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शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

क्या स्मरण रखें; क्या भूलें

   एक बुद्धिमान पास्टर ने मुझे बताया कि जब वे निराश होने लगते हैं तो वे उस विस्मय और अद्भुत आनन्द को स्मरण करते हैं जो उन्होंने प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण करने पर अनुभव किया था और उनका मन पुनः प्रफुल्लित हो उठता है। किंतु वे कभी भी उन दो व्यक्तियों को स्मरण करने का प्रयास नहीं करते जिन्होंने चर्च की उनकी प्रथम सेवकाई में उनको हानि पहुँचाई थी; क्योंकि उन दोनो को याद कर के वे अपनी शान्ति भंग करना नहीं चाहते और न ही पुराने विद्वेष को जाग उठने का अवसर देना चाहते हैं।

   इस्त्राएल के राजा और भजनों के लेखक दाऊद ने परमेश्वर के लिए कहा, "हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना" (भजन १०३:२)। परमेश्वर की दया को स्मरण करना और साथ ही यह भी याद करना कि कैसे उसने हमारे पाप क्षमा किए, हमें चंगा किया, अब तक हमारी देखरेख करता रहा है और हम पर अपनी आशीषें उंडेलेता रहा है भला है। ऐसा करने से हम परमेश्वर के और अधिक धन्यवादी और उस पर अधिक दृढ़ विश्वास करने वाले बन जाते हैं।

   प्रेरित पौलुस ने लिखा, "...यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३, १४)। यदि पौलुस अपने पुराने जीवन को, जिसमें वह मसीही विश्वासियों को सताने वाला था, स्मरण करता रहता तो निराशा में पड़ जाता; और यदि अपने नए मसीही जीवन की सफलताओं और परमेश्वर से मिले हुए प्रकाशनों के बारे में सोचता रहता तो घमंड में पड़ जाता। इसलिए जो कुछ बीत गया, उसे पीछे छोड़ कर वह अपना ध्यान केवल आगे के कार्य की ओर लगाए रखता था।

   आत्मिक रूप से परिपक्व मसीही विश्वासी इस बात का ध्यान रखते हैं कि वे उन बातों को स्मरण रखें जो मसीह यीशु और उसके द्वारा प्राप्त उद्धार से संबंधित हैं और उन्हें अधिक बहुमूल्य बनाती हैं, तथा उन बातों को भूल जाएं जो उनके मसीही जीवन में अग्रसर होने में बाधा बनती हैं।

   हमें क्या स्मरण रखना है और क्या नहीं इसके विष्य में सचेत रहना चहिए। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जिसे भूल जाना चाहिए उसे स्मरण करके तथा जिसे स्मरण रखना चाहिए उसे भूल कर हम अपने जीवन में पराजय को न्यौता देते हैं।

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। - भजन १०३:२
...यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों ३:१३, १४

 
बाइबल पाठ: भजन १०३
    Psa 103:1  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
    Psa 103:2  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
    Psa 103:3  वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
    Psa 103:4  वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
    Psa 103:5  वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
    Psa 103:6  यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
    Psa 103:7  उस ने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
    Psa 103:8  यहोवा दयालु और अनुग्रहकारी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
    Psa 103:9  वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
    Psa 103:10  उस ने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
    Psa 103:11  जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
    Psa 103:12  उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उस ने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
    Psa 103:13  जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
    Psa 103:14  क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।
    Psa 103:15  मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है,
    Psa 103:16  जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
    Psa 103:17  परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
    Psa 103:18  अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।
    Psa 103:19  यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
    Psa 103:20  हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
    Psa 103:21  हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
    Psa 103:22  हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ५० 
  • इब्रानियों ८

गुरुवार, 10 नवंबर 2011

व्याकुल हृदयों के लिए शान्ति

   एक प्रिय मित्र ने अपने पत्र में हमारे साथ एक रोचक घटना बाँटी: उनकी एक अन्य सहेली का पालन पोष्ण एक भक्तिहीन एवं नास्तिक परिवार में हुआ था और वह अपने जीवन से बहुत असन्तुष्ट और निराश रहती थी। एक दिन उसने अखबार में ’शान्ति सेना’ में भर्ती के लिए विज्ञापन देखा और उसे विचार आया कि मेरे जीवन में शान्ति ही की तो कमी है, और वह उस शान्ति की तलाश में शान्ति सेना में भर्ती हो गई और उसे एक कबायली इलाके में स्वयंसेवा के लिए भेज दिया गया। सेवा करने के कुछ समय में ही वह जान गई कि जिस शान्ति की उसे तलाश थी वह अभी भी उस से दूर ही थी। अपने कार्य के दौरान वह एक वृद्ध कबायली के संपर्क में आई, और उसने देखा कि वह अन्य जितने कबायलियों के साथ संपर्क में आई थी, यह वृद्ध अपने व्यवहार और जीवन में उन सब से भिन्न है। उसने उस वृद्ध से उसके जीवन में इस सन्तुष्टि और शान्ति का राज़ पूछा, तो व्रुद्ध ने कहा यह इसलिए है क्योंकि प्रभु यीशु मसीह उसके हृदय में राज्य करते हैं। उस वृद्ध के कहने से उस स्त्री ने बाइबल पढ़नी आरंभ करी, और परमेश्वर के वचन तथा उस वृद्ध के जीवन की गवाही ने उसके जीवन में कार्य किया और उसने मसीह यीशु में उस अद्भुत शान्ति को पा लिया।

   यही शान्ति उन सब को भी उपलब्ध है जो साधारण विश्वास द्वारा प्रभु यीशु को अपने निज उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण करते हैं। जिनके पास परमेश्वर की यह शान्ति है उनका परमेश्वर के साथ मेलमिलाप है "जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें" (रोमियों ५:१); तथा वे हर समय उस परमेश्वर और उसकी शान्ति की सुरक्षा में रहते हैं "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   व्याकुल हृदयों के लिए इसी संसार में शान्ति उपलब्ध है - परमेश्वर की अद्भुत शान्ति; जीवन में यदि प्रभु यीशु नहीं तो शान्ति भी नहीं। - रिचर्ड डी हॉन

यीशु को ग्रहण करो, उसकी शान्ति स्वतः ही आ जाएगी।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - युहन्ना १४:२७
 
बाइबल पाठ: युहन्ना १४:१५-२७
    Joh 14:15  यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
    Joh 14:16  और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
    Joh 14:17  अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्‍योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्‍योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
    Joh 14:18  मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।
    Joh 14:19  और थोड़ी देर रह गई है कि संसार मुझे न देखेगा, परन्‍तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे।
    Joh 14:20  उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।
    Joh 14:21  जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्‍हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।
    Joh 14:22  उस यहूदा ने जो इस्‍किरयोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्‍या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं।
    Joh 14:23  यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
    Joh 14:24  जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिस ने मुझे भेजा।
    Joh 14:25  ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
    Joh 14:26  परन्‍तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
    Joh 14:27  मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ४८-४९ 
  • इब्रानियों ७

बुधवार, 9 नवंबर 2011

शांति

   भूतपूर्व अमेरीकी राष्ट्रपति जेरालड फोर्ड ने अपनी एक पुस्तक A Time to Heal में एक ऐसी कहानी बताई जो कुछ वर्ष पहले उन्होंने सुनी थी - ग्रीस (युनान) देश के गृह युद्ध के समय, सन १९४८ में, अमेरीका में बसने जा रहे एक गाँव वाले ने अपने साथ के लोगों से पूछा, "अमेरीका पहुँच कर मैं तुम्हारे लिए क्या भेजूँ - पैसा, भोजन, कपड़े?" उसके एक गरीब पड़ौसी ने उत्तर दिया, "नहीं, इन में से कुछ नहीं, बस एक टन शान्ति भेज देना।" आज भी मन-मस्तिष्क की शान्ति हमारे लिए बहुत दुर्लभ और अति आवश्यक वस्तु बनी हुई है।

   जब प्रभु यीशु अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने से थोड़ा पहले अपने चेलों के साथ वार्तलाप कर रहे थे तब वे आते समय में घटने वाले उन दुखों को जानते थे जो वे और उनके चेले अनुभव करने पर थे। उन्हें पता था कि कुछ समय में ही उनके चेले उनका विश्वासघात होते, उन्हें पकड़े जाते और फिर क्रूरता के साथ क्रूस पर बलिदान होते देखेंगे। वे ये भी जानते थे कि उनके पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद चेलों को संसार के वैमनस्य का सामना करना पड़ेगा; जहाँ भी चेले प्रभु यीशु द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार लेकर जाएंगे, उन्हें हर जगह विरोध, उपहास और सताव का सामना करना होगा। इसलिए उन अन्तिम क्षणों में प्रभु यीशु ने अपने चेलों से अनन्त शान्ति की प्रतिज्ञा करी, उन्होंने चेलों से कहा, "मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे" (युहन्ना १४:२७)।

   जब संसार में हम बोझिल हों और क्लेषों से दबने लगें, तब हमें शान्ति की आवश्यक्ता होती है, ऐसी शान्ति जो अलौकिक हो। ऐसे में मसीही विश्वासी अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की शान्ति की प्रतिज्ञा में विश्वास कर सकते हैं कि उसने अपनी शान्ति उन्हें उपलब्ध करवा रखी है। जब हम स्मरण करें कि उसने हमारे लिए क्या कुछ किया है तो उसकी प्रेम भरी बाहों में सिमट कर हम उसकी शान्ति के लिए आश्वस्त हो सकते हैं और शान्ति के राजकुमार की सामर्थ का अनुभव कर सकते हैं। - डेव एग्नर

जब मसीह हृदय पर राज्य करता है तब उसकी शान्ति मन में भर जाती है।

यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा। - भजन २९:११

बाइबल पाठ: युहन्ना १४:२५-३१
Joh 14:25  ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
Joh 14:26  परन्‍तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
Joh 14:27  मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
Joh 14:28  तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्‍योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
Joh 14:29  और मैं ने अब इस के होने के पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
Joh 14:30  मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्‍योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
Joh 14:31  परन्‍तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ४६-४७ 
  • इब्रानियों ६

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

जांचने का समय

   न्यूयॉर्क के एक विशिष्ट क्लब ने एक व्यक्ति को इसलिए सदस्यता देने से इन्कार कर दिया क्यों कि वह यहूदी था। एक चर्च के पास्टर ने, जो उस क्लब का सदस्य था, चर्च में दिये गए अपने इतवार के सन्देश में इस बात की भर्तस्ना करी और इसे अनैतिक कहा। उसके इस कथन से चर्च में बैठे कई लोगों को धक्का लगा, क्योंकि वे भी उस क्लब के सदस्य थे। लेकिन पास्टर यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रभु भोज के आमंत्रण के समय कहा कि, "यदि किसी जन ने अपने विचारों, शब्दों अथवा कार्यों द्वारा इस यहूदी व्यक्ति को क्लब सदस्यता न दिये जाने का समर्थन किया है तो वह प्रभु भोज में सम्मिलित होने के लिए तब तक आमंत्रित नहीं है जब तक वह इस संबंध में परमेश्वर के साथ अपने आप को ठीक नहीं कर लेता।"

   उस पास्टर के पास अपनी इस बात को ऐसे दृढ़ता के साथ रखने और मनवाने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल का समर्थन था, क्योंकि यह परमेश्वर का निर्देश है कि किसी भी जन के लिए प्रभु भोज में भाग लेना तब तक उचित नहीं है जब तक वह परमेश्वर से अपने पापों का अंगीकार कर के उससे उनकी क्षमा नहीं मांग लेता। बाइबल में १ कुरिन्थियों ११ अध्याय में प्रेरित पौलुस ने कुछ ऐसे चर्च सदस्यों का सामना किया जिन्हें अपने स्वार्थी और मण्डली में विभाजन कराने वाली प्रवृति को पाप के रूप में स्वीकार करके, क्षमा मांगने की आवश्यक्ता थी ( पद १८, २१)। उसने उन से आग्रह किया कि प्रभु भोज में सम्मिलित होने से पहले वे रुकें, अपने आप को गंभीरता से जांचें और पापों की क्षमा के साथ ही प्रभु यीशु के बलिदान द्वारा मिली स्वतंत्रता और नए जीवन के इस भोज में भाग लें।

   यही सिद्धांत आज भी प्रभु भोज के लिए लागू होता है। यदि ऐसा कुछ भी है जो हमारे और हमारे उद्धारकर्ता प्रभु के बीच आ गया है, तो उसकी पहचान तथा अंगीकार कर के और उसकी क्षमा मांगकर ही प्रभु भोज में सम्मिलित होना चाहिए। तब ही प्रभु भोज की वह रोटी और प्याला, जो प्रभु की तोड़ी गई देह और बहाए गए लहु के प्रतीक हैं, सार्थक होंगे और हम पापों की क्षमा की स्वतंत्रता का आनन्द ले सकेंगे। - डेनिस डी हॉन


मसिही विश्वासी के लिए प्रभु भोज पहले अपने आप को जांचने और फिर नए जीवन की गवाही देने का माध्यम है।

यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्‍ड न पाते। - १ कुरिन्थियों ११:३१

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ११:१७-३४
    1Co 11:17  परन्तु यह आज्ञा देते हुए, मैं तुम्हें नहीं सराहता, इसलिये कि तुम्हारे इकट्ठे होने से भलाई नहीं, परन्‍तु हानि होती है।
    1Co 11:18  क्‍योंकि पहिले तो मैं यह सुनता हूं, कि जब तुम कलीसिया में इकट्ठे हाते हो, तो तुम में फूट होती है और मैं कुछ कुछ प्रतीति भी करता हूं।
    1Co 11:19  क्योंकि विधर्म भी तुम में अवश्य होंगे, इसलिये कि जो लोग तुम में खरे निकले हैं, वे प्रगट हो जांए।
    1Co 11:20  सो तुम जो एक जगह में इकट्ठे होते हो तो यह प्रभु भोज खाने के लिये नहीं।
    1Co 11:21  क्‍योंकि खाने के समय एक दूसरे से पहिले अपना भोज खा लेता है, सो कोई तो भूखा रहता है, और कोई मतवाला हो जाता है।
    1Co 11:22  क्‍या खाने पीने के लिये तुम्हारे घर नहीं? या परमेश्वर की कलीसिया को तुच्‍छ जानते हो, और जिन के पास नहीं है उन्‍हें लज्ज़ित करते हो? मैं तुम से क्‍या कहूं? क्‍या इस बात में तुम्हारी प्रशंसा करूं? मैं प्रशंसा नहीं करता।
    1Co 11:23  क्‍योंकि यह बात मुझे प्रभु से पहुंची, और मैं ने तुम्हें भी पहुंचा दी कि प्रभु यीशु ने जिस रात पकड़वाया गया रोटी ली।
    1Co 11:24  और धन्यवाद कर के उसे तोड़ी, और कहा; कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
    1Co 11:25  इसी रीति से उस ने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
    1Co 11:26  क्‍योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो।
    1Co 11:27  इसलिये जो कोई अनुचित रीति से प्रभु की रोटी खाए, या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा।
    1Co 11:28  इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए।
    1Co 11:29  क्‍योंकि जो खाते-पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्‍ड लाता है।
    1Co 11:30  इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए।
    1Co 11:31  यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्‍ड न पाते।
    1Co 11:32  परन्‍तु प्रभु हमें दण्‍ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।
    1Co 11:33  इसलिये, हे मेरे भाइयों, जब तुम खाने के लिये इकट्ठे होते हो, तो एक दूसरे के लिये ठहरा करो।
    1Co 11:34  यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिस से तुम्हारा इकट्ठा होना दण्‍ड का कारण न हो: और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूंगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ४३-४५ 
  • इब्रानियों ५

सोमवार, 7 नवंबर 2011

रस्म या स्मरण

   प्रति वर्ष अमेरीकी नगरिक एक दिवस मनाते हैं "स्मरण दिवस", अपने उन नागरिकों को स्मरण करने के लिए जिन्हों ने अपने प्राण दे दिये ताकि अन्य स्वतंत्रता के साथ रह सकें। इस दिवस पर ध्यान उन दिवंगत सैनिकों पर रहना चाहिए जिन्होंने अपना बलिदान दिया, किंतु कई लोगों के लिए इस दिवस की महत्वता नहीं रही है, और वे उन बलिदान देने वालों के बारे में सोचने की बजाए केवल अपने बारे ही में सोचते रहते हैं।

   डेट्रोइट शहर के एक अखबर में एक पत्रकार ने इस दिवस पर हुई ऐसी ही एक घटना का वर्णन किया, जिसमें वहां उपस्थित एक नौसैनिक ने इस बात का दुख जताया कि लोगों के अन्दर इस दिवस और उसके अर्थ की संवेदनशीलता नहीं रही। जब इस दिवस से संबंधित कार्यक्रम आयोजित हो रहे थे, तो थोड़ी ही दूरी पर एक नौजवान भड़कीले वस्त्र पहने अपनी सजी हुई साईकिल पर चक्कर लगा रहा था। साईकिल पर सुनहरे रंग का कार्डबोर्ड लगा था, जिस पर उस नौजवान की सहेलियों की फोटो लगीं थीं, २ रेडियो बज रहे थे और २० बतियाँ चारों ओर जल बुझ रहीं थी। जब उस नौजवान से इसका तात्पर्य पूछा गया तो उसने बड़ी लापरवाही से कहा, वह यह अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के १ कुरिन्थियों ११ अध्याय में एक और स्मरण दिवस का उल्लेख है, जिसे कुरिन्थुस के मसीही विश्वासी बहुत लापरवही से लेने लगे थे, और तब प्रेरित पौलुस को उन लोगों को इस दिवस की महत्वता और गंभीरता को अपनी पत्री में समझाना पड़ा था कि यह समय प्रभु यीशु के क्रूस पर दिये गए बलिदान और प्रभु के विश्वासी के जीवन में उसके अर्थ एवं महत्व को स्मरण करने का है। उस समय के बहुत से मसीही विश्वासी मसीह यीशु को स्मरण करने के बजाए केवल अपना ही ध्यान करने लगे थे; उनके लिए स्मरण का वह प्रभु भोज खाने, पीने और मौज-मस्ती का अवसर बन गया था। जैसे उस समय हुआ था, वैसा ही आज भी यह दिवस भी बहुतेरे मसीहीयों के लिए अपना वास्तविक अर्थ खो चुका है, क्योंकि वे इसकी गंभीरता की ओर ध्यान लगाए बिना इसे एक रस्म के तौर पर मनाते हैं।

   परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि जब हम प्रभु भोज में सम्मिलित हों तो उस समय अपने बारे में सोचना छोड़कर प्रभु के बलिदान को, उसके कारण को और उस बलिदान से हमें मिले जीवन, उद्धार तथा आशीषों समरण करें तथा अपने आप को जांचें कि हम अपने प्रभु के निर्देषों के अनुसार चल रहे हैं अथवा नहीं, उसको अपने जीवन में उचित महत्व दे रहें हैं अथवा नहीं। प्रभु भोज कोई रस्म नहीं है, यह प्रभु और उसके कार्य को आदर देने का अवसर है।

   प्रभु भोज का समय मसीह यीशु और उसके बलिदान पर ध्यान केंद्रित करने और अपने आप को उसकी शिक्षाओं के आधार पर जांचने का समय होना चाहिए। - मार्ट डी हॉन


कभी न भूलें, प्रभु भोज का मेज़बान प्रभु परमेश्वर होता है।

इसी रीति से उस ने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। - १ कुरिन्थियों ११:२५

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ११:१७-२८
    1Co 11:17  परन्तु यह आज्ञा देते हुए, मैं तुम्हें नहीं सराहता, इसलिये कि तुम्हारे इकट्ठे होने से भलाई नहीं, परन्‍तु हानि होती है।
    1Co 11:18  क्‍योंकि पहिले तो मैं यह सुनता हूं, कि जब तुम कलीसिया में इकट्ठे हाते हो, तो तुम में फूट होती है और मैं कुछ कुछ प्रतीति भी करता हूं।
    1Co 11:19  क्योंकि विधर्म भी तुम में अवश्य होंगे, इसलिये कि जो लोग तुम में खरे निकले हैं, वे प्रगट हो जांए।
    1Co 11:20  सो तुम जो एक जगह में इकट्ठे होते हो तो यह प्रभु भोज खाने के लिये नहीं।
    1Co 11:21  क्‍योंकि खाने के समय एक दूसरे से पहिले अपना भोज खा लेता है, सो कोई तो भूखा रहता है, और कोई मतवाला हो जाता है।
    1Co 11:22  क्‍या खाने पीने के लिये तुम्हारे घर नहीं? या परमेश्वर की कलीसिया को तुच्‍छ जानते हो, और जिन के पास नहीं है उन्‍हें लज्ज़ित करते हो? मैं तुम से क्‍या कहूं? क्‍या इस बात में तुम्हारी प्रशंसा करूं? मैं प्रशंसा नहीं करता।
    1Co 11:23  क्‍योंकि यह बात मुझे प्रभु से पहुंची, और मैं ने तुम्हें भी पहुंचा दी कि प्रभु यीशु ने जिस रात पकड़वाया गया रोटी ली।
    1Co 11:24  और धन्यवाद कर के उसे तोड़ी, और कहा; कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
    1Co 11:25  इसी रीति से उस ने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
    1Co 11:26  क्‍योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो।
    1Co 11:27  इसलिये जो कोई अनुचित रीति से प्रभु की रोटी खाए, या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा।
    1Co 11:28  इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ४०-४२ 
  • इब्रानियों ४

रविवार, 6 नवंबर 2011

कभी न भूलें

   मेरा मित्र रौजर जब बालक था तब वह और उसका परिवार गांव में एक कच्चे मार्ग के किनारे खेत में रहते थे। उस मार्ग पर बहुत कम यातायात था और कभी ही कोई मोटर कार वहां से निकलती थी। लेकिन एक दिन जब रौजर का छोटा भाई अपनी साईकिल पर वह कच्ची सड़क पार कर रहा था तो पास की एक छोटी पहाड़ी पर से एक कार तेज़ी से आई, उससे टकराई और तुरंत ही उसका देहांत हो गया। रौजर ने बताया कि बाद में जब पिताजी ने उसकी टूटी हुई साईकिल मार्ग पर से उठाई तो जीवन में पहली बार मैंने उन्हें सुबक सुबक कर रोते देखा। पिताजी ने वह टूटी हुई साईकिल उठा कर खलिहान के भीतरी ऐसे कोने में रख दी जहां हम बहुत कम जाया करते थे। लेकिन बहुत वर्षों तक मैंने देखा कि जब भी पिताजी उस साईकिल को देखते तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगते थे। रौजर ने आगे कहा, तब से मैं अकसर यह प्रार्थना करता हूँ, "प्रभु आपकी मृत्यु की याद मेरे अन्दर भी ऐसी ही ताज़ा बनी रहे! जब कभी मैं आप के प्रभुभोज में भाग लूँ तो मेरा हृदय ऐसे कसमसा उठे जैसे यह घटना कल ही की हो। कभी भी यह प्रभुभोज मेरे लिए महज़ एक रस्म न बने और ना ही मैं रस्मपरस्ति के रूप में इसमें भाग लूँ। यह भाग लेना मेरे लिए सदा ही एक मार्मिक और दिल छू लेने वाला अनुभव रहे।"

   हमारे उद्धार के लिए प्रभु यीशु के द्वारा सही गई क्रूस की वेदना तथा मृत्यु सदा हमें परमेश्वर के प्रति दिल की गहराईयों से कृतार्थ रखे। जब हम मसीही विश्वासी प्रभु भोज में भाग लें तो स्मरण रखें कि हमारे निष्पाप और निष्कलंक प्रभु यीशु ने कैसी दर्दनाक मृत्यु हम पापियों लिए सह ली; और यह हमें पवित्र और परमेश्वर का आज्ञाकरी जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहे।

मसीह के ज़खमों की याद से हमें उसके वचन की आज्ञाकारिता की प्रेर्णा लेनी चाहिए।

फिर उस ने रोटी ली, और धन्यवाद करके तोड़ी, और उन को यह कहते हुए दी, कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये दी जाती है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। - लूका २२:१९
 
बाइबल पाठ: लूका २२:१४-२०
    Luk 22:14  जब घड़ी पहुंची, तो वह प्रेरितों के साथ भोजन करने बैठा।
    Luk 22:15  और उस ने उन से कहा; मुझे बड़ी लालसा थी, कि दुख-भोगने से पहिले यह फसह तुम्हारे साथ खाऊं।
    Luk 22:16  क्‍योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि जब तक वह परमेश्वर के राज्य में पूरा न हो तब तक मैं उसे कभी न खाऊंगा।
    Luk 22:17  तब उस ने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और कहा, इस को लो और आपस में बांट लो।
    Luk 22:18  क्‍योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि जब तक परमेश्वर का राज्य न आए तब तक मैं दाख रस अब से कभी न पीऊंगा।
    Luk 22:19  फिर उस ने रोटी ली, और धन्यवाद करके तोड़ी, और उन को यह कहते हुए दी, कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये दी जाती है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
    Luk 22:20  इसी रीति से उस ने बियारी के बाद कटोरा भी यह कहते हुए दिया, कि यह कटोरा मेरे उस लोहू में जो तुम्हारे लिये बहाया जाता है नई वाचा है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३७-३९ 
  • इब्रानियों ३

शनिवार, 5 नवंबर 2011

"आप अंगूरों को पी नहीं सकते"

   जब मैंने अपने पास्टर द्वारा दिये जाने वाले सन्देश का यह शीर्षक पढ़ा, तो मैं सोच में पड़ गया कि वे कहना क्या चाहते हैं? प्रभु भोज के लिए उनका यह सन्देश प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों के साथ किये गए अन्तिम भोज में उपयोग किए गए और आते समय के लिए दिए गए दो चिन्हों पर आधरित था - रोटी और दाखरस (अंगूरों का रस)। रोटी प्रभु यीशु की देह को दिखाती है जो संसार के पापों के लिए तोड़े जाने को दी गई और दाखरस उसके लहू को दिखाता है जो संसार के पापों के धोए जाने के लिए बहाया गया। वह दाखरस पके हुए मीठे अंगूरों से आया था; लेकिन उनसे रस के निकाले जाने के लिए अंगूरों को अपने आप को कुचले जाने के लिए समर्पित करना आवश्यक था, तभी वह रस उनमें से निकल सकता था।

   यही प्रभु यीशु के जीवन के लिए भी सत्य था। उनके इस पृथ्वी पर आने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह अनिवार्य था कि उनका दूसरों की सेवा और भलाई में समर्पित जीवन संसार के सर्वोत्तम भले के लिए कुचले जाने के लिए दिया जाए। वे संसार में संसार के पापों की कीमत चुकाने आए थे जिससे संसार को पापों से मुक्ति और उद्धार का मार्ग दे सकें। यह कीमत थी उनका अपने प्राणों का बलिदान। उन्होंने यह कीमत रोमी क्रूस पर चढ़कर चुकाई। चाहे क्रूस पर चढ़ाने वाले सैनिक रोमी साम्राज्य के थे, परन्तु उनके इस दण्ड के भोगे जाने की अनुमति पिता परमेश्वर की ओर सी थी, जिसके विष्य में भविष्यद्वक्ता यशायाह ने लिखा था "तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा, उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी" (यशायाह ५३:१०)।
   यह सत्य है कि हम अंगूरों को पी नहीं सकते; उन्हें पहले कुचला जाना आवश्यक है, तभी उनका रस हमें मिल सकता है। यही मसीह यीशु के साथ कलवरी के क्रूस पर हुआ। उन्होंने अपने शारीरिक जीवन को कुचले जाने के लिए दे दिया ताकि संसार को उद्धार द्वारा अनन्त आत्मिक जीवन मिल सके। आज समस्त संसार में जो कोई भी सच्चे मन और साधारण विश्वास से उनके इस बलिदान पर विश्वास करके उन्हें स्वीकार करता है, उनसे अपने पापों की क्षमा मांगता है, वह अपने इस विश्वास द्वारा उद्धार और अनन्त जीवन पाता है।

   जब मसीही विश्वासी प्रभु भोज में भाग लेते हैं तो वे स्मरण करते हैं कि हमारे पापों के लिए परमेश्वर के पवित्र और निष्पाप पुत्र ने अपनी जान बलिदान कर दी; वह हमारे ही पापों के कारण कुचला गया और हमारे ही अधर्म के कारण उसने दुखः उठाए। - डेव एग्नर

शारीरिक जीवन परमेश्वर की श्वास द्वारा मिला, किंतु अनन्त जीवन मसीह की मृत्यु से मिला।

तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा, उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी। - यशायाह ५३:१०
 
बाइबल पाठ: यशायाह ५३
    Isa 53:1  जो समाचार हमें दिया गया, उसका किस ने विश्वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ?
    Isa 53:2  क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर की नाईं, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते।
    Isa 53:3  वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी, और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
    Isa 53:4  निश्चय उस ने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया, तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
    Isa 53:5  परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया, हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।
    Isa 53:6  हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया, और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।
    Isa 53:7  वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
    Isa 53:8  अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया; मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।
    Isa 53:9  और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उस ने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।
    Isa 53:10  तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा, उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
    Isa 53:11  वह अपने प्राणों का दु:ख उठा कर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा, और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
    Isa 53:12  इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया, तौभी उस ने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और अपराधियों के लिये बिनती करता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३४-३६ 
  • इब्रानियों २