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मंगलवार, 24 जनवरी 2012

सामर्थी वचन

   जब पोह फैंग नामक एक किशोरी ने प्रभु यीशु के अपने प्रति प्रेम के बारे में जाना और उसे अपने निज उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार किया तो उसके माता-पिता को मसीही विश्वास के प्रति कुछ शंकाएं हुईं। उन्होंने पोह फैंग की बड़ी बहन से कहा कि उसके साथ साथ चर्च जाया करे ताकि वह अपनी बहन पर नज़र रख सके और वहां कि गतिविधियों की खबर भी उन तक पहुंचती रहे। लेकिन वहां कुछ अप्रत्याशित हो गया। परमेश्वर के सामर्थी वचन ने बड़ी बहन के मन में भी असर किया और उसने भी प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया।

   भजनकार ने लिखा कि "मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है" (भजन ११९:९३)। यही गवाही पोह फैंग और उन सभी लोगों की भी है जिन्होंने प्रभु यीशु को अपना निज उद्धारकर्ता जाना है; "क्‍योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, आर पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है" (इब्रानियों ४:१२)।

   परमेश्वर का वचन हमें: 
  • हमारे पापों को दिखाता है और उनके परिणाम के लिए कायल करता है: "इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं" (रोमियों ३:२३); " क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्‍तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है" (रोमियों ६:२३)। 
  • वह हमें परमेश्वर के प्रेम और उद्धार के बारे में बताता है: "परन्‍तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया। जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)" (इफिसियों २:४, ५)। 
  • वह हमें प्रतिदिन के जीवन के लिए समझ-बूझ और मार्ग दर्शन देता है: "तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है" (भजन ११९:१०५)।
   हे पिता परमेश्वर आपके प्रबल और सामर्थी वचन के लिए, जो हमें जीवन और जीवन की सही दिशा देता है, आपका कोटि कोटि धन्यवाद हो। - ऐनी सेटास

बहुत सी पुस्तकें हैं जो ज्ञान सिखाती हैं, किंतु बाइबल ही वह एकमात्र पुस्तक है जो मन परिवर्तित कर देती है।

क्‍योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, आर पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। - इब्रानियों ४:१२

बाइबल पाठ: भजन ११९:९७-१०४
Psa 119:97  अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।
Psa 119:98  तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं।
Psa 119:99  मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।
Psa 119:100  मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं।
Psa 119:101  मैं ने अपने पांवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिस से मैं तेरे वचन के अनुसार चलूं।
Psa 119:102  मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है।
Psa 119:103  तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!
Psa 119:104  तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।
 
एक साल में बाइबल:  
  • निर्गमन ९-११ 
  • मत्ती १५:२१-३०

सोमवार, 23 जनवरी 2012

हताश किंतु उपयोगी

   क्या कभी आप ने हताश होकर अपने कार्य अथवा सेवकाई को छोड़ देना चाहा है? परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता एलिय्याह ने ऐसा करना चाहा था। इस्त्राएल के सामने यह प्रमाणित करने के लिए कि कोई अन्य देवता नहीं वरन यहोवा ही एकमात्र परमेश्वर है, परमेश्वर ने उसे अभी बड़े सामर्थी रूप में प्रयोग किया ही था (१ राजा १८), कि इसी घटना के कारण रानी इज़ेबेल से मिलने वाली जान की धमकी ने एलिय्याह को भयग्रस्त कर दिया, और वह अपने जीवन में परमेश्वर की सामर्थ के महान प्रमाण को भूलकर, अपनी जान बचाने के लिए १०० मील दक्षिण को भागा (१ राजा १९:३); फिर और १५० मील दक्षिण में परमेश्वर के पर्वत होरेब पर जाकर बैठ गया।

   दो बार परमेश्वर ने एलिय्याह से पूछा कि वह वहाँ क्या कर रहा है (पद ९, १३) और दोनो बार एलिय्याह ने एक ही उत्तर दिया: "मैं अकेला ही रह गया हूँ और वे मेरे प्राण के खोजी हैं" (पद १०, १४)। वह अपने भय से इतना ग्रसित हो गया था कि परमेश्वर ने उसके द्वारा जो कर्मेल पर्वत पर महान सामर्थी काम किया था, उसे वह बिलकुल भूल गया और रानी इज़ेबेल की सामर्थ के सामने केवल अपनी ही सामर्थ पर नज़र गड़ा ली। अपनी ही ओर देखने से, परमेश्वर कि प्रगट सामर्थ और उसके द्वारा उसे मिली महान विजय को भूलकर, एलिय्याह निराशा की गर्त में गिर गया, हताश हो गया और अपनी सेवकाई को छोड़ने की इच्छा करने लगा। हमारे साथ भी ऐसा ही कितनी ही बार हो जाता है, जब हम हममें कार्यकारी पर्मेश्वर की सामर्थ को भू्लाकर संसार, संसार के लोगों और संसार की सामर्थ से अपनी व्यक्तिगत सामर्थ की तुलना करके अपने आप को कमज़ोर और असहाय आंकने लगते हैं, भय ग्रस्त हो जाते हैं, निराश और हताश हो जाते हैं।

   लेकिन परमेश्वर ने एलिय्याह का ’इस्तीफा’ स्वीकार नहीं किया, परमेश्वर ने एलिय्याह को समझाया कि वह अकेला नहीं है, उसके समान ७००० अन्य लोग हैं जो परमेश्वर की सामर्थ ही से बाल देवता के आगे घुटने टेकने से बचे हुए हैं (पद १८); और उसे फिर से परमेश्वर के विरोद्धियों के नाश के लिए तीन बड़ी ज़िम्मेदारियां सौंपने के द्वारा (पद १५-१७) आश्वस्त किया कि वह अभी भी परमेश्वर के लिए उतना ही उपयोगी है।

   हो सकता है कि एलिय्याह के समान आप भी अपने जीवन की परिस्थितियों और निराशाओं के कारण हताश हो गए हों और सब कुछ छोड़ देना चाहते हों। एलिय्याह के समान ही, कुछ और करने से पहले, परमेश्वर आपसे क्या कह रहा है वह सुन लीजिए (पद१२)। परमेश्वर आपको बताएगा कि उसकी सामर्थ के साथ आप क्या कुछ कर सकते हैं; वह आपको हताश होकर बैठ जाने और सब कुछ छोड़ देने नहीं देगा; उसकी सन्तान होने के कारण आप परमेश्वर के लिए बहुत बहुमूल्य और उपयोगी हैं और उसकी सामर्थ सदैव आपके साथ है। - सी. पी. हीया


यदि आप यीशु के लिए कार्यरत हैं तो कभी भी घबरा कर उस कार्य से पीछे हट जाना या उसे छोड़ देना जल्दबाज़ी में किया गया गलत निर्णय है।

...मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं। - १ राजा १९:१०

बाइबल पाठ: १ राजा १९:११-१८
1Ki 19:11  उस ने कहा, निकलकर यहोवा के सम्मुख पर्वत पर खड़ा हो। और यहोवा पास से होकर चला, और यहोवा के साम्हने एक बड़ी प्रचणड आन्धी से पहाड़ फटने और चट्टानें टूटने लगीं, तौभी यहोवा उस आन्धी में न था; फिर आन्धी के बाद भूंईडोल हूआ, तौभी यहोवा उस भूंईडोल में न था।
1Ki 19:12  फिर भूंईडोल के बाद आग दिखाई दी, तौभी यहोवा उस आग में न था; फिर आग के बाद एक दबा हुआ धीमा शब्द सुनाई दिया।
1Ki 19:13  यह सुनते ही एलिय्याह ने अपना मुंह चद्दर से ढांपा, और बाहर जाकर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाई दिया, कि हे एलिय्याह तेरा यहां क्या काम?
1Ki 19:14  उस ने कहा, मुझे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त बड़ी जलन हुई, क्योंकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, और तेरी वेदियों को गिरा दिया है और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है; और मैं ही अकेला रह गया हूँ, और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं।
1Ki 19:15  यहोवा ने उस से कहा, लौटकर दमिश्क के जंगल को जा, और वहां पहुंचकर अराम का राजा होने के लिये हजाएल का,
1Ki 19:16  और इस्राएल का राजा होने को निमशी के पोते येहू का, और अपने स्थान पर नबी होने के लिये आबेलमहोला के शापात के पुत्र एलीशा का अभिषेक करना।
1Ki 19:17  और हजाएल की तलवार से जो कोई बच जाए उसको येहू मार डालेगा, और जो कोई येहू की तलवार से बच जाए उसको एलीशा मार डालेगा।
1Ki 19:18  तौभी मैं सात हजार इस्राएलियों को बचा रखूंगा। ये तो वे सब हैं, जिन्होंने न तो बाल के आगे घुटने टेके, और न मुंह से उसे चूमा है।
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन ७-८ 
  • मत्ती १५:१-२०

रविवार, 22 जनवरी 2012

पुनर्मिलन

   चीनी समाज में चाँद पर आधारित कलैण्डर के अनुसार आरंभ होने वाले नववर्ष की संध्या को परंपरागत पारिवारिक पुनर्मिलन और प्रीति भोज आयोजित करने का बहुत महत्व है। यह आयोजन माता-पिता के घर या सबसे बड़े भाई के घर किया जाता है। जो चीनी लोग विदेशों में रह रहे होते हैं, उन्हें इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए बहुत पहले ही से यात्रा के अपने प्रबन्ध कर लेने होते हैं अन्यथा बाद में यात्रा के लिए बसों या वायुयानों में स्थान मिल पाना कठिन हो जाता है। यदि पहले से यह प्रबन्ध नहीं किया गया, तो इसका नतीजा इस पारिवारिक पुनर्मिलन से वंचित रह जाना होता है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इससे भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण पारिवारिक मिलन और भोज के बारे में बताती है जो स्वर्ग में आयोजित होने वाला है। प्रकाशितवाक्य १९:९ इसे "मेम्ने के ब्याह के भोज" की संज्ञा देता है। चीनी समाज के पारिवारिक मिलन के भोज के विपरीत, सिवाए परमेश्वर के इस भोज का समय कोई नहीं जानता (मत्ती २४:३६); कभी भी परमेश्वर की ओर से परमेश्वर की सन्तान को इसके लिए बुलावा आ सकता है। इस भोज में सम्मिलित होने के लिए भी अभी से ही अपनी तैयारी करनी आवश्यक है - यात्रा के माध्यम के लिए नहीं वरन भोज में निमंत्रित होने की।

   कौन हैं जो इस स्वर्गीय भोज में सम्मिलित होंगे? वे सब जो इस पृथ्वी पर परमेश्वर के परिवार में सम्मिलित हो जाते हैं, वे जो प्रभु यीशु को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता मान कर उस पर विश्वास करते हैं: "परन्‍तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्‍हें परमेश्वर के सन्‍तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्‍हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्‍छा से, न मनुष्य की इच्‍छा से, परन्‍तु परमेश्वर से उत्‍पन्न हुए हैं" (यूहन्ना १:१२, १३) केवल वे ही वहां उस भोज में सम्मिलित हो सकेंगे।

   क्या आपका नाम और स्थान उस भोज में सम्मिलित होने वालों में है? यदि नहीं, तो आप अभी यह सुनिश्चित कर सकते हैं; सच्चे मन से करी गई एक समर्पण की प्रार्थना, "प्रभु यीशु मेरे पापों को क्षमा करें और मुझे अपनी शरण में ले लें" आपका वर्तमान तथा भविष्य दोनो बना देगी तथा आपको उस भोज में परमेश्वर के परिवार के सदस्य के रूप में सम्मिलित करवा देगी। जो उस पारिवारिक पुनर्मिलन के भोज में सम्मिलित होने की तैयारी इस पृथ्वी पर रहते हुए नहीं करेंगे उन्हें फिर अनन्त काल के लिए परमेश्वर के परिवार और संगति के आनन्द से वंचित ही रहना पड़ेगा। - सी. पी. हीया


मसीह पर किया गया विश्वास अनन्त काल के लिए उद्धार और स्वर्ग में निवास सुनिश्चित कर देता है।

उस ने मुझ से कहा, यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उस ने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं। - प्रकाशितवाक्य १९:९

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य १९:१-९
Rev 19:1  इस के बाद मैं ने स्‍वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊंचे शब्‍द से यह कहते सुना, कि हल्लिलूय्याह उद्धार, और महिमा, और सामर्थ हमारे परमेश्वर ही की है।
Rev 19:2  क्‍योंकि उसके निर्णय सच्‍चे और ठीक हैं, इसलिये कि उस ने उस बड़ी वेश्या का जो अपने व्यभिचार से पृथ्वी को भ्रष्‍ट करती थी, न्याय किया, और उस से अपने दासों के लोहू का पलटा लिया है।
Rev 19:3  फिर दूसरी बार उन्‍होंने हल्लिलूय्याह कहा: और उसके जलने का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा।
Rev 19:4  और चौबीसों प्राचीनों और चारों प्राणियों ने गिरकर परमेश्वर को दण्‍डवत किया; जो सिंहासन पर बैठा था, और कहा, आमीन, हल्लिलूय्याह।
Rev 19:5  और सिंहासन में से एक शब्‍द निकला, कि हे हमारे परमेश्वर से सब डरनेवाले दासों, क्‍या छोटे, क्‍या बड़े; तुम सब उस की स्‍तुति करो।
Rev 19:6  फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्‍द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्‍द सुना, कि हल्लिलूय्याह, इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है।
Rev 19:7  आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्‍योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।
Rev 19:8  और उस को शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्‍योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम है।
Rev 19:9  और उस ने मुझ से कहा, यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उस ने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन ४-६ 
  • मत्ती १४:२२-३६

शनिवार, 21 जनवरी 2012

आपसी मित्र

   कल्पना कीजिए कि आप विदेश में किसी स्थान पर पहली बार गए हैं और एक सभा में अप्रत्याशित रूप से पहुंच जाते हैं - ऐसे लोगों के बीच जिनसे आप पहले कभी नहीं मिले, जो आपको ज़रा नहीं जानते और ना ही आप उन्हें जानते हैं, लेकिन फिर भी कुछ ही मिनिटों में एक ऐसा आपसी घनिष्ठ संबंध बन जाता है कि वे लोग आपसे सभा को संबोधित करने का अनुरोध करते हैं। यह तब ही संभव है जब दोनो लोगों के बीचे कोई ऐसा आपसी मित्र हो जो दोनो को जानता हो और दोनो के बीच के अनजानेपन की दूरी को दूर कर सके।

   यह घटना मेरे साथ हुई, जब मैं एक मिशनरी टीम को लेकर जमैका की डिस्कवरी बे पहुंचा। हमारे अमेरिका से रवाना होने से पहले, मेरे एक मित्र डोरेंट ब्राउन ने, जो जमैका के एक पास्टर हैं, हमसे वहां के एक चर्च में संगति के लिए जाने की सिफारिश करी। जब मैं और मेरा दल उस चर्च में पहुंचे तो हमने पास्टर डोरेंट ब्राउन का उल्लेख किया; हमें ना केवल चर्च के लोगों से स्वागत मिला वरन मुझ से चर्च में सन्देश देने के लिए भी आग्रह किया गया और हमारी टीम को वहां एक स्तुती गीत गाने का भी अवसर दिया गया।

   य्द्यपि इस घटना में पास्टर डोरेंट का नाम लेना महत्वपूर्ण तथा प्रभावी था, लेकिन मेरे विचार से इस गर्मजोशी से मिले स्वागत और आदर के लिए उससे भी अधिक महत्वपुर्ण और प्रभावी था वह आपसी मित्र जो मुझे पास्टर डोरेंट से, पास्टर डोरेंट को जमैका के उस चर्च तथा उसके सदस्यों से तथा हमारी टीम के प्रत्येक सदस्य को एक दूसरे से जोड़ता है - हमारा प्रभु यीशु।

   प्रभु यीशु में हम सबका विश्वास और उस विश्वास के द्वारा प्रभु की विश्व्यापी मण्डली का सद्स्य होना, संसार के प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक परस्पर पारिवारिक संबंध में ले आता है जिसके कारण अनजानेपन के अवरोध दूर हो जाते हैं और अनजाने लोग प्रेम के बन्धन में जुड़कर एक साथ प्रभु के लिए कार्यकारी हो पाते हैं, प्रभु की महिमा करने पाते हैं। प्रभु यीशु एक ऐसा आपसी मित्र है जिसने हम सबके लिए अपनी जान दी (यूहन्ना १५:१३), और जितने उसपर विश्वास लाते हैं उन्हें वह पारिवारिक संबंध में ले आता है (१ पतरस २:१७)। जब आप किसी अनजाने व्यक्ति से मिलें और दोनो को पता लगे कि दोनो ही प्रभु यीशु के विश्वासी हैं, तब क्या आपने इस संबंध के प्रभाव को अनुभव किया है?

   प्रभु यीशु, हमारा उद्धारकर्ता, हमारा आपसी मित्र, जो अपने प्रेम ध्वजा के तले समस्त संसार के लोगों के हृदय को आपस में मिला देता है। - डेव ब्रैनन


जो मसीह यीशु की ओर आकर्षित हैं वे आपस में भी आकर्षित रहते हैं।

...परन्‍तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्‍योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। - यूहन्ना १५:१५

बाइबल पाठ: यूहन्ना १५:९-१७
Joh 15:9  जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो।
Joh 15:10  यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं।
Joh 15:11  मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्‍द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्‍द पूरा हो जाए।
Joh 15:12  मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।
Joh 15:13  इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
Joh 15:14  जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो।
Joh 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्‍योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्‍या करता है: परन्‍तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्‍योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं।
Joh 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्‍तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ, और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।
Joh 15:17  इन बातें की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन १-३ 
  • मत्ती १४:१-२१

शुक्रवार, 20 जनवरी 2012

पुनःनिर्देशित

   प्यानो वादक लिओन फ्लेशर ने अपने प्यानो वादन का औप्चारिक आरंभ १६ वर्ष की छोटी आयु में न्यू यॉर्क फिलहारमोनिक वाद्यवृंद के साथ कर लिया। इसके बाद उन्होंने कई अन्तर्राष्ट्रीय संगीत प्रतियोज्ञाताएं भी जीतीं और संसार भर के सर्वोत्तम संगीत गोष्ठियों में अपनी योग्यता प्रमाणित करी और यश पाया। किंतु ३७ वर्ष की आयु में वे नाड़ीतंत्र से संबंधित डिस्टोनिया नामक बिमारी का शिकार हो गए, जिसके कारण उनके दाहिने हाथ ने काम करना बन्द कर दिया। निराशा और एकाकीपन की एक अवधि के पश्चात उन्होंने संगीत सिखाना और वाद्यवृंद संचालन करना आरंभ कर दिया, क्योंकि, जैसा कि उन्होंने स्वयं कहा, उन्हें प्यानो से नहीं संगीत से अधिक प्रेम था।

   जब याकूब का प्रीय पुत्र युसुफ अपने ही भाईयों की ईर्ष्या के कारण, उनके द्वारा गुलामी में बेच दिया गया (उत्पत्ति ३७:१२-३६) तो वह भी अपनी निराशा और कुंठाओं में अकेला और खिसिया हुआ रह सकता था। परन्तु, युसुफ ने ऐसा नहीं किया, वह इन अनापेक्षित तथा विपरीत और निराशाजनक परिस्थितियों में भी परमेश्वर में मग्न रहा, और उत्पत्ति के ३९ अध्याय में हम चार बार लिखा हुआ पाते हैं कि परमेश्वर उसके साथ था (पद २, ३, २१, २३) तथा उसके कार्य परमेश्वर के प्रति उसके विश्वास को दिखाते थे। उसके उत्तम व्यवहार के द्वारा मिस्त्र के उसके स्वामियों ने पहचाना कि परमेश्वर उसके साथ है।

   अवश्य ही यूसुफ अपने गुलामी के समय में अपने अतीत और जीवन में जो कुछ उसने खोया था उसको सोचकर बहुत दुखी होता होगा, किंतु उसने इन बातों को अपने परमेश्वर और उसकी भलाई पर विश्वास पर हावी नहीं होने दिया, और परमेश्वर ने उचित समय पर उसे उन्नति के ऐसे शिखर पहुंचाया जिसकी कल्पना भी उस की सोच समझ से परे थी।

   जब हमारे सपने टूट जाते हैं तो हमारी प्रतिक्रिया कैसी होती है? क्या हम परमेश्वर से अपने सपनों से बढ़कर प्रेम करते हैं? क्या विपरीत और समझ से परे निराशाजनक परिस्थितियां परमेश्वर में हमारे विश्वास को डगमगा देती हैं? वह जो भला ही करने वाला परमेश्वर है, हमारी भलाई के ही लिए हमें संभवतः किसी अन्य ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है; क्या हम उसके द्वारा पुनःनिर्देशित होने को तैयार हैं? क्या एक नई दिशा में जाने के उसके निर्देशों का पालन करने को रज़ामन्द हैं? अपने हर बच्चे के लिए परमेश्वर की हर योजना भलाई ही की है। उसके हाथों में समर्पित हो जाईए, आपका भविष्य आपकी कल्पना से भी अधिक भला और महिमामय होगा। - डेविड मैककैसलैंड


मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है। - नीतिवचन १६:९

और यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान पुरूष हो गया। - उत्पत्ति ३९:२

बाइबल पाठ: उत्पत्ति ३९:१-९
Gen 39:1  जब यूसुफ मिस्र में पहुंचाया गया, तब पोतीपर नाम एक मिस्री, जो फिरौन का हाकिम, और जल्लादों का प्रधान था, उस ने उसको इश्माएलियों के हाथ, से जो उसे वहां ले गए थे, मोल लिया।
Gen 39:2  और यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान पुरूष हो गया।
Gen 39:3  और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सुफल कर देता है।
Gen 39:4  तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया : फिर उस ने उसको अपने घर का अधिकारी बना के अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया।
Gen 39:5  और जब से उस ने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
Gen 39:6  सो उस ने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहां तक छोड़ दिया: कि अपके खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। और यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।
Gen 39:7  इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आंख लगाई, और कहा, मेरे साथ सो।
Gen 39:8  पर उस ने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उस ने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौप दिया है।
Gen 39:9  इस घर में मुझ से बड़ा कोई नहीं, और उस ने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है, मुझ से कुछ नहीं रख छोड़ा; सो भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता करके परमेश्वर का अपराधी क्योंकर बनूं?
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ४९-५० 
  • मत्ती १३:३१-५८

गुरुवार, 19 जनवरी 2012

आवश्यक विश्वासयोग्य सहायक

जब मैं और मेरी पत्नि किसी यात्रा की तैयारी कर रहे होते हैं, तो हमारे प्रथामिक कार्यों में से एक होता है उस इलाके के सड़कों के मानचित्र का अध्ययन करना। सड़कों के उस मार्गदर्शक मानचित्र को हम बड़े ध्यान से अध्ययन करते हैं, सबसे अच्छे मार्ग खोजते हैं, मार्गों के विकल्प खोजते हैं, कितनी दूरी हमें तय करनी होगी पता करते हैं, एक दिन में हम कितनी दूरी तय कर पाएंगे इसका अंदाज़ा लेते हैं, उस इलाके में देखने लायक रोचक स्थान और पर्यटल स्थल पता करते हैं और इस सारी जानकारी के आधार पर हहोने वाले अपने खर्चे का अंदाज़ा लगाते हैं। सारी यात्रा में यह मार्गदर्शक मानचित्र हमारे साथ रहता है, और हम बार बार उसे देखते रहते हैं, उसके अनुसार अपनी स्थिति का आंकलन करते रहते हैं और अपने विकल्प तैयार रखते हैं। हमारी यात्रा में वह हमारा ऐसा सहायक होता है जिसके बिना सुरक्षित और भली भांति यात्रा कर पाना संभव नहीं है।

   मसीही विश्वासियों के लिए, उनकी मसीही जीवन यात्रा में परमेश्वर का वचन बाइबल भी यही भूमिका निभाती है। उनकी जीवन यात्रा में ना केवल वह उनका मार्गदर्शन करती है, सही निर्णय लेने में सहायता करती है, वरन वह इससे भी कहीं बढ़कर है। परमेश्वर के वचन बाइबल को अनेक प्रकार से संबोधित किया गया है, जो उसके गुणों को दिखाता है; जैसे: 
  • मधु से मीठा (भजन १९:१०; ११९:१०३) 
  • मार्ग का दीपक और उजियाला (भजन ११९:१०५) 
  • वर्षा एवं हिम (यशायह ५५:१०, ११) 
  • आग (यर्मियाह २३:२९) 
  • हथौड़ा (यर्मियाह २३:२९) 
  • जल (इफिसियों ५:२६) 
  • तलवार (इफिसियों ६:१७) 
  • ठोस आहार (इब्रानियों ५:१२) 
  • दर्पण (याकूब १:२३) 
  • दूध (१ पतरस २:२)

   राजमार्ग के यात्रियों के समान, हम मसीही विश्वासी भी एक लंबी यात्रा पर हैं, जो जोखिम भरी भी हो सकती है। अपनी इस यात्रा में हमें कई निर्णय लेने होंगे, कई आवश्यक्ताएं हमारे सामने आएंगी, कई परिस्थितियों का सामना करना होगा। यह वचन हमें इन निर्णयों, आवश्यक्ताओं और परिस्थितियों को सही रीति से समझने और निभाने के लिए दिया गया है। हमारी जीवन यात्रा में यह हमारा आवश्यक तथा विश्वासयोग्य सहायक है, जिसे हमें अपने साथ सदा रखना चाहिए तथा जिसका ध्यानपूर्वक अध्ययन और परामर्श हमें करते रहना चाहिए। मसीही जीवन यात्रा इसके बिना संभव नहीं है। - डेव एग्नर


बाइबल एक कुतुबनुमा (कम्पास) के समान सदा सही दिशा दिखाती रहती है।

हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा। - भजन ११९:३३

बाइबल पाठ: भजन ११९:१२९-१३६
Psa 119:129  तेरी चितौनियां अनूप हैं, इस कारण मैं उन्हें अपने जी से पकड़े हुए हूं।
Psa 119:130  तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं।
Psa 119:131  मैं मुंह खोलकर हांफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।
Psa 119:132  जैसी तेरी रीति अपने नाम की प्रीति रखने वालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर।
Psa 119:133  मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।
Psa 119:134  मुझे मनुष्यों के अन्धेर से छुड़ा ले, तब मैं तेरे उपदेशों को मानूंगा।
Psa 119:135  अपने दास पर अपने मुख का प्रकाश चमका दे, और अपनी विधियां मुझे सिखा।
Psa 119:136  मेरी आंखों से जल की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ४६-४८ 
  • मत्ती १३:१-३०

बुधवार, 18 जनवरी 2012

महिमा का पात्र

   पुरातत्वशास्त्री बारबरा मर्टज़ को मिस्त्र के प्राचीन फिरौन रैम्सेज़ द्वतीय से शिकायत है। अपनी पुस्तक Temples, Tombs, and Heiroglyphs में बारबरा लिखती हैं कि: "मिस्त्र की प्राचीन दीवारों पर हर जगह रैम्सेज़ के चेहरे, आकृति या नाम की उपस्थिति बेहद उबा देने वाली हो जाती है।" अपनी महिमा करवाने से कभी ना उबने वाले इस राजा ने मिस्त्र के धर्म का, जिस में राजा को देवता मानकर पूजा जाता था, भरपूरी से लाभ उठाया, और हर संभव स्थान पर अपनी कोई न कोई छवि स्थापित करवा दी जिससे उसे महिमा मिलती रहे।

   रैम्सेज़ के महिमा पाते रहने के इस व्यवहार की तुलना पौलुस और बरनाबास के व्यवहार से कीजिए। अपनी एक मिशनरी यात्रा के दौरान उन्हें ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा जहाँ लोग उन्हें महिमा देना चाहते थे, पर उन्होंने इन्कार कर दिया। लुस्त्रा नामक एक नगर में, जो मूर्तिपूजा में लिप्त था, उन्होंने यीशु के नाम में एक जन्म के लंगड़े को चंगा किया; चंगाई का यह अद्भुत कार्य देखकर उस नगर के लोग विस्मित हो गए और: "लोगों ने पौलुस का यह काम देखकर लुकाउनिया भाषा में ऊंचे शब्‍द से कहा; देवता हमारे पास उतर आए हैं" (प्रेरितों १४:११); फिर तुरंत ही लोगों ने उन्हें बलिदान चढ़ाने और उनकी पूजा करने के लिए तैयारी आरंभ कर दी। यह सब देखकर पौलुस और बरनाबास बहुत दुखी हुए और लोगों को ऐसा करने से रोकते हुए कहा: "हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख-सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्‍तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्‍वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया" (प्रेरितों १४:१५)।

   आज हम मसीही विश्वासी चाहे अपौलुस और बरनाबास के समान परमेश्वर के लिए अद्भुत आश्चर्याकर्म ना कर पाते हों, लेकिन हर विश्वासी मसीह के लिए कुछ न कुछ तो कर ही सकता है, और बहुतेरे करते भी हैं। हमारा मसीही जीवन और कार्य संसार और संसार के लोग को प्रभावित कर, उन्हें इन कार्यों के कारण हमें आदर और महिमा देने को प्रेरित कर सकता है। यदि ऐसी स्थिति आए, तो पौलुस और बरनाबास के समान ही हमें महिमा के पात्र नहीं बनना, वरन उस सारी महिमा, यश, कीर्ति और आदर को महिमा के सच्चे पात्र - परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह ही की ओर केंद्रित करना है तथा लोगों को उस जीवते सच्चे परमेश्वर के बारे में बताना है। - डेनिस फिशर


मनुष्य का सबसे महान लक्ष्य स्वयं महिमा पाना नहीं, महिमा के सच्चे पात्र - परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह को महिमा देना है।

[परमेश्वर:] अपने निमित्त, हां अपने ही निमित्त मैं ने यह किया है, मेरा नाम क्यों अपवित्र ठहरे? अपनी महिमा मैं दूसरे को नहीं दूंगा। - यशायाह ४८:११

बाइबल पाठ: प्रेरितों १४:४-१८
Act 14:4  परन्‍तु नगर के लोगों में फूट पड़ गई थी; इस से कितने तो यहूदियों की ओर, और कितने प्रेरितों की ओर हो गए।
Act 14:5  परन्‍तु जब अन्यजाति और यहूदी उन का अपमान और उन्‍हें पत्थरवाह करने के लिये अपने सरदारों समत उन पर दौड़े।
Act 14:6  तो वे इस बात को जान गए, और लुकाउनिया के लुस्‍त्रा और दिरबे नगरों में, और आसपास के देश में चले गए।
Act 14:7   और वहां सुसमाचार सुनाने लगे।
Act 14:8  लुस्‍त्रा में एक मनुष्य बैठा था, जो पांवों का निर्बल था: वह जन्म ही से लंगड़ा था, और कभी न चला था।
Act 14:9   वह पौलुस को बातें करते सुन रहा था और इस ने उस की ओर टकटकी लगाकर देखा कि इस को चंगा हो जाने का विश्वास है।
Act 14:10  और ऊंचे शब्‍द से कहा, अपने पांवों के बल सीधा खड़ा हो: तब वह उछलकर चलने फिरने लगा।
Act 14:11  लोगों ने पौलुस का यह काम देखकर लुकाउनिया भाषा में ऊंचे शब्‍द से कहा; देवता हमारे पास उतर आए हैं।
Act 14:12  और उन्‍होंने बरनबास को ज्यूस, और पौलुस को हिरमेस कहा, क्‍योंकि यह बातें करने में मुख्य था।
Act 14:13  और ज्यूस के उस मन्‍दिर का पुजारी जो उस के नगर के साम्हने था, बैल और फूलों के हार फाटकों पर लाकर लोगों के साथ बलिदान करना चाहता था।
Act 14:14  परन्‍तु बरनबास और पौलुस प्रेरितों ने जब सुना, तो अपने कपड़े फाड़े, और भीड़ में लपक गए, और पुकारकर कहने लगे; हे लोगो तुम क्‍या करते हो?
Act 14:15  हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख-सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्‍तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्‍वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
Act 14:16  उस ने बीते समयों में सब जातियों को अपने अपने मार्गों में चलने दिया।
Act 14:17  तौभी उस ने अपने आप को बे-गवाह न छोड़ा; किन्‍तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्‍त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्‍द से भरता रहा।
Act 14:18  यह कहकर भी उन्‍होंने लोगों को कठिनता से रोका कि उन के लिये बलिदान न करें।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ४३-४५ 
  • मत्ती १२:२४-५०