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सोमवार, 9 जनवरी 2012

अज्ञात का भय

   क्या कभी परमेश्वर ने आप से कुछ ऐसा करने को कहा है जो आपको ज़रा भी युक्तिसंगत नहीं लगता हो? या किसी ऐसे काम के लिए जो आपको किसी सर्वथा अनजानी स्थिति में ले जाए? आपका प्रत्युत्तर क्या होगा यदि वह आप से कहे कि आप किसी लंबे समय से प्रतीक्षित तरक्की को स्वीकार करने से इन्कार कर दें, या किसी ऐसे संबंध से मूँह मोड़ लें जिसकी आप बहुत लालसा कर रहे हों? या यदि वह आपसे संसार के किसी दूरस्त देश में जाने को कहे या आपसे मांगे कि आप अपने बच्चों को उसकी सेवकाई के लिए किसी दूर स्थान में भेज दें?

   अज्ञात हमेशा ही कई प्रकार के "तब क्या होगा" से भरा रहता है। किंतु अपने अनुसरण में परमेश्वर कई बार हमें अन्जान क्षेत्रों में जाने को कहता है; या अपनी आज्ञाकारिता में हमें क्षमा करने, अपने खज़ाने बांट देने को कहता है, या ऐसी वस्तुओं को छोड़ देने को कहता है जिनसे हमें सुरक्षा तथा आनन्द मिलता है। इन सभी बातों से हम अज्ञात के उसी "तब क्या होगा" के भय अन्तर्गत आ जाते हैं। अनजाने भविष्य और घटनाओं का भय हम पर हावी होने लगता है।

   ज़रा कल्पना कीजिए अब्राहम को कैसा लगा होगा जब परमेश्वर ने उसे अपना परिवार लेकर कूच करने को कहा, एक ऐसे स्थान की ओर जिसका उसने कोई पता तो नहीं दिया बस इतना कहा कि उसे बाद में बता दिया जाएगा (उत्पत्ति १२:१-३)। फिर परमेश्वर ने अब्राहम को दृढ़ता से डटे रहने को भी कहा - एक अनजान देश की कठिनाईयों में, चाहे उसके पित्रों के देश उर और वहां के सुख उसे कितना भी ललचाएं और वापस लौट चलने की लालसा कितनी भी प्रबल हो। अब्राहम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में डटा रहा और अन्ततः उसने ऐसा उत्तम प्रतिफल पाया जिसकी वह कभी कल्पना भी नहीं कर सका होगा, और जो उसके वंश के लिए आज भी कायम है।

   नए वर्ष में प्रवेश भी कुछ ऐसे ही अनजाने क्षेत्र में प्रवेश के समान है। अज्ञात तथा "तब क्या होगा" का भय आते दिनों में परमेश्वर की आज्ञाकारिता में हमारे आगे बढ़ने को बाधित कर सकता है, हमें कमज़ोर बना सकता है। किंतु अब्राहम ही के समान यदि हम उस परमेश्वर की जो सब कुछ जानता है आज्ञाकारिता में डटे रहें और उसके साथ बने रहें, तो हम और हमारा भविष्य ना केवल सुरक्षित है, वरन आशीषमय भी है। - जो स्टोवैल


अन्जाने भविष्य को सर्वज्ञानी परमेश्वर के हाथों में समर्पित करने से कभी न हिचकिचाएं।

विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेनेवाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया। - इब्रानियों ११:८

बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:८-१२
Heb 11:8  विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेनेवाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Heb 11:9  विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रहकर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Heb 11:10  क्‍योंकि वह उस स्थिर नेववाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचनेवाला और बनानेवाला परमेश्वर है।
Heb 11:11  विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्‍योंकि उस ने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्‍चा जाना था।
Heb 11:12  इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्‍पन्न हुआ।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति २३-२४ 
  • मत्ती ७

रविवार, 8 जनवरी 2012

अन्तिम उद्घाटन समारोह

   सन २००८ के ग्रीष्म ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के वर्णन के लिए प्रयोग करे गए शब्दों में से कुछ हैं ’अद्भुत’, ’स्तब्ध कर देने वाले’, ’असीम’। एक टिप्पणीकार ने लिखा, "यह दिखाता है कि जब किसी कलाकार को खर्च का ध्यान किए बिना कार्य करने की छूट दी जाए तो क्या होता है।"

   जब मैंने यह सब सुना तो मुझे ध्यान आया, "परमेश्वर ने भी तो सृष्टि के समय यही किया!" उसने किसी बात की कोई कमी रख ना छोड़ी। इसीलिए यह सृष्टि सुन्दरता में अनुपम, अपनी जटिलता में अद्भुत और हर बात में लाजवाब है।

   ओलंपिक खेलों का उद्घाटन समारोह अपनी हर एक बात में पूर्णतः लयबद्ध था; यदि किसी एक भी नर्तक अथवा बजाने वाले ने कलाकार द्वारा निर्धारित लय, संगीत और नृत्य मुद्रा की बजाए, अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी किया होता तो सारा समारोह बिगड़ जाता।

   सृष्टि के कुछ समय पश्चात यही हुआ। ओलंपिक समारोह के निर्देशक से भिन्न, परमेश्वर ने अपनी सृष्टि की सर्वोच्च कृति को स्वेच्छा की स्वतंत्रता दी और उन्होंने इस स्वतंत्रता का दुरुप्योग किया। आदम और हव्वा ने स्वेच्छा का प्रयोग करते हुए वह किया जो परमेश्वर की इच्छा के विपरीत था और परमेश्वर की सृष्टि बिगड़ गई। आज भी संसार की समस्या यही है - मनुष्य द्वारा परमेश्वर की इच्छा को नज़रंदाज़ करते हुए अपनी ही इच्छा को सर्वोपरि रखना। परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने लिखा, "...हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया" (यशायाह ५३:६)। हमारी इस मनमानी करने की प्रवृति का परमेश्वर ने मानवीय समझ से परे हल निकाला - हमारी बर्बादी की बहाली की कीमत उस सृष्टिकार ने स्वयं ही चुका दी और मानव द्वारा अपने ही हाथों से लिखे अपने ही विनाश से बचने तथा मानव जाति की संपूर्ण बहाली का मार्ग बना दिया।

   एक दिन एक और उद्घाटन समारोह होगा, वहाँ सभी एकत्रित होंगे और स्वर्ग तथा पृथ्वी का हर प्राणी प्रभु यीशु के आगे घुटने टेकेगा (फिलिप्प्यों २:१०)। जिन्होंने मसीह यीशु में हो कर मिलने वाली बहाली की परमेश्वर की योजना को स्वीकार कर लिया है, वे सब ही स्वर्ग में अनन्त काल तक एक साथ मिलकर सिद्ध परमेश्वर की सिद्ध आराधना में सम्मिलित होंगे। - जूली एकरमैन लिंक


हम अनन्तकाल तक परमेश्वर की स्तुति करेंगे - उसे आज ही क्यों ना आरंभ करें।

हे प्रभु, कौन तुझ से न डरेगा और तेरे नाम की महिमा न करेगा क्‍योंकि केवल तू ही पवित्र है, और सारी जातियां आकर तेरे साम्हने दण्‍डवत करेंगी, क्‍योंकि तेरे न्याय के काम प्रगट हो गए हैं। - प्रकाशितवाक्य १५:४

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य १५
Rev 15:1  फिर मैं ने स्‍वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिन्‍ह देखा, अर्थात सात स्‍वर्गदूत जिन के पास सातों पिछली विपत्तियां थीं, क्‍योंकि उन के हो जाने पर परमेश्वर के प्रकोप का अन्‍त है।
Rev 15:2  और मैं ने आग से मिले हुए कांच का सा एक समुद्र देखा, और जो उस पशु पर, और उस की मूरत पर, और उसके नाम के अंक पर जयवन्‍त हुए थे, उन्‍हें उस कांच के समुद्र के निकट परमेश्वर की वीणाओं को लिए हुए खड़े देखा।
Rev 15:3  और वे परमेश्वर के दास मूसा का गीत, और मेम्ने का गीत गा गाकर कहते थे, कि हे र्स्‍वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे कार्य बड़े, और अद्भुत हैं, हे युग युग के राजा, तेरी चाल ठीक और सच्‍ची है।
Rev 15:4  हे प्रभु, कौन तुझ से न डरेगा और तेरे नाम की महिमा न करेगा क्‍योंकि केवल तू ही पवित्र है, और सारी जातियां आकर तेरे साम्हने दण्‍डवत करेंगी, क्‍योंकि तेरे न्याय के काम प्रगट हो गए हैं।
Rev 15:5  और इस के बाद मैं ने देखा, कि स्‍वर्ग में साक्षी के तम्बू का मन्‍दिर खोला गया।
Rev 15:6  और वे सातों स्‍वर्गदूत जिन के पास सातों विपत्तियां थीं, शुद्ध और चमकती हुई मणि पहिने हुए छाती पर सुनहले पटुके बान्‍धे हुए मन्‍दिर से निकले।
Rev 15:7  और उन चारों प्राणियों में से एक ने उन सात स्‍वर्गदूतों को परमेश्वर के, जो युगानुयुग जीवता है, प्रकोप से भरे हुए सात सोने के कटोरे दिए।
Rev 15:8  और परमेश्वर की महिमा, और उस की सामर्थ के कारण मन्‍दिर धुएं से भर गया और जब तक उन सातों स्‍वर्गदूतों की सातों विपत्तियां समाप्‍त न हुई, तब तक कोई मन्‍दिर में न जा सका।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति २०-२२ 
  • मत्ती ६:१९-३४

शनिवार, 7 जनवरी 2012

समर्पित कार्य

   व्याकरण में ’क्रिया’ किसी किए जा रहे, होने वाले अथवा किए गए कार्य को बताती है तथा ’क्रियाविशेषण’ उस ’क्रीया’ की गुणवन्ता को बताता है। मसीही विश्वास में एक कहावत है कि, "परमेश्वर ’क्रियाविशेषण’ से प्रेम करता है; ’कितने’ को नहीं”कितनी भलि-भांति किए गए’ को देखता है।" कहने का अर्थ है कि परमेश्वर हमारे कार्यों की मात्रा की बजाए उन कार्यों के करने के हमारे उद्देश्य और हमारे समर्पण तथा वफादारी को देखता है, तथा कितनी लगन और खराई से हम उन्हें करते हैं, उस बात का आंकलन करता है।

   परमेश्वर को प्रसन्न करने का अर्थ यह नहीं कि हम अपने आप को स्व-निर्धारित ’आत्मिक’ कार्यों में लगा लें; वरन परमेश्वर द्वारा दी गई प्रत्येक ज़िम्मेवारी का सही निर्वाह और उसे परमेश्वर के भय में करना, परमेश्वर की महिमा के लिए करना है। यह प्रतिदिन के हमारे साधारण कार्य भी हो सकते हैं जैसे, घर की सफाई, किसी बुज़ुर्ग के साथ समय बिताना, बच्चे द्वारा करी गई गन्दगी को साफ करना, बाज़ार से सामान ले कर आना, अपने व्यावास्यिक जीवन और कार्य की ज़िम्मेवारियों को निभाना, जानवारों की देख रेख करना इत्यादि; अथवा यह प्रभु के सन्देश का प्रचार, परमेश्वर के वचन को किसी अन्य भाषा में अनुवाद द्वारा उपलब्ध कराना, मिशनरी कर्यों में सहयोग देना आदि भी हो सकता है। महत्व कार्य के नाम का नहीं हमारे द्वारा किए गए कार्य की गुणवन्ता का है। प्रभु का दास प्रेरित पौलुस कहता है, "सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो" (१ कुरिन्थियों १०:३१); क्योंकि, "...हम में मसीह का मन है" (१ कुरिन्थियों २:१६)।

   मसीही विश्वासी द्वारा प्रभु यीशु को उसका जीवन-समर्पण और उसके अन्दर बसा हुआ परमेश्वर पवित्र आत्मा उसे प्रेरित करते हैं कि वह अपने प्रभु की महिमा के लिए जीए, उसके हर कार्य में उसके प्रभु का अंश संसार को दिखाई दे। उसके लिए कोई कार्य छोटा नहीं है; कोई ज़िम्मेवारी - सांसारिक हो या आत्मिक, हलके में नहीं ली जा सकती क्योंकि वह जो कुछ करता है अपने प्रभु के नाम से, उससे प्रार्थना करके, उसी की सामर्थ से, और उसी की महीमा के लिए करता है। मसीही विश्वासी का हर कार्य प्रभु को समर्पित है क्योंकि उसके कार्य की समीक्षा करने वाला और उसे प्रतिफल देने वाला परमेश्वर है। - फिलिप यैन्सी


संसार सफलता को सम्मानित करता है; परमेश्वर विश्वासयोग्यता को।

...हम में मसीह का मन है। - १ कुरिन्थियों २:१६

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों ३:८-१७
Col 3:8  पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Col 3:9  एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्‍योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उस के कामों समेत उतार डाला है।
Col 3:10  और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्‍त करने के लिये नया बनता जाता है।
Col 3:11  उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Col 3:12  इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Col 3:13  और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Col 3:14  और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Col 3:15  और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Col 3:16  मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Col 3:17  और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति १८-१९ 
  • मत्ती ६:१-१८

शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

स्थिर नियम

   यदि आप चन्द्रमा, शुक्र ग्रह और मंगल ग्रह को अगली बार एक ही स्थान पर देखने में रुचि रखते हैं तो अपने कैलैण्डर में तारीख़ चिन्हित कर लिजीए; यह होगा १८ नवंबर २०५२ में। आप उस दिन के शाम के झुटपुटे में, आकाश के एक छोटे से हिस्से में इन तीनों को एक साथ देखने पाएंगे। इससे पूर्व यह हुआ था १ दिसंबर २००८ को, और अगली बार ४ दशक के बाद होगा।

   यह पूर्व-निर्धारण, सूर्य ग्रहण, चन्द्र ग्रहण, हेली कॉमेट (पुच्छल तारा) की वापसी की तारीख (२८ जुलाई २०६१) आदि प्रमाणित करते हैं कि सृष्टि में एक स्थिर व्यवस्था है। यदि सृष्टि के संचालन के लिए स्थिर नियम ना होते तो इस तरह के किसी भी पूर्व-निर्धारण को करना और उसकी भविष्यवाणी कर पाना संभव नहीं हो सकता था।

   क्या ये स्थिर नियम केवल संयोग मात्र हैं? क्या नक्षत्रों और आकाशीय पिंडों की नियमित क्रमवार चाल में हम परमेश्वर का हाथ देख सकते हैं? परमेश्वर के वचन से लिए गए आज के पद यर्मियाह ३३:२५, २६ को देखिए। परमेश्वर अपने तथा अपने लोगों के बीच, उन के साथ उसकी वाचा पर आधारित संबंधों के परिप्रेक्ष्य में यह बात कह रहा है। इसे समझाने के लिए वह लोगों स्थिरता से स्थापित प्रकृति के संचालन के नियमों और क्रमों का हवाला दे रहा है, जिनसे वे विदित हैं। परमेश्वर के कहने का तात्पर्य है कि जैसे उसके आकाश और पृथ्वी के संचालन के नियम स्थिर और अटल हैं वैसे ही अपने लोगों के साथ उसकी वाचा भी स्थिर और अटल है, जैसे नियम नहीं बदल सकते वैसे ही उस की वाचा के बदले जाने की भी कोई संभावना नहीं है।

   सृष्टि के समय से ही परमेश्वर के नियम सृष्टि पर लागू हैं तथा अद्भुत विश्वासनियता से सृष्टि का संचालन कर रहे हैं। इसी विश्वासनियता के अधार पर ही वैज्ञानिक बाह्य अंतरिक्ष की खोज कर पाते हैं और पृथ्वी पर हम अपने कैलेण्डर बना पाए हैं तथा एक दूसरे को भविष्य की किसी आपसी मुलाकात का, किसी बात का या मिलने का आश्वासन दे पाते हैं। यदि इन नियमों की स्थिरता का आधार ना होता, तो ऐसा कुछ भी कर या कह पाना किसी के लिए भी संभव ना होता।

   क्या ऐसे स्थिर और अटल और विश्वासनीय नियमों के बनाने वाले स्थिर, अटल और विश्वासनीय परमेश्वर प्रभु यीशु के हाथ में समर्पित कर के आपने अपना जीवन तथा भविष्य सुरक्षित कर लिया है? - डेव ब्रैनन


सृष्टि के अचरज परमेश्वर के कार्यशील होने का प्रमाण हैं।

यहोवा यों कहता है, यदि दिन और रात के विषय मेरी वाचा अटल न रहे, और यदि आकाश और पृथ्वी के नियम मेरे ठहराए हुए न रह जाएं, तब ही मैं याकूब के वंश से हाथ उठाऊंगा, और इब्राहीम, इसहाक और याकूब के वंश पर प्रभुता करने के लिये अपने दास दाऊद के वंश में से किसी को फिर न ठहराऊंगा। परन्तु इसके विपरीत मैं उन पर दया कर के उन को बंधुआई से लौटा लाऊंगा। - यर्मियाह ३३:२५, २६

बाइबल पाठ: भजन १९:१-११
Psa 19:1  आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
Psa 19:2  दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।
Psa 19:3  न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।
Psa 19:4  उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उस ने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,
Psa 19:5  जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाई अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।
Psa 19:6  वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सबको पहुंचती है।
Psa 19:7  यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
Psa 19:8  यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है;
Psa 19:9  यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं।
Psa 19:10  वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़ कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़ कर मधुर हैं।
Psa 19:11  और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति १६-१७ 
  • मत्ती ५:२७-४८

गुरुवार, 5 जनवरी 2012

थामे रहो

   अमेरिका के गृह युद्ध के समय केन्सौ पहाड़ पर स्थित एक दुर्ग सेना के रसद और खाद्य सामग्री का स्थान था। सेना के एक जनरल ने एक टुकड़ी को उस दुर्ग की रखवाली का ज़िम्मा सौंपा और युद्ध के लिए आगे बढ़ गया। विरोधी सेनाओं ने उस दुर्ग पर धावा बोला और दुर्ग हथियाने के लिए भीषण युद्ध हुआ। दुर्ग में तैनात सुरक्षा टुकड़ी के एक तिहाई सैनिक या तो मारे गए अथवा बुरी तरह से घायल हो गए; उन घायलों में दुर्ग की रक्षा टुकड़ी का सेनापति भी था। वह सेनापति अब शत्रु सेना को समर्पण करने के बारे में सोचने लगा; वह शत्रु सेनापति को समर्पण का सन्देश भेजने पर ही था कि उसे अपनी सेना के जनरल की ओर से, जो वापस दुर्घ की ओर लौट रहा था और उन से लगभग १५ मील की दूरी पर ही था, सन्देश मिला, "थामे रहो; हम आ रहे हैं।" इन चन्द शब्दों ने दुर्ग के सैनिकों का मनोबल बहुत बढ़ा दिया और वे दुर्ग की रक्षा में जुटे रहे और अपने जनरल के वापस आने तक उसे दुश्मनों के हाथों में पड़ने से बचाए रखा।

   हमारे स्वर्गीय सेनापति ने भी हमें यह आशवासन भेजा है कि वह आ रहा है। प्रभु यीशु ने कहा, "तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्‍योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आ कर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो" (यूहन्ना १४:१-३)। हमारे प्रभु के वापस आने का वायदा हमें आशा देता है; उस के लौटने का तथ्य हमें विश्वास के अपने युद्ध में डटे रहने और लड़ते रहने के लिए उत्साहित करता है और हमें अपने इस युद्ध में अन्ततः विजयी होने का दृढ़ आशवासन देता है।

   शैतान और संसार की ताकतों के विरुद्ध हमारा विश्वास का यह युद्ध कितना भी भीषण और कठिनाईयों से भरा क्यों न हो, हमें जूझते रहना है क्योंकि मसीह विरोधी ताकतों के आगे समर्पण कर देना हमारे लिए विकल्प है ही नहीं, क्योंकि शैतान और उसकी ताकतों पर जयवन्त हमारा सेनापति आने वाला है - शायद आज ही, शायद अभी। - रिचर्ड डी हॉन

जब विश्वासयोग्य बने रहना सबसे कठिन होता है, तब उस का प्रतिफल सबसे अधिक लाभकारी भी होता है।

तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूंगा, जो पृथ्वी पर रहने वालों के परखने के लिये सारे संसार पर आने वाला है। मैं शीघ्र ही आने वाला हूं; जो कुछ तेरे पास है, उस थामें रह, कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले। - प्रकाशितवाक्य ३:१०, ११

बाइबल पाठ: १ थिस्सुलुनिकीयों ४:१६-५:११
1Th 4:16  क्‍योंकि प्रभु आप ही स्‍वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्‍द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1Th 4:17  तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1Th 4:18  सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।
1Th 5:1  पर हे भाइयो, इसका प्रयोजन नहीं, कि समयों और कालों के विषय में तुम्हारे पास कुछ लिखा जाए।
1Th 5:2  क्‍योंकि तुम आप ठीक जानते हो कि जैसा रात को चोर आता है, वैसा ही प्रभु का दिन आने वाला है।
1Th 5:3  जब लोग कहते होंगे, कि कुशल है, और कुछ भय नहीं, तो उन पर एकाएक विनाश आ पड़ेगा, जिस प्रकार गर्भवती पर पीड़ा; और वे किसी रीति से ना बचेंगे।
1Th 5:4  पर हे भाइयों, तुम तो अन्‍धकार में नहीं हो, कि वह दिन तुम पर चोर की नाई आ पड़े।
1Th 5:5  क्‍योंकि तुम सब ज्योति की सन्‍तान, और दिन की सन्‍तान हो, हम न रात के हैं, न अन्‍धकार के हैं।
1Th 5:6  इसलिये हम औरों की नाई सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें।
1Th 5:7  क्‍योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोते हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं।
1Th 5:8  पर हम तो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहिन कर और उद्धार का टोप पहिन कर सावधान रहें।
1Th 5:9  क्‍योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं, परन्‍तु इसलिये ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्‍त करें।
1Th 5:10  वह हमारे लिये इस कारण मरा, कि हम चाहे जागते हों, चाहे सोते हों: सब मिल कर उसी के साथ जीएं।
1Th 5:11  इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति १३-१५ 
  • मत्ती ५:१-२६

बुधवार, 4 जनवरी 2012

समीक्षा

   कल्पना कीजिए, आप अपने कार्यस्थल पर पहुँचे ही हैं कि आपका अधिकारी आपसे कहता है, "मेरे कमरे में ९:३० बजे पहुँच जाना, मुझे तुमसे तुम्हारे काम के बारे में कुछ बात करनी है।"

   स्वाभाविक है कि अब आप अपने अधिकारी की आपके काम के प्रति प्रतिक्रिया और समीक्षा के बारे में सोचने लग जाएंगे और यह आपके लिए घबराहट का समय भी हो सकता है। आप सोच सकते हैं कि मेरा अधिकारी मेरे काम के बारे में क्या सोचता होगा? क्या वह मुझ से प्रसन्न है, और क्या मैं तरक्की तथा तन्ख़ा में बढ़ोतरी के बारे में आशा रख सकता हूँ? कहीं किसी ने मेरे विरुद्ध उसके कान तो नहीं भर दिए? क्या मेरी नौकरी तो जाती नहीं रहेगी? वह मुझ से क्या कहेगा: ’अच्छा किया’ या ’बस! अब बहुत हुआ’? ऐसे कितने ही प्रश्न आपके मन में उठते रहेंगे।

   पृथ्वी के हमारे अधिकारीयों के सामने इस प्रकार की मुलाकात और समीक्षा चाहे जितनी भी आवश्यक हो, बाइबल इससे भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण और प्रत्येक की होने वाली समीक्षा की बात करती है। जब इस जीवन का अन्त होगा, हम सब को प्रभु परमेश्वर के सामने खड़ा होना होगा, पृथ्वी पर बिताए अपने जीवन की समीक्षा और प्रतिफल के लिए। पौलुस ने लिखा, "क्‍योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए" (२ कुरिन्थियों ५:१०)।

   जिन्होंने प्रभु यीशु पर विश्वास और पापों की क्षमा द्वारा उद्धार प्राप्त किया है तथा अपने प्रभु की आज्ञाकारिता में जीवन बिताया है, उन्हें अपने प्रतिफल पाने के लिए अपने प्रभु से यही सुनने की लालसा होगी, "धन्य है अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्‍द में सम्भागी हो" (मत्ती २५:२१)।  
   
   जिन्होंने उद्धार तो पाया किंतु प्रभु के आज्ञाकारी नहीं रहे वे इस समीक्षा में इस बात के निश्चय से तो जाएंगे कि उनका उद्धार सुरक्षित है किंतु चाहे उनका उद्धार सुरक्षित रहे, उन्हें प्रशंसा नहीं नुकसान मिलेगा - उनके अनन्त काल के प्रतिफल का अनन्त काल का नुकसान; "तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्‍योंकि वह दिन उसे बताएगा, इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्‍तु जलते जलते" (१ कुरिन्थियों ३:१३-१५)। 

   किंतु जिन्होंने उद्धार नहीं पाया है, प्रभु द्वारा उन्हें बार बार दिए गए उद्धार के अवसरों का तिरिस्कार करके उन्होंने प्रभु की बजाए अपने कर्मों पर भरोसा करा, वे अपनी ’स्व-धार्मिकता’ अथवा ’भले कामों’ के आधार पर प्रभु को प्रसन्न नहीं कर सकेंगे "क्‍योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं" (रोमियों ३:२०, २३); यह उन्हें बहुत भारी पड़ेगा, और वे अनन्त नरक के भागी होंगे।

   हम जो मसीह के विश्वासी हैं, आज उनके लिए यह चुनौती है कि हम मसीह द्वारा हमें दी गई सेवकाई को उत्तम रीति तथा विश्वासयोग्यता के साथ करें, जिससे हम अपने प्रतिफलों का नुकसान ना उठाएं और हमें प्रभु से सुनने को मिल सके "धन्य है अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास"; जो उद्धार पाकर भी अपनी सेवकाई को गंभीरता से नहीं ले रहे, उनके लिए अवसर है कि इस बात की क्षमा माँग कर प्रभु की सेवकाई में गंभीरता से लग जाएं। जिन्होंने मसीह और उसमें उद्धार के अवसर को अभी तक स्वीकार नहीं किया है, प्रभु अपनी दया और अनुग्रह में एक बार फिर उन्हें उद्धार का अवसर प्रदान कर रहा है; भला हो कि वे इसे स्वीकार कर लें और अभी अपना भला अनन्त सुरक्षित कर लें।

   हमारा आज का निर्णय और जीवन निरधारित करेगा कि प्रभु द्वारा हमारी समीक्षा कैसी होगी और समीक्षा का परिणाम क्या होगा। - बिल क्राउडर


इस पृथ्वी पर भली भाँति करी गई सेवकाई स्वर्ग में भले प्रतिफल और प्रशंसा देगी।
क्‍योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए। - २ कुरिन्थियों ५:१०
बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ५:१-११
2Co 5:1  क्‍योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्‍वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्‍तु चिरस्थाई है।
2Co 5:2  इस में तो हम कहरते, और बड़ी लालसा रखते हैं कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2Co 5:3  कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2Co 5:4  और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कहरते रहते हैं; क्‍योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2Co 5:5  और जिस ने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिस ने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2Co 5:6  सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2Co 5:7  क्‍योंकि हम रूप को देख कर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2Co 5:8  इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2Co 5:9  इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।
2Co 5:10  क्‍योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए।
2Co 5:11  सो प्रभु का भय मान कर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति १०-१२ 
  • मत्ती ४

मंगलवार, 3 जनवरी 2012

परिप्रेक्ष्य

   मुझे और एक मिशनरी सेवकाई में लगे प्रचारक को सिंगापुर में रहने वाले सत्तर वर्ष से भी अधिक आयु के व्यक्ति डेविड के घर भोजन करने का न्यौता था; डेविड उस मिशनरी प्रचारक के काम में खुले दिल से आर्थिक सहायता देता था। डेविड उस मिशनरी प्रचारक के देश में तो नहीं जा सकता था, किंतु जब भोजन के लिए डेविड ने धन्यवाद की प्रार्थना करनी आरंभ करी तो उस मिशनरी के देश और वहाँ के लोगों तथा परिस्थितियों के लिए भी बड़ी सहजता से प्रार्थना करी। क्योंकि डेविड नियमित रूप से वहाँ की सेवकाई के लिए प्रार्थना करता रहता था, इसलिए उसे वहाँ के लोगों और उनकी विशेष परिस्थितियों के बारे में पता था और इसलिए उसे उनके लिए प्रार्थना करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। मिशनरी कार्य के लिए डेविड का परिप्रेक्ष्य उसके देश सिंगापुर की सीमाओं से सीमित नहीं था; वह सिंगापुर में रहकर भी सिंगापुर के बाहर के मिशनरी कार्य में संलग्न था।

   हमारे प्रभु यीशु ने हमें आज्ञा दी कि हम सुसमाचार प्रचार के कार्य के लिए समस्त संसार को अपने परिप्रेक्ष्य में रखें। जब प्रभु ने अपने चेलों से कहा, "इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्‍हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्‍हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती २८:१९, २०) तो उसका स्पष्ट तात्पर्य था कि उसके चेले उसकी आज्ञा के अन्तर्गत सारे संसार में सुसमाचार का प्रचार करें। किंतु इस प्रचार के कार्य के लिए हर किसी को अपना अपना स्थान छोड़ कर कहीं बाहर जाने की आवश्यक्ता नहीं है। हम अपने घर, अपने स्थान में रहते हुए भी सुसमाचार प्रचार के लिए अन्तर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य रख सकते हैं।

   परन्तु कैसे? क्या आपके आस-पास किसी बाहर के इलाके का कोई छात्र अथवा परिवार है जो आपके इलाके के तौर-तरीकों तथा रीति-रिवाज़ों को समझने-निभाने के लिए जूझ रहा है? क्या आप किसी अकेलेपन के लिए मजबूर व्यक्ति को जानते हैं जिसे आप हौंसला दे सकते हैं, कुछ खुशी दे सकते हैं? आप के द्वारा उन की सहायता प्रभु के प्रेम को उनके साथ बाँटने के लिए द्वार खोल सकती है। प्रभु यीशु का प्रेम उन के साथ बाँटना भी अपने इलाके से बाहर की सीमाओं में जाने के समान है।

   सुसमाचार बाँटने के अवसर ढूँढेंगे तो कहीं दूर जाए बिना ही आपके अपने आस-पास ही बहुत मिल जाएंगे, सुसमाचार प्रचार के लिए अपने परिप्रेक्ष्य को सही दिशा दीजिए। - सी. पी. हिया


यदि यीशु की नज़रों से देखेंगे तो सुसमाचार के ज़रूरतमन्दों से भरा संसार नज़र आएगा।
इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्‍हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्‍हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती २८:१९, २०
बाइबल पाठ: मत्ती २८:१८-२०
Mat 28:18  यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्‍वर्ग और पृय्‍वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।
Mat 28:19  इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्‍हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।
Mat 28:20  और उन्‍हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ७-९ 
  • मत्ती ३