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शनिवार, 10 मार्च 2012

याद्दाश्त

   जिल प्राईस की याद्दाश्त विलक्षण है और वैज्ञानिक उससे चकित हैं। सन २००६ में एक वैज्ञानिक पत्रिका में उसकी विलक्षण याद्दाश्त के बारे में लेख छपा: "A Case of Unusual Autobiographical Remembering" (असाधारण आपबीती बातों को स्मरण रखने की क्षमता)। जिल प्राइस के पास शब्दों, संख्याओं, घटनाओं या भाषाओं को याद करने की कोई विशेष क्षमता नहीं है। लेकिन पिछले ३० वर्षों में जो भी उसके साथ किसी भी दिन हुआ है, वह उसे पूर्णतः याद रहता है। आप कोई भी तारीख बोल दीजिए, जिल उसका स्पताह का दिन, उस दिन का मौसम, उस दिन उसने क्या खाया था, कौन से टी.वी. प्रोग्राम देखे थे, किन लोगों से क्या बातचीत करी थी, सब कुछ सही सही बता देगी।

   हम में से शायद ही कोई होगा जिसके पास ऐसी याद्दाश्त है। इसीलिए हमें अपने कार्यों को करने, अपने कार्य के लिए किए गए समय निर्धारण आदि को स्मरण दिलाने के लिए सहायता की आवश्यक्ता रहती है। यह स्मरण दिलाने की बात और भी आवश्यक हो जाती है जब बात आत्मिक सच्चाईयों की हो। प्रेरित पतरस ने दिखाया कि वह इस आत्मिक बातों के स्मरण दिलाए जाने की आवश्यक्ता को भली प्रकार से समझता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में उसने अपनी पत्री में लिखा: "इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिलाकर उभारता रहूं" (२ पतरस १:१२-१३)।

   हमारी याद्दाश्त चाहे जैसी भी हो, परमेश्वर के वचन और बातें स्मरण दिलाए जाते रहने की आवश्यक्ता हमें सदा रहेगी। परमेश्वर के वचन का अध्ययन - प्रतिदिन व्यक्तिगत रीति से एवं समयानुसार छोटे से गुट के साथ सामूहिक रूप में, किसी स्थानीय चर्च के कार्यों में अपने आप को सम्मिलित करना आदि वे सहायक हैं जो हमें परमेश्वर के वचन की अत्यन्त आवश्यक बातों को स्मरण दिलाते रहेंगे और परमेश्वर की संगति में बनाए रखेंगे।

   यही हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु से हमारे प्रेम का सच्चा प्रगटीकरण भी है, जैसा उसने स्वयं कहा: "जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्‍हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे" (यूहन्ना १४:२१, २३)। - डेनिस फिशर



होने दें कि परमेश्वर का वचन आपकी याद्दाश्त में भर जाए, आपके हृदय पर राज्य करे और आपके कदमों का मार्गदर्शन करता रहे।

इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। - २ पतरस १:१२

बाइबल पाठ: २ पतरस १:५-१६
2Pe 1:5 और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्‍न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ।
2Pe 1:6  और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।
2Pe 1:7  और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
2Pe 1:8 क्‍योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी।
2Pe 1:9 और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुलकर शुद्ध होने को भूल बैठा है।
2Pe 1:10 इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्‍न करते जाओ, क्‍योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
2Pe 1:11 वरन इस रीति से तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनन्‍त राज्य में बड़े आदर के साथ प्रवेश करने पाओगे।
2Pe 1:12  इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा।
2Pe 1:13  और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिला कर उभारता रहूं।
2Pe 1:14  क्‍योंकि यह जानता हूं, कि मसीह के वचन के अनुसार मेरे डेरे के गिराए जाने का समय शीघ्र आने वाला है।
2Pe 1:15  इसलिये मैं ऐसा यत्‍न करूंगा, कि मेरे कूच करने के बाद तुम इन सब बातों को सर्वदा स्मरण कर सको।
2Pe 1:16  क्‍योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ११-१३ 
  • मरकुस १२:१-२७

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

भूलें नहीं

   मेरा एक प्रीय कार्टून शो है "Superman in his later years" जिसमें सुपरमैन को उसकी वृद्धावस्था में, उस अवस्था की समस्याओं से जूझते दिखाया गया है। उस शो में एक जगह दिखाया गया कि वह वृद्ध सामर्थी योद्धा खिड़की से कूदकर किसी बचाव कार्य के लिए उड़ने को तैयार खड़ा है और अपने आप से प्रश्न कर रहा है, "अब मैं कहाँ जाने पर था?"

   भुलक्कड़पन हम सब पर आता है। यदा-कदा के होने वाले भुलक्कड़पन की घटनाएं चाहे मनोंरंजक हों किंतु यदि हमारा यह भुलक्कड़पन परमेश्वर के प्रति हमारी एक प्रवृति बन गया है तो यह चिन्ता की बात है क्योंकि इसके परिणाम अत्यंत विनाशकारी होते हैं।

   जब इस्त्राएली प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश में प्रवेश करने पर थे तब मूसा ने उन्हें चिताया: "और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं। इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे?" (व्यवस्थाविवरण ८:२, ११)।

   परमेश्वर को भूल जाने के कुछ कारण हो सकते हैं: परीक्षाएं (व्यवस्थाविवरण ८:२-४) - परमेश्वर ने अपने लोगों को भूखा रहने दिया फिर उन्हें मन्ना दिया। जब हम जीवन कि आवश्यकताओं की घटी में आते हैं तो लगता है कि परमेश्वर हमें भूल गया है। एक और कारण हो सकता है बहुतायत (व्यवस्थाविवरण ८:१०-११) - बहुतायत से उपलब्ध होना भी घटी के समान ही हमारे परमेश्वर को भुलाने का कारण हो सकता है। क्योंकि बहुतायत में भी हम परमेश्वर की ओर नहीं वरन अपनी ही ओर अधिक देखते हैं, अपने सामर्थ पर भरोसा करने लगते हैं, ना कि परमेश्वर पर जो हमारा स्त्रोत है। घमंड (व्यवस्थाविवरण ८:१२-१६) भी हमारे अन्दर ऐसी भावना उत्पन्न करता है कि हम अपनी क्षमता और सामर्थ पर भरोसा कर के परमेश्वर को तुच्छ जानने लगते हैं और उसे भूल जाते हैं।

   नम्रता, आज्ञाकारिता और परमेश्वर की आराधना हमें स्मरण दिलाते रहते हैं कि परमेश्वर ही हमारा उपलब्ध कराने वाला और हमारी देख-भाल करने वाला है। सबसे बढ़कर तो उसने हमारे लिए, प्रभु यीशु में होकर विश्वास और पश्चाताप द्वारा, पापों की क्षमा और अनन्त अविनाशी आनन्दमय जीवन को उपलब्ध कराया है।

   जो कुछ परमेश्वर ने हमारे लिए किया है, हम उसे भूलें नहीं, वरन सदा उन सब के लिए उसका धन्यवाद करते रहें। - डेविड मैक्कैसलैंड


कभी भी बहुतायत से मिली आशीषों के कारण आशीषों के देने वाले परमेश्वर को ना भूलें।

इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे? - व्यवस्थाविवरण ८:११

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण ८:१-२, १०-१८
Deu 8:1  जो जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं उन सभों पर चलने की चौकसी करना, इसलिये कि तुम जीवित रहो और बढ़ते रहो, और जिस देश के विषय में यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई है उस में जाकर उसके अधिकारी हो जाओ।
Deu 8:2  और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं।
Deu 8:10  और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
Deu 8:11  इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे?
Deu 8:12  ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
Deu 8:13  और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
Deu 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है,
Deu 8:15  और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
Deu 8:16  और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा करके अन्त में तेरा भला ही करे।
Deu 8:17  और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
Deu 8:18  परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ८-१० 
  • मरकुस ११:१९-३३

गुरुवार, 8 मार्च 2012

आनन्द के कारण

   मुझे एक कहानी याद आती है - एक लड़का समुद्र तट पर घूम रहा था। उसने देखा कि लहरों के वेग से पानी में से बहकर अनेक स्टार फिश तट की रेत पर आ गई हैं और दिन की गर्मी में मरती जा रही हैं। उसने चलते चलते उन्हें उठा कर वापस पानी में फेंकना आरंभ कर दिया। एक और तट पर घूमने वाले ने उससे पूछा कि वह यह क्या कर रहा है, तो लड़का बोला, इनका जीवन बचा रहा हूँ। तब वह व्यक्ति बोला, "क्या फायदा है? यहाँ इतनी पड़ी हैं कि उन्हें तुम वापस नहीं डाल पाओगे।" लड़के ने उत्तर दिया, "आप ठीक कहते हैं, मैं सब को नहीं बचा सकता, किंतु जिस एक को बचा सकता हूँ, उसके लिए तो यह जीवन और मरण की बात है; उसके लिए तो इससे महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है।"

   मुझे उस लड़के का जीवन के प्रति दृष्टीकोण बहुत पसंद आया। मैं और मेरा मित्र मार्टी हाल ही में विश्व भ्रमण पर निकले और संसार के प्रमुख शहरों में से कुछ में से होकर निकले। हम यह देख कर स्तब्ध थे  कि संसार के हर स्थान में लोगों के जीवन में पाप की कितनी गहरी पैठ है; कैसे करोड़ों लोग प्रभु यीशु मसीह और उसमें मिलने वाले सेंतमेंत उद्धार के बारे में अनजान हैं और अपने पापों में नाश हुए जा रहे हैं। इस संसार को उद्धार के सुसमाचार को बताने के विचार ने मुझे अभिभूत कर दिया।

   मानव जब पाप के प्रवाह में बहकर परमेश्वर के करुणासागर से दूर हो गया तो उसे पाप में छटपटाने और मरने से बचाने के लिए परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में उद्धारकर्ता करके भेजा, कि जो कोई उसपर विश्वास लाए और पापों से पश्चाताप करे वह नाश ना हो वरन अनन्त जीवन पाए। जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका १५ में प्रभु यीशु ने बताया, जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है, स्वर्ग में बड़ा आनन्द मनाया जाता है: "मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं" (लूका १५:७)।

   क्या स्वर्ग ने आप के मन फिराने का आनन्द मनाया है? यदि नहीं, तो अभी भी आपके पास अवसर है कि ना केवल स्वयं आनन्द का कारण बनें वरन उन लोगों में भी सम्मिलित हो जाएं जो दूसरों को परमेश्वर के अनुग्रह के करुणासागर में लाकर पाप और अनन्त मृत्यु से बचाने वाले लोग हैं। - जो स्टोवैल

यदि आप बचाए गए हैं तो आप दूसरों को बचाने की भी चाह रखेंगे।

"मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं। - लूका १५:७
 
बाइबल पाठ: लूका १५:१-७
Luk 15:1  सब चुंगी लेनेवाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
Luk 15:2  और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luk 15:3 तब उस ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luk 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
Luk 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्‍द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
Luk 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
Luk 15:7 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ५-७ 
  • मरकुस ११:१-१८

बुधवार, 7 मार्च 2012

परमेश्वर के सहायक

   कुछ बच्चों से मेरी बातचीत परमेश्वर और अलौकिक शक्ति वाले सुपरहीरो के बारे में हो रही थी। कल्पनाओं और कौतहूल से भरे एक पाँच वर्षीय बालक तोबियास ने प्रश्न किया, "क्या परमेश्वर के पास भी कोई साथी है जैसे हर्क्युलिस के पास है?" तोबियास के बड़े भाई ने तुरंत उत्तर दिया, "एक नहीं हज़ारों हैं - उसके स्वर्गदूत।"
   स्वर्गदूत चर्चा का एक लोकप्रीय विष्य रहे हैं, और लोग उनके बारे में तरह तरह की धारणाएं रखते हैं, मानते हैं। जैसे कि कुछ लोग स्वर्गदूतों से प्रार्थना करते हैं, इस धारणा से कि वे भी परमेश्वर के समान ही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मृत्योप्रांत लोग स्वर्गदूत बन जाते हैं।

   किंतु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्वर्गदूतों का यथार्थ भी बताती है: 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की सृष्टि हैं (कुलुस्सियों १:१५-१७)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की आराधना करते हैं (नहेम्याह ९:६) और विभिन्न नामों से जाने जाते हैं, जैसे प्रधान स्वर्गदूत (यहूदा १:९); करूब (२ राजा १९:१५); साराप (यशायाह ६:१-३)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर के लोगों के सेवक हैं (इब्रानियों १:१३-१४), उनकी रखवाली और रक्षा करते हैं (भजन ९१:९-१२)। 
  • स्वर्गदूत मनुष्यों से आराधना ग्रहण नहीं करते वरन उसके लिए मना करते हैं तथा केवल परमेश्वर की आराधना के लिए कहते हैं (प्रकाशितवाक्य २२:८-९)। 
  • स्वर्गदूतों को परमेश्वर द्वारा विशेष कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है (मत्ती १:२०; लूका १:२६)। 
  • जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करके उद्धार के लिए प्रभु यीशु की ओर मुड़ता है तो स्वर्गदूत आनन्दित होते हैं (लूका १५:७, १०)।

   केवल परमेश्वर ही हमारी आराधना और उपासना का हकदार है, इसलिए आईये हम स्वर्गदूतों के साथ मिलकर उसकी आराधना करें। - ऐनी सेटास


स्वर्गदूत परमेश्वर के विशेष सहायक हैं।

हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो! - भजन १०३:२०
 
बाइबल पाठ: भजन १०३:१९-२२
Psa 103:19  यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psa 103:20  हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
Psa 103:21  हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
Psa 103:22  हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ३-४
    मरकुस १०:३२-५२

मंगलवार, 6 मार्च 2012

क्या भलाई में हैं?

   हाई स्कूल के बच्चे एक प्रोग्राम में गीत प्रस्तुत कर रहे थे, गीत था होरेशियो स्पैफ़ोर्ड का प्रसिद्ध स्तुति गीत "It is Well With My Soul" (मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है); गीत आरंभ करने से पहले गीत मंडली से एक बच्चा सामने आया और इस गीत का इतिहास और पृष्ठभूमि उपस्थित दर्शकों को बताई। स्पैफोर्ड ने जब यह गीत लिखा तब वह पानी के जहाज़ पर उस स्थान पर था जहाँ उसकी चार बेटियाँ एक हादसे का शिकार हो कर चल बसी थीं।

   गीत के उस परिचय और फिर उस गीत के शब्द सुनने के बाद मेरे मन में भावनाओं की बाढ़ सी आ गई। यह जानने के बाद कि स्पैफोर्ड कि चार बेटियाँ चल बसी थीं और फिर स्पैफोर्ड के विश्वास के शब्द सुनकर तो मेरे लिए अपने आप को संभाल पाना कठिन हो गया; अपनी एक बेटी को खोने का ग़म ही मेरे लिए बहुत था, चार बेटियों का ग़म उसने कैसे सहन किया और फिर इतने विश्वास का यह गीत लिखा? ऐसे बड़े दुख में स्पैफोर्ड कैसे कहने पाया कि उसकी आत्मा शांति से और भलाई में ही है?

   गीत में मैंने वह पंक्ति सुनी, "When Peace Like a River Attendeth My Way" (जब शांति मेरी ओर एक नदी के समान प्रवाहित होती है), तो मुझे ध्यान आया कि मेरी शांति का स्त्रोत कहाँ है। साथ ही मुझे प्रेरित पौलुस के शब्द भी स्मरण हो आए "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए उसकी शांति का स्त्रोत है उसका प्रभु यीशु; जब हम सच्चे दिल से निकली प्रार्थना में अपनी हर बात विश्वास के साथ अपने प्रभु परमेश्वर के सामने रख देते हैं और अपने दिल के बोझ, चिंताएं और दुख उसे सौंप देते हैं, तो एक वर्णन और समझ से बाहर शांति हमारी आत्मा में आ जाती है। यह वह शांति है जो परिस्थित्यों को समझने की हमारी क्षमता से परे है, यह शांति हमारे मनों की सुरक्षा करती है; तथा हर बात में प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें सक्षम करती है कि हम भी कह सकें "मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है।" - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु कभी कोई गलती नहीं करते।

तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। फिलिप्पियों ४:७

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:४-९
Php 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Php 4:5  तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Php 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Php 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।
Php 4:8  निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो।
Php 4:9  जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण १-२ 
  • मरकुस १०:१-३१

सोमवार, 5 मार्च 2012

सही जानकारी

   एक यात्रा के समय, हमारे वायुयान को उड़ान भरे लगभग १५ मिनिट ही हुए थे कि यान के चालक ने सूचना दी कि वायुयान में कोई गंभीर समस्या हो गई है, जिसका निवारण करने के लिए विशलेषण किया जा रहा है। कुछ मिनिटों के बाद उसने पुनः सूचना दी कि वायुयान में कंपन्न पैदा हो रही है, इसलिए हमें वापस लौटना पड़ेगा। उसके बाद वायुयान के कर्मचारियों ने जो जो होता रहा उसकी क्रमबद्ध सूचना देना हमें ज़ारी रखा तथा हमें बताते रहे कि परिस्थिति का सामना करने और उससे निपटने के लिए वापस लौटने पर हमें क्या क्या करना होगा। उस घटना में, जहां कुछ भी हो सकता था और सभी यात्रियों के मन बहुत आशंकित तथा विचिलित थे, समय समय पर मिलती रहने वाली सही सूचना ने यात्रियों में शांति और हौंसले को बनाए रखा।

   प्रथम शताब्दी में थिस्सलूनिके के कुछ मसीही विश्वासियों को यह आशंका थी कि उनके प्रीय जन जो संसार से कूच कर गए हैं, वे मसीह के दूसरे आगमन की आशीष से वंचित रह जाएंगे। इसलिए पौलुस ने उनको समझाने के लिए लिखा: "हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं" (१ थिस्स्लुनिकियों ४:१३)। पौलुस सही जानकारी द्वारा उनके आशंकित मनों को शांत करना चाहता था और उनके भय का निवारण करना चाहता था। पौलुस से मिली सही जानकारी ने ना केवल उनको शांति दी वरन आज हम सब को भी इस विषय में शांति मिलती है, क्योंकि अब हम जानते हैं कि मसीह यीशु में सोए हुए प्रीय जनों से हमारा विछोह कुछ समय का ही है; फिर वह समय आएगा जब हम उनके साथ होंगे, आनन्दित होंगे और सदा काल तक रहेंगे।

   क्योंकि परमेश्वर का वचन बाइबल हमें हर बात के विषय में सही जानकारी देती है, हम हर परिस्थिति में, हर दुख और क्लेष में उससे शांति और सांत्वना पा सकते हैं। - बिल क्राउडर

मृत्यु पूर्णविराम नहीं, केवल अल्पविराम है।

हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं। - १ थिस्स्लुनिकियों ४:१३
 
बाइबल पाठ: १ थिस्स्लुनिकियों ४:१३-१८
1Th 4:13  हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं।
1Th 4:14  क्‍योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्‍हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा।
1Th 4:15  क्‍योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे।
1Th 4:16  क्‍योंकि प्रभु आप ही स्‍वर्ग से उतरेगा, उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्‍द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1Th 4:17  तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1Th 4:18  सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती ३४-३६ 
  • मरकुस ९:३०-५०

रविवार, 4 मार्च 2012

अविनाशी आनन्द और संतुष्टि

   दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जापान में हुई आर्थिक प्रगति और विकास के प्रभाव का अध्ययन करने के बाद रिचर्ड ईस्टरलिन का निष्कर्ष था कि हमेशा ही आर्थिक समृद्धि से आनन्द और संतुष्टि नहीं मिलती। परन्तु हाल ही में अर्थशास्त्री बेट्से स्टीवनसन और जस्टिन वुल्फर्स ने १०० से भी अधिक देशों में सर्वेक्षण के बाद निष्कर्ष दिया कि जीवन से संतुष्टि उन देशों में सबसे अधिक थी जहां आर्थिक समृद्धि थी।

   तो अब इन दोनो में से कौन सही है? आईए, परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक के लेखक की बात देखते हैं, क्योंकि उसे सत्य का पता होना चाहिए। वह लेखक बहुत धनी था (सभोपदेशक २:८) तथा उसके पास संसार की हर बात को जांचने-परखने के साधन थे और उसने जांचा-परखा भी! उसने अपने आप को शारीरिक आनन्द में लिप्त किया (२:१-३); बड़ी बड़ी योजनाएं कार्यान्वित करीं, बहुत भोग-विलास और मनोरंजन में समय बिताया  (२:४-८) तथा कठिन परिश्रम भी किया (२:१०-११)। अपने धन का यथासंभव उपयोग करने और सब कुछ करने के बाद, उसका निष्कर्ष था: "तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं" (सभोपदेशक २:११)।

   स्थिर, सदा बना रहने वाला और सच्चा आनन्द एवं संतुष्टि भौतिक उपायों, बैंक में जमा मोटी पूँजी या सांसारिक वस्तुओं की भरमार से नहीं मिलती। संसार में हाल ही में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि संसार की हर वस्तु अचानक ही व्यर्थ हो सकती हैं, उसका मूल्य अनायास ही समाप्त हो सकता है। यदि हमें स्थाई और सदा बनी रहने वाली अविनाशी संतुष्टि और आननद चाहिए तो वह अविनाशी स्त्रोत से ही मिलेगा, किसी नाशमान से नहीं; और वह स्त्रोत है हमारा सृष्टिकर्ता और उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह।

   स्तुति गीत के लेखक फ्लौएड हौकिन्स ने अपने एक गीत में लिखा: "मैंने आनन्द का मार्ग पा लिया; मैंने प्रसन्नता प्राप्त कर ली; मुझे उदासी से निकलने की राह मिल गई;...जब मुझे यीशु, मेरा प्रभु मिल गया।"

   केवल यीशु ही वह अविनाशी संतुष्टि और आनन्द दे सकता है, क्योंकि वह स्वयं अविनाशी है, और वह अपने लोगों को अपना आनन्द देता है: "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्‍द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्‍द पूरा हो जाए" (यूहन्ना १५:११)। - सी. पी. हिया


सच्चा आनन्द जानना है तो प्रभु यीशु को जान लीजिए।

तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं। - सभोपदेशक २:११

बाइबल पाठ: सभोपदेशक २:१-११
Ecc 2:1  मैं ने अपने मन से कहा, चल, मैं तुझ को आनन्द के द्वारा जांचूंगा; इसलिये आनन्दित और मगन हो। परन्तु देखो, यह भी व्यर्थ है।
Ecc 2:2  मैं ने हंसी के विषय में कहा, यह तो बावलापन है, और आनन्द के विषय में, उस से क्या प्राप्त होता है?
Ecc 2:3  मैं ने मन में सोचा कि किस प्रकार से मेरी बुद्धि बनी रहे और मैं अपने प्राण को दाखमधु पीने से क्योंकर बहलाऊं और क्योंकर मूर्खता को थामे रहूं, जब तक मालूम न करूं कि वह अच्छा काम कौन सा है जिसे मनुष्य जीवन भर करता रहे।
Ecc 2:4  मैं ने बड़े बड़े काम किए; मैं ने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियां लगवाईं;
Ecc 2:5  मैं ने अपने लिये बारियां और बाग लगावा लिए, और उन में भांति भांति के फलदाई वृझ लगाए।
Ecc 2:6  मैं ने अपने लिये कुण्ड खुदवा लिए कि उन से वह वन सींचा जाए जिस में पौधे लगाए जाते थे।
Ecc 2:7  मैं ने दास और दासियां मोल लीं, और मेरे घर में दास भी उत्पन्न हुए, और जितने मुझ से पहिले यरूशलेम में थे उन से कहीं अधिक गाय-बैल और भेड़-बकरियों का मैं स्वामी था।
Ecc 2:8  मैं ने चान्दी और सोना और राजाओं और प्रान्तों के बहुमूल्य पदार्थों का भी संग्रह किया; मैं ने अपने लिये गवैयों और गाने वालियों को रखा, और बहुत सी कामिनियां भी, जिन से मनुष्य सुख पाते हैं, अपनी कर लीं।
Ecc 2:9  इस प्रकार मैं अपने से पहिले के सब यरूशलेमवासियों से अधिक महान और धनाढय हो गया, तौभी मेरी बुद्धि ठिकाने रही।
Ecc 2:10  और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रुका, मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ, और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला।
Ecc 2:11  तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती ३१-३३ 
  • मरकुस ९:१-२९