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शुक्रवार, 18 जून 2021

बचाव

 

          कॉमिक पुस्तिकाओं के नायक आज भी हमेशा के समान ही लोकप्रिय हैं। केवल 2017 में ही सुपरहीरो कहानियों पर बनी छः फिल्मों ने 4 ख़रब अमरीकी डॉलर से भी अधिक के कमाई की। लेकिन लोग इस प्रकार से रोमांचित करने वाली फिल्मों की ओर इतने आकर्षित क्यों होते हैं? हो सकता है कि कुछ सीमा तक यह इसलिए हो क्योंकि ऐसी कहानियाँ, कुछ प्रकार से परमेश्वर की महान कहानी के समान होती हैं। उन कहानियों में एक नायक, एक खलनायक, और ऐसे लोग होते हैं जिन्हें बचाए जाने की आवश्यकता है, और ढेर सारा दिलचस्प और रोमांचित करने वाला घटनाक्रम होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, कहानी का सबसे बड़ा खलनायक शैतान है – जो हमारी आत्माओं का शत्रु है। लेकिन साथ ही कई छोटे खलनायक भी हैं। बाइबल की एक पुस्तक, दानिय्येल में भी एक ऐसी ही रोमांचकारी कहानी है, जिसमें ‘छोटा खलनायक राजा नबूकदनेस्सर है। राजा नबूकदनेस्सर उस समय के ज्ञात संसार के अधिकांश भाग का राजा था। उसने अपनी एक विशाल प्रतिमा बनवाई और आज्ञा निकाली कि जो कोई उसकी प्रतिमा के आगे झुक कर दण्डवत नहीं करेगा, वह मार डाला जाएगा (दानिय्येल 3:1-6)। जब उसके अधिकारियों में से तीन साहसी यहूदी अधिकारियों ने राजा की आज्ञा का पालन करने से इनकार किया (पद 12-18) तो राजा ने उन्हें धधकती आग के भट्टे में डलवा दिया, किन्तु परमेश्वर ने उन्हें उस आग के भट्टे से सुरक्षित निकलवा लिया (पद 24-27)।

          फिर, एक अचंभित करने वाले घटनाक्रम में, हम देखते हैं कि इस खलनायक का मन बदलने लगता है। इस रोमांचकारी घटना की प्रतिक्रिया में, नबूकदनेस्सर ने कहा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर” (पद 28)। लेकिन फिर वह यह भी घोषणा करता है कि जो परमेश्वर की अवमानना करेगा, वह मार डाला जाएगा (पद 29); वह अभी तक यह नहीं समझ पाया था कि अपने कार्यों के लिए परमेश्वर को उसकी सहायता की आवश्यकता नहीं  है। नबूकदनेस्सर इससे अगले, 4 अध्याय में, परमेश्वर के बारे में और कुछ सीखता है – लेकिन वह एक अलग कहानी है।

          हम जो नबूकदनेस्सर में देखते हैं, वह केवल एक खलनायक ही नहीं है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति है जो एक आत्मिक खोज की यात्रा पर है। बाइबल में परमेश्वर की कहानी में, नायक प्रभु यीशु मसीह, हर किसी की ओर सहायता का हाथ बढ़ाता है, जिसे भी बचाए जाने की आवश्यकता अनुभव होती है, प्रभु की सहायता उसे उपलब्ध रहती है – खलनायकों को भी। क्या प्रभु यीशु मसीह के द्वारा, पाप और उसके दुष्परिणामों से, आप का बचाव हो गया है? – टिम गुस्ताफसन

 

प्रभु यीशु ने अपने सताने वालों के लिए भी प्रार्थना की; हम भी ऐसा ही करें।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:26-30

दानिय्येल 3:26 फिर नबूकदनेस्सर उस धधकते हुए भट्टे के द्वार के पास जा कर कहने लगा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, हे परमप्रधान परमेश्वर के दासों, निकल कर यहां आओ! यह सुन कर शद्रक, मेशक और अबेदनगो आग के बीच से निकल आए।

दानिय्येल 3:27 जब अधिपति, हाकिम, गवर्नर और राजा के मन्त्रियों ने, जो इकट्ठे हुए थे, उन पुरुषों की ओर देखा, तब उनकी देह में आग का कुछ भी प्रभाव नहीं पाया; और उनके सिर का एक बाल भी न झुलसा, न उनके मोजे कुछ बिगड़े, न उन में जलने की कुछ गन्‍ध पाई गई।

दानिय्येल 3:28 नबूकदनेस्सर कहने लगा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना या दण्डवत न करेंगे।

दानिय्येल 3:29 इसलिये अब मैं यह आज्ञा देता हूं कि देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वालों में से जो कोई शद्रक, मेशक और अबेदनगो के परमेश्वर की कुछ निन्दा करेगा, वह टुकड़े टुकड़े किया जाएगा, और उसका घर घूरा बनाया जाएगा; क्योंकि ऐसा कोई और देवता नहीं जो इस रीति से बचा सके।

दानिय्येल 3:30 तब राजा ने बाबुल के प्रान्त में शद्रक, मेशक, अबेदनगो का पद और ऊंचा किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 10-11
  • प्रेरितों 4:1-22


रविवार, 15 दिसंबर 2019

आशा



      सन 2017 में ‘स्टार वार्स’ फिल्म श्रंखला के चाहने वाले उत्सुकता के साथ उसके आठवीं कड़ी, ‘द लास्ट जेड्डाई’ के ज़ारी किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे। आलोचकों ने 1977 से चली आ रही इस फिल्म श्रंखला की अद्भुत सफलता का विश्लेषण किया। सी.एन.एन. मनि के लिए मीडिया रिपोर्टर फ्रैंक पलोटा ने कहा कि ‘स्टार वार्स’ उन सब के साथ संपर्क साधती है जो “एक नई आशा और अच्छाई के एक बल की इच्छा रखते हैं, इस ऐसे समय में जब संसार को नायकों की आवश्यकता है।”

      प्रभु यीशु मसीह के जन्म के समय, इस्राएल के लोग शोषित थे तथा सताव झेल रहे थे, और अपने लंबे समय से प्रतिज्ञा किए हुए मसीहा की प्रतीक्षा कर रहे थे। बहुतेरों की आशा थी कि एक नायक आएगा जो उन्हें रोमी अत्याचार से छुड़ाएगा; परन्तु प्रभु यीशु किसी सैन्य अथवा राजनितिक नायक के रूप में नहीं आए। वरन उन्होंने एक शिशु के रूप में बैत्लेहम में जन्म लिया। इस कारण से बहुतेरों ने उनके सच्चे स्वरूप को नहीं पहचाना। परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित यूहन्ना ने उनके लिए लिखा, “वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया” (यूहन्ना 1:11)।

      नायक से भी बढ़कर, प्रभु यीशु हमारे मुक्तिदाता बनाकर आए थे। उनका जन्म परमेश्वर की ज्योति को पाप के अन्धकार से भरे संसार में पहुंचाने के लिए, तथा अपने प्राण बलिदान देने के लिए हुआ था, जिससे जो कोई भी उनपर विश्वास लाए, वह पापों से क्षमा और अनन्त जीवन पाए, तथा पापों के दुष्प्रभाव से मुक्त हो जाए। यूहन्ना ने उन्हें “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (पद 14) कहा। निःसंदेह, प्रभु यीशु मसीह ही वह एकमात्र सच्ची आशा हैं, जिसकी संसार को आवश्यकता है। - डेविड मैक्कैसलैंड

बैतलहम में परमेश्वर ने दिखाया कि प्रेम का अर्थ है देना।

परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया। - यूहन्ना 3:17-18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-5, 9-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6



सोमवार, 28 अगस्त 2017

नायक


   हाल ही में प्रकाशित हुई एक पुस्तक अमेरिका के इतिहास के एक छोटे भाग में लाए गए कल्पना के कार्य के बारे में बताती है। इस पुस्तक में पुराने पश्चिमी अमेरिका में बन्दूकों और गोलियों के सहारे जीवन जीने वाले नायकों, व्याट एर्प और डॉक हॉलिडे को वास्तविक जीवन में नाकारा और नासमझ बताया गया है। नैशनल पब्लिक रेडियो को दिए गए एक साक्षात्कार में पुस्तक के लेखक ने वास्तविक एर्प के बारे में कहा, "उसने अपने सारे जीवन भर कुछ भी उल्लेखनीय, कभी भी नहीं किया।" लेकिन अनेकों उपन्यासों और हॉलिवुड की कई फिल्मों में उसे एक नायक के समान प्रस्तुत किया गया है। परन्तु विश्वासयोग्य एतिहासिक वृतांत बताते हैं कि वह नायक कदापि नहीं था।

   इसकी तुलना में, परमेश्वर के वचन बाइबल में ऐसे अनेकों लोगों का वर्णन है जिनके जीवन में कमियाँ और त्रुटियाँ थीं, परन्तु फिर भी वे परमेश्वर की सहायता और मार्ग्दर्शन से वास्तविक नायक बन गए। उनका विश्वास जीवते सच्चे प्रभु परमेश्वर पर था, जो कमज़ोर और त्रुटियुक्त लोगों को लेता है और अपने अद्भुत उद्देश्यों के लिए उन्हें सामर्थी तथा अनुसरणीय नायक बना देता है।

   बाइबल के एक महान नायक मूसा को ही लीजिए। जब हम मूसा के बारे में सोचते हैं तो अकसर हम यह ध्यान नहीं कर पाते हैं कि वह एक हत्यारा था और परमेश्वर द्वारा दी जा रही ज़िम्मेदारी को स्वीकार करने का कतई इच्छुक नहीं था। उसने इस्त्राएलियों के व्यवहार से खिसिया कर परमेश्वर को ताना भी मारा था, "...तू अपने दास से यह बुरा व्यवहार क्यों करता है? और क्या कारण है कि मैं ने तेरी दृष्टि में अनुग्रह नहीं पाया, कि तू ने इन सब लोगों का भार मुझ पर डाला है? क्या ये सब लोग मेरे ही कोख में पड़े थे? क्या मैं ही ने उन को उत्पन्न किया, जो तू मुझ से कहता है, कि जैसे पिता दूध पीते बालक को अपनी गोद में उठाए उठाए फिरता है, वैसे ही मैं इन लोगों को अपनी गोद में उठा कर उस देश में ले जाऊं, जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई है?" (गिनती 11:11-12)। साधारण मनुष्यों की सी प्रवृत्ति मूसा में विद्यमान तो थी; परन्तु नए नियम में इब्रानियों नामक पुस्तक हमें उसके विषय स्मरण दिलाती है, "मूसा तो उसके सारे घर में सेवक के समान विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे" (इब्रानियों 3:5)।

   जो नायक होते हैं, वे अपने जीवनों द्वारा उस सच्चे तथा वास्तव में अनुसरणीय नायक प्रभु यीशु की ओर लोगों को प्रेरित करते हैं जो कभी किसी को निराश नहीं करता है। - टिम गस्टाफसन


किसी ऐसे को ढूँढ़ रहे हैं जो आपको कभी निराश न करे; तो प्रभु यीशु को देखें।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। - 1 कुरिन्थियों 1:26-28

बाइबल पाठ: इब्रानियों 3:1-6
Hebrews 3:1 सो हे पवित्र भाइयों तुम जो स्‍वर्गीय बुलाहट में भागी हो, उस प्रेरित और महायाजक यीशु पर जिसे हम अंगीकार करते हैं ध्यान करो। 
Hebrews 3:2 जो अपने नियुक्त करने वाले के लिये विश्वास योग्य था, जैसा मूसा भी उसके सारे घर में था। 
Hebrews 3:3 क्योंकि वह मूसा से इतना बढ़ कर महिमा के योग्य समझा गया है, जितना कि घर का बनाने वाला घर से बढ़ कर आदर रखता है। 
Hebrews 3:4 क्योंकि हर एक घर का कोई न कोई बनाने वाला होता है, पर जिसने सब कुछ बनाया वह परमेश्वर है। 
Hebrews 3:5 मूसा तो उसके सारे घर में सेवक के समान विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे। 
Hebrews 3: पर मसीह पुत्र के समान उसके घर का अधिकारी है, और उसका घर हम हैं, यदि हम साहस पर, और अपनी आशा के घमण्‍ड पर अन्‍त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18


रविवार, 29 मई 2016

नायक


   जे. आर. आर. टोलकिन के उपन्यास The Hobbit में बौने एकत्रित होते हैं कि भयानक दैत्य स्मौग द्वारा चुराया गया उनका धन उससे वापस लेकर आएं। यह करना बहुत जोखिम का कार्य था, किंतु इस खतरे के बावजुद, इस अभियान में उनका उप-नायक बौना बालिन अपने राजा और अभियान के प्रधान नायक थोरिन के विषय में कहता है, "यह एक है मैं जिसका अनुसरण कर सकता हूँ, जिसे मैं अपना राजा स्वीकार कर सकता हूँ।" उस खतरनाक अभियान के लिए बालिन की कटिबद्धता और समर्पण उसके नायक और अगुवे थोरिन में उसके विश्वास पर आधारित थी।

   पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के आरंभ में प्रभु यीशु ने अपने साथ कार्य करने के लिए कुछ अनुयायियों को चुना, जो उसके साथ मिलकर परमेश्वर की सृष्टि से चुराए गए तथा पाप के दास्त्व में डाले गए, हम मनुष्यों, को शत्रु शैतान के चंगुल से निकाल कर ला सकें। अपने अनुयायियों को चुनने के साथ ही प्रभु यीशु ने उनसे कहा, "मेरे पीछे चले आओ" (मत्ती 4:19)। अब प्रभु यीशु के उन चेलों के लिए जीवन में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आना था - वे मछली पकड़ने वाले व्यक्ति अब पाप के दास्तव में खोए हुए लोगों को निकाल कर लाने वाले बन रहे थे। यह कोई सरल कार्य नहीं था, इसीलिए प्रभु यीशु ने इस कार्य को प्रतिदिन क्रूस उठाकर उसके पीछे चलने के समान बताया (लूका 9:23)। जो बात तब उन चेलों के लिए लागू थी वही प्रभु यीशु के वर्तमान अनुयायियों, आज के हम मसीही विश्वासियों, के लिए भी ठीक वैसे ही लागू है।

   आज यदि हमें प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दिया गया यह आत्माएं बचाने का कार्य कठिन और घबरा देने वाला लगे तो हम किस प्रकार इसमें अपने आप को लगाए रख सकते हैं? अपनी नज़रों को अपने नायक, अपने राजा प्रभु यीशु पर लगाए रखने के द्वारा; उसके चरित्र और जीवन पर मनन करने, उसकी शिक्षाओं को मानने, और बालिन के समान प्रभु यीशु के लिए "यह एक है मैं जिसका अनुसरण कर सकता हूँ, जिसे मैं अपना राजा स्वीकार कर सकता हूँ" अंगीकार करने के द्वारा। - जो स्टोवैल


अपने आस-पास के लोगों के जीवनों में प्रवेश पाने के लिए अपने नायक का अनुसरण करते रहें।

उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। - लूका 9:23

बाइबल पाठ: मत्ती 4:17-25
Matthew 4:17 उस समय से यीशु प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, कि मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है। 
Matthew 4:18 उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। 
Matthew 4:19 और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। 
Matthew 4:20 वे तुरन्त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 4:21 और वहां से आगे बढ़कर, उसने और दो भाइयों अर्थात जब्‍दी के पुत्र याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्‍दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा; और उन्हें भी बुलाया 
Matthew 4:22 वे तुरन्त नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Matthew 4:23 और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बल्ता को दूर करता रहा। 
Matthew 4:24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उसने उन्हें चंगा किया। 
Matthew 4:25 और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29


रविवार, 7 फ़रवरी 2016

अवलोकन


   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड की न्यायियों की पुस्तक को पढ़ना किसी किसी को महानायकों वाली बच्चों की कॉमिक्स पढ़ने के समान लग सकता है। इस पुस्तक में दबोरा, बराक, गिदौन और शिमशोन जैसे महान नायकों एवं योद्धाओं का वर्णन है; लेकिन इसी पुस्तक में हम एक और पात्र - ओत्नीएल, के बारे में भी लिखा पाते हैं।

   न्यायियों की पुस्तक में ओत्नीएल के जीवन का वृतांत संक्षिप्त और सीधा सा है (न्यायियों 3:7-11)। इस वृतांत में कोई नाटकीय घटना नहीं दी गई; किसी अद्भुत सामर्थ के प्रदर्शन का वर्णन नहीं किया गया। संक्षिप्त से वर्णन में बस वही लिखा गया जो परमेश्वर ने ओत्नीएल में होकर किया: परमेश्वर ने उसे एक उद्धारक ठहराया (पद 9), उसमें परमेश्वर का आत्मा समाया (पद 10), और परमेश्वर ने राजा कूशत्रिशातैम को ओत्नीएल के हाथ में कर दिया और वह राजा कूशत्रिशातैम पर जयवन्त हुआ (पद 10)।

   ओत्नीएल का यह संक्षिप्त वृतांत हमारा ध्यान उस बात पर केंद्रित करता है जो सबसे महत्वपूर्ण है - परमेश्वर का कार्य। रोचक कहानियों और रोमांचक लोगों के वर्णन कई बार हमारा ध्यान परमेश्वर पर से हटा कर उन मनुष्यों पर केंद्रित कर देते हैं जिन में होकर परमेश्वर कार्य करता है; और पाठक परमेश्वर पर नहीं वरन मनुष्यों पर केंद्रित होकर रह जाते हैं।

   जब मैं छोटा था तो मेरी इच्छा रहती थी कि काश मैं और अधिक गुणवान होता जिससे मैं और अधिक लोगों को प्रभु यीशु के पास ला सकता। लेकिन मेरी सोच गलत थी क्योंकि परमेश्वर अकसर साधारण लोगों को अपने असाधारण कार्य के लिए प्रयोग करता है। जब परमेश्वर की ज्योति हमारे जीवनों से चमकती है तो लोग परमेश्वर की ओर आकर्षित होते हैं (मत्ती 5:16)।

   इसलिए परमेश्वर के लिए उपयोगी होने के लिए यह अति आवश्यक है कि जब लोग हमारे जीवनों का अवलोकन करें तो उन्हें हम नहीं वरन हम में होकर कार्य करने वाला परमेश्वर दिखाई दे। - पो फैंग चिया


हमारी सीमित योग्यताएं परमेश्वर की असीमित सामर्थ को प्रगट करने का माध्यम हो सकती हैं।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: न्यायियों 3:7-11
Judges 3:7 इस प्रकार इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, और अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर बाल नाम देवताओं और अशेरा नाम देवियों की उपासना करने लग गए। 
Judges 3:8 तब यहोवा का क्रोध इस्राएलियों पर भड़का, और उसने उन को अरम्नहरैम के राजा कूशत्रिशातैम के आधीन कर दिया; सो इस्राएली आठ वर्ष तक कूशत्रिशातैम के आधीन में रहे। 
Judges 3:9 तब इस्राएलियों ने यहोवा की दोहाई दी, और उसने इस्राएलियों के लिये कालेब के छोटे भाई ओत्नीएल नाम एक कनजी छुड़ाने वाले को ठहराया, और उसने उन को छुड़ाया। 
Judges 3:10 उस में यहोवा का आत्मा समाया, और वह इस्राएलियों का न्यायी बन गया, और लड़ने को निकला, और यहोवा ने अराम के राजा कूशत्रिशातैम को उसके हाथ में कर दिया; और वह कूशत्रिशातैम पर जयवन्त हुआ। 
Judges 3:11 तब चालीस वर्ष तक देश में शान्ति बनी रही। और उन्हीं दिनों में कन्जी ओत्नीएल मर गया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 1-3
  • मत्ती 24:1-28


रविवार, 1 मार्च 2015

विश्वास के नायक


   विलियम केरी एक असाधारण विश्वास रखने वाले साधारण से व्यक्ति थे। उनका जन्म 18वीं सदी में एक श्रमिक-वर्ग परिवार में हुआ था, और वे अपनी जीविका कमाने के लिए मोची का कार्य करते थे। इस कार्य के दौरान उन्होंने परमेश्वर के वचन बाइबल एवं उससे संबंधित लेखों तथा दूर देशों के खोजी यात्रियों के वृतांतों को पढ़ा। परमेश्वर ने उनके मन में डाला कि उन यात्रियों द्वारा नए इलाकों में नए लोगों से हुए संपर्क का लाभ उन लोगों तक परमेश्वर के वचन और उद्धार के सुसमाचार को पहुँचाने के लिए किया जाए। विलियम केरी भारत में मिशनरी बनकर आए, यहाँ उन्होंने ना केवल सुसमाचार प्रचारक का कार्य किया, वरन अनेक स्थानीय भाषाएं एवं बोलियाँ भी सीखीं और फिर उन भाषाओं तथा बोलियों में परमेश्वर के वचन बाइबल का अनुवाद भी किया। विलियम केरी का अपने परमेश्वर के लिए कार्यकारी रहने की उत्कंठा उनके एक कथन से समझी जा सकती है: "परमेश्वर से महान बातों की आशा बनाए रखें; परमेश्वर के लिए महान कार्यों में प्रयासरत रहें।" केरी ने इस बात को अपने जीवन का सिद्धांतवाक्य बनाया और इसे अपने जीवन में जीकर दिखाया। उनके इस उदाहरण ने हज़ारों लोगों को परमेश्वर के लिए सेवकाई में यही करने के लिए प्रेरित भी किया है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी अनेक विश्वास के नायकों के बारे में बताती है, जिन्होंने परमेश्वर के प्रति विश्वास द्वारा परमेश्वर के लिए अद्भुत कार्य संपन्न किए। इब्रानियों की पत्री में उनके विषय में लिखा है, "इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते; धर्म के काम किए; प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं प्राप्त की, सिंहों के मुंह बन्‍द किए। आग की ज्‍वाला को ठंडा किया; तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए; लड़ाई में वीर निकले; विदेशियों की फौजों को मार भगाया" (इब्रानियों 11:33-34)।

   समय के साथ मसीही विश्वास के इन नायकों की संख्या तथा सूची बढ़ती ही गई है, और हमारे लिए अभी यह सुअवसर खुला है कि हमारे नाम भी उस सूची में दर्ज हो सकते हैं। क्योंकि परमेश्वर प्रत्येक मसीही विश्वासी के साथ रहता है, उसे सामर्थ प्रदान करता है, उसका मार्गदर्शन करता है, इसलिए हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर से महान बातों की आशा बनाए रख सकते हैं; परमेश्वर के लिए महान कार्यों में प्रयासरत रह सकते हैं; विश्वास के नायक बन सकते हैं। - डेनिस फिशर


आप परमेश्वर के सहकर्मी हैं; अपनी मसीही सेवकाई की योजनाएं भी उसकी महानता के अनुरूप बनाएं।

परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया। - 2 तिमुथियुस 4:17

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:32-40
Hebrews 11:32 अब और क्या कहूँ क्योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं। 
Hebrews 11:33 इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते; धर्म के काम किए; प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं प्राप्त की, सिंहों के मुंह बन्‍द किए। 
Hebrews 11:34 आग की ज्‍वाला को ठंडा किया; तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए; लड़ाई में वीर निकले; विदेशियों की फौजों को मार भगाया। 
Hebrews 11:35 स्‍त्रियों ने अपने मरे हुओं को फिर जीवते पाया; कितने तो मार खाते खाते मर गए; और छुटकारा न चाहा; इसलिये कि उत्तम पुनरुत्थान के भागी हों। 
Hebrews 11:36 कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने; और कोड़े खाने; वरन बान्‍धे जाने; और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए। 
Hebrews 11:37 पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्‍लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकिरयों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे। 
Hebrews 11:38 और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे। 
Hebrews 11:39 संसार उन के योगय न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई, तौभी उन्हें प्रतिज्ञा की हुई वस्तु न मिली। 
Hebrews 11:40 क्योंकि परमेश्वर ने हमारे लिये पहिले से एक उत्तम बात ठहराई, कि वे हमारे बिना सिद्धता को न पहुंचे।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37



शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

झूठ का धोखा

टेक्सस प्रदेश का एक कॉलेज का छात्र स्थानीय नायक बन गया जब उसके विषय में लोगों को पता चला कि उसने एक महिला को तीन आक्रमणकारियों से बचाया। लेकिन कुछ समय पश्चात सारे देश में उसके नाम की दुषचर्चा हो गई जब ज्ञात हुआ कि उसकी यह कहानी झूठी थी। उस लज्जित छात्र को मानना पड़ा कि, जैसे उसने पहले दावा किया था, उसने किसी महिला की रक्षा करने के लिये कोई लड़ाई नहीं करी, वरन उसके शरीर पर आए चोट के निशान उसकी किसी से अपनी व्यक्तिगत लड़ाई के कारण थे।

इस छात्र को मिली क्षणिक ख्याति और फिर उससे भी अधिक मिली लज्जा, राजा सुलेमान द्वारा नीतिवचन में कही गई बात का उदाहरण है कि झूठ की उम्र थोड़ी ही होती है। शर्म छिपाने के लिये बोला गया झूठ, और भी अधिक शर्म का कारण बन जाता है। सत्य को न बताना, उस अस्त्य के परिणामों को सामने आने में कुछ समय तो देता है परन्तु साथ ही झूठ बोलने वाले को और भी बुरे झूठ और धोखे के जाल में फंसा भी देता है।

सत्य तो अनततः उजागर हो ही जाता है, नीतिवचन १२ हमें बताता है कि ऐसा क्यों होता है। परमेश्वर झूठ से घृणा करता है (पद २२) और झूठ को हिंसा का कारण मानता है (पद १८)। इस कारण झूठ ज्यादा समय तक बना नहीं रहता (पद १९)। झूठ बुरी युक्ति करने वाले लोगों की कार्यविधि है (पद २०)।

हम परमेश्वर के वचन और उस लज्जित छात्र के अनुभव से शिक्षा ले सकते हैं कि झूठ, किसी परिस्थिति से बच निकलने का आसान तरीका तो प्रतीत हो सकता है, लेकिन वह किसी भी परिस्थिति से बचाता नहीं है, वरन और बुरा फंसा देता है। - मार्ट डी हॉन


झूठ, किसी परिस्थिति से बचने के लिये, कायरों का प्रयास है।

सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूठ पल ही भर का होता है। - नीतिवचन १२:१९

बाइबल पाठ: नीतिवचन १२:१७-२२

जो सच बोलता है, वह धर्म प्रगट करता है, परन्तु जो झूठी साक्षी देता, वह छल प्रगट करता है।
ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूठ पल ही भर का होता है।
बुरी युक्ति करने वालों के मन में छल रहता है, परन्तु मेल की युक्ति करने वालों को आनन्द होता है।
धर्मी को हानि नहीं होती है, परन्तु दुष्ट लोग सारी विपत्ति में डूब जाते हैं।
झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ३३-३५
  • मत्ती १०:१-२०

बुधवार, 8 दिसंबर 2010

पश्चाताप की विरासत

सब धर्म ग्रंथों के अपने अपने नायक होते हैं जिनके कार्य और शौर्य को उदाहरण के लिये याद किया जाता है। परन्तु शायद बाइबल ही एक ऐसा धर्म ग्रंथ होगा जिसमें अपने एक महान नायक के पतन पर भजन रचा और स्मरणीय बनाया गया है। बाइबल के भजन संहिता में भजन ५१ एक ऐसा भजन जो इस्त्राएल के महानतम राजा और प्रभु यीशु मसीह के पूर्वज दाऊद का, उसके पाप में पड़ने, पश्चाताप, परमेश्वर के प्रति भक्ति और फिर बहाल किये जाने को दिखाता है। यह बाइबल का एक अनूठा गुण है कि उसमें उसके पात्रों के चरित्र को उसकी वास्तविकता में दिखाया गया है। उनके जीवन के पाप या कमज़ोरियों को ना छुपाया गया, न नज़रंदाज़ किया गया और न उसे किसी अन्य रूप से उचित अथवा न्यायसंगत ठहराने का प्रयास किया गया है।

भजन ५१ में हम देखते हैं कि कैसे अपने पाप के कारण दाऊद के मन में अशांति थी, उसका दोष उसे कैसे अन्दर ही अन्दर खाए जा रहा था, फिर परमेश्वर के सन्मुख उसका पाप स्वीकार करने से मिले पाप क्षमा और बहाल होने के आनन्द को देखते हैं। यह भजन उदहारण है पाप के प्रभाव का भी और साथ ही पश्चाताप के प्रभाव का भी।

इस भजन से पाप की वास्तविकता सामने आती है - परमेश्वर से टूटा संबंध। दाऊद दुखी मन से परमेश्वर के सामने गिड़गिड़ाता है " मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है" (पद ४) और यह भी दिखाता है कि परमेश्वर पापी जन से प्रायश्चित नहीं पश्चाताप चाहता है " क्योकि तू मेलबलि में प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।" (पद १६, १७)

अपनी इस प्रार्थना में दाऊद ज्योति की एक किरण देखने पाता है कि उसके पाप और पश्चाताप से दूसरों को सीख मिलने का अवसर है "तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।" (पद १३) दाऊद की यह प्रार्थना सार्थक हुई और पाप अंगीकार तथा पश्चाताप का उसका यह भजन अनन्त काल के लिये परमेश्वर के वचन का भाग बन गया जिससे इसे पढ़ने वाले दाउद की गलतियों से सबक लें और स्वयं उनमें न पड़ें; और जो पाप में पड़े हैं वे परमेश्वर के साथ अपने संबंध की बहाली का मार्ग सीख सकें।

इस्त्राएल का सबसे अच्छा राजा पतन की गहराई तक गिर गया था, परन्तु न तो वो न और कोई कभी परमेश्वर के प्रेम और क्षमा की सीमा के बाहर गिर सकता है। यह भजन, राजा दाऊद की ’आप बीती’, प्रमाण है कि परमेश्वर पाप से घृणा करता है, पापी से नहीं तथा सच्चे पश्चाताप की एक प्रार्थना घोर पापी के लिये भी सब बदल देती है।

दाऊद का यह भजन संसार के हर जन के लिये पश्चाताप की विरासत है। - फिलिप यैनसी


पश्चाताप वह भूमी है जिसमें क्षमा फूलती फलती है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन ५१:१७


बाइबल पाठ: भजन ५१

हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर, अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
मुझे भलीं भांति धो कर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ा कर मुझे शुद्ध कर!
मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है, और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा दे कर मुझे सम्भाल।
तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा।
क्योकि तू मेलबलि में प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता, होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता।
टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना,
तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात् सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा, तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल:
  • दानियेल ८-१०
  • ३ युहन्ना

गुरुवार, 11 नवंबर 2010

निस्वार्थ वीरता का प्रोत्साहन

अमेरिका के एक अखबार Chicago Tribune में एक रिपोर्ट छपी जिसमें बताया गया कि बहुत से ऐसे अमेरिकी नागरिक है, पादरियों से लेकर वकीलों और कंपनियों के उच्च संचालकों तक जो ऐसे शौर्य के कार्यों के लिये पदकों का दावा कर रहे हैं जो उन्होंने कभी किये ही नहीं! युद्ध के रिकार्डों में हेरा-फेरी और पराक्रम के झूठे दावे हमारी कल्पना से कहीं अधिक प्रचलित हैं। एक व्यक्ति, जिसने जल सेना के शौर्य पदक का झूठा दावा किया, बाद में इस बात के लिये शर्मिंदा हुआ, और कहा कि वास्तविक शूरवीर कभी अपने कार्यों का स्वयं बखान नहीं करते।

वीरता की निशानी होती है दूसरों की भलाई के लिये निस्वार्थ रीति से अपनी जान भी जोखिम में डाल देने की पृवर्ति।

फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस अपने दो ऐसे साथियों की, उनके विश्वास के सच्चे नायक होने के लिये सराहना करता है, जो समाज में बहुत ही साधारण सा जीवन और स्थान रखते थे किंतु विश्वास में उनकी कर्मठता ने उन्हें परमेश्वर के वचन में सदा काल के लिये उदाहरण बना दिया और असाधारण स्थान दे दिया। तिमुथियुस को, उसके निस्वार्थ और परखे हुआ चरित्र के कारण, पौलुस अपने ऐसे पुत्र की संज्ञा देता है जिसने सुसमाचार प्रचार में उसकी सेवा करी (फिलिप्पियों २:२२)। पौलुस एपाफ्रुदितुस की भी सराहना करता है क्योंकि मसीह के कार्य के लिये उसने अपनी जान जोखिम में डाली, और उसे अपना भाई, सहकर्मी और संगी योद्धा करके संबोधित करता है (फिलिप्पियों २:२५, ३०)। फिलिप्पियों के विश्वासियों को पौलुस ने समझाया कि ऐसे लोगों का बहुत आदर करें (फिलिप्पियों २:२९)।

अपने सहविश्वासियों का, परमेश्वर के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिये आदर करना बाइबल की शिक्षा है। इसका तात्पर्य ऐसे वीरों की पूजा करना नहीं है, वरन एक भला जीवन जीने के लिये उनके प्रति आदर का भाव रखना है।

आज हमारा यह कर्तव्य है कि हम परमेश्वर के लिये निस्वार्थ कार्य करने वालों और उसके नाम की खातिर दूसरों की सहयतार्थ अपना जीवन बिताने वालों का आदर करें और अपने शब्दों द्वारा अथवा किसी ठोस कार्य के द्वारा उन्हें प्रोत्साहित करें। - डेविड मैककैसलैंड


मसीह में विश्वास द्वारा साधारण मनुष्य भी असाधारण नायक बन जाते हैं।

इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्‍द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना। - फिलिप्पियों २:२९


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों २:१९-३०

मुझे प्रभु यीशु में आशा है, कि मैं तीमुथियुस को तुम्हारे पास तुरन्‍त भेजूंगा, ताकि तुम्हारी दशा सुन कर मुझे शान्‍ति मिले।
क्‍योंकि मेरे पास ऐसे स्‍वाभाव का कोई नहीं, जो शुद्ध मन से तुम्हारी चिन्‍ता करे।
क्‍योंकि सब अपने स्‍वार्थ की खोज में रहते हैं, न कि यीशु मसीह की।
पर उसको तो तुम ने परखा और जान भी लिया है, कि जैसा पुत्र पिता के साथ करता है, वैसा ही उस ने सुसमाचार के फैलाने में मेरे साथ परिश्रम किया।
सो मुझे आशा है, कि ज्योंही मुझे जान पड़ेगा कि मेरी क्‍या दशा होगी, त्योंही मैं उसे तुरन्‍त भेज दूंगा।
और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा।
पर मैं ने एपाफ्रदीतुस को जो मेरा भाई, और सहकर्मी और संगी योद्धा और तुम्हारा दूत, और आवश्यक बातों में मेरी सेवा टहल करने वाला है, तुम्हारे पास भेजना अवश्य समझा।
क्‍योंकि उसका मन तुम सब में लगा हुआ था, इस कारण वह व्याकुल रहता था क्‍योंकि तुम ने उस की बीमारी का हाल सुना था।
और निश्‍चय वह बीमार तो हो गया था, यहां तक कि मरने पर था, परन्‍तु परमेश्वर ने उस पर दया की, और केवल उस ही पर नहीं, पर मुझ पर भी, कि मुझे शोक पर शोक न हो।
इसलिये मैं ने उसे भेजने का और भी यत्‍न किया कि तुम उस से फिर भेंट कर के आनन्‍दित हो जाओ और मेरा शोक घट जाए।
इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्‍द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना।
क्‍योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठा कर मरने के निकट हो गया था, ताकि जो घटी तुम्हारी ओर से मेरी सेवा में हुई, उसे पूरा करे।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह ५०
  • इब्रानियों ८