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रविवार, 18 मार्च 2012

आप कौन हैं?

   यदि कोई आपसे पुछे कि "आप कौन हैं?", तो मेरा अंदाज़ा है कि आप अपने बारे में कुछ शब्द कहकर बताएंगे कि आप क्या कार्य करते हैं, जैसे कि "मैं एक नर्स हूँ" या "मैं बिजली मकैनिक हुँ" आदि। लेकिन वास्तव में यह तो वह है जो आप करते हैं, ना कि वह जो आप हैं! ज़रा सोचिए, जब आप वह करना छोड़ देंगे जो आप कर रहे हैं तो आप क्या होंगे? क्या आपका व्यवसाय आपकी पहचान बदलाता रहेगा? क्या व्यवसाय ना होने पर आपकी पहचान भी नहीं रहेगी?

   एक मसीही विश्वासी के लिए उसकी पहचान प्रभु यीशु के साथ उसके संबंध से है; और यही संबंध उसके व्यवहार को तय करता है। उदाहरण के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल के एक चरित्र मत्ती को लीजिए। मत्ती, प्रभु यीशु के समय में, रोमी राज्य में एक रोमी कर्मचारी था और रोमी शासकों के लिए, अपने लोगों - यहूदियों से, कर वसूल करता था। उसके इस व्यवसाय ने उसे लालची और स्वार्थी बना रखा था और इस कारण वह अपने ही लोगों में तुच्छ समझा जाता था। लेकिन जिस दिन प्रभु यीशु उसके जीवन में आया, उसके लिए सब कुछ बदल गया। अब उसका व्यवहार भिन्न था, उसकी प्राथमिकताएं भिन्न थीं, उसका लालच जाता रहा, समाज में उसकी एक नई पहचान हो गई - प्रभु यीशु का अनुयायी। मत्ती ही ऐसा अकेला व्यक्ति नहीं था। परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती रचित सुसमाचार में हम चार अन्य व्यक्तियों - पतरस, अन्द्रियास, याकूब और यूहन्ना के विष्य में भी पढ़ते हैं जो मछुआरे थे और सब कुछ छोड़कर प्रभु यीशु के पीछे हो लिए, और उनके जीवन बिलकुल बदल गए, प्रभु यीशु के अनुयायी के रूप में उनकी भी नई पहचान हो गई। तब से लेकर आज तक यह नई पहचान और नए व्यवहार का सिलसिला जारी है, हर उस व्यक्ति के लिए जो प्रभु यीशु पर विश्वास लाता है और अपने आप को उसे समर्पित कर देता है।

   प्रभु यीशु का व्यक्तित्व बाध्य कर देने वाला व्यक्तित्व है; प्रभु आज भी अनुयायीयों की खोज में है। जो उसके निमंत्रण को स्वीकार कर लेते हैं, स्वेच्छा से उसके पीछे चलने की ठान लेते हैं, वह उनके जीवन को एक नई पहचान, एक नया आयाम दे देता है। अब वे "प्रभु यीशु के अनुयायी" के रूप में जाने जाते हैं। इस नई पहचान के लिए किसी को अपना व्यवसाय बदलने की आवश्यक्ता नहीं है, वरन अनुयायी बनने के बाद उस व्यवसाय को करने की उनकी विधि में स्वतः ही परिवर्तन आने लग जाते हैं; क्योंकि अब वे लोग वही कार्य अपने प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु के नाम और महिमा के लिए करने लगते हैं। अब उनके जीवन की प्राथमिकता अपने प्रभु और उद्धारकर्ता की आज्ञाकारिता में बने रहना और उसे ही महिमा देते रहना हो जाता है।

   यदि अगली बार कोई आपसे पूछे कि "आप कौन हैं?" तो क्या आप कहेंगे कि "मैं प्रभु यीशु का अनुयायी हूँ" ? - जो स्टोवेल


यदि आप प्रभु यीशु के अनुयायी हैं तो जीवन में आपको और किसी पहचान की कोई आवश्यक्ता नहीं है।

और [यीशु ने] उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। - मत्ती ४:१९


बाइबल पाठ: मत्ती ४:१७-२५


Mat 4:17  उस समय से यीशु ने प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, कि मन फिराओ क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य निकट आया है।
Mat 4:18  उस ने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्‍द्रियास को झील में जाल डालते देखा, क्‍योंकि वे मछवे थे।
Mat 4:19   और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा।
Mat 4:20  वे तुरन्‍त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Mat 4:21  और वहां से आगे बढ़कर, उस ने और दो भाइयों अर्थात जब्‍दी के पुत्र याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्‍दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा, और उन्‍हें भी बुलाया
Mat 4:22  वे तुरन्‍त नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Mat 4:23   और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और र्दुबलता को दूर करता रहा।
Mat 4:24  और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्‍टात्क़ाएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उस ने उन्‍हें चंगा किया।
Mat 4:25  और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण ३२-३४ 
  • मरकुस १५:२६-४७

शनिवार, 17 मार्च 2012

भला परमेश्वर

   जब मेरा बहनोई चक, पश्चिमी अफ्रीका के माली देश में मिशनरी था तो वह एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया। चक अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहा था कि अचानक सड़क पर उसके सामने एक आदमी आ गया। ब्रेक लगाते और बचाते बचाते हुए भी मोटरसाइकिल उस आदमी से टकराई और चक तथा उसकी मोटरसाइकिल सड़क पर २०० मीटर तक घिसटते चले गए। चक को बेहोशी की हालत में उठाकर अस्पताल लाया गया। कुछ समय बाद जब चक को होश आया तो डॉक्टर ने उससे कहा कि वह सचमुच सौभाग्यशाली है कि किसी गंभीर चोट से बच गया और जिससे टकराया था उसे भी कोई गंभीर चोट नहीं लगी। चक ने मुस्कुराते हुए कहा, "परमेश्वर भला है"।

   बाद में जब चक उस दिन की घटना पर विचार कर रहा था, और सोच रहा था कि अच्छा हुआ कि ना तो उसे ही कोई गंभीर चोट आई और ना ही उस व्यक्ति को जिस से वह टकराया था, तो उसके मन में बात उठी, "क्या होता यदि दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो जाती? क्या तब भी वह परमेश्वर को भला ही कहता? क्या ऐसा होने से परमेश्वर के भले होने पर प्रश्न चिन्ह लग जाता?"

   जब हम किसी दुर्घटना या त्रासदी में पड़ें, तो परमेश्वर की भलाई पर सन्देह आना स्वाभाविक सा लगता है। क्या परमेश्वर सदा ही भला रहता है? जी हाँ, परमेश्वर सदा ही भला रहता है। परमेश्वर ने कभी यह वायदा नहीं किया कि उसके विश्वासियों पर कभी कोई तकलीफ या क्लेष नहीं होगा, लेकिन उसने यह वायदा अवश्य किया है कि हर तकलीफ और क्लेष में वह हमारे साथ ही होगा ( भजन ४६:७)। परमेश्वर ने कभी यह नहीं कहा कि उसके विश्वासियों को किसी विपत्ति का या भयानक परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन यह अवश्य कहा है कि ऐसी हर परिस्थिति में उसका जन कभी अकेला नहीं होगा, उस जन की सहायता और सांत्वना के लिए वह भी उसके साथ उपस्थित रहेगा ( भजन २३:४)।

   परमेश्वर सदा ही भला है, हम चाहे जैसी भी परेशानी और दुख में से होकर निकल रहे हों। चाहे परिस्थिति हमारी समझ से बिल्कुल बाहर हो और हमें उसमें कुछ भी भला नज़र नहीं आ रहा हो, फिर भी परमेश्वर अन्ततः उस में से भी हमारे लिए भला ही करेगा, क्योंकि अपने बच्चों के लिए भले के अलावा वह और कुछ कर ही नहीं सकता, उनकी भलाई करने के अलावा और कुछ करना उसके चरित्र में ही नहीं है। इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी परमेश्वर के वचन बाइबल के भविष्यद्वकता हबक्कूक के साथ मिलकर कह सकता है: "क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है" (हबक्कूक३:१७-१९)।


परमेश्वर हमारे विश्वास को परखता है जिससे हम उसकी विश्वासयोग्यता पर विश्वास रख सकें।

यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा। - भजन ९:९


बाइबल पाठ: भजन ४६
Psa 46:1  परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।
Psa 46:2  इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psa 46:3  चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psa 46:4  एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psa 46:5  परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psa 46:6  जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psa 46:7  सेनाओं का यहोवा हमारे संगे है, याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psa 46:8  आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उस ने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psa 46:9  वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है, वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psa 46:10  चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान् हूं, मैं पृथ्वी भर में महान् हूं!
Psa 46:11  सेनाओं का यहोवा हमारे संग है, याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण ३०-३१ 
  • मरकुस १५:१-२५

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

वास्तविक नायक

   लूई बी. न्यूमिल्लर अपनी नम्रता, ईमानदारी और गुणवन्ता के प्रति समर्पण के लिए विख्यात थे। Caterpillar Tractor Company के अध्यक्ष के रूप में सन १९४१-५४ तक उन्होंने दूसरे विश्वयुद्ध के चुनौती भरे समय के दौरान ज़मीन-ढुलाई के लिए भारी मशीनें बनाने वाली अपनी कंपनी का कुशल नेतृत्व किया और विश्व स्तर पर उसके कार्य को बढ़ाया। अपनी पुस्तक In Their Time: The Greatest Buisness Leaders of the Twentieth Century में लेखक मेयो और नौहिरा ने लूई न्यूमिल्लर के नेतृत्व को "सफल - बैग़र धूमधाम के" कहा। उन लेखकों के अनुसार, न्यूमिल्लर की महानता का चिन्ह था कि उन्होंने अपने व्यवसाय में से अपनी पहचान मिटा दी थी, बस अपनी कंपनी ही को पहचान और प्रशंसा का पात्र बना दिया था; उन्होंने नायक होने का गौरव कंपनी को दे दिया ना कि अपने लिए रखा।

   ऐसी ही निस्वार्थ सेवा का गुण हम परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक यूहन्ना बप्तिस्मा देने वाले में पाते हैं। यूहन्ना एक गतिशील और प्रबल प्रचारक था किंतु उसने कभी अपने प्रचार और जीवन के उद्देश्य से नज़र नहीं हटाई। बार बार उसने अपने अनुयायियों और लोगों से कहा कि वह प्रभु यीशु मसीहे के लिए मार्ग तैयार करने आया है; वह मसीह नहीं है। जब यूहन्ना के अनुयायियों ने आकर यूहन्ना से शिकायत करी कि वह यीशु जिसे उसने बप्तिस्मा दिया अब स्वयं लोगों को बप्तिस्मा दे रहा है और चेले बना रहा है, तो यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया: "तुम तो आप ही मेरे गवाह हो, कि मैं ने कहा, मैं मसीह नहीं, परन्‍तु उसके आगे भेजा गया हूं। अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं" (यूहन्ना ३:२८, ३०)।

   प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते हम मसीही विश्वासियों के जीवन का उद्देश्य है कि हम अपने जीवनों द्वारा प्रभु यीशु को ऊँचे पर उठाएं, उसे ही महिमा दें ना कि मसीह के नाम में अपने लिए आदर और महिमा पाने की लालसा रखें। यदि मसीह के कार्य में और उसके लिए गवाही के जीवन में संसार में हमारी या हमारे कामों की पहचान नहीं भी होती है या अनदेखी होती है, तौ भी इससे खिन्न होने की बजाए, हमें फिर भी आनन्दित रहना चाहिए कि हमारे प्रभु के नाम को आदर और महिमा प्राप्त हुई; क्योंकि वास्तविक और हम सब का नायक तो वही है। हमारा प्रभु हमारे प्रत्येक कार्य और प्रत्येक बात को जानता है और समय आने पर हमें उनके योग्य प्रतिफल भी देगा, जो संसार से मिलने वाली किसी भी ख्याती से कहीं अधिक बढ़कर होंगे।

   संसार में उस वास्तविक नायक प्रभु यीशु मसीह को आदर और महिमा देना, उसके सच्चे और निस्वार्थ गवाह बनना और उसके समय की प्रतीक्षा करना ही हमारी महानता का चिन्ह है। - डेविड मैक्कैसलैंड


महान मसीही विश्वासी वही है जो अपने आप को गौण करके अपने जीवन में सारा आदर, महिमा और महानता सदा प्रभु यीशु को देता है।

अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं। - यूहन्ना ३:३०

बाइबल पाठ: यूहन्ना ३:२२-३१
Joh 3:22  इस के बाद यीशु और उसके चेले यहूदिया देश में आए, और वह वहां उन के साथ रहकर बपतिस्मा देने लगा।
Joh 3:23 और यूहन्ना भी शालेम् के निकट ऐनोन में बपतिस्मा देता था। क्‍योंकि वहां बहुत जल था और लोग आकर बपतिस्मा लेते थे।
Joh 3:24 क्‍योंकि यूहन्ना उस समय तक जेलखाने में नहीं डाला गया था।
Joh 3:25  वहां यूहन्ना के चेलों का किसी यहूदी के साथ शुद्धि के विषय में वाद-विवाद हुआ।
Joh 3:26 और उन्‍होंने यूहन्ना के पास आकर उस से कहा, हे रब्‍बी, जो व्यक्ति यरदन के पार तेरे साथ था, और जिस की तू ने गवाही दी है देख, वह बपतिस्मा देता है, और सब उसके पास आते हैं।
Joh 3:27 यूहन्ना ने उत्तर दिया, जब तक मनुष्य को स्‍वर्ग से न दिया जाए तब तक वह कुछ नहीं पा सकता।
Joh 3:28 तुम तो आप ही मेरे गवाह हो, कि मैं ने कहा, मैं मसीह नहीं, परन्‍तु उसके आगे भेजा गया हूं।
Joh 3:29 जिस की दुलहिन है, वही दूल्हा है: परन्‍तु दूल्हे का मित्र जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्‍द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।
Joh 3:30  अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं।
Joh 3:31 जो ऊपर से आता है, वह सर्वोत्तम है, जो पृथ्वी से आता है वह पृथ्वी का है, और पृथ्वी की ही बातें कहता है: जो स्‍वर्ग से आता है, वह सब के ऊपर है।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण २८-२९ 
  • मरकुस १४:५४-७२

गुरुवार, 15 मार्च 2012

प्रतिरक्षा की अंतिम पंक्ति

   अमेरिका के गृह युद्ध में गेट्सीबर्ग, पेन्सिलवेनिया की लड़ाई वह निर्णायक लड़ाई मानी जाती है जिसने युद्ध की दिशा अमेरिका के राष्ट्रवादियों के पक्ष में मोड़ दी थी। उस युद्ध का एक केंद्र बिन्दु था एक चट्टानी क्षेत्र में लड़ा गया युद्ध जहां कर्नल जोशुआ लौरेंस चैम्बरलेन और उनकी सेना २०वीं मेइन इन्फेन्ट्री ने मोर्चा संभाला हुआ था। यदि कॉनफैडेरेट सेना चेम्बरलेन की २०वीं मेइन इन्फेन्ट्री से पार हो पाते तो इतिहासकारों का मानना है कि फिर राष्ट्रवादियों की सेना कॉनफैडरेट सेनाओं से घिर जाती और सम्भवतः फिर वे युद्ध हार जाते। २०वीं मेइन इन्फेन्ट्री उस युद्ध में प्रतिरक्षा की अंतिम पंक्ति साबित हुई जिसने युद्ध को राष्ट्रवादियों के पक्ष में कर दिया।

   मसीह यीशु के अनुयायी भी एक महत्वपूर्ण युद्ध में लगे हैं - शैतान और उसकी सेनाओं और युक्तियों के साथ (इफिसियों ६:११)। इस युद्ध में खड़े रहने के लिए हमें हमारे सेनापति परमेश्वर से उसके हथियार बांध लेने का आवाहन है (इफिसियों ६:१०-१८)।

   गेट्सीबर्ग के उस युद्ध में मनुष्यों कि एक महान किंतु हार सकने की संभावना रखने वाली सेना प्रतिरक्षा की अंतिम पंक्ति बन कर खड़ी हुई थी, किंतु हमारे इस आत्मिक युद्ध में प्रतिरक्षा की हमारी अंतिम पंक्ति भी वही है जो आरंभिक पंक्ति है। हमारी प्रतिरक्षा ऐसी सामर्थ के द्वारा है सृष्टि में जिसका सामना कर सकने वाली और कोई सामर्थ नहीं है। प्रेरित पौलुस रोमियों ८:३१-३९ में बयान करता है कि हमारा एकमात्र और अडिग सहारा है प्रभु यीशु मसीह का हमारे प्रति प्रेम। यह प्रेम हमारा ऐसा सुरक्षाकवच है कि सृष्टि में ऐसी कोई सामर्थ नहीं है जो "हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी" (रोमियों ८:३९)।

   जब कभी शत्रु अति प्रबल नज़र आए और ऐसा लगे कि अब कुछ नहीं हो सकता, तो प्रत्येक मसीही विश्वासी को स्मरण कर लेना चाहिए कि उसकी सुरक्षा की अंतिम पंक्ति इस सृष्टि का सृजनहार है, समस्त सृष्टि में जिसकी सामर्थ से बढ़कर कोई सामर्थ नहीं है, और हम उसके द्वारा जिस ने "हम से प्रेम किया है, जयवन्‍त से भी बढ़कर हैं" (रोमियों ८:३७)। - बिल क्राउडर


परमेश्वर की हर योजना विजय ही की योजना है।

परन्‍तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्‍त से भी बढ़कर हैं। - रोमियों ८:३७
 
बाइबल पाठ: रोमियों ८:३१-३९
Rom 8:31  सो हम इन बातों के विषय में क्‍या कहें यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है
Rom 8:32  जिस ने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्‍तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्‍योंकर न देगा?
Rom 8:33  परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उनको धर्मी ठहराने वाला है।
Rom 8:34  फिर कौन है जो दण्‍ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
Rom 8:35  कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्‍या क्‍लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
Rom 8:36  जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंडों की नाईं गिने गए हैं।
Rom 8:37  परन्‍तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्‍त से भी बढ़कर हैं।
Rom 8:38  क्‍योंकि मैं निश्‍चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्‍वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्य, न ऊंचाई,
Rom 8:39  न गहिराई और न कोई और सृष्‍टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण २६-२७ 
  • मरकुस १४:२७-५३

बुधवार, 14 मार्च 2012

बेजोड़ विशेषाधिकार

   अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति John F. Kennedy के पुत्र John F. Kennedy Jr. और उनका एक मित्र बिल्ली को अमेरीकी नौसेना के युद्धपोत USS John F. Kennedy पर आने का निमंत्रण मिला। युद्धपोत को दिखने और उसके बारे में बताने के लिए नौसेना का एक कर्मचारी भी उअन्के साथ मार्गदर्शक के रूप में था। घूमते घूमते वे तीनों अनायास हि पोत के एक ऐसे क्षेत्र में पहुँच गए जो दर्शको के लिए वर्जित है। जब एक नौसेना अधिकारी ने उन्हें वहां रोका तो उनके मार्गदर्शक ने John F. Kennedy Jr. की ओर सम्केत करते हुए उस अधिकारी से कहा, "यह इनके पिताजी का पोत है।" यह सुनते ही वह अफसर "सावधान" की मुद्रा में खड़ा हो गया और John F. Kennedy Jr. को सलाम किया। उनके मार्गदर्शक ने बताया कि नौसेना में प्रथा है कि यदि किसी पोत का नाम किसी व्यक्ति के नाम पर रखा जाता है तो वह पोत उसि व्यक्ति का माना जाता है जिसके नाम पर उस पोत का नाम रखा गया। इस कारण क्योंकि उस पोत का नाम John F. Kennedy Jr. के पिता भूतपूर्व राष्ट्रपति John F. Kennedy के नाम पर रखा गया था इस लिए John F. Kennedy Jr. को उस पोत पर कुछ बेजोड़ विशेषाधिकार प्राप्त थे।

   यह एक महत्वपुर्ण आत्मिक सिद्धांत को भी दिखाता है। प्रेरित पौलुस ने लिखा कि मसीही विश्वासी होने के नाते हम, "... यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों" (इफिसियों १:४-५)। पापों से पश्चाताप और प्रभु यीशु में किए गए विश्वास के बाद जब हम उद्धार प्राप्त करके परमेश्वर के परिवार में सम्मिलित हो जाते हैं तो हम मसीही विश्वासियों को भी परमेश्वर की संतान होने के बेजोड़ विशेषाधिकार मिल जाते हैं। अब हमारी देह परमेश्वर के पवित्र आत्मा का मंदिर हो जाती है, और वह हम में वास करता है (१ कुरिन्थियों ६:१९-२०); हमें परमेश्वर को "हे अब्बा, हे पिता" कहकर पुकारने का अधिकार मिल जाता है (रोमियों ८:१५); हम मसीह यीशु के संगी वारिस बनाए गए हैं (रोमियों ८:१७); अब जो हम में है वह उस से जो संसार में है बड़ा है (१ युहन्ना ४:४); परमेश्वर सदा ही हमें मसीह यीशु में जय के उत्सव में लिए चलता है (२ कुरिन्थियों २:१४) और परमेश्वर के स्वर्गदूत हमारी सेवा-टहल करने वाली आत्माएं बन जाते हैं (इब्रानियों १:१३-१४)।

   जीवन की चुनौतियों से भरी राह में हम इन सभी बातों से सामर्थ ले सकते हैं तथा किसी भी मसीही विश्वासी को कभी निराशा का जीवन जीने या हारा हुआ महसूस करने की कोई आवश्यक्ता नहीं है। - डेनिस फिशर


मसीही विश्वासी की मीरास अनन्त काल के लिए निश्चित है।
और अपनी इच्‍छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों - इफिसियों १:५
बाइबल पाठ: रोमियों ८:१२-१७
Rom 8:12  सो हे भाइयो, हम शरीर के कर्जदार नहीं, ताकि शरीर के अनुसार दिन काटें।
Rom 8:13 क्‍योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।
Rom 8:14  इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।
Rom 8:15 क्‍योंकि तुम को दासत्‍व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्‍तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्‍बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं।
Rom 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्‍तान हैं।
Rom 8:17 और यदि सन्‍तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण २३-२५ 
  • मरकुस १४:१-२६

मंगलवार, 13 मार्च 2012

सुरक्षित हाथ


   मैनचेस्टर युनाइटिड फुटबॉल टीम के गोलरक्षक एडविन वैन डर सार के हाथ बहुत सुरक्षित हाथ थे। उसने अपनी टीम के गोल में गेंद को १०३२ मिनिट तक जाने नहीं दिया, जो एक ही फुटबॉल खेलने के समय-काल में बनाया गया विश्व रिकॉर्ड है। इसका अर्थ है कि एडविन ने ९० मिनिट के खेल वाले लगभग १५ खेलों में गेंद को अपने गोल में आने नहीं दिया, यानि, उतने समय तक कोई उसकी टीम के खिलाफ एक भी गोल नहीं कर सका। उसका यह रिकॉर्ड तब टूटा जब मार्च २००६ में प्रतिद्वन्दी टीम एक गोल करने पाई।

   भजनकार दाउद ने भी सबसे सुरक्षित हाथों में सांत्वना पाई - परमेश्वर के हाथों में। उसने भजन १३८ में परमेश्वर से मिलने वाली सुरक्षा के बारे में लिखा: "चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरूद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा" (भजन १३८:७)। दाउद के समान हम भी परमेश्वर की ओर देख सकते हैं, उसके सबसे सुरक्षित हाथों में प्रत्येक खतरे और पराजय के भय से बच कर रह सकते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने भी उन सुरक्षित हाथों के विष्य में अपने चेलों को आश्वस्त किया: "मेरी भेड़ें मेरा शब्‍द सुनती हैं, और मैं उन्‍हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। और मैं उन्‍हें अनन्‍त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्‍हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। मैं और पिता एक हैं" (यूहन्ना १०:२७-३०)।

   प्रभु यीशु के एक अन्य चेले यहूदा ने भी अपनी पत्री में लिखा: "अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है। उस अद्वैत परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता की महिमा, और गौरव, और पराक्रम, और अधिकार, हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जैसा सनातन काल से है, अब भी हो और युगानुयुग रहे। आमीन" (यहूदा १:२४-२५)। इसका यह तात्पर्य नहीं है कि हम मसीही विश्वासियों को कभी कोई ठोकर नहीं लगेगी, वरन यह कि संसार हमें चाहे जैसे भी गिराने या नुकसान पहुँचाने की कोशिश करे, हम परमेश्वर के सुरक्षित हाथों के बाहर कभी नहीं जा सकते, हमारा स्थाई नुकसान कभी नहीं हो सकता, कोई हमें परमेश्वर से दूर नहीं कर सकता।

   परमेश्वर के सुरक्षित हाथ वे हाथ हैं जो कभी असफल नहीं हो सकते; कभी नहीं, किसी हाल नहीं। क्या आपने अपने आप को उन सुरक्षित हाथों की सुरक्षा में समर्पित कर दिया है? - सी.पी.हीया


परमेश्वर के हाथों से अधिक सुरक्षित और कोई स्थान नहीं है।


चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरूद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा। - भजन १३८:७


बाइबल पाठ: भजन १३८
Psa 138:1  मैं पूरे मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, देवताओं के साम्हने भी मैं तेरा भजन गाऊंगा।
Psa 138:2  मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा, और तेरी करूणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा; क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्व दिया है।
Psa 138:3  जिस दिन मैं ने पुकारा, उसी दिन तू ने मेरी सुन ली, और मुझ में बल देकर हियाव बन्धाया।
Psa 138:4  हे यहोवा, पृथ्वी के सब राजा तेरा धन्यवाद करेंगे, क्योंकि उन्होंने तेरे वचन सुने हैं;
Psa 138:5  और वे यहोवा की गति के विषय में गाएंगे, क्योंकि यहोवा की महिमा बड़ी है।
Psa 138:6  यद्यपि यहोवा महान है, तौभी वह नम्र मनुष्य की ओर दृष्टि करता है, परन्तु अहंकारी को दूर ही से पहिचानता है।
Psa 138:7  चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरूद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा।
Psa 138:8  यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा, तेरी करूणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण २०-२२ 
  • मरकुस १३:२१-३७

सोमवार, 12 मार्च 2012

सामूहिक लक्ष्य

   अमेरिका में उल्लू की एक जाति Spotted Owl लुप्त होती जा रही है। पहले सोचा जा रहा था कि ऐसा पुराने पेड़ों के काटे जाने के कारण है, क्योंकि उनके खोखलों में उल्लु अपना घोंसला बनाते हैं। किंतु नए शोध से जो बात सामने आई वह बिलकुल भिन्न है। इन उल्लुओं के लुप्त होने का कारण उनकी ही एक और जाति कि उपस्थिति है। पिछले १५ वर्षों से उल्लु की एक और जाति Barred Owl तेज़ी से पश्चिम की ओर बढ़ रही है, उसी इलाके में जहाँ Spotted Owl पहले से ही रहते आए हैं। ये नए आगंतुक Barred Owl, वो ही भोजन लेते हैं जो वहाँ पहले ही से रहने वाले Spotted Owl लेते हैं; क्योंकि ये नए आगंतुक स्वभाव में पुराने बसने वाले उल्लुओं से अधिक आक्रमणकारी हैं और अपने आप को परिस्थितियों के अनुसार ढालने में अधिक सक्षम हैं, इसलिए वे पुरानों से अधिक भोजन पा लेते हैं और इस कारण पुराने रहने वाले Spotted Owl भोजन के आभाव में घटते जा रहे हैं। उल्लुओं की यह परस्पर सपर्धा चाहे एक के लिए लाभकारी हो किंतु दूसरे के लिए विनाशकारी होती जा रही है, और अन्ततः कुल मिलाकर नुकसान उल्लु जाति का ही हो रहा है।

   इसी प्रकार से, मसीही विश्वासियों में भी, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती चर्च के बाहर के लोगों से नहीं वरन अन्य विश्वासियों ही से आती है, जब वे आपसी तालमेल में कार्य करने की बजाए एक दूसरे से स्पर्धा करने लगते हैं, एक दुसरे के कार्य क्षेत्र में दखलांदाज़ी करने लगते हैं।

   ऐसा ही कुछ कुरिन्थुस की कलीसिया में भी हो रहा था। प्रेरित पौलुस ने उन्हें इस विभाजन और मतभेद की आत्मा में होकर कार्य करने के बारे में लिखा और चिताया, जो उस मण्डली की एकता और बढोतरी को प्रभावित कर रही थी। उसने उन्हें समझाया कि आवश्यक्ता है कि सब लोग आवश्यक बातों पर ध्यान लगा कर उनके पालन में एक होकर रहें ना कि अनावश्यक बातों पर ध्यान और समय बरबाद करके अकारण आपसी विवाद और मतभेदों में पड़ें।

   कुरिन्थुस के लोगों ने विभिन्न मसीही अगुवों के नाम पर अपने आप को बाँट लिया था। कोई अपने आप को पौलुस का अनुयायी कहता था तो कोई अपौलुस का तो कोई अन्य अपने आप को पतरस का अनुयायी कहता था, कोई कोई मसीह का अनुयायी होने की भी बात कर लेता था। ऐसा कर के वे अपने मनपसन्द अगुवे को अपने उद्धारकर्ता मसीह यीशु से भी प्रमुख स्थान देने लगे थे और मसीह में एक होकर मसीह के लिए कार्य करने की बजाए, अपने अगुवों के नाम पर गुटबाज़ी करके अपनी प्राथमिकताएं मसीह के कार्य से हटाने लगे थे।

   पौलुस ने उन्हें समझाया कि वह एक अनिवार्य कार्य जो प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए है, सुसमाचार का प्रचार है। यही हमारा सामूहिक उद्देश्य है, इसी के लिए हम सब मसीही विश्वासी हैं और इसी से मसीही मण्डली की बढ़ोतरी है। आपसी विभाजन से इस कार्य में बाधा आएगी, सुसमाचार प्रचार रुक जाएगा और मसीही विश्वासियों की बढ़ोतरी भी रुक जाएगी।

   प्रभु यीशु में साधारण विश्वास और पापों से पश्चाताप द्वारा सेंतमेंत मिलने उद्धार का प्रचार ही प्रत्येक मसीही विशवासी का निर्धारित लक्ष्य है। इस सामूहिक लक्ष्य की प्राप्ति में किसी व्यक्तिगत बात या अहं को आड़े ना आने दें; अन्यथा एक के बढ़ने और दूसरे के घटने से भी अन्ततः नुकसान मसीही विश्वासियों ही का होगा। - मार्विन विलियम्स


संगठित विश्वासी मण्डली ही सक्षम और सामर्थी मण्डली भी है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो। - १ कुरिन्थियों १:१०


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:९-१८
1Co 1:9 परमेश्वर सच्‍चा है, जिस ने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।
1Co 1:10 हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
1Co 1:11 क्‍योंकि हे मेरे भाइयों, खलोए के घराने के लोगों ने मुझे तुम्हारे विषय में बताया है, कि तुम में झगड़े हो रहे हैं।
1Co 1:12  मेरा कहना यह है, कि तुम में से कोई तो अपने आप को पौलुस का, कोई अपुल्लोस का, कोई कैफा का, कोई मसीह का कहता है।
1Co 1:13 क्‍या मसीह बंट गया? क्‍या पौलुस तुम्हारे लिये क्रूस पर चढ़ाया गया या तुम्हें पौलुस के नाम पर बपतिस्मा मिला?
1Co 1:14 मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि क्रिस्‍पुस और गयुस को छोड़, मैं ने तुम में से किसी को भी बपतिस्मा नहीं दिया।
1Co 1:15  कहीं ऐसा न हो, कि कोई कहे, कि तुम्हें मेरे नाम पर बपतिस्मा मिला।
1Co 1:16 और मैं ने स्‍तिफनास के घराने को भी बपतिस्मा दिया; इन को छोड़, मैं नहीं जानता कि मैं ने और किसी को बपतिस्मा दिया।
1Co 1:17 क्‍योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने को नहीं, वरन सुसमाचार सुनाने को भेजा है, और यह भी शब्‍दों के ज्ञान के अनुसार नहीं, ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
1Co 1:18  क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण १७-१९ 
  • मरकुस १३:१-२०