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रविवार, 13 मई 2018

त्यागा नहीं



   अपनी माँ के 50वें जन्मदिन के उत्सव के समय, सैंकड़ों लोगों की उपस्थिति में, पहलौठी बेटी कुकुआ ने लोगों को बताया कि उसकी माँ ने उसके लिए क्या कुछ किया था। समय बहुत कठिन थे, घर में पैसे की कमी थी, परन्तु पिता के न होते हुए भी, उसकी एकल माँ ने अपने व्यक्तिगत आराम का त्याग किया, अपने जेवर और अन्य बहुमूल्य वस्तुएँ बेचीं और कुकुआ को हाई स्कूल की पढाई करवाई। आँखों में आंसुओं के साथ कुकुआ ने स्मरण किया कि परिस्थितियां चाहे जितनी भी कठिन क्यों न रही हों, उनकी माँ ने अपने बच्चों को कभी नहीं छोड़ा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने अपने लोगों के प्रति अपने प्रेम की तुलना एक माँ के अपने बच्चों के प्रति प्रेम से की। जब अपने विस्थापित होने पर इस्राएल के लोगों को लगा कि परमेश्वर ने उन्हें त्याग दिया है, और उन्होंने शिकायत की, “...यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है”(यशायाह 49:14); तब परमेश्वर ने उत्तर दिया, “क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता” (पद 15)।

   हम जब कठिनाईयों में हों, परिस्थितियाँ समझ में न आ रही हों; समाज, परिवार और मित्रों द्वारा त्यागा हुआ अनुभव करें, तब भी विश्वास रखें कि परमेश्वर हमें कभी नहीं त्यागता है। यह बहुत प्रोत्साहन की बात है कि परमेश्वर हमें यह दिखाने के लिए कि वह हमें कितनी गहराई से जानता, चाहता और हमारी रक्षा करता है, इस बात द्वारा आश्वस्त करता है कि, “देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है” (पद 16)।

   चाहे सँसार के लोग हमें छोड़ दें, त्याग दें, किन्तु परमेश्वर अपने लोगों को कभी नहीं त्यागेगा। - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर कभी नहीं भूलता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-21
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है।
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।
Isaiah 49:17 तेरे लड़के फुर्ती से आ रहे हैं और खण्डहर बनाने वाले और उजाड़ने वाले तेरे बीच से निकले जा रहे हैं।
Isaiah 49:18 अपनी आंखें उठा कर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे हो कर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिल लेगी, तू दुल्हिन के समान अपने शरीर में उन सब को बान्ध लेगी।
Isaiah 49:19 तेरे जो स्थान सुनसान और उजड़े हैं, और तेरे जो देश खण्डहर ही खण्डहर हैं, उन में अब निवासी न समाएंगे, और, तुझे नष्ट करने वाले दूर हो जाएंगे।
Isaiah 49:20 तेरे पुत्र जो तुझ से ले लिये गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएंगे कि यह स्थान हमारे लिये सकेत है, हमें और स्थान दे कि उस में रहें।
Isaiah 49:21 तब तू मन में कहेगी, किस ने इन को मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्रहीन और बांझ हो गई थी, दासत्व में और यहां वहां मैं घूमती रही, इन को किस ने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहां थे?
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36



शनिवार, 16 सितंबर 2017

त्यागा हुआ


   सुप्रसिध्द मसीही लेखक, सी. एस. ल्युईस की पुस्तक The Screwtape Letters में एक काल्पनिक संवाद है जो शैतान के दो दूतों, एक वरिष्ठ तथा दूसरा कनिष्ठ, के बीच हो रहा है। संवाद का विषय है एक मसीही विश्वासी को भली-भांति प्रलोभन में कैसे लाया जा सकता है, क्योंकि शैतान के वे दोनों दूत मसीही विश्वासियों के परमेश्वर में विश्वास को नष्ट करना चाहते हैं। वरीष्ठ दूत कनिष्ठ को सचेत करते हुए कहता है, "धोखा मत खाना, हमारे प्रयास के लिए सबसे अधिक जोखिम का समय वह होता है जब एक मसीही अपने चारों ओर सृष्टि में परमेश्वर के अस्तित्व के प्रत्येक प्रमाण को लुप्त होता हुआ देखता है, अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव करता है, और फिर भी परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखता है, उसका आज्ञाकारी बना रहता है।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमारे सामने ऐसे लोगों के अनेकों उदाहरण रखती है जिन्होंने अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव तो किया परन्तु फिर भी अपने विश्वास में बने रहे और उसी विश्वास में कार्य करते रहे। अब्राहम को लगा कि परमेश्वर ने वारिस की जो प्रतिज्ञा उससे की थी वह पूरी हुए बिना रह जाएगी (उत्पत्ति 15:2-3)। भजनकार ने अपने कठिन समयों मे अपने आपको उपेक्षित अनुभव किया (भजन 10:1)। अय्युब इतनी कठिन परीक्षाओं में पड़ा कि उसे लगा जैसे परमेश्वर उसके प्राण ही ले लेगा (अय्युब 13:15)। और प्रभु यीशु ने क्रूस पर से चिल्लाकर कहा, "... हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46)। परन्तु हर बार परमेश्वर ही विश्वासयोग्य पाया गया (उत्पत्ति 21:1-7, भजन 10:16-18, अय्युब 38:1-42:17, मत्ती 28:9-20)।

   चाहे शैतान आपको यह सोचने पर बाध्य कर देने का भरसक प्रयास करे कि परमेश्वर ने आपको त्याग दिया है, यह कभी नहीं भूलें कि परमेश्वर सदा आपके निकट बना रहता है; वह अपने बच्चों को कभी नहीं त्यागता है (इब्रानियों 13:5)। इसलिए हम इब्रानियों के लेखक के साथ सहर्ष और निडर होकर कह सकते हैं, "इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों 13:6)। - डेनिस फिशर


हमारे प्रत्येक भय और आशंका के बावजूद, 
परमेश्वर सदा हमारे निकट और साथ बना रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 22:1-21
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्चा था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह के समान मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल के समान बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9


रविवार, 28 जून 2015

दुखद सफलता


   स्कॉटलैंड के निवासी और उपन्यासकार, कवि तथा मसीही सेवक जॉर्ज मैक्डौनल्ड (1824-1905) ने अपनी पुस्तक Unspoken Sermons में एक विसमयकारी बात लिखी जिसे आज भी अनेक लेखकों और वक्ताओं द्वारा उद्धृत किया जाता है; उन्होंने लिखा: "मनुष्य जो कुछ भी परमेश्वर की इच्छा के बाहर करता है उसमें या तो उसे दयनीय असफलता मिलती है - अन्यथा वह और भी अधिक दुखद सफलता का पात्र बनता है।" यह कथन लिखते समय मैक्डौनल्ड मसीही विश्वासियों द्वारा आत्म-त्याग के कठिन विषय और उसे प्रभु यीशु मसीह की शिक्षा, "उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा" (लूका 9:23-24) पर लागू करने के बारे में लिख रहे थे।

   मैक्डौनल्ड का कहना था कि वास्तविक आ्त्म-त्याग का अर्थ अपनी स्वाभाविक इच्छाओं को केवल दबा देना नहीं है वरन यह कि "हम प्रत्येक बात को वैसा देखें जैसा हमारा प्रभु देखता था, उनके प्रति वही दृष्टिकोण रखें जैसा प्रभु यीशु का था। हमें परमेश्वर की इच्छा को अपने असतित्व का आधार बनाना होगा....यह नहीं सोचना कि मुझे क्या करना अच्छा लगता है वरन यह कि मेरा प्रभु क्या चाहता है कि मैं करूँ।"

   जो हमें अच्छा लगता है, जो हम चाहते हैं, उसे ही प्राप्त करना "दुखद सफलता" है। वास्तविक सफलता है प्रभु यीशु के लिए अपने प्राणों को भी खो देना; तब ही जिन बातों को हमने प्रभु की इच्छा के लिए छोड़ा था उन्हें प्रभु की इच्छा में होकर आशीष तथा संपूर्ण परिपूर्णता के साथ प्राप्त कर सकने का अवसर और मार्ग मिल सकेगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के साथ निकटतम और सार्थक रीति से चल पाने से पहले नम्रता तथा आत्म-त्याग की अंतरभावना आती है।

क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे। - रोमियों 8:13

बाइबल पाठ: लूका 9:18-27
Luke 9:18 जब वह एकान्‍त में प्रार्थना कर रहा था, और चेले उसके साथ थे, तो उसने उन से पूछा, कि लोग मुझे क्या कहते हैं? 
Luke 9:19 उन्होंने उत्तर दिया, युहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, और कोई कोई एलिय्याह, और कोई यह कि पुराने भविष्यद्वक्ताओं में से कोई जी उठा है। 
Luke 9:20 उसने उन से पूछा, परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो? पतरस ने उत्तर दिया, परमेश्वर का मसीह। 
Luke 9:21 तब उसने उन्हें चिताकर कहा, कि यह किसी से न कहना। 
Luke 9:22 और उसने कहा, मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुख उठाए, और पुरिनए और महायाजक और शास्त्री उसे तुच्‍छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे। 
Luke 9:23 उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। 
Luke 9:24 क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा। 
Luke 9:25 यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपना प्राण खो दे, या उस की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? 
Luke 9:26 जो कोई मुझ से और मेरी बातों से लजाएगा; मनुष्य का पुत्र भी जब अपनी, और अपने पिता की, और पवित्र स्वर्ग दूतों की, महिमा सहित आएगा, तो उस से लजाएगा। 
Luke 9:27 मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कोई कोई ऐसे हैं कि जब तक परमेश्वर का राज्य न देख लें, तब तक मृत्यु का स्‍वाद न चखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


गुरुवार, 21 मई 2015

परित्याग


   बहुत वर्ष पहले की बात है, मैं अपने पति के साथ वॉशिंगटन स्थित स्मिथ्सोनियन वायु तथा अन्तरिक्ष संग्रहालय देखने गई हुई थी। उस संग्रहालय में घूमते हुए हमने एक स्थान पर छोड़ा हुआ छोटे बच्चों को ले चलने वाला स्ट्रोलर देखा जिसके आस-पास कोई नहीं था। हमारा पहला अन्दाज़ा था कि उसके वज़नी होने के कारण अभिभावकों ने स्ट्रोलर को वहाँ छोड़ दिया और बच्चे को अपने साथ उठा कर घूम रहे थे। लेकिन उस स्ट्रोलर के निकट आने पर हमने देखा कि उसमें एक बच्चा सो रहा था। तुरंत ही हमारे अन्दर प्रश्न उठने लगे - उसके माता-पिता कहाँ हैं? उस बच्चे के साथ कोई क्यों नहीं है? क्या बच्चे का कोई भाई अथवा बहन या फिर उसकी देखभाल करने को नियुक्त कोई भी जन नहीं है? हम काफी देर तक उस बच्चे के स्ट्रोलर के पास घूमते रहे लेकिन कोई उसे अपनाने नहीं आया; अन्ततः हमने संग्रहालय के एक कर्मचारी को बुलाकर उसे परिस्थिति से अवगत कराया। उसके बारे में जो अन्तिम बात हम जानते हैं वह है कि उस बच्चे और स्ट्रोलर को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा था।

   उस अनुभव ने मुझे त्यागे जाने के बारे में सोचने पर विवश किया। यह जानना कि कोई आपके साथ नहीं है, आपके लिए नहीं है, आप बिलकुल अकेले हैं, किसी को आपकी ज़रा भी परवाह या चिंता नहीं है एक बहुत ही अभिभूत कर देने वाला कष्टदायक अनुभव है। किंतु चाहे लोग हमारा परित्याग कर दें, प्रत्येक मसीही विश्वासी को यह आश्वासन है कि परमेश्वर उसे कभी नहीं छोड़ेगा (व्यवस्थाविवरण 31:8); उसका प्रेम और उसकी उपस्थिति हमारे साथ सदा बनी रहेगी। हमारे तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया है, "...और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)।

   प्रभु परमेश्वर अपने वायदों में कभी नहीं चूकता। चाहे औरों ने हमें किसी भी कारण से त्याग दिया हो, हम फिर भी इस बात में आश्वस्त रह सकते हैं कि परमेश्वर के प्रेम से हमें कोई परिस्थिति, कोई व्यक्ति, कोई बात अलग नहीं कर सकती (रोमियों 8:35-39); वह कभी भी हमारा परित्याग नहीं करेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर की साथ बनी उपस्थिति का आश्वासन ही हमारी शांति का स्त्रोत है।

और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो। - व्यवस्थाविवरण 31:8

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-16
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है। 
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। 
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 13-15
  • यूहन्ना 7:1-27


सोमवार, 14 मार्च 2011

"रेड क्रौस" का निशान

अपनी पुस्तक The Great Boer War, जो दक्षिणी अफ्रीका में हुए योरपीय सेनाओं के युद्ध का वृतांत है, सर आरथर कौनन डोयल ने एक घटना दर्ज की: अंग्रेज़ी सैनिकों की एक छोटी टुकड़ी अचानक ही विरोधियों की एक बड़ी सेना के हमले में फंस गई और भयानक गोली बारी ने उन्हें बुरी तरह ज़ख्मी कर के पीछे खदेड़ दिया। उनके घायल सैनिक बड़ी खतरनाक स्थिति में थे और उनकी रक्षा केवल रेड क्रौस के झंडे के संरक्षण में आने से ही होनी संभव थी। उनके पास सफेद कपड़ा तो था लेकिन उस पर रेड क्रौस का निशान बनाने के लिये लाल रंग नहीं था; उन्होंने अपने ज़ख्मों से बहते खून से उस कपड़े पर लाल क्रौस का निशान बना कर वह झण्डा ऊंचा किया। उनके आक्रमणकारियों ने जब वह रेड क्रौस का झण्डा देखा तो अपना हमला रोक दिया और बचाव दल आकर उन्हें सुरक्षित निकाल कर ले गया।

कलवरी के ल्रूस पर बहे मसीह यीशु के लहू के आगे हमारा शत्रु शैतान भी निरुपाय है और हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकता। मसीह का लहु उस महान त्याग का प्रतीक है जिसके कारण हम अपने पाप के दोष और उसके अनन्त मृत्यु के दण्ड की पकड़ से छूट सके। वह हमारे विरुद्ध शैतान के सभी दोषारोपणों से मिलने वाला सिद्ध संरक्षण है और हमारे पापों की क्षमा और पाप की प्रवृति पर विजय का प्रमाण है। इसी कारण हम मसीह के क्रूस में गर्व करते हैं।

यीशु मसीह को अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार करने के बाद कलवरी के क्रूस पर दिये गए उसके महान बलिदान की महिमा सदा हमारे जीवनों से होनी चाहिये। जो मसीह ने हमारे लिये किया उसके लिये प्रातः ही से हमें उसका आभारी होना चाहिये, सारे दिन उसके संरक्षण में रहना चाहिये और रात को उसपर विश्वास से विश्राम करना चाहिये।

मसीह के लहु से रंगे उस क्रूस के बलिदान ही से हमें पापों की क्षमा और उनके दण्ड से छुटकारा मिला है। - डेनिस डी हॉन


कलवरी शैतान को मिली हार का स्थान है।

जिस से हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्‍त होती है। - कुलुस्सियों १:१४


बाइबल पाठ: इब्रानियों ९:११-२८

परन्‍तु जब मसीह आने वाली अच्‍छी अच्‍छी वस्‍तुओं का महायाजक होकर आया, तो उस ने और भी बड़े और सिद्ध तम्बू से होकर जो हाथ का बनाया हुआ नहीं, अर्थात सृष्‍टि का नहीं।
और बकरों और बछड़ों के लोहू के द्वारा नहीं, पर अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्‍त छुटकारा प्राप्‍त किया।
क्‍योंकि जब बकरों और बैलों का लोहू और कलोर की राख अपवित्र लोगों पर छिड़के जाने से शरीर की शुद्धता के लिये पवित्र करती है।
तो मसीह का लोहू जिस ने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेश्वर के साम्हने निर्दोष चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्‍यों न शुद्ध करेगा, ताकि तुम जीवते परमेश्वर की सेवा करो।
और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्‍त मीरास को प्राप्‍त करें।
क्‍योंकि जहां वाचा बान्‍धी गई है वहां वाचा बान्‍धने वाले की मृत्यु का समझ लेना भी अवश्य है।
क्‍योंकि ऐसी वाचा मरने पर पक्की होती है, और जब तक वाचा बान्‍धने वाला जीवित रहता है, तब तक वाचा काम की नहीं होती।
इसी लिये पहिली वाचा भी बिना लोहू के नहीं बान्‍धी गई।
क्‍योंकि जब मूसा सब लोगों को व्यवस्था की हर एक आज्ञा सुना चुका, तो उस ने बछड़ों और बकरों का लोहू लेकर, पानी और लाल ऊन, और जूफा के साथ, उस पुस्‍तक पर और सब लोगों पर छिड़क दिया।
और कहा, कि यह उस वाचा का लोहू है, जिस की आज्ञा परमेश्वर ने तुम्हारे लिये दी है।
और इसी रीति से उस ने तम्बू और सेवा के सारे सामान पर लोहू छिड़का।
और व्यवस्था के अनुसार प्राय: सब वस्‍तुएं लोहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं और बिना लोहू बहाए क्षमा नहीं होती।
इसलिये अवश्य है, कि स्‍वर्ग में की वस्‍तुओं के प्रतिरूप इन के द्वारा शुद्ध किए जाएं, पर स्‍वर्ग में की वस्‍तुएं आप इन से उत्तम बलिदानों के द्वारा।
क्‍योंकि मसीह ने उस हाथ के बनाए हुए पवित्र स्थान में जो सच्‍चे पवित्र स्थान का नमूना है, प्रवेश नहीं किया, पर स्‍वर्ग ही में प्रवेश किया, ताकि हमारे लिये अब परमेश्वर के साम्हने दिखाई दे।
यह नहीं कि वह अपने आप को बार बार चढ़ाए, जैसा कि महायाजक प्रति वर्ष दूसरे का लोहू लिये पवित्रस्थान में प्रवेश किया करता है।
नहीं तो जगत की उत्‍पत्ति से लेकर उस को बार बार दुख उठाना पड़ता; पर अब युग के अन्‍त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे।
और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।
वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उस की बाट जोहते हैं, उन के उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा।

एक साल में बाइबल:
  • व्यवस्थाविवरण २३-२५
  • मरकुस १४:१-२६