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सोमवार, 26 सितंबर 2016

भरोसा


   ऑस्ट्रेलिया से आए एक समाचार ने दोनों टाँगों के निष्क्रीय होने से पीड़ित पास्केल ऑनोरे नामक एक महिला के बारे में बताया, जो 18 वर्ष से पहिए वाली कुर्सी के द्वारा ही इधर-उधर जाने के लिए मजबूर थी, लेकिन अब समुद्र की लहरों पर सर्फिंग का आनन्द लेती है! कैसे?

   उन लहरों पर सर्फिंग करने वाला एक जवान, टाई स्वान, उसे अपनी पीठ पर बाँध लेता है। अपना संतुलन सही बना लेने के पश्चात टाई स्वान लहरों में जाता है जिससे वे एक ऊँची लहर पर स्वार होकर सर्फ कर सकें और ऑनोरे को सर्फिंग के रोमाँच का आनन्द मिल सके। ऐसा कर सकने लिए बहुत भरोसे की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसा करने में बहुत कुछ बिगड़ सकता है। लेकिन ऑनोरे का टाई स्वान में भरोसा, उन खतरों के बावजूद, उसे अपने मन की तीव्र इच्छा को साकार करने की क्षमता प्रदान करता है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए भी जीवन कुछ ऐसा ही है। हम खतरों से भरे संसार में रहते हैं जहाँ अप्रत्याशित चुनौतियाँ और अनजाने जोखिम कदम कदम पर हमें आहत करने के लिए मूँह बाए खड़े रहते हैं। लेकिन फिर भी हमारे पास अलौकिक आनन्द है क्योंकि हमने एक ऐसे पर भरोसा किया है जो हमें हर खतरे और परिस्थिति के पार सुरक्षित उतार लाने में सक्षम और सामर्थी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, "परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों" (भजन 5:11)।

   जीवन के बड़े खतरों और चुनौतियों में परमेश्वर पर किए गए भरोसे के कारण हम आनन्दित रह सकते हैं; क्योंकि उसकी सामर्थ हमारे जीवन के हर खतरे, चुनौती और परिस्थिति से कहीं बढ़कर है। - बिल क्राउडर


कमज़ोरियों को परमेश्वर की सामर्थ के हवाले कर देने के परिणाम
हमारे भरोसे को और भी अधिक बढ़ा देते हैं।

मैं ने परमेश्वर पर भरोसा रखा है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:11

बाइबल पाठ: भजन 5:1-12
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती।
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है।
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5


मंगलवार, 6 अक्टूबर 2015

खतरे और चुनौतियाँ


   टेलिविज़न पर लाखों लोग देख रहे थे, निक वॉलेन्डा ने न्याग्रा जल-प्रपात के एक से दूसरे छोर तक तने 2 इंच मोटे और 1800 फीट लंबे तार पर चलकर उसे पार किया। यह करने के लिए निक ने यथासंभव सुरक्षा रखी थी। उतनी ऊँचाई पर नीचे तेज़ बहाव वाले पानी को तार पर चलकर पार करने के इस जोखिम भरे कार्य के रोमांच तथा खतरों को कुछ और बातें बढ़ा रही थीं - घना कोहरा जो निक कीदृष्टि को धूँधला कर रहा था, तेज़ हवा जो निक के सन्तुलन को बिगाड़ रही थी और जल-प्रपात से उठती पानी की बौछार जो तार को गीला करके निक के पाँव की पकड़ को चुनौती दे रही थी। निक ने बाद में बताया, इन खतरों और चुनौतियों में, या इनके कारण, वह अपने इस प्रयास में बहुत प्रार्थना और परमेश्वर की आराधना करता रहा था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी अनेक स्थानों पर खतरों और चुनौतियों में परमेश्वर के लोगों द्वारा परमेश्वर की आराधना का उल्लेख है। जब राजा यहोशापात के विरुद्ध एक बड़ी सेना उठ कर आई तो राजा ने अपनी प्रजा समेत अपने आप तथा सारी परिस्थिति को परमेश्वर के हाथ में सौंप दिया और उससे मार्गदर्शन माँगा (2 इतिहास 20:1-3)। परमेश्वर के निर्देशानुसार यहोशापात अपनी सेना को लेकर युद्ध की भूमि पर गया, और वहां उसकी सेना के आगे आगे एक दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए चला। उनकी इस आराधना का प्रभाव था कि यहोशापात के विरुद्ध आने वाली सेना के सैनिक एक दूसरे पर ही हमला करने लगे और एक दूसरे को ही मार डाला। उस दिन एक बार फिर इस्त्राएलियों ने परमेश्वर पर विश्वास को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण पाठ सीखा।

   खतरे और चुनौती की परिस्थिति में परमेश्वर की स्तुति एवं आराधना करना हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति के विपरीत हो सकता है क्योंकि हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति है ऐसे में चिंता करना, बचाव की योजना बनाना और आत्म-सुरक्षा के इंतिज़ाम करना। लेकिन ऐसी परिस्थित्यों में आराधना और स्तुति हमारे मनों को शान्त रखती है और हमें अपने आप पर भरोसा रखने की बजाए परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने में सहायक होती है। खतरों और चुनौतियों में आराधना और स्तुति करना हमें वही पाठ सिखाता है जो उस दिन इस्त्राएलियों ने सीखा - "...तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युद्ध तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है" (2 इतिहास 20:15)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


हमारे सामने चाहे जो भी हो, परमेश्वर सदा हमारे साथ और सहायता में रहता है।

क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे शत्रुओं से युद्ध करने और तुम्हें बचाने के लिये तुम्हारे संग चलता है। - व्यवस्थाविवरण 20:4 

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:1-3, 14-23
2 Chronicles 20:1 इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युद्ध करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की। 
2 Chronicles 20:2 तब लोगों ने आकर यहोशापात को बता दिया, कि ताल के पार से एदोम देश की ओर से एक बड़ी भीड़ तुझ पर चढ़ाई कर रही है; और देख, वह हसासोन्तामार तक जो एनगदी भी कहलाता है, पहुंच गई है। 
2 Chronicles 20:3 तब यहोशपात डर गया और यहोवा की खोज में लग गया, और पूरे यहूदा में उपवास का प्रचार करवाया। 
2 Chronicles 20:14 तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया। 
2 Chronicles 20:15 और वह कहने लगा, हे सब यहूदियो, हे यरूशलेम के रहने वालों, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युद्ध तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है। 
2 Chronicles 20:16 कल उनका साम्हना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के साम्हने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे। 
2 Chronicles 20:17 इस लड़ाई में तुम्हें लड़ना न होगा; हे यहूदा, और हे यरूशलेम, ठहरे रहना, और खड़े रह कर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना। मत डरो, और तुम्हारा मन कच्चा न हो; कल उनका साम्हना करने को चलना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा। 
2 Chronicles 20:18 तब यहोशापात भूमि की ओर मुंह कर के झुका और सब यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों ने यहोवा के साम्हने गिर के यहोवा को दण्डवत किया। 
2 Chronicles 20:19 और कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े हो कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊंचे स्वर से करने लगे। 
2 Chronicles 20:20 बिहान को वे सबेरे उठ कर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े हो कर कहा, हे यहूदियो, हे यरूशलेम के निवासियो, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे। 
2 Chronicles 20:21 तब उसने प्रजा के साथ सम्मति कर के कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान हो कर हथियारबन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है। 
2 Chronicles 20:22 जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए। 
2 Chronicles 20:23 क्योंकि अम्मोनियों और मोआबियों ने सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों डराने और सत्यानाश करने के लिये उन पर चढ़ाई की, और जब वे सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों का अन्त कर चुके, तब उन सभों ने एक दूसरे के नाश करने में हाथ लगाया। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2