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शुक्रवार, 24 जून 2016

मरम्मत


   अपने इंगलैंड भ्रमण के दौरान मैंने एक स्थान से वहाँ के प्रसिद्ध बोन चाईना से बने कुछ मग स्मृति-चिन्ह के लिए खरीदे। मैं उनका प्रयोग बहुत सावधानी से करती थी, किंतु फिर भी एक गिरकर टूट ही गया। हाल ही में मैंने जापान की एक कला "किंत्सूगी" के विषय में जाना, जो टूटी हुई बहुमूल्य चीज़ों को पुनःसुधारने के लिए काम आती है और मुझे अपना बोन चाईना क वह टूटा हुआ मग स्मरण हो आया। सामान्यतः जब कोई चीज़ टूट जाती है तो हम उसे पुनः प्रयोग योग्य हो जाने तक सुधार पाने में ही प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन कई सदी पहले जापान के एक कलाकार ने ठान लिया कि वह टूटे हुए बोन चाईना को फिर से सुन्दर बनाएगा। ऐसा करने के लिए वह टूटे हुए टुकड़ों को आपस में जोड़े रखने के लिए सुन्हरे गोंद का प्रयोग करने लगा। उसके ईजाद किए तरीकों से जोड़ी गई वस्तुओं में बारीक और सुनहरी धारियाँ होती हैं जो उसकी सुन्दरता को बनाती हैं।

   मानव इतिहास के प्रारंभ में ही पाप ने संसार में प्रवेश किया (उत्पत्ति 3); मनुष्य के पाप में गिरने की घटना को धर्मशास्त्री "पतन" कहते हैं, जिसका अवश्यंभावी परिणाम टूटना है। जीवन दुःखदायी होता है क्योंकि अपने टूटे जीवन के पैने और धारदार टुकड़ों से हम अपने आप को तथा दूसरों को आहत करते रहते हैं। लेकिन परमेश्वर नहीं चाहता कि हम ऐसे टूटे और दुःखदायी रहें, वह चाहता है कि हम अपने टूटे हुए जीवन को उसे समर्पित कर दें, हमारे जीवनों में उसे अपना कार्य कर लेने दें, जिससे अन्ततः हमारे टूटे जीवन सुधर और निखर कर सुन्दर कलाकृति बन जाएंगे।

   जब हम अपने आप को उसके हाथों में पूर्णतः समर्पित कर देते हैं तो एक किंत्सूगी कलाकार के समान परमेश्वर हमारी मरम्मत करता है। लेकिन हमारी मरम्मत के लिए वह किसी सुनहरे गोंद का नहीं वरन अपने पुत्र, प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर बहे लहू का उपयोग करता है। हमारे जीवनों के टूटे टुकड़े जब प्रभु यीशु के द्वारा मरम्मत कर दिए जाते हैं तब "क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे" (रोमियों 6:5) - हम मसीह यीशु की समानता में आकर उसके जैसे ही सुन्दर हो जाते हैं! - जूली ऐकैअरमैन लिंक


पापों के परिणाम से छूटकारे का दाम प्रभु यीशु के बलिदान और लहु द्वारा चुकाया गया है।

पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। - 1 यूहन्ना 1:7 

बाइबल पाठ: रोमियों 6:1-14
Romans 6:1 सो हम क्या कहें? क्या हम पाप करते रहें, कि अनुग्रह बहुत हो? 
Romans 6:2 कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं? 
Romans 6:3 क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया 
Romans 6:4 सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। 
Romans 6:5 क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे। 
Romans 6:6 क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें। 
Romans 6:7 क्योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा। 
Romans 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी। 
Romans 6:9 क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठ कर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की। 
Romans 6:10 क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है। 
Romans 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो। 
Romans 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के आधीन रहो। 
Romans 6:13 और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्वर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो। 
Romans 6:14 और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 1-2
  • प्रेरितों 7:22-43


गुरुवार, 23 जून 2016

सुधार और संरक्षण


   सदियों से समय या अन्य किसी कारण से जीर्ण होकर खराब हो गई कलाकृतियों को ठीक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के अनेक प्रयास होत आए हैं। इनमें से कई प्रयास अपने उद्देश्य में सफल हुए और उन महान कलाकारों की मूल कृतियों को कुशलता से संरक्षित किया जा सके, लेकिन कुछ प्रयास असफल भी हुए जिसके कारण प्रतिभाशाली कलाकारों की कलाकृतियाँ और भी खराब हो गईं; इन खराब हुई कलाकृतियों में कुछ यूनानी मूर्तियाँ और दा-विन्ची के दो चित्र भी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित पौलुस द्वारा कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखे पत्र में पौलुस ने एक ऐसे सुधार और संरक्षण के कार्य के बारे में बताया है जो संसार द्वारा होने वाले किसी भी सुधार और संरक्षण से संभव नहीं है; यह सुधार और संरक्षण है परमेश्वर के लोगों का। पौलुस ने लिखा: "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)। यह किसी मृत कलाकार की सांसारिक कलाकृति के सुधार और संरक्षण का कार्य नहीं है; यह आत्मिक सुधार और संरक्षण का कार्य है जो जीवते और सच्चे परमेश्वर द्वारा किया जाता है; उस परमेश्वर द्वारा जिसने हमें सृजा है, जिसने अपने पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु में होकर अनुग्रह से हमें नया जीवन सेंत-मेंत उपहार के रूप में प्रदान किया है। उसकी क्षमा हमारे जीवनों में नए रंग भर देती है और उसका अनुग्रह हमारे जीवनों के लिए उसके उद्देश्यों की रूपरेखा को स्पष्ट और निखरा हुआ कर देता है।

   हमारे जीवन का चित्रपटल हमारे प्रभु के कुशल हाथों में सुरक्षित है; उस प्रभु के जो यह बखूबी जानता है कि उसने हमें किस लिए रचा है, और वह हम से क्या चाहता है। अपने पापों के कारण हम चाहे कितने भी दूषित और बिगड़े हुए क्यों ना हों, जब भी हम पश्चाताप और समर्पण के साथ उसके पास आते हैं, उससे मिलने वाले सुधार और संरक्षण के कारण हमारे उज्जवल भविष्य के लिए आशा सदा बनी रहती है। परमेश्वर वह सर्वोत्त्म और सबसे महान कलाकार है जो स्वयं अपनी कलाकृति का सुधार और संरक्षण करने के लिए उपलब्ध और तत्पर रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु मसीह हर किसी के जीवन का सुधार और संरक्षण कर सकने का विशेषज्ञ है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ; और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्यूब 23:10

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:5-17
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21