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शनिवार, 12 सितंबर 2020

चुनाव

 

         मैं कुछ युवाओं के साथ एक मिशन दौरे पर जाने की तैयारी कर रही थी, और इस तैयारी के दौरान उन युवाओं के द्वारा मुझ से सर्वाधिक पूछा जाने वाला प्रश्न था, “क्या वहाँ वाई-फाई होगा?” और मैंने उन्हें आश्वस्त किया कि हाँ वहाँ वाई-फाई होगा। अब आप उन खिसियाहट, गुस्से, और निराशा भरी आवाजों के उठने बारे अंदाज़ा लगा सकते हैं जब एक रात वाई-फाई में खराबी आ गई और वह उपलब्ध नहीं रहा।

         आज हम में से बहुतेरे बहुत व्याकुल हो जाते हैं जब हम अपने स्मार्ट-फोन्स से अलग कर दिए जाते हैं। और जब वो फोन हमारे हाथों में होते हैं तो हम उनके स्क्रीन पर आँखें गड़ाए रहते हैं। अनेकों अन्य बातों के समान, इंटरनेट और वो बातें जिन्हें हम इंटरनेट पर देख सकते हैं, हमारे लिए या तो ध्यान बंटाने का, या फिर आशीष का कारण बन सकती हैं; यह उस पर निर्भर करता है जो हम उसके साथ करते हैं – चुनाव हमारा होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नीतिवचन में पढ़ते हैं, “समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं” (15:14)।

         परमेश्वर के वचन की बुद्धिमानी को अपने जीवनों में लागू करते हुए हम अपने आप से पूछ सकते हैं: क्या हमारा चुनाव दिन भर सोशल नेटवर्क्स को बारंबार देखते रहने का रहता है? यदि ऐसा है, तो यह उन बातों के बारे में क्या कहता है, जिनकी हमें लालसा रहती है? हम जिन बातों को नेट पर देखने और पढ़ने का चुनाव करते हैं, क्या उन से विवेक पूर्ण जीवन जीने का प्रोत्साहन मिलता है, (पद 16-21), या हम व्यर्थ बातें, जैसे कि बकवाद, निन्दा, सांसारिकता, या यौन संबंधित अपवित्रता आदि में समय बिताने का चुनाव करते हैं?

         हम जैसे-जैसे परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य के प्रति समर्पित होते चले जाएँगे, तो हम अपने मन और हृदय उन बातों से भरने लगेंगे जो “सत्य, आदरणीय, और उचित, पवित्र, सुहावनी, मनभावनी” हैं। परमेश्वर की बुद्धिमत्ता से हम उन बातों के पक्ष में चुनाव कर सकते हैं जो परमेश्वर को आदर देती हैं। - पो फैंग चिया

 

हम जिन बातों को अपने मन में आ लेने देते हैं, वे ही हमारी मनोदशा को निर्धारित करती हैं।

निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। - फिलिप्पियों 4:8

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:9-21

नीतिवचन 15:9 दुष्ट के चाल चलन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु जो धर्म का पीछा करता उस से वह प्रेम रखता है।

नीतिवचन 15:10 जो मार्ग को छोड़ देता, उसको बड़ी ताड़ना मिलती है, और जो डांट से बैर रखता, वह अवश्य मर जाता है।

नीतिवचन 15:11 जब कि अधोलोक और विनाश लोक यहोवा के सामने खुले रहते हैं, तो निश्चय मनुष्यों के मन भी।

नीतिवचन 15:12 ठट्ठा करने वाला डांटे जाने से प्रसन्न नहीं होता, और न वह बुद्धिमानों के पास जाता है।

नीतिवचन 15:13 मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।

नीतिवचन 15:14 समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं।

नीतिवचन 15:15 दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है।

नीतिवचन 15:16 घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,

नीतिवचन 15:17 प्रेम वाले घर में साग पात का भोजन, बैर वाले घर में पाले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है।

नीतिवचन 15:18 क्रोधी पुरुष झगड़ा मचाता है, परन्तु जो विलम्ब से क्रोध करने वाला है, वह मुकद्दमों को दबा देता है।

नीतिवचन 15:19 आलसी का मार्ग कांटों से रुंधा हुआ होता है, परन्तु सीधे लोगों का मार्ग राजमार्ग ठहरता है।

नीतिवचन 15:20 बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख अपनी माता को तुच्छ जानता है।

नीतिवचन 15:21 निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 13-15
  • 2 कुरिन्थियों 5

बुधवार, 4 अप्रैल 2018

बुद्धिमता और अनुग्रह



   अप्रैल 4, 1968 के दिन अमेरिका में मानव-अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले अश्वेत नेता, डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या कर दी गई, जिससे लाखों लोग क्रुद्ध और मायूस हो गए। इंडियानापोलिस शहर में अधिकतर अश्वेत नागरिकों की एक बड़ी भीड़, रॉबर्ट एफ. केनेडी को सुनने के लिए एकत्रित हुई थी। उनमें से अधिकांश को अभी डॉक्टर किंग की हत्या के बारे में पता नहीं चला था, इसलिए केनेडी को उन्हें यह दुखद समाचार भी बताना पड़ा। उन्होंने लोगों से शान्ति बनाए रखने का आग्रह करते हुए, इस हत्या के कारण, न केवल उन लोगों की व्यथा को स्वीकारा वरन उन्हें अपने दुःख का भी स्मरण करवाया, जो उनके भाई राष्ट्रपति जौन एफ. केनेडी की हत्या के कारण उन्हें और उनके परिवार को हुआ था।

   केनेडी ने इस दुःख को व्यक्त करने के लिए एस्क्लेअस (526-456 ईसा पूर्व) की एक प्राचीन  कविता का एक रूप प्रस्तुत किया : 'हमारी निद्रा में भी, पीड़ा जिसे भूला नहीं जा सकता है, बूंद-बूंद करके हमारे हृदयों पर टपकती है, जब तक कि हमारी निराशा में, हमारी इच्छा के न होते हुए भी, परमेश्वर के विस्मयकारी अनुग्रह द्वारा हमें बुद्धिमत्ता प्राप्त होती है'।

   परमेश्वर के विस्मयकारी अनुग्रह द्वारा हमें बुद्धिमत्ता, एक अद्भुत वाक्य है, जिसका अर्थ है कि जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों में भी परमेश्वर का अनुग्रह हमें श्रद्धा से भरकर बुद्धिमत्ता में बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा, “यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी” (याकूब 1:5)। याकूब ने इससे पहले कहा कि यह बुद्धिमत्ता कठिनाई की मिट्टी में उगती है (पद 2-4), क्योंकि तब हम न केवल परमेश्वर से बुद्धिमत्ता सीखते हैं, वरन परमेश्वर के अनुग्रह में विश्राम पाते हैं। - बिल क्राउडर


परीक्षाओं का अन्धकार परमेश्वर के अनुग्रह को और अधिक ज्योतिर्मय बना देता है।

और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। - 2 कुरिन्थियों 12:9

बाइबल पाठ: याकूब 1:1-8
James 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे।
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है।
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा।
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।


एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25



बुधवार, 28 मार्च 2018

बुद्धिमत्ता



   मैं ओकलाहोमा में बड़ा हुआ, जहाँ बसंत से लेकर ग्रीष्मकाल के अन्त तक मौसम अकसर ख़राब रहता है। मुझे याद है एक संध्या, आकाश में काले बादल घिर आए थे और टी.वी. पर मौसम की सूचना देने वाले ने बताया कि एक चक्रवादी तूफ़ान आने वाला है, और बिजली चली गई। तुरंत ही मेरे माता-पिता, मेरी बहन और मैं घर के पीछे बने तूफान से बचने के कक्ष में जाकर छिप गए, जब तक वह तूफान गुज़र नहीं गया।

   आज ऐसे चक्रवादी तूफानों का पीछा करना कई लोगों के लिए शौक की बात हो गया है, और औरों के लिए लाभकारी व्यवसाय। उनका उद्देश्य रहता है कि बिना हानि उठाए चक्रवादी तूफ़ान के अधिक से अधिक निकट पहुँचा जाए। इन तूफानों का पीछा करने वालों में से कई तो कुशलता से तूफ़ान का पूर्वानुमान लगाने वाले होते हैं और उनके पास तूफ़ान के विषय सही और अच्छी जानकारी भी होती है, परन्तु मैं तो किसी तूफ़ान की पीछे जाने का ख़तरा उठाने वाला नहीं हूँ।

   किन्तु मेरे जीवन के नैतिक और आत्मिक क्षेत्रों में मैं कभी-कभी खतरनाक बातों के पीछे, जिनके विषय परमेश्वर अपने प्रेम में होकर मुझे जाने से मना करता है, यह सोचते हुए कि मुझे कोई हानि नहीं होगी, जाने का मूर्ख्तापूर्ण निर्णय लेने के लिए आकर्षित हो सकता हूँ। परन्तु बुद्धिमत्ता की बात होगी, ऐसे में परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन की पुस्तक को पढ़ना, क्योंकि इस पुस्तक में, जीवन की हानिकारक परिस्थितियों और शैतान के फन्दों से बच कर रहने की अनेकों सकारात्मक विधियाँ एवँ शिक्षाएँ दी हुई हैं।

   इस पुस्तक के अधिकांश वचनों के लेखक सुलेमान ने लिखा, “तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा” (नीतिवचन 3:5-6)।

   हमारा प्रभु जीवन जीने के रोमांच का स्वामी है। उसकी बुद्धिमत्ता का पीछा करना हमें जीवन की भरपूरी की ओर ले जाता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रत्येक प्रलोभन और परिक्षा परमेश्वर पर भरोसा रखने का एक अवसर होता है।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। - भजन  119:130

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-18
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना।
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना।
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी।
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना,
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।
Proverbs 3:13 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे,
Proverbs 3:14 क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है।
Proverbs 3:15 वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी।
Proverbs 3:16 उसके दाहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है।
Proverbs 3:17 उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं।
Proverbs 3:18 जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 4-6
  • लूका 4:31-44