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शनिवार, 31 अगस्त 2019

सुन्दरता



      ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी समुद्र-तट के निकट लॉर्ड होवे द्वीप साफ़ पानी में स्थित तथा साफ़ सफ़ेद रेत का एक छोटा सा टापू है। कुछ वर्ष पहले जब मैं वहाँ गया था तो मैं उसकी सुन्दरता देखकर चकित और मुग्ध हो गया। यहाँ आप समुद्र के पानी में बड़े कछुओं और विभिन्न प्रकार की अति सुन्दर मछलियों के साथ तैर सकते थे। वहाँ मैंने मूंगे की चट्टानों में कई प्रकार की रंगीन सुन्दर मछलियों को भी देखा जो मेरे हाथों को छूना चाह रही थीं। ऐसी विलक्षण सुंदरता से अभिभूत होकर मैं परमेश्वर की स्तुति और आराधना किए बिना नहीं रह सका।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रेरित पौलुस द्वारा कही गई एक बात के द्वारा मेरी इस प्रतिक्रिया के कारण को समझ सकते हैं। पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें बताया कि सृष्टि अपने सृष्टिकर्ता को प्रकट करती है (रोमियों 1:20)। लॉर्ड होवे द्वीप के अद्भुत सुन्दर नज़ारे मुझे परमेश्वर की सामर्थ्य एवँ सुन्दरता का दर्शन करवा रहे थे।

      जब यहेजकेल नबी ने परमेश्वर का दर्शन पाया तो उसे नीलम से बने और चमकते हुए सिंहासन पर एक प्रकाशमान स्वरूप दिखाई दिया (यहेजकेल 1:25-28)। प्रेरित यूहन्ना ने भी इसी से मिलता-जुलता कुछ देखा: परमेश्वर कीमती रत्नों के समान ज्योतिर्मय स्वरूप में चमक रहा था, और उसके चारों ओर मरकत का सा एक मेघ-धनुष था (प्रकाशितवाक्य 4:2-3)। परमेश्वर जब अपने आप को प्रगट करता है, तो वह न केवल भला और सामर्थी पाया जाता है परन्तु बहुत सुन्दर भी। सृष्टि उसकी सुन्दरता को वैसे ही प्रतिबिंबित करती है जैसे कलाकृति अपने कलाकार को करती है।

      कितने दुःख की बात है कि प्रायः लोग परमेश्वर के स्थान पर उसकी रची हुई प्रकृति की उपासना करने लगते हैं (रोमियों 1:25)। इसके विपरीत होना यह चाहिए कि पृथ्वी और उसके प्राणियों की अद्भुत सुन्दरता द्वारा हम उनके रचियता और उन्हें संभालने वाले सृष्टिकर्ता परमेश्वर को पहचानें कि उससे सुन्दर और सामर्थी और कोई, और कुछ भी नहीं है। - शेरिडन वोएसे


सृष्टि की सुन्दरता, सृष्टिकर्ता की सुन्दरता को प्रतिबिंबित करती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: रोमियों 1:18-25
Romans 1:18 परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं।
Romans 1:19 इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है।
Romans 1:20 क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं।
Romans 1:21 इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
Romans 1:22 वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
Romans 1:23 और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगने वाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।
Romans 1:24 इस कारण परमेश्वर ने उन्हें उन के मन के अभिलाषाओं के अुनसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
Romans 1:25 क्योंकि उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34



गुरुवार, 28 जून 2018

अतीत



      क्रिस बेकर एक गोदने (टैट्टू) बनाने वाले कलाकार हैं जो पीड़ा और दासत्व की निशानियों को कलाकृतियों में रूपांतरित करते हैं। उनके ग्राहकों में से अनेकों लोग पहले अपराधिक गिरोहों के सदस्य और मानव व्यापार के शिकार हुए जन हैं। इन लोगों के शरीरों पर पहचान के लिए चिन्ह, नाम, या कोड गोद दिए जाते थे; क्रिस अब उन पुराने गोदनों पर नए चित्र गोद कर, सुन्दर कलाकृतियां बनाते हैं।

      जो कार्य क्रिस बेकर त्वचा के साथ करते हैं, वही कार्य प्रभु यीशु मसीह मनुश्यों की आत्माओं तथा जीवन के साथ करते हैं – जीवन पर आए पाप और बुराई के दागों को हटा कर हमें अपने स्वरूप में रूपांतरित कर देते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि “सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं” (2 कुरिन्थियों 5:17)। प्रभु यीशु के पास आने से पहले हम अपनी ही इच्छाओं के अनुसार चलते हैं, वे इच्छाएं हमें चाहे जहाँ ले जाएँ, और यह हमारी जीवन शैली से झलकता है। जब हम पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित करते हैं, तो हमारे पुराने जीवन की लालसाएं और बुराईयां हमारे जीवनों से हटने लगती हैं, और हम नए स्वरूप में परिवर्तित होने लगते हैं; “और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया...”(2 कुरिन्थियों 5:18)।

      परन्तु इस नए स्वरूप में भी जीवन सदा ही सहज नहीं होता है। पुरानी आदतों से हटने में समय लग सकता है, और जो विचार हमारी पुरानी जीवन शैली का आधार थे, उनके साथ संघर्ष करने पड़ सकते हैं। परन्तु परमेश्वर का आत्मा हम में कार्य करता रहता है, हमें संभाले रहता है, भीतरी सामर्थ्य और प्रभु यीशु के प्रेम की समझ प्रदान करता है। हम अंश अंश करके प्रभु की समानता में बदलते जाते हैं, अतीत को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ते जाते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भविष्य का आनन्द लेने के लिए, 
अपने अतीत के लिए प्रभु परमेश्वर की क्षमा को स्वीकार कर लें।

...तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:12-21
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं।
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं।
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए।
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे।
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21



गुरुवार, 23 जून 2016

सुधार और संरक्षण


   सदियों से समय या अन्य किसी कारण से जीर्ण होकर खराब हो गई कलाकृतियों को ठीक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के अनेक प्रयास होत आए हैं। इनमें से कई प्रयास अपने उद्देश्य में सफल हुए और उन महान कलाकारों की मूल कृतियों को कुशलता से संरक्षित किया जा सके, लेकिन कुछ प्रयास असफल भी हुए जिसके कारण प्रतिभाशाली कलाकारों की कलाकृतियाँ और भी खराब हो गईं; इन खराब हुई कलाकृतियों में कुछ यूनानी मूर्तियाँ और दा-विन्ची के दो चित्र भी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित पौलुस द्वारा कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखे पत्र में पौलुस ने एक ऐसे सुधार और संरक्षण के कार्य के बारे में बताया है जो संसार द्वारा होने वाले किसी भी सुधार और संरक्षण से संभव नहीं है; यह सुधार और संरक्षण है परमेश्वर के लोगों का। पौलुस ने लिखा: "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)। यह किसी मृत कलाकार की सांसारिक कलाकृति के सुधार और संरक्षण का कार्य नहीं है; यह आत्मिक सुधार और संरक्षण का कार्य है जो जीवते और सच्चे परमेश्वर द्वारा किया जाता है; उस परमेश्वर द्वारा जिसने हमें सृजा है, जिसने अपने पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु में होकर अनुग्रह से हमें नया जीवन सेंत-मेंत उपहार के रूप में प्रदान किया है। उसकी क्षमा हमारे जीवनों में नए रंग भर देती है और उसका अनुग्रह हमारे जीवनों के लिए उसके उद्देश्यों की रूपरेखा को स्पष्ट और निखरा हुआ कर देता है।

   हमारे जीवन का चित्रपटल हमारे प्रभु के कुशल हाथों में सुरक्षित है; उस प्रभु के जो यह बखूबी जानता है कि उसने हमें किस लिए रचा है, और वह हम से क्या चाहता है। अपने पापों के कारण हम चाहे कितने भी दूषित और बिगड़े हुए क्यों ना हों, जब भी हम पश्चाताप और समर्पण के साथ उसके पास आते हैं, उससे मिलने वाले सुधार और संरक्षण के कारण हमारे उज्जवल भविष्य के लिए आशा सदा बनी रहती है। परमेश्वर वह सर्वोत्त्म और सबसे महान कलाकार है जो स्वयं अपनी कलाकृति का सुधार और संरक्षण करने के लिए उपलब्ध और तत्पर रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु मसीह हर किसी के जीवन का सुधार और संरक्षण कर सकने का विशेषज्ञ है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ; और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्यूब 23:10

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:5-17
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21


शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2016

कलाकृति


   मूर्तिकारों के लिए एक शब्द प्रयुक्त होता है "वृहतदृष्टि", जिसका तात्पर्य है कि वह कलाकार एक बेडौल से पत्थर में उस पत्थर का वह अन्तिम और पूर्ण सुन्दर तथा आकर्षक रूप देख सकता है जो उसके अपना कार्य कर लेने से निकलकर आएगा।

   गुटज़ोन बोर्गल्म (1867-1941) एक ऐसे मूर्तिकार हैं जिन्होंने अनेक जानी-पहिचानी कलाकृतियों को बनाया है। उनकी कलाकृतियों में सबसे विख्यात और जानी-पहिचानी है अमेरिका के दक्षिणी डकोटा प्रांत में स्थित रश्मोर पहाड़ पर बना माउन्ट रश्मोर राष्ट्रीय स्मारक, जहाँ उन्होंने पहाड़ को तराशकर चार प्रसिद्ध अमेरीकी राष्ट्रपतियों के विशालाकार चेहरे बनाए। जब गटज़ोन बोर्गल्म के घर की देखभाल और संचाल करने वाली कर्मचारी महिला ने पहली बार उनकी इस विशाल और अद्भुत कलाकृति को देखा तो वह भौंचकी रह गई और तेज़ चलती सांस के साथ उसने बोर्गल्म से पूछा, "मिस्टर बोर्गल्म, आपको कैसे पता चला कि इस चट्टान के अन्दर राष्ट्रपति लिंकन हैं?"

   वृहतदृष्टि रखना हमारे सर्वज्ञानी परमेश्वर के लिए भी उपयुक्त शब्द है क्योंकि हम जो कुछ हैं, और जो कुछ हो सकते हैं, हमारे बारे में परमेश्वर सब कुछ जानता है। वह जानता है कि जब वह हम में अपना कार्य पूरा कर चुकेगा तो हमारा स्वरूप कैसा होगा; जब सब कुछ हो चुकने के बाद अन्ततः हम उसके सामने खड़े होंगे तो कैसे होंगे - हमारे प्रभु यीशु की समानता और स्वरूप में, पवित्र और निषकलंक (2 कुरिन्थियों 3:18)। जिस परमेश्वर ने हम में यह कार्य करना आरंभ किया है, वह उसे प्रभु यीशु के आगमन के दिन तक पूरा भी करेगा: "और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा" (फिलिप्पियों 1:6)।

  परमेश्वर का कार्य कभी रुकता नहीं है; उसमें हमें सिद्ध बनाने की ऐसी लालसा है कि उसके द्वारा हमारे सिद्ध किए जाने में कुछ भी या कोई भी अवरोध नहीं बन सकता। जो उसने हम में आरंभ किया है वह उसे पूरा भी करेगा। इस कार्य में हमारा योगदान बस इतना ही है कि हम अपने आप को उसके हाथों में तराशे जाने और हमारी व्यर्थ बातों के छांटे जाने के लिए समर्पित कर दें और उसे अपना कार्य कर लेने दें। फिर जो कलाकृति निकलकर आएगी, हम स्वयं उसे देखकर भौंचके रह जाएंगे। - डेविड रोपर


परमेश्वर हम में कार्य करता है जिससे हमें वह बना सके जो वह हमारे लिए चाहता है।

...तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18 

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-30
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 13
  • मत्ती 26:26-50


मंगलवार, 15 मार्च 2011

काठ में अभिव्यक्ति

एक बढ़ई एक अन्धे भूमिहर को अपनी कारीगरी के सिद्धांतों को समझाने की कोशिश कर रहा था। बढ़ई ने कहा कि कलाकार अपने आप को रंगों के द्वारा अपने आप को अभिव्यक्त करते हैं, लेखक शब्दों द्वारा और शिल्पकार पत्थर पर काम करके, मैं अपने आप को काठ पर अपनी कारीगरी के द्वारा ही सबसे बेहतर तरह अभिव्यक्त कर सकता हूँ। भूमीधर ने अद्भुत आत्मिक अन्तःदृष्टि से कहा, "काठ द्वारा? श्रीमान क्या आप जानते हैं कि सारे संसार में मनुष्य की महानत्म अभिव्यक्ति काठ में ही हुई है?" बढ़ई ने भूमिहर से बड़े अचरज से पूछा, "कैसे?" भूमिहर ने उत्तर दिया, "यीशु मसीह के क्रूस द्वारा।"

जब प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर रहने के लिये आए तो अपने स्वर्गीय पिता के वचनानुसार आए। जो कुछ भी उन्होंने कहा या किया वह सब परमेश्वर पिता की आज्ञा के अनुसार था, इसलिये उनका जीवन और शिक्षाएं मनुष्य जाति के प्रति परमेश्वर के प्रेम भरे हृदय की सच्ची अभिव्यक्ति हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने मनुष्य जाति के लिये परमेश्वर के प्रेम की अनन्त योजना की अभिव्यक्ति किसी महान शिक्षा के प्रचार या किसी बड़े आश्चर्यकर्म द्वारा नहीं करी, वरन उन्होंने परमेश्वर के प्रेम का सबसे प्रभावशाली प्रगटिकरण क्रूस पर स्वेच्छा से अपने बलिदान द्वारा किया।

क्रूस पर प्रभु यीशु का बलिदान परमेश्वर के प्रेम की महानत्म अभिव्यक्ति था। यह बलिदान, यह मृत्यु सहना, यह अनन्त प्रेम की अभिव्यक्ति मेरे और आपके लिये थी। जिसने इस काठ पर करी गई प्रेम की महानतम अभिव्यक्ति के मर्म को समझ लिया और स्वीकार कर लिया, वह अनन्त उद्धार पा गया। - डेव एगनर


मसीह ने हमारे पाप के दोष को अपने ऊपर ले लिया और हमें अपने अनुग्रह तथा आशीश की भेंट दे दी।

यहूदी तो चिन्‍ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं। परन्‍तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है। परन्‍तु जो बुलाए हुए हैं क्‍या यहूदी, क्‍या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। - १ कुरिन्थियों १:२२-२४


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:१८-२५

1Co 1:18 क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
1Co 1:19 क्‍योंकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्‍छ कर दूंगा।
1Co 1:20 कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्‍या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
1Co 1:21 क्‍योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्‍छा लगा, कि इस प्रकार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करने वालों को उद्धार दे।
1Co 1:22 यहूदी तो चिन्‍ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं।
1Co 1:23 परन्‍तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
1Co 1:24 परन्‍तु जो बुलाए हुए हैं क्‍या यहूदी, क्‍या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
1Co 1:25 क्‍योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।

एक साल में बाइबल:
  • व्यवस्थाविवरण २६-२७
  • मरकुस १४:२७-५३

रविवार, 13 फ़रवरी 2011

बुद्धिमान योजनाकार

जब प्रसिद्ध चित्रकार और शिल्पकार माईकिलऐंजलो भव्य भवन "St. Peter's Cathedral" पर कार्य कर रहे थे, तो उसके साथ काम करने वाले अन्य लोग उसकी आलोचना करने लगे। उस महान कलाकर ने उन्हें कहा "यदि मैं जो कर रहा हूँ वह तुम्हें समझा भी सकूँ - जो मैं नहीं कर सकता - तौ भी मैं ऐसा करने के लिये बाध्य नहीं हूँ। मैं तुम से केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि मेरी भरसक सहायता करो, और जब काम पूरा हो जाएगा तो तुम्हारी समझ भी आ जाएगा।" इतिहास इस बात का गवाह है कि वह सही था। जो उसके काम की आलोचना कर रहे थे वे अपने अज्ञान के कारण ऐसा कर रहे थे; क्योंकि महान कलाकार के मन की बात वे समझ नहीं पा रहे थे, वे पूरी तस्वीर और उसकी सुन्दरता की कलपना भी नहीं कर पा रहे थे।

कुछ ऐसा ही परमेश्वर की योजनओं के साथ भी है। हमारे सीमित दृष्टिकोण के कारण हमें बहुत सी बातें अनियंत्रित और अनायास प्रतीत होती हैं। जो लोग क्लेष, विरोध और परीक्षाओं से होकर निकलते हैं उनके लिये कई बार परमेश्वर के कार्य और योजनाएं समझ से बाहर होती हैं, लेकिन हमारा स्वर्गीय पिता चाहता है कि चाहे हम उसे और उसके कार्यों को न भी समझ सकें, लेकिन उस पर भरोसा बनाए रखें। क्योंकि परमेश्वर सब कुछ जानता है और आखिरकर उसकी योजना और कार्य का परिणाम भला ही होगा और हम एक दिन परमेश्वर के बुद्धिमान योजनाओं में आनन्दित होंगे।

स्तुति गीतों के लेखक विलियम काउपर ने सर्वज्ञानी और सर्वसामर्थी परमेश्वर की अद्भुत और समझ से परे योजनाओं के लिये अपने एक गीत में लिखा "परमेश्वर रहस्यमय तरीकों से अपने अद्भुत कार्य करता है; वह अपने कदम परिस्थितियों के समुद्र पर स्थिर रखता है और जीवन के तूफानों पर सवारी करता है।"

हमारा परमेश्वर एक बुद्धिमान योजनाकार है, उस पर और उसकी योजनओं पर विश्वास बनाए रखें। - रिचर्ड डी हॉन


जब परमेश्वर कुछ अद्भुत करना चाहता है तो अकसर मुश्किलों से आरंभ करता है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ, और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्युब २३:१०



बाइबल पाठ:
अय्युब १:१३-२२, ४२:१२-१७

१:१३-२२

एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे।
तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थीं,
कि शबा के लोग धावा करके उनको ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा करके उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचणड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दणडवत करके कहा,
मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।


४२:१२-१७

और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी, और उसके चौदह हजार भेंड़ बकरियां, छ:हजार ऊंट, हजार जोड़ी बैल, और हजार गदहियां हो गईं।
और उसके सात बेटे ओर तीन बेटियां भी उत्पन्न हुई।
इन में से उस ने जेठी बेटी का नाम तो यमीमा, दूसरी का कसीआ और तीसरी का केरेन्हप्पूक रखा।
और उस सारे देश में एंसी स्त्रियां कहीं न थीं, जो अय्यूब की बेटियों के समान सुन्दर हों, और उनके पिता ने उनको उनके भाइयों के संग ही सम्पत्ति दी।
इसके बाद अय्यूब एक सौ चालीस वर्ष जीवित रहा, और चार पीढ़ी तक अपना वंश देखने पाया।
निदान अय्यूब वृद्धावस्था में दीर्घायु होकर मर गया।


एक साल में बाइबल:
  • लैव्यवस्था १४
  • मत्ती २६:५१-७५