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रविवार, 4 दिसंबर 2011

वारिस

   एक पत्रकार एल०एम०बोयड के अनुसार, सन १९४९ की घटना है कि एक व्यक्ति, जैक वुर्म, जो कंगाल और बिना किसी नौकरी के था, सैन फ्रैन्सिस्को के समुद्र तट पर समय बिताने को टहल रहा था। तट पर जैक को एक बोतल पड़ी मिली, जिसके अन्दर एक कागज़ था, जिस पर लिखा था, "किसी भी उलझन से बचने के लिए मैं अपनी सारी संपत्ति उस भाग्यवान व्यक्ति के लिए, जिसे यह सन्देश मिलता है, और अपने वकील बैरी कोहेन के लिए छोड़ती हूँ। दोनो उसे बराबर बांट लें।"

   अदालत ने उस सन्देश को डेज़ी सिंगर ऐलिकज़ैंडर, जो सिंगर सिलाई मशीन बनानी वाली कम्पनी की मालकिन थी, का अन्तिम वसीयतनामा स्वीकार किया। डेज़ी ने इस सन्देश को १२ वर्ष पूर्व लन्डन की थेम्स नदी में फेंका था, और वह वहाँ से बहते-बहते, सागर पार कर के अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत तक पहुँच गया, और जैक वुर्म रातों-रात कंगाल से करोड़पति बन गया।

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी एक अजर और कल्पना से भी कहीं अधिक बहुमूल्य मिरास का सन्देश देती है, जो इस सन्देश पर विश्वास करने वालों के लिए स्वर्ग में रखी है (१ पतरस १:४)। जो कोई अपनी आत्मिक कंगाली स्वीकार कर के प्रभु यीशु पर विश्वास करता है, वह इस मीरास का मसीह के साथ संगी वारिस बन जाता है।

   डेज़ी सिंगर ऐलिकज़ैंडर ने अपनी संपत्ति एक बोतल में बन्द कर दी क्योंकि वे उसे अपने साथ ले जा नहीं सकती थीं। जैक वुर्म भी, जिसको वह संपत्ति मिली, उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता था। लेकिन परमेश्वर का धन्यवाद हो कि उद्धार की जो विरासत वह हमें दे रहा है वह इस जीवन में आरंभ होती है और इस जीवन के बाद भी अनन्त काल तक बनी रहेगी। इस अद्भुत विरासत का बयाना परमेश्वर का पवित्र आत्मा स्वयं है, जो प्रभु यीशु पर विश्वास करने के क्षण से ही उस के प्रत्येक विश्वासी हृदय में आ कर रहने लग जाता है।

   मसीह का प्रत्येक विश्वासी एक अद्भुत, कल्पना से भी परे, अजर मीरास का वारिस है। - डेनिस डी हॉन

मसीह को ग्रहण करते ही, आप उस के साथ स्वर्ग के खज़ाने के संगी वारिस बन जाते हैं।

और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी। वह उसके मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो। - इफीसियों १:१३, १४
 
बाइबल पाठ: इफीसियों १:१-१४
Eph 1:1  पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्‍छा से यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।
Eph 1:2  हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Eph 1:3  हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उस ने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।
Eph 1:4  जैसा उस ने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उस के निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।
Eph 1:5  और अपनी इच्‍छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उस के लेपालक पुत्र हों,
Eph 1:6  कि उस के उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
Eph 1:7  हम को उस में उस के लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उस के उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
Eph 1:8  जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
Eph 1:9  कि उस ने अपनी इच्‍छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
Eph 1:10  कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्‍वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।
Eph 1:11  उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्‍छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
Eph 1:12  कि हम जिन्‍होंने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों।
Eph 1:13  और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।
Eph 1:14  वह उस के मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४७-४८ 
  • १ युहन्ना ३

शनिवार, 3 दिसंबर 2011

विजेता

   एक ट्रेन रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म पर आ कर रुकी और उसमें से उस शहर की फुटबाल टीम के खिलाड़ी उतरे, जो एक प्रतियोगिता में भाग लेकर लौटे थे। संचार साधन तब विकसित नहीं हुए थे और इस कारण प्रतियोगिता का नतीजा अभी लोगों को मालूम नहीं हो पाया था। स्टेशन पर खड़ी भीड़ में से जगह बनाते हुए एक लड़का उन खिलाड़ियों के पास आया और उन में से एक से प्रतियोगिता का नतीजा पूछा। जैसे ही उसने नतीजा सुना, वह खुशी के मारे उछलता हुआ सारे प्लैटफॉर्म पर ऊपर से नीचे दौड़ने लगा, साथ साथ चिल्लाता जा रहा था, ’हम जीत गए! हम जीत गए!’ वह लड़का आनन्दित था क्योंकि उसने अपनी पहचान उन खिलाड़ियों के साथ जोड़ दी थी और उसके लिए उनकी जीत उस की अपनी जीत थी।

   हर एक मसीही विश्वासी के जीवन में भी विजय ना कि पराजय जीवन का सार होनी चाहिए। परमेश्वर प्रत्येक मसीही विश्वासी को प्रभु यीशु मसीह में देखता है जिसे उसने मृतकों में से जिलाया और "उस को मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर, सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया" (इफिसीयों १:२०, २१)। प्रभु यीशु ने सारे संसार के सभी पापों का दण्ड अपनी मृत्यु के द्वारा भोगा, और मृत्यु पर जयवन्त हो कर पाप पर जयवन्त हुआ। अब जो विश्वास द्वारा उसकी इस विजय को अपनाते हैं, वे भी विजयी हैं, क्योंकि "क्‍योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं" (१ युहन्ना ४:१७); और "परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है (२ कुरिन्थियों २:१४)"।

   क्योंकि प्रभु यीशु मसीह पाप और मृत्यु पर जयवन्त है, इसलिए जो उसमें हैं वे भी पाप और मृत्यु पर जयवन्त हैं। अपनी पहचान मसीह की पहचान के साथ जोड़ने से हम उसकी विजयी में संभागी और उसके आनन्द में आनन्दित हो सकते हैं। - पौल वैन गोर्डर

स्वर्ग और पृथ्वी के प्रत्येक अधिकार पर जयवन्त मसीह के आधीन हो कर हम भी संसार के किसी भी जयवन्त से भी बढ़ कर हो सकते हैं।

परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। - २ कुरिन्थियों २:१४

बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ४:१-१८
2Co 4:1  इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
2Co 4:2  परन्‍तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्‍तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
2Co 4:3  परन्‍तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है।
2Co 4:4  और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
2Co 4:5  क्‍योंकि हम अपने को नहीं, परन्‍तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
2Co 4:6  इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्‍धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।
2Co 4:7  परन्‍तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2Co 4:8  हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2Co 4:9  सताए तो जाते हैं, पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2Co 4:10  हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2Co 4:11  क्‍योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2Co 4:12  सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2Co 4:13  और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2Co 4:14  क्‍योंकि हम जानते हैं, जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जान कर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2Co 4:15  क्‍योंकि सब वस्‍तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक होकर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2Co 4:16  इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2Co 4:17  क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है।
2Co 4:18  और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्‍योंकि देखी हुई वस्‍तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुएं सदा बनी रहती हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४५-४६ 
  • १ युहन्ना २

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

उद्धार

   थोमस बिलेने सन १५३१ में अपने मसीही विश्वास के लिए शहीद हुए थे। उन्होंने अपने उद्धार पाने के अनुभव को इन शब्दों में बयान किया था: "मेरी आत्मा परेशान थी और मैं किसी प्रकार शान्ति पाने ले लिए बेचैन था, लेकिन शान्ति मुझे कहीं नहीं मिल पा रही थी...अन्ततः मैं ने प्रभु यीशु के बारे में सुना। उस समय इराज़्मस द्वारा लैटिन भाषा में प्रकाशित बाइबल का नया नियम पहली बार उपलब्ध हुआ। मैं ने उसे खरीदा, मेरी रुचि लैटिन भाषा में थी ना कि परमेश्वर के वचन में, क्योंकि उस समय मैं यह नहीं जानता था कि ’परमेश्वर का वचन’ क्या होता है। जब मैं ने पहली बार उसे पढ़ना आरंभ किया तो संयोग वश मेरे सामने ये शब्द आए ’यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं’ (१ तिमुथियुस १:१५)। परमेश्वर ने, इस एक वाक्य के द्वारा, मेरे अन्धेरे और घायल मन को प्रकाशित कर दिया और मेरी हड्डियों तक में अद्भुत आनन्द भर गया। ऐसा लगा जैसे एक लंबी अन्धेरी रात के बाद अचानक दिन की रौशनी फैल गई।"

   जब लोगों को एक पवित्र परमेश्वर के सामने अपने पाप की घोर भयानकता का एहसास होता है तो हो सकता है कि वे निराशा और बेबसी से भर जाएं; क्योंकि उन्हें यह भी बोध होता है कि वे सवयं अपने आप को पाप और उसके दुषप्रभावों से बचा नहीं सकते। लेकिन जो आशा थोमस बिलेने ने पाई वह सभी के लिए उपलब्ध है। प्रभु यीशु सभी पापियों के लिए मरे, और वे हर एक पापी के जीवन में निराशा और बेबसी के स्थान पर आशा और असीमित आनन्द भर सकते हैं।

   पाप क्षमा और उद्धार के लिए ना तो कोई रीति-रिवाज़ है और ना कोई नाम/धर्म/वेश्भूषा इत्यादि बदलने की आवश्यक्ता। अपने पापों का अंगीकार करना उद्धार पाने के लिए पहला कदम होता है, फिर उसके बाद मसीह यीशु में अपना विश्वास रख कर उस से उद्धार का दान स्वीकार कर लें, उसी क्षण से आपका जीवन बदल जाएगा, प्रभु यीशु का अनन्त जीवन और आनन्द आप में आ जाएगा। यह सब केवल एक सच्चे मन और विश्वास से करी गई छोटी सी प्रार्थना - हे यीशु मुझ पापी पर दया करें, मेरे पाप क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में ले लें द्वारा संभव है। - डेव एग्नर


जो पापों में मरे हुए हैं, केवल यीशु ही उन्हें पापों के लिए मरा हुआ बना सकता है।
 
यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - १ तिमुथियुस १:१५
 
बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस १:१२-१७
1Ti 1:12  और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिस ने मुझे सामर्थ दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उस ने मुझे विश्वासयोग्य समझ कर अपनी सेवा के लिये ठहराया।
1Ti 1:13  मैं तो पहिले निन्‍दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्‍धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्‍योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।
1Ti 1:14  और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ।
1Ti 1:15  यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।
1Ti 1:16  पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्‍त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं।
1Ti 1:17  अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४२-४४ 
  • १ युहन्ना १

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011

जो आपका है उसे ले लीजिए

   अपनी पुस्तक Claim What is Yours में डेविड ग्रब्ब ने एक छोटी सत्यकथा बताई: ४० वर्षों से भी अधिक से मेरे शहर के लोगों में शहर की मुख्य सड़क पर ’ऐस गिरवी की दुकान’ का एक सम्मानित स्थान रहा था। उस दुकान के मालिक फ्रेड और लिडिया ने एक दम्पत्ति के रूप में उसे बड़े प्रेम से चलाया था। जब फ्रेड की मत्यु हुई तो लिडिया ने पाया कि वह अकेली इस दुकान चलाने के भार को उठा सकने में असमर्थ है। अपने व्यवसाय को किसी और को बेचने की बजाए उसने यह बेहतर समझा कि दुकान बन्द करके वह अवकाश ले ले और दक्षिण चली जाए।

   अपने ग्राहकों के प्रति अंतिम आभार प्रकट करने के लिए, जिन्होंने इतने वर्षों तक उनके व्यवसाय को बनाया और उन्हें खुशी दी थी, उसने हर उस ग्राहक को एक कार्ड भेजा जिसकी कोई भी वस्तु उनके पास गिरवी रखी हुई थी और वस्तु को सेंत-मेंत वापस ले जाने का अवसर दिया। उसने अपनी दुकान की खिड़की पर एक सूचना भी लगा दी कि यह दुकान बन्द हो रही है; जो आपका है उसे ले लीजिए।

   यह संसार भी अब अपनी समाप्ति के कगार पर खड़ा है। शैतान और पाप ने मनुष्यों को उनके अधिकार से वंचित कर रखा है। परमेश्वर ने भी संसार के सभी लोगों को न्यौता दिया है कि प्रभु यीशु मसीह के विश्वासी बन कर वे पाप से मुक्ति तथा शैतान की आधीनता से सवतंत्रता पाएं, और फिर जो उनका अधिकार है उसे ले लें। प्रभु यीशु मसीह का पहाड़ी उपदेश मसीही विश्वासी के इन अधिकार की कई अद्भुत भेंटों के विषय में बताता है: परमेश्वर का राज्य (उद्धार), शोक में शांति, भविष्य में प्रभु के साथ पृथ्वी पर राज्य, आत्मिक तृप्ति, दया, परमेश्वर के साथ संगति, परमेश्वर के परिवार में स्थान, स्वर्ग में अनन्त जीवन इत्यादि।

   जब भी हम आत्मिक दरिद्रता अनुभव करें, तो यह समय होता है परमेश्वर के पास जाकर माँगने, खोजने और खटखटकाने का (मत्ती ७:७)।

   बिना एक भी और दिन व्यर्थ गंवाए यही समय है कि जो आपका है उसे ले लीजिए। - डेव एग्नर

जो सब कुछ के सृष्टिकर्ता को जानता है वह सब कुछ पाता भी है।

मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। क्‍योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। - मत्ती ७:६, ७
 
बाइबल पाठ: मत्ती ५:१-१६
    Mat 5:1  वह इस भीड़ को देख कर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
    Mat 5:2  और वह अपना मुंह खोल कर उन्‍हें यह उपदेश देने लगा,
    Mat 5:3  धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
    Mat 5:4  धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्‍योंकि वे शांति पाएंगे।
    Mat 5:5  धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्‍योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
    Mat 5:6  धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्‍योंकि उन पर दया की जाएगी।
    Mat 5:7  धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्‍योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
    Mat 5:8  धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्‍योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।
    Mat 5:9  धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
    Mat 5:10  धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोल कर तुम्हरे विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
    Mat 5:11  आनन्‍दित और मगन होना क्‍योंकि तुम्हारे लिये स्‍वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्‍होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
    Mat 5:12  तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्‍तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्‍तु से नमकीन किया जाएगा?
    Mat 5:13  फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
    Mat 5:14  तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
    Mat 5:15  और लोग दिया जला कर पैमाने के नीचे नहीं परन्‍तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
    Mat 5:16  उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देख कर तुम्हारे पिता की, जो स्‍वर्ग में हैं, बड़ाई करें।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४०-४१ 
  • २ पतरस ३

बुधवार, 30 नवंबर 2011

उद्देश्य

   चित्रकार होलमैन हन्ट ने अपनी कलाकृति The Shadow of Death में प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु की निश्चितता को प्रतिबिंबित किया है। यह कलाकृति प्रभु यीशु द्वारा अपनी सेवकाई आरंभ करने के पहले के समय को लेकर बनाई गई है, जब यीशु बढ़ई का कार्य करते थे। इस चित्र में दिखाया गया है कि यीशु अपने औज़ारों और कार्य करने की बेंच के निकट खड़े हैं, लकड़ी काटने की अपनी आरी उन्होंने बेंच पर रखी है और अपनी नज़रें आकाश की ओर लगाकर, अपनी माँसपेशियों के तनाव को निकालने के लिए उन्होंने अपने हाथ आकाश की ओर फैलाए हुए हैं। डुबते सूरज की किरणें खुले दरवाज़े से आकर पीछे की दीवार पर उनकी छाया डाल रहीं हैं, जहाँ दीवार पर औज़ार लटकाने का एक तखता लगा है जिस पर उनके फैली हुई बाहों की परछाईं पड़ रही है और पूरा दृश्य प्रभु के क्रूस पर चढ़े होने का सा चित्रण कर रहा है। निकट ही भूमि पर उनकी माता मरियम घुटने टेके बैठी है, उसका हाथ उस सन्दूक पर रखा है जिसमें प्रभु के जन्म के समय आए विद्वानों द्वारा अर्पित की गई बहुमूल्य भेंटें रखी हैं और उसके चेहरे पर अपने बेटे की इस छाया को देखने से विस्मय झलक रहा है।

   यह चित्र इस केंद्रूय सत्य को दर्शाती है कि प्रभु यीशु इस संसार में संसार के पापों का निवार्ण करने ही आए थे (युहना १:२९)। वे यह कार्य हमारे पापों को अपने ऊपर लिए हुए क्रूस की मृत्यु से होकर गुज़रने के द्वारा ही कर सकते थे (१ पतरस २:२४)।

   प्रभु यीशु इस संसार में समस्त संसार के पापों के लिए मरने के लिए ही जन्में थे। उस आते क्रूस की छाया सदा उनके साथ रही, वे उसकी परछाईं ही में जीए, यह भली भांति जानते हुए कि अपने पिता के कार्य में लगे होने से (लूका २:४९) उन्हें अन्ततः क्रूस की मृत्यु का कड़ुवा घूंट पीना ही पड़ेगा (लूका २२:४२)।

   आज हम आनन्दित हो सकते हैं क्योंकि हम सब कि मुक्ति के लिए प्रभु यीशु ने क्रूस की छाया में जीवन जिया, क्रूस की मृत्यु को सहा, तीसरे दिन मृतकों से जी उठे और अपने विश्वासियों को अपने साथ स्वर्ग में ले जाने के लिए वे पुनः आने वाले हैं। प्रभु ने अपना उद्देश्य पूरा किया है। - डेव एग्नर


कीलों से छिदे यीशु के हाथ परमेश्वर के प्रेम से भरे हृदय को दर्शाते हैं।

...परन्‍तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं। हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा। - युहन्ना १२:२७, २८

बाइबल पाठ: युहन्ना १२:२७-३६
    Joh 12:27  अब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्‍या कहूं हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्‍तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
    Joh 12:28  हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा।
    Joh 12:29  तब जो लोग खड़े हुए सुन रहे थे, उन्‍होंने कहा कि बादल गरजा, औरों ने कहा, कोई स्‍वर्गदूत उस से बोला।
    Joh 12:30  इस पर यीशु ने कहा, यह शब्‍द मेरे लिये नहीं परन्‍तु तुम्हारे लिये आया है।
    Joh 12:31  अब इस जगत का न्याय होता है, अब इस जगत का सरदार निकाल दिया जाएगा।
    Joh 12:32  और मैं यदि पृथ्वी पर से ऊंचे पर चढ़ाया जाऊंगा, तो सब को अपने पास खीचूंगा।
    Joh 12:33  ऐसा कह कर उस ने यह प्रगट कर दिया, कि वह कैसी मृत्यु से मरेगा।
    Joh 12:34  इस पर लोगों ने उस से कहा, कि हम ने व्यवस्था की यह बात सुनी है, कि मसीह सर्वदा रहेगा, फिर तू क्‍यों कहता है, कि मनुष्य के पुत्र को ऊंचे पर चढ़ाया जाना अवश्य है?
    Joh 12:35  यह मनुष्य का पुत्र कौन है? यीशु ने उन से कहा, ज्योति अब थोड़ी देर तक तुम्हारे बीच में है, जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है तब तक चले चलो; ऐसा न हो कि अन्‍धकार तुम्हें आ घेरे; जो अन्‍धकार में चलता है वह नहीं जानता कि किधर जाता है।
    Joh 12:36  जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्‍तान होओ।...
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३७-३९ 
  • २ पतरस २

मंगलवार, 29 नवंबर 2011

दोषी या धर्मी

   एक प्रचारक ने कुछ जवानों से पुछा, क्षमा प्राप्त करने के लिए उन्हें क्या करना होगा? एक ने चुटकी लेते हुए कहा, "पाप"; प्रचारक ने उत्तर दिया, "तब तो हम सब को क्षमा के प्रार्थी होना चाहिए!"

   डा० कार्ल मेनिन्गर ने एक व्यक्ति के बारे में लिखा जो शिकागो शहर में मार्गों के एक कोने पर खड़ा रहता था और अचानक किसी राह चलते की ओर अपनी ऊँगली उठा कर ऊँची आवाज़ में कहता ’दोषी’ फिर बिना अपना हाव-भाव बदले स्थिर होकर खड़ा हो जाता, और कुछ समय पश्चात फिर से यही क्रिया दोहराता। एक बार एक व्यक्ति ने, जिस की ओर उसने इशारा कर के ’दोषी’ कहा था, अपने साथ चलने वाले मित्र से पूछा, "इसे कैसे पता चल गया?" लेकिन वस्तुस्थिति यह है कि वह व्यक्ति हम में से किसी की ओर भी इशारा कर के यही बात कह सकता है, और वह गलत नहीं होगा।

   परमेश्वर का वचन बाइबल यह स्पष्ट बताती है "इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं" (रोमियों ३:२३)। समस्त मानव इतिहास में प्रभु यीशु को छोड़ कोई ऐसा नहीं हुआ है जिसने पाप न किया हो; हर कोई पाप का दोषी है - जन्म से भी और जीवन से भी - चाहे कर्मों में हो अथवा विचारों में, पाप सभी ने किया है और करते रहते हैं। इसी लिए सभी अपने अपने पाप की मज़दूरी के भी भागी हैं, जो है मृत्यु - "क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है..." (रोमियों ६:२३)। यह मृत्यु शारीरिक भी है - आत्मा का शरीर से विच्छेद; और आत्मिक भी है - आत्मा का परमेश्वर से विच्छेद। किंतु जो बाइबल का जो पद पाप की मज़दूरी के बारे में बताता है, वही उसके निवारण के बारे में भी बताता है - "...परन्‍तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है" (रोमियों ६:२३)।

   पाप का यह दोष प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा हटाया जा सकता है। क्योंकि प्रभु यीशु परमेश्वर का सिद्ध प्रतिरूप, परमेश्वर का पुत्र था, जन्म, कर्म और विचारों से संपूर्णतः निषपाप और निषकलंक था, इसलिए पाप के दण्ड, अर्थात मृत्यु का उस पर कभी कोई अधिकार नहीं था। हमारे पापों का दण्ड अपने ऊपर लेकर प्रभु यीशु ने हमारी म्रुत्यु भी अपने ऊपर ले ली और हमारे स्थान पर क्रूस की मृत्यु सह ली, और अपने मृत्यु पर जयवंत होने के प्रमाण के लिए वह कब्र में से तीसरे दिन जी भी उठा। इसलिए अब जो कोई साधारण विश्वास से अपने पापों की क्षमा उससे माँग लेता है और उसे अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार कर लेता है, वह परमेश्वर से, प्रभु यीशु की मृत्यु और जी उठने के आधार पर, अपने पापों की क्षमा भी प्राप्त कर लेता है।

   जिस किसी ने प्रभु यीशु को अपना मुक्तिदाता स्वीकार नहीं किया है, उनके लिए आज और अभी यह अवसर है, केवल साधारण विश्वास द्वारा सच्चे मन से कही एक प्रार्थना - "हे प्रभु यीशु मेरे पाप क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में लें" इस के लिए काफी है। प्रभु का सेंत-मेंत उद्धार का प्रस्ताव अभी सब के लिए उपलब्ध है; वह आपको दोषी से धर्मी बनाने में सक्षम है। - रिचर्ड डी हॉन


कोई भी अपने आप में इतना भला नहीं है कि अपने आप को पाप के दण्ड से बचा सके; कोई भी पाप में इतना गिरा भी नहीं है कि दण्ड से परमेश्वर उसे बचा ना सके।

इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों ३:२३
 
बाइबल पाठ: रोमियों ३:९-२५
    Rom 3:9  तो फिर क्‍या हुआ क्‍या हम उन से अच्‍छे हैं कभी नहीं? क्‍योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं।
    Rom 3:10  जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं।
    Rom 3:11  कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं।
    Rom 3:12  सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं।
    Rom 3:13  उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्‍हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
    Rom 3:14  और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
    Rom 3:15  उन के पांव लोहू बहाने को र्फुतीले हैं।
    Rom 3:16  उन के मार्गों में नाश और क्‍लेश है।
    Rom 3:17  उन्‍होंने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
    Rom 3:18  उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
    Rom 3:19  हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्‍हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्‍द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्‍ड के योग्य ठहरे।
    Rom 3:20  क्‍योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
    Rom 3:21  पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
    Rom 3:22  अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्‍योंकि कुछ भेद नहीं।
    Rom 3:23  इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
    Rom 3:24  परन्‍तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
    Rom 3:25  उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३५-३६ 
  • २ पतरस १

सोमवार, 28 नवंबर 2011

उलट-फेर

   सामान्यतः किसी व्यक्ति का कुछ लेकर उसे दूसरे को दे देना अनुचित माना जाता है, किंतु जब यह कार्य कोई ऐसा व्यक्ति करे जिसके पास इसके उपयुक्त शासनाधिकार हों तो बात भिन्न हो जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ जब दक्षिणी अमेरिका में पीरू देश के राष्ट्रपति एलन गार्सिया की पत्नि ने नशीले पदार्थ कोकेन का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसका विशाल रिहायशी बंगला उससे ले कर उस बंगले को अनाथालय बना देने का आदेश दिया। वह बंगला जो कभी ’विला कोकेन’ के नाम से जाना जाता था और गैरकानूनी कामों के लिए प्रयोग होता था अब अनाथ बच्चों का निवास स्थान है।

   परमेश्वर ने भी कुछ ऐसा ही किया जब उस ने इस्त्राएल को वाचा किए हुए कनान देश में लाकर बसाया। परमेश्वर ने इस्त्राएलियों के द्वारा मूर्ति-पूजक और अपने विरोधी कनानियों का न्याय किया और उन्हें उस देश से निकाल दिया। परमेश्वर ने अपने लोगों को बने-बनाए नगर, घर, बाग़, खुदे हुए कुंए आदि दिए, जिनके लिए इस्त्राएलियों ने नहीं, दूसरों ने मेहनत करी थी। परमेश्वर ने अपने विरोधियों से लेकर अपने लोगों को दे दिया, जैसा उसने उनसे वायदा किया था (व्यवस्थाविवरण ६:१०, ११)।

   स्वर्ग और पृथ्वी के वास्तविक स्वामी होने के कारण परमेश्वर हमें विश्वास दिलाता है कि उसके पास लेने का भी अधिकार है और देने का भी अधिकार है; वह घमंडियों से लेकर दीनों को देता है। हो सकता है कि कुछ समय के लिए लगे कि परमेश्वर ऐसे लोगों की अनदेखी कर रहा है जो अन्याय, हिंसा और अनुचित कार्यों के द्वारा संपत्ति जमा कर लेते हैं; लेकिन भजन ३७ हमें आश्वस्त करता है कि आता समय दिखाएगा कि जो लोग परमेश्वर के समय की बाट जोहते हैं, उनकी इस बुद्धिमानी का कितना बड़ा प्रतिफल उनके लिए रखा है। वे एक बहुत बड़ा उलट-फेर देखने पाएंगे। - मार्ट डी हॉन

जीवन के अन्त में हम पाएंगे कि हमने वही खोया है जिसे हमने संजो कर रखने का प्रयास किया था।

यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ा कर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा। - भजन ३७:३४

बाइबल पाठ: भजन ३७:२७-४०
    Psa 37:27  बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा।
    Psa 37:28  क्योंकि यहोवा न्याय से प्रीति रखता है और अपने भक्तों को न तजेगा। उनकी तो रक्षा सदा होती है, परन्तु दुष्टों का वंश काट डाला जाएगा।
    Psa 37:29  धर्मी लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और उस में सदा बसे रहेंगे।
    Psa 37:30  धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है।
    Psa 37:31  उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।
    Psa 37:32  दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है।
    Psa 37:33  यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।
    Psa 37:34  यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ा कर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा।
    Psa 37:35  मैं ने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुए देखा, जैसा कोई हरा पेड़ अपनी निज भूमि में फैलता है।
    Psa 37:36  परन्तु जब कोई उधर से गया तो देखा कि वह वहां है ही नहीं; और मैं ने भी उसे ढूंढ़ा, परन्तु कहीं न पाया।
    Psa 37:37  खरे मनुष्य पर दृष्टि कर और धर्मी को देख, क्योंकि मेल से रहने वाले पुरूष का अन्तफल अच्छा है।
    Psa 37:38  परन्तु अपराधी एक साथ सत्यानाश किए जाएंगे; दुष्टों का अन्तफल सर्वनाश है।
    Psa 37:39  धर्मियों की मुक्ति यहोवा की ओर से होती है; संकट के समय वह उनका दृढ़ गढ़ है।
    Psa 37:40  और यहोवा उनकी सहायता कर के उनको बचाता है; वह उनको दुष्टों से छुड़ा कर उनका उद्धार करता है, इसलिये कि उन्होंने उस में अपनी शरण ली है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३३-३४ 
  • १ पतरस ५