्थिक बरबादी के कगार पर है।

बाइबल के एक पात्र शिमशोन ने भी अपनी अनुशसनहीनता के कारण कुछ ऐसे निर्णय लिए जिनके कारण वह फिलिस्तियों का कैदी बन गया और उन्होंने उसे अपना बन्दी सेवक बना कर उसकी आँखें निकाल डालीं। उसका पतन आरंभ हुआ जब उसने एक अन्यजाति स्त्री से शादी करने की ज़िद करी। अपने माँ-बाप से उसकी माँग थी "...उसी से मेरा ब्याह करा दे; क्योंकि मुझे वही अच्छी लगती है।" (न्यायियों १४:३) उसके स्वार्थ और भोग विलास की लालसा ने उसे विनाश के मार्ग पर डाल दिया।

बिना आत्म सयंम और अनुशासन के हम अपने बड़े गुणों को व्यर्थ कर सकते हैं और उन्नत्ति के अवसरों को गंवा सकते हैं। कुछ विशेष भोजन वस्तुओं के लिए हमारी लालसाएं, मनोरंजन के साधनों में समय की बरबादी, वासना तृप्ति का अनियंत्रित जीवन, किसी भी कीमत पर सफलता की सीढ़ी चढ़ने की उत्कण्ठा, आदि उदाहरण हैं उन बातों के जो नियंत्रित और उचित रीति से प्रयोग करने से तो लाभकारी किंतु अनुचित और असंयमित प्रयोग से बरबादी का कारण बन जाती हैं।

जो खिलाड़ी खेल-कूद में कीर्तिमान स्थपित करते हैं, वे ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि वे अपने भोजन, जीवन शैली, व्यायाम और अभ्यास में संयम और अनुशासन बरतते हैं। इसी प्रकार वे लोग जो परमेश्वर के साथ नियमित रूप से चलते रहते हैं वे परमेश्वर के अनुशासन का भी पालन करते हैं। उनके जीवन में परमेश्वर के वचन बाइबल को नियमित पढ़ना, नियमित प्रार्थना में समय बिताना और परमेश्वर के आज्ञाकारी रहना प्रमुख होता है।

अनुशासनहीनता बरबादी की गारन्टी है; अनुशासित तथा अत्म संयमित जीवन, जयवन्त जीवन होने की। - हर्ब वैनडर लुग्ट


खुद को अनुशासित रखिए, फिर औरों को आपके लिए यह करने की आवश्यक्ता नहीं होगी।

उसके माता पिता ने उस से कहा, क्या तेरे धाइयों की बेटियों में, वा हमारे सब लोगों में कोई स्त्री नहीं है, कि तू खतनाहीन पलिश्तियों में से स्त्री ब्याहने चाहता है? शिमशोन ने अपने पिता से कहा, उसी से मेरा ब्याह करा दे; क्योंकि मुझे वही अच्छी लगती है। - न्यायियों १४:३

बाइबल पाठ: न्यायियों १६:२१-३०
Jdg 16:21 तब पलिश्तियों ने उसको पकड़कर उसकी आंखें फोड़ डालीं, और उसे अज्जा को ले जा के पीतल की बेडिय़ों से जकड़ दिया; और वह बन्दीगृह में चक्की पीसने लगा।
Jdg 16:22 उसके सिर के बाल मुण्ड जाने के बाद फिर बढ़ने लगे।
Jdg 16:23 तब पलिश्तियों के सरदार अपने दागोन नाम देवता के लिये बड़ा यज्ञ, और आनन्द करने को यह कह कर इकट्ठे हुए, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु शिमशोन को हमारे हाथ में कर दिया है।
Jdg 16:24 और जब लोगों ने उसे देखा, तब यह कह कर अपने देवता की स्तुति की, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु और हमारे देश के नाश करने वाले को, जिस ने हम में से बहुतों को मार भी डाला, हमारे हाथ में कर दिया है।
Jdg 16:25 जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्होंने कहा, शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे। इसलिये शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।
Jdg 16:26 तब शिमशोन ने उस लड़के से जो उसका हाथ पकड़े था कहा, मुझे उन खम्भों को जिन से घर सम्भला हुआ है छूने दे, कि मैं उस पर टेक लगाऊं।
Jdg 16:27 वह घर तो स्त्री पुरूषों से भरा हुआ था, पलिश्तियों के सब सरदार भी वहां थे, और छत पर कोई तीन हजार सत्री पुरूष थे, जो शिमशोन को तमाशा करते हुए देख रहे थे।
Jdg 16:28 तब शिमशोन ने यह कह कर यहोवा की दोहाई दी, कि हे प्रभु यहोवा, मेरी सुधि ले; हे परमेश्वर, अब की बार मुझे बल दे, कि मैं पलिश्तियों से अपनी दोनों आंखों का एक ही पलटा लूं।
Jdg 16:29 तब शिमशोन ने उन दोनों बीच वाले खम्भों को जिन से घर सम्भला हुआ था पकड़कर एक पर तो दाहिने हाथ से और दूसरे पर बाएं हाथ से बल लगा दिया।
Jdg 16:30 और शिमशोन ने कहा, पलिश्तियों के संग मेरा प्राण भी जाए। और वह अपना सारा बल लगाकर झुका; तब वह घर सब सरदारों और उस में से सारे लोगों पर गिर पड़ा। सो जिनको उस ने मरते समय मार डाला वे उन से भी अधिक थे जिन्हें उस ने अपने जीवन में मार डाला था।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १६-१८
  • लूका ७:१-३०

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011

स्वर्ग के नागरिक

एक व्यक्ति अपने पुराने मित्र से मिलने गया, जो ब्रिटिश सेना में फौजी अफसर था और अफ्रीका के जंगलों में अपने दल के साथ तैनात था। एक दिन जब वह अपने मित्र के तम्बू में आया तो यह देख कर भौंचका रह गया कि उस जंगल में उसका मित्र किसी समारोह में भाग लेने जैसे औपचारिक वस्त्र पहने हुए बैठा था और उसके सामने मेज़ पर भोजन करने के कीमती पात्र सजे हुए थे। उसने अपने मित्र से पूछा कि जंगल में एक तम्बु के अन्दर वह ऐसी ठाठ-बाठ की वेशभूशा पहने और ऐसे कीमती पात्रों से मेज़ सजाकर क्यों बैठा है? उस ब्रिटिश अफसर ने उसे समझाया, "सप्ताह में एक बार मैं इस रीति को मनाता हूँ, जिससे मुझे स्मरण रहे कि मैं कौन हूँ - ब्रिटिश सेना का एक अफसर। मैं अपने वास्तविक घर के तौर तरीकों को बनाए रखना चाहता हूँ और ब्रिटिश लोगों की परम्पराओं के अनुसार जीना चाहता हूँ, चाहे मेरे आस-पास के लोग कैसे भी रहें। मैं नहीं चाहता कि किसी विदेशी आचरण के प्रभाव में आ कर मैं अपने देश के आचरण भूल जाऊँ।

मसीहियों को भी ऐसी ही चिंता होनी चाहिए। प्रभु यीशु के विश्वासी होने के कारण हम स्वर्ग के नागरिक हैं, वहीं की नागरिकता हमारी वास्तविक नागरिकता है; लेकिन अक्सर हम ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे यह संसार ही हमारा स्थायी निवास स्थान है। हमें चौकस रहना चाहिए कि हम अपनी स्वर्गीय नागरिकता के अनुसार आचरण के स्थान पर सांसारिक आचरण न अपनाने लगें। हमें ऐसे जीना है कि लोग हमारे जीवनों को देखकर जान सकें कि हम संसार से भिन्न हैं, क्योंकि हम संसार में यात्री और स्वर्ग के नागरिक हैं। - रिचर्ड डी हॉन


जो मसीही संसार से ऊपर उठकर जीते हैं, वे स्वर्ग के निकट रहते हैं।

पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं। - फिलिप्पियों ३:२०


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:१७-२१

Php 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्‍हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Php 3:18 क्‍योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Php 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Php 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Php 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १३-१५
  • लूका ६:२७-४९