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रविवार, 27 जून 2021

क्षमा

 

          एक मसीही संस्था का ध्येय है कि वह क्षमा प्रदान करने से आने वाली मन की चंगाई का प्रसार करे। वे यह अनेकों तरीकों से  समझाने के प्रयास करते हैं, जिनमें से एक है एक लघु-नाटिका। इस नाटिका में दो व्यक्ति होते हैं, एक जिसके साथ बुरा हुआ, और दूसरा वह जिसने वह बुरा किया। बुरा करने वाले को उसकी पीठ से पीठ मिलाकर उसके साथ बाँध दिया जाता है,जिसके साथ बुरा हुआ; और केवल जिसके साथ बुरा हुआ है, वही क्षमा करने के द्वारा, उन बंधनों को खोल सकता है। अब जिसके साथ बुरा हुआ है, वह जहाँ भी जाए, जो भी करे, उसकी पीठ पर बुरा करने वाले के रूप में एक बोझ लदा हुआ है, और जब तक वह क्षमा नहीं करेगा, वह बोझ उस पर बंधा ही रहेगा। उस बोझ से मुक्त होने के लिए उसे क्षमा करने के द्वारा ही उन बंधनों को खोलना होगा।

          किसी ऐसे जन को क्षमा प्रदान करना जो हमारे पास अपने किए के लिए पश्चाताप के साथ आता है, हमारे तथा उसके जीवन में कडुवाहट और दुःख से मुक्ति पाकर शान्ति का जीवन जीने की प्रक्रिया को आरंभ करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति की पुस्तक में, हम दो भाइयों, याकूब और एसाव को देखते हैं। याकूब ने एसाव के जन्म-अधिकार की आशीषों को उससे ठग लिया था, और फिर उसके क्रोध से बचकर अपने मामा के घर भाग गया था। अब बीस वर्ष के बाद, परमेश्वर के कहने पर वह अपने घर वापस लौट रहा है (उत्पत्ति 31:3)। उसने परमेश्वर की आज्ञा तो मान ली, किन्तु उसे अपने किए का एहसास और भय बना हुआ था (32:13-15)। एसाव को जब मालूम चला कि याकूब घर वापस आ रहा है, तो वह भी एक बड़े दल के साथ उससे मिलने के लिए निकला। याकूब ने एसाव के संभावित क्रोध को शांत करने के प्रयास में, पशुओं के एक के बाद एक कई दल उपहार-स्वरूप उसके पास भेजे, और अन्ततः जब एसाव उसके सामने आया तो याकूब सात बार दण्डवत करता हुआ उसके पास आया (33:3)। याकूब के अचरज की कल्पना कीजिए, कि एसाव ने दौड़कर उसे गले लगाया, और दोनों इस मेल-मिलाप के पुनःस्थापित हो जाने से आनन्दित होकर रोने लगे (पद 4)। याकूब अब अपने भाई के प्रति किए गए पाप के बंधन से मुक्त हो गया था।

          क्या आप भी क्षमा न करने के बंधन से बंधे हुए, क्रोध, भय, या लज्जा की मजबूरी का जीवन जी रहे हैं? आप जान लीजिए कि परमेश्वर अपने पुत्र प्रभु यीशु के बलिदान और अपनी पवित्र-आत्मा के कार्य के द्वारा आपको उन बंधनों से मुक्त हो पाने की सामर्थ्य दे सकता है, यदि आप उसकी सहायता लेने को तैयार हों, और उससे ऐसा करने के लिए कहें; अपने पापों को स्वीकार करके, प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा मांगें और अपना जीवन उसे समर्पित कर दें।

          क्षमा प्राप्त होते ही आप बंधनों को खोलने और अपने आप को बोझों से मुक्त कर देने की प्रक्रिया को आरंभ कर देंगे। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु परमेश्वर, जैसे आपने मेरे पाप क्षमा किए हैं, 

मैं भी औरों के अपराध क्षमा करने वाला व्यक्ति बनूँ।


क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढाँपा गया हो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। - भजन 32:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 33:1-11

उत्पत्ति 33:1 और याकूब ने आंखें उठा कर यह देखा, कि ऐसाव चार सौ पुरुष संग लिये हुए चला जाता है। तब उसने लड़के बालों को अलग अलग बांट कर लिआः, और राहेल, और दोनों दासियों को सौंप दिया।

उत्पत्ति 33:2 और उसने सब के आगे लड़कों समेत लौंडियों को उसके पीछे लड़कों समेत लिआः को, और सब के पीछे राहेल और यूसुफ को रखा,

उत्पत्ति 33:3 और आप उन सब के आगे बढ़ा, और सात बार भूमि पर गिर के दण्डवत की, और अपने भाई के पास पहुंचा।

उत्पत्ति 33:4 तब ऐसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगा कर, गले से लिपट कर चूमा: फिर वे दोनों रो पड़े।

उत्पत्ति 33:5 तब उसने आँखें उठा कर स्त्रियों और लड़के बालों को देखा; और पूछा, ये जो तेरे साथ हैं सो कौन हैं? उसने कहा, ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह कर के मुझ को दिया है।

उत्पत्ति 33:6 तब लड़कों समेत दासियों ने निकट आकर दण्डवत की।

उत्पत्ति 33:7 फिर लड़कों समेत लिआः निकट आई, और उन्होंने भी दण्डवत की: पीछे यूसुफ और राहेल ने भी निकट आकर दण्डवत की।

उत्पत्ति 33:8 तब उसने पूछा, तेरा यह बड़ा दल जो मुझ को मिला, उसका क्या प्रयोजन है? उसने कहा, यह कि मेरे प्रभु की अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो।

उत्पत्ति 33:9 ऐसाव ने कहा, हे मेरे भाई, मेरे पास तो बहुत है; जो कुछ तेरा है सो तेरा ही रहे।

उत्पत्ति 33:10 याकूब ने कहा, नहीं नहीं, यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो मेरी भेंट ग्रहण कर: क्योंकि मैं ने तेरा दर्शन पाकर, मानो परमेश्वर का दर्शन पाया है, और तू मुझ से प्रसन्न हुआ है।

उत्पत्ति 33:11 सो यह भेंट, जो तुझे भेजी गई है, ग्रहण कर: क्योंकि परमेश्वर ने मुझ पर अनुग्रह किया है, और मेरे पास बहुत है। जब उसने उस को दबाया, तब उस ने भेंट को ग्रहण किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


शनिवार, 27 जून 2020

मुक्त


     एक लड़का, जौनाथन, मस्तिष्क के एक ऐसे रोग के साथ पैदा हुआ था, जिसके कारण वह बोल नहीं सकता था, अपने आप को व्यक्त नहीं कर सकता था। परन्तु उसकी माँ ने हार नहीं मानी, और वह प्रयास करती रही कि किसी प्रकार वह उसे अपने आप को व्यक्त करना सिखा सके। वह दस वर्ष का था जब उसकी माँ की समझ में आया कि वह अपनी आँखों और अक्षरों की एक पटिया की सहायता से अपनी बात व्यक्त कर सकता है। एक बार जब उसे यह समझ मिल गई तो वह मुक्त हो गया, अपने आप को व्यक्त करने लग गया, उसकी माँ कहती है, “वह मुक्त हो गया, अब हम उस से कुछ भी पूछ सकते हैं।” जौनाथन अब पढ़ता है, लिखता है, कविता भी लिखता है, सब अपनी आँखों के संकेत के द्वारा। जब जौनाथन से पूछा गया कि अपने परिवार और मित्र जनों के साथ ‘बात’ कर पाना कैसा लगता है, तो उसने कहा, “उन्हें यह बता पाना कि मैं उन्हें प्रेम करता हूँ, अद्भुत है।”

     जौनाथन की कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली है, और मुझे इस पर विचार करने के लिए बाध्य करती है कि परमेश्वर किस प्रकार से हमें पाप के बंधनों से मुक्त करता है। जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को अपनी पत्री में लिखा, एक समय था जब हम परमेश्वर की उपस्थिति से निष्कासित थे (कुलुस्सियों 1:21); हम अपने पापमय व्यवहार के कारण उसके विरोधी थे, परन्तु क्रूस पर मसीह की मृत्यु और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण अब हम परमेश्वर के सामने पवित्र करके प्रस्तुत किए जाते हैं (पद 22)। अब हम प्रभु के योग्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं, उसके ज्ञान और निकटता में बढ़ सकते हैं, उसके लिए फल ला सकते हैं (आयतें 10-11)।

     हम अपने मुक्त किए गए कंठ को परमेश्वर की स्तुति करने और उसके सुसमाचार को लोगों के साथ बाँटने के लिए प्रयोग कर सकते हैं, जिससे और लोग भी पाप से बंधे न रहें, वे भी मुक्त हो जाएँ। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु हमें हमारे पाप की कैद से मुक्त करता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:13-23

कुलुस्सियों 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।

कुलुस्सियों 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

कुलुस्सियों 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।

कुलुस्सियों 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

कुलुस्सियों 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

कुलुस्सियों 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

कुलुस्सियों 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

कुलुस्सियों 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।

कुलुस्सियों 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।

कुलुस्सियों 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।

कुलुस्सियों 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40 


शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017

उन्मुक्त तथा आनन्दित


   कैनडा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड ने अंतरिक्ष में अपने प्रक्षेपण के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा, जब उन्हें ले जाने वाला रॉकेट अन्तराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन की ओर तेज़ गति से चला तो उन पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव का बल इतना बढ़ गया कि उनके लिए साँस लेना कठिन हो गया। इस बल के कारण साँस ठीक से ना ले पाने के कारण जैसे ही क्रिस को लगने लगा कि अब वे बेसुध हो जाएंगे, रॉकेट पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के बल से बाहर निकल कर अन्तरिक्ष की भारहीन स्थिति में पहुँच गया। ऐसा होते ही, बल से मुक्त उस स्थिति आते ही, बेहोश होने की बजाए क्रिस ने हँसना आरंभ कर दिया।

   उनके इस विवरण ने मुझे अपनी माता की मृत्यु तक आने के दिनों के बारे में याद दिलाया। उनका जीवन और बोझिल होता चला जा रहा था, यहाँ तक कि उनके लिए साँस लेना भी दूभर हो रहा था। फिर वे अपनी पीड़ा से मुक्त होकर स्वर्ग की "भारहीनता" में पहुँच गईं। मैं सोचता हूँ कि पृथ्वी की पीड़ा से निकलकर जैसे ही वे प्रभु यीशु के सम्मुख पहुँची होंगी, वहाँ अपनी पहली उन्मुक्त साँस को लेते ही वे भी आनदित होकर हँसने लगी होंगी।

   इस शुक्रवार को, जिसे शुभ शुक्रवार कहा जाता है, कुछ ऐसा ही प्रभु यीशु के साथ भी हुआ था। परमेश्वर ने सारे संसार के सभी पापों - पूर्व, वर्तमान और भविष्य को, क्रूस पर टंगे हुए प्रभु यीशु पर लाद दिया, और पाप के इस बोझ के नीचे उनके लिए साँस लेना कठिन हो गया। परमेश्वर के वचन बाइबल में अपने विषय में लिखी गई सभी बातों को पूरा करने के पश्चात, "यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं: और यह कहकर प्राण छोड़ दिए" (लूका 23:46)। हमारे पापों के लिए अपना जीवन त्यागने के बाद प्रभु ने परमेश्वर पिता से अपना जीवन वापस प्राप्त किया और मृतकों में से जी उठा; और अब उन पर पाप और मृत्यु का कोई अधिकार या प्रभाव नहीं है। ना केवल प्रभु पर, वरन जो साधारण विश्वास के साथ क्रूस पर दिए गए उनके बलिदान को स्वीकार करके, पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन उन्हें समर्पित कर देते हैं, क्रूस पर उनके द्वारा पापों के लिए चुकाए गए दाम को स्वीकार कर लेते हैं, अर्थात प्रभु यीशु के चेले होना स्वीकार कर लेते हैं, उन पर भी अब पाप और म्रुत्यु का कोई अधिकार नहीं रह जाता है।

   जितनों ने स्वेच्छा से प्रभु यीशु को अपना उध्दारकर्ता स्वीकार किया है, उसके अनुयायी, उसके चेले हो गए हैं, एक दिन वे भी इस संसार की पीड़ा और परिस्थितियों के बोझ से मुक्त होकर प्रभु के साथ होंगे, और उन्मुक्त तथा आनन्दित होकर प्रभु के साथ अनन्तकाल तक रहेंगे। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु का बलिदान स्वर्ग के आनन्द की ओर संकेत करता है।

और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। - इब्रानियों 12:2-3

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-8
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। 
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें। 
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं। 
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए। 
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है। 
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं। 
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं। 
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59


मंगलवार, 3 जनवरी 2017

मुक्त


   ऐन को, वह जहाँ कहीं भी हो, वहाँ लोगों से बात करना और उन्हें प्रभु यीशु के बारे में बताना अच्छा लगता है। एक दिन जब वह अपने पति से मिलने अस्पताल गई हुई थी, ऐन ने उसके पति की सेवा करने वाले सेवा-सहायक से वार्तालाप आरंभ किया। ऐन ने उससे पूछा कि क्या उसने विचार किया है कि वह भविष्य में क्या करना चाहता है? जब उस सेवा-सहायक ने कहा कि उसने अभी इस बारे में विचार नहीं किया है, तो ऐन ने उसे सुझाव दिया कि उस के लिए पहले परमेश्वर को जानना आवश्यक है, क्योंकि जीवन के सही निर्णय परमेश्वर की सहायता से ही लिए जा सकते हैं। यह सुनकर उस सेवा-सहायक ने अपनी कमीज़ की एक आस्तीन ऊपर कर के अपनी बाँह पर "मैं मुक्त किया गया हूँ" गोदा हुआ दिखाया।

  उन दोनों को एहसास हुआ कि वे दोनों ही प्रभु यीशु को चाहते हैं, उसे समर्पित हैं; और उन दोनों ही के पास उस में अपने विश्वास को व्यक्त करने के, जिस ने उन्हें मुक्त करने के लिए अपने प्राण बलिदान किए, अपने अपने तरीके थे।

   स्टीव ग्रीन के एक पुराने गीत का शीर्षक इसे सबसे अच्छा व्यक्त करता है: "लोगों को प्रभु की आवश्यकता है"। अब यह हमारे ऊपर है कि हम उनके साथ अपने मसीही विश्वास को बाँटने के कौन से तरीके अपनाते हैं, बनाते हैं, और इस सुसमाचार को लोगों को बताते हैं। अपरिचितों से बात करना हर किसी से नहीं हो पाता, और ना ही सुसमाचार फैलाने का कोई ऐसा तरीका है जिसे सभी एक समान प्रयोग कर सकें। परन्तु जब हम अपने आप को परमेश्वर को उसका कार्य करने के लिए उपलब्ध करवाएंगे, तो वह हमारे व्यकतित्व के अनुसार हमारे अन्दर विद्यमान उसकी ज्योति का उपयोग उसके प्रेम, अनुग्रह एवं उद्धार के सन्देश को लोगों तक पहुँचाने के लिए करेगा।

   क्या आप प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास एवं पापों की क्षमा द्वारा "मुक्त" किए गए हैं? यदि हाँ, तो परमेश्वर से कहें कि प्रभु यीशु में उपलब्ध इस मुक्ति के सुसमाचार को औरों तक पहुँचाने के लिए वह आपको भी इस्तेमाल करे। - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु में उद्धार का शुभ-सन्देश इतना अच्छा है कि
 उसे अपने तक ही रखना उचित नहीं है।

हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है। मैं ने बड़ी सभा में धर्म के शुभ समाचार का प्रचार किया है; देख, मैं ने अपना मुंह बन्द नहीं किया हे यहोवा, तू इसे जानता है। मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी। - भजन 40:8-10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3


शनिवार, 31 जनवरी 2015

बचाए गए



   दक्षिण अमेरिका के चिली देश में सन 2010 में एक गहरी खदान में बड़ा विस्फोट हुआ और 33 खदान मज़दूर धरती की सतह से 2000 फीट नीचे खान के अन्दर फंस गए। उन्हें बचाने के लिए एक बड़ा बचाव अभियान आरंभ हुआ जिसके अन्तर्गत 69 दिनों के अथक दिन-रात प्रयास के बाद उन मज़दूरों तक पहुँचा जा सका और उन्हें बाहर निकाला जा सका। उन मज़दूरों तक पहुँचने वाला पहला व्यक्ति था मैनुएल गोंसालेज़, जो अपनी जान पर बड़ा जोखिम उठाकर उन फंसे हुए मज़दूरों तक पहुँचा और उन्हें ऊपर सतह पर भेजना आरंभ किया। संसार भर में टेलिविज़न के द्वारा बचाए जाना का यह दृश्य दिखाया जा रहा था और संसार आश्चर्य के साथ एक एक कर के खान की गहराईयों से मुक्त होकर सतह पर आने वाले प्रत्येक मज़दूर को देख रहा था। संसार भर में इस बचाए जाने के अभियान से जुड़े सभी लोगों की, विशेषकर उनकी जिन्होंने अपनी जान पर खेल कर इसे किया, बहुत प्रशंसा हुई।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इस अभियान से भी अधिक कठिन और खतरनाक बचाए जाने के अभियान के बारे में बताती है - मानव जाति को पाप के विनाश से बचाए जाने के अभियान के बारे में। हमारे आदि माता-पिता द्वारा परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के कारण समस्त मानव जाति पाप के दुष्परिणामों के आधीन आ गई (उत्पत्ति 2:17; 3:6, 19; रोमियों 5:12)। पाप की इस प्रवृति तथा प्रभावों से कोई मनुष्य अपने आप को किसी भी रीति से मुक्त कर पाने में सफल नहीं होने पाया; इस कारण सभी मनुष्य मृत्यु - शारीरिक एवं अनन्त काल की परमेश्वर से दूरी के भागी हैं। लेकिन परमेश्वर सभी मनुष्यों से प्रेम करता है, उन्हें विनाश में जाते नहीं देखना चाहता इसलिए परमेश्वर ने उनकी मुक्ति के लिए मार्ग दिया - प्रभु यीशु जिसने समस्त मनुष्यों के सभी पापों को अपने ऊपर लेकर उनका दण्ड, अर्थात मृत्यु, सभी के बदले सह ली। अब जो कोई स्वेच्छा से प्रभु यीशु के इस कार्य को स्वीकार करके अपने पापों के लिए उससे क्षमा माँग कर अपना जीवन उसके हाथों में समर्पित कर देता है वह पाप के बन्धन तथा दुष्परिणाम से मुक्त हो जाता है (रोमियों 5:8-11; 10:9-11; इफीसियों 2:1-10)।

   प्रभु यीशु मृतकों में से अनन्तकाल के लिए पुनः जी उठने और फिर कभी ना मरने वालों में प्रथम हो गया, और जितने प्रभु यीशु में विश्वास करके उसे अपना मुक्तिदाता ग्रहण करते हैं वे भी उसके समान अनन्त जिवन के भागी हो जाएंगे (रोमियों 8:11)।

   क्या आप अभी भी अपने पापों की गहराईयों में फँसे हैं? प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और अविनाशी उद्धार के उपहार को स्वेच्छा से स्वीकार कर लें, और उसके साथ अनन्तकाल तक रहने का आनन्द प्राप्त कर लें (प्रेरितों 16:31; इफिसियों 2:1; कुलुस्सियों 2:13)। - सी. पी. हिया


अपने क्रूस पर दिए बलिदान के द्वारा प्रभु यीशु अपने सभी विश्वासियों को बचाता एवं मुक्त करता है।

और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा। - रोमियों 8:11

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-4; 19-25
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 
1 Corinthians 15:19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं। 
1 Corinthians 15:20 परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ। 
1 Corinthians 15:21 क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया। 
1 Corinthians 15:22 और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे। 
1 Corinthians 15:23 परन्तु हर एक अपनी अपनी बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग। 
1 Corinthians 15:24 इस के बाद अन्‍त होगा; उस समय वह सारी प्रधानता और सारा अधिकार और सामर्थ का अन्‍त कर के राज्य को परमेश्वर पिता के हाथ में सौंप देगा। 
1 Corinthians 15:25 क्योंकि जब तक कि वह अपने बैरियों को अपने पांवों तले न ले आए, तब तक उसका राज्य करना अवश्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34