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रविवार, 28 अक्टूबर 2012

आपत्काल की तैयारी


   सालों से मैं अपने साथ कार में आपत्काल में प्रयोग करने के सामान को रखता रहा हूँ, परन्तु कभी उसे प्रयोग करने का अवसर कभी नहीं आया। यह सामान मेरी कार में रखे सामान का एक भाग बन गया और इतना सामन्य हो गया कि जब उसे प्रयोग करने का अवसर आया तो मुझे याद भी नहीं रहा कि मेरे पास यह सब सामान है; किंतु सौभाग्यवश मेरी पत्नी को इस सामान का ध्यान रहा।

   हम रात को एक गांव के रास्ते से लौट रहे थे कि हमारी कार एक हिरण से टकराई और क्षतिग्रस्त हो गई। मैं एक छोटी से टॉर्च के सहारे कार को हुई क्षति देखने लगा और कार को गैराज तक ले जाने के लिए खींच कर ले जाने वाली गाड़ी से संपर्क करने का प्रयास करने लगा। मेरी पत्नी ने आपात्कालीन सामान को खोला और दूर से ही दिख जाने वाले संकट सूचक को कार के पास लगाया, फिर सामान में रखी तेज़ रौशनी वाली बड़ी बत्ती जला ली जिस से कार के सर्वेक्षण का मेरा काम आसान हो गया। बाद में हम बात कर रहे थे कि कैसे संकट के समय हम हमारे पास उपलब्ध आपात्कालीन साधनों को प्रयोग करना ही भूल जाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसियों के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें शैतान के हमलों से बचने के विषय में लिखा; पौलुस ने कहा: "परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको" (इफिसीयों ६:११)। उसने उन्हें इन हथियारों का ब्यौरा भी दिया - सच्चाई, धार्मिकता, मेल, विश्वास, उद्धार, प्रार्थना और परमेश्वर का वचन (इफिसीयों ६:१४-१८)। परमेश्वर के ये हथियार एक रक्षा कवच के समान हैं जिन्हें जब हम बांधे रहते हैं तो वे हम मसीही विश्वासियों की रक्षा करते रहते हैं। जब कभी शैतान परमेश्वर और उसके प्रेम में हमारे मसीही विश्वास को डगमगाने और हमें गिराने के प्रयास करे, या कोई आपदा आए, तो इन हथियारों के बारे में स्मरण और मनन तथा इनका उपयोग और भी आवश्यक हो जाता है।

   इस पूरे कवच को पहने रहें और उपयोग करते रहें "इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको" (इफिसीयों ६:१३)। - डेविड मैक्कैसलैंड


रक्षा कवच और हथियार परमेश्वर उपलब्ध कराता है, उन्हें धारण करके उपयोग करना हमारा कार्य है।

इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। - इफिसीयों ६:१३

बाइबल पाठ: (इफिसीयों ६:१०-१८)
Eph 6:10  निदान, प्रभु में और उस की शक्ति में बलवन्‍त बनो। 
Eph 6:11  परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको। 
Eph 6:12  क्‍योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्‍तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्‍धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं। 
Eph 6:13  इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। 
Eph 6:14   सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मीकता की झिलम पहिन कर। 
Eph 6:15   और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर। 
Eph 6:16  और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। 
Eph 6:17   और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। 
Eph 6:18   और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और विनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार विनती किया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १५-१७ 
  • २ तिमुथियुस २

शनिवार, 27 अक्टूबर 2012

लालच


   चन्द्रमा पर कदम रखने वाले प्रथम मानव नील आर्मस्ट्रौंग को अपनी अंतरिक्ष यात्रा से लौटने के बाद समाचार पत्रों, रेडियो तथा टी.वी. के संवादाताओं और उनसे मिलने की इच्छा रखने वाले बहुत से लोगों की भीड़ के कारण परेशानी रहती थी। इन सबसे बचकर अपने तथा अपने पारिवारिक जीवन की शांति बनाए रहने के लिए वे अपने परिवार सहित एक छोटे से नगर में रहने चले गए। किंतु ख्याति की परेशानी ने उन्हें वहां भी नहीं छोड़ा। आर्मस्ट्रौंग के नाई को पता चला कि कुछ लोग हैं जो इस अंतरिक्ष नायक के बालों के लिए एक अच्छी रकम देने को तैयार हैं; इसलिए उसने आर्मस्ट्रौंगे के बालों को कई बार काटने के बाद उन्हें एकत्रित करके $३००० में एक खरीददार को बेच दिया। आर्मस्ट्रौंग को उस नाई के इस लालच और विश्वासघात से बहुत धक्का लगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी विश्वासघात और बालों के काटे जाने की एक घटना दर्ज है। परमेश्वर ने जन्म से ही शिमशौन को इस्त्राएल का न्यायी होने के इए बुलाया था और उसे नाज़िर ठहराया था, और नाज़िर होने के चिन्ह के लिए शिमशौन को कभी अपने बाल नहीं काटने थे (न्यायियों १३:५)। जब आवश्यक्ता हुई तो परमेश्वर की आत्मा की सामर्थ से उसने अलौकिक शक्ति पाई और इस्त्राएल तथा अपने दुशमनों पलिश्तियों पर विजयी हुआ (न्यायियों १५:१४)। उसे हराने और बन्धुवा बनाने के लिए पलिश्तियों नें एक स्त्री दलीला को नियुक्त किया। दलीला ने उससे प्रेम का नाटक करके उससे शादि करी कि उसकी उस अलौकिक शक्ति का रहस्य जान सके। शिमशौन ने अन्ततः उसकी बातों में आकर अपनी शक्ति का रहस्य अर्थात बालों का ना काटा जाना उसे बता दिया। यह जानने के बाद दलीला ने उसे अपनी गोद में सुलाया और जब वह गहरी नींद में था तो उसके बाल कटवा दिए तथा उसे पलिश्तियों के हाथों दे दिया (न्यायियों १६:५, १९)।

   लालच मनुष्य को एक दुसरे के प्रति ही नहीं, परमेश्वर के प्रति भी विश्वासघाती बना देता है, जैसे प्रभु यीशु के चेले यहूदा इस्करियोती ने तीस चांदी के टुकड़ों के लिए यीशु को मारे जाने के लिए पकड़वा दिया। हम मसीही विश्वासियों को संसार के लाभ और संसार की वस्तुओं को प्राप्त करने के लालच से बचकर अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रति पूरी तरह समर्पित मन, तथा दूसरों के प्रति प्रेम और सहायता का रवैया रखना है। परमेश्वर में विश्वास और संतुष्टि ही हमें लालच से बचाए रख सकती है, और हमें फलता-फूलता कर सकती है क्योंकि "यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए" (२ इतिहास १६:९)।

   परमेश्वर से सहायता और संसार का लालच एक साथ नहीं हो सकते। - डेनिस फिशर


वफादारी ही सच्चे प्रेम का वास्तविक प्रमाण है।

यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। - २ इतिहास १६:९

बाइबल पाठ: न्यायियों १६:४-२१
Jdg 16:4  इसके बाद वह सोरेक नाम नाले में रहने वाली दलीला नाम एक स्त्री से प्रीति करने लगा। 
Jdg 16:5  तब पलिश्तियों के सरदारों ने उस स्त्री के पास जाके कहा, तू उसको फुसला कर बूझ ले कि उसके महाबल का भेद क्या है, और कौन उपाय करके हम उस पर ऐसे प्रबल हों, कि उसे बान्धकर दबा रखें? तब हम तुझे ग्यारह ग्यारह सौ टुकड़े चान्दी देंगे। 
Jdg 16:6  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, मुझे बता दे कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है, और किसी रीति से कोई तुझे बान्धकर दबा रख सके। 
Jdg 16:7  शिमशोन ने उस से कहा, यदि मैं सात ऐसी नई नई तातों से बान्धा जाऊं जो सुखाई न गई हों, तो मेरा बल घट जाएगा, और मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊंगा। 
Jdg 16:8  तब पलिश्तियों के सरदार दलीला के पास ऐसी नई नई सात तातें ले गए जो सुखाई न गई थीं, और उन से उस ने शिमशोन को बान्धा। 
Jdg 16:9  उसके पास तो कुछ मनुष्य कोठरी में घात लगाए बैठे थे। तब उस ने उस से कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब उस ने तांतों को ऐसा तोड़ा जैसा सन का सूत आग में छूते ही टूट जाता है। और उसके बल का भेद न खुला। 
Jdg 16:10  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, सुन, तू ने तो मुझ से छल किया, और झूठ कहा है; अब मुझे बता दे कि तू किस वस्तु से बन्ध सकता है। 
Jdg 16:11  उस ने उस से कहा, यदि मैं ऐसी नई नई रस्सियों जो किसी काम में न आई हों कस कर बान्धा जाऊं, तो मेरा बल घट जाएगा, और मैं साधारण मनुष्य के समान हो जाऊंगा। 
Jdg 16:12  तब दलीला ने नई नई रस्सियां लेकर और उसको बान्ध कर कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! कितने मनुष्य तो उस कोठरी में घात लगाए हुए थे। तब उस ने उनको सूत की नाईं अपनी भुजाओं पर से तोड़ डाला। 
Jdg 16:13  तब दलीला ने शिमशोन से कहा, अब तक तू मुझ से छल करता, और झूठ बोलता आया है; अब मुझे बता दे कि तू काहे से बन्ध सकता है? उस ने कहा यदि तू मेरे सिर की सातों लटें ताने में बुने तो बन्ध सकूंगा। 
Jdg 16:14  सो उस ने उसे खूंटी से जकड़ा। तब उस से कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब वह नींद से चौंक उठा, और खूंटी को धरन में से उखाड़ कर उसे ताने समेत ले गया। 
Jdg 16:15  तब दलीला ने उस से कहा, तेरा मन तो मुझ से नहीं लगा, फिर तू क्यों कहता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं? तू ने ये तीनों बार मुझ से छल किया, और मुझे नहीं बताया कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है। 
Jdg 16:16  सो जब उस ने हर दिन बातें करते करते उसको तंग किया, और यहां तक हठ किया, कि उसके नाकों में दम आ गया, 
Jdg 16:17  तब उस ने अपने मन का सारा भेद खोल कर उस से कहा, मेरे सिर पर छुरा कभी नहीं फिरा, क्योंकि मैं मां के पेट ही से परमेश्वर का नाजीर हूं, यदि मैं मूढ़ा जाऊं, तो मेरा बल इतना घट जाएगा, कि मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊंगा। 
Jdg 16:18  यह देख कर, कि उस ने अपने मन का सारा भेद मुझ से कह दिया है, दलीला ने पलिश्तियों के सरदारों के पास कहला भेजा, कि अब की बार फिर आओ, क्योंकि उस ने अपने मन का सब भेद मुझे बता दिया है। तब पलिश्तियों के सरदार हाथ में रूपया लिए हुए उसके पास गए। 
Jdg 16:19  तब उस ने उसको अपने घुटनों पर सुला रखा; और एक मनुष्य बुलवाकर उसके सिर की सातों लटें मुण्डवा डालीं। और वह उसको दबाने लगी, और वह निर्बल हो गया। 
Jdg 16:20  तब उस ने कहा, हे शिमशोन, पलिश्ती तेरी घात में हैं! तब वह चौंक कर सोचने लगा, कि मैं पहिले की नाईं बाहर जाकर झटकूंगा। वह तो न जानता था, कि यहोवा उसके पास से चला गया है। 
Jdg 16:21  तब पलिश्तियों ने उसको पकड़ कर उसकी आंखें फोड़ डालीं, और उसे अज्जा को ले जाके पीतल की बेडिय़ों से जकड़ दिया; और वह बन्दीगृह में चक्की पीसने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १२-१४ 
  • २ तिमुथियुस १

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2012

निर्भर


   जब बच्चे कुछ अपने आप करना सीखते हैं और करने लगते हैं, जैसे अपने आप तैयार होना, अपने दांत खुद साफ करना, जूतों के तसमे स्वयं बांधना, साइकिल चलाने लगाना इत्यादि तो माता-पिता आनन्दित होते हैं। हम व्यस्क लोग भी किसी पर निर्भर नहीं होना चाहते; हम अपने खर्चे खुद उठाना चाहते हैं, अपने घरों में रहना चाहते हैं, अपने निर्णय स्वयं लेना चाहते हैं, आदि। यदि अनायास ही कोई चुनौती सामने आ जाती है तो किसी की सहायता लेने से पहले हम उस विषय पर किसी सहायता की पुस्तक पढ़कर मार्ग निकालने के प्रयास करते हैं।

   किंतु संसार की वासत्वकिता इससे उलट है; हम एक ऐसे संसार में जीते और रहते हैं जहां हमें एक दूसरे की सहायता की आवश्यकता होती ही है। एक के कार्य के लिए दुसरे के किसी उत्पाद का प्रयोग करना होता है, एक के स्वास्थ्य लाभ के लिए किसी अन्य की सहायता लेनी पड़ती ही है, एक को बढ़ने और उठने के लिए औरों के सहायक हाथों की आवश्यकता पड़ती ही है। इसीलिए किसी को सहायता देने के लिए तैयार रहना एक सदगुण माना जाता है। परन्तु यह जानते हुए भी, अपने स्वावलंबी होने के स्वभाव को निभाने और उसके साथ ही कार्य करने तथा जीवन बिताने से हम ना केवल औरों से दूर होने लगते हैं वरन हम अनजाने में ही अपने मनों में परमेश्वर से भी दूर होने लगते हैं, उसपर भी निर्भर रहने से कतराने लगते हैं। जबकि इसी निर्भरता की परमेश्वर को अपने लोगों से चाह रहती है। प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा "...मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते" (यूहन्ना १५:५)।

   नॉर्वे के एक धर्मशास्त्री ओले हैलस्बी ने कहा कि "परमेश्वर को ग्रहणयोग्य प्रार्थना का सिद्धांत है निस्सहायता"। जो अपने आप और संसार से जितना निस्सहाय होगा वह उतने ही अधिक सच्चे मन से प्रार्थना करेगा, उसकी प्रार्थना में परमेश्वर से पाने की उतनी ही अधिक लालसा होगी और ऐसी प्रार्थना ही वह प्रार्थना है जिसका उत्तर देने में परमेश्वर प्रसन्न होगा। परन्तु जो अपनी सामर्थ और योग्यता के दंभ में परमेश्वर के पास आएगा, उसकी प्रार्थना में समर्पण की भी कमी होगी और परमेश्वर से पाने की लालसा भी नहीं होगी, इसलिए उसकी प्रार्थना प्रभावी भी नहीं होगी। जैसे हम संसार में एक दुसरे पर निर्भर हैं वैसे ही यह संसार परमेश्वर पर निर्भर है।

   जब बच्चे बड़े होकर माता-पिता पर निर्भर होना कम कर देते हैं तो इसे बड़े होने की निशानी और एक स्वाभाविक बात मान कर माता-पिता स्वीकार तो करते हैं, परन्तु साथ ही उनके दिल में एक कसक भी उठती है। परन्तु परमेश्वर पिता के साथ यह लागू नहीं है। हम कभी उसपर निर्भर होने में कम नहीं हो सकते। यदि हम यह सोचते और मानने लगते हैं कि किसी समय या किसी बात में अब हमें परमेश्वर पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, तो यह हमारा भ्रम है जो हमें ही नुकसान पहुँचाएगा।

   परमेश्वर पर हर बात और हर विषय में निर्भरता ही जीवन में सफलता की कुंजी है और प्रार्थना उस निर्भरता की घोषणा है। - फिलिप यैन्सी


ऐसे भाव के साथ प्रार्थना करें कि मानो आपका जीवन ही उस प्रार्थना पर निर्भर है। सच मानिए यही सत्य है।

मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। - यूहन्ना १५:५

बाइबल पाठ: यूहन्ना १५:१-८
Joh 15:1 सच्‍ची दाखलता मैं हूं, और मेरा पिता किसान है। 
Joh 15:2  जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। 
Joh 15:3  तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। 
Joh 15:4  तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। 
Joh 15:5 मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। 
Joh 15:6 यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्‍हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। 
Joh 15:7  यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। 
Joh 15:8  मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ९-११ 
  • १ तिमुथियुस ६

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2012

ढोंगी


   मैं अपने बाग़ीचे की सफाई कर रही थी। यद्यपि मैं सावधानी बरत रही थी, तो भी एक विषाक्त बेल के सम्पर्क में आ गई और मेरी खाल पर लाल दाने हो गए जिनमें होने वाले दर्द और खुजली ने मुझे परेशान रखा। यह बेल अन्य बहुत से साधारण से दिखने वाले पौधों के समान ही दिखती है, और कई सुन्दर पौधों के आस-पास उगती है। मेरी एक सहेली समझ नहीं पा रही थी कि जब भी वह अपने गुलाब के पेड़ों की देख-भाल करती है तो उसे यह दाने और खुजली क्यों हो जाते हैं। उसने जब ध्यान से देखा तो पता चला कि उसके प्रीय गुलाब के पौधों में छिपी हुई यह विषाक्त बेल भी थी और उसके द्वारा गुलाबों की प्रेम भरी देख-भाल का भरपूर लाभ ले कर उसे ही परेशान कर रही थी!

   कुछ लोग भी इस विशाक्त बेल के समान होते हैं। वे दिखने में बिलकुल भी हानिकारक प्रतीत नहीं होते, भले लोगों के साथ मिले रहते हैं जैसे वह बेल गुलाब के पौधों में मिली हुई थी, किंतु समय आने पर उन के दुषप्रभाव बहुत परेशानियां उत्पन्न करते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के कार्यों में एक व्यक्ति शमौन टोना करने वाले का वृतांत है जो इस प्रवृत्ति का अच्छा उदाहरण है। शमौन ने समाज के अन्य लोगों के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायी फिलिप्पुस से परमेश्वर के वचन को सुना, उसका अनुसरण किया और बपतिस्मा भी ले लिया। किंतु शीघ्र ही उसका असली चरित्र सामने आ गया जब उसने प्रभु के प्रति समर्पण और प्रभु की सामर्थ को धन कमाने और लोगों पर प्रभाव रखने का साधन बनाना चाहा। पतरस प्रेरित ने उसकी यह भावना देखकर उसे चिताया कि वह पश्चाताप करे नहीं तो विनाश में जाएगा (प्रेरितों ८:२२)।

   कभी कभी लोग एक भली संगति और मण्डली का प्रयोग अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए करते हैं। वे भले होने का ढोंग करके चर्च के भले लोगों के साथ मिल जाते हैं, उनमें होकर चलते फिरते हैं, किंतु उनका व्यवहार चर्च और समाज दोनो में परेशानी उत्पन्न करता है और मसीही विश्वास की बदनामी का कारण ठहरता है। ये ढोंगी जन दिखते तो अच्छे हैं, परन्तु उनके प्रभाव बहुत हानिकारक होते हैं। जैसे पतरस ने शमौन टोना करने वाले को चिताया, आज भी परमेश्वर ऐसे ढोंगियों को मन फिराने के लिए चिताता है, क्योंकि वह प्रेम करने वाला परमेश्वर है और नहीं चाहता कि कोई भी नाश हो "परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न नहीं होता, परन्तु इस से कि दुष्ट अपने मार्ग से फिर कर जीवित रहे" (यहेजकेल ३३:११); वरन यह चाहता है कि सब पश्चाताप करें और बच जाएं, उद्धार पाएं "वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें" (१ तिमुथियुस २:४)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


एक झूठा जीवन सच्चे विश्वास को व्यर्थ कर देता है।

इसलिये अपनी इस बुराई से मन फिराकर प्रभु से प्रार्थना कर, सम्भव है तेरे मन का विचार क्षमा किया जाए। - प्रेरितों ८:२१

बाइबल पाठ: प्रेरितों ८:९-२३
Act 8:9  इस से पहिले उस नगर में शमौन नाम एक मनुष्य था, जो टोना करके सामरिया के लोगों को चकित करता और अपने आप को कोई बड़ा पुरूष बनाता था; 
Act 8:10  और सब छोटे से बड़े तक उसे मान कर कहते थे, कि यह मनुष्य परमेशवर की वह शक्ति है, जो महान कहलाती है। 
Act 8:11  उस ने बहुत दिनों से उन्‍हें अपने टोने के कामों से चकित कर रखा था, इसी लिये वे उस को बहुत मानते थे। 
Act 8:12  परन्‍तु जब उन्‍होंने फिलप्‍पुस की प्रतीति की जो परमेश्वर के राज्य और यीशु के नाम का सुसमाचार सुनाता था तो लोग, क्‍या पुरूष, क्‍या स्त्री बपतिस्मा लेने लगे। 
Act 8:13  तब शमौन ने आप भी प्रतीति की और बपतिस्मा लेकर फिलप्‍पुस के साथ रहने लगा और चिन्‍ह और बड़े बड़े सामर्थ के काम होते देखकर चकित होता था। 
Act 8:14   जब प्ररितों ने जो यरूशलेम में थे सुना कि सामरियों ने परमेश्वर का वचन मान लिया है तो पतरस और यूहन्ना को उन के पास भेजा। 
Act 8:15  और उन्‍होंने जाकर उन के लिये प्रार्थना की कि पवित्र आत्मा पाएं। 
Act 8:16  क्‍योंकि वह अब तक उन में से किसी पर न उतरा था, उन्‍होंने तो केवल प्रभु यीशु में नाम में बपतिस्मा लिया था। 
Act 8:17  तब उन्‍होंने उन पर हाथ रखे और उन्‍होंने पवित्र आत्मा पाया। 
Act 8:18   जब शमौन ने देखा कि प्ररितों के हाथ रखने से पवित्र आत्मा दिया जाता है, तो उन के पास रूपये लाकर कहा। 
Act 8:19   कि यह अधिकार मुझे भी दो, कि जिस किसी पर हाथ रखूं, वह पवित्र आत्मा पाए। 
Act 8:20  पतरस ने उस से कहा, तेरे रूपये तेरे साथ नाश हों, क्‍योंकि तू ने परमेश्वर का दान रूपयों से मोल लेने का विचार किया। 
Act 8:21  इस बात में न तेरा हिस्‍सा है, न बांटा; क्‍योंकि तेरा मन परमेश्वर के आगे सीधा नहीं। 
Act 8:22   इसलिये अपनी इस बुराई से मन फिरा कर प्रभु से प्रार्थना कर, सम्भव है तेरे मन का विचार क्षमा किया जाए। 
Act 8:23  क्‍योंकि मैं देखता हूं, कि तू पित्त की सी कड़वाहट और अधर्म के बन्‍धन में पड़ा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ६-८ 
  • १ तिमुथियुस ५

बुधवार, 24 अक्टूबर 2012

सुगन्ध


   मुझे अभी भी स्मरण है कि हम कैसे आनन्द के साथ छुट्टी मनाने के लिए एक परिवार के रूप में निकलते थे, किंतु कार की पिछली सीट पर बैठे बच्चों के आपसी झगड़ों के कारण छुट्टी के आनन्द का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता था। ऐसा कौन सा परिवार है जो छोटी छोटी और बिना महत्व की बातों पर बच्चों के आपसी झगड़ों, एक दूसरे की शिकायतों, बच्चों की एक दूसरे से तुलना और एक दूसरे के प्रति माता-पिता के प्रेम के आंकलन से दुखी नहीं हुआ होगा?

   यदि आप ऐसे अनुभव से होकर निकले हैं तो आप भली भांति समझ सकेंगे कि हमारे पिता परमेश्वर को कैसा प्रतीत होता है जब उनकी सन्तान उनके प्रेम को संसार में फैलाने की बजाए आपस में लड़ती-झगड़ती है, एक दूसरे से दुर्व्यहार और एक दूसरे की शिकायतें करने में लगी रहती है। हमारा आपस में मेल-मिलाप से रहना परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण है। प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने से पहले अपने वर्तमान और भविष्य के चेलों की आपसी एकमनता के लिए प्रार्थना करी: "मैं केवल इन्‍हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्‍तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ने ही मुझे भेजा है" (यूहन्ना १७:२०-२१)। प्रभु यीशु ने आपस में बड़ा-छोटा होने का विवाद करने वाले अपने चेलों को निर्देष भी दिया कि वे परस्पर डाह और विरोध नहीं वरन प्रेम और सेवा-भाव रखें (यूहन्ना १३:३४-३५; मत्ती २०:२०-२८)। जिन सात बातों से परमेश्वर को जी से घृणा है, उनमें से एक है "... भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करने वाला मनुष्य" (नीतिवचन ६:१९)।

   यह अचरज की बात नहीं कि भजनकार ने परमेश्वर की प्रेर्णा से लिखे गए भजन में लिखा है कि जब भाई लोग आपस में मेल-मिलाप से रहते हैं तो "देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी पर बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुंच गया" (भजन १३३:१-२)। प्राचीन समयों में अभिषेक के तेल में कई सुगन्धित द्रव्यों को मिश्रित किया जाता था, और इस तेल से अभिषिक्त जन जब कहीं जाता था तो इस विशेष सुगन्ध के द्वारा ही वह पहचान लिया जाता था; उसके पास से आने वाली सुगन्ध जहां भी वह होता था उस स्थान और वहां के वातावरण को सुगन्धित और मनोहर कर देती थी।

   हम मसीही विश्वासियों का यही प्रयास रहे कि हमारे आपसी प्रेम और सेवा-भाव की सुगन्ध ना केवल हमारे परिवार और चर्च को महकाए वरन हमारे समाज और कार्य-स्थल को भी मसीह के प्रेम की सुगन्ध से भर दे। - जो स्टोवैल


जो मसीही विश्वासी प्रेम और मेल-मिलाप में रहते हैं उन से मसीह यीशु की सुगन्ध फैलती रहती है।

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! - भजन १३३:१

बाइबल पाठ: भजन १३३:१-३; २ कुरिन्थियों २:१४-१६
Psa 133:1  देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! 
Psa 133:2  यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी पर बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुंच गया। 
Psa 133:3  वह हेर्मोन् की उस ओस के समान है, जो सिरयोन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।
2Co 2:14  परन्‍तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2Co 2:15  क्‍योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2Co 2:16  कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनों के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३-५ 
  • १ तिमुथियुस ४

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2012

प्रथम आंकलन


   कुछ समय पहले Our Daily Bread में मेरे द्वारा लिखित एक लेख छपा था। इस लेख में मैंने एक नवयुवती द्वारा पहनी हुई टी-शर्ट पर लिखे वाक्य "Love is for Losers" को आधार बना कर अपने विचार रखे थे, और कहा था कि टी-शर्ट पर लिखा हुआ यह कितना निराशाजनक सन्देश है, क्योंकि मेरे लिए Love अर्थात प्रेम एक अति उत्तम और सकारात्मक भावना है जो जीवन में हारने वाला (Loser) नहीं वरन विजयी बनाती है।

   इस लेख के प्रकाशन के कुछ समय पश्चात मुझे एक महिला पाठक का पत्र मिला जिसमें उस वाक्य पर एक बिलकुल भिन्न टिप्पणी करी गई थी। उस महिला ने मुझे बताया कि उसकी पुत्री और पुत्री की सहेलियां, जो सब टेनिस की खिलाड़ी हैं, वे सब यही वाक्य लिखी टी-शर्ट पहनती हैं। टेनिस के खेल में "Love" का अर्थ होता है शून्य अंक; और यदि खिलाड़ी "Love" अर्थात शून्य अंक पर ही अटका रह जाता है तो वह अवश्य ही खेल हार जाएगा। इसलिए टेनिस के संदर्भ में यह कहना कि "Love is for Losers" एक सच्चाई को बयान करना है। इस महिला द्वारा समझाए जाने से मुझे उस वाक्य की एक नई समझ मिली और मैंने उस वाक्य के अपने प्रथम आंकलन में जो गलती करी थी उसका एहसास किया।

   इस घटना ने मुझे स्मरण कराया कि हमारे लिए प्रथम आंकलन में गलत निर्णय कर लेना कितना सरल होता है। गलत या अधूरी जानकारी के कारण हम दूसरों के बारे में गलत निष्कर्ष निकाल सकते हैं, उनके बारे में गलत धारणाएं बना सकते हैं और उनका बहुत नुकसान करवा सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने ऐसे कुछ लोगों को, जो उनके बारे में गलत धारणा बनाए हुए थे, चिताते हुए कहा: "मुंह देखकर न्याय न चुकाओ, परन्‍तु ठीक ठीक न्याय चुकाओ" (युहन्ना ७:२४)। यही चेतावनी आज हमारे लिए भी लागू है। हमें अपने दैनिक व्यवहार में सावधान रहना है कि हमारे निष्कर्ष सही जानकारी, अर्थात सत्य पर आधारित हों और हम सब के प्रति सही रवैया, अर्थात मसीह यीशु की सी सहनशीलता दिखाने वाले हों। हमारा ध्यान इस बात पर रहे कि खरे और सच्चे निर्णय ही जीवन में विजयी बनाते हैं। - बिल क्राउडर


जल्दबाज़ी में लिए गई निर्णय के गलत होने की संभावना अधिक होती है।

मुंह देखकर न्याय न चुकाओ, परन्‍तु ठीक ठीक न्याय चुकाओ। - युहन्ना ७:२४

बाइबल पाठ: युहन्ना ७:१४-२४
Joh 7:14  और जब पर्ब्‍ब के आधे दिन बीत गए, तो यीशु मन्‍दिर में जाकर उपदेश करने लगा। 
Joh 7:15   तब यहूदियों ने अचम्भा करके कहा, कि इसे बिन पढ़े विद्या कैसे आ गई? 
Joh 7:16  यीशु ने उन्‍हें उत्तर दिया, कि मेरा उपदेश मेरा नहीं, परन्‍तु मेरे भेजने वाले का है। 
Joh 7:17  यदि कोई उस की इच्‍छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं। 
Joh 7:18  जो अपनी ओर से कुछ कहता है, वह अपनी ही बड़ाई चाहता है; परन्‍तु जो अपने भेजने वाले की बड़ाई चाहता है वही सच्‍चा है, और उस में अधर्म नहीं। 
Joh 7:19  क्‍या मूसा ने तुम्हें व्यवस्था नहीं दी तौभी तुम में से कोई व्यवस्था पर नहीं चलता। तुम क्‍यों मुझे मार डालना चाहते हो? 
Joh 7:20  लोगों ने उत्तर दिया, कि तुझ में दुष्‍टात्मा है; कौन तुझे मार डालना चाहता है?
Joh 7:21   यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं ने एक काम किया, और तुम सब अचम्भा करते हो। 
Joh 7:22  इसी कारण मूसा ने तुम्हें खतने की आज्ञा दी है (यह नहीं कि वह मूसा की ओर से है परन्‍तु बाप-दादों से चली आई है), और तुम सब्‍त के दिन को मनुष्य का खतना करते हो। 
Joh 7:23  जब सब्‍त के दिन मनुष्य का खतना किया जाता है ताकि मूसा की व्यवस्था की आज्ञा टल न जाए, तो तुम मुझ पर क्‍यों इसलिये क्रोध करते हो, कि मैं ने सब्‍त के दिन एक मनुष्य को पूरी रीति से चंगा किया। 
Joh 7:24  मुंह देखकर न्याय न चुकाओ, परन्‍तु ठीक ठीक न्याय चुकाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १-२ 
  • १ तिमुथियुस ३

सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

दीन और ऊँचा


   उत्तरी अमेरिका के प्रशांत महासागर के तट के पास उगने वाले रेडवुड वृक्ष संसार के सबसे बड़े वृक्षों में से हैं। इनमें जो सबसे ऊँचा नापा गया पेड़ है, उसकी उँचाई धरती से ३७९ फुट ऊपर है। कैलिफोर्निया राज्य के मुयिर राष्ट्रीय उद्यान में इन विशाल वृक्षों के बीच खड़ा होकर मुझे बहुत विसमय हुआ; मेरे लिए यह एक अभिभूत कर देने वाला अनुभव था। ३० मंज़िली इमारत के समान ऊँचाई वाले ये वृक्ष मानो मुझे धरती से जोड़ रहे थे और मेरे विचारों को ऊँचाईयों की ओर ले जा रहे थे।

   इन विशाल वृक्षों की जड़ के पास खड़े होकर जो मैंने अनुभव किया था, उसका स्मरण मुझे उनके आरंभ के बारे में सोचने को बार बार बाध्य करता है। मानव जाति के इतिहास के समान इन विशाल वृक्षों का आरंभ भी उसी सृष्टिकर्ता के साथ जुड़ा है जो अपनी सृष्टि से असीम और अनन्त रूप में महान तथा विशाल है।

   इस सृष्टिकर्ता परमेश्वर की एक झलक यशायाह भविष्यद्वक्ता ने एक दर्शन में देखी। इस दर्शन में यशायाह ने मसीह के राज्य और नई धरती तथा नए स्वर्ग को देखा जहां आकाश परमेश्वर का सिंहासन और पृथ्वी उसके पांव तले की चौकी है (यशायाह ६६:१)। यशायाह ने दर्शन में इससे भी अधिक अचरज की बात देखी - एक ऐसा परमेश्वर जो चाहता है कि उसकी प्रजा उसकी सृष्टि में सदा हर्षित और मगन रहे (यशायाह ६५:१८) और वह उन लोगों की ओर ध्यान लगाए रखता है जो खेदित मन रखते हैं और उसके वचन का भय मानते हैं (यशायाह ६६:२)।

   यही परमेश्वर संसार को पापों से मुक्ति देने के लिए संसार में प्रभु यीशु के रूप में एक साधारण मनुष्य के समान आया; ऐसा मनुष्य "जिस ने परमेश्वर के स्‍वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्‍तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्‍ठ है। कि जो स्‍वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे हैं वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है" (फिलिप्पियों २:५-११)। आज जो अपने आप को उसके सामने दीन कर देता है, उसे वह सदा काल के लिए स्वर्ग की ऊँचाईयों तक उठा देता है। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर की सृष्टि उसे समर्पण और उसकी आराधना के लिए प्ररित करती है।

...क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे। - यशायाह ६५:२२

बाइबल पाठ: यशायाह ६५:१७-६६:२
Isa 65:17  क्योंकि देखो, मैं नया आकाश और नई पृथ्वी उत्पन्न करने पर हूं, और पहिली बातें स्मरण न रहेंगी और सोच विचार में भी न आएंगी। 
Isa 65:18  इसलिये जो मैं उत्पन्न करने पर हूं, उसके कारण तुम हषिर्त हो और सदा सर्वदा मगन रहो; क्योंकि देखो, मैं यरूशलेम को मगन और उसकी प्रजा को आनन्दित बनाऊंगा। 
Isa 65:19  मैं आप यरूशलेम के कारण मगन, और अपनी प्रजा के हेतु हषिर्त हूंगा; उस में फिर रोने वा चिल्लाने का शब्द न सुनाई पड़ेगा। 
Isa 65:20  उस में फिर न तो थोड़े दिन का बच्चा, और न ऐसा बूढ़ा जाता रहेगा जिस ने अपनी आयु पूरी न की हो; क्योंकि जो लड़कपन में मरने वाला है वह सौ वर्ष का होकर मरेगा, परन्तु पापी सौ वर्ष का होकर श्रापित ठहरेगा। 
Isa 65:21  वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। 
Isa 65:22  ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे। 
Isa 65:23  उनका परिश्रम व्यर्थ न होगा, न उनके बालक घबराहट के लिये उत्पन्न होंगे; क्योंकि वे यहोवा के धन्य लोगों का वंश ठहरेंगे, और उनके बालबच्चे उन से अलग न होंगे। 
Isa 65:24  उनके पुकारने से पहिले ही मैं उनको उत्तर दूंगा, और उनके मांगते ही मैं उनकी सुन लूंगा। 
Isa 65:25  भेडिय़ा और मेम्ना एक संग चरा करेंगे, और सिंह बैल की नाईं भूसा खाएगा; और सर्प का आहार मिट्टी ही रहेगा। मेरे सारे पवित्र पर्वत पर न तो कोई किसी को दु:ख देगा और न कोई किसी की हानि करेगा, यहोवा का यही वचन है।
Isa 66:1  यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा? 
Isa 66:2  यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ६५-६६ 
  • १ तिमुथियुस २