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शुक्रवार, 22 जून 2012

भली विरासत

   मार्टिन लूथर ने, परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक ९:१५ पर अपनी टिप्पणी में एक युनानी सैनिक, थैमिस्टोक्लिस की कहानी बताई, जो एथेन्स में तैनात युनानी सेना का अधिकारी था। अपनी बुद्धिमता और युद्ध कौशल के कारण थैमिस्टोक्लिस ने सालामिस का युद्ध जीता, युनानी धरती से फारसी सेना को भगाया और अपने नगर को बचाया। इसके कुछ समय बाद वह अपने लोगों की नज़रों से गिर गया, और एथेन्स से बहिष्कृत कर दिया गया। मार्टिन लूथर ने कहानी का अन्त करते हुए लिखा, "थैमिस्टोक्लिस ने अपने नगर के लिए बहुत भला किया, किंतु प्रत्युत्तर में उसे उनसे बहुत कृतघ्नता ही मिली।"

   सामान्यतः यह देखा गया है कि ना जाने क्यों, लोग किसी गरीब या दीन जन द्वारा अपनी बुद्धिमता से किया गया भला कार्य शीघ्र ही भुला देते हैं। परवाह नहीं; चाहे दीन जन की बुद्धिमता तुच्छ जानी जाए तो भी वह पराक्रम से अधिक सामर्थी होती है "यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तौभी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है" (सभोपदेशक ९:१६)। किसी अभिमानी, डींगमार मूर्ख व्यक्ति की बजाए एक नम्र, शांत और ईमानदार व्यक्ति होना बहुत भला है, जो चाहे लोगों द्वारा भुला भी दिया जाए, किंतु अपने पीछे एक भली विरासात छोड़ जाता है।

   अन्ततः जो बात महत्व रखती है वह लोगों से मिलने वाली प्रसिद्धी और वाहवाही नहीं, वरन वे भलाई और धार्मिकता के बीज हैं जो हम अपने नेक चरित्र द्वारा नम्र आत्माओं में बोकर जाते हैं, और जो आते समय में अपने फल अवश्य लाएंगे; वे समाज के लिए हमारी भली विरासत हैं। इसे दुसरे रूप में कहें तो, "पर ज्ञान अपनी सब सन्‍तानों से सच्‍चा ठहराया गया है" (लूका ७:३५)।

   क्या आपने अपने जीवन में प्रदर्शित परमेश्वर के भय और नेक चरित्र द्वारा किसी के जीवन में कोई भला बीज बोया है; क्या आपने कोई भली विरासत समाज के लिए छोड़ी है? - डेविड रोपर


बुद्धिमान व्यक्ति, अपने पृथ्वी के जीवन से ही, स्वर्गीय आशीषों को अपना लक्ष्य रखता है।


परन्तु उस में एक दरिद्र बुद्धिमान पुरूष पाया गया, और उस ने उस नगर को अपनी बुद्धि के द्वारा बचाया। तौभी किसी ने उस दरिद्र का स्मरण न रखा। - सभोपदेशक ९:१५

बाइबल पाठ: सभोपदेशक ९:१३-१८
Ecc 9:13  मैं ने सूर्य के नीचे इस प्रकार की बुद्धि की बात भी देखी है, जो मुझे बड़ी जान पड़ी।
Ecc 9:14  एक छोटा सा नगर था, जिस में थोड़े ही लोग थे, और किसी बड़े राजा ने उस पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया, और उसके विरूद्ध बड़े बड़े धुस बनवाए।
Ecc 9:15  परन्तु उस में एक दरिद्र बुद्धिमान पुरूष पाया गया, और उस ने उस नगर को अपनी बुद्धि के द्वारा बचाया। तौभी किसी ने उस दरिद्र का स्मरण न रखा।
Ecc 9:16  तब मैं ने कहा, यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तौभी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है।
Ecc 9:17  बुद्धिमानों के वचन जो धीमे धीमे कहे जाते हैं वे मूर्खों के बीच प्रभुता करने वाले के चिल्ला चिल्लाकर कहने से अधिक सुने जाते हैं।
Ecc 9:18  लड़ाई के हथियारों से बुद्धि उत्तम है, परन्तु एक पापी बहुत भलाई नाश करता है।


एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर ६-८ 
  • प्रेरितों ६

गुरुवार, 21 जून 2012

आशंका

   पिछले वसन्त ऋतु में हमारे घर कि एक खिड़की पर रॉबिन जाति के एक पक्षी द्वारा बार बार हमला हुआ। वह रॉबिन आकर खिड़की की निचली मुंडेर पर बैठ जाती, अपने पंख फुलाती और पड़फड़ाती, ज़ोर से चहचहाती और फिर जोर से खिड़की के काँच पर चोंच मारती। मैंने कुछ खोजबीन करी, और मुझे मालुम पड़ा कि रॉबिन पक्षी अपने क्षेत्र निर्धारित करके रहने वाले पक्षी हैं, और जब उनके घोंसला बनाने और अंडे देने का समय आता है तो अपने क्षेत्र से अन्य रॉबिन पक्षियों को खदेड़ देते हैं। इस रॉबिन को खिड़की के काँच में अपना प्रतिबिंब एक प्रतिद्वंदी रॉबिन के समान दिख रहा होगा और वह उसे खदेड़ने के प्रयास में यह हमले करती रही। जो उसे खतरा दिख रहा था वह केवल उसकी आशंका थी, उसकी कल्पना मात्र थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम ऐसा ही एक उदाहरण पाते हैं, जब याकूब को उसकी काल्पनिक आशंका ने अनावश्यक रीति से घबारा दिया। बहुत वर्ष पहले याकूब ने अपने बड़े भाई एसाव की आशीषें धोखे से अपने पिता से अपने लिए ले ली थीं, और फिर एसाव के क्रोध से बचने के लिए वह वहां से बहुत दूर जाकर अपने मामा के घर में रहने लग गया था। अब बहुत वर्षों के अन्तराल के बाद याकूब अपने घर लौट रहा था और एसाव से मिलने जा रहा था। उसका मन अपने किए के कारण आशंकित था, इसलिए वह एसाव से मिलने से घबरा रहा था। एसाव को शांत करने और उससे मेल करने के लिए याकूब ने अपने आगे आगे एसाव के लिए बहुत सी भेंट भी भेजीं, और फिर सारी रात प्रार्थना में परमेश्वर के साथ जूझता रहा। जब प्रातः उसे मालुम पड़ा कि एसाव ४०० लोगों के एक दल को लेकर उसके पास आ रहा है, तो याकूब बहुत भयभीत हो गया। किंतु जिसे याकूब हमला करने वाली सेना समझे हुए था, वह उसके स्वागत के लिए आया हुआ दल निकला; निकट आते ही "तब एसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगाकर, गले से लिपटकर चूमा : फिर वे दोनों रो पड़े" (उत्पत्ति ३३:४)।

   परस्पर सम्बंधों में हम कभी कभी परिस्थितियों का गलत आंकलन कर बैठते हैं। जिसे हम विरोधी समझ बैठते हैं, वही हमारा सहायक निकलता है। किसी व्यक्ति या बात को ले कर किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले हमें उसे परमेश्वर के हाथों में समर्पित कर के, उस के बारे में परमेश्वर से समझ-बूझ मांग लेनी चाहिए। कहीं हमारी ही कोई गलत आशंका हमारे मित्र को ही हमारे शत्रु के रूप में हमें ना दिखा रही हो। - डेनिस फिशर


किसी काल्पनिक शत्रु से भय ना खाएं; परमेश्वर पर भरोसा रख कर उसे अपना नया मित्र बना लें।

तब एसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगाकर, गले से लिपटकर चूमा : फिर वे दोनों रो पड़े। - उत्पत्ति ३३:४

बाइबल पाठ: - उत्पत्ति ३३:१-४
Gen 33:1  और याकूब ने आंखें उठाकर यह देखा, कि एसाव चार सौ पुरूष संग लिये हुए चला जाता है। तब उस ने लड़के-बालों को अलग अलग बांटकर लिआ, और राहेल, और दोनों दासियों को सौंप दिया।
Gen 33:2  और उस ने सब के आगे लड़कों समेत दासियों को उसके पीछे लड़कों समेत लिआ: को, और सब के पीछे राहेल और यूसुफ को रखा,
Gen 33:3 और आप उन सब के आगे बढ़ा, और सात बार भूमि पर गिर के दण्डवत्‌ की, और अपने भाई के पास पहुंचा।
Gen 33:4  तब एसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगाकर, गले से लिपटकर चूमा : फिर वे दोनों रो पड़े।


एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर ३-५ 
  • प्रेरितों ५:२२-४२

बुधवार, 20 जून 2012

अन्त और अनन्त

   अक्तूबर १९ २००८ को मैंने समाचार सुना कि मोटाउन नगर की जानी मानी संगीत मण्डली The Four Tops के प्रमुख गायक लेवी स्टब्स का ७२ वर्ष की आयु में देहान्त हो गया है। अपने लड़कपन में मुझे The Four Tops के गीत और संगीत को सुनना बहुत पसन्द था, विशेषकर स्टब्स की भावनाओं से भरी गहरी आवाज़ मुझे बहुत अच्छी लगती थी। यद्यपि मैं स्टब्स से कभी मिला नहीं और ना ही मैंने कभी उसे प्रत्यक्ष गाते हुए देखा था, किंतु उसकी मृत्यु के समाचार ने मुझे पर गहरा प्रभाव डाला।

   उसकी मृत्यु से जुड़ी मेरी उदासी के पीछे शायद यह भी कारण था कि मुझे भी एहसास हुआ कि कि मैं भी उम्र में बढ़ रहा हूँ, और जिसे मैं लड़कपन में जानता था, जब वह जाता रहा, तो मेरा भी समय पूरा होने के निकट आ रहा है; मेरा समय भी तेज़ी से समाप्ती की ओर अग्रसर है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, मूसा द्वारा रचित भजन ९० में, मूसा ने लिखा "हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं" (भजन ९०:१०)। यह एक ऐसी बात है जिसे हम सुनना नहीं चाहते; हम सदा ही जवान रहना चाहते हैं, जीवन के अन्त के बारे में सुनना और सोचना नहीं चाहते। लेकिन परमेश्वर का वचन हमें चिताता है कि समय कभी भी स्थिर नहीं रहता, प्रतिपल आयु के पल समाप्त होते रहते हैं और अचानक ही वह समय आ जाता है जब हमें अपने अनन्त के लिए इस पृथ्वी से कूच करना ही होता है।

   यह हमारे सामने दो महत्वपूर्ण प्रश्न लाकर रखता है: क्या प्रभु यीशु में विश्वास और पापों की क्षमा द्वारा, मैंने पृथ्वी से कूच कर के एक भले और आनन्दमय अनन्त में प्रवेश करने की तैयारी कर ली है? क्या मेरे जितने दिन इस पृथ्वी पर बचे हैं उन्हें मैं अपने उस प्रभु को प्रसन्न करने के लिए बिता रहा हूँ जिसने मुझ से अनन्त काल का प्रेम किया है?

   आज आप की क्या स्थिति है? आपकी उम्र चाहे कितनी भी हो, एक दिन समाप्त अवश्य होगी, किस दिन यह कोई नहीं जानता। इसलिए यहां के अन्त से पहले, समय रहते, वहां के अनन्त के लिए तैयार होने तथा तैयार रहने में ही बुद्धिमानी है।

   क्या आज आप उस आते अनन्त के लिए तैयार हैं? - बिल क्राउडर


आप अपने जीवन काल को तो निर्धारित नहीं कर सकते, किंतु जीवन के प्रभावी होने और अपने अनन्त के स्थान को अवश्य ही निर्धारित कर सकते हैं।

हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। - भजन ९०:१०

बाइबल पाठ: भजन ९०
Psa 90:1  हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
Psa 90:2  इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psa 90:3  तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ!
Psa 90:4  क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psa 90:5  तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है? वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं।
Psa 90:6  वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कटकर मुर्झा जाती है।
Psa 90:7  क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।
Psa 90:8  तू ने हमारे अधर्म के कामों को अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psa 90:9  क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाई बिताते हैं।
Psa 90:10  हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
Psa 90:11  तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य रोष को कौन समझता है?
Psa 90:12  हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।
Psa 90:13  हे यहोवा लौट आ ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा !
Psa 90:14  भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।
Psa 90:15  जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे।
Psa 90:16  तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो।
Psa 90:17  और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।


एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर १-२ 
  • प्रेरितों ५:१-२१

मंगलवार, 19 जून 2012

पिता

   आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में लंबी दूरी की अधिकतम टेलिफोन कॉल Mother's Day, यानि उस दिन में होतीं हैं जो मां के आदर में मनाया जाता है; और अधिकतम "कलैक्ट कॉल", अर्थात जिस कॉल का खर्च कॉल करने वाले को नहीं, कॉल लेने वाले को भरना होता है, वे Father's Day यानि उस दिन में होती हैं जो पिता के आदर में मनाया जाता है! ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे बाहर और घर से दूर रहने पर भी अपने पिता पर ही अपने खर्च उठाने के लिए निर्भर रहते हैं।

   पिता की आवश्यक्ता केवल आर्थिक सहारे ही के लिए नहीं होती, परिवार में उनकी और भी अधिक व्यापक भूमिका होती है। पिता की इसी भूमिका को नमूना बनाकर, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनिकीया के विश्वासियों को चर्च के अगुवों के बारे में समझाया। उसने उन्हें लिखी अपनी पत्री में लिखा: "तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्रता और धामिर्कता और निर्दोषता से रहे। जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे। कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है" (१ थिस्सुलिनीकीयों २:१०-१२)।

   यहां पर जिस शब्द का अनुवाद "उपदेश करते" हुआ है, मूल भाषा में उसका तात्पर्य "निकट बुलाने" से है। पिता का कर्तव्य केवल घर में वेतन लाकर खर्चे पूरे करना ही नहीं है; उसे बच्चों को अपने समीप बुलाकर रखना और उन्हें प्रोत्साहित करते रहना भी है।

   जो दूसरी बात पिता की ज़िम्मेदारियों के लिए कही गई है, वह है "शान्ति देना" अर्थात बच्चों के साथ समय बिताना, उनकी सुनना, उनकी सहायता करना और उनकी परेशानियों के समाधान ढूंढना। यदि बच्चों के साथ संपर्क और बातचीत चलती नहीं रहेगी, तो संबंध ठंडे पड़ जाएंगे।

   पिता के कर्तव्यों के बारे में जो तीसरी बात कही गई है वह है "समझाते थे"; पिता को अपनी सन्तान के सामने परमेश्वर के वचन की सच्चाई और खराई को रखना है - ना केवल शिक्षाओं के द्वारा, वरन उससे भी बढ़कर अपने जीवन की गवाही के द्वारा। यदि कहीं पिता किसी गलती में भी पड़ें, तो उस गलती का अंगीकार कर के उसके लिए क्षमा मांग लेना भी इसी सच्ची और खरी गवाही का एक भाग है। पिता के जीवन के ऐसी गवाही बच्चों के मन-मस्तिष्क से कोई कभी नहीं हटा सकता, और यह गवाही सदा उन्हें परमेश्वर के सच्चे मार्गों पर बने रहने की प्रेर्णा देती रहेगी।

   जो पिता अपने बच्चों को परमेश्वर के खरे मार्गों पर चलाने के लिए अपने जीवनों की गवाही और प्रयासों द्वारा प्रयत्नशील रहते हैं, वे कितने अधिक धन्यवाद और आदर के पात्र हैं। - एलबर्ट ली


अच्छे सांसारिक पिता स्वर्गीय परमेश्वर पिता को प्रतिबिंबित करते हैं।

जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे। - १ थिस्सुलिनीकीयों २:११

बाइबल पाठ: १ थिस्सुलिनीकीयों २:१-१२
1Th 2:1  हे भाइयों, तुम आप ही जानते हो कि हमारा तुम्हारे पास आना व्यर्थ न हुआ।
1Th 2:2  वरन तुम आप ही जानते हो, कि पहिले पहिल फिलिप्पी में दुख उठाने और उपद्रव सहने पर भी हमारे परमेश्वर ने हमें ऐसा हियाव दिया, कि हम परमेश्वर का सुसमाचार भारी विरोधों के होते हुए भी तुम्हें सुनाएं।
1Th 2:3  क्‍योंकि हमारा उपदेश न भ्रम से है और न अशुद्धता से, और न छल के साथ है।
1Th 2:4  पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहरा कर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्‍तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं।
1Th 2:5  क्‍योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी लल्लोपत्तो की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है।
1Th 2:6  और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से।
1Th 2:7 परन्‍तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन-पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
1Th 2:8  और वैसे ही हम तुम्हारी लालसा करते हुए, न केवल परमेश्वर को सुसमाचार, पर अपना अपना प्राण भी तुम्हें देने को तैयार थे, इसलिये कि तुम हमारे प्यारे हो गए थे।
1Th 2:9 क्‍योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्‍ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम धन्‍धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों।
1Th 2:10  तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्रता और धामिर्कता और निर्दोषता से रहे।
1Th 2:11 जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्‍ति देते, और समझाते थे।
1Th 2:12  कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है।


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह १२-१३ 
  • प्रेरितों ४:२३-३७

सोमवार, 18 जून 2012

सुरक्षित?

   २००८ में संसार भर में आए आर्थिक संकट में, उसके बैंक के ठप हो जाने और वहां जमा उसकी पूंजी के निवेश पर लाभांश ना मिल पाने के कारण, एक विधवा स्त्री की आमदनी का एक तिहाई भाग जाता रहा। Wall Street Journal ने उसे उदाहरण बना कर उसके जैसे नुकसान उठाने वालों की दुखःद परिस्थितियों और भावनाओं के बारे में लेख लिखा, और प्रश्न उठाया: "आप सोचते हैं कि ऐसा कभी नहीं हो सकता, लेकिन हो जाता है; क्या कुछ सुरक्षित है?"

   विपत्ति और कठिन समय सदा ही हमारी विचारधारा को झटका देते हैं और जीवन के पुनः आंकलन के लिए बाध्य करते हैं। हमारी सभी आशाएं और अच्छे से सोच-विचार कर के बनाई गई योजनाएं, हमारे नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों के द्वारा क्षण भर में ध्वस्त हो जाती हैं, धरी के धरी रह जाती हैं। ऐसे में हमें लगता है कि इस अनिश्चित संसार में केवल अनिश्चितता ही निश्चित है। यह अनिश्चितता हमारा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा तिमुथियुस को लिखी पत्री में दी गई शिक्षा की व्यवाहारिकता पर लाती है: "इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्‍तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों। और आगे के लिये एक अच्‍छी नेव डाल रखें, कि सत्य जीवन को वश में कर लें" (१ तिमुथियुस ६:१७-१९)।

   तिमुथियुस को लिखी पौलुस कि इस शिक्षा की आज्ञाकारिता के लिए, यदि हमारे सांसारिक संसाधनों में कमी भी आए, तो भी हम मसीही विश्वासियों को भले कामों, उदारता, दूसरों के साथ बांटने आदि में बढ़ते ही रहना है। जब कभी हमारी आर्थिक स्थिरता फिर से हो जाएगी, तो जो परमेश्वर की ओर से हमें मिला है उस पर भरोसा रखने की बजाए, देने वाले परमेश्वर पर ही भरोसा बनाए हुए हम और भी अधिक उदारता दिखा सकते हैं। इस से भविश्य के लिए हमारी एक अच्छी और स्थिर नेव पड़ी रहेगी और परमेश्वर के संसाधन हमें उपलब्ध रहेंगे।

   हम केवल परमेश्वर में ही सुरक्षित हैं, केवल उसी पर और उसकी सामर्थ पर ही भरोसा बनाए रखिए, उसकी इच्छानुसार चलिए, क्योंकि परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि "परख कर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। हे यहोवा के पवित्र लोगों, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! जवान सिहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी" (भजन ३४:८-१०)। - डेविड मैक्कैसलैंड


अनिश्चितताओं में हमारी सुरक्षा केवल परमेश्वर ही के हाथों में निश्चित है।

परख कर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन ३४:८

बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस ६:६-१९
1Ti 6:6  पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
1Ti 6:7  क्‍योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।
1Ti 6:8  और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए।
1Ti 6:9   पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
1Ti 6:10 क्‍योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्‍त करने का प्रयत्‍न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
1Ti 6:11  पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
1Ti 6:12 विश्वास की अच्‍छी कुश्‍ती लड़ और उस अनन्‍त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्‍छा अंगीकार किया था।
1Ti 6:13 मैं तुझे परमेश्वर को, जो सब को जीवित रखता है, और मसीह यीशु को गवाह करके जिस ने पुन्‍तियुस पीलातुस के साम्हने अच्‍छा अंगीकार किया, यह आज्ञा देता हूं,
1Ti 6:14 कि तू हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने तक इस आज्ञा को निष्‍कलंक और निर्दोष रख।
1Ti 6:15  जिसे वह ठीक समयों में दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है।
1Ti 6:16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा, और न कभी देख सकता है: उस की प्रतिष्‍ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन।
1Ti 6:17 इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्‍तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
1Ti 6:18 और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों।
1Ti 6:19 और आगे के लिये एक अच्‍छी नेव डाल रखें, कि सत्य जीवन को वश में कर लें।


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह १०-११ 
  • प्रेरितों ४:१-२२

रविवार, 17 जून 2012

सताव क्यों?

   सताव का सामना हम में से सभी को किसी न किसी समय, और किसी न किसी रूप में करना ही पड़ता है; चाहे वह परिवार में हो, समाज में हो, व्यवसाय में हो या अन्य कहीं हो। सताव को सहना और भी कठिन हो जाता है जब वह अनुचित हो, हमारे किसी बुराई में संभागी ना होने के कारण हम पर लाया जाए। जीवन में सताव के उद्देश्य को समझ पाना कठिन है, विशेषकर जब वह धार्मिकता के कारण या धर्मी जनों पर पड़े। मसीही विश्वासियों को तो मसीही विश्वास के आरंभ से ही, अपने प्रभु यीशु के समान, सताव और ताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

   सताव से संबंधित कुछ बातें हैं जो हमें इसे समझने में सहायक होंगी:
१. सताव हमें संसार के हर व्यक्ति के लिए पापों के प्रभाव से छुटकारे की अति महत्वपूर्ण तथा तुरंत आवश्यक्ता को स्मरण दिलाता है।
२. सताव द्वारा हम परमेश्वर की सामर्थ पर अपनी निर्भरता और एक दूसरे के सहारे, उनके साथ सहृदयता तथा प्रेम से रहने की आवश्यक्ता को समझ पाते हैं।
३. सताव के समय हम आवश्यक्ता और सुख-विलास की वस्तुओं में भेद करना समझते हैं।
४. सताव के समय हम सुसमाचार के सन्देशों के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं, क्योंकि हम अपनी दुर्दशा में परमेश्वर की ओर हाथ बढ़ाने से नहीं हिचकिचाते।

   परमेश्वर की दृष्टि सताव में पड़े लोगों के पक्ष में रहती है, वह उनके पक्ष में कार्य करता है, यह शिक्षा प्रभु यीशु द्वारा दिये गए पहाड़ी उपदेश और उनकी अन्य शिक्षाओं में दिखाई देती है। प्रभु यीशु ने कहा: "जो पहले हैं वे पिछले होंगे" (मत्ती १९:३०; मरकुस १०:३१; लूका १३:३०); "जो अपने आप को दीन करेगा, वह बड़ा किया जाएगा" (लूका १४:११; १८:१४)। किंतु परमेश्वर सताए हुओं के प्रति विशेष ध्यान देता है; उन पर जो दरिद्र और लाचार हैं, भूखे और आवश्यक्ता में हैं, जो शोक में हैं। ऐसों को परमेश्वर का वचन "धन्य" कहता है (मत्ती ५:३-६), क्योंकि वे परमेश्वर पर आश्रित हैं और परमेश्वर उनके पक्ष में रहता है।

   जो धनवान हैं, सफल और समृद्ध हैं, शारीरिक रूप से सक्षम हैं तथा अपने प्रति परमेश्वर के अनुग्रह को नहीं पहचानते, वे अपनी इन योग्यताओं पर भरोसा रख कर अपना ध्यान सांसारिक उपलबधियों की ओर लगा कर रखते हैं, घमंड में पड़ जाते हैं, अनुचित कार्य करते हैं और नाशमान वस्तुओं के संचय में लग जाते हैं, और अपने लिए अनन्त विनाश की कटनी काटते हैं। परन्तु जो कमी-घटी में पड़े हैं, असक्षम हैं और जीवन से निराश हैं, वे परमेश्वर पर भरोसा रख कर, उसके प्रेम और अनुग्रह को स्वीकार करने में कम ही संकोच करते हैं, और अनन्त काल के लिए आशीषित हो जाते हैं।

   इसीलिए प्रभु यीशु ने कहा, "धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है" (मत्ती ५:३)। - फिलिप यैन्सी


हम जितना कम अपने आप पर निर्भर होते हैं, उतना अधिक परमेश्वर पर निर्भर हो सकते हैं।


धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है। - मत्ती ५:३

बाइबल पाठ: मत्ती ५:१-१२
Mat 5:1   वह इस भीड़ को देख कर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
Mat 5:2  और वह अपना मुंह खोल कर उन्‍हें यह उपदेश देने लगा,
Mat 5:3  धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Mat 5:4  धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्‍योंकि वे शांति पाएंगे।
Mat 5:5  धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्‍योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Mat 5:6  धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्‍योंकि उन पर दया की जाएगी।
Mat 5:7  धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्‍योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
Mat 5:8  धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्‍योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।
Mat 5:9  धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Mat 5:10  धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
Mat 5:11 आनन्‍दित और मगन होना क्‍योंकि तुम्हारे लिये स्‍वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्‍होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
Mat 5:12 तुम पृथ्वी के नमक हो, परन्‍तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्‍तु से नमकीन किया जाएगा?


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह ७-९ 
  • प्रेरितों ३

शनिवार, 16 जून 2012

कण

   वह एक बहुत छोटा सा तिनका या कोई कण ही था, जो हवा में उड़ता हुआ आया और मेरी बाईं आंख में प्रवेश कर गया। अगले कुछ घंटों तक वह मेरी बाईं आंख को और मुझे तंग करता रहा। अपना सब काम छोड़कर मैंने उसे धोकर निकालने का असफल प्रयास किया; फिर मेरी पत्नि ने भी, जो कि एक नर्स है, अपना भरसक प्रयास किया कि किसी तरह वह कण मेरी आंख से बाहर आ जाए, किंतु कुछ न बन पड़ा। अन्ततः मुझे चिकित्सा केन्द्र जाना पड़ा, जहां उपस्थित चिकित्सा कर्मचारी भी उसे निकालने में असफल रहा। फिर आंख में कुछ मरहम डालने और कुछ और घंटे प्रतीक्षा करने के बाद ही मुझे उस कण से हो रही परेशानी से छुटकारा मिल सका। जितनी देर वह कण मेरी आंख में रहा, मैं और कुछ नहीं कर सका, किसी और बात पर ध्यान नहीं दे सका, किसी अन्य बात के बारे में सोच भी नहीं सका; वरन मेरा सारा ध्यान और प्रयास दुसरों को मेरे प्रति ध्यान देने और मुझे मेरे कष्ट से छुड़ाने के लिए बाध्य करने में लगा रहा।

   उस छोटे से किंतु बड़ी परेशानी में डाल देने वाले कण के अनुभव से मुझे प्रभु यीशु द्वारा, मत्ती ७ अध्याय में, दुसरों की आलोचना के संबंध में दी गई शिक्षा की व्यवहारिकता स्मरण हो आई; कितने प्रभावशाली रीति से प्रभु यीशु ने एक छोटे से कण या तिनके पर आधारित कर के एक बहुत महत्वपूर्ण शिक्षा अपने चेलों को सिखाई। उन्होंने अतिश्योक्ति अलंकार का उपयोग करते हुए, सुनने वालों को समझाया कि किसी दुसरे की गलतियों के लिए उसकी आलोचना करने से पहले अपनी गलतियों और कमज़ोरियों का आंकलन ना करना कैसी बड़ी मूर्खता है। प्रभु की शिक्षा का अर्थ था कि यदि आप अपनी आंख में पड़े बड़े से लट्ठे को पहचाने बिना दूसरे की आंख में पड़े छोटे से तिनके को जांच पाते हैं, तो आप में कुछ गड़बड़ अवश्य है। यदि किसी की आंख में पड़ा एक छोटा सा एक तिनका उसे इतना बेचैन कर सकता है कि फिर वह और कुछ देखे-जाने बिना, सब कुछ छोड़कर, उस तिनके को निकालने के प्रयास में लग जाए, तो अपनी आंख में लट्ठा लेकर घूमने वाले - अर्थात अपने अन्दर देखे बिना दूसरों की आलोचना करने वाले, वे ही हो सकते हैं जो अपने और अपनी गलतियों तथा कमज़ोरियों के प्रति संवेदनशील नहीं रहे हैं। जो अपने प्रति संवेदनशील नहीं है, अपनी गलती और कमज़ोरी का एहसास नहीं रखता और अपने आप को सुधार नहीं सकता, वह किसी दूसरे को कैसे सुधारने पाएगा?

   मसीही विश्वास के जीवन में स्वधार्मिकता का कोई स्थान नहीं है, यह प्रत्येक विश्वासी को स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। यदि हम आज प्रभु के साथ बने हुए हैं तो केवल इसलिए किए उसने हमारे पाप क्षमा किए और हमें अपनी धार्मिकता दे दी; और प्रतिदिन उसका यही अनुग्रह हमारे पाप और कमज़ोरियों को क्षमा कर के हमें उसके साथ बने रहने के लिए नई सामर्थ देता है। हम जो उसके इस अनुग्रह के सहारे जीवित हैं, कैसे किसी दूसरे के आलोचक हो सकते हैं?

   प्रभु ने हमें दूसरों के प्रति प्रेम दिखाने के लिए रखा है, ना कि उन की आलोचना करने के लिए; वही प्रेम दिखाने के लिए जो उसने हम से किया है और प्रतिपल हम से करता है। - डेव ब्रैनन


दूसरों की आलोचना करने से पहले अपने जीवन का आंकलन कर लें।

तू अपने भाई की आंख के तिनके को क्‍यों देखता है, और अपनी ही आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता? - लूका ६:४१

बाइबल पाठ: मत्ती ७:१-७
Mat 7:1  दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
Mat 7:2 क्‍योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
Mat 7:3 तू क्‍यों अपने भाई की आंख के तिनके को देखता है, और अपनी आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता और जब तेरी ही आंख मे लट्ठा है, तो तू अपने भाई से क्‍योंकर कह सकता है, कि ला मैं तेरी आंख से तिनका निकाल दूं।
Mat 7:4  हे कपटी, पहले अपनी आंख में से लट्ठा निकाल ले, तब तू अपने भाई की आंख का तिनका भली भांति देख कर निकाल सकेगा।
Mat 7:5 पवित्र वस्‍तु कुत्तों को न दो, और अपने मोती सूअरों के आगे मत डालो; ऐसा न हो कि वे उन्‍हें पांवों तले रौंदें और पलट कर तुम को फाड़ डालें।
Mat 7:6  मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा, ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे, खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।
Mat 7:7 क्‍योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह ४-६ 
  • प्रेरितों २:२२-४७