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गुरुवार, 1 नवंबर 2018

सुरक्षा



      स्थानीय पार्क में विचरण करते समय, मेरा और मेरे बच्चों का सामन वहाँ विचरण के लिए आए किसी अन्य जन के कुत्तों से हुआ, जो पट्टे अथवा रस्सी से बंधे हुए नहीं थे, खुले घूम रहे थे। उन कुत्तों के मालिक को यह बात ध्यान में नहीं आई कि उन कुत्तों में से एक मेरे बेटे को डराने लगा था। मेरे बेटे ने उस कुत्ते को भगाने का प्रयास किया, परन्तु वह और भी अधिक उसे डराने लगा। अन्ततः घबराकर मेरे बेटे ने दूर की ओर भागना आरंभ कर दिया, किन्तु वह कुत्ता भी उसके पीछे  जाने लगा। यह देख मैंने तुरंत अपने बेटे को पुकार कर कहा, “दूर मत जाओ; भाग कर मेरे पास आओ!” मेरा बेटा भाग कर मेरे पास आ गया और शान्त हो गया। वह कुत्ता भी उसे मेरे पास देखकर किसी अन्य स्थान पर गड़बड़ी करने चला गया।

      हमारे जीवनों में ऐसी परिस्थितियाँ आती हैं जब परेशानियां हमें तंग करने लगती हैं, और हम उन बच कर इधर-उधर भागने लग जाते हैं। हम जितना उन परेशानियों से बचना चाहते हैं, वे उतनी अधिक हम पर हावी होने लगती हैं, हम उनसे बचने नहीं पाते हैं। हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमें अपने पास बुलाता है, पुकार कर हमें कहता है, “दूर मत जाओ; भाग कर मेरे पास आओ!”

      हम अपने आप में उन परेशानियों और कठिनाइयों पर जयवंत होने में सक्षम नहीं हैं; परन्तु हमारा परमेश्वर पिता सदैव हमारे साथ उपस्थित रहता है, हमें सहायता और सांत्वना प्रदान करता रहता है। हमें बस उसकी वाणी सुनकर उसकी ओर लौट कर आना है, उसका शरणागत होना है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करता है कि “यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है” (नीतिवचन 18:10)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


संकट के समयों में परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: यशायाह 43:1-7
Isaiah 43:1 हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है।
Isaiah 43:2 जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
Isaiah 43:3 क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।
Isaiah 43:4 मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।
Isaiah 43:5 मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।
Isaiah 43:6 मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;
Isaiah 43:7 हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिस को मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिस को मैं ने रचा और बनाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2



मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

सुनना



      मुझे लग रहा था मानों मैं पानी के अन्दर हूँ, ज़ुकाम और एलर्जी के कारण मेरे कान बन्द थे और आवाजें बहुत दबी हुई आ रहीं थीं, मुझे साफ़ सुनाई नहीं दे रहा था; मैं स्पष्ट सुन पाने के लिए संघर्ष कर रहा था। मेरी उस स्थिति ने मुझे एहसास करवाया कि मैं सुन पाने की अपनी क्षमता को कितना हलके में लेता हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में शमूएल भविष्यद्वक्ता के जीवन का भी वर्णन है। बचपन में उसकी परवरिश परमेश्वर के मंदिर में महापुरोहित ऐली के परिवार के साथ हुई थी। उसके बचपन की घटना है, जब रात्रि में सोते समय परमेश्वर ने तीन बार उसे उसका नाम लेकर बुलाया। छोटे शमूएल को अपना नाम पुकारे जाने पर अचरज हुआ, विशेषकर जब वह तीनों बार उठकर ऐली के पास गया और ऐली ने कहा कि उसने शमूएल को नहीं बुलाया। लेकिन तीसरी बार ऐली समझ गया कि परमेश्वर शमूएल से बातें कर रहा है। उन दिनों परमेश्वर का वचन दुर्लभ था और लोग परमेश्वर की वाणी को सुनने के आदी नहीं थे। परन्तु ऐली ने शमूएल को निर्देश दिए कि फिर से परमेश्वर की वाणी सुनने पर वह क्या करे।

      परमेश्वर आज हम से उन दिनों से कहीं अधिक स्पष्टता से बातें करता है, अपने वचन बाइबल के द्वारा। इब्रानियों की पत्री में लिखा है, “पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के। इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है” (इब्रानियों 1:1-2)। प्रेरितों 2 में हम पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा के आगमन के विषय पढ़ते हैं, जो हमें मसीह यीशु की शिक्षाओं को समझाता है “परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा” (यूहन्ना 16:13)। परन्तु हमें परमेश्वर की वाणी को सुनकर आज्ञाकारिता में उसका प्रत्युत्तर देना सीखने की आवश्यकता है।

      जैसे ज़ुकाम के समय में मैं आवाजों को स्पष्ट नहीं सुन पा रहा था, और मुझे प्रयास करके समझना पड़ रहा था कि क्या कहा जा रहा है, वैसे ही हमें भी परमेश्वर की वाणी को स्पष्ट समझने के लिए प्रयास करना सीखना होगा। परमेश्वर के वचन बाइबल तथा अन्य परिपक्व मसीही विश्वासियों की सहायता के द्वारा हम ऐसा कर सकते हैं; परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें सिखाता है। परमेश्वर, अपनी सन्तान, हम मसीही विश्वासियों से बातें करना चाहता है; वह हमें अनन्त जीवन की बातें सिखाना चाहता है। - एमी बाउचर पाई


परमेश्वर अपनी संतानों से बात करता है, परन्तु हमें उसकी वाणी को पहचानना होगा।

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। - यूहन्ना 10:27

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था।
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था,
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था;
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा!
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया।
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह।
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था।
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठके एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है।
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया।
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले के समान पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4



बुधवार, 25 नवंबर 2015

वचन


   जब मैं अंग्रेज़ी भाषा में लिखना सिखाती हूँ तो विद्यार्थियों को मेरा निर्देश होता है कि वे कक्षा में बैठकर ही लिखें। ऐसा इसलिए क्योंकि कक्षा में लिखा गया उनकी अपनी मौलिक कृति होता है, इस प्रकार मैं प्रत्येक विद्यार्थी की लेखन शैली से परिचित हो जाती हूँ, और यह भी जानने पाती हुँ कि कहीं उन्होंने किसी अन्य के लेख से अत्याधिक सामग्री नकल तो नहीं कर ली। विद्यार्थियों को यह जानकर अचरज होता है कि उन में से प्रत्येक की लेखन शैली, जिसमें उनके विचार और उन्हें प्रगट करने का तरीका सम्मिलित हैं, अन्य सभी से वैसे ही भिन्न होती है जैसे उनकी वाणी और बोलने की शैली। जैसे हमारा बोलना हमारे मन से होता है, वैसे ही हमारा लिखना भी; दोनों ही हमारे व्यक्तित्व को प्रकट करते हैं।

   हम परमेश्वर की वाणी से भी इसी प्रकार परिचित होते हैं - जो उसने अपने बारे में हमें बताया है उसे पढ़ने से हम जानने पाते हैं कि वह कौन है और अपने आप को कैसे प्रकट तथा व्यक्त करता है। हमें बरगलाने तथा परमेश्वर से भटकाने के लिए शैतान भी हमारे सामने परमेश्वर की समानता लेकर आता है (2कुरिन्थियों 11:14)। वह परमेश्वर के शब्दों को थोड़ा सा फेर-बदल करके प्रयोग करता है और उन बदली हुई बातों द्वारा लोगों को असत्य पर विश्वास करने के लिए युक्तिसंगत परन्तु झूठी दलीलें देता है। उदाहरणस्वरुप, उद्धार पाने के लिए प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाने, उससे पापों की क्षमा माँगने और उसे जीवन समर्पित करके उसकी आज्ञाकरिता में रहने की बजाए भक्तिपूर्ण प्रतीत होने वाले कार्यों, जैसे कि आत्मानुशासन, बाहरी क्रीया-कलापों और रिति-रिवाज़ों का पालन और उन्हें प्राथमिकता देना (कुलुस्सियों 2:23), आदि के द्वारा, अर्थात अपने कर्मों से परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने के प्रयास का मार्ग दिखाकर शैतान ने संसार के बहुतेरे लोगों को परमेश्वर के मार्ग और राज्य से भटका रखा है।

   यह सुनिश्चित करने के लिए कि मनुष्य उसकी वाणी को सुन और समझ सकें परमेश्वर ने जो कुछ हो सकता था वह किया। उसने ना केवल अपना वचन हमें बाइबल के रूप में लिखित दिया, वरन वचन को देहधारी करके (यूहन्ना 1:14) प्रभु यीशु के रूप में भी हमें दे दिया जिससे हम सरलता से बहकाए ना जाएं, उसके मार्ग से भटक ना जाएं। परमेश्वर का लिखित तथा जीवित वचन हमारे साथ, हमारे पास है - उसका भरपूर प्रयोग कीजिए, अधिकतम लाभ उठाईए; उसे आप ही के लिए उपलब्ध करवाया गया है। - जूले ऐकिअरमैन लिंक


तेरा वचन पूरी रीति से ताया हुआ है, इसलिये तेरा दास उस में प्रीति रखता है। - भजन 119:140

और यह कुछ अचंभे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिमर्य स्वर्गदूत का रूप धारण करता है। - 2 कुरिन्थियों 11:14

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-18
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। 
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था। 
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। 
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। 
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। 
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं। 
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था। 
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी। 
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना। 
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। 
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। 
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। 
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। 
John 1:15 यूहन्ना ने उसके विषय में गवाही दी, और पुकारकर कहा, कि यह वही है, जिस का मैं ने वर्णन किया, कि जो मेरे बाद आ रहा है, वह मुझ से बढ़कर है क्योंकि वह मुझ से पहिले था। 
John 1:16 क्योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह। 
John 1:17 इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची। 
John 1:18 परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1पतरस 2


गुरुवार, 18 सितंबर 2014

सन्देश


   आप चाहे किसी अन्धेरे सिनेमा हॉल में बैठे सिनेमा देख रहे हों, या किसी सार्वजनिक स्थान पर हों, अथवा किसी रेल या बस में यात्रा कर रहे हों, बाज़ार में हों या दफ्तर में, मोबाईल फोन की घंटी बजने और फिर उस फोन के मालिक द्वारा सन्देश देखने, उसके उत्तर में अपना सन्देश भेजने अथवा फोन पर वार्तालाप करने का सिलसिला देखने को मिलता ही रहता है। एक छोटे से यंत्र से सन्देश की सूचना मिलने को नज़रन्दाज़ करना हमारे लिए बहुत कठिन हो गया है, सन्देश मिलते ही उसे देखना और प्रत्युत्तर देना हमारे लिए लगभग अनिवार्य सा हो गया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, शमूएल एक छोटा बालक ही था जब उसे परमेश्वर के भवन में परमेश्वर की सेवा के लिए एली महापुरोहित को सौंप दिया गया था। वो एली के साथ रहता था और उसके निर्देशों के अनुसार परमेश्वर के मन्दिर में कार्य करता था। एक रात सोते समय उसने किसी को अपना नाम पुकारते हुए सुना, और यह सोचकर के एली ने उसे बुलाया है वह एली के पास गया, लेकिन एली ने उसे नहीं बुलाया था (1 शमूएल 3:1-7)। जब बार बार ऐसा हुआ तब एली को समझ आया कि परमेश्वर शमूएल को बुला रहा है, और उसने शमूएल से कहा कि अगली बार जब उसे वह आवाज़ सुनाई दे तो वह कहे, "...हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है..." (1 शमूएल 3:10)। परमेश्वर के प्रति ऐसे कान लगाए रखना शमूएल के जीवन की कार्यविधि बन गया, और शमूएल तरक्की करता गया, और परमेश्वर अपने आप को अपने वचन द्वारा उस पर प्रकट करता रहा (1 शमूएल 3:21)। इस्त्राएल के इतिहास में शमूएल का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और वह परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रमुख पात्रों में से एक है, क्योंकि उसके कान परमेश्वर की वाणी की ओर लगे रहते थे और वह उसकी आज्ञाकारिता में कार्य करता था।

   क्या आज मैं और आप परमेश्वर के सन्देशों तथा वाणी के प्रति संवेदनशील हैं? क्या हम उसकी आवाज़ की ओर, उसके निर्देशों पर ध्यान देते हैं; उनका पालन करते हैं? एक फोन पर आया सन्देश तो हमारा ध्यान अन्य सभी कार्यों से हटा कर उस सन्देश का उत्तर देने पर कर देता है; क्या परमेश्वर के सन्देश को, उसकी वाणी को भी हम इतना ही महत्व देते हैं?

   काश कि हम भी शमूएल के समान सच्चे मन से परमेश्वर से कहने वाले हो सकें, "हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।" - डेविड मैक्कैसलैंड


अपने जीवन में संसार की बातों के शोर को परमेश्वर की आवाज़ को दबाने ना दें।

और यहोवा ने शीलो में फिर दर्शन दिया, क्योंकि यहोवा ने अपने आप को शीलो में शमूएल पर अपने वचन के द्वारा प्रगट किया। - 1 शमूएल 3:21

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:1-10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था। 
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था, 
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था; 
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा! 
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। 
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था। 
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठके एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है। 
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले की नाईं पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 46-48


गुरुवार, 6 जनवरी 2011

सूर्यास्त में परमेश्वर की वाणी

सूर्यास्त की सुन्दरता पर किसने अचंभा नहीं किया होगा? सूर्य जब पश्चिमी क्षितिज की ओर बढ़ता है तो आकाश पर छाई रंगों की छटा से हम मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। कुछ पल को हिचकिचाता सा सूर्य, आकाश पर गुलाबी, नारंगी और लाल रंगों की रंगत बिखेरता हुआ आंखों से ओझल हो जाता है। सूर्यास्त के इस महिमामय दृश्य में परमेश्वर की महिमामयी किंतु शांतिदायक आवाज़ से दिन भर की कुण्ठाएं शान्त हो जाती हैं।

धरती के वायुमण्डल के कारण सूर्य की किरणों की गति कुछ धीमी हो जाती है और वे कुछ मुड़ जाती हैं, इसलिये डूबता सूर्य अंडाकार दिखाई देता है; वायुमण्डल में विद्यमान धूल और धुएं के कारण विभिन्न रंग दिखाई देते हैं, जो हमें इतने सुखद लगते हैं। जितना सुन्दर हमने उसे देखा है, सूर्यास्त का दृश्य उससे भी अधिक सुन्दर हो सकता है। नक्षत्र वैज्ञानिक जौन बी. इरविन "Encyclopedia Science Supplement" में लिखते हैं कि, "जब परिस्थितियां सही हों तो, सूर्यास्त के अंतिम पीले-नारंगी रंग अचानक चमकीले हरे रंग में बदल जाते हैं। यह चमकदार हरा रंग दिन को उत्तेजक विस्मयबोधक चिन्ह के साथ अन्त करता है।"

मसीही विश्वासी के लिये, प्रत्येक सूर्यास्त, दिन के अन्त पर परमेश्वर की ओर से लगा विस्मयबोधक चिन्ह है; जैसे परमेश्वर कह रहा हो, "अपनी चिन्ताएं किनारे कर दो। अपने कार्यों से विश्राम लो। अपनी निराशाओं को भूल जाओ। मैं अभी भी यहीं हूँ, अपनी सृष्टि का ध्यान रख रहा हूँ, उसे नियंत्रित रख रहा हूँ। मैं बदला नहीं हूँ। सूर्य से आगे, मेरी ओर देखो और शान्त हो जाओ।" - डेव एग्नर


सृष्टि में परमेश्वर की आवाज़ हमें उसके पराक्रम का आश्वासन देती है।

ईश्वर परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है। - भजन ५०:१


बाइबल पाठ: भजन ५०:१-६

ईश्वर परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।
सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।
हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे आगे भस्म करती जाएगी और उसके चारों ओर बड़ी आंधी चलेगी।
वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर से आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:
मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझ से वाचा बान्धी है!
और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति १६-१७
  • मत्ती ५:२७-४८