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शनिवार, 14 जुलाई 2012

सौदा

  क्या आपको अच्छी सौदेबाज़ी करना पसन्द है? मैं केवल दुकानदार से किसी चीज़ के दाम कम करवाने तक सीमित रहने वाली बात के लिए नहीं कह रहा  हूँ, वरन अपनी ओर से बिना कुछ भी दिए अपने लाभ के लिए किसी दूसरे को मना लेना कुछ लोगों का प्रयास रहता है और उन्हें बहुत अच्छा लगता है। यदि आप इस प्रकार की सौदेबाज़ी को जानते हैं तो प्रभु यीशु मसीह द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत में, उड़ाऊ पुत्र द्वारा बनाई गई घर वापस लौटने की योजना को बेहतर समझ सकेंगे।

   जिन दिनों की बात प्रभु यीशु ने बताई, उन दिनों में तीन प्रकार के दास होते थे: एक वे जो दिन के हिसाब से कार्य करते थे और दिन के अन्त में अपनी मज़दूरी पाते थे; दूसरे वे थे जो स्वामी के साथ जुड़े होते थे, उसके यहां घंटों कार्य तो करते थे, पर रहते कहीं बाहर थे जिससे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनी रहती थी; तीसरे वे थे जो अपने स्वामी के पूर्णतः आधीन थे और उसी के साथ रहते थे और सदा उसकी सेवा करते रहते थे।

   जब उड़ाऊ पुत्र अपना सब कुछ गंवा बैठा और उसे वापस अपने पिता के पास घर लौटने का विचार आया, तो यह रोचक है कि उसने पिता से जिस क्षमा याचना कि योजना बनाई उसमें उसने अपने एक दास होने की इच्छा को तो व्यक्त किया, किंतु वह दूसरे तरह का दास, जिसकी स्वतंत्रता बनी रहती है! उसने एक कृतज्ञ और पूर्णतः समर्पित तीसरी तरह का दास बनना क्यों नहीं चाहा? कुछ टीकाकारों का मानना है कि वह अपने पिता से एक सौदा करने का प्रयास कर रहा था, एक ऐसा सौदा जिसमें उसकी स्वतंत्रता भी बनी रहती और उसे जीवन यापन की सुविधा भी मिल जाती। लेकिन पिता की योजना तो कुछ और ही थी जो उस सौदेबाज़ उड़ाऊ पुत्र कि उम्मीदों से भी परे और अनपेक्षित थी। पिता ने तो उसे उसका सारा अधिकार, जिसे वह ठोकर मार कर चला गया था, लौटा दिया और दास के समान नहीं वरन अपने पुत्र के समान स्वीकार कर लिया, उसके लौटने के लिए आनन्द मनाया।

   कई बार हम भी परमेश्वर के साथ सौदेबाज़ी करना चाहते हैं, हम चाहते हैं और परमेश्वर से कहते हैं, "परमेश्वर, मैं आपकी सेवा तो कर लूंगा, किंतु आपको अपनी स्वतंत्रता नहीं सौंपूंगा।" हो सकता है कि उस समय हमें यह एक लाभकारी सौदा लगे, किंतु परमेश्वर द्वारा दी गई सौदे की शर्तें सदा ही बेहतर और भली होती हैं। उड़ाऊ पुत्र के पिता के समान, परमेश्वर पिता की बाहें भी अपनी पश्चातापी सन्तान को वापस पा लेने और उसे परिवार के सदस्य रूप में बहाल कर देने, उसके लौट आने के आनन्द को मनाने के लिए सदा खुली रहती हैं।

   संसार और पाप में खोए प्रत्येक जन की बहाली के लिए देर है तो बस उसके अपने प्रेमी पिता परमेश्वर की पुकार को सुनने और मानने की, उसकी ओर लौट आने की। इससे बेहतर सौदा क्या होगा; इससे अच्छी सेवकाई क्या होगी? - जो स्टोवैल


मसीह यीशु को संपूर्ण समर्पण में ही सच्ची स्वतंत्रता है।

अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। - लूका १५:१९

बाइबल पाठ: लूका १५:११-२४
Luk 15:11  फिर उस ने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luk 15:12  उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luk 15:13  और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luk 15:14  जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luk 15:15  और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luk 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्‍हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luk 15:17  जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
Luk 15:18 मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है।
Luk 15:19  अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।
Luk 15:20  तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luk 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है, और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luk 15:22 परन्‍तु पिता ने अपने दासों से कहा; झट अच्‍छे से अच्‍छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luk 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्‍द मनावें।
Luk 15:24 क्‍योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्‍द करने लगे।


एक साल में बाइबल: 

  • भजन १०-१२ 
  • प्रेरितों १९:१-२०

शुक्रवार, 13 जुलाई 2012

उदारता का मन

   अपनी पुस्तक Crazy Love में फ्रांसिस चैन एक परिवार के बारे में बताता है जो एक रोचक क्रिसमस परंपरा को मनाते हैं। क्रिसमस की प्रातः वे अपना समय क्रिसमस वृक्ष के नीचे रखे अपने इनामों को खोलने और देखने में नहीं लगाते, वरन वे उठकर कॉफी तथा नाश्ता बनाते हैं और जाकर बेघर लोगों को नाश्ता खिलाते हैं। यह गरीबों के लिए परमेश्वर के प्रेम और उदारता को प्रदर्शित करने का एक छोटा किंतु प्रभावी तरीका है।

   परमेश्वर अपने लोगों से ऐसी उदारता की आशा रखता है। व्यस्थाविवरण १५ अध्याय में मूसा ने गरीबी की वास्तविकता की ओर उनका ध्यान ले जाते हुए धनवानों को समझाया कि उनकी ओर वे किस प्रकार का बर्ताव रखें। उन्हें ४ बातों के लिए चिताया गया (व्यवस्थाविवरण १५:७-११):
   १. कठोर हृदय जो गरीबों की अनदेखी करता हो।
   २. सख्त मुट्ठी जो गरीबों से सहायता रोक कर रखती हो।
   ३. बुरा मन जो दे्ते में समय और स्थिति को आंक कर ही देता हो।
   ४. स्वार्थी आत्मा जिसे परमेश्वर की आज्ञाकारिता में भी गरीबों को देना बुरा लगे।

   परमेश्वर ने मूसा के द्वारा ना केवल उन्हें इन बातों के बारे में चिताया वरन उन्हें स्वाभाविक रूप से उदारता से देने वाला बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

   परमेश्वर के लोगों में उदारता और सहायता करने का मन सदा ही पाया जाना चाहिए। अपने हाथों और मन को खुला रखना मसीही विश्वासी के गुणों में से है, और उसके उस नए चरित्र का भाग है जो उसे परमेश्वर पिता से उसके पुराने मनुष्यतव के स्थान पर मिला है। - मारविन विलियम्स


उदारता उस हृदय से उमड़ती है जिसने परमेश्वर के अनुग्रह को अनुभव किया है।


जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास द्ररिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना; -  व्यवस्थाविवरण १५:७

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण १५:७-११
Deu 15:7  जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास द्ररिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना;
Deu 15:8  जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला करके उसको उधार देना।
Deu 15:9  सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर करके उसे कुछ न दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।
Deu 15:10  तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा।
Deu 15:11  तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला करके अवश्य दान देना।


एक साल में बाइबल: 

  • भजन ७-९ 
  • प्रेरितों १८

गुरुवार, 12 जुलाई 2012

परमेश्वर की ओर

   अपनी प्रजा इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से छुड़ाने के समय जो आश्चर्यकर्म परमेश्वर ने मूसा के द्वारा करवाए वे उस समय मिस्त्र के राजा फिरौन द्वारा माने जाने वाले विभिन्न देवताओं को दी गई चुनौतियां थे। मिस्त्र में एक और फिरौन भी हुआ जिसने केवल एक देवता में विश्वास को बढ़ावा दिया; वह था फिरौन अखेनातेन, जिसने उगते और डूबते सूरज को पृथ्वी पर जीवन देने वाला एक महान देवता घोषित किया। उसके द्वारा सुर्य देवता अटौन का चिन्ह एक ज्योतिर्मय चक्र था जिस में से रौशनी की किरणें निकल रहीं थीं। यद्यपि इस फिरौन की एक ही देवता को मानने की धारणा परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए एक ही परमेश्वर के होने के निकट थी, किंतु यह फिर भी मूर्तिपूजा ही थी।

   जब प्रेरित पौलुस ने एथेन्स के लोगों को संबोधित किया था, तब उनके शहर में व्याप्त मूर्ति पूजा से उसका मन बहुत आहत था। फिर भी उसने उन लोगों के समक्ष अपने मन के रोष के अनुसार प्रतिक्रीया नहीं करी, वरन एथेन्स के लोगों के परमेश्वर के बारे में अधूरे ज्ञान को आधार बना कर उन्हें सच्चे और एकमात्र परमेश्वर के बारे में बड़े प्रेम और आदर के साथ बताया। पौलुस ने उन्हें समझाया: "जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्‍वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता" (प्रेरितों १७:२४)।

   हमारे चारों ओर परमेश्वर को विभिन्न रूपों में मानने और जानने वाले और अनेक देवी-देवताओं के मानने वाले लोग विद्यमान होने का अर्थ यह नहीं है कि उनमें आत्मिक जिज्ञासा नहीं है,  उनकी आत्मिक खोज समाप्त हो गई है। हम नहीं जानते कौन कब एकमात्र सच्चे परमेश्वर की ओर बढ़ निकलेगा। उनकी विभिन्न धार्मिक विचारधारों से चाहे हम सहमत ना हों, लेकिन प्रेरित पौलुस के द्वारा दिए गए उदाहरण का अनुसरण करते हुए, हमें उनका किसी भी प्रकार से निरादर कदापि नहीं करना चाहिए। वे भी परमेश्वर की सृष्टि हैं, परमेश्वर के प्रेम के पात्र हैं, प्रभु यीशु मसीह ने उनके लिए भी अपने प्राण बलिदान किए हैं। इसलिए हमें लोगों के अन्दर परमेश्वर की खोज और जिज्ञासा को आंकना चाहिए और उन्हें संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों से क्षमा और उद्धार के बारे में प्रेम के साथ बताना चाहिए। - डेनिस फिशर


एकमात्र परमेश्वर ही हमारी आरधना का एकमात्र हकदार है।


...और तुम क्‍योंकर मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्‍चे परमेश्वर की सेवा करो। 

बाइबल पाठ: प्रेरितों १७:२२-३१
Act 17:22  तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा होकर कहा; हे एथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो।
Act 17:23  क्‍योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं।
Act 17:24  जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्‍वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता।
Act 17:25  न किसी वस्‍तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्‍योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है।
Act 17:26  उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है।
Act 17:27   कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोलकर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं!
Act 17:28  क्‍योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं।
Act 17:29  सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों।
Act 17:30   इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है।
Act 17:31  क्‍योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।


एक साल में बाइबल: 

  • भजन ४-६ 
  • प्रेरितों १७:१६-३४

बुधवार, 11 जुलाई 2012

कार्य करने वाले

   घर बदल कर एक नए स्थान पर आने के कुछ समय बाद मैंने अपनी बहन सू और उसके पति टेड को भोजन के लिए घर आमंत्रित किया। वे हमारे घर पहुंचे ही थे और घर के दरवाज़े पर हम उनका स्वागत ही कर रहे थे कि एक अजीब सी आवाज़ ने हमारा ध्यान रसोईघर की ओर खींचा। वहां का दृश्य देखकर मैं स्तब्ध खड़ी रह गई। बरतन धोने की हमारी पुरानी मशीन में पानी ले जाने वाला पाइप मशीन से निकल गया था और उससे निकलने वाली पानी की तेज़ धार पाइप को इधर-उधर हिलाती हुई सब जगह पानी बिखरा रही थी।

   सू तुरंत कार्य करने में जुट गई। अपने पर्स को वहीं छोड़कर, मुझ से पहले वह रसोई में पहुंच गई, पानी के नल को बन्द किया और पानी पोंछने का सामान मांगने लगी। मेहमानों के घर आने के पहले पन्द्रह मिनिट हमने उनके साथ फर्श पर घुटनों के बल घर की सफाई करने में बिताए।

   सू तुरंत कार्य करने वालों में से है, और संसार ऐसे लोगों के कारण एक बेहतर स्थान है। ये वे लोग हैं जो सदा हाथ बंटाने के लिए तत्पर रहते हैं, किसी आवश्यक्ता में शामिल होने से नहीं घबराते और आवश्यक्ता हो तो नेतृत्व भी संभाल लेते हैं।

   संसार के कामों में आगे बढ़कर कार्यकारी लोगों में से बहुत से लोग परमेश्वर के कार्यों में भी कार्यकारी हैं। ये वे हैं जो प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी हैं और जिन्होंने प्रभु यीशु के चेले याकूब की चुनौती: "परन्‍तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं" (याकूब १:२२) को स्वीकार कर लिया है।

   क्या जो परमेश्वर आप से चाहता है, आज आप उसे पूरा कर रहे हैं? परमेश्वर का वचन बाइबल के अध्ययन के समय जो आप सीखते हैं उसे अपने जीवन में लागू कीजिए: पहले परमेश्वर से सीखीए फिर उसे कार्यान्वित कीजिए। जब आप परमेश्वर की आज्ञाकारिता में बढ़ेंगे तो परमेश्वर की आशीषें भी आप के जीवन में बढ़ेंगी (पद २५)। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर के वचन बाइबल की कीमत उसे जानने में नहीं, उसे मानने में है।

परन्‍तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। - याकूब १:२२

बाइबल पाठ: याकूब १:१९-२७
Jas 1:19  हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
Jas 1:20  क्‍योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
Jas 1:21  इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।
Jas 1:22  परन्‍तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
Jas 1:23  क्‍योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है।
Jas 1:24  इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्‍त भूल जाता है कि मैं कैसा था।
Jas 1:25  पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
Jas 1:26   यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
Jas 1:27  हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों ओर विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।


एक साल में बाइबल: 

  • भजन १-३ 
  • प्रेरितों १७:१-१५

मंगलवार, 10 जुलाई 2012

शामिल

   फिल्म निर्माता केन बर्न्स और उनके साथियों ने दूसरे विश्व-युद्ध पर अपनी प्रसिद्ध डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म बनाते समय युद्ध-स्थल पर विद्यमान संवाददाताओं और सेना के लोगों द्वारा ली गईं हज़ारों घंटों की सैनिक कार्यवाही की फिल्में देखीं। युद्ध की हृदय-विदारक और वीभत्स घटनाओं में इतने घंटों तक शामिल रहने के बाद युद्ध की वे घटनाएं उनके स्वपनों में उन्हें अक्सर दिखाई देती थीं, विशेषतः पेलिलियु के भयानक युद्ध की। बर्न्स ने एक संवाददाता से एक साक्षातकार में कहा, "आप एक बयान से परे भूतकाल को देखते हैं, वहां से आने वाली आवाज़ें सुनते हैं, उन से जुड़ने लगते हैं और ऐसे जुड़ने के द्वारा आप अपने आप को एक भावनाओं के भंवर में डाल देते हैं।"

   दूसरों के संघर्षों में शामिल होना एक कीमत मांगता है, चाहे वे संघर्ष कला के क्षेत्र में हों या आत्मिक जीवन में। प्रसिद्ध प्रचारक और बाइबल टीकाकार ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ने कहा कि जब हम दूसरे लोगों के जीवन में परमेश्वर की रुचि के साथ जानते और बूझते हुए जुड़ते हैं तब हम इस आत्मिक संघर्ष में शामिल हो जाते हैं; तब हमें ज्ञात होता है कि इन संघर्षों के मध्य में रह कर भी शांति और संयम बनाए रखने की अद्भुत सामर्थ भी साथ ही हमें दे दी गई है।

   प्रेरित पौलुस ने प्रभु यीशु में उद्धार और पापों की क्षमा के सुसमाचार के प्रचार में भी इस बात को अनुभव किया। परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस कुरिन्थुस की मण्डली को लिखी अपनी पत्री में लिखता है: "और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रतिदिन मुझे दबाती है। किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता?" (२ कुरिन्थियों ११:२८-२९)। पौलुस ने अपने संघर्षों के दौरान जाना कि परमेश्वर की यह सामर्थ उसके लिए बहुत है क्योंकि वह सामर्थ पौलुस की निर्बलता में ही सिद्ध होती है (२ कुरिन्थियों १२:९)।

   प्रभु यीशु ने संसार के पापों से निवारण में सम्मिलित होने के लिए सबसे बड़ी कीमत चुकाई - अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज जब हम उसके इस बलिदान और प्रेम की गाथा दूसरों के साथ बांटते हैं, तो उसके साथ संसार के लोगों के पापों के निवारण में शामिल होने के लिए वह आवश्यक सामर्थ भी हमें देता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब हम परमेश्वर की बुलाहट में शामिल होते हैं तो परमेश्वर से उसके लिए आवश्यक सामर्थ भी हमें मिलती है।

और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रतिदिन मुझे दबाती है। - २ कुरिन्थियों ११:२८

बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ११:२२-३३
2Co 11:22  क्‍या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्‍या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्‍या वे ही मसीह के सेवक हैं?
2Co 11:23  (मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
2Co 11:24  पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए।
2Co 11:25   तीन बार मैं ने बेंतें खाईं; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा।
2Co 11:26  मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में;
2Co 11:27  परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-प्यास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
2Co 11:28  और और बातों को छोड़ कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रतिदिन मुझे दबाती है।
2Co 11:29   किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता
2Co 11:30   यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।
2Co 11:31   प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता।
2Co 11:32 दमिश्‍क में अरितास राजा की ओर से जो हाकिम था, उस ने मेरे पकड़ने को दमिशकियों के नगर पर पहरा बैठा रखा था।
2Co 11:33  और मैं टोकरे में खिड़की से होकर भीत पर से उतारा गया, और उसके हाथ से बच निकला।


एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब ४१-४२ 
  • प्रेरितों १६:२२-४०

सोमवार, 9 जुलाई 2012

कथनी और करनी

   एक समय था कि अमेरिका के पश्चिमी तट का एक नगर प्रभु यीशु के सुसमाचार के लिए बहुत प्रबल विरोध का स्थान था। वहां के रेस्टुरन्टों में लगे पोस्टर जादू-टोने और प्रेत-पिशाचों के वशीकरण की सभाओं के आयोजन का खुला प्रचार करते थे, जहां जाकर कोई भी अपने शत्रुओं पर तन्त्र-मन्त्र द्वारा कोई दुषप्रभाव डलवा सकता था, या डालना सीख सकता था।

   चर्चों के लिए वहां बहुत कठिनाई का समय था; नगर निगम से उन्हें इमारत बनाने के अनुमति पत्र पाना भी बहुत कठिन हो गया था। चर्च के अगुवे चर्च की और अपनी दुर्दशा पर हाय हाय करते रहते थे। ऐसे में कुछ पास्टरों ने एकत्रित होकर एक साथ प्रार्थना करना आरंभ कर दिया, फिर उन्होंने प्रभु यीशु के प्रेम को व्यावाहरिक रुप में अपने नगर-निवासियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया। वे बे-घरों की सहायता, एड्स के रोगीयों की देख-भाल, और खतरे में पड़े किशोरों की सहायता करने में लग गए। नियमित और योजनाबद्ध रीति से वे दुखी जनों की सहायता में लग गए, और उन तक प्रभु यीशु के प्रेम को पहुंचाने लगे। थोड़े समय में ही नगर की संस्थाएं उन्हें सहायता के लिए बुलाने लगीं। और फिर चर्चों में लोगों का आगमन बढ़ने लगा क्योंकि अब सुसमाचार उनके लिए कोरी बातें नहीं रह गया था, वे सुसमाचार को व्यावाहरिक रूप में देख रहे थे। नगर का माहौल बदलने लगा, प्रभु यीशु का नाम आदर पाने लगा, लोग मसीही विश्वास में रुचि लेने लगे।

   यह इस बात को प्रमाणित करता है कि कथनी से अधिक प्रभावकारी करनी होती है; कुछ कहने से पहले करना आरंभ कर दीजिए, प्रचार करने से पहले उसे जी कर दिखाना आरंभ कर दीजिए। जब तक हम मसीह के प्रेम को व्यावाहरिक रूप में दिखाने वाले नहीं बनेंगे, तब तक कोई उस प्रेम के बारे में हम से सुनने में रुचि नहीं लेगा। यही मत्ती ५:१६ में प्रभु यीशु द्वारा दी गई शिक्षा का अर्थ है - लोग जब हमारे जीवन में उजियाले को चमकता देखेंगे तो हमारी ज्योति के स्त्रोत के बारे में भी रुचि लेंगे। तब सुसमाचार के कठोर विरोधी भी इस बात से प्रसन्न होंगे कि आप उन के पड़ौसी हैं, या उन के नगर में या कार्यस्थल में रहते हैं और उन की सहायतार्थ उपलब्ध रहते हैं। आपकी करनी ही आप की कथनी को उन के कानों और मनों तक पहुंचा पाने के लिए मार्ग खोलने पाएगी। - जो स्टोवैल


जब आप सुसमाचार कहें तो उसे कार्यान्वित कर के भी दिखाएं।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देख कर तुम्हारे पिता की, जो स्‍वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती ५:१६

बाइबल पाठ: मत्ती ५:१०-१६
Mat 5:11   धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
Mat 5:12  आनन्‍दित और मगन होना क्‍योंकि तुम्हारे लिये स्‍वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्‍होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
Mat 5:13  तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्‍तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्‍तु से नमकीन किया जाएगा फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Mat 5:14  तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Mat 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्‍तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Mat 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देख कर तुम्हारे पिता की, जो स्‍वर्ग में हैं, बड़ाई करें।


एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब ३८-४० 
  • प्रेरितों १६:१-२१

रविवार, 8 जुलाई 2012

झूठी भविष्यवाणीयां

   इस समाचार के साथ कि २२ जुलाई २००९ को सूर्य ग्रहण होगा, एक आतंकित कर देने वाली भविष्यवाणी भी सुनाई देने लगी। कुछ लोगों ने यह भ्रम फैला दिया कि ग्रहण के समय पृथ्वी के गुरुत्वाकर्ष्ण पर प्रभाव पड़ेगा जिसके कारण एक बड़ा भूकम्प होगा और जापान पर विनाशकारी सुनामी आएगी। शीघ्र ही अमेरिका के भूगर्भीय अनुसन्धान केंद्र ने इस भविष्यवाणी को गलत घोषित किया और सूचना दी कि "अभी तक कहीं भी कोई भी वैज्ञानिक कभी भी किसी भूकम्प की भविष्यवाणी नहीं कर सका है; ना ही उनके पास ऐसी भविष्यवाणी करने के कोई साधन हैं और ना ही निकट भविश्य में ऐसा कोई साधन उपलब्ध होने की संभावना है।"

   प्रभु यीशु मसीह के पुनःआगमन के समय और तिथि के बारे में भी समय समय पर कई झूठी भविश्यवाणीयां होती रहीं हैं; बावजूद इसके कि स्वयं प्रभु यीशु ने ज़ोर देकर कहा था कि "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्‍वर्ग के दूत, और न पुत्र, परन्‍तु केवल पिता" (मत्ती २४:३६)। प्रभु यीशु मसीह ने अपने चेलों को बताया कि उसके दूसरे आगमन के समय के बारे में चिंतित रहने की बजाए उन्हें सतर्क रहना है (पद ४२) और प्रतीक्षा करनी है (पद ४६) और परमेश्वर द्वारा दिए गए कार्य को पूरा करते रहना है।

   प्रेरित पतरस ने भी अपनी पत्री में इसी के बारे में लिखते समय मसीही विश्वासियों को अपनी गवाही के बनाए रखने के विषय में सचेत रहने का आग्रह किया : "परन्‍तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्‍द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। तो जब कि ये सब वस्‍तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चालचलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए" (२ पतरस ३:१०-११)।

   प्रभु यीशु चाहते हैं कि सभी मसीही विश्वासी अपनी अपनी ज़िम्मेवारियों के पूरा करने और परमेश्वर के लिए कार्य करने में लगे रहें, "और उस धन्य आशा की अर्थात अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें" (तीतुस २:१३)। जो सजग होकर बाट जोहेगा वह अपनी गवाही और चरित्र को ठीक रखेगा, अपने कार्य को पूरा रखेगा जिससे प्रभु जब भी आए उसे तैयार पाए।

   हो सकता है कि यह आज ही हो; क्या आप आज ही मसीह के दूसरे आगमन और उसे अपने जीवन का हिसाब देने के लिए तैयार हैं?- सी. पी. हिया


मसीह के दूसरे आगमन की बाट जोहने लगिए, आप मसीह की महिमा के लिए जीवन व्यतीत करने लगेंगे।

जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्‍त का क्‍या चिन्‍ह होगा? - मत्ती २४:३

बाइबल पाठ: मत्ती २४:३५-४४
Mat 24:35  आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्‍तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।
Mat 24:36  उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्‍वर्ग के दूत, और न पुत्र, परन्‍तु केवल पिता।
Mat 24:37   जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
Mat 24:38  क्‍योंकि जैसे जल-प्रलय से पहिले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में ब्याह शादी होती थी।
Mat 24:39   और जब तक जल-प्रलय आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कुछ भी मालूम न पड़ा; वैसे ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
Mat 24:40   उस समय दो जन खेत में होंगे, एक ले लिया जाएगा और दूसरा छोड़ दिया जाएगा।
Mat 24:41  दो स्‍त्रियां चक्की पीसती रहेंगी, एक ले ली जाएगी, और दूसरी छोड़ दी जाएगी।
Mat 24:42  इसलिये जागते रहो, क्‍योंकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा प्रभु किस दिन आएगा।
Mat 24:43  परन्‍तु यह जान लो कि यदि घर का स्‍वामी जानता होता कि चोर किस पहर आएगा, तो जागता रहता, और अपने घर में सेंध लगने न देता।
Mat 24:44  इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्‍योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा।


एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब ३६-३७ 
  • प्रेरितों १५:२२-४१