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बुधवार, 4 जुलाई 2018

पुकारें



      मेरे देश में महिलाओं की एक प्रार्थना मण्डली प्रति माह घाना और अन्य अफ्रीकी देशों के लिए नियमित प्रार्थना के सत्र आयोजित करती है। जब उनसे पूछा गया कि वे देशों के लिए नियमित निरंतर प्रार्थनाएं क्यों करते रहते हैं, तो उनकी अगुआ ने उत्तर दिया, “अपने आस-पास देखिए, समाचारों को सुनिए और देखिए। हमारे देश पीड़ित हैं: युद्ध, बीमारियाँ, और हिंसा, परमेश्वर के मनुष्यों के लिए प्रेम और आशीषों पर हावी हुआ चाहती हैं। हमारा विश्वास है कि परमेश्वर राष्ट्रों के कार्यों में हस्तक्षेप करता है, इसलिए हम उसकी आशीषों के लिए उसका धन्यवाद करते और उसके हस्तक्षेप करने के लिए उसे पुकारते हैं।”

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि वास्तव में परमेश्वर राष्ट्रों के कार्यों में हस्तक्षेप करता है (2 इतिहास 7:14)। और अपने हस्तक्षेप के लिए वह सामान्य लोगों को प्रयोग करता है। आवश्यक नहीं कि वह हमें कोई बड़ा या जटिल कार्य करने के लिए दे, परन्तु जो भी कार्य वह देता है, वह चाहे प्रार्थना करते रहना ही हो, हम उसके माध्यम से उस शान्ति और धार्मिकता को लाने में अपना योगदान दे सकते हैं, जिसके द्वारा राष्ट्र की उन्नति होती है: “जाति की बढ़ती धर्म ही से होती है, परन्तु पाप से देश के लोगों का अपमान होता है” (नीतिवचन 14:34)। पौलुस प्रेरित ने लिखा, “अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं। राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं” (1 तिमुथियुस 2:1-2)।

      जिस प्रकार भजनकार ने प्राचीन इस्राएलियों को प्रोत्साहित किया कि वे “यरूशलेम की शान्ति के लिए प्रार्थना करने” में समय बिताएं (भजन 122:6), उसी प्रकार हम भी अपने-अपने देशों की शान्ति और चंगाई के लिए प्रार्थना करने में समय बिताएं। जब हम अपनी बुराई से फिर कर नम्र होकर प्रार्थना करेंगे और उसके खोजी होंगे, वह हमारी सुनेगा। - लॉरेंस दरमानी


अधिकारियों के लिए प्रार्थना करना कर्तव्य भी है और विशेषाधिकार भी।

तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन हो कर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी हो कर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुन कर उनका पाप क्षमा करूंगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूंगा। - 2 इतिहास 7:14

बाइबल पाठ: भजन 122:6-9
Psalms 122:6 यरूशलेम की शान्ति का वरदान मांगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!
Psalms 122:7 तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!
Psalms 122:8 अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूंगा कि तुझ में शान्ति होवे!
Psalms 122:9 अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूंगा।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25



शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

कर्तव्य


   मैंने एक स्थानीय भोजनालय में अपने बच्चों के साथ भोजन समाप्त किया था और बच्चे भोजन से संबंधित कूड़ा वहाँ रखे कूड़ेदान में डाल कर मुड़ ही रहे थे कि एक बड़ी तेज़ी से आ रहे व्यक्ति से उनकी टक्कर होते होते बची। मेरे छोटे बेटे ने चुटकी ली, "शायद यह व्यक्ति कोई चोरी कर के भाग रहा होगा"। मैंने सोचा यह कुछ शिक्षा देने का अच्छा अवसर है और उन से कहा, "बाइबल इस प्रकार के प्रत्युत्तर को दूसरे को जाँचना कहती है, जो हमारा नहीं परमेश्वर का कार्य है।" मेरे बेटे ने तुरंत उत्तर दिया, "आप हमेशा शिक्षा देने में क्यों लगे रहते हैं?" मेरी हंसी निकल गई, हंसी थमने के बाद मैंने उससे कहा, "एक पिता होने के नाते यह मेरा एक ऐसा कर्तव्य है जिससे मैं कभी अवकाश नहीं ले सकता।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसियों के विश्वासियों की मसीही मण्डली को स्मरण दिलाया कि वह भी कभी प्रभु यीशु के अनुयायियों को शिक्षा देने से अवकाश नहीं लेने पाया था (प्रेरितों 20)। पौलुस जानता था कि उनके मध्य गलत शिक्षाएं देने वाले आएंगे और मण्डली का नाश करने का प्रयत्न करेंगे, इस लिए यह मण्डली के अगुवों का कर्तव्य था कि वे उन नाश करने वालों से मण्डली के लोगों को बचा कर रखें। परमेश्वर के लोगों की देखभाल करने में उन्हें सही और सच्ची मसीही शिक्षाओं का आत्मिक भोजन, नम्रता और संयम के साथ उनका नेतृत्व और दृढ़ता के साथ उनको चिताना सम्मिलित हैं। मण्डली के अगुवों को इस कर्तव्य को निभाने के लिए हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा इस उद्धार के लिए क्रूस पर चुकाई गई कीमत को सदा स्मरण रखना चाहिए (पद 28)।

   मण्डली के अगुवों पर हमारी आत्माओं की देखभाल की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसके लिए एक दिन वे प्रभु यीशु को लेखा देंगे। इसलिए आईए हम अपने अगुवों के साथ सहयोग करने का मन बना लें और उनके विश्वासयोग्य और परमेश्वर के भय में दिए गए नेतृत्व के प्रति आज्ञाकारी और समर्पित रहने के द्वारा उनके आनन्द का कारण बनें (इब्रानियों 13:17)। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने के बाद परमेश्वर के कार्य को करना हमारा कर्तव्य है।

अपने अगुवों की मानो; और उनके आधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले ले कर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं। - इब्रानियों 13:17

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-32
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया। 
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा। 
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा। 
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। 
Acts 20:21 वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए। 
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा 
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं। 
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है। 
Acts 20:25 और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिनमें मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे। 
Acts 20:26 इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। 
Acts 20:27 क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका। 
Acts 20:28 इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस से पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है। 
Acts 20:29 मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़ने वाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे। 
Acts 20:30 तुम्हारे ही बीच में से भी ऐसे ऐसे मनुष्य उठेंगे, जो चेलों को अपने पीछे खींच लेने को टेढ़ी मेढ़ी बातें कहेंगे। 
Acts 20:31 इसलिये जागते रहो; और स्मरण करो; कि मैं ने तीन वर्ष तक रात दिन आंसू बहा बहा कर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा। 
Acts 20:32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 11


शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

कर्तव्य


   क्या आज के संसार और संसार के व्यवहार में गलत तथा अनैतिक बातों के करने वालों तथा उनके समर्थकों को मिलने वाली प्रसिद्धि एवं आदर को लेकर आप परेशान होते हैं, कुडकुड़ाते हैं? शायद ऐसा आदर और सम्मान पाने वाले मनोरंजन जगत के नायक-नायिकाएं हो सकती हैं जो अनैतिक सिद्धाँतों तथा जीवन शैली में होते हुए होते हुए भी समाज में आदर पाते हैं। या ऐसा आप उन नेताओं के कारण अनुभव कर सकते हैं जो सही जीवन जीने के मानकों की अवहेलना करने पर भी लोगों की प्रशंसा के पात्र होते हैं।

   इन सब लोगों और बातों को देखते हुए कुढ़ना और निराशा में अपने हाथों को मलना स्वाभाविक माना जा सकता है, परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 37 में एक अन्य भला उपाय दिया गया है। इस भजन के लेखक दाऊद की बुद्धिमानी से भरी हुई सलाह सुनिए: "कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर" (भजन 37:1)।

   प्रभु यीशु की शिक्षानुसार, इस नीरस, स्वादहीन और पाप के अन्धकार से भरे संसार में "नमक और ज्योति" हम मसीही विश्वासियों को होना है (मत्ती 5:13-14) - जिससे हम प्रभु यीशु का स्वाद और ज्योति संसार के सामने रख सकें और पाप का विरोध कर सकें, लेकिन साथ ही हमारे लिए पाप की नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में आकर क्रोध तथा रोष का जीवन जीना भी सही नहीं है (भजन 37:8)। ऐसे कुड़कुड़ाने और खिसियाने की बजाए हमें परमेश्वर के न्याय की प्रतीक्षा करनी चाहिए, "क्योंकि वे घास की नाईं झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाईं मुर्झा जाएंगे" (भजन 37:2)। इसलिए अपने आप को नकारात्मक शक्तियों के जाल में फंसने देने कि बजाए हमें परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए भला करते रहना चाहिए, सच्चाई में मन लगाए रखना चाहिए, परमेश्वर यहोवा को अपने सुख का मूल जानकर रहना चाहिए, अपने मार्ग की चिन्ता परमेश्वर पर छोड़ देनी चाहिए तथा परमेश्वर के सम्मुख शांति के साथ बने रहना चाहिए (भजन 37:3-7)।

   जो कुछ हम संसार तथा समाज में देखते और अनुभव करते हैं, संभव है कि वह हमें अच्छा ना लगता हो; लेकिन सदा स्मरण रखें कि परमेश्वर नियंत्रण में है और कुछ उस की नज़रों से छिपा नहीं है। अपने समय में और अपने तरीके से वह सब का सिद्ध न्याय करेगा। तब तक हमारा कर्तव्य है कि हम उस पर विश्वास बनाए रखें, कुड़कुड़ाएं नहीं और अपने मसीही विश्वास को प्रत्यक्ष जी कर दिखाते रहें, प्रभु यीशु के गवाह बन कर जीते रहें। - डेव ब्रैनन


बुराई के कारण हताश ना हों; परमेश्वर का सिद्ध न्याय अवश्यंभावी है।

क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी। - भजन 37:8 

बाइबल पाठ: भजन 37:1-11
Psalms 37:1 कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर! 
Psalms 37:2 क्योंकि वे घास की नाईं झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाईं मुर्झा जाएंगे। 
Psalms 37:3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। 
Psalms 37:4 यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा।
Psalms 37:5 अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। 
Psalms 37:6 और वह तेरा धर्म ज्योति की नाईं, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले की नाईं प्रगट करेगा।
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है! 
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी। 
Psalms 37:9 क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे। 
Psalms 37:10 थोड़े दिन के बीतने पर दुष्ट रहेगा ही नहीं; और तू उसके स्थान को भलीं भांति देखने पर भी उसको न पाएगा। 
Psalms 37:11 परन्तु नम्र लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और बड़ी शान्ति के कारण आनन्द मनाएंगे।

एक साल में बाइबल: 

  • दानिय्येल 3-4 
  • 1 यूहन्ना 5


रविवार, 4 अगस्त 2013

बाँटने के योग्य

   बहुत से लोगों को दूसरों के साथ उन पुस्तकों या लेखों को बाँटने से आनन्द मिलता है जिन के द्वारा उनके जीवनों पर प्रभाव आया और उनका जीवन संवर सका। ऐसे ही एक व्यवसायी हैं जैरी मैकमॉरिस जिन्होंने 50 वर्ष पूर्व, जब वे कौलरडो विश्वविद्यालय में छात्र थे तब एक व्यावसायिक खबरों वाला अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल पढ़ना आरंभ किया था। वे अपने विश्वविद्यालय और इस व्यावासयिक अखबार से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के सैंकड़ों छात्रों के लिए इस अखबार का ग्राहकी शुल्क भरकर इसे नियमित रूप से उन्हें मिलते रहने की भेंट दी। जैरी मैकमॉरिस ने एक अन्य अखबार कोलरैडो स्प्रिंग्स गज़ेट को एक साक्षात्कार में बताया: "उस अखबार ने सदा ही मुझे व्यावासायिक जगत में हो रही बातों की अच्छी जानकारी दी है, और अपने व्यावासयिक दिन का आरंभ उसे पढ़ने के द्वारा करना मेरे लिए एक आदत बन चुका है। उस अखबार के द्वारा व्यवसायिक-संसार की वास्तविक और महत्वपूर्ण बातें छात्रों को सहजता से पहुँचती रहती हैं।"

   इस व्यवसायी जैरी मैकमॉरिस के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायीयों को भी प्रभु यीशु के वचन दूसरों के साथ बाँटने में आनन्द मिलता है क्योंकि उन्होंने उन वचनों की जीवन बदलने और सुधारने वाली सच्चाई व्यक्तिगत रीति से अनुभव करी है। परमेश्वर के इस जीवत वचन बाइबल को दूसरों के साथ बाँटने के लिए लोग अनेक प्रकार से योगदान देते हैं - कुछ उसके भिन्न भाषाओं में अनुवाद में सहायता करते हैं, कुछ उसके छपने में सहायता करते हैं या फिर वितरण करने में योगदान करते हैं। कुछ अन्य लोगों को अपने साथ आकर वचन का अध्ययन करने का निमंत्रण देते हैं। परमेश्वर के वचन की सच्चाईयों को अन्य लोगों तक पहुँचाने के अनेक मार्ग हैं जिससे सच्चाई, प्रेरणा और सहायता के लिए प्यासे लोगों तक यह जीवनदायी वचन पहुँच सके। परमेश्वर के वचन को भिन्न रीतियों से दूसरों तक पहुँचाने वाले सब लोगों का लक्ष्य एक ही है, जो लाभ और सामर्थ उन्होंने प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता मानकर उसे जीवन समर्पित करने के द्वारा पाया है उसे दूसरों के लाभ के लिए उन तक पहुँचाना जिससे वे भी सच्चा मार्गदर्शन पा सकें। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा है, "यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं" (भजन 19:7)।

   सच्चे जीवते परमेश्वर का यह खरा और जीवता वचन जो जीवन बदलने और संवारने की सामर्थ रखता है और प्रत्येक विश्वास करने वाले का हर परिस्थिति में सही मार्गदर्शन करता है और बुराई से उसकी रक्षा करता है, वास्तव में बहुतायत से बाँटने के योग्य है। - डेविड मैककैसलैंड


बाइबल: अपने मस्तिष्क में इसे जानें, अपने मन में इसे बसा लें, अपने जीवन में इसे प्रदर्शित करें और संसार में इसे फैलाएं।

वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। - भजन 19:10

बाइबल पाठ: भजन 19:7-14
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है;
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं।
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं।
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर।
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67 
  • रोमियों 7


शनिवार, 3 अगस्त 2013

प्रार्थना

   कभी कभी मैं अपनी प्रार्थनाओं से शर्मिंदा होती हूँ। बहुत बार मैं अपने आप को प्रार्थना में बुद्धिहीन और व्यर्थ वाक्यांशों का प्रयोग करते हुए पाती हूँ, ना कि परमेश्वर पिता के साथ एक सार्थक और विचारपूर्ण संवाद करते हुए। ऐसा ही एक व्यर्थ वाक्यांश है, "प्रभु, मेरे साथ बने रहिए" जिसका बुद्धिहीनता के साथ प्रयोग संभवतः परमेश्वर पिता को भी नहीं भाता होगा, क्योंकि मेरे माँगने से पहले ही उसने अपने जीवते वचन के द्वारा मुझे और अन्य सभी मसीही विश्वासियों को बारंबार यह आशवासन दिया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा और कभी नहीं त्यागेगा।

   परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा यहोशु को दी जब मूसा के देहांत के बाद यहोशु को इस्त्राएलियों का नेतृत्व करके उन्हें वाचा के देश में ले जाकर बसाना था, और वह इस बड़ी जिम्मेदारी से घबरा रहा था (यहोशु 1:5)। नए नियम में आकर इब्रानियों की पत्री के लेखक ने इस प्रतिज्ञा को सभी मसीही विश्वासियों के लिए लागू बताया: "...क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)। यहोशु और इब्रानियों, दोनों ही स्थानों पर परमेश्वर ने जब यह प्रतिज्ञा बान्धी तो संदर्भ बताता है कि परमेश्वर ने ऐसा अपने लोगों द्वारा उसकी इच्छा और आज्ञापूर्ति के समयों में साथ बने रहने और उसके द्वारा सौंपे गए कार्य को भलि-भांति पूरा करने की सामर्थ देने के संदर्भ में कहा है। परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा लोगों के मन-मानी करने और उस मन-मानी में परमेश्वर के भी उनके साथ बने रहने का आश्वासन नहीं है। जबकि मैं जब प्रार्थना में परमेश्वर से उसकी उपस्थिति अपने साथ माँगती हूँ तो वह अधिकतर मेरी अपनी मन-मानी करने में उसकी सुरक्षा और सहायता उपलब्ध होने के संदर्भ में होती है। एक प्रेमी और धैर्यवान पिता के समान परमेश्वर हमें कभी संसार और शैतान के खतरों में अकेला नहीं छोड़ता, लेकिन वह हमें मन-मानी करने की छूट, या हमारी उस मन-मानी को नज़रंदाज़ करने का आश्वासन भी नहीं देता है।

   संभवतः हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बेहतर प्रार्थना कुछ इस प्रकार की होगी: "प्रभु, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मेरे अन्दर वास करने वाली आपकी पवित्र आत्मा के लिए जो मुझे आपके मार्गों में ले चलने और आपकी इच्छा पूरी करने की अगुवाई करने में सक्षम और तत्पर है। प्रभु मुझे सामर्थ दें कि मैं आपकी पवित्र आत्मा के चलाए चलूँ, आपकी इच्छा को पूरी करूँ। ऐसा ना हो कि मैं आपको ऐसे स्थानों पर लेकर जाने वाला बनूँ जहाँ आप जाना नहीं चाहते और ना ही आपकी इच्छापूर्ति की सामर्थ की बजाए आपसे अपनी मन-मर्जी करने की सामर्थ की लालसा रखूँ। मुझे नम्रता के साथ आपका आज्ञाकारी बने रहने वाला बनाएं।"

   जब हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा कर रहे होंगे तो हमारे बिना कहे ही वह ना केवल हमारे साथ बना रहेगा, वरन हमें सामर्थ और मार्गदर्शन भी देता रहेगा। यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत नहीं कर रहे हैं तो व्यर्थ प्रार्थनाएं करने की बजाए भला होगा कि हम उससे इस बात के लिए क्षमा माँगें, अपना मार्ग ठीक करें और उसके दिखाए मार्ग पर चलने वाले बनें जिससे उसकी सामर्थ और सहायता हमारे जीवनों में विदित हो। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हमारी प्रार्थनाएं व्यर्थ नहीं वरन सदा परमेश्वर की इच्छा के प्रति संवेदनशील और व्यावाहरिक रहें।

तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। - यहोशु 1:5

बाइबल पाठ: यहोशु 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65 
  • रोमियों 6


सोमवार, 13 अगस्त 2012

नियम और कर्तव्य


   बहुत पहले मेरी पत्नी ने ठान लिया था कि गति सीमा के अन्दर गाड़ी चलाने में उसे स्वतंत्र होने का अद्भुत एहसास होता है। उसका कहना है कि निर्धारित गति सीमा के अन्दर गाड़ी चलाने से उसे ना तो गति सूचक रडार द्वारा पकड़े जाने और गाड़ी तेज़ चलाने का जुर्माना भरने का डर रहता है और ना ही किसी पुलिस की गाड़ी को आता देख अपनी गाड़ी धीमी करने की चिंता रहती है। यदि हम किसी लम्बी यात्रा पर भी हों और खुली सड़क पर दूरी चाहे धीरे धीरे ही कम हो रही हो, वह निर्धारित गति पर ही गाड़ी चलाती है और यात्रा तथा नज़ारों का आनन्द लेती रहती है। साथ ही वह मुझे स्मरण दिलाती है कि ऐसा करना नियम का पालन करना है जो हमारी ज़िम्मेदारी है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों १३:१-१० में हमें अधिकारियों, देश की सरकार और परमेश्वर के नियमों से संबंधित ज़िम्मेदारियों बताया गया है। वहां लिखा है कि जब हम अपने अधिकारियों और सरकार की आज्ञाओं का पालन करते हैं तो हमें किसी दण्ड का डर नहीं रहता, और सही कार्य करने के द्वारा हमारा विवेक भी शुद्ध रहता है (पद ३, ५)।

   प्रेरित पौलुस ने यह खण्ड लिखते समय रोम के विश्वासियों से आग्रह किया कि जो कुछ अधिकारियों और सरकार को देना बनता है वे उसे नियमित रीति से दिया करें - चाहे वे कर हों या महसूल, भय मानना हो या आदर करना (पद ७)। पौलुस ने मानवीय नियमों के संदर्भ से भी आगे बढ़कर लिखा : "आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है" (रोमियों १३:८)।

   मनुष्य द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना प्रत्येक मसीही विश्वासी का कर्तव्य है और दूसरों के साथ प्रेम से व्यवहार करना परमेश्वर के नियम का निर्वाह है; परमेश्वर का नियम ही "स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था" (याकूब १:२५) है। - डेविड मैक्कैसलैंड


नियम पालन द्वारा हम मनुष्यों की विधि पूरी करते हैं और प्रेम द्वारा परमेश्वर की आज्ञा।

आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदान न हो? क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्या पूरी की है। - रोमियों १३:८

बाइबल पाठ: रोमियों १३:१-१०
Rom 13:1  हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे; क्‍योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। 
Rom 13:2  इस से जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्वर की विधि का साम्हना करता है, और साम्हना करनेवाले दण्‍ड पाएंगे। 
Rom 13:3  क्‍योंकि हाकिम अच्‍छे काम के नहीं, परन्‍तु बुरे काम के लिये डर का कारण हैं; सो यदि तू हाकिम से निडर रहना चाहता है, तो अच्‍छा काम कर और उस की ओर से तेरी सराहना होगी; 
Rom 13:4  क्‍योंकि वह तेरी भलाई के लिये परमेश्वर का सेवक है। परन्‍तु यदि तू बुराई करे, तो डर; क्‍योंकि वह तलवार व्यर्थ लिये हुए नहीं और परमेश्वर का सेवक है; कि उसके क्रोध के अनुसार बुरे काम करने वाले को दण्‍ड दे। 
Rom 13:5  इसलिये अधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्‍तु डर से अवश्य है, वरन विवेक भी यही गवाही देता है। 
Rom 13:6  इसलिये कर भी दो, क्‍योंकि वे परमेश्वर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। 
Rom 13:7  इसलिये हर एक का हक चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।
Rom 13:8  आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। 
Rom 13:9  क्‍योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना, चोरी न करना, लालच न करना, और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Rom 13:10  प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ८७-८८ 
  • रोमियों १३

सोमवार, 30 जुलाई 2012

कूड़ेदान?

   एक दिन मैंने अखबार में पढ़ा कि कुछ लोगों को समुद्र में कूड़ा फेंके जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, उनकी नज़रों में समुद्र को एक विशाल कूड़ेदान के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसी संदर्भ में उस लेख में आगे लिखा था कि, "यदि आप को प्रशान्त महासागर में तैरता हुआ यह विशाल प्लास्टिक का ढेर दिखे तो चौंकिए मत, इसे ’विशाल प्रशान्त महसागरीय कूड़ेदान’ कहते हैं और इसका क्षेत्रफल अमेरिका के टैक्सस प्रांत से भी बड़ा है। इसमें तीन करोड़ टन प्लास्टिक का कूड़ा जिसके प्रति वर्गमील क्षेत्र में औसतन ४६,००० प्लास्टिक की चीज़ें हैं, समुद्र में तैर रहा है!" कुछ अन्य लोगों का मानना है कि इसका आकार इससे भी कहीं अधिक बड़ा है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए विशेषकर हानिकारक है क्योंकि यह ना घुलता है और ना ही नष्ट होता है।

   सृष्टि के आरंभ में जब परमेश्वर ने आदम को बनाया तो उसे इस पृथ्वी और इसपर रहने वाले जीव-जन्तुओं की देख-रेख करने कि ज़िम्मेदारी भी दी: "तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे" (उत्पत्ति २:१५)। सृष्टि के वृतांत में यह भी लिखा है कि परमेश्वर ने जो कुछ बनाया वह भला था और परमेश्वर उससे प्रसन्न था (उत्पत्ति १:१०, २०, २१)।

   यह समस्त सृष्टि हमें सृष्टिकर्ता परमेश्वर की महानता को दिखाती है और उसकी यह महानता तथा कार्यकुशलता हमें उसकी प्रशंसा तथा आराधना करने को प्रेरित करती है। इस सृष्टि का बेपरवाही से प्रयोग करना उस सृष्टिकर्ता परमेश्वर का अनादर करना है। इसे एक विशाल कूड़ेदान के समान उपयोग करना इसमें रहने वाले जीव-जन्तुओं को नष्ट करता है, इसकी सुन्दरता को भ्रष्ट करता है और जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है उसे तुच्छ जानना है। हम मसीही विश्वासियों का कर्तव्य है कि हम अपने सृष्टिकर्ता और उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की इस सुन्दर रचना का आदर करें और धरती, जल और आकाश तथा इनमें रहने तथा विचरण करने वाले जीवों की भी परवाह करें, क्योंकि परमेश्वर ने यह सृष्टि केवल हम मनुष्यों के उपयोग के लिए ही नहीं बनाई है। परमेश्वर की इस सृष्टि की देखभाल करना और उसका ध्यान रखना परमेश्वर की प्रत्येक संतान का भी कर्तव्य है। - डेनिस फिशर


पिता परमेश्वर की सृष्टि की देखभाल उसकी विश्वासी सन्तान का कर्तव्य है।

...और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। - (उत्पत्ति १:१०)

बाइबल पाठ: उत्पत्ति १:२०-२८; २:१५
Gen 1:20  फिर परमेश्वर ने कहा, जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश कें अन्तर में उड़ें। 
Gen 1:21  इसलिये परमेश्वर ने जाति जाति के बड़े बड़े जल-जन्तुओं की, और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि की जो चलते फिरते हैं जिन से जल बहुत ही भर गया और एक एक जाति के उड़ने वाले पक्षियों की भी सृष्टि की : और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 
Gen 1:22  और परमेश्वर ने यह कहके उनको आशीष दी, कि फूलो-फलो, और समुद्र के जल में भर जाओ, और पक्षी पृथ्वी पर बढ़ें। 
Gen 1:23  तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पांचवां दिन हो गया। 
Gen 1:24  फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से एक एक जाति के जीवित प्राणी, अर्थात घरेलू पशु, और रेंगने वाले जन्तु, और पृथ्वी के वनपशु, जाति जाति के अनुसार उत्पन्न हों; और वैसा ही हो गया। 
Gen 1:25  सो परमेश्वर ने पृथ्वी के जाति जाति के वनपशुओं को, और जाति जाति के घरेलू पशुओं को, और जाति जाति के भूमि पर सब रेंगने वाले जन्तुओं को बनाया : और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 
Gen 1:26  फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें। 
Gen 1:27  तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके उस ने मनुष्यों की सृष्टि की। 
Gen 1:28  और परमेश्वर ने उनको आशीष दी : और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो। 
Gen 2:15  तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ५१-५३ 
  • रोमियों २

मंगलवार, 19 जून 2012

पिता

   आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में लंबी दूरी की अधिकतम टेलिफोन कॉल Mother's Day, यानि उस दिन में होतीं हैं जो मां के आदर में मनाया जाता है; और अधिकतम "कलैक्ट कॉल", अर्थात जिस कॉल का खर्च कॉल करने वाले को नहीं, कॉल लेने वाले को भरना होता है, वे Father's Day यानि उस दिन में होती हैं जो पिता के आदर में मनाया जाता है! ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे बाहर और घर से दूर रहने पर भी अपने पिता पर ही अपने खर्च उठाने के लिए निर्भर रहते हैं।

   पिता की आवश्यक्ता केवल आर्थिक सहारे ही के लिए नहीं होती, परिवार में उनकी और भी अधिक व्यापक भूमिका होती है। पिता की इसी भूमिका को नमूना बनाकर, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनिकीया के विश्वासियों को चर्च के अगुवों के बारे में समझाया। उसने उन्हें लिखी अपनी पत्री में लिखा: "तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्रता और धामिर्कता और निर्दोषता से रहे। जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे। कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है" (१ थिस्सुलिनीकीयों २:१०-१२)।

   यहां पर जिस शब्द का अनुवाद "उपदेश करते" हुआ है, मूल भाषा में उसका तात्पर्य "निकट बुलाने" से है। पिता का कर्तव्य केवल घर में वेतन लाकर खर्चे पूरे करना ही नहीं है; उसे बच्चों को अपने समीप बुलाकर रखना और उन्हें प्रोत्साहित करते रहना भी है।

   जो दूसरी बात पिता की ज़िम्मेदारियों के लिए कही गई है, वह है "शान्ति देना" अर्थात बच्चों के साथ समय बिताना, उनकी सुनना, उनकी सहायता करना और उनकी परेशानियों के समाधान ढूंढना। यदि बच्चों के साथ संपर्क और बातचीत चलती नहीं रहेगी, तो संबंध ठंडे पड़ जाएंगे।

   पिता के कर्तव्यों के बारे में जो तीसरी बात कही गई है वह है "समझाते थे"; पिता को अपनी सन्तान के सामने परमेश्वर के वचन की सच्चाई और खराई को रखना है - ना केवल शिक्षाओं के द्वारा, वरन उससे भी बढ़कर अपने जीवन की गवाही के द्वारा। यदि कहीं पिता किसी गलती में भी पड़ें, तो उस गलती का अंगीकार कर के उसके लिए क्षमा मांग लेना भी इसी सच्ची और खरी गवाही का एक भाग है। पिता के जीवन के ऐसी गवाही बच्चों के मन-मस्तिष्क से कोई कभी नहीं हटा सकता, और यह गवाही सदा उन्हें परमेश्वर के सच्चे मार्गों पर बने रहने की प्रेर्णा देती रहेगी।

   जो पिता अपने बच्चों को परमेश्वर के खरे मार्गों पर चलाने के लिए अपने जीवनों की गवाही और प्रयासों द्वारा प्रयत्नशील रहते हैं, वे कितने अधिक धन्यवाद और आदर के पात्र हैं। - एलबर्ट ली


अच्छे सांसारिक पिता स्वर्गीय परमेश्वर पिता को प्रतिबिंबित करते हैं।

जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे। - १ थिस्सुलिनीकीयों २:११

बाइबल पाठ: १ थिस्सुलिनीकीयों २:१-१२
1Th 2:1  हे भाइयों, तुम आप ही जानते हो कि हमारा तुम्हारे पास आना व्यर्थ न हुआ।
1Th 2:2  वरन तुम आप ही जानते हो, कि पहिले पहिल फिलिप्पी में दुख उठाने और उपद्रव सहने पर भी हमारे परमेश्वर ने हमें ऐसा हियाव दिया, कि हम परमेश्वर का सुसमाचार भारी विरोधों के होते हुए भी तुम्हें सुनाएं।
1Th 2:3  क्‍योंकि हमारा उपदेश न भ्रम से है और न अशुद्धता से, और न छल के साथ है।
1Th 2:4  पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहरा कर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्‍तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं।
1Th 2:5  क्‍योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी लल्लोपत्तो की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है।
1Th 2:6  और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से।
1Th 2:7 परन्‍तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन-पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
1Th 2:8  और वैसे ही हम तुम्हारी लालसा करते हुए, न केवल परमेश्वर को सुसमाचार, पर अपना अपना प्राण भी तुम्हें देने को तैयार थे, इसलिये कि तुम हमारे प्यारे हो गए थे।
1Th 2:9 क्‍योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्‍ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम धन्‍धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों।
1Th 2:10  तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्रता और धामिर्कता और निर्दोषता से रहे।
1Th 2:11 जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे।
1Th 2:12  कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है।


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह १२-१३ 
  • प्रेरितों ४:२३-३७

सोमवार, 7 मई 2012

परमेश्वर की उपस्थिति

   भाई लौरेंस बैराग लेकर एक मठ में रहने वाले बैरागी थे। १७वीं शताब्दी के इस बैरागी को मठ में रसोई में कार्य और सफाई करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। अपनी इस तुच्छ प्रतीत होने वाली ज़िम्मेदारी को परमेश्वर के प्रति जिस समर्पण और प्रेम भावना से उन्होंने निभाया था, वह आज भी लोगों के लिए एक उदाहरण है। अपनी पुस्तक, The Practice of the Presence of God में भाई लौरेंस ने परमेश्वर को, प्रतिदिन के कार्य करते रहने में भी, संपूर्ण समर्पण करने के तरीके बताए, चाहे वह कार्य भोजन पकाना हो या अन्य साथियों के जूते साफ करना। लौरेंस का कहना था कि आप के आत्मिक जीवन की गहराई इस बात पर निर्भर नहीं है कि आप अपने हालात को कितना बदल पाते हैं, वरन इस बात पर निरभर है कि आप किस उद्देश्य से कार्य करते हैं - जो आप सामन्यतः अपने लिए करते हैं उसे परमेश्वर के लिए करना आरंभ कर दीजिए, और आपका कार्य करने का ढंग ही बदल जाएगा।

   भाई लौरेंस की प्रशंसा में लिखे गए एक विवरण में कहा गया, "इस भले भाई को परमेश्वर की उपस्थिति हर स्थान पर मिलती थी, चाहे वह प्रार्थना का समय हो या जूते साफ तथा ठीक करने का। उन की दृष्टि कार्य पर नहीं, उपस्थित परमेश्वर पर लगी होती थी। वे जानते थे कि कार्य जितना उनकी स्वाभाविक प्रवृत्ति के विरुद्ध होगा, उसे भली भांति कर के वह उतने ही अधिक प्रेम के साथ परमेश्वर को उसे भेंट के रूप में अर्पित कर सकेंगे।"

   इस बात ने मेरी पत्नी को बहुत प्रभावित किया। शिकागो नगर के एक भाग में बुज़ुर्ग व्यक्तियों के बीच उनकी सहायातार्थ कार्य करते समय मेरी पत्नि को कई बार ऐसे कार्य करने होते थे जो उसकी प्रवृत्ति के विरुद्ध होते थे, जिन्हें करना उसे पसन्द नहीं था। ऐसे कार्यों को करते समय, वह अपने आप को स्मरण दिलाती रहती थी कि उसे बस केवल परमेश्वर और उसकी महिमा को ही अपने सामने रखना है और उसी के लिए वह कार्य करना है।

   सतत प्रयास के साथ, कठिन से कठिन लगने वाला कार्य भी परमेश्वर के लिए और परमेश्वर को अर्पित करने के लिए किया जा सकता है (कुलुस्सियों ३:१७)। - फिलिप यैन्सी


कार्य को मात्र कर्तव्य देखना ऊबा देने वाली नीरसता है; प्रेम सहित कर्तव्य का निर्वाह आनन्द है।
 
और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो। - कुलुस्सियों ३:१७
 
बाइबल पाठ: कुलुस्सियों ३:१२-१७
Col 3:12  इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Col 3:13  और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Col 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Col 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिए तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Col 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो, और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिए भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Col 3:17  और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • २ राजा १-३ 
  • लूका २४:१-३५

शनिवार, 14 अप्रैल 2012

अदृश्य सेवक

   मैं अपने हाथों के नाखून साफ करने और संवारने में लगी हुई थी, मेरा ध्यान अपने दोनो हाथों के कार्यों के प्रति गया, और मुझे अपने दाहिने हाथ पर दया आई। मेरा दाहिना हाथ ही सबसे अधिक कार्य करता है, किंतु मेरे बाएं हाथ को अधिक प्रशंसा मिलती है! मेरा दाहिना हाथ, बाएं हाथ के नाखूनों पर कुशलता और सुन्दरता से पॉलिश लगाता है, उनकी सफाई करता है और उन्हें सुन्दर बना के रखता है; मेरे बाएं हाथ में यह निपुणता नहीं है, इसलिए दाहिने हाथ के लिए प्रत्युत्तर में वह वैसे कार्य ही नहीं कर पाता। बाएं हाथ से दाहिने हाथ पर लगी पॉलिश बिखरी हुई और असमान होती है, इसलिए कम निपुण बाएं हाथ की अपेक्षा, निपुण और कार्यकुशल दाहिना हाथ देखने में भद्दा, और बांया हाथ सुन्दर प्रतीत होता है। काम कोई करता है, प्रशंसा का पात्र कोई और बन जाता है।

   इन बातों के बारे में सोचते सोचते, मेरा ध्यान इसी से संबंधित एक और बात की ओर गया - मेरे चर्च के लोगों की ओर। जहां मैं आराधना के लिए जाती हूँ उस चर्च में बहुत से लोग हैं जो अपने कौशल और मेहनत के द्वारा दूसरों के लिए जीवन आसान कर देते हैं। किंतु ये मेहनती लोग शायद ही कभी किसी की नज़रों में आते हों, क्योंकि वे ऐसे काम करते हैं कि लोगों का ध्यान उनकी बजाए किसी अन्य की ओर जाता है। यह अनुचित लगता है कि इतनी मेहनत कोई करे और फिर उसे, प्रशंसा तो दूर, कोई पहिचान भी ना मिले।

   किंतु वे मसीही विश्वासी जो वास्तव में सेवा-भाव से कार्य करते हैं, इस नज़रिए से इन बातों को नहीं देखते। वे सदा दूसरों को महत्व देते हैं (रोमियों १२:१०), क्योंकि वे जानते हैं कि परमेश्वर वह देखता है जो मनुष्य नहीं देखता - और सही समय पर उन्हें परमेश्वर से अपना प्रतिफल भी भरपूरी से मिलेगा (मत्ती ६:४, ६, १८; १ कुरिन्थियों १२:२४)।

   क्या आज आप इस बात को लेकर दुखी हैं कि आपकी कड़ी मेहनत का श्रेय और प्रशंसा कोई और ले रहा है? निराश मत हों, धैर्य रखें। परमेश्वर हर बात का हिसाब रखता है, और न्याय तथा धार्मिकता के साथ हर बात का हिसाब चुकाएगा भी। मसीह का कोई भी अदृश्य सेवक अपने प्रतिफल से कभी भी वंचित न रहेगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह के लिए किए गए किसी भी कार्य की उपेक्षा नहीं होती।

तू मेरे मारे मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है? - भजन ५६:८
बाइबल पाठ: रोमियों १२:१-११
Rom 12:1  इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।
Rom 12:2 और इस संसार के सदृश न बनो, परन्‍तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्‍छा अनुभव से मालूम करते रहो।
Rom 12:3 क्‍योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़ कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
Rom 12:4 क्‍योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं।
Rom 12:5  वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
Rom 12:6  और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न वरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे।
Rom 12:7  यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखाने वाला हो, तो सिखाने में लगा रहे।
Rom 12:8 जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे, दान देने वाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्‍साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
Rom 12:9 प्रेम निष्‍कपट हो, बुराई से घृणा करो, भलाई मे लगे रहो।
Rom 12:10 भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्‍पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
Rom 12:11 प्रयत्‍न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो, प्रभु की सेवा करते रहो।
एक साल में बाइबल: 
  • १ शमूएल २५-२६ 
  • लूका १२:३२-५९

गुरुवार, 4 नवंबर 2010

बीज बोइये और फसल काटिये

मैंने एक छोटी कहानी पढ़ी - एक आदमी बीजों की दुकान में बीज देख रहा था, उसे अचानक विचित्र दृश्य दिखाई दिया, वहां परमेश्वर बीज बेचने वाला बनकर खड़ा था। वह आदमी तुरंत परमेश्वर के पास गया और उससे पूछा "आप क्या बेच रहे हैं?" परमेश्वर ने पलट कर पूछा "आप क्या चाहते हैं; आपके दिल की क्या इच्छा है?" आदमी ने उतर दिया "मैं केवल अपने लिये ही नहीं, सारे संसार के लिये खुशी, शांति और भय से मुक्ति चाहता हूँ।" परमेश्वर मुस्कुराया और बोला, "मैं बीज बेचता हूँ, फल नहीं!"

परमेश्वर के वचन, बाइबल में पौलुस ने जीवन में परमेश्वर का आदर और आज्ञाकारिता वाले व्यवहार रूपी बीज बोने के महत्व पर ज़ोर दिया, "क्‍योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा" (गलतियों ६:७)। यदि परमेश्वर की आशीशों के फल अनुभव करने हैं तो हमें अपना कर्तव्य भी निभाना होगा; उसके बिना यह सम्भव नहीं होगा।

इस कर्तव्य के निर्वाह में उन लोगों के उदाहरण का अनुसरण करना सहायक होगा जो अपने जीवनों में अच्छे बीज बोते रहे हैं। लेखक सैमुएल शूमेकर का कहना है कि अच्छा उदाहरण या तो हमें वैसा ही करने के लिये प्रेरित कर सकता है, यह हमें यह कहने के लिये बाध्य कर सकता है कि "हां, वह व्यक्ति ऐसा है। वह मेरी तरह गुस्से या अधीरता या चिंता से विचिलित नहीं होता। उसके स्वभाव में आनन्द है।" शूमेकर ने आगे कहा "शायद हम यह भूल जाते हैं कि उस व्यक्ति को मन की ऐसी शांति पाने के लिये बहुत संघर्ष करना पड़ा होगा, और जैसे संघर्ष कर के वह विजयी हुआ, हम भी वैसा ही संघर्ष करके विजयी हो सकते हैं।"

मसीही विश्वासी के लिये यह संघर्ष और आसान हो जाता है क्योंकि प्रभु यीशु ने अपने अनुयायीयों से वायदा किया "मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे" (यूहन्ना १४:२७)। संसार की हर परिस्थिति में मसीही विश्वासी के लिये शांति का स्रोत प्रभु यीशु है "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले। संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्‍तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है" (यूहन्ना १६:३३)।

क्या आप अपने आप से, अपने हालात से, अपने मन और जीवन की अशांति से परेशान हैं? प्रभु यीशु के पास आइये, समस्त संसार के लिये उसका खुला निमंत्रण है "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो, और मुझ से सीखो, क्‍योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे" (मत्ती ११: २८, २९)। आज ही नये व्यवहार और नये जीवन के बीज बोना आरंभ कीजिए, परमेश्वर का आत्मा उन बीजों के फल आपके जीवन में उत्पन्न करेगा। - जोनी योडर


जो बीज हम आज बोएंगे, कल मिलने वाले फल उन्ही से निर्धारित होंगे।

...क्‍योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। - गलतियों ६:७


बाइबल पाठ: गलतियों ६:७-१०

धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्‍योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा।
क्‍योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्‍त जीवन की कटनी काटेगा।
हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्‍योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।
इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष करके विश्वासी भाइयों के साथ।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह ३२, ३३
  • इब्रानियों १