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बुधवार, 4 मई 2011

बेहतर विकल्प

मानव शरीर करोड़ों कोषिकाओं से मिलकर बना है, और इन कोषिकाओं की संख्या से लगभग १० गुणा अधिक संख्या में इस शरीर में सूक्ष्म जीवाणु बसते हैं। हमारी त्वचा के एक सिक्के के आकार के भाग में ही लगभग २० लाख जीवाणु होते हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि इतनी संख्या में जीवाणुओं की उपस्थिति के कारण हम लगातार रोगी होने के खतरे में बने रहते हैं। लेकिन असलियत यह है कि इन असंख्य जीवाणुओं की हमारे शरीर में उपस्थिति ही हमें स्वस्थ रखती है; यदि ये न हों तो हम रोगी हो जाएंगे, क्योंकि ये भले जीवाणु रोग पैदा करने वाले हानिकारक कीटाणुओं को पनपने नहीं देते।

यह उदाहरण हमें हरेक परिस्थिति में भी परमेश्वर के कार्य में संलग्न रहने की मसीही विश्वासियों की बुलाहट को समझने में सहायता करता है। हमारे सोचने के विपरीत, विशम परिस्थितियों का होना विश्वासियों के लिए हानि की नहीं वरन लाभ की बात है।

परमेश्वर चाहता है कि उसके बच्चे पाप और अधर्म से दूषित संसार में धैर्य, प्रेम और विश्वास को प्रदर्शित करें। जो विपरीत परिस्थितियाँ हम पर आती रहती हैं वे सुनिश्चित करती हैं कि हम और भी अधिक हानिकारक बातों से जो यदि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा हो तो अति शीघ्र हम में घर बना लेती हैं, जैसे अहंकार, अपने आप को बढ़कर आंकना, परमेश्वर पर निर्भर न रहना आदि, से बचे रहें। जब जब हम समस्याओं में पड़ते हैं तो ये परिस्थितियाँ हमें परमेश्वर पर आश्रित होने और उसपर तथा उसके वचन के और निकट आने और उस पर विश्वास करने वाला बनाती हैं।

कठिनाईयाँ हमारे आत्मिक विकास में भी योगदान देती हैं, यदि हम उन्हें अपने विश्वास की परख और सहनशीलता बढ़ाने के अवसरों के रूप में देखें।

जब तक मसीह नहीं आ जाता और उसके साथ हम सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक विपरीत परिस्थितियों का बने रहना हमारे लिए बेहतर विकल्प है। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर हमारे जीवन में विपरीत परिस्थितियाँ हमें बेहतर बनाने लिए आने देता है, हमें बिगाड़ने के लिए नहीं।

यहां तक कि हम आप परमेश्वर की कलीसिया में तुम्हारे विषय में घमण्‍ड करते हैं, कि जितने उपद्रव और क्‍लेश तुम सहते हो, उन सब में तुम्हारा धीरज और विश्वास प्रगट होता है। - २ थिस्सलुनीकियों १:४


बाइबल पाठ: याकूब १:१-४

Jas 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर होकर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे।
Jas 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
Jas 1:3 तो इसे पूरे आनन्‍द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्‍पन्न होता है।
Jas 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १६-१८
  • लूका २२:४७-७१

अवसर

एक मूर्तिकार अपने मेहमान को संगमरमर की अपनी कृतियाँ दिखा रहा था। वह मेहमान एक असाधारण मूर्ति की ओर आकर्षित हुआ। मूर्ति का जहाँ चेहरा होना चाहिए था, मूर्तिकार ने वहाँ उसे बालों से ढका हुआ दिखाया था और उस मूर्ति के पैरों पर चिड़िया के पंख लगे हुए थे। मेहमान ने मूर्तिकार से पूछा, "इस मूर्ति का क्या नाम है?" मूर्तिकार ने उतर दिया, "अवसर; इसका चेहरा ढका हुआ है क्योंकि जब वह आता है तो अक्सर हम इसे पहचान नहीं पाते; इसके पावों पर पंख लगे हैं, क्योंकि यह अति शीघ्र चला भी जाता है और एक बार गया तो फिर उसे कोई पकड़ नहीं सकता।"

प्रेरित पौलुस ने भी अवसर के शीघ्रता से निकल जाने की बात इफीसियों ५:१६ में कही। इस पद में जिस शब्द का अनुवाद ’समय’ किया गया है उसका अनुवाद ’अवसर’ भी किया जा सकता है। ये अवसर व्यक्तिगत संपर्क के कुछ पल भी हो सकते हैं या कोई घटना, कोई वार्तालाप, किसी पुराने पहचान वाले से अचानक हुई मुलाकात आदि भी। ये सुनहरी अवसर होते हैं किसी की प्यार से देखभाल करने के, किसी को अपने विश्वास की गवाही देने के, अनन्त काल की भलाई का कार्य करने के।

इंगलैंड के एक विख्यात प्रचारक अलेक्ज़ैंडर मैकलैरन ने कहा, "जीवन का प्रत्येक पल हमें एक उद्देश्य के लिए दिया गया है: कि हम अपने प्रभु के अनुरूप बनें। यह अंतिम लक्ष्य जीवन के अनेक छोटे - बड़े लक्ष्यों की पूर्ति के द्वारा संपन्न होता है।"

जब हमारा विश्वास दृढ़ रहता है तो हमें साहस और सदबुद्धि भी मिलती है कि हम प्रत्येक बाधा को अपनी उन्नति अवसर की तरह देख सकें। - पौल वैन गोर्डर।


विश्वास बाधाओं को उन्नति के अवसरों में बदल देता है।

इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्‍योंकि दिन बुरे हैं। - इफीसियों ५:१५, १६

बाइबल पाठ: इफीसियों ५:८-१७
Eph 5:8 क्‍योंकि तुम तो पहले अन्‍धकार थे परन्‍तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्‍तान की नाई चलो।
Eph 5:9 (क्‍योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)।
Eph 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्‍या भाता है
Eph 5:11 और अन्‍धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो।
Eph 5:12 क्‍योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Eph 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्‍योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योंति है।
Eph 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोनेवाले जाग और मुर्दों में से जी उठ तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Eph 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो।
Eph 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्‍योंकि दिन बुरे हैं।
Eph 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्‍छा क्‍या है

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १२-१३
  • लूका २२:१-२०

सोमवार, 2 मई 2011

कठिनाइयों का सामना

गोल्फ खेलने वाले जानते हैं कि किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए वे कोई आसान मार्ग नहीं अपना सकते। यदि गोल्फ की गेंद समतल स्थल से लुढ़क कर ऊबड़खाबड़ स्थल पर चली जाए तो खेलने में आसानी के लिए खिलाड़ी उसे उठा कर वापस समतल स्थल पर नहीं रख सकता, उसे ऊबड़खाबड़ स्थान से ही आगे खेलना होता है।

युवा तीतुस ने भी अपने आप को कठिनाईयों में पाया। उसे क्रेते में रखा गया था कि वहाँ पर प्रभु के कार्य को बढ़ाए, लेकिन उसे कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ा। क्रेते के निवासी सामान्यतः धोखेबाज़, अनैतिक और आलसी होते थे, और यही दुर्गुण वहाँ की मण्डली में भी प्रगट होने लगे थे। पौलुस को जब इसका पता चला तो अपने मित्र को प्रोत्साहित करने के लिए उसने तीतुस को पत्री लिखी। इस पत्री का सार इस प्रकार था, "हाँ, क्रेते में परिस्थिति काफी खराब है। लेकिन इसी लिए तो मैं ने तुम्हें वहाँ रखा है। परमेश्वर तुम्हें वहाँ एक बड़ा, महत्वपूर्ण और आवशयक परिवर्तन लाने के लिए प्रयोग कर सकता है।"

तीतुस ने अपने मित्र की सलाह को स्वीकार किया, और वह सफल हुआ। यद्यपि बाइबल इस प्रोत्साहन की पत्री के नतीजे तो नहीं बताती लेकिन पुरातत्व विशेष्ज्ञों ने क्रेते में विशाल चर्च भवनों के खण्डर पाए हैं और इन चर्च भवनों के कोने के पत्थरों पर "तीतुस" नाम खुदा हुआ है।

जब कभी हम कठिनाईयों का सामना कर रहे होते हैं तो किसी आसान मार्ग के तलाश करने के प्रयास से कोई लाभ होने वाला नहीं है। सही तरीका यह है कि परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखें तथा चुनौतियों का खुलकर सामना करें, तब ही हम उन परिस्थितियों पर जयवन्त हो सकेंगे।

इससे न केवल हम बेहतर व्यक्ति बनेंगे, वरन साथ ही हमारा विश्वास भी दृढ़ होगा कि हमारा परमेश्वर हमें विजयी रख सकता है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


समस्या जितनी बड़ी होगी, उतनी ही बड़ा परमेश्वर की सामर्थ को प्राप्त करने का अवसर भी होगा।

मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे। - तीतुस १:५


बाइबल पाठ: तीतुस १

Tit 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर का दास और यीशु मसीह का प्रेरित है, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विश्वास, और भक्ति के अनुसार है।
Tit 1:2 उस अनन्‍त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने, जो झूठ बोल नहीं सकता, सनातन से की है।
Tit 1:3 पर ठीक समय पर अपने वचन को उस प्रचार के द्वारा प्रगट किया, जो हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार मुझे सौंपा गया।
Tit 1:4 तीतुस के नाम जो विश्वास की सहभागिता के विचार से मेरा सच्‍चा पुत्र है: परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु से अनुग्रह और शान्‍ति होती रहे।
Tit 1:5 मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे।
Tit 1:6 जो निर्दोष और एक ही पत्‍नी के पति हों, जिन के लड़केबाले विश्वासी हों, और जिन्‍हें लुचपन और निरंकुशता का दोष नहीं।
Tit 1:7 क्‍योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्‍डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मारपीट करने वाला, और न नीच कमाई का लोभी।
Tit 1:8 पर पहुनाई करने वाला, भलाई का चाहने वाला, संयमी, न्यायी, पवित्र और जितेन्‍द्रिय हो।
Tit 1:9 और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके और विवादियों का मुंह भी बन्‍द कर सके।
Tit 1:10 क्‍योंकि बहुत से लोग निरंकुश बकवादी और धोखा देने वाले हैं विशेष करके खतना वालों में से।
Tit 1:11 इन का मुंह बन्‍द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखा कर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
Tit 1:12 उन्‍हीं में से एक जन ने जो उन्‍हीं का भविष्यद्क्ता हैं, कहा है, कि क्रेती लोग सदा झूठे, दुष्‍ट पशु और आलसी पेटू होते हैं।
Tit 1:13 यह गवाही सच है, इसलिये उन्हें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
Tit 1:14 और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।
Tit 1:15 शुद्ध लोगों के लिये सब वस्‍तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: वरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
Tit 1:16 वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्‍कार करते हैं, क्‍योंकि वे घृणित और आज्ञा न मानने वाले हैं: और किसी अच्‍छे काम के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १२-१३
  • लूका २२:१-२०

रविवार, 1 मई 2011

खुलते द्वार

हमारे शहर के एक अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार में स्वचलित द्वार खोलने वाला यंत्र लगा है। जब मैं अपनी कार द्वार की ओर लेकर बढ़ता हूँ तब द्वार बन्द रहता है, लेकिन जैसे ही कार द्वार के निकट आती है तो द्वार के निकट लगा संवेदक यंत्र द्वार खोल देता है। यदि मैं द्वार के निकट आकर कार को खड़ी कर दूँ तो भी द्वार बन्द रहता है, संवेदक यंत्र केवल चलती हुई कार को पहचान कर ही द्वार खोलता है।

परमेश्वर के साथ विश्वास में चलना भी कुछ ऐसा ही है। जब हम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में चलते हों और हमारे सामने कोई बन्द द्वार दिखाई पड़े तो भी हम अपने कदम आगे बढ़ा सकते हैं पूरे विश्वास के साथ कि परमेश्वर सही समय पर द्वार खोल देगा, लेकिन अविश्वास में कदम रोक देना द्वार को खुलने नहीं देगा।

प्रत्येक मसीही विश्वासी अपने जीवन काल में बाधाओं का सामना करता है। परमेश्वर की इच्छा में चलना इस बात की गारण्टी नहीं है कि हमारा मार्ग आसान होगा; लेकिन चाहे कैसा भी कठिन मार्ग हो, हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारा प्रभु हमारे साथ हर एक परिस्थिति में बना रहता है और हम विश्वास में आगे बढ़ सकते हैं।

स्तुति के गीतों के एक लेखक ऑस्कर एलिसन ने अपने एक गीत में लिखा, "क्या आप के सामने कोई ऐसी नदी है जिसे पार करना असंभव लगता है? क्या आप के सामने कोई ऐसा पहाड़ है जिसे लांघना असंभव लगता है? परमेश्वर को सौंप दीजिए, वह असंभव को संभव बनाने का विशेष्ज्ञ है!"

किसी ने कहा है कि, "यदि परमेश्वर आपके कदम रखने के एक गज़ आगे तक का भी मार्ग आपको दिखा दे, तो वह मार्ग विश्वास का मार्ग नहीं रहेगा।" अन्जाने मार्ग पर आज्ञाकारिता और विश्वास में उठाया गया कदम ही प्रमाणित करता है कि हम परमेश्वर पर विश्वास में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। उदाहरण स्वरूप इब्राहिम को ही लीजिए, "विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया" (इब्रानियों ११:८)

जैसे जैसे हम उसकी आज्ञाकारिता और उस पर विश्वास में कदम आगे बढ़ाते रहेंगे, वह हमारे हर कदम के लिए मार्ग बनाता रहेगा और बाधाओं के हर द्वार खोलता रहेगा। - पौल वैन गोर्डर


जोखिम और परमेश्वर की सामर्थ के बीच का द्वार ही विश्वास है।

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है। - इब्रानियों ११:१


बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-१२

Heb 11:1 अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Heb 11:2 क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
Heb 11:3 विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Heb 11:4 विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया, और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Heb 11:5 विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Heb 11:6 और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
Heb 11:7 विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Heb 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Heb 11:9 विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Heb 11:10 क्‍योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Heb 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई क्‍योंकि उस ने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्‍चा जाना था।
Heb 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्‍पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १०-११
  • लूका २१:२०-३८

शनिवार, 30 अप्रैल 2011

विजयी जीवन का आधार

मैंने एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें दो तथाकथित "विशेष्ज्ञ" इस निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि दैत्याकार और अति सामर्थी समझे जाने वाला गोलियत, जिसे दाउद ने युद्ध में हराया और मार डाला, वासत्व में एक कमज़ोर और रोगी व्यक्ति था; उसे मस्तिष्क के अन्दर एक ग्रंथी में रसौली थी जिसके कारण उसका शरीर दैत्याकार हो गया और उसकी नज़र कमज़ोर हो गई, इस कारण वह दाउद द्वारा गोफन से फेंका हुआ पत्थर नहीं देख सका और माथे पर लगी उस पत्थर की चोट से मारा गया।

लेकिन यथार्थ इससे बिलकुल भिन्न है। जिस मस्तिष्क रोग की बात ये तथाकथित "विशेष्ज्ञ" कर रहे हैं, उससे पीड़ित रोगी ठीक से चल नहीं सकता और शरीर के विशाल हो जाने के बावजूद इन रोगियों में एक साधारण मनुष्य के बाराबर भी ताकत नहीं रह जाती। लेकिन गोलियत कोई कमज़ोर मनुष्य नहीं था - वह जो कवच पहनता था केवल उसीका वज़न लगभग ६० किलो था, और उसके भाले के सिरे का वज़न लगभग ७ किलो था। यदि गोलियत वासत्व में रोग से ग्रसित कमज़ोर मनुष्य होता तो इतना वज़न उठा कर चलना उसके लिए संभव नहीं होता।

इस संदर्भ में गोलियत से संबंधित कुछ अन्य बातें भी विचारने योग्य हैं, वह एक प्रबल योद्धा था और समस्त इस्त्राएली उससे डरे हुए थे और उसकी लकार का सामना करने की उनमें हिम्मत नहीं थी। इस्त्राएलियों के दुश्मन फिलिस्तियों ने गोलियत को अपना नायक बना कर युद्ध में उतारा और इस्त्राएलियों को चुनौती दी। कोई सेनापति किसी बीमार और कमज़ोर नज़र वाले व्यक्ति को कभी इस तरह युद्ध में नहीं उतारता और न ही ऐसे बीमार योद्धा की चुनौती से कोई विरोधी भयभीत होता।

अवश्य ही परमेश्वर की सहायता के बिना दाउद के लिए गोलियत को मारना संभव नहीं था, और परमेश्वर में विश्वास के बिना दाउद के लिए गोलियत की चुनौती स्वीकार करके उससे लड़ने युद्ध में उतरना भी संभव नहीं था। दाउद ने केवल परमेश्वर पर विश्वास और परमेश्वर की सहायता के द्वारा गोलियत पर अद्भुत विजय प्राप्त करी।

प्रभु यीशु के अनुयायी चाहे दैत्याकार मनुष्यों अथवा शत्रुओं से शारीरिक युद्ध में संलग्न नहीं हैं, लेकिन उनका एक ऐसा युद्ध है जो निरंतर चलता रहता है और वह भी एक ऐसे शत्रु से जो गोलियत से कहीं अधिक सामर्थी है - वे अपने विरुद्ध शैतान के हमलों का आत्मिक युद्ध अविराम लड़ते रहते हैं, क्योंकि शैतान बार बार और अनेक उपायों से उन्हें पाप और परमेश्वर विरोधी कार्यों में फंसाना चाहता है।

हमारा परमेश्वर सर्वसामर्थी है। दाउद के समान हमें भी उसपर और उसकी सामर्थ पर विश्वास रखना है और तब हम शैतान और उसके षड़यंत्रों पर विजयी हो सकेंगे। जिसने दाउद को दैत्याकार गोलियत पर विजयी किया वही हमें शैतान पर भी विजयी करेगा।

हमारा परमेश्वर और उस पर हमारा विश्वास ही हमारे विजयी होने का आधार है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


हमारे विरुद्ध उठने वाली कोई भी परिस्थिति हमारी सामर्थ के बाहर तो हो सकती है, लेकिन हमारे परमेश्वर के संसाधानों के बाहर कभी नहीं हो सकती।

दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिए हुए मेरे पास आता है परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। - १ शमूएल १७:४५


बाइबल पाठ: १ शमूएल १७:३२-५४

1Sa 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जाकर उस पलिश्ती से लड़ेगा।
1Sa 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जाकर उस पलिश्ती के विरूद्ध नहीं युद्ध कर सकता क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है।
1Sa 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था, और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया,
1Sa 17:35 तब मैं ने उसका पीछा करके उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया और जब उस ने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला।
1Sa 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उस ने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है।
1Sa 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिस ने मुझे सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।
1Sa 17:38 तब शाऊल ने अपने वस्त्र दाऊद को पहिनाए, और पीतल का टोप उसके सिर पर रख दिया, और झिलम उसको पहिनाया।
1Sa 17:39 और दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया, उस ने तो उनको न परखा था। इसलिथे दाऊद ने शाऊल से कहा, इन्हें पहिने हुए मुझ से चला नहीं जाता, क्योंकि मैं ने नहीं परखा। और दाऊद ने उन्हें उतार दिया।
1Sa 17:40 तब उस ने अपनी लाठी हाथ में ले नाले में से पांच चिकने पत्थर छांट कर अपनी चरवाही की थैली, अर्थात अपने झोले में रखे और अपना गोफन हाथ में लेकर पलिश्ती के निकट चला।
1Sa 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिए था वह उसके आगे आगे चला।
1Sa 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि करके दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था।
1Sa 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी लेकर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम लेकर दाऊद को कोसने लगा।
1Sa 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और बनपशुओं को दे दूंगा।
1Sa 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिए हुए मेरे पास आता है परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।
1Sa 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है।
1Sa 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।
1Sa 17:48 जब पलिश्ती उठकर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।
1Sa 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।
1Sa 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल होकर उसे मार डाला परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।
1Sa 17:51 तब दाऊद दौड़कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देखकर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए।
1Sa 17:52 इस पर इस्राएली और यहूदी पुरूष ललकार उठे, और गत और एक्रोन से फाटकों तक पलिश्तियों का पीछा करते गए, और घायल पलिश्ती शारैम के मार्ग में और गत और एक्रोन तक गिरते गए।
1Sa 17:53 तब इस्राएली पलिश्तियों का पीछा छोड़कर लौट आए, और उनके डेरों को लूट लिया।
1Sa 17:54 और दाऊद पलिश्ती का सिर यरूशलेम में ले गया और उसके हथियार अपने डेरे में धर लिए।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा ८-९
  • लूका २१:१-१९

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

परमेश्वर की आवाज़

पतरस ने नए नियम की दो पत्रियाँ लिखीं, किंतु उसने यह एहसास किया कि वह केवल एक माध्यम भर है, जिसके द्वारा परमेश्वर अपना संदेश लोगों तक पहुंचा रहा है। पतरस ने अपने पाठकों को लिखा, " क्‍योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्‍छा से कभी नहीं हुई पर भक्त जन पवित्र आत्मा के द्वारा उभारे जाकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे" (२ पतरस १:२१)।

विख्यात सुसमाचार प्रचारक और बाइबल के ज्ञाता सी. एच. स्परजन ने लिखा, "बाइबल जीवित परमेश्वर की कृति है। उसने मूसा को नियुक्त किया कि उसकी प्रजा का इतिहास लिखे और परमेश्वर ने ही मूसा की कलम को निर्देशित किया। अवश्य ही दाउद ने अपनी वीणा के तारों को छेड़ा और मधुर भजन उसके हाथों से निकले, लेकिन परमेश्वर ही उसके हाथों की उंगलियों को वीणा पर चला रहा था और उसके मन में उन भजनों को भर रहा था। सुलेमान ने प्रेम के श्रेष्ठगीत गाए और उत्कॄष्ठ ज्ञान से भरे नीतिवचन बोले, लेकिन परमेश्वर ही था जो उसके होठों का निर्देशन कर उसे सुवक्ता बना रहा था। जब मैं नहूम की गर्जन और हबक्कूक के भविष्यदर्शन को पढ़ता हूँ, या मलाकी में लिखे पृथ्वी के अन्त समय की भविष्यवाणी को देखता हूँ, या पतरस की पत्रियों में परमेश्वर के शत्रुओं के आग में भस्म होने को पाता हूँ, या यहूदा की पत्री में परमेश्वर के विरोधियों पर घोर श्राप को पढ़ता हूँ - तो इन सब में मैं परमेश्वर की वाणी ही को पाता हूँ। हर पुस्तक में परमेश्वर ही बोल रहा है, कोई मनुष्य नहीं!"

"हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है..." (२ तिमुथियुस ३:१६); लेकिन महत्वपूर्ण है यह बात कि पवित्रशास्त्र बाइबल हमारे लिए रचि गई है, बाइबल के द्वारा परमेश्वर हमसे बातें करता है।

क्या अपने परमेश्वर की आवाज़ की ओर ध्यान दिया है? - रिचर्ड डी हॉन


बाइबल ही एक ऐसी पुस्तक है जिसका लेखक सदा वर्तमान है और अपने पाठकों के साथ विद्यमान रहता है।

हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। - २ तिमुथियुस ३:१६


बाइबल पाठ: २ पतरस १:१६-२१

2Pe 1:16 क्‍योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।
2Pe 1:17 कि उस ने परमेश्वर पिता से आदर, और महिमा पाई जब उस प्रतापमय महिमा में से यह वाणी आई कि यह मेरा प्रिय पुत्र है जिस से मैं प्रसन्न हूं।
2Pe 1:18 और जब हम उसके साथ पवित्र पहाड़ पर थे, तो स्‍वर्ग से यही वाणी आते सुना।
2Pe 1:19 और हमारे पास जो भविष्यद्वक्ताओं का वचन है, वह इस घटना से दृढ़ ठहरा है और तुम यह अच्‍छा करते हो, कि जो यह समझकर उस पर ध्यान करते हो, कि वह एक दीया है, जो अन्‍धियारे स्थान में उस समय तक प्रकाश देता रहता है जब तक कि पौ न फटे, और भोर का तारा तुम्हारे हृदयों में न चमक उठे।
2Pe 1:20 पर पहिले यह जान लो कि पवित्र शास्‍त्र की कोई भी भविष्यद्वाणी किसी के अपने ही विचारधारा के आधार पर पूर्ण नहीं होती।
2Pe 1:21 क्‍योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्‍छा से कभी नहीं हुई पर भक्त जन पवित्र आत्मा के द्वारा उभारे जाकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा ६-७
  • लूका २०:२७-४७

गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

शांत समय

खान में कठिन परिश्रम करने वाले कुछ मज़दूरों ने शाम के समय काम करते हुए एक पक्षी की मधुर चहचहाहट सुनी। उसे सुनकर वे एकदम शांत हो गए; उस शांत वातवरण में उनके मनों में बचपन की यादें ताज़ा हो गईं, जब वे इसी चहचहाहट का आनन्द लेते थे। इसी प्रकार जब हम शांत होते हैं तभी परमेश्वर की आवाज़ को सबसे साफ और प्रभावी रूप में सुन सकते हैं।

सर्दीयों की सुबह के शांत वातवरण में उठकर पाले की सफेद चादर से ढंके खेतों और मकानों का दृश्य अविस्मरणीय होता है। कब और कैसे रात के सन्नाटे में बर्फ खामोशी से आई और चांदी की सी परत से सब कुछ ढक दिया, पता ही नहीं चलता। किसी की अदृश्य उंगलियाँ प्रकृति को छू देती हैं और कायाकल्प हो जाता है। यह स्मरण दिलाता है भजन ४६:१० की पंक्ति को, "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं।" तथा हबक्कूक की बात को, "परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।" (हबक्कूक २:२०)

न केवल प्रकृति के शांत वातावारण में, वरन हमारे जीवन के अन्य शांत समयों में भी हम परमेश्वर की वाणी सुन सकते हैं। सभी के जीवन में ऐसे समय आते हैं जब किसी बिमारी, दुख या परेशानी के कारण नींद आंखों से दूर हो जाती है और वे बिसतर पर चुपचाप लेटे होते हैं; ये बहुमूल्य पल होते हैं जब हम परमेश्वर से बातें कर सकते हैं, उससे अपने दिल का हाल बयान कर सकते हैं, उससे कह सकते हैं कि हम उसे प्रेम करते हैं तथा अपने प्रति उसके प्रेम से आनन्दित हो सकते हैं। इन शांत समयों में जो हम सीख सकते हैं, वह किसी अन्य रीति से संभव नहीं है।

परमेश्वर के साथ शांत समय बिताने के खोजी बनें; ये शांत समय हमें एक नई शांति और स्फूर्ति से भर देते हैं, हमारे जीवनों में उसकी उपस्थिति का एक नया एहसास हमारे साथ होता है। इन अनमोल पलों को पाने के लिए आपको किसी अनिद्रा की रात की प्रतीक्षा करने की आवश्यक्ता नहीं है। बस अपने व्यस्त जीवन से बाहर निकलकर कुछ समय परमेश्वर के साथ बिताएं। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


परमेश्वर के साथ बिताया शांत समय सामर्थ और शक्ति संजोने का समय है।

परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे। - हबक्कूक २:२०

बाइबल पाठ: हबक्कूक २:१५-२०

Hab 2:15 हाय उस पर, जो अपने पड़ोसी को मदिरा पिलाता, और उस में विष मिलाकर उसको मतवाला कर देता है कि उसको नंगा देखे।
Hab 2:16 तू महिमा की सन्ती अपमान ही से भर गया है। तू भी पी, और अपने को खतनाहीन प्रगट कर! जो कटोरा यहोवा के दाहिने हाथ में रहता है, सो घूमकर तेरी ओर भी जाएगा, और तेरा विभव तेरी छांट से अशुद्ध हो जाएगा।
Hab 2:17 क्योंकि लबानोन में तेरा किया हुआ उपद्रव और वहां के पशुओं पर तेरा किया हुआ उत्पात, जिन से वे भयभीत हो गए थे, तुझी पर आ पड़ेंगे। यह मनुष्यों की हत्या और उस उपद्रव के कारण होगा, जो इस देश और राजधानी और इसके सब रहने वालों पर किया गया है।
Hab 2:18 खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनाने वाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखाने वाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालने वाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलने वाली और निकम्मी मूरत बनाए?
Hab 2:19 हाय उस पर जो काठ से कहता है, जाग; वा अबोल पत्थर से, उठ! क्या वह सिखाएगा? देखो, वह सोने चान्दी में मढ़ा हुआ है, परन्तु उस में आत्मा नहीं है।
Hab 2:20 परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा ३-५
  • लूका २०:१-२६