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गुरुवार, 14 मार्च 2019

खुली बाहें



      मैंने और मेरे पति डैन ने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने की सेवा जिस दिन आरंभ की, हमें लगा मानो हमने एक साथ हाथ बाँधकर एक ऊँची चट्टान पर से नीचे गहरी खाई में छलांग लगा दी हो। हमने यह नहीं सोचा था कि इस प्रकार देखभाल करने में जो सबसे कठिन कार्य हमारे सामने होगा वह होगा हमारे हृदयों का टटोला जाना, हमें परमेश्वर द्वारा ढाला जाना, और परमेश्वर द्वारा हमें उसकी समानता में आने के लिए नई रीतियों से बदला जाना।

      जिन दिनों में मुझे लगता था कि मैं बेकाबू होकर नीचे की ओर गिरी जा रही हूँ, परमेश्वर मुझे मेरी अपनी योजनाएँ, मेरे संकोच, मेरे भय, मेरा घमण्ड, और मेरा स्वार्थ दिखाता था। उसने मेरे टूटेपन के द्वारा मेरे प्रति अपने प्रेम और क्षमा का बोध करवाया।

      मेरे पास्टर कहते हैं, “आपका सबसे अच्छा दिन वह होता है जब आप अपने आप को वैसा देखते हो जैसे आप वास्तव में हो – मसीह यीशु के बिना असहाय और अपूर्ण। तब आप अपने आप को वैसा देखें जैसा प्रभु यीशु आपको देखता है – प्रभु में परिपूर्ण और जयवंत।” मेरे जीवन में देखभाल करने के द्वारा आने वाली यही आशीष थी। जब मैंने समझा कि परमेश्वर ने मुझे क्या होने के लिए बनाया है, तो मैं रोती हुई भागकर उसकी बाहों में चली गई। मैंने भी भजनकार के साथ कहा, “हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!” (भजन 139:23)।

      आपके लिए भी मेरी यही प्रार्थना है – आप भी अपनी परिस्थितियों में आप अपने आप को अपनी वास्तविक स्थिति में देखें और समझें; और, आप भी पलटकर प्रभु परमेश्वर की खुली बाहों में आ जाएँ, उसके प्रेम और क्षमा का आनन्द अनुभव करें। - सहेली बीच, अतिथि लेखिका


जब चिन्ता अन्दर आती है, तो सामर्थ्य बाहर चली जाती है। 
जब हम परमेश्वर के पास आते हैं, सामर्थ्य फिर से आ जाती है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:17

बाइबल पाठ: भजन 139:17-24
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
Psalms 139:19 हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ।
Psalms 139:20 क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे द्रोही तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं।
Psalms 139:21 हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं?
Psalms 139:22 हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उन को अपना शत्रु समझता हूं।
Psalms 139:23 हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
Psalms 139:24 और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26



शुक्रवार, 16 जनवरी 2015

उल्टी शिक्षाएं


   प्रभु यीशु से संबंधित ऐसी अनेक बातें हैं जो मेरे अन्दर कौतूहल उत्पन्न करती हैं। प्रभु यीशु की सेवकाई की एक बात जो सदा लोगों को चकित और उन्हें सोचने के लिए विवश करती रही है, वह है उनकी सांसारिक व्यवहार और समझ से उल्ट लगने वाली शिक्षाएं।

   हमारी जीवन यात्रा में ऐसा समय भी आता है जब हम यह समझने लगते हैं कि हम सब कुछ जानने लग गए हैं, सब बातों की समझ अब हम में है, और हम अब जीवन के मार्गों पर सही रीति से चलना सीख चुके हैं। लेकिन प्रभु यीशु हमारे जीवन में हस्तक्षेप करके हमें एक नए और बेहतर मार्ग पर चलने के लिए बुलाता है। किंतु सावधान! प्रभु यीशु के मार्गों पर चलना चुनौती भरा है। संसार के व्यवहार और मान्यताओं के परिपेक्ष में उल्ट लगने वाली तथा विरोधाभास से भरी प्रभु यीशु की कुछ शिक्षाओं पर विचार कीजिए:
  • जीने के लिए मरना पड़ेगा (मरकुस 8:35);
  • पाने के लिए देना होगा (मत्ती 19:21);
  • "धन्य हैं वे जो विलाप करते हैं" (मत्ती 5:4);
  • प्रधान बनने के लिए सेवक बनना होगा (लूका 22:26);
  • दुख एवं कष्टों का भी उद्देश्य है (मत्ती 5:10-11)।

   ऐसी शिक्षाओं को सुनकर लोग सोचते हैं कि प्रभु यीशु संसार की वास्तविकताओं तथा उनके अनुरूप आवश्यक व्यवहार से अनभिज्ञ हैं। लेकिन वास्तविकता तो यह है कि अनभिज्ञ प्रभु यीशु नहीं हम हैं; वह उल्टा नहीं है, उल्टे हम हैं! हम उन छोटे बच्चों के समान हैं जो यह मानकर चलते हैं के वे अपने माता-पिता से बेहतर जानते हैं, बेहतर समझ रखते हैं। इसीलिए परमेश्वर ने कहा है, "...मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है" (यशायाह 55:8)।

   आखिरकर हम और यह स्मस्त सृष्टि प्रभु यीशु ही की बनाई हुई है (कुलुस्सियों 1:15-17), इसीलिए वह बेहतर जानता है कि इसमें कार्य तथा इसका संचालन सही रीति से किस प्रकार हो सकता है। इसलिए अपनी उल्टे नैसर्गिक गुणों, सहजज्ञान और सांसारिक मान्यताओं पर भरोसा रखकर चलते रहने और कार्य करने की बजाए, हमारे लिए भला होगा कि हम प्रभु यीशु की शिक्षाओं को अपना लें और उनका पालन करें। - जो स्टोवैल


जो हमें उल्टा लगता है, वह परमेश्वर की दृष्टि में सही है।

वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं। - कुलुस्सियों 1:15-17

बाइबल पाठ: यशायाह 55:6-13
Isaiah 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो; 
Isaiah 55:7 दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा। 
Isaiah 55:8 क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। 
Isaiah 55:9 क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
Isaiah 55:10 जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है, 
Isaiah 55:11 उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।
Isaiah 55:12 क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाडिय़ां गला खोल कर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। 
Isaiah 55:13 तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11



शनिवार, 25 जनवरी 2014

प्रयास के पुरस्कार


   एक बार मैंने यह निश्चय किया कि मैं शेक्सपीयर द्वारा लिखित सभी 38 नाटक एक ही वर्ष के अन्दर पढ़ डालूँगा। मुझे आश्चर्य हुआ कि जब मैंने दृढ़ता के साथ ऐसा करना आरंभ किया तो यह मुझे कार्य नहीं वरन मनोरंजन लगने लगा। मैं सोचता था कि उन नाटकों से मैं शेक्सपीयर के समय के लोगों और समाज के बारे में कुछ सीखने पाऊँगा परन्तु मैंने देखा कि शेक्सपीयर तो मुझे मेरे समय के संसार के बारे में ही सिखा रहा था।

   बिलकुल ऐसा ही अनुभव मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम नामक खण्ड को पढ़ते हुए हुआ। पहले मैं सोचता था कि पुराने नियम में इतना कुछ मन्दिर, याजकों (पुरोहितों), नियमों और बलिदानों के बारे में दिया है - ऐसी बातें जो आज विद्यमान नहीं हैं, तो फिर मुझे इनके बारे में पढ़ने से क्या लाभ? कैसे हम पुराने नियम को अपने आज के जीवन में लागू कर सकते हैं, या उसका कोई अर्थ पा सकते हैं? जैसे जैसे मैं दृढ़ निश्चय के साथ पुराने नियम को पढ़ने लगा तो आरंभ में कुछ कठिनाईयाँ तो आईं, लेकिन उसे पढ़ते रहने से जो मैंने सीखना आरंभ कर दिया उसने मुझे उसे पढ़ते रहने को प्रेरित किया और फिर मुझे उसे पढ़ते रहने की आवश्यकता भी अनुभव होने लगी। अन्ततः मेरे अन्दर पुराने नियम की सभी 39 पुस्तकों को पढ़ने की लालसा जाग उठी, और उन्हें पढ़ने से मेरे अन्दर की एक ऐसी भूख तृप्त हो सकी जो इससे पहले कभी किसी अन्य से तृप्त नहीं हुई थी। पुराने नियम से मैंने परमेश्वर के साथ जीवन व्यतीत करने के बारे में सीखा।

   बाइबल का पुराना नियम बहुत से लोगों को अटपटा और अप्रासंगिक लगता है और इसलिए वे उसे पढ़ना नहीं चाहते। लेकिन पुराना नियम परमेश्वर के साथ जीवन जीने के लिए एक उन्नत पाठ्यक्रम के समान है जिसे पढ़ने और पूरा करने में प्रयास और समय तो लगता है, लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो वह हमारी परमेश्वर संबंधी भूख को व्यक्तिगत तथा उत्साहवर्धक रीति से तृप्त भी करता है।

   किसी भी प्रयास के पुरस्कार आसानी से नहीं मिलते; प्रत्येक उपल्बधि कठिन मेहनत से ही आती है। इसलिए यदि आप परमेश्वर के वचन के अध्ययन में ढीले पड़ रहे हैं या वह आपको रोचक नहीं लग रहा है, तो भी पढ़ते रहने और उसका अध्ययन करने के प्रयासों से पीछे ना हटें। प्रयास के पुरस्कार अवश्य मिलेंगे, और जो परमेश्वर के वचन बाइबल से मिलेगा वह विलक्षण होगा, ऐसा होगा जो और कहीं नहीं मिलेगा। - फिलिप यैन्सी


बाइबल हमारी वास्तविक तस्वीर हमारे सामने ले आती है।

हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:16-17

बाइबल पाठ: भजन 19:7-11
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 32-34


शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

वास्तविकता


   कार से यात्रा करते हुए मेरा ध्यान मार्ग के किनारे लगे एक संकेत पर गया - वह बेदाग़ सफेद था और बड़े सुन्दर लाल अक्षरों में उस पर लिखा था: "नालियाँ और खिड़कियाँ - उत्कृष्ट कार्य की गरण्टी।" वह संकेत तो बहुत अच्छा था परन्तु मुझे उस पर लिखी बात पर कोई विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि जिस घर पर वह लगा था वह घर बड़ी जीर्ण हालत में था और लगता था कभी भी ढह जाएगा, उस घर पर लगा रंग उतर रहा था, वहाँ की खिड़कियाँ टूटी हुई थीं और मुझे कोई नाली वहाँ दिखाई नहीं दी। जिस बात का दावा और विज्ञापन किया जा रहा था वही उस घर में विद्यमान नहीं थी।

   बहुत से ’मसीही’ जीवन भी ऐसे ही होते हैं - मसीह यीशु का विज्ञापन तो बहुत करते हैं परन्तु उनके आत्मिक घर टूटे हुए होते हैं; वे मसीहियत की भाषा तो बोलते हैं, नियमित रीति से चर्च जाते हैं, लोगों से मिलते जुलते भी हैं लेकिन उनमें मसीह यीशु के गुण दिखाई नहीं देते। जब हमारा चाल-चलन हमारे मसीही प्रचार के अनुरूप नहीं होता तो हमारा अच्छा व्यवहार केवल धर्मपरायणता का दिखावा मात्र है। प्रभु यीशु ने फरीसियों अर्थात अपने समय के धर्म के अगुवों को आईना दिखाते हुए कहा: "इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो" (मत्ती 23:28)। प्रभु यीशु का यह दो टूक संबोधन केवल फरीसियों के लिए ही नहीं था; उन्होंने अपने चेलों से भी ऐसे ही दो टूक शब्दों में कहा: "सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे" (मत्ती 6:1)।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्पष्ट शब्दों में कहती है: "आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्‍छे विवेक, और कपट रहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो" (1 तिमुथियुस 1:5)। मसीही जीवन के ये सदगुण हमारी कथनी और करनी दोनो से ही संसार के सामने प्रकट होने चाहिएं (लूका 6:45)। आज अपने आत्मिक जीवन को जाँच के देखें; यदि लोग आपके बाहर के सुन्दर प्रदर्शन से आगे आपके अन्दर के वास्तविक जीवन को देखें तो उन्हें देखने को क्या मिलेगा?

   क्या आपके मसीही जीवन की वास्तविकता मसीह यीशु को स्वीकार योग्य है? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर चाहता है कि हमारे कार्य हमारे शुद्ध जीवनों का प्रतिबिंब हों।

भला मनुष्य अपने मन के भले भण्‍डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भण्‍डार से बुरी बातें निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुंह पर आता है। - लूका 6:45

बाइबल पाठ: मत्ती 23:23-31
Matthew 23:23 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को अर्थात न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते। 
Matthew 23:24 हे अन्धे अगुवों, तुम मच्छर को तो छान डालते हो, परन्तु ऊंट को निगल जाते हो। 
Matthew 23:25 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर से तो मांजते हो परन्तु वे भीतर अन्‍धेर असंयम से भरे हुए हैं। 
Matthew 23:26 हे अन्धे फरीसी, पहिले कटोरे और थाली को भीतर से मांज कि वे बाहर से भी स्‍वच्‍छ हों।
Matthew 23:27 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम चूना फिरी हुई कब्रों के समान हो जो ऊपर से तो सुन्‍दर दिखाई देती हैं, परन्तु भीतर मुर्दों की हड्डियों और सब प्रकार की मलिनता से भरी हैं। 
Matthew 23:28 इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो।
Matthew 23:29 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम भविष्यद्वक्ताओं की कब्रें संवारते और धर्मियों की कब्रें बनाते हो। 
Matthew 23:30 और कहते हो, कि यदि हम अपने बाप-दादों के दिनों में होते तो भविष्यद्वक्ताओं की हत्या में उन के साझी न होते। 
Matthew 23:31 इस से तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के घातकों की सन्तान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 28-31