ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

विश्वासयोग्यता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
विश्वासयोग्यता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

भरोसा



      मेरी एक सहेली को हाल ही में अपने वर्तमान स्थान से लगभग 1000 मील दूर स्थान पर स्थानांतरित होना पड़ा। क्योंकि समय कम था इसलिए उसने और उसके पति ने सम्बंधित कार्यों को आपस में बाँट लिया, और वे दोनों अपने-अपने कार्य करने लगे। मेरी सहेली सामान को बाँधने और पैक करने में लग गई, और उसका पति रहने के लिए अच्छा स्थान ढूँढने और निश्चित करने में लग गया। मैं चकित थी कि कैसे रहने के नए स्थान को बिना देखे और उसके बारे में स्वयं जाने बिना, तथा नए घर को देखे बिना वह वहाँ जाने के लिए तैयार थी। मैंने उससे इसके बारे में जब पूछा तो उसने उत्तर दिया की यह चुनौतीपूर्ण तो है, परन्तु उसे पता है कि इतने वर्षों से साथ रहने के कारण उसके पति को उसकी पसंद और नापसंद का ज्ञान है, तथा मेरी सहेली को अपने पति पर भरोसा था की वे स्थान और घर का चुनाव उसकी पसंद को ध्यान में रखते हुए ही करेंगे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से शीघ्र ही उनके पकड़वाए जाने और मारे जाने के बारे में बताया। प्रभु यीशु के पृथ्वी जीवन का, तथा शिष्यों के जीवन का भी सबसे अंधकारपूर्ण समय निकट था। ऐसे में प्रभु ने शिष्यों को आश्वस्त किया कि वह उनके लिए स्वर्ग में एक नया घर बनाएगा, जैसे की मेरी सहेली के पति ने उनके रहने के लिए नए स्थान पर घर तैयार किया। जब शिष्यों ने प्रभु यीशु से प्रश्न किए तो प्रभु ने उन्हें  स्मरण दिलाया की कैसे उन्होंने साथ समय बिताया था, कार्य किए थे, और उन्होंने प्रभु को आश्चर्यकर्म करते देखा था। प्रभु ने उन्हें आश्वस्त किया कि चाहे प्रभु के चले जाने से उन्हें दुःख होगा, किन्तु फिर भी वे प्रभु पर भरोसा बनाए रख सकते हैं कि जो वह कहता है वह उसे करता भी है।

      आज हम मसीही विश्वासी भी अपने जीवन की कठिन और विपरीत परिस्थितियों में प्रभु के प्रति आश्वस्त रह सकते हैं कि वह हर बात में होकर हमें भलाई ही की ओर लेकर जाएगा। जब हम उसके साथ चलते रहते हैं तो हम उसकी विश्वासयोग्यता पर भरोसा बनाए रखना भी सीखते रहते हैं। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

कठिन और विपरीत परिस्थितियों में से भी हमें 
पार लगाने के लिए हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रख सकते हैं।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-14
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं।
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो।
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो।
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू कहां जाता है तो मार्ग कैसे जानें?
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है।
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा।
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है।
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।
John 14:12 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वह भी करेगा, वरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।
John 14:13 और जो कुछ तुम मेरे नाम से मांगोगे, वही मैं करूंगा कि पुत्र के द्वारा पिता की महिमा हो।
John 14:14 यदि तुम मुझ से मेरे नाम से कुछ मांगोगे, तो मैं उसे करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26



बुधवार, 29 मई 2019

आदर



      अमेरिका के वॉशिंगटन शहर में स्थित सैनिकों के आर्लिंग्टन राष्ट्रीय कब्रिस्तान के सैनिक द्वारपालों के ड्यूटी बदलने के समय की सादगीपूर्ण और गंभीर प्रक्रिया ने सदैव ही मुझे प्रभावित किया है। बड़ी सावधानी से रची गई वह ड्यूटी बदलने की प्रक्रिया कब्रिस्तान में दफनाए गए उन अनजाने सैनिकों के प्रति एक मार्मिक श्रद्धांजलि है, जिनके नाम और बलिदान केवल “परमेश्वर को ही ज्ञात हैं।” उतना ही मार्मिक होता है लोगों के चले जाने के पश्चात भी ड्यूटी पर तैनात उन सैनिकों द्वारा लगातार चहल-कदमी करते रहना। एक ओर से दूसरी ओर, और फिर वापस लौटना, हर घंटे, हर दिन, बिना रुके, चाहे मौसम कितना भी ख़राब क्यों न हो।

      सितंबर 2005 में जब एक बहुत तीव्र चक्रवाधी तूफ़ान, इसाबेल, वॉशिंगटन की ओर बढ़ रहा था तो उन ड्यूटी देने वाले सैनिकों से कहा गया कि वे तूफ़ान की तीव्रता के समय सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं। किन्तु किसी को अचंभा नहीं हुआ जब किसी भी सैनिक ने ड्यूटी से हटने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उस भयानक तूफ़ान में भी वे अपने दिवंगत साथियों द्वारा दिए गए बलिदान के आदर में डटे रहे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा मत्ती  6:1-6 में दी गई शिक्षाओं की बुनियाद में, मेरा मानना है कि, प्रभु की इच्छा है कि हम मसीही विश्वासी निरन्तर उसके प्रति निःस्वार्थ समर्पण के साथ जीवन जीते रहें। निःसंदेह बाइबल हमें भले कार्यों और पवित्र जीवन के लिए कहती है, परन्तु इन्हें प्रभु परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उपासना के कार्य होना है (पद 4-6), न कि आत्म-प्रशंसा और अपनी ख्याति के लिए किए गए गढ़ी हुई धार्मिकता के कार्य (पद 2)। प्रेरित पौलुस ने इस जीवन-पर्यन्त विश्वासयोग्यता के जीवन की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए दिए गए अपने जीवन के बलिदान के आदर में हमें अपने शरीरों को जीवित बलिदान करके परमेश्वर को अर्पित करना है (रोमियों 12:1)।

      होने दें कि हमारे व्यक्तिगत और सार्वजनिक समय प्रभु परमेश्वर के प्रति हमारे आदर और संपूर्ण समर्पण को दिखाने वाले हों। - रैंडी किल्गोर


हम जितना अधिक मसीह यीशु की सेवा करेंगे, उतनी ही कम अपनी सेवा करेंगे।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। - रोमियों 12:1

बाइबल पाठ: मत्ती  6:1-6
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29



गुरुवार, 17 मार्च 2016

परिप्रेक्ष्य


   सन 1927 की फिल्म Wings प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर दो अमेरीकी वायुयान चालकों पर बनाई गई थी और उसे सर्वोत्त्म फिल्म होने का प्रथम एकैडमी पुरुस्कार मिला था। जब यह फिल्म बनाई जा रही थी तो कई दिन तक इसका बनाया जाना रुका रहा। यह होता देख, खिसियाए हुए प्रोड्यूसरों ने फिल्म के निर्देशक से विलंब का कारण पूछा। निर्देशक ने उन्हें समझाया, "हमारे पास केवल खुला नीला आकाश ही है। वायुयानों का हवाई युद्ध इस नीले आकाश की पृष्ठभूमि में दिखाई नहीं देगा। हमें बादल चाहिएं क्योंकि बादलों से परिप्रेक्ष्य मिलता है"; वह निर्देशक बिलकुल सही था। बादलों के परिप्रेक्ष्य में ही दर्शक हवाई युद्ध होता देख सकते थे और फिल्म की कहानी को समझ सकते थे।

   हम अपने जीवनों मे सदा ही खुला आकाश चाहते हैं ना कि आंधी-बरसात की आशंका लाने वाले बादल। लेकिन बादलों से भरे आकाश के परिप्रेक्ष्य में ही हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को देखने पाते हैं; हम देखने पाते हैं कि कैसे हमारे कठिन समयों और परीक्षाओं के कालों में भी परमेश्वर हमारे साथ-साथ बना रहा, हमें संभाले रहा, उसने हमें सुरक्षित रखा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम बाइबल के एक पात्र अय्युब के जीवन से देखते हैं कि अत्यंत दुखः के द्वारा अपने परखे जाने के आरंभ में अय्युब अपनी दशा पर विलाप करता है और अपने जन्म के दिन को कोसता है और चाहता है कि बादल उस दिन पर सदा छाए रहें (अय्युब 3:3-5)। परन्तु अन्ततः जब परमेश्वर अय्युब से बातें करता है (अय्युब 42:1-6) तो अय्युब का दृष्टिकोण बिलकुल बदल जाता है और वह अपनी इस उद्दण्डता के लिए पश्चाताप करता है। जब अय्युब का साक्षात्कार जीवते परमेश्वर से हुआ और अय्युब ने परमेश्वर के दृष्टिकोण को जाना तो परमेश्वर के उद्देश्यों के प्रति उसका परिप्रेक्ष्य परिवर्तित हो गया।

   क्या आपके जीवन में आज समस्याओं के बादल छाए हुए हैं? चिन्ता ना करें, उन बादलों के द्वारा परमेश्वर आपको अपनी विश्वासयोग्यता के परिप्रेक्ष्य को समझाएगा, अपने महान कार्य को आपके जीवन में दिखाएगा। उसके समय और विधि की प्रतीक्षा करें; उसमें अपने विश्वास को बनाए रखें। - डेनिस फिशर


अकसर दुःखों के बादल परमेश्वर के मुख की चमक को प्रकट करते हैं। - जैस्पर

चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। - भजन 23:4

बाइबल पाठ: अय्युब 3:3-5; 42:1-6
Job 3:3 वह दिन जल जाए जिस में मैं उत्पन्न हुआ, और वह रात भी जिस में कहा गया, कि बेटे का गर्भ रहा। 
Job 3:4 वह दिन अन्धियारा हो जाए! ऊपर से ईश्वर उसकी सुधि न ले, और न उस में प्रकाश होए। 
Job 3:5 अन्धियारा और मृत्यु की छाया उस पर रहे। बादल उस पर छाए रहें; और दिन को अन्धेरा कर देने वाली चीज़ें उसे डराएं। 

Job 42:1 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया; 
Job 42:2 मैं जानता हूँ कि तू सब कुछ कर सकता है, और तेरी युक्तियों में से कोई रुक नहीं सकती। 
Job 42:3 तू कौन है जो ज्ञान रहित हो कर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिन को मैं जानता भी नहीं था। 
Job 42:4 मैं निवेदन करता हूं सुन, मैं कुछ कहूंगा, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, तू मुझे बता दे। 
Job 42:5 मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; 
Job 42:6 इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ। 

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25


बुधवार, 20 मार्च 2013

यादगार


   कुछ समय पहले हमारे एक मित्र दंपति ने, जो स्वयं अच्छे संगीतज्ञ हैं, कुछ ऐसे मित्रों को अपने घर आमंत्रित किया जो संगीत में रुचि रखते हैं। निमंत्रण के साथ ही उनका एक निवेदन भी था - प्रत्येक मेहमान अपने साथ एक पत्थर भी लेकर आएगा, जिस पर उनका नाम और वह तिथि अथवा घटना लिखी हो जब वे उनके मित्र बने थे। ये सभी पत्थर उनके आंगन में एक यादगार के लिए उस तंदूर के पास रखे जाने थे जहाँ वे अकसर अपनी संगीत सभाएं आयोजित किया करते थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम पाते हैं कि परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को कुछ महत्वपुर्ण घटनाओं की यादगार बना कर रखने के लिए कहा था। जब इस्त्राएली मिस्त्र के दासत्व से निकल कर आए थे और परमेश्वर की सहायता से लाल समुद्र के पार हुए थे और उनका पीछा कर रही मिस्त्री सेना उस समुद्र में डूब मरी थी तब परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को इस घटना की यादगार पत्थरों द्वारा बनाने को कहा (निर्गमन 14:21-31), जिससे जब आने वाले समय में उनके बच्चे उन पत्थरों के बारे में उनसे पूछें तो वे उन्हें परमेश्वर के महान कार्य के बारे में बता सकें (यहोशू 4:23-24)| इसी प्रकार वाचा किए हुए कनान देश में इस्त्राएलियों के प्रवेश करने के समय यर्दन नदी उफान पर थी परन्तु परमेश्वर ने उसके प्रवाह को रोक कर इस्त्राएलियों को पार उतर जाने का मार्ग दिया जिसकी यादगार भी उन्होंने परमेश्वर के कहने पर पत्थरों द्वारा बनाई (यहोशू 3:13-17)।

   जैसे परमेश्वर लगातार इस्त्राएलियों की सहायता करता रहा है, वैसे ही वह आज हमारी भी सहायता करता रहता है। वह हमारी आवश्यकताओं को पूरा करता है, हमें सुरक्षित रखता है, हमारा मार्गदर्शन करता है। क्या आपने अपने जीवन में हो रहे परमेश्वर के बड़े कामों की कोई यादगार बना रखी है, जिसके द्वारा आप अपने बच्चों और नाती-पोतों को उसके महान कामों के बारे में बता सकें; या स्वयं उन्हें स्मरण कर सकें। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर के कार्यों को स्मरण करना शक करने का अच्छा प्रतिरोधक है।

तब उसने इस्राएलियों से कहा, आगे को जब तुम्हारे लड़के-बाले अपने अपने पिता से यह पूछें, कि इन पत्थरों का क्या मतलब है? तब तुम यह कहकर उन को बताना, कि इस्राएली यरदन के पार स्थल ही स्थल चले आए थे। - यहोशू 4:21-22

बाइबल पाठ: यहोशू 4
Joshua 4:1 जब उस सारी जाति के लोग यरदन के पार उतर चुके, तब यहोवा ने यहोशू से कहा,
Joshua 4:2 प्रजा में से बारह पुरूष, अर्थात गोत्र पीछे एक एक पुरूष को चुनकर यह आज्ञा दे,
Joshua 4:3 कि तुम यरदन के बीच में, जहां याजकों ने पांव धरे थे वहां से बारह पत्थर उठा कर अपने साथ पार ले चलो, और जहां आज की रात पड़ाव होगा वहीं उन को रख देना।
Joshua 4:4 तब यहोशू ने उन बारह पुरूषों को, जिन्हें उसने इस्राएलियों के प्रत्येक गोत्र में से छांटकर ठहरा रखा था,
Joshua 4:5 बुलवाकर कहा, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के सन्दूक के आगे यरदन के बीच में जा कर इस्राएलियों के गोत्रों की गिनती के अनुसार एक एक पत्थर उठा कर अपने अपने कन्धे पर रखो,
Joshua 4:6 जिस से यह तुम लोगों के बीच चिन्हानी ठहरे, और आगे को जब तुम्हारे बेटे यह पूछें, कि इन पत्थरों का क्या मतलब है?
Joshua 4:7 तब तुम उन्हें उत्तर दो, कि यरदन का जल यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने से दो भाग हो गया था; क्योंकि जब वह यरदन पार आ रहा था, तब यरदन का जल दो भाग हो गया। सो वे पत्थर इस्राएल को सदा के लिये स्मरण दिलाने वाले ठहरेंगे।
Joshua 4:8 यहोशू की इस आज्ञा के अनुसार इस्राएलियों ने किया, जैसा यहोवा ने यहोशू से कहा था वैसा ही उन्होंने इस्राएलियों ने किया, जैसा यहोवा ने यहोशू से कहा था वैसा ही उन्होंने इस्राएली गोत्रों की गिनती के अनुसार बारह पत्थर यरदन के बीच में से उठा लिये; और उन को अपने साथ ले जा कर पड़ाव में रख दिया।
Joshua 4:9 और यरदन के बीच जहां याजक वाचा के सन्दूक को उठाए हुए अपने पांव धरे थे वहां यहोशू ने बारह पत्थर खड़े कराए; वे आज तक वहीं पाए जाते हैं।
Joshua 4:10 और याजक सन्दूक उठाए हुए उस समय तक यरदन के बीच खड़े रहे जब तक वे सब बातें पूरी न हो चुकीं, जिन्हें यहोवा ने यहोशू को लोगों से कहने की आज्ञा दी थी। तब सब लोग फुर्ती से पार उतर गए;
Joshua 4:11 और जब सब लोग पार उतर चुके, तब याजक और यहोवा का सन्दूक भी उनके देखते पार हुए।
Joshua 4:12 और रूबेनी, गादी, और मनश्शे के आधे गोत्र के लोग मूसा के कहने के अनुसार इस्राएलियों के आगे पांति बान्धे हुए पार गए;
Joshua 4:13 अर्थात कोई चालीस हजार पुरूष युद्ध के हथियार बान्धे हुए संग्राम करने के लिये यहोवा के साम्हने पार उतरकर यरीहो के पास के अराबा में पहुंचे।
Joshua 4:14 उस दिन यहोवा ने सब इस्राएलियों के साम्हने यहोशू की महिमा बढ़ाई; और जैसे वे मूसा का भय मानते थे वैसे ही यहोशू का भी भय उसके जीवन भर मानते रहे।।
Joshua 4:15 और यहोवा ने यहोशू से कहा,
Joshua 4:16 कि साक्षी का सन्दूक उठाने वाले याजकों को आज्ञा दे कि यरदन में से निकल आएं।
Joshua 4:17 तो यहोशू ने याजकों को आज्ञा दी, कि यरदन में से निकल आओ।
Joshua 4:18 और ज्योंही यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाने वाले याजक यरदन के बीच में से निकल आए, और उनके पांव स्थल पर पड़े, त्योंही यरदन का जल अपने स्थान पर आया, और पहिले की नाईं कड़ारो के ऊपर फिर बहने लगा।
Joshua 4:19 पहिले महिने के दसवें दिन को प्रजा के लोगों ने यरदन में से निकलकर यरीहो के पूर्वी सिवाने पर गिलगाल में अपने डेरे डाले।
Joshua 4:20 और जो बारह पत्थर यरदन में से निकाले गए थे, उन को यहोशू ने गिलगाल में खड़े किए।
Joshua 4:21 तब उसने इस्राएलियों से कहा, आगे को जब तुम्हारे लड़के-बाले अपने अपने पिता से यह पूछें, कि इन पत्थरों का क्या मतलब है?
Joshua 4:22 तब तुम यह कहकर उन को बताना, कि इस्राएली यरदन के पार स्थल ही स्थल चले आए थे।
Joshua 4:23 क्योंकि जैसे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने लाल समुद्र को हमारे पार हो जाने तक हमारे साम्हने से हटाकर सुखा रखा था, वैसे ही उसने यरदन का भी जल तुम्हारे पार हो जाने तक तुम्हारे साम्हने से हटाकर सुखा रखा;
Joshua 4:24 इसलिये कि पृथ्वी के सब देशों के लोग जान लें कि यहोवा का हाथ बलवन्त है; और तुम सर्वदा अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानते रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6 
  • लूका 1:1-20

मंगलवार, 19 मार्च 2013

पहन लो


   जब बचपन में मैंने अमेरिकन फुटबॉल खेलना आरंभ किया था तो एक बात जिसके आदी होने में कुछ समय लगा वह थी उस खेल से संबंधित वेश-भूषा। सिर पर हेल्मेट, कंधों और छाती पर मोटी गद्दीयाँ और अन्य सुरक्षात्मक वस्तुएं पहन कर खेल के मैदान में दौड़ना अटपटा लगता था किंतु कुछ समय बीतने पर यह सब एक अच्छे मित्र के समान लगने लगा जो मेरी सुरक्षा के लिए साथ रहता हो। जब इस खेल का खिलाड़ी यह सब वस्तुएं पहनता है तो वह जानता है कि यह खतरनाक प्रतिद्वन्दीयों से उसकी रक्षा के लिए और उसकी अपनी भलाई के लिए हैं।

   मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमारा भी एक बहुत खतरनाक प्रतिद्वन्दी है - शैतान, जो सदा हमें गिराने और हानि पहूँचाने के प्रयासों में लगा रहता है। इसीलिए प्रभु यीशु ने हमारी सुरक्षा के लिए कुछ वस्तुएं दीं हैं जिन्हें हमें पहने रहना है, जिससे उस आत्मिक युद्ध में जिसमें हर मसीही विश्वासी रहता है, हम सुरक्षित रहें: "इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको" (इफीसियों 6:13)।

   परमेश्वर ने हमारी सुरक्षा के लिए हमें टोप, झिलम, ढाल, तलवार, कमरबन्द और जूते सभी दीए हैं। लेकिन ये सब हमारी सुरक्षा तभी कर सकेंगे जब हम इन्हें पहने कर रखेंगे - चाहे यह हमें आरामदायक ना भी लगें, तौभी इन सभी को पहने रहना हमारी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हमारा परमेश्वर के वचन के अध्ययन में विश्वासयोग्य, प्रार्थना में संलग्न, मसीही जीवन की गवाही में तत्पर होना ही हमारे इस सुरक्षा कवच को हमारा अभिन्न अंग बनाएगा।

   परमेश्वर के लिए कार्यकारी होना है तो परमेश्वर के हथियार और कवच को पहन लो। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के हथियार और कवच आपके लिए ही बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें पहिने रहना आपका दायित्व है।

निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो। - इफिसीयों 6:10

बाइबल पाठ: इफिसीयों 6:11-19
Ephesians 6:11 परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको।
Ephesians 6:12 क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।
Ephesians 6:13 इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको।
Ephesians 6:14 सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मीकता की झिलम पहिन कर।
Ephesians 6:15 और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर।
Ephesians 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।
Ephesians 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो।
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
Ephesians 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3 
  • मरकुस 16

सोमवार, 18 मार्च 2013

रोष


   मेरा एक मित्र है जिसने अपने परिचय कार्ड पर विख्यात मूर्तीकार रोडिन द्वारा बनाई मूर्ति The Thinker (विचारक) का चित्र बनवा रखा है और उसके नीचे लिखवाया है "जीवन निष्पक्ष नहीं है"।

   यह सच है, जीवन सचमुच में निष्पक्ष नहीं है, और यदि कोई सिद्धांत जीवन के निष्पक्ष होने पर अड़ा रहता है तो वह सिद्धांत भ्रामिक है, असत्य है।

   जीवन के निष्पक्ष ना होने के कारण जो अति-महत्वपुर्ण बात सामने आती है, वह है जीवन की बातों और उतार-चढ़ाव के प्रति हमारा रवैया और प्रतिक्रीया। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने भजन 37 में कहा कि वह बदला नहीं लेगा वरन धैर्य से परमेश्वर के न्याय और समय की प्रतीक्षा करेगा "क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे" (भजन 37:9)।

   हमारा प्रतिशोध तो बदले की भावना और चोट पहुँचाने के उद्देश्य से प्रेरित हो सकता है, लेकिन परमेश्वर का क्रोध उसकी करुणा की सीमाओं के अन्दर और किसी बदले की भावना से बाहर होता है। उसके क्रोध का उद्देश्य भलाई होता है, तथा माध्यम और विधि विरोधियों को पश्चाताप और विश्वास में लाने के लिए होते हैं। इसीलिए हमें अपना पलटा आप नहीं लेना है: "हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो" (रोमियों 12:19, 21)।

   इस बात को जीवन में सार्थक होने के लिए यह भाव हृदय में होना चाहिए, जहाँ से जीवन की बातों का उद्गम है: "सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है" (नीतिवचन 4:23)। यह हमारा कर्तव्य है कि हम रोष से बचें, क्रोध ना करें और धैर्य के साथ परमेश्वर के न्याय की प्रतीक्षा करें। - डेविड रोपर


बदला ना लेना विजयी होना है।

अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। - भजन 37:5

बाइबल पाठ: भजन 37:7-11
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है!
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी।
Psalms 37:9 क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Psalms 37:10 थोड़े दिन के बीतने पर दुष्ट रहेगा ही नहीं; और तू उसके स्थान को भलीं भांति देखने पर भी उसको न पाएगा।
Psalms 37:11 परन्तु नम्र लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और बड़ी शान्ति के कारण आनन्द मनाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34 
  • मरकुस 15:26-47

रविवार, 17 मार्च 2013

उपलब्ध


   "क्या आप मेरी बहन के लिए प्रार्थना करेंगे?" उस हृष्ट-पुष्ट और कद्दावर कर्मी ने हिचकिचाते हुए मुझसे प्रश्न किया, और मैंने बड़े ग़ौर से उसकी ओर शक भरी नज़रों से देखा।

   कुछ महीने पहले की बात है, जिस फैकट्री में मैं कार्य करता हूँ, वहाँ कर्मीयों द्वारा हड़ताल की संभावना बढ़ती जा रही थी। गर्मी के मौसम की परेशानियों ने लोगों के स्वभाव को चिड़-चिड़ा बना रखा था। फैकट्री के प्रबन्धक कार्य तथा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे थे तो मज़दूर संघ के नेता इसका विरोध कर रहे थे। काम के समय के अवकाशों में उन नेताओं द्वारा हमें कहा जाता कि उत्पादन को कम ही रखें। मैं अपने मसीही विश्वास तथा आदर्शवादिता में होकर अधिक से अधिक परिश्रम करना परमेश्वर की ओर से अपना दायित्व समझता था, और मैंने यह बात अपने सहकर्मीयों और मज़दुर संघ के नेताओं को समझाने का व्यर्थ प्रयत्न भी किया। मेरी इस विचारधारा और प्रयास के कारण मुझे अपने सहकर्मियों से घोर विरोध एवं परेशानियों का सामना करना पड़ा; और यह कर्मी जो अब मेरे पास प्रार्थना की विनती लेकर आया था, उन तंग करने वालों में प्रमुख हुआ करता था।

   इसलिए उसकी इस प्रार्थना की विनती पर मुझे एकाएक विश्वास नहीं हुआ, मुझे लगा जैसे मेरे उपहास के लिए यह उसका कोई नया प्रयास है। मैंने उस से पूछा, "मैं क्यों?" उसके उत्तर ने मुझे झकझोर दिया, उसने रुंधे गले से कहा "क्योंकि उसे कैंसर है और मुझे कोई ऐसा व्यक्ति प्रार्थना के लिए चाहिए जिसकी परमेश्वर सुनता हो।" हमारे बीच की कड़ुवाहट जाती रही, और मैंने उसकी बहन के लिए प्रार्थना करी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका ७ अध्याय में एक सूबेदार का उल्लेख है जिसने प्रभु यीशु के पास सहायता के लिए कुछ प्रमुख लोगों को भेजा। जब लोग परेशानी में होते हैं तो ना वे अपना समय और ना ही अपने शब्द व्यर्थ करते हैं; वे निवारण के लिए तुरंत उस व्यक्ति के पास जाते हैं जिसके विश्वास को उन्होंने सार्थक और खरा पाया हो।

   प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा "तुम पृथ्वी के नमक हो"; "तुम जगत की ज्योति हो" (मत्ती 5:13, 14) - थोडा सा नमक भोजन का स्वाद बढ़ा देता है; ज्योति चाहे हल्की ही हो किंतु अन्धकार में सांत्वना देती है, मनों को शांत रखती है। पाप से बिगड़े हुए और अन्धकार में पड़े संसार में हम मसीही विश्वासी प्रभु यीशु की ओर से ठहराए हुए वे लोग हैं जो बिगड़ों को संवारने और परेशानों को शांति तथा सांत्वना देने वाले हों, उनकी सहायता के लिए तत्पर और उपलब्ध हों। हमारे विश्वास और मसीही जीवन को देखकर वे प्रभु यीशु की ओर आकर्षित हों।

   क्या आप के आस-पास के लोग आपको ऐसे मसीही विश्वासी के रूप में जानते हैं जो उनकी परेशानियों में उनकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं? क्या आप अपने स्थान पर संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा दी गई ’नमक’ और ’ज्योति’ होने की ज़िम्मेदारी को निभा रहे हैं? - रैंडी किलगोर


जब कोई प्रीय जन जोखिम में हो तो कठोर मन वाले को भी सहायता चाहिए होती है।

उसने यीशु की चर्चा सुनकर यहूदियों के कई पुरनियों को उस से यह बिनती करने को उसके पास भेजा, कि आकर मेरे दास को चंगा कर। - लूका 7:3

बाइबल पाठ: लूका 7:1-10
Luke 7:1 जब वह लोगों को अपनी सारी बातें सुना चुका, तो कफरनहूम में आया।
Luke 7:2 और किसी सूबेदार का एक दास जो उसका प्रिय था, बीमारी से मरने पर था।
Luke 7:3 उसने यीशु की चर्चा सुनकर यहूदियों के कई पुरनियों को उस से यह बिनती करने को उसके पास भेजा, कि आकर मेरे दास को चंगा कर।
Luke 7:4 वे यीशु के पास आकर उस से बड़ी बिनती कर के कहने लगे, कि वह इस योग्य है, कि तू उसके लिये यह करे।
Luke 7:5 क्योंकि वह हमारी जाति से प्रेम रखता है, और उसी ने हमारे आराधनालय को बनाया है।
Luke 7:6 यीशु उन के साथ साथ चला, पर जब वह घर से दूर न था, तो सूबेदार ने उसके पास कई मित्रों के द्वारा कहला भेजा, कि हे प्रभु दुख न उठा, क्योंकि मैं इस योग्य नहीं, कि तू मेरी छत के तले आए।
Luke 7:7 इसी कारण मैं ने अपने आप को इस योग्य भी न समझा, कि तेरे पास आऊं, पर वचन ही कह दे तो मेरा सेवक चंगा हो जाएगा।
Luke 7:8 मैं भी पराधीन मनुष्य हूं; और सिपाही मेरे हाथ में हैं, और जब एक को कहता हूं, जा, तो वह जाता है, और दूसरे से कहता हूं कि आ, तो आता है; और अपने किसी दास को कि यह कर, तो वह उसे करता है।
Luke 7:9 यह सुनकर यीशु ने अचम्भा किया, और उसने मुंह फेरकर उस भीड़ से जो उसके पीछे आ रही थी कहा, मैं तुम से कहता हूं, कि मैं ने इस्राएल में भी ऐसा विश्वास नहीं पाया।
Luke 7:10 और भेजे हुए लोगों ने घर लौटकर, उस दास को चंगा पाया।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31 
  • मरकुस 15:1-25

शनिवार, 16 मार्च 2013

प्रार्थना के उत्तर


   जब हम परमेश्वर के पास प्रार्थना में आते हैं तो कुछ बातें निश्चित हैं और कुछ ऐसी हैं जिनके बारे में हम एकदम से नहीं जान पाते; जैसे, हमें यह परमेश्वर से आशवासन है कि यदि हम प्रभु यीशु में होकर उसे अपना पिता परमेश्वर जानते हैं तो वह हमारी प्रत्येक प्रार्थना को अवश्य सुनेंगा और अपने समय तथा विधि में उसका उत्तर भी देगा। यह उत्तर हाँ भी हो सकता है, ना भी हो सकता है, ’अभी कुछ समय प्रतीक्षा करो’ भी हो सकता है, या कुछ अनूठा और अनेपक्षित भी हो सकता है जैसा दानिय्येल भविष्यद्वकता ने पाया; उस ने अपनी प्रार्थना का जो उत्तर पाया वह ना केवल अद्भुत था वरन उसकी हर कलपना से परे था।

   परमेश्वर के भविष्यद्वकता दानिय्येल ने यर्मियाह भविष्यद्वकता की पुस्तक के अध्ययन से जाना कि इस्त्राएल के दास्तव के निर्धारित 70 वर्ष पूरे होने वाले थे, और वह अपने लोगों के लिए परमेश्वर से प्रार्थना और विनती करने में जुट गया कि इस छुटकारे में विलंब ना हो और परमेश्वर अपनी दया-दृष्टि अपने लोगों इस्त्राएल पर बनाए (दानिय्येल 9:2, 19)। दानिय्येल की प्रार्थना का उत्तर तुरंत आया और अद्भुत रीति से आया। उसके प्रार्थना करते करते ही परमेश्वर का एक प्रधान स्वर्गदूत जिब्राइल उत्तर लेकर उसके पास आया। परमेश्वर का वह उत्तर जितना शीघ्र था, उतना ही विसमयकारी भी था। दानिय्येल ने प्रार्थना करी थी इस्त्राएल की बन्धुवाई के 70 वर्षों के बारे में, परमेश्वर ने उसे भविष्य में होने वाली घटनाओं को ’७० सप्ताह’ की भविष्यवाणी के रूप में दे दिया। दानिय्येल केवल वर्तमान की आस में था किंतु परमेश्वर ने उसे हज़ारों वर्ष आगे आने वाला भविष्य भी दिखा दिया।

   हमारा परिपेक्ष चाहे वर्तमान ही हो, लेकिन परमेश्वर समय और काल से बंधा नहीं है, और हमें वह भी बता सकता है जिसकी हमने कलपना भी ना करी हो। लेकिन यह निश्चित है कि परमेश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाओं को सुनता है, उनका उत्तर देता है और हर बात में सदा उनका भला करता है, जिससे वे जानते और मानते रहें कि वह ही आदर, स्तुति और महिमा के योग्य एकमात्र जीवता और सच्चा परमेश्वर है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के उत्तर हमारी प्रार्थनाओं की सीमाओं से परे तथा हमारी उम्मीदों से बढ़कर भी हो सकते हैं।

हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है; इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर। - दानिय्येल 9:19

बाइबल पाठ: दानिय्येल 9:1-9, 20-24
Daniel 9:1 मादी क्षयर्ष का पुत्र दारा, जो कसदियों के देश पर राजा ठहराया गया था,
Daniel 9:2 उसके राज्य के पहिले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।
Daniel 9:3 तब मैं अपना मुख परमेश्वर की ओर कर के गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करने लगा, और उपवास कर, टाट पहिन, राख में बैठ कर वरदान मांगने लगा।
Daniel 9:4 मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार प्रार्थना की और पाप का अंगीकार किया, हे प्रभु, तू महान और भययोग्य परमेश्वर है, जो अपने प्रेम रखने और आज्ञा मानने वालों के साथ अपनी वाचा को पूरा करता और करूणा करता रहता है,
Daniel 9:5 हम लोगों ने तो पाप, कुटिलता, दुष्टता और बलवा किया है, और तेरी आज्ञाओं और नियमों को तोड़ दिया है।
Daniel 9:6 और तेरे जो दास नबी लोग, हमारे राजाओं, हाकिमों, पूर्वजों और सब साधारण लोगों से तेरे नाम से बातें करते थे, उनकी हम ने नहीं सुनी।
Daniel 9:7 हे प्रभु, तू धर्मी है, परन्तु हम लोगों को आज के दिन लज्जित होना पड़ता है, अर्थात यरूशलेम के निवासी आदि सब यहूदी, क्या समीप क्या दूर के सब इस्राएली लोग जिन्हें तू ने उस विश्वासघात के कारण जो उन्होंने तेरा किया था, देश देश में बरबस कर दिया है, उन सभों को लज्जित होना पड़ता है।
Daniel 9:8 हे यहोवा हम लोगों ने अपने राजाओं, हाकिमों और पूर्वजों समेत तेरे विरुद्ध पाप किया है, इस कारण हम को लज्जित होना पड़ता है।
Daniel 9:9 परन्तु, यद्यपि हम अपने परमेश्वर प्रभु से फिर गए, तौभी तू दयासागर और क्षमा की खानि है।
Daniel 9:20 इस प्रकार मैं प्रार्थना करता, और अपने और अपने इस्राएली जाति भाइयों के पाप का अंगीकार करता हुआ, अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख उसके पवित्र पर्वत के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करता ही था,
Daniel 9:21 तब वह पुरूष जिब्राएल जिस मैं ने उस समय देखा जब मुझे पहिले दर्शन हुआ था, उसने वेग से उड़ने की आज्ञा पाकर, सांझ के अन्नबलि के समय मुझ को छू लिया; और मुझे समझाकर मेरे साथ बातें करने लगा।
Daniel 9:22 उसने मुझ से कहा, हे दानिय्येल, मैं तुझे बुद्धि और प्रविणता देने को अभी निकल आया हूं।
Daniel 9:23 जब तू गिड़गिड़ाकर बिनती करने लगा, तब ही इसकी आज्ञा निकली, इसलिये मैं तुझे बताने आया हूं, क्योंकि तू अति प्रिय ठहरा है; इसलिये उस विषय को समझ ले और दर्शन की बात का अर्थ बूझ ले।
Daniel 9:24 तेरे लोगों और तेरे पवित्र नगर के लिये सत्तर सप्ताह ठहराए गए हैं कि उनके अन्त तक अपराध का होना बन्द हो, और पापों को अन्त और अधर्म का प्रायश्चित्त किया जाए, और युगयुग की धामिर्कता प्रगट हो; और दर्शन की बात पर और भविष्यवाणी पर छाप दी जाए, और परमपवित्र का अभिषेक किया जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29 
  • मरकुस 14:54-72

रविवार, 10 मार्च 2013

प्रार्थना


   मैंने एक माँ द्वारा अपने बच्चों के लिए स्थापित किए गए ’5 मिनिट’ के नियम के बारे में पढ़ा। उस माँ ने अपने घर में यह नियम बनाया हुआ था कि प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए निकलने से 5 मिनिट पहले सब बच्चों को तैयार होकर माँ के पास एकत्रित हो जाना है। उस समय में वह उन में से प्रत्येक के लिए उनका नाम लेकर प्रार्थना करती, दिन भर के लिए परमेश्वर की सुरक्षा तथा आशीष उनपर माँगती, फिर उनमें से प्रत्येक को चुम्बन देकर स्कूल के लिए विदा करती। यदि पड़ौस का कोई बच्चा उस समय वहाँ होता तो यही प्रार्थना और सप्रेम विदाई उस बच्चे के लिए भी की जाती। कई वर्ष बाद एक बच्चे ने बताया कि इस अनुभव ने उसके मन में इस बात को स्थापित किया कि प्रार्थना दैनिक जीवन के लिए कितनी आवश्यक है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 102 का लेखक प्रार्थना के महत्व को जानता था। इस भजन के आरंभ में लिखा गया है: "दीन जन की उस समय की प्रार्थना जब वह दुख का मारा अपने शोक की बातें यहोवा के सामेन खोलकर कहता हो।" भजनकार ने लिखा: "हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे! मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!" (भजन 102:1-2)। अपनी दोहाई देने के बाद भजनकार लिखता है: "क्योंकि यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है, ताकि बन्धुओं का कराहना सुने, और घात होन वालों के बन्धन खोले;" (भजन 102:19-20)।

   परमेश्वर आपकी चिंता करता है और आपकी प्रार्थना सुनना चाहता है। चाहे आपकी प्रार्थना छोटी हो या आप समय लगाकर अपने हृदय की वेदना उसे बयान करें, प्रतिदिन प्रार्थना में उसके साथ समय अवश्य बिताएं। यह ना केवल आपके लिए लाभकारी और आशीषमय होगा, वरन आपका यह व्यवहार और विश्वास आपके किसी निकट जन या परिवार जन के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बन सकेगा और उसके जीवन को आशीषित करेगा। - ऐने सेटास


प्रार्थना, परमेश्वर की आवश्यकता हमारे जीवनों में होने की स्वीकृति है।

वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 102:17

बाइबल पाठ: भजन 102:1-20
Psalms 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
Psalms 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
Psalms 102:3 क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं।
Psalms 102:4 मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
Psalms 102:5 कराहते कराहते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है।
Psalms 102:6 मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं।
Psalms 102:7 मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
Psalms 102:8 मेरे शत्रु लगातार मेरी नामधराई करते हैं, जो मेरे विराध की धुन में बावले हो रहे हैं, वे मेरा नाम ले कर शपथ खाते हैं।
Psalms 102:9 क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाई और आंसू मिला कर पानी पीता हूं।
Psalms 102:10 यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
Psalms 102:11 मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।
Psalms 102:12 परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
Psalms 102:13 तू उठ कर सिय्योन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुआ समय आ पहुंचा है।
Psalms 102:14 क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।
Psalms 102:15 इसलिये अन्यजातियां यहोवा के नाम का भय मानेंगी, और पृथ्वी के सब राजा तेरे प्रताप से डरेंगे।
Psalms 102:16 क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
Psalms 102:17 वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 102:18 यह बात आने वाली पीढ़ी के लिये लिखी जाएगी, और एक जाति जो सिरजी जाएगी वही याह की स्तुति करेगी।
Psalms 102:19 क्योंकि यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है,
Psalms 102:20 ताकि बन्धुओं का कराहना सुने, और घात होन वालों के बन्धन खोले;

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 11-13 
  • मरकुस 12:1-27


शनिवार, 9 मार्च 2013

आशीषों की कुंजी


   यदि ऐसा कोई प्रश्न है जो सदियों से सारे विश्व में बना हुआ है तो संभवतः वह होगा: "क्या हम पहुँच गए?" अनेक पीढ़ीयों से बच्चों ने यह प्रश्न अपने अभिभावकों से किया है, फिर व्यस्क हो जाने पर अपने बच्चों को इस प्रश्न का उत्तर समझने में सहायता करी है। सभी उस समय की प्रतीक्षा में रहते हैं जब वे अपने लक्ष्य तक पहुँचेंगे - वह चाहे यात्रा हो, चाहे जीवन यात्रा, या फिर किसी कार्य का संपन्न होना।

   जब भी मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा की लिखी पुस्तकों को पढ़ता हूँ तो सोचता हूँ कि कितनी बार मूसा से इसत्राएलियों ने से इसी प्रश्न को पूछा होगा? उन्हें मिस्त्र के दासत्व से छुड़ाकर ले चलने से पहले मूसा ने इस्त्राएलियों को यह आश्वासन दिया था कि परमेश्वर की योजना है "कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती हैं" ले जाए (निर्गमन 3:8)। परमेश्वर उन्हें मिस्त्र के दासत्व से निकाल कर तो ले आया किंतु उस वाचा किए हुए देश में पहुँचने से पहले उन्हें 40 वर्ष तक बियाबान में भटकना पड़ा। यह कोई साधारण भटकना नहीं था, वे मार्ग नहीं भूले थे, वरन इस भटकने के पीछे एक उद्देश्य था। परमेश्वर उन्हें इस वाचा के देश के किनारे तक ले आया था किंतु अपने मन के भय और अपनी अनाज्ञाकारिता के कारण इस्त्राएल ने उस देश में प्रवेश नहीं किया, वरन परमेश्वर के विरुद्ध बोले और वापस मिस्त्र लौटने का प्रयास किया। वे परमेश्वर की आज्ञाकारिता के लिए तैयार नहीं थे। इसत्राएल को 400 वर्ष की मिस्त्र की ग़ुलामी के बाद अपने मन, व्यवहार और विचार परमेश्वर के अनुरूप करने थे। यह कार्य उस ४० वर्ष की यात्रा में हुआ (व्यवस्थाविवरण 8:2, 15-18)। साथ ही, इन 40 वर्षों में उस बलवाई और अनाज्ञाकारी पीढ़ी के लोग जाते रहे (गिनती 32:13)। इस यात्रा के बाद इस्त्राएली सहर्ष और सामर्थ के साथ वाचा किए हुए देश में प्रवेश करने पाए और आज तक वहाँ बने हुए हैं।

   हमें अपने जीवन काल में कई बार लगता है कि हम ऐसे ही भटक रहे हैं, हमें अपना लक्ष्य सूझ नहीं पड़ता। कई बार हम भी परमेश्वर से पूछते हैं, "क्या हम पहुँच गए?"; "अभी और कितना समय लगेगा?" ऐसे में यह स्मरण रखना लाभकारी रहेगा कि परमेश्वर के उद्देश्यों के लिए केवल लक्ष्य ही नहीं यात्रा भी महत्वपूर्ण है। वह यात्रा के अनुभवों के द्वारा हमें नम्र करता है, हमें तैयार करता है, हमें परखता है और हमारे मनों की दशा हम पर प्रकट करता है। अन्ततः जब हम उस आशीष के लिए तैयार हो जाते हैं तब ही वह उसे हमारे जीवनों में आने देता है।

   परमेश्वर की आज्ञाकारिता में हो जाना और अपने मन, व्यवहार और विचार को परमेश्वर के वचन के अनुरूप करना ही आशीषों को पा लेने की कुंजी है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


केवल गन्तव्य ही नहीं यात्रा भी महत्वपूर्ण है।

और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं। - व्यवस्थाविवरण 8:2

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8
Deuteronomy 8:1 जो जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं उन सभों पर चलने की चौकसी करना, इसलिये कि तुम जीवित रहो और बढ़ते रहो, और जिस देश के विषय में यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ।
Deuteronomy 8:2 और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं।
Deuteronomy 8:3 उसने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है।
Deuteronomy 8:4 इन चालीस वर्षों में तेरे वस्त्र पुराने न हुए, और तेरे तन से भी नहीं गिरे, और न तेरे पांव फूले।
Deuteronomy 8:5 फिर अपने मन में यह तो विचार कर, कि जैसा कोई अपने बेटे को ताड़ना देता है वैसे ही तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को ताड़ना देता है।
Deuteronomy 8:6 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना।
Deuteronomy 8:7 क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है।
Deuteronomy 8:8 फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनारों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है।
Deuteronomy 8:9 उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा।
Deuteronomy 8:10 और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे;
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है,
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे।
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।
Deuteronomy 8:19 यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लेगा, और उसकी उपासना और उन को दण्डवत करेगा, तो मैं आज तुम को चिता देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे।
Deuteronomy 8:20 जिन जातियों को यहोवा तुम्हारे सम्मुख से नष्ट करने पर है, उन्ही की नाईं तुम भी अपने परमेश्वर यहोवा का वचन न मानने के कारण नष्ट हो जाओगे।

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 8-10 
  • मरकुस 11:19-33


बुधवार, 23 जनवरी 2013

सदा कार्यरत


   जैक और ट्रीशा देर रात अस्पताल की ओर जा रहे थे, क्योंकि ट्रीशा का बच्चा जनने का समय निकट था; और मार्ग में अचानक ही असंभावित हो गया। ट्रीशा को प्रसव पीड़ाएं आरंभ हो गईं और वह बच्चा जनने की कगार पर आ गई, अस्पताल तक पहुँचने या किसी सहायता के उन तक पहुँचने का समय ही नहीं रहा। जैक ने सहायता के लिए ९११ पर फोन किया और वहां उपस्थित आपात्कालीन उपचार सहायिका चैरी व्हाइट ने परिस्थिति को समझते हुए फोन पर ही जैक को प्रसव में सहायता करने और बच्चे को जनने में सहायता करी। पैदा होने के बाद बच्चा सांस नहीं ले रहा था, तो चैरी ने जैक को यह भी समझाया कि कैसे कृत्रिम रीति से श्वास दी जाती है, जो ६ मिनिट तक जैक करता रहा और तब जाकर बच्चे ने सांस ली और रोया। बाद में जब उन लोगों से पूछा गया कि उस घोर संकट में वे शांत रहते हुए कैसे सब कुछ कर सके तो चैरी ने उत्तर दिया, "मैं प्रसन्न हूँ कि परमेश्वर मध्य-रात्रि में भी कार्यरत रहता है"।

   जब समाचार-माध्यमों में ऐसे समाचार छपते हैं जिनसे परमेश्वर को आदर और महिमा मिलती है, जिसका वह पात्र है, तो मैं प्रसन्न होती हूँ। आज के बाइबल पाठ में हम ऐसा ही कुछ पाते हैं। इस खण्ड को पढ़ने से यह प्रगट है कि चाहे हाथ उठाने वाला मूसा था, किंतु लाल-समुद्र को दो भागों में बांटकर इस्त्राएलियों को बचाकर निकाल ले जाने वाला परमेश्वर ही था (निर्गमन १४:२६-२७)। पार होने के बाद, उन सभी इस्त्राएलियों और मूसा ने मिलकर धन्यवादस्वरूप परमेश्वर कि स्तुति और आराधना करी और कहा: "हे यहोवा, देवताओं में तेरे तुल्य कौन है? तू तो पवित्रता के कारण महाप्रतापी, और अपनी स्तुति करने वालों के भय के योग्य, और आश्चर्य कर्म का कर्त्ता है" (निर्गमन १५:११)।

   परमेश्वर ही सभी भलाईयों का स्त्रोत है, और हमारे जीवनों में सदैव ही धन्यवाद का पात्र। हर बात में उसके प्रति धन्यवादी रहिए। यह कितनी भली बात है कि परमेश्वर हम सभी के जीवनों में सदा कार्यरत है - अनिश्चितता, रात्रि और अन्धकार में भी। - एनी सेटास


परमेश्वर को कार्यरत देखकर हृदय से स्तुति गीत उमड़ते हैं।

यहोवा मेरा बल और भजन का विषय है, और वही मेरा उद्धार भी ठहरा है; मेरा ईश्वर वही है, मैं उसी की स्तुति करूंगा, (मैं उसके लिये निवासस्थान बनाऊंगा ), मेरे पूर्वजों का परमेश्वर वही है, मैं उसको सराहूंगा। - निर्गमन १५:२

बाइबल पाठ: निर्गमन १४:२६-१५:२
Exod 14:26  फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ा, कि जल मिस्रियों, और उनके रथों, और सवारों पर फिर बहने लगे।
Exod 14:27  तब मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया, और भोर होते होते क्या हुआ, कि समुद्र फिर ज्यों का त्यों अपने बल पर आ गया; और मिस्री उलटे भागने लगे, परन्तु यहोवा ने उन को समुद्र के बीच ही में झटक दिया।
Exod 14:28  और जल के पलटने से, जितने रथ और सवार इस्राएलियों के पीछे समुद्र में आए थे, सो सब वरन फिरौन की सारी सेना उस में डूब गई, और उस में से एक भी न बचा।
Exod 14:29  परन्तु इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर हो कर चले गए, और जल उनकी दाहिनी और बाईं दोनों ओर दीवार का काम देता था।
Exod 14:30  और यहोवा ने उस दिन इस्राएलियों को मिस्रियों के वश से इस प्रकार छुड़ाया; और इस्राएलियों ने मिस्रियों को समुद्र के तट पर मरे पड़े हुए देखा।
Exod 14:31  और यहोवा ने मिस्रियों पर जो अपना पराक्रम दिखलाता था, उसको देखकर इस्राएलियों ने यहोवा का भय माना और यहोवा की और उसके दास मूसा की भी प्रतीति की।
Exod 15:1  तब मूसा और इस्राएलियों ने यहोवा के लिये यह गीत गाया। उन्होंने कहा, मैं यहोवा का गीत गाऊंगा, क्योंकि वह महाप्रतापी ठहरा है; घोड़ों समेत सवारों को उसने समुद्र में डाल दिया है।
Exod 15:2  यहोवा मेरा बल और भजन का विषय है, और वही मेरा उद्धार भी ठहरा है; मेरा ईश्वर वही है, मैं उसी की स्तुति करूंगा, (मैं उसके लिये निवासस्थान बनाऊंगा ), मेरे पूर्वजों का परमेश्वर वही है, मैं उसको सराहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन ७-८ 
  • मत्ती १५:१-२०

सोमवार, 31 दिसंबर 2012

पुनःअवलोकन


   गाड़ियों में चालक के सामने दर्पण लगे होते हैं जिनमें चालक पीछे की ओर देख सकता है। जीवन के लिए मेरा सदा ही यह मानना रहा है कि पीछे की ओर देखने से आप परमेश्वर के अदृश्य हाथ को अपने जीवन में कार्यकारी स्पष्टता से देख सकते हैं। जब हम पीछे की ओर, जीवन के बीते समयों और अनुभवों को, देखते हैं तो हमारे लिए यह समझना सरल हो जाता है कि परमेश्वर ने हमें उस स्थान पर क्यों रखा जहाँ हम अपने आप को पाते हैं; क्यों कुछ लोगों और परिस्थितियों को हमारे जीवन में आने या हमारे जीवन से जाने दिया; क्यों हमें परेशानियों और तकलीफों को झेलने दिया; क्यों वह हमें भिन्न स्थानों पर लेकर गया; क्यों कुछ नौकरियाँ दिलवाईं और कार्य करवाए या नहीं करने दिए।

   मैंने अपने जीवन में परमेश्वर की बुद्धिमता और प्रेम को बेहतर समझा है जब मैंने उन बातों पर मनन किया जो मेरी जीवन यात्रा से संबंधित रही हैं - क्योंकि मैं और मेरी जीवन यात्रा उसी के हाथ की कारिगरी ही तो हैं (भजन ९२:४)। भजनकार के साथ मैं भी आनन्दित होता हूँ यह देखकर कि कैसे परमेश्वर ने मेरी भी सहायता करी, मेरा भी मार्गदर्शन किया और मेरी सफलताओं का भी कर्ता रहा है (भजन १११)।

   जीवन यात्रा में आगे की ओर देखने पर हमें मार्ग इतना स्पष्ट नहीं दिखता जितना पीछे देखने पर दिखता है। जब किसी यात्रा में मार्ग कोहरे से ढका हो, टेढ़ा-मेढ़ा हो, उबड़-खाबड़ हो तब क्या आपने भय और अनिश्चितता का अनुभव किया है? आते समय, परिस्थितियाँ और हालात ऐसे हि अनिश्चित तथा भयावह लगते हैं। अगले वर्ष में प्रवेश करने से पहले जीवन यात्रा के पीछे की ओर देखने वाले दर्पण में एक दृष्टि डालें, और अपने जीवन काल का पुनःअवलोकन करें। आप आनन्द के साथ एहसास करेंगे कि जब परमेश्वर ने कहा: "...मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" तो उसने यह वायदा पूरी गंभीरता से किया और उसे निभाया है (इब्रानियों १३:५)। "इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों १३:६)।

   जीवन के पुनःअवलोकन द्वारा प्रमाणित परमेश्वर के सदा साथ बने रहने और सहायक होने के वायदे में विश्वास के साथ आप आते २०१३ में पूरे आत्मविश्वास तथा निडरता से प्रवेश कर सकते हैं। क्योंकि उसके वायदे अटल हैं इसलिए वह जैसे बीते समय में आपके साथ रहा है वैसे ही आगे भी रहेगा। - जो स्टोवैल


बीते समयों में मिला परमेश्वर का मार्गदर्शन आते समयों के लिए हमें साहस देता है।

क्योंकि, हे यहोवा, तू ने मुझ को अपने काम से आनन्दित किया है; और मैं तेरे हाथों के कामों के कारण जयजयकार करूंगा। - भजन ९२:४

बाइबल पाठ: भजन १११
Ps 111:1  याह की स्तुति करो। मैं सीधे लोगों की गोष्ठी में और मण्डली में भी सम्पूर्ण मन से यहोवा का धन्यवाद करूंगा।
Ps 111:2  यहोवा के काम बड़े हैं, जितने उन से प्रसन्न रहते हैं, वे उन पर ध्यान लगाते हैं।
Ps 111:3  उसके काम का वैभवमय और ऐश्वरर्यमय होते हैं, और उसका धर्म सदा तक बना रहेगा।
Ps 111:4  उसने अपने आश्चर्यकर्मों का स्मरण कराया है; यहोवा अनुग्रहकारी और दयावन्त है।
Ps 111:5  उसने अपने डरवैयों को आहार दिया है; वह अपनी वाचा को सदा तक स्मरण रखेगा।
Ps 111:6  उसने अपनी प्रजा को अन्यजातियों का भाग देने के लिये, अपने कामों का प्रताप दिखाया है।
Ps 111:7  सच्चाई और न्याय उसके हाथों के काम हैं; उसके सब उपदेश विश्वासयोग्य हैं,
Ps 111:8  वे सदा सर्वदा अटल रहेंगे, वे सच्चाई और सिधाई से किए हुए हैं।
Ps 111:9  उसने अपनी प्रजा का उद्धार किया है; उसने अपनी वाचा को सदा के लिये ठहराया है। उसका नाम पवित्र और भय योग्य है।
Ps 111:10  बुद्धि का मूल यहोवा का भय है; जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं, उनकी बुद्धि अच्छी होती है। उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी १-४ 
  • प्रकाशितवाक्य २२

रविवार, 30 दिसंबर 2012

संतुलन


   महान भौतिक शास्त्री और नोबल पुरुस्कार विजेता एल्बर्ट आईन्सटाईन ने अपने पुत्र एड्युअर्ड को लिखे एक पत्र में उसे सलाह दी थी: "जीवन एक साईकिल चलाने के समान है। अपना संतुलन बनाए रखने के लिए आगे बढ़ते रहना अनिवार्य है।" यह सलाह बहुत बुद्धिमतापूर्ण और व्यावहरिक है।

   यही सलाह मसीही जीवन पर भी लागू होती है। ऐसे बहुत से मसीही विश्वासी हैं जो अपने विश्वास के सहारे कठिन और दुखदाई परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहते हैं, परन्तु यदि वे किसी व्यक्तिगत नैतिक पराजय में पड़ जाते हैं तो अपने जीवन का संतुलन खो कर निराशाओं में गिर जाते हैं। फिर उनके जीवन में पछताते हुए हाथ मलते रहना और अपने आप को परमेश्वर की क्षमा के अयोग्य समझना उन्हें उठने नहीं देते और वे अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम अनेक ऐसे पात्रों को पाते हैं जो अपने जीवनों में गंभीर पराजयों में पड़े: इब्राहिम ने फिरौन से अपनी पत्नि सारा के बारे में झूठ बोला (उत्पत्ति १२:११-१७); याकूब ने अपने भाई की आशीषें पाने के लिए अपने पिता को धोखा दिया (उत्पत्ति २७:१८-२९); मूसा ने परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता करी और चट्टान से बोलने की बजाए उस पर लाठी से चोट करी (गिनती २०:७-१२)। इनकी असफलताओं के बावजूद इनके विषय में इब्रानियों ११:३९ में लिखा गया है: "...और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई...।" बाइबल के ये पात्र अन्ततः प्रशंसा के पात्र इसलिए बने क्योंकि अपने गिरने के बाद ये गिरे हुए नहीं पड़े रहे, वरन इन्होंने पुनः परमेश्वर की ओर दृष्टि करी और फिर से उसके पीछे चल निकले।

   क्या किसी पाप में पड़ने के कारण या कोई गलत निर्णय लेने के कारण आप अपना आत्मिक संतुलन खो बैठे हैं और अपने आप को गिरा हुआ अनुभव कर रहे हैं? अपनी गलती अथवा पाप के लिए पश्चाताप करें और अनुग्रह में पुनः अवसर देने वाले परमेश्वर प्रभु यीशु से क्षमा मांगें। वह आपको फिर से उठा कर खड़ा करेगा और आगे बढ़ने की सामर्थ देगा - यह उसका वायदा है: "" (१ यूहन्ना १:९)। - डेनिस फिशर


हमारा परमेश्वर पुनः अवसर देने वाला परमेश्वर है।

धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है। - भजन ३४:१९

बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:३२-४०
Heb 11:32  अब और क्या कहूँ क्योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं।
Heb 11:33 इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते; धर्म के काम किए; प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं प्राप्त की, सिंहों के मुंह बन्‍द किए।
Heb 11:34 आग की ज्‍वाला को ठंडा किया; तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए; लड़ाई में वीर निकले; विदेशियों की फौजों को मार भगाया।
Heb 11:35 स्‍त्रियों ने अपने मरे हुओं को फिर जीवते पाया; कितने तो मार खाते खाते मर गए; और छुटकारा न चाहा; इसलिये कि उत्तम पुनरुत्थान के भागी हों।
Heb 11:36 कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने; और कोड़े खाने; वरन बान्‍धे जाने; और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए।
Heb 11:37 पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्‍लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकिरयों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे।
Heb 11:38  और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे।
Heb 11:39  संसार उन के योग्य न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई, तौभी उन्हें प्रतिज्ञा की हुई वस्तु न मिली।
Heb 11:40  क्योंकि परमेश्वर ने हमारे लिये पहिले से एक उत्तम बात ठहराई, कि वे हमारे बिना सिद्धता को न पहुंचे।
एक साल में बाइबल: ज़कर्याह १३-१४ प्रकाशितवाक्य २१

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

समीक्षा


   दिसंबर माह के अन्तिम सप्ताह में समाचार संपादक वर्ष की समीक्षा करते हैं और मुख्य घटनाओं का ब्यौरा बनाते हैं - प्रमुख व्यक्तियों की सफलताएं और असफलताएं, प्राकृतिक आपदाएं, आर्थिक चुनौतियाँ,  नेताओं, गण-मान्य तथा प्रतिभाशाली व्यक्तियों की मृत्यु इत्यादि सब उनकी समीक्षा का विषय होते हैं और सबसे अधिक आश्चर्यजनक या चौंका देने वाली बातें उनके द्वारा प्रस्तुत विवरण में प्राथमिकता पाती हैं।

   यदि आप अपने जीवन के बीते वर्ष की समीक्षा करें तो आपकी सूची में क्या आएगा? क्या अपने जीवन में घटी किसी अप्रत्याशित घटना के कारण आप ने परमेश्वर और उसके कार्यों पर कोई प्रश्नचिन्ह लगाया, या, वह घटना, आपके लिए उसकी भलाई को और भी गहरे रूप में अनुभव करने का माध्यम बनी?

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन ७७ भजनकार के विलाप और अनुभव हैं। भजनकार को लगा जैसे परमेश्वर ने उसे छोड़ दिया है, उसपर से अपना अनुग्रह हटा लिया है: "क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा? क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है? क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उसने क्रोध कर के अपनी सब दया को रोक रखा है?" (भजन ७७:७-९)। परन्तु अपने दुख में भी भजनकार ने निश्चय किया कि, "मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा" (भजन ७७:११)। उसके इस निर्णय का परिणाम हुआ परमेश्वर में उसके विश्वास और आशा की पुनःस्थापना: "अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है" (भजन ७७:१४)।

   इस वर्ष की समीक्षा करते हुए अपने जीवन की मुख्य घटनाओं को लिख लें। अपनी इस समीक्षा के ब्यौरे में जीवन कि कठिनाईयों और निराशाओं को सम्मिलित करने से ना हिचकिचाएं; साथ ही उन बातों को भी स्मरण करें जिनमें आप ने परमेश्वर कि उपस्थिति अपने साथ बनी हुई अनुभव करी। आपकी समीक्षा आपको दिखाएगी कि हर कठिन परिस्थिति में परमेश्वर आपके प्रति विश्वासयोग्य और भला ही रहा है। - डेविड मैक्कैसलैंड



जीवन में आने वाली कठिनाईयाँ परमेश्वर की विश्वासयोग्यता अनुभव करने के अवसर होते हैं।

मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा। - भजन ७७:११

बाइबल पाठ: भजन ७७:१-१४
Ps 77:1  मैं परमेश्वर की दोहाई चिल्ला चिल्लाकर दूंगा, मैं परमेश्वर की दोहाई दूंगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा।
Ps 77:2  संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं।
Ps 77:3  मैं परमेश्वर का स्मरण कर कर के करहाता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
Ps 77:4  तू मुझे झपक्की लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती।
Ps 77:5  मैंने प्राचीन काल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है।
Ps 77:6  मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
Ps 77:7  क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
Ps 77:8  क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
Ps 77:9  क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उसने क्रोध कर के अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला)
Ps 77:10  मैने कहा यह तो मेरी दुर्बलता ही है, परन्तु मैं परमप्रधान के दाहिने हाथ के वर्षों को विचारता हूं।
Ps 77:11  मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा।
Ps 77:12  मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा।
Ps 77:13  हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है?
Ps 77:14  अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह ५-८ 
  • प्रकाशितवाक्य १९

शनिवार, 27 अक्टूबर 2012

लालच


   चन्द्रमा पर कदम रखने वाले प्रथम मानव नील आर्मस्ट्रौंग को अपनी अंतरिक्ष यात्रा से लौटने के बाद समाचार पत्रों, रेडियो तथा टी.वी. के संवादाताओं और उनसे मिलने की इच्छा रखने वाले बहुत से लोगों की भीड़ के कारण परेशानी रहती थी। इन सबसे बचकर अपने तथा अपने पारिवारिक जीवन की शांति बनाए रहने के लिए वे अपने परिवार सहित एक छोटे से नगर में रहने चले गए। किंतु ख्याति की परेशानी ने उन्हें वहां भी नहीं छोड़ा। आर्मस्ट्रौंग के नाई को पता चला कि कुछ लोग हैं जो इस अंतरिक्ष नायक के बालों के लिए एक अच्छी रकम देने को तैयार हैं; इसलिए उसने आर्मस्ट्रौंगे के बालों को कई बार काटने के बाद उन्हें एकत्रित करके $३००० में एक खरीददार को बेच दिया। आर्मस्ट्रौंग को उस नाई के इस लालच और विश्वासघात से बहुत धक्का लगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी विश्वासघात और बालों के काटे जाने की एक घटना दर्ज है। परमेश्वर ने जन्म से ही शिमशौन को इस्त्राएल का न्यायी होने के इए बुलाया था और उसे नाज़िर ठहराया था, और नाज़िर होने के चिन्ह के लिए शिमशौन को कभी अपने बाल नहीं काटने थे (न्यायियों १३:५)। जब आवश्यक्ता हुई तो परमेश्वर की आत्मा की सामर्थ से उसने अलौकिक शक्ति पाई और इस्त्राएल तथा अपने दुशमनों पलिश्तियों पर विजयी हुआ (न्यायियों १५:१४)। उसे हराने और बन्धुवा बनाने के लिए पलिश्तियों नें एक स्त्री दलीला को नियुक्त किया। दलीला ने उससे प्रेम का नाटक करके उससे शादि करी कि उसकी उस अलौकिक शक्ति का रहस्य जान सके। शिमशौन ने अन्ततः उसकी बातों में आकर अपनी शक्ति का रहस्य अर्थात बालों का ना काटा जाना उसे बता दिया। यह जानने के बाद दलीला ने उसे अपनी गोद में सुलाया और जब वह गहरी नींद में था तो उसके बाल कटवा दिए तथा उसे पलिश्तियों के हाथों दे दिया (न्यायियों १६:५, १९)।

   लालच मनुष्य को एक दुसरे के प्रति ही नहीं, परमेश्वर के प्रति भी विश्वासघाती बना देता है, जैसे प्रभु यीशु के चेले यहूदा इस्करियोती ने तीस चांदी के टुकड़ों के लिए यीशु को मारे जाने के लिए पकड़वा दिया। हम मसीही विश्वासियों को संसार के लाभ और संसार की वस्तुओं को प्राप्त करने के लालच से बचकर अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रति पूरी तरह समर्पित मन, तथा दूसरों के प्रति प्रेम और सहायता का रवैया रखना है। परमेश्वर में विश्वास और संतुष्टि ही हमें लालच से बचाए रख सकती है, और हमें फलता-फूलता कर सकती है क्योंकि "यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए" (२ इतिहास १६:९)।

   परमेश्वर से सहायता और संसार का लालच एक साथ नहीं हो सकते। - डेनिस फिशर


वफादारी ही सच्चे प्रेम का वास्तविक प्रमाण है।

यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। - २ इतिहास १६:९

बाइबल पाठ: न्यायियों १६:४-२१
Jdg 16:4  इसके बाद वह सोरेक नाम नाले में रहने वाली दलीला नाम एक स्त्री से प्रीति करने लगा। 
Jdg 16:5  तब पलिश्तियों के सरदारों ने उस स्त्री के पास जाके कहा, तू उसको फुसला कर बूझ ले कि उसके महाबल का भेद क्या है, और कौन उपाय करके हम उस पर ऐसे प्रबल हों, कि उसे बान्धकर दबा रखें? तब हम तुझे ग्यारह ग्यारह सौ टुकड़े चान्दी देंगे। 
Jdg 16:6  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, मुझे बता दे कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है, और किसी रीति से कोई तुझे बान्धकर दबा रख सके। 
Jdg 16:7  शिमशोन ने उस से कहा, यदि मैं सात ऐसी नई नई तातों से बान्धा जाऊं जो सुखाई न गई हों, तो मेरा बल घट जाएगा, और मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊंगा। 
Jdg 16:8  तब पलिश्तियों के सरदार दलीला के पास ऐसी नई नई सात तातें ले गए जो सुखाई न गई थीं, और उन से उस ने शिमशोन को बान्धा। 
Jdg 16:9  उसके पास तो कुछ मनुष्य कोठरी में घात लगाए बैठे थे। तब उस ने उस से कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब उस ने तांतों को ऐसा तोड़ा जैसा सन का सूत आग में छूते ही टूट जाता है। और उसके बल का भेद न खुला। 
Jdg 16:10  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, सुन, तू ने तो मुझ से छल किया, और झूठ कहा है; अब मुझे बता दे कि तू किस वस्तु से बन्ध सकता है। 
Jdg 16:11  उस ने उस से कहा, यदि मैं ऐसी नई नई रस्सियों जो किसी काम में न आई हों कस कर बान्धा जाऊं, तो मेरा बल घट जाएगा, और मैं साधारण मनुष्य के समान हो जाऊंगा। 
Jdg 16:12  तब दलीला ने नई नई रस्सियां लेकर और उसको बान्ध कर कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! कितने मनुष्य तो उस कोठरी में घात लगाए हुए थे। तब उस ने उनको सूत की नाईं अपनी भुजाओं पर से तोड़ डाला। 
Jdg 16:13  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, अब तक तू मुझ से छल करता, और झूठ बोलता आया है; अब मुझे बता दे कि तू काहे से बन्ध सकता है? उस ने कहा यदि तू मेरे सिर की सातों लटें ताने में बुने तो बन्ध सकूंगा। 
Jdg 16:14  सो उस ने उसे खूंटी से जकड़ा। तब उस से कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब वह नींद से चौंक उठा, और खूंटी को धरन में से उखाड़ कर उसे ताने समेत ले गया। 
Jdg 16:15  तब दलीला ने उस से कहा, तेरा मन तो मुझ से नहीं लगा, फिर तू क्यों कहता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं? तू ने ये तीनों बार मुझ से छल किया, और मुझे नहीं बताया कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है। 
Jdg 16:16  सो जब उस ने हर दिन बातें करते करते उसको तंग किया, और यहां तक हठ किया, कि उसके नाकों में दम आ गया, 
Jdg 16:17  तब उस ने अपने मन का सारा भेद खोल कर उस से कहा, मेरे सिर पर छुरा कभी नहीं फिरा, क्योंकि मैं मां के पेट ही से परमेश्वर का नाजीर हूं, यदि मैं मूढ़ा जाऊं, तो मेरा बल इतना घट जाएगा, कि मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊंगा। 
Jdg 16:18  यह देख कर, कि उस ने अपने मन का सारा भेद मुझ से कह दिया है, दलीला ने पलिश्तियों के सरदारों के पास कहला भेजा, कि अब की बार फिर आओ, क्योंकि उस ने अपने मन का सब भेद मुझे बता दिया है। तब पलिश्तियों के सरदार हाथ में रूपया लिए हुए उसके पास गए। 
Jdg 16:19  तब उस ने उसको अपने घुटनों पर सुला रखा; और एक मनुष्य बुलवाकर उसके सिर की सातों लटें मुण्डवा डालीं। और वह उसको दबाने लगी, और वह निर्बल हो गया। 
Jdg 16:20  तब उस ने कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब वह चौंक कर सोचने लगा, कि मैं पहिले की नाईं बाहर जाकर झटकूंगा। वह तो न जानता था, कि यहोवा उसके पास से चला गया है। 
Jdg 16:21  तब पलिश्तियों ने उसको पकड़ कर उसकी आंखें फोड़ डालीं, और उसे अज्जा को ले जाके पीतल की बेडिय़ों से जकड़ दिया; और वह बन्दीगृह में चक्की पीसने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १२-१४ 
  • २ तिमुथियुस १

गुरुवार, 9 अगस्त 2012

सफल जीवन



   आईज़क हॉन मध्य १८वीं शताब्दी में, इंगलैंड में लौवुड नामक एक छोटे से स्थान के चर्च के पादरी थे; वे एक ऐसे पादरी थे जिनकी कोई खास पहचान नहीं थी। उनकी सेवकाई के अन्त समय उनके चर्च के सदस्यों में २६ महिलाएं और ७ पुरुष थे जिनमें से केवल ४ पुरुष ही चर्च किसी नियमित रूप से आते थे।

   आज के इस विशाल सामूहिक सम्पर्क और बड़े बड़े चर्चों के समय में कौन इस "सफल कार्य" मानता? हमारे आज के संसार में आईज़क हॉन ऐसे पादरियों में गिने जाते जो कुछ प्रभाव नहीं छोड़ सके; ना उन्हें किसी पादरियों की सभा को संभोधित करने का निमंत्रण मिलता और ना ही कोई उनसे चर्च की बढ़ोतरी से संबंधित कोई लेख लिखने का आग्रह करता।

   लेकिन फिर भी जब ८८ वर्ष की आयु में उनका देहान्त हुआ तब उनके चर्च के लोगों ने उनकी याद में अपने चर्च की दीवार पर एक पट्टी लगवाई जो आज भी विद्यमान है और जिस पर अन्य बातों के साथ साथ लिखा है: "बहुत ही कम ऐसे अगुवे हैं जो इतने नम्र हैं, जो इतने आदरणीय हैं। वे ईश्वरीय अनुग्रह द्वारा स्वर्ग के लिए तैयार किए गए थे और ौन्होंने पतझड़ आने तक भी डाल पर बने रहने वाले पक्के फल के समान जीवन समाप्त किया; पाठक, इनके जीवन के समान जीवन की लंबाई की नहीं वरन वैसे ही सफल जीवन की कामना करना।"

   उनका जीवन परमेश्वर के वचन बाइबल के १ पतरस ५:५-६ को स्मरण दिलाता है: "...क्‍योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्‍तु दीनों पर अनुग्रह करता है। इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।"

   चाहे इस संसार के लोग पादरी आईज़क हॉन को सफल मानें या ना मानें, परन्तु वे स्वर्ग की दृष्टि से सफल थे और स्वर्ग में उनका प्रतिफल कोई उनसे ले नहीं सकता - वे परमेश्वर की दृष्टि में नम्र और सफल थे। हमारे प्रभु यीशु के द्वारा मिलने वाली सामर्थ से, उनके समान नम्रता और विश्वासयोग्यता के साथ जीवन व्यतीत करके हम भी सफल जीवन जीने वाले बन सकते हैं। - डेविड रोपर


नम्रता सफलता का नुसखा है।

जो तुम्हारे अगुवे थे, और जिन्‍होंने तुम्हें परमेश्वर का वचन सुनाया है, उन्‍हें स्मरण रखो; और ध्यान से उन के चाल-चलन का अन्‍त देख कर उन के विश्वास का अनुकरण करो। 

बाइबल पाठ: १ पतरस ५:१-७
1Pe 5:1  तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन की नाईं प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होने वाली महिमा में सहभागी होकर उन्‍हें यह समझाता हूं। 
1Pe 5:2  कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्‍तु परमेश्वर की इच्‍छा के अनुसार आनन्‍द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर। 
1Pe 5:3   और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, वरन झुंड के लिये आदर्श बनो। 
1Pe 5:4   और जब प्रधान रखवाला प्रगट होगा, तो तुम्हें महिमा का मुकुट दिया जाएगा, जो मुरझाने को नहीं। 
1Pe 5:5  हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्‍योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्‍तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1Pe 5:6  इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1Pe 5:7  और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्‍योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ७७-७८ 
  • रोमियों १०

मंगलवार, 3 जुलाई 2012

धीरज


   बचपन की मेरी यादों में से एक है अपने घर के आंगन में लगे बगीचे में घूमते घोंघों को निहारना। मैं इस छोटे से जीव से मन्त्रमुग्ध सा रहता था - उसका कठोर खोल, लिसलिसा शरीर और छोटी छोटी आंखें जो दूर्बीन के समान इधर-उधर घूमती थीं मुझे विस्मित करती रहती थीं; लेकिन जो बात सबसे अधिक विस्मित करती थी वह थी घोंघे की धीमी चाल।

   घोंघे के चलने की गति क्या होती है? एक परीक्षण में यह गति ०.००७५८ मील प्रति घंटा, अर्थात ४० फुट प्रति घंटा आंकी गई। कोई आश्चर्य नहीं कि हम धीमी चाल वालों को "घोंघे की गति से चलने वाला" कहते हैं।

   घोंघा चाहे बहुत धीमी गति से चलता हो, लेकिन उस में एक गुण है - धीरज। चार्ल्स स्परजन, जो १९वीं सदी के महान प्रचारकों में से थे, ने कहा "अपने धीरज के द्वारा ही घोंघा भी नूह के जहाज़ में आ गया।"

   परमेश्वर के वचन बाइब्ल में प्रेरित पौलुस ने सिखाया कि धीरज ही चरित्र निर्माण का आधार है। रोमियों के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्होंने लिखा, "केवल यही नहीं, वरन हम क्‍लेशों में भी घमण्‍ड करें, यही जानकर कि क्‍लेश से धीरज, और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्‍पन्न होती है" (रोमियों ५:३-४)। मूल यूनानी भाषा में प्रयुक्त जिस शब्द का अनुवाद "धीरज" किया गया है उस के अर्थ में "दृढ़ता के साथ स्थिर रहना, विचिलित होकर बदलने वाला नहीं वरन लगातार एक समान बने रहने वाला और सहनशक्ति रखने वाला" भी सम्मिलित थे। यह शब्द उन मसीही विश्वासियों के लिए प्रयुक्त हुआ था जो अनेक कठिन और क्लेशपूर्ण परीक्षाओं के बावजूद मसीही विश्वास में स्थिर बने रहे थे।

   क्या मसीही विश्वास के जीवन में आने वाली बाधाओं और असफलताओं ने आपको निराश कर दिया है, घोंघे के समान धीमा कर दिया है? घोंघे से ही धीरज और लगे रहने का सबक लीजिए। परमेश्वर को आपकी गति नहीं आपकी विश्वासयोग्यता चाहिए। 

   धीरज के साथ परमेश्वर के कार्य में लगे रहिए। - डेनिस फिशर


महान उपलब्धियों के लिए बड़े धीरज की आवश्यक्ता होती है।

केवल यही नहीं, वरन हम क्‍लेशों में भी घमण्‍ड करें, यही जानकर कि क्‍लेश से धीरज, और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्‍पन्न होती है। - रोमियों ५:३-४

बाइबल पाठ: रोमियों ५:१-५
Rom 5:1  सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Rom 5:2  जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्‍ड करें। 
Rom 5:3  केवल यही नहीं, वरन हम क्‍लेशों में भी घमण्‍ड करें, यही जानकर कि क्‍लेश से धीरज। 
Rom 5:4  ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्‍पन्न होती है। 
Rom 5:5  और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्‍योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।

एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब २५-२७ 
  • प्रेरितों १२

शुक्रवार, 8 जून 2012

सहायता का हाथ

   कुछ समय पहले की बात है कि मैं अपने कुछ मित्रों के साथ नदी में मछली पकडने गया, और धीरे धीरे आगे बढ़ते बढ़ते, अनजाने ही में पानी के तेज़ बहाव वाले स्थान में पहुंच गया। यह एक जाना-माना तथ्य है कि तेज़ बहाव में जाना तो सरल है, पर सुरक्षित निकल पाना कठिन है। यह पहचान कर कि अब मैं जान के जोखिम वाली कठिन परिस्थिति में पड़ गया हूं, मेरे अन्दर से घबराहट उठने लगी। मैं एक कदम और इधर-उधर बढ़ाता, तो पानी की तेज़ धारा मुझे असंतुलित कर, बहा के ले जाती।

   ऐसे में मैंने वही किया जो मैं तब सोच सका; मैंने, मेरे निकट उपस्थित, मुझसे कम उम्र के और सामर्थी, एक मित्र को आवाज़ लगाई और सहायता मांगी। वह आया, अपना हाथ मेरी ओर बढ़ाया, और उसे पकड़ कर, और उसकी सहायता से मैं खतरे के स्थान से निकल कर सुरक्षित स्थान पर आ सका।

   इस घटना के कुछ दिन पश्चात जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल से भजन ११९ पढ़ रहा था, तो मैंने उसके १७३ पद में परमेश्वर के विषय में लिखा पाया: "तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों को अपनाया है।" मेरा ध्यान उस दिन की घटना की ओर गया जब मेरी जोखिम की स्थिति में से मेरे मित्र के बढ़ाए हुए हाथ ने मुझे खींच कर निकाला था, और मुझे स्मरण हो आया कैसे जब अपनी क्षमताओं का गलत आंकलन करके मैं ने अपने आप को, अपने परिवार जनों और मित्रों को परेशानीयों में डाला, और वहां से परमेश्वर को पुकारा तो परमेश्वर ने हमें उन सब मुसीबतों से निकाला।

   संभव है कि मेरी ही तरह आप भी किसी ऐसी ही परेशानी या जोखिम में पड़े हैं; घबराइये मत, सहायता निकट ही है। एक ऐसा मित्र जो सर्वसामर्थी है, जिसका हाथ हर परिस्थिति में सुरक्षित थामे रहने में सक्षम है (भजन १३९:१०), आपके पुकारने भर की दूरी पर आपकी सहायता के लिए तत्पर खड़ा है। उसके लिए भजनकार ने लिखा: "तेरी भुजा बलवन्त है, तेरा हाथ शक्तिमान और तेरा दहिना हाथ प्रबल है" (भजन ८९:१३)।

   परमेश्वर को पुकार कर तो देखिए, उसके सामर्थी हाथों में अपने आप को निढाल छोड़कर तो देखिए; इस लोक या परलोक के लिए, उसके हाथों से सामर्थी और सुरक्षित सहायता के हाथ आपको कहीं नहीं मिलेंगे। - डेविड रोपर


हर परिस्थिति में परमेश्वर की सहायता का हाथ हमारे लिए उपलब्ध रहता है।

तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों को अपनाया है। - भजन ११९:१७३

बाइबल पाठ: भजन १३९:७-१२
Psa 139:7  मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psa 139:8  यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psa 139:9  यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psa 139:10  तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psa 139:11  यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psa 139:12  तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास ३०-३१ 
  • यूहन्ना १८:१-१८

शुक्रवार, 18 मई 2012

विजयी जीवन

   सन १९३५ में अमेरिका के टेक्सस प्रांत के एक छोटे और अज्ञात अश्वेत विद्यार्थियों के कॉलेज से वादविवाद प्रतियोगिता में भाग लेने आए दल ने अप्रत्याशित रीति से दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से आए और राष्ट्रीय स्तर पर विजयी श्वेत विद्यार्थियों के दल को हरा दिया। यह एक अन्जान और असंभावित की, किसी जाने माने और बलवंत पर अप्रत्याशित विजय का अद्भुत उदाहरण था।

   इस्त्राएल के इतिहास में हम ऐसी कई घटनाएं पाते हैं जहां परमेश्वर की सहायता से वे अपने विरोधियों पर, जो उन से अधिक और शक्तिशाली थे, विजयी रहे। ऐसी ही एक घटना है छोटे लड़के दाऊद और दैत्याकार फिल्स्तीनी योद्धा गोलियत की, जिसका विवरण हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में १ शमूएल १७ अध्याय में मिलता है। इस्त्राएल और फलिस्तीनीयों के सेनाएं एलाह कि घाटी में आमने-सामने थीं; इस्त्राएली उनका सामना करने से घबारा रहे थे क्योंकि ९’ ९" का एक फिल्स्तीनी योद्धा उन्हें ललकारता था, और वे उसके डील-डौल को देखकर उसका सामना करने से डरते थे।

   इस स्थिति में दाऊद नाम का एक इस्त्राएली लड़का अपने भाईयों की, जो इस्त्राएली सेना में थे, खोज-खबर लेने और उन्हें भोजन का सामान देने के लिए आया। उसने जब इस्त्राएल की डरी हुई सेना और गोलियत की ललकार तथा उसके द्वारा की जाने वाली परमेश्वर की निन्दा को सुना, तो उसने इस्त्राएल के राजा शाउल से अनुमति मांगी कि गोलियत का सामना करे। राजा शाउल ने बड़े हिचकिचाते हुए उसे अनुमति दी और दाऊद अपने गोफन, पांच चिकने पत्थर और परमेश्वर में अपने दृढ़ विश्वास के साथ गोलियत के सामने जा खड़ा हुआ। उसने गोफन में एक पत्थर लगाकर उसने फिल्स्ती के माथे पर दे मारा, जिससे वह गिर गया और दाउद ने फिर उसी की तलवार लेकर उसका काम तमाम कर दिया। अपने दैत्याकार योद्धा का अनजाम देखकर फिल्स्तीनी सेना के पांव उखड़ गए, और वे इस्त्राएलियों के सामने से भाग खड़े हुए और इस्त्राएलियों को एक बड़ी विजय मिली।

   हम सब अपने अपने जीवनों में कई दैत्याकार समस्याओं का सामना करते हैं, जैसे चिंता, शक, भय, पाप, अपराध-बोध इत्यादि और हमें लगता है कि इन पर विजयी होने कि सामर्थ हम में नहीं है। किंतु परमेश्वर पर अपने दृढ़ विश्वास और सच्चे समर्पण के द्वारा हमारा भी इन सभी बातों पर विजयी होना संभव है। हमें आवश्यक्ता है साहस के साथ कदम आगे बढ़ाने और अपने इन दैत्यों का परमेश्वर के नाम में सामना करने को तैयार होने की, अपनी रणभूमि में जाकर खड़ा होने की। वहीं परमेश्वर हमारी सहायता करेगा, हमें जयवंत करेगा। - मार्विन विलियम्स


अपने प्रबल बैरियों का सामना करने और उन पर जयवन्त होने की सामर्थ हमें परमेशवर ही से मिलती है।


फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिस ने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे। - १ शमूएल १७:३७

बाइबल पाठ: १ शमूएल १७:३२-५२
1Sa 17:32  तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो, तेरा दास जाकर उस पलिश्ती से लड़ेगा।
1Sa 17:33  शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जाकर उस पलिश्ती के विरूद्ध नहीं युद्ध कर सकता क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है।
1Sa 17:34  दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था, और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया,
1Sa 17:35  तब मैं ने उसका पीछा करके उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उस ने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़ कर उसे मार डाला।
1Sa 17:36  तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उस ने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है।
1Sa 17:37  फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिस ने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।
1Sa 17:38  तब शाऊल ने अपने वस्त्र दाऊद को पहिनाए, और पीतल का टोप उसके सिर पर रख दिया, और झिलम उसको पहिनाया।
1Sa 17:39  और दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया; उस ने तो उनको न परखा था। इसलिये दाऊद ने शाऊल से कहा, इन्हें पहिने हुए मुझ से चला नहीं जाता, क्योंकि मैं ने नहीं परखा। और दाऊद ने उन्हें उतार दिया।
1Sa 17:40  तब उस ने अपनी लाठी हाथ में ले नाले में से पांच चिकने पत्थर छांटकर अपनी चरवाही की थैली, अर्थात अपने झोले में रखे और अपना गोफन हाथ में लेकर पलिश्ती के निकट चला।
1Sa 17:41  और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिए था वह उसके आगे आगे चला।
1Sa 17:42  जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती यी, और वह सुन्दर था।
1Sa 17:43  तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी लेकर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम लेकर दाऊद को कोसने लगा।
1Sa 17:44  फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वन पशुओं को दे दूंगा।
1Sa 17:45  दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिए हुए मेरे पास आता है, परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।
1Sa 17:46  आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा, तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है।
1Sa 17:47  और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।
1Sa 17:48  जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।
1Sa 17:49  फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डाल कर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रख कर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।
1Sa 17:50  यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल होकर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।
1Sa 17:51  तब दाऊद दौड़ कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़ कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देख कर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए।
1Sa 17:52  इस पर इस्राएली और यहूद पुरूष ललकार उठे, और गत और एक्रोन से फाटकों तक पलिश्तियों का पीछा करते गए, और घायल पलिश्ती शारैम के मार्ग में और गत और एक्रोन तक गिरते गए।


एक साल में बाइबल: 

  • १ इतिहास ४-६ 
  • यूहन्ना ६:१-२१