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सोमवार, 3 सितंबर 2012

बचने के तरीके


   पांच वर्षीय जेना के दिन का आरंभ अच्छा नहीं हुआ था। अपनी इच्छा के अनुसार हर कार्य को करने के उसके प्रयास सफल नहीं हो रहे थे। तर्क करना किसी काम नहीं आया, मुँह फुलाना और बिगड़ी हुई सूरत बनाकर बैठ जाना व्यर्थ रहा, रोने और हठ करने से कुछ हासिल नहीं हुआ। उसकी इन हरकतों से परेशान होकर उसकी माँ ने उसे वह बाइबल पद स्मरण दिलाया जिसे जेना याद करने में लगी हुई थी: "मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं" (भजन ११९:११)।

   संभवतः जेना इस पद पर कुछ विचार कर चुकी थी; उसने तुरंत उत्तर दिया, "माँ ठीक है, किंतु इस पद में पाप न करने की संभावना के बारे में कहा गया है, निश्चितता के बारे में नहीं।" जेना का तर्क एक जाना पहचाना तर्क है। किसी नियम का उल्लंघन करना, किसी आज्ञा को तोड़ना, और ऐसा करने के लिए तोड़-मरोड़ कर शब्दों के प्रयोग या उनके अर्थों को निकालने कुछ लोगों को बड़ा अच्छा लगता है; वे ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं।

   यह वर्तमान समय ही की बात नहीं है और ना ही केवल संसार के सामान्य लोगों की बात है। प्रभु यीशु ने अपने समय के धार्मिक अगुवों में भी इसी प्रवृत्ति को पाया जो परमेश्वर के नियमों का उल्लंघन अपनी स्वार्थसिधी के लिए करते थे और संसार के समक्ष नियमों की अवहेलना के दोष से बचने के तरीके रखते थे (मरकुस ७:१-१३)। परमेश्वर के नियम और आज्ञाएं उन्हें अपने माता-पिता की आवश्यकताओं की पूर्ति करने और अपनी संपत्ति द्वारा उनका ध्यान रखने को कहते थे। इस कारण वे अगुवे इस ज़िम्मेदारी से बचने के लिए अपनी संपत्ति परमेश्वर को उसके मन्दिर में ’कुर्बान’ कर देते थे। अब परमेश्वर को ’कुर्बान’ इस संपत्ति का उपयोग भला मन्दिर के बाहर कैसे हो सकता था? किंतु क्योंकि उन धार्मिक अगुवों का पालन-पोषण मन्दिर से होता था, इसलिए उनके अपने लिए वह संपत्ति उपलब्ध रहती थी! ऐसे तर्क देकर वे समाज को धोखा दे सकते थे, समाज की नज़रों में दोषी होने से बच सकते थे; लेकिन वे परमेश्वर को धोखा नहीं दे सकते थे, वे उसके समक्ष अनाज्ञाकारी होने के न्याय से नहीं बच सकते थे। प्रभु यीशु ने उन अगुवों को इसी बात के लिए कठोर शब्दों में चिताया।

   अपने जीवन में सावधान रहिए; जब भी आप किसी आज्ञा से बचने के तरीके ढ़ूंढते हैं, वास्तव में आप अनाज्ञाकारिता के तरीके खोजते हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


चाहे हम किसी आज्ञा के ना मानने को वैध ठहराने के लिए कोई भी बहाना क्यों ना बना लें, परमेश्वर उसे अनाज्ञाकारिता ही मानता है।

मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं। - भजन ११९:११

बाइबल पाठ: मरकुस ७:१-१३
Mar 7:1   तब फरीसी और कई एक शास्त्री जो यरूशलेम से आए थे, उसके पास इकट्ठे हुए। 
Mar 7:2  और उन्‍होंने उसके कई चेलों को अशुद्ध अर्थात बिना हाथ धोए रोटी खाते देखा। 
Mar 7:3  क्‍योंकि फरीसी और सब यहूदी, पुरिनयों की रीति पर चलते हैं और जब तक भली भांति हाथ नहीं धो लेते तब तक नहीं खाते। 
Mar 7:4  और बाजार से आकर, जब तक स्‍नान नहीं कर लेते, तब तक नहीं खाते; और बहुत सी और बातें हैं, जो उन के पास मानने के लिये पहुंचाई गई हैं, जैसे कटोरों, और लोटों, और तांबे के बरतनों को धोना-मांझना। 
Mar 7:5  इसलिये उन फरीसियों और शास्‍त्रियों ने उस से पूछा, कि तेरे चेले क्‍यों पुरिनयों की रीतों पर नहीं चलते, और बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं? 
Mar 7:6   उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है, कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। 
Mar 7:7  और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्‍योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं। 
Mar 7:8  क्‍योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो। 
Mar 7:9  और उस ने उन से कहा; तुम अपनी रीतियों को मानने के लिये परमेश्वर आज्ञा कैसी अच्‍छी तरह टाल देते हो! 
Mar 7:10 क्‍योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे, वह अवश्य मार डाला जाए। 
Mar 7:11 परन्‍तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात संकल्प हो चुका। 
Mar 7:12  तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते। 
Mar 7:13 इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्‍हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १४०-१४२ 
  • १ कुरिन्थियों १४:१-२०

रविवार, 2 सितंबर 2012

शांति


   हमारा संसार शोर से भरा हुआ है और संसार में यह शोर बढ़ता ही जा रहा है। किंतु, एक समाचार के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पूर्ण खामोशी के लिए एक मार्ग पा लिया है: "New Journal of Physics में छपे एक लेख के अनुसार वैज्ञानिकों ने एक ’ध्वनि कवच’ का खाका तैयार किया है जिसके पार ध्वनि तरंगें जा नहीं सकतीं। इस तकनीक के द्वारा ध्वनि से सुरक्षित घर, संगीत-सभाओं के लिए बड़े हॉल और गुप्त रहने वाले युद्धपोत बनाना संभव हो सकेगा।"

   जब हम परमेश्वर के साथ समय बिताने और मनन के लिए एक शांत स्थान ढूंढते हैं, तो इच्छा होती है कि कोई ऐसा ही ध्वनि कवच हमें भी मिल जाए जिससे हम भी बिना ध्यान बंटे मनन के लिए बैठ सकें। परन्तु यदि हमें कोई ऐसा साधन मिल भी जाए जो हमारे आस-पास के सारे शोर को हम तक पहुँचने से रोक सके तो भी अपने भीतर के कोलाहल को कैसे शांत करेंगे? मन में उठती चिंताओं का शोर तो फिर भी हमारे अन्दर गूंजता रहेगा और विचिलित करता तथा हमारा ध्यान बंटाता रहेगा। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम भजनकार द्वारा परमेश्वर की ओर से लिखित निर्देश पाते हैं: "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं" (भजन ४६:१०)। लेकिन व्यावाहरिक रीति से हम अपने मनों को शांत कैसे करें?

   परमेश्वर हमारी दुविधा को जानता है और उसने हमारे लिए अपना बनाया ’ध्वनि कवच’ उपलब्ध कराया है - हम अपनी अशांति और चिंताएं उसकी शांति से अदल-बदल कर लें। परमेश्वर ने कहा: "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६-७)।

   जब हम समर्पित मन के साथ परमेश्वर के हाथों में अपनी चिंताओं को डालकर उन्हें वहीं छोड़ देते हैं, और परमेश्वर को अपना काम अपनी रीति से करने देते हैं, उसके समय और उसकी कार्यविधियों का आदर करते हैं, तो अपने अन्दर उसकी अद्भुत शांति को पाते हैं; ऐसी शांति जो हमारे किसी प्रयास से नहीं मिल सकती, केवल वह ही प्रदान कर सकता है। - डेनिस फिशर


जो परमेश्वर के सामने शांत रहते हैं, परमेश्वर की शांति उनहे उपलब्ध रहती है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान् हूं! - भजन ४६:१०

बाइबल पाठ: भजन ४६
Psa 46:1  परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psa 46:2  इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psa 46:3  चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psa 46:4  एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psa 46:5  परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psa 46:6  जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psa 46:7  सेनाओं का यहोवा हमारे संगे है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psa 46:8  आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उस ने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psa 46:9  वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psa 46:10  चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान् हूं!
Psa 46:11  सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १३७-१३९ 
  • १ कुरिन्थियों १३

शनिवार, 1 सितंबर 2012

केंद्रबिंदु


   विख्यात पास्टर और प्रचारक अर्ल पामर ने चर्च के अगुवों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपने जीवन के अनुभव से बताया; उन्होंने वह बात भी बताई जो पिछ्ले अर्धदशक से उनके प्रचार तथा शिक्षा के तरीके का आधार रही है: जब वे बाइबल कॉलेज में छात्र थे तो एक बाइबल अध्ययन का संचालन करते समय उन्होंने अध्ययन करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया कि बाइबल अध्ययन के खंड को समझने के लिए वे परमेश्वर के वचन में लिखे शब्दों पर ध्यान केंद्रित करें; और इसी बात को लेकर वे अपनी मसीही सेवकाई के जीवन में चलते रहे हैं।

   उन्होंने कहा, "मेरा विश्वास रहा है कि यदि मैं लोगों को परमेश्वर के वचन में लिखे शब्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उत्साहित कर सकूंगा, तो वे उन शब्दों का आदर करना सीख लेंगे, और फिर उन शब्दों पर मनन के द्वारा वे उन शब्दों के केंद्रबिंदु - मसीह यीशु की ओर अपना ध्यान केंद्रित करने लगेंगे। और जो भी मसीह यीशु की ओर अपना मन और ध्यान लगाएगा, वह मसीह यीशु की ओर मुड़ भी जाएगा।" पास्टर पामर की सेवकाई का यह आधार उनके प्रभु परमेश्वर, प्रभु यीशु की शिक्षा के अनुसार था।

   प्रभु यीशु ने उन धार्मिक अगुवों से, जो परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम को भली भांति जानते थे किंतु फिर भी प्रभु यीशु के कट्टर विरोधी थे, कहा: "तुम पवित्र शास्‍त्र में ढूंढ़ते हो, क्‍योंकि समझते हो कि उस में अनन्‍त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (युहन्ना ५:३९-४०)। सम्पूर्ण पवित्र शास्त्र बाइबल मसीह यीशु की गवाही देता है। जिसने भी पवित्र शास्त्र को जाना और समझा है, उसने उस के हर स्थान पर मसीह यीशु को पाया है।

   बाइबल अध्ययन के लिए ना केवल एक खुला मन वरन एक उत्सुकता से भरा और खोजने वाला मन भी चाहिए। जिसने खुले और खोजी मन से बाइबल का अध्ययन किया है, उसने बाइबल में मसीह यीशु को पाया है; और जिसने मसीह यीशु को अपने जीवन में ग्रहण किया है, उसने आनन्द से परिपूर्ण अनन्त जीवन प्राप्त किया है।

   मसीह यीशु ही परमेश्वर के वचन का केंद्रबिंदु है; और वही पापों से क्षमा, उद्धार और आनन्द से परिपूर्ण अनन्त जीवन का दाता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


लिखित वचन हमें जीवित एवं जीवनदायक वचन कि ओर ले जाता है।

तुम पवित्र शास्‍त्र में ढूंढ़ते हो, क्‍योंकि समझते हो कि उस में अनन्‍त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। - युहन्ना ५:३९

बाइबल पाठ: युहन्ना ५:३३-४७
Joh 5:33  तुम ने यूहन्ना से पुछवाया और उस ने सच्‍चाई की गवाही दी है। 
Joh 5:34  परन्‍तु मैं अपने विषय में मनुष्य की गवाही नहीं चाहता; तौभी मैं ये बातें इसलिये कहता हूं, कि तुम्हें उद्धार मिले। 
Joh 5:35  वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्‍छा लगा। 
Joh 5:36  परन्‍तु मेरे पास जो गवाही है वह यूहन्ना की गवाही से बड़ी है: क्‍योंकि जो काम पिता ने मुझे पूरा करने को सौंपा है अर्थात यही काम जो मैं करता हूं, वे मेरे गवाह हैं, कि पिता ने मुझे भेजा है। 
Joh 5:37  और पिता जिस ने मुझे भेजा है, उसी ने मेरी गवाही दी है: तुम ने न कभी उसका शब्‍द सुना, और न उसका रूप देखा है। 
Joh 5:38  और उसके वचन को मन में स्थिर नहीं रखते क्‍योंकि जिसे उस ने भेजा उस की प्रतीति नहीं करते। 
Joh 5:39  तुम पवित्र शास्‍त्र में ढूंढ़ते हो, क्‍योंकि समझते हो कि उस में अनन्‍त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। 
Joh 5:40   फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते। 
Joh 5:41   मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता। 
Joh 5:42  परन्‍तु मैं तुम्हें जानता हूं, कि तुम में परमेश्वर का प्रेम नहीं। 
Joh 5:43   मैं अपने पिता के नाम से आया हूं, और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते; यदि कोई और अपने ही नाम से आए, तो उसे ग्रहण कर लोगे। 
Joh 5:44   तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किस प्रकार विश्वास कर सकते हो? 
Joh 5:45   यह न समझो, कि मैं पिता के साम्हने तुम पर दोष लगाऊंगा: तुम पर दोष लगाने वाला तो है, अर्थात मूसा जिस पर तुम ने भरोसा रखा है। 
Joh 5:46  क्‍योंकि यदि तुम मूसा की प्रतीति करते, तो मेरी भी प्रतीति करते, इसलिये कि उस ने मेरे विषय में लिखा है। 
Joh 5:47  परन्‍तु यदि तुम उस की लिखी हुई बातों की प्रतीति नहीं करते, तो मेरी बातों की क्‍योंकर प्रतीति करोगे।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन १३५-१३६ 
  • १ कुरिन्थियों १२

शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

संपूर्णतः स्वच्छ


   कहते हैं कि २० सेकेंड तक साबुन-पानी से हाथ धोने से हाथों पर से सभी कीटाणु धुल जाते हैं। किंतु यह स्वच्छता सदा बनी नहीं रहती; थोड़ी देर में इधर-उधर छूने और कार्य करने से फिर से हाथ गन्दे हो जाते हैं, कीटाणु हाथों पर आ जाते हैं और फिर उन्हें हटाने और हाथों को पुनः स्वच्छ करने के लिए पहले के समान ही फिर से हाथ धोने पड़ते हैं।

   बाइबल के पुराने नियम के काल में, अपने पापों के प्रायश्चित के लिए लोगों को बार बार और प्रति वर्ष कुछ भेंट तथा बलिदान चढ़ाने होते थे। किंतु बलिदान का लहु उनके पापों को सदा के लिए दूर नहीं करता था (इब्रानियों १०:११)। केवल प्रभु यीशु के अमूल्य बलिदान और लहू में ही यह क्षमता है। अब इस नए नियम और अनुग्रह के काल में इन बलिदानों की कोई आवश्यक्ता नहीं रह गई है क्योंकि प्रभु यीशु के एक बलिदान और बहाए गए पवित्र लहू के द्वारा पापों की क्षमा का कार्य सबके लिए और सदा के लिए पूर्णतः संपन्न हो गया है। प्रभु यीशु का यह बलिदान और क्षमा का कार्य:

  • एक ही बार के लिए था -  वह पशुओं के बलिदान के समान नहीं है जिनका बार बार प्रति वर्ष बलिदान चढ़ाना पड़ता था (इब्रानियों १०:१-३, १०)।
  • वह हमें सभी पापों से पुरी तरह से शुद्ध और पवित्र करता है - जबकि पशुओं का बलिदान यह स्मरण मात्र कराता था कि एक निर्दोष पशु किसी दोशी मनुष्य के स्थान पर मारा जा रहा है, किंतु वह पशु उस मनुष्य के पापों को धो नहीं सकता था, उन्हें मिटा नहीं सकता था (इब्रानियों १०:३-६, ११)।


   किंतु अब "उस ने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्‍हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है" (इब्रानियों १०:१४)। केवल प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा के द्वारा ही हम पापों से संपूर्णतः स्वच्छ और पवित्र हो सकते हैं। अब हमें पापों की क्षमा के लिए अपने किसी प्रकार के प्रयासों या बलिदानों की आवश्यक्ता नहीं है। अब केवल पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु से पापों की क्षमा मांगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने ही की आवश्यक्ता है। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रभु यीशु के लहु की सामर्थ प्रत्येक पाप के हर दाग़ को धो डालने में सक्षम है।

क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। - इब्रानियों १०:४

बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१-१८
Heb 10:1  क्‍योंकि व्यवस्था जिस में आने वाली अच्‍छी वस्‍तुओं का प्रतिबिम्ब है, पर उन का असली स्‍वरूप नहीं, इसलिये उन एक ही प्रकार के बलिदानों के द्वारा, जो प्रति वर्ष अचूक चढ़ाए जाते हैं, पास आने वालों को कदापि सिद्ध नहीं कर सकतीं। 
Heb 10:2  नहीं तो उन का चढ़ाना बन्‍द क्‍यों न हो जाता? इसलिये कि जब सेवा करने वाले एक ही बार शुद्ध हो जाते, तो फिर उन का विवेक उन्‍हें पापी न ठहराता। 
Heb 10:3  परन्‍तु उन के द्वारा प्रति वर्ष पापों का स्मरण हुआ करता है। 
Heb 10:4  क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। 
Heb 10:5   इसी कारण वह जगत में आने समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया। 
Heb 10:6   होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ। 
Heb 10:7  तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शस्‍त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्‍छा पूरी करूं। 
Heb 10:8   ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं। 
Heb 10:9  फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्‍छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे। 
Heb 10:10 उसी इच्‍छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं। 
Heb 10:11  और हर एक याजक तो खड़े होकर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते, बार बार चढ़ाता है। 
Heb 10:12  पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Heb 10:13  और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें। 
Heb 10:14  क्‍योंकि उस ने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्‍हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। 
Heb 10:15  और पवित्र आ्त्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्‍योंकि उस ने पहिले कहा था। 
Heb 10:16  कि प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्‍धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा। 
Heb 10:17   (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा। 
Heb 10:18  और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २२-२३ 
  • तीतुस १

बचाए गए


   लौरेन घबरा भी रही थी और साथ ही उत्तेजित भी थी; वह आज एक ही व्यक्ति द्वारा चलाई जाने वाली नौका में बैठकर तेज़ बहने वाली पहाड़ी नदी के उछलते उफनते पानी में एक दल के साथ नौकाविहार के लिए जा रही थी। उसने अपने आप को नौका में सुरक्षित किया और अपने दल के साथ दल के मार्गदर्शक के पीछे पानी के तेज़ प्रवाह में चल निकली।

   थोड़ी दूर जाने पर जब सामने एक जलप्रपात दिखाई दिया तो लौरेन की घबराहट और बढ़ गई। उस तेज़ बहते और उछलते पानी में अचानक ही नौका डगमगाई और पलट गई। उन्हें अच्छे से सिखाया गया था कि यदि ऐसा हो तो नौका से निकल कर तुरंत पानी की सतह पर कैसे पहुँचना है, लेकिन पानी में अपने आप को पलटी हुई पड़ी देख उसके होश उड़ गए और उसे कुछ समझ नहीं आया कि वह क्या करे और कैसे करे। उसे बस इतना ध्यान था कि कुछ ही पलों में उसकी सांस टूट जाएगी और फिर वह इस संसार से कूच करके अपने आप को अपने प्रभु परमेश्वर के सामने खड़ा पाएगी। इन कुछ पलों ही में कोई उसकी सहायता को आया और उसे डूबने से बचा लिया। लौरेन शारीरिक मृत्यु से बचाए जाने के लिए अपने रक्षक के प्रति बहुत धन्यवादी और कृतज्ञ हुई।

   शारीरिक मृत्यु तो देर-सवेर सब को आनी है; जो आज किसी दुर्घटना या बिमारी या अन्य किसी जान के जोखिम से बचा है, वह कल किसी अन्य बात के कारण संसार से कूच करेगा - महत्व मृत्यु का नहीं वरन इस बात का है कि फिर उसके बाद क्या होगा? हर किसी को अपने जीवन का हिसाब देने परमेश्वर के सामने खड़ा होना होगा, और जो पापों की क्षमा पाए बिना संसार से जाएंगे वे अपने आप को एक दुसरी मृत्यु - आत्मिक मृत्यु के भागी पाएंगे, अर्थात अनन्तकाल के लिए परमेश्वर से दूर नरक में अपने पापों का दण्ड भोगे जाने के लिए पड़ा हुआ पाएंगे।

   पाप में पड़े और डूबते इस संसार के प्रत्येक जन के लिए परमेश्वर ने बचाए जाने का मार्ग दिया है, मार्गदर्शक दिया है - प्रभु यीशु। उसके मिलने वाली सहायता और रक्षा का हाथ संसार के सभी लोगों की ओर बढ़ा हुआ है। जो कोई भी उसके हाथ को थामता है, उसपर विश्वास लाता है वह पापों से क्षमा और अनन्त जीवन पाता है - केवल सच्चे मन से उसे किए गए समर्पण और उसपर लाए गए साधारण विश्वास द्वारा ही; और कुछ भी करने की कोई आवश्यक्ता नहीं है। अपने क्रूस पर दिए गए बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा उसने सब के लिए अनन्त जीवन सुनिश्चित कर लिया है; आवश्यक्ता है तो केवल उस अनन्त जीवन को स्वेच्छा से और व्यक्तिगत रीति से ग्रहण कर लेने की।

   जिन्होंने पापों की क्षमा और अनन्त जीवन प्राप्त कर लिया है उन का कर्तव्य है कि वे अपने रक्षक और उद्धारकर्ता के प्रति अपना धन्यवाद और कृतज्ञता दिखाने के लिए पाप में डूबते अन्य लोगों को भी उसके बारे में बताते रहें। - ऐने सेटास


जो बचाए गए हैं उन्हें अन्य लोगों को भी बचाने में योगदान देने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

परन्‍तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया; जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)। - इफिसीयों २:४-५

बाइबल पाठ: इफिसीयों २:१-१०
Eph 2:1  और उस ने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। 
Eph 2:2  जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है। 
Eph 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्‍तान थे। 
Eph 2:4 परन्‍तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया; 
Eph 2:5  जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)। 
Eph 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। 
Eph 2:7  कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। 
Eph 2:8  क्‍योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। 
Eph 2:9  और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। 
Eph 2:10  क्‍योंकि हम उसके बनाए हुए हैं, और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्‍हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १३२-१३४ 
  • १ कुरिन्थियों ११

गुरुवार, 30 अगस्त 2012

सामान्य विषय


   अमेरिका के एक हाई स्कूल के कुछ विद्यार्थी छुट्टियों में सेवाकाई के लिए जैमैका गए। वहां वे एक ऐसी संस्था में गए जो उपद्रवी किशोरों की देख-रेख के लिए थी - ऐसे किशोर जो नियम-कानून का उल्लंघन करते रहते थे और अपने माता-पिता के नियंत्रण से बाहर हो चुके थे।

   मुलाकात की यह परिस्थिति दोनो ही संसकृति के किशोरों के लिए अपारंपरिक और असुविधाजनक थी - एक दूसरे के साथ क्या बात करें? एक दूसरे से कैसे संपर्क बढ़ाएं?

   इस समस्या का उत्तर मिलने में देर नहीं लगी; उनके वहां पहुँचने के कुछ ही देर में दोनो में फुटबॉल मैच आरंभ हो गया जिसमें अमरीकी और जैमैकाई किशोरों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस मैच से आपसी झिझक दूर हो गई और संबंध बनाने में बहुत सुविधा हुई, तथा किशोरों की आपस में बातचीत आरंभ हो गई। एक सामान्य रुचि के विषय के माध्यम से आपसी संबंध स्थापित होना और बातचीत आरंभ होना सहज हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों १७ में पौलुस ने सुसमाचार के प्रचार के लिए आपसी बातचीत आरंभ करने और विभाजन की दीवारें तोड़ने का नमूना दिखाया। उसने अथेनियों से, वहां की परिस्थिति के अनुसार, एक सामान्य विषय - आराधना पर बातचीत आरंभ करी। इसी प्रकार हम भी किसी सहकर्मी या पड़ौसी के साथ बातचीत आरंभ करने के लिए कोई सामान्य विषय, जैसे खेल-कूद या अन्य कोई विषय चुन सकते हैं। संपर्क के आरंभ के लिए सामान्य विषय खोज पाने की अनेक संभावनाएं हैं।

   परमेश्वर के प्रेम को लोगों तक पहुँचाने के लिए पहले उनके साथ बात-चीत के लिए एक सामान्य विषय खोज लें, और फिर देखिए कि कैसे परस्पर संकोच कि दीवारें गिरती और बातचीत आरंभ होती तथा बढ़ती है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर का प्रेम सब रुकावटें दूर कर सकता है।

क्‍योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
- प्रेरितों १७:२३

बाइबल पाठ: प्रेरितों १७:२२-३१
Act 17:22  तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा होकर कहा, हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Act 17:23  क्‍योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Act 17:24  जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्‍वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Act 17:25  न किसी वस्‍तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्‍योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Act 17:26  उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Act 17:27   कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोलकर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Act 17:28  क्‍योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Act 17:29  सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Act 17:30   इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Act 17:31  क्‍योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १२६-१२८ 
  • १ कुरिन्थियों १०:१९-३३

बुधवार, 29 अगस्त 2012

शांति और स्तुति


   रॉबर्ट लौरे सोचा करते थे कि उनके द्वारा किया गया प्रचार उनके जीवन का सबसे बड़ा योगदान होगा। किंतु १९वीं शताब्दी के इस पास्टर को आज उनके द्वार लिखे गए स्तुति गीतों और उनके द्वारा बनाई गई स्तुति गीतों की धुनों के लिए स्मरण लिया जाता है। उन्होंने अपने जीवन काल में ५०० से भी अधिक परमेश्वर की स्तुति के गीत लिखे या गीतों की धुनें बनाईं; इन में कुछ जाने माने गीत हैं "Christ Arose", "I Need Thee Every Hour", "Shall We Gather" इत्यादि।

   सन १८६० में जब अमेरिका ग्रह युद्ध के कगार पर खड़ा था, लौरे ने एक गीत लिखा जो आस-पास की विनाशकारी परिस्थितियों पर नहीं वरन अविनाशी, अपरिवर्तनीय और अनन्त प्रभु यीशु और उसमें मिलने वाली शांति पर आधारित है। गीत के भाव कुछ इस प्रकार से हैं: "क्या हुआ यदि मेरे आराम और आनन्द के साधन जाते रहे? मेरा प्रभु और उद्धारकर्ता तो जीवित है; क्या हुआ यदि अन्धकार चारों ओर से घेर रहा है? वह अन्धकार में भी स्तुति के गीत देता है: कोई तूफान मेरे अन्दर की शांति को भंग नहीं कर सकता, जब तक मैं उस शरणस्थान में हूँ; क्योंकि मसीह स्वर्ग और पृथ्वी का प्रभु है, मैं उसकी स्तुति गाने से कैसे रुक सकता हूँ?"

   कठिनाईयों के दौर में भी परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने वाला लौरे का विश्वास परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार द्वारा लिखे गए शब्दों का स्मरण दिलाता है: "तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी। क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है" (भजन १४६:३-५)।

   हमारा दृष्टिकोण निर्धारित करता है कि कठिन और विषम परिस्थितियों में हमारी प्रतिक्रिया कैसी होगी - शांति की या भय की। यदि हम भजनकार के समान इस बात पर विश्वास रखते हैं कि हमारा प्रभु सदा के लिए और पीढ़ी पीढ़ी तक राज्य करेगा (पद १०) तो लौरे के समान हम भी कह सकते हैं कि "मैं उसकी स्तुति गाने से कैसे रुक सकता हूँ?" - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि आप मसीह के साथ तालमेल बना कर रखते हैं तो अन्धकार में भी उसका स्तुति गान कर सकते हैं।

मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा। - भजन १४६:२

बाइबल पाठ: भजन १४६
Psa 146:1  याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर! 
Psa 146:2  मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।
Psa 146:3  तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। 
Psa 146:4  उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।
Psa 146:5  क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। 
Psa 146:6  वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। 
Psa 146:7  वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है; 
Psa 146:8  यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है। 
Psa 146:9  यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है, परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा मेढ़ा करता है।
Psa 146:10  हे सिरयोन, यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा। याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १२६-१२८ 
  • १ कुरिन्थियों १०:१९-३३