ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

लेबल: विश्वास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लेबल: विश्वास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 18 सितंबर 2013

पिता

   बीस माह उम्र का नन्हा जेम्स चर्च के विशाल हॉल में बेधड़क अपने परिवार के आगे आगे चल रहा था। उसके पिता की नज़रें उस पर निरन्तर लगी हुई थीं और जेम्स बड़े लोगों की उस भीड़ में बिना किसी चिंता के बढ़ता जा रहा था। अचानक ही वह रुका और क्योंकि अब लोगों की उस भीड़ में उसे अपने पिताजी दिखाई नहीं दे रहे थे इसलिए वह घबरा कर डैडी! डैडी! कहते हुए रोने लगा। उसके पिता लोगों के बीच से उसकी ओर आगे बढ़े, जेम्स ने अपना हाथ उनकी ओर बढ़ाया और पिता ने जेम्स का हाथ थाम लिया। पिता के सुरक्षित हाथ की मज़बूत पकड़ से आश्वस्त होकर जेम्स शांत हो गया और फिर पहले के समान आगे बढ़ने लगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजाओं की दूसरी पुस्तक में हम राजा हिज़किय्याह का वृतांत पाते हैं जिसने समस्या के समय में प्रार्थना में परमेश्वर की ओर अपना हाथ बढ़ाया और सहायता पाई (2 राजा 19:15)। अशूर के राजा सन्हेरीब ने राजा हिज़िकिय्याह और उसकी की प्रजा पर चढ़ाई करने की धमकी दी थी: "तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?" (2 राजा 19:10-11); धमकी पाकर राजा हिज़किय्याह प्रार्थना में परमेश्वर के पास गया और छुटकारे के लिए पुकारा, "इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है" (2 राजा 19:19)। परमेश्वर ने प्रार्थना का उत्तर दिया, और अश्शूर की हमलावर सेना को मारा जिससे आक्रमणकारी राजा सन्हेरीब वापस लौट जाने को मजबूर हो गया।

   यदि आज आप किसी ऐसी परिस्थिति में हैं जहाँ आपको परमेश्वर की सहायता की आवश्यकता है तो विश्वास के साथ अपना हाथ उसकी ओर प्रार्थना में बढ़ाईए। उसका वायदा है कि वह अवश्य ही आपकी सहायता करेगा (2 कुरिन्थियों 1:3-4; इब्रानियों 4:16)। - एनी सेटास


अकसर परमेश्वर द्वारा छुटकारे की भोर परीक्षा के सबसे गहन प्रतीत होने वाले अन्धकार समय में आती है।

तब यशायाह ने उन से कहा, अपने स्वामी से कहो, यहेवा यों कहता है, कि जो वचन तू ने सुने हैं, जिनके द्वारा अश्शूर के राजा के जनों ने मेरी निन्दा की है, उनके कारण मत डर। - 2 राजा 19:6 

बाइबल पाठ: 2 राजा 19:10-19, 32-37
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।

2 Kings 19:32 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यों कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा, और न वह ढाल ले कर इसके साम्हने आने, वा इसके विरुद्ध दमदमा बनाने पाएगा।
2 Kings 19:33 जिस मार्ग से वह आया, उसी से वह लौट भी जाएगा, और इस नगर में प्रवेश न करने पाएगा, यहोवा की यही वाणी है।
2 Kings 19:34 और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा कर के इसे बचाऊंगा।
2 Kings 19:35 उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकल कर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सबेरे उठे, तब देखा, कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
2 Kings 19:36 तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौट कर नीनवे में रहने लगा।
2 Kings 19:37 वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत कर रहा था, कि अदेम्मेलेक और सरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। और उसी का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31 
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15


मंगलवार, 17 सितंबर 2013

आगे की ओर

   जैसे ही मेरी नज़र उस पर पड़ी, उस पहली ही नज़र में मुझे उस से प्यार हो गया। वह बहुत साफ-सुथरी और खूबसूरत थी, उसकी चमक देखते ही बनती थी, वह अति मनमोहक थी। प्रयुक्त कारों की उस दुकान में 1962 मॉडल की उस फोर्ड थन्डरबर्ड पर नज़र पड़ते ही मैं उसकी ओर आकर्षित हुआ, और मेरे मन में यह निश्चय हो गया कि मेरे लिए बस यही कार है, और मैंने $800 देकर अपनी पहली कार खरीद ली। लेकिन मैं अपनी नई कार के बारे में एक समस्या से अनजान था, जो थोड़े ही समय में प्रकट हो गई - वह केवल आगे की ओर ही जा सकती थी, उसमें कार को पीछे ले जाने वाला रिवर्स गियर नहीं था!

   यद्यपि कार चलाने में पीछे की ओर ना जा सकना एक समस्या हो सकती है, लेकिन जीवन के लिए मेरी उस थन्डरबर्ड कार के समान पीछे की ओर ना जा पाना साधारणतया अच्छा ही होता है, विशेषतः हम मसीही विश्वासियों के लिए। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के साथ हमारी जीवन यात्रा में हमें पीछे की ओर लौट जाने का इनकार करते हुए निरन्तर आगे ही बढ़ते रहना है। जैसे प्रेरित पौलुस ने कहा, "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों 3:13-14)।

   यह आगे की ओर बढ़ते रहने का सबक सीखना उन इस्त्राएलियों के लिए आवश्यक था जिन्हें मिस्त्र की गुलामी से निकालकर, मूसा वाचा किए हुए दूध और मधु की धाराओं वाले कनान देश की ओर ले कर जा रहा था। हर परेशानी या किसी भी अनेपक्षित परिस्थिति के आते ही वे इस्त्राएली तुरंत मिस्त्र में बिताए गए जीवन को स्मरण कर के वापस वहाँ लौट जाने की बात करने लगते थे। यद्यपि परमेश्वर ने अनेकों आश्चर्यकर्मों के द्वारा और बारंबार उन्हें समस्याओं से निकालने के द्वारा यह प्रमाणित किया था कि वह उनके साथ है, उनकी देखभाल कर रहा है और उन्हें आगे लेकर जाने में सक्षम है, लेकिन वे फिर भी पीछे की ओर लौट जाने की चेष्टा करते रहते थे, और उनकी यही प्रवृति उनके लिए बहुत बड़ी समस्या का कारण बन गई - जो कुछ दिनों की यात्रा होनी थी, वही उनके लिए 40 वर्ष तक जंगल में भटकते रहने का कारण बन गई जब तक कि परमेश्वर पर अविश्वास करने वाली पीढ़ी के लोग खत्म नहीं हो गए, और उनके बाद फिर उनके बच्चे ही उस आशीष की भूमि कनान में प्रवेश करने पाए।

   हम मसीही विश्वासियों को भी अपनी विश्वास यात्रा में अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। लेकिन हमें यह विश्वास बनाए रखना होगा कि जो परमेश्वर उन समस्याओं को हमारे जीवनों में आने देगा, वही उनका सामना करने योग्य सामर्थ भी देगा और उनके निवारण का मार्ग भी। वह हमें कभी अकेला और असहाय नहीं छोड़ेगा। इसलिए हमें कभी वापस संसार के जीवन की ओर नहीं वरन सदा ही आगे की ओर, आशीषों की ओर ही अग्रसर रहना है। जीवन की गाड़ी में रिवर्स गियर का ना होना हम मसीही विश्वासियों के लिए तो अवश्य ही लाभदयक है! - डेव ब्रैनन


जब संकट का सामना करना पड़े तब परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए आगे की ओर ही बढ़ते रहें।

तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मिस्र देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है। - निर्गमन 16:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 16:1-12
Exodus 16:1 फिर एलीम से कूच कर के इस्राएलियों की सारी मण्डली, मिस्र देश से निकलने के महीने के दूसरे महीने के पंद्रहवे दिन को, सीन नाम जंगल में, जो एलीम और सीनै पर्वत के बीच में है, आ पहुंची।
Exodus 16:2 जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरुद्ध बकझक करने लगी।
Exodus 16:3 और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मिस्र देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
Exodus 16:4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बरसाऊंगा; और ये लोग प्रतिदिन बाहर जा कर प्रतिदिन का भोजन इकट्ठा करेंगे, इस से मैं उनकी परीक्षा करूंगा, कि ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं।
Exodus 16:5 और ऐसा होगा कि छठवें दिन वह भोजन और दिनों से दूना होगा, इसलिये जो कुछ वे उस दिन बटोरें उसे तैयार कर रखें।
Exodus 16:6 तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मिस्र देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है।
Exodus 16:7 और भोर को तुम्हें यहोवा का तेज देख पडेगा, क्योंकि तुम जो यहोवा पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं, कि तुम हम पर बुड़बुड़ाते हो?
Exodus 16:8 फिर मूसा ने कहा, यह तब होगा जब यहोवा सांझ को तुम्हें खाने के लिये मांस और भोर को रोटी मनमाने देगा; क्योंकि तुम जो उस पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं? तुम्हारा बुड़बुड़ाना हम पर नहीं यहोवा ही पर होता है।
Exodus 16:9 फिर मूसा ने हारून से कहा, इस्राएलियों की सारी मण्डली को आज्ञा दे, कि यहोवा के साम्हने वरन उसके समीप आवे, क्योंकि उसने उनका बुड़बुड़ाना सुना है।
Exodus 16:10 और ऐसा हुआ कि जब हारून इस्राएलियों की सारी मण्डली से ऐसी ही बातें कर रहा था, कि उन्होंने जंगल की ओर दृष्टि कर के देखा, और उन को यहोवा का तेज बादल में दिखलाई दिया।
Exodus 16:11 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
Exodus 16:12 इस्राएलियों का बुड़बुड़ाना मैं ने सुना है; उन से कह दे, कि गोधूलि के समय तुम मांस खाओगे और भोर को तुम रोटी से तृप्त हो जाओगे; और तुम यह जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29 
  • 2 कुरिन्थियों 10