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रविवार, 10 जनवरी 2021

सभी

 

          हमारे चर्च की सभाएं एक पुराने प्राथमिक विद्यालय में होती हैं। सन 1958 में, अफ्रीकी मूल के विद्यार्थियों को भी श्वेत अमरीकी विद्यार्थियों के साथ बैठकर समान शिक्षा पाने का अधिकार रखने के अमेरिका के न्यायालय के आदेश का पालन करने की बजाए स्कूल के प्रबंधकों ने उसे बन्द कर देना अधिक उत्तम समझा। इससे अगले वर्ष वह स्कूल फिर से खोला गया, और उस समय, हमारे चर्च की एक वर्तमान अश्वेत सदस्य, एलवा,उसमें एक अश्वेत विद्यार्थी हुई। एलवा याद करती है, “मुझे अपने सुरक्षित समाज और उन शिक्षकों के पास से जो हमारे जीवन का भाग थे, निकाल कर एक डरावने वातावरण में डाल दिया गया, एक ऐसी कक्षा में जिसमें मेरे अतिरिक्त  केवल एक ही और अश्वेत विद्यार्थी था।” अपने अश्वेत रंग के कारण एलवा को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, परन्तु वह साहस रखने वाली, मसीही विश्वास रखने और क्षमा करने वाली स्त्री बनी।

          उसकी गवाही बहुत गंभीर है, उस सभी बुराई के कारण जो उसे समाज के कुछ ऐसे लोगों के हाथों सहन करनी पड़ी, जो इस सत्य को स्वीकार नहीं करते थे कि परमेश्वर सभी से प्रेम करता है, वे चाहे किसी भी रंग,जाति, स्तर के क्यों न हों।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम देखते हैं कि प्रारंभिक कलीसिया के कुछ सदस्यों को इसी तथ्य के साथ जूझना पड़ा था कि परमेश्वर सभी से समान प्रेम करता है; जबकि उनकी अपनी धारणा थी कि कुछ लोग जन्म से ही परमेश्वर के प्रेम के लिए विशिष्ट होते हैं, परमेश्वर उन्हीं से प्रेम करता है, और शेष सभी को अस्वीकार करता है। किन्तु परमेश्वर से दिव्य-दर्शन पाने के बाद जब पतरस प्रेरित ने यह तथ्य सभी मसीही विश्वासियों को बताया, तो सभी भौंचक्के रह गए। पतरस ने कहा,अब मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता, वरन हर जाति में जो उस से डरता और धर्म के काम करता है, वह उसे भाता है” (प्रेरितों 10:35 )।

          परमेश्वर ने अपने प्रेम को संसार के सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के प्रदान करने के लिए अपनी बाहें कलवरी के क्रूस पर फैला दीं। हमें भी उसी के समान, बिना किसी भी प्रकार के भेदभाव के, सभी से प्रेम करना है। - विन्न कोलियर

 

हम में लोगों को दूर धकेल देने की प्रवृत्ति हो सकती है; 

परन्तु परमेश्वर का प्रेम सभी के लिए सदैव उपलब्ध रहता है।


और मन के जांचने वाले परमेश्वर ने उन को भी हमारे समान पवित्र आत्मा देकर उन की गवाही दी। और विश्वास के द्वारा उन के मन शुद्ध कर के हम में और उन में कुछ भेद न रखा। - प्रेरितों 15:8-9

बाइबल पाठ: प्रेरितों 10:34-38

प्रेरितों के काम 10:34 तब पतरस ने मुंह खोल कर कहा;

प्रेरितों के काम 10:35 अब मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता, वरन हर जाति में जो उस से डरता और धर्म के काम करता है, वह उसे भाता है।

प्रेरितों के काम 10:36 जो वचन उसने इस्राएलियों के पास भेजा, जब कि उसने यीशु मसीह के द्वारा (जो सब का प्रभु है) शान्ति का सुसमाचार सुनाया।

प्रेरितों के काम 10:37 वह बात तुम जानते हो जो यूहन्ना के बपतिस्मा के प्रचार के बाद गलील से आरम्भ कर के सारे यहूदिया में फैल गई।

प्रेरितों के काम 10:38 कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ्य से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 25-26
  • मत्ती 8:1-17

सोमवार, 8 जून 2015

सृष्टिकर्ता


   मेरे 7 वर्षीय अश्वेत मित्र टोबियस ने मुझ से एक दिन ऐसा प्रश्न पूछा जो कौतहूल जागृत करता है; उसने पूछा, "जबकि हमारे आदि माता-पिता आदम और हव्वा श्वेत रंग के थे तो फिर अश्वेत लोग कहाँ से आए?" मैंने उत्तर दिया, "हम यह नहीं जानते कि आदम और हव्वा किस रंग के थे, क्योंकि परमेश्वर का वचन बाइबल इस बारे में कुछ नहीं कहती; लेकिन तुम ने यह कैसे मान लिया कि वे दोनों श्वेत रंग के थे?" उसने जवाब दिया कि उसने जितनी भी बाइबल संबंधित पुस्तकें देखीं, चाहे चर्च में हों या किसी पुस्तकालय में, जिस भी पुस्तक में आदम और हव्वा का चित्र बना है, उन्हें श्वेत ही दिखाया गया है। उसका यह उत्तर सुनकर मेरा मन विचलित हो गया, कि कहीं टोबियस यह ना समझने लगे कि अपने अश्वेत रंग के कारण वह किसी अन्य से हीन या नीचा है, अथवा यह कि वह परमेश्वर की सृष्टि है ही नहीं!

   संसार के सभी मनुष्य उसी एक परमेश्वर पिता की रचना हैं, और इसलिए चाहे उनका बाहरी रंग-रूप जो भी हो, परमेश्वर के लिए वे सब एक समान स्तर के ही हैं, परमेश्वर सब से एक समान प्रेम करता है और सबको प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा तथा उद्धार के साथ अपने पास स्वर्ग में देखना चाहता है। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने एथेने के लोगों से कहा: "उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है" (प्रेरितों 17:26); हम सब एक ही मूल से हैं।

   डैरेल बॉक ने बाइबल की प्रेरितों के काम नामक पुस्तक की अपनी विवेचना में इस खण्ड के बारे में लिखा, "पौलुस का यह कथन उसके उन एथेनी श्रोताओं के लिए स्वीकार करने को बहुत कठिन रहा होगा, क्योंकि वे एथेनी अपने आप को औरों से बहुत उच्च कोटि का, तथा अन्य सभी जातियों को अपने से निम्न कोटि का मानते थे, उन्हें वहशी कहते थे। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें यह स्पष्ट सिखाती है कि समस्त मानव जाति एक ही आदि माता-पिता, अर्थात आदम और हव्वा से आई है, और परमेश्वर रंग या जाति के आधार पर कभी मनुष्यों में भेदभाव नहीं करता इसलिए कोई भी व्यक्ति या जाति किसी अन्य से ऊँचा या नीचा कदापि नहीं है।

   हम अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर के सामने श्रद्धा के साथ झुकते हैं, उसका आदर तथा भय मानते हैं; उसने हम सब की सृष्टि करी है, वह हम सब को "जीवन, श्वास और सब कुछ" (पद 25) देता है। हम सब अपने सृष्टिकर्ता की नज़रों में एक समान हैं; तो फिर हम आपस में ऊँच-नीच के भेदभाव क्यों करें? - ऐनी सेटास


परमेश्वर पिता हम सब से ऐसा प्रेम करता है मानों हम में से प्रत्येक एकमात्र है।

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:44-45

बाइबल पाठ: प्रेरितों 17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे एथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18