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रविवार, 4 नवंबर 2012

सुनने को तैयार


   जौन एक नम्र, अशिक्षित व्यक्ति है जिसे परमेश्वर ने मोज़ामबीक में शांति लाने की प्रक्रिया का आरंभ करने के लिए प्रयोग किया। आपको उसका नाम इस शांति प्रक्रिया से संबंधित किसी आधिकारिक दस्तावेज़ में नहीं मिलेगा; जौन ने केवल इतना किया था कि अपने दो परिचितों के बीच आपसी भेंट और वार्ता का प्रबन्ध किया - एक परिचित थे कीन्या देश के राजदूत बेथेल किप्लागत और दूसरे थे मोज़ाम्बीकि देश के एक नागरिक। इस भेंट और वार्ता से जो बात आरंभ हुई वह मोज़ामबीक में १० वर्षों से चल रहे गृह-युद्ध को समाप्त करने वाली शांति वार्ता आरंभ करने का माध्यम बनी।

   अपने इस अनुभव के आधार पर राजदूत किप्लागत ने हर व्यक्ति को सम्मान देने के महत्व को समझा। उन्होंने कहा, "किसी की आप इसलिए उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि वह अशिक्षित है, या वह श्वेत अथवा श्याम रंग का है, या स्त्री है, या बुज़ुर्ग है अथवा उम्र में छोटा है। हर मुलाकात महत्वपूर्ण और पावन है और हमें उसकी कद्र करनी है। हम नहीं जानते कि उस मुलाकात में हमारे लिए क्या सन्देश रखा हो।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी इस तथ्य के सत्य को प्रमाणित करती है। अराम के राजा का सेनापति नामान एक बड़ा प्रभावशाली और सामर्थी व्यक्ति था, किंतु वह कोढ़ी था। उसके द्वारा इस्त्राएल से बन्धुआ बनाकर लाई गई एक छोटी लड़की ने, जो उसके यहां दासी थी, नामान की पत्नि को बताया कि इस्त्राएल में एलीशा भविष्यद्वक्ता उसके पति को चंगा कर सकता है। क्योंकि नामान इस दासी और उम्र में छोटी लड़की की बात सुनने को तैयार हुआ, ना केवल उसका रोग जाता रहा और उसका जीवन बच सका, वरन वह एकमात्र सच्चे और जीवते परमेश्वर को भी जान सका (२ राजा ५:१५)।

   परमेश्वर कई दफा हम से ऐसे लोगों में होकर बात करता है जिनकी सुनने को संसार में कम ही लोग तैयार होते हैं। परमेश्वर की बात सुनना चाहते हैं तो दीन और नम्र लोगों की बात सुनने को तैयार रहें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अपनी असाधारण योजनाओं को पूरा करने के लिए परमेश्वर साधारण लोगों को प्रयोग करता है।

तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा होकर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर। - २ राजा ५:१५

बाइबल पाठ: २ राजा ५:१-१६
2Ki 5:1  अराम के राजा का नामान नाम सेनापति अपने स्वामी की दृष्टि में बड़ा और प्रतिष्ठित पुरुष था, क्योंकि यहोवा ने उसके द्वारा अरामियों को विजयी किया था, और यह शूरवीर था, परन्तु कोढ़ी था। 
2Ki 5:2  अरामी लोग दल बान्धकर इस्राएल के देश में जाकर वहां से एक छोटी लड़की बन्धुवाई में ले आए थे और वह नामान की पत्नी की सेवा करती थी। 
2Ki 5:3  उस ने अपनी स्वामिन से कहा, जो मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता ! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता। 
2Ki 5:4  तो किसी ने उसके प्रभु के पास जाकर कह दिया, कि इस्राएली लड़की इस प्रकार कहती है। 
2Ki 5:5  अराम के राजा ने कहा, तू जा, मैं इस्राएल के राजा के पास एक पत्र भेजूंगा; तब वह दस किक्कार चान्दी और छ: हजार टुकड़े सोना, और दस जोड़े कपड़े साथ लेकर रवाना हो गया। 
2Ki 5:6  और वह इस्राएल के राजा के पास वह पत्र ले गया जिस में यह लिखा था, कि जब यह पत्र तुझे मिले, तब जानना कि मैं ने नामान नाम अपने एक कर्मचारी को तेरे पास इसलिये भेजा है, कि तू उसका कोढ़ दूर कर दे। 
2Ki 5:7  इस पत्र के पढ़ने पर इस्राएल का राजा अपने वस्त्र फाड़ कर बोला, क्या मैं मारने वाला और जिलाने वाला परमेश्वर हूँ कि उस पुरुष ने मेरे पास किसी को इसलिये भेजा है कि मैं उसका कोढ दूर करूं? सोच विचार तो करो, वह मुझ से झगड़े का कारण ढूंढ़ता होगा। 
2Ki 5:8  यह सुनकर कि इस्राएल के राजा ने अपने वस्त्र फाड़े हैं, परमेश्वर के भक्त एलीशा ने राजा के पास कहला भेजा, तू ने क्यों अपने वस्त्र फाड़े हैं? वह मेरे पास आए, तब जान लेगा, कि इस्राएल में भविष्यद्वक्ता तो है। 
2Ki 5:9  तब नामान घोड़ों और रथों समेत एलीशा के द्वार पर आकर खड़ा हुआ। 
2Ki 5:10  तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, कि तू जाकर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा। 
2Ki 5:11  परन्तु नामान क्रोधित हो यह कहता हुआ चला गया, कि मैं ने तो सोचा था, कि अवश्य वह मेरे पास बाहर आएगा, और खड़ा होकर अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करके कोढ़ के स्थान पर अपना हाथ फेरकर कोढ़ को दूर करेगा ! 
2Ki 5:12  क्या दमिश्क की अबाना और पर्पर नदियां इस्राएल के सब जलाशयों से अत्तम नहीं हैं? क्या मैं उन में स्नान करके शुद्ध नहीं हो सकता हूँ? इसलिये वह जलजलाहट से भरा हुआ लौटकर चला गया। 
2Ki 5:13  तब उसके सेवक पास आकर कहने लगे, हे हमारे पिता यदि भविष्यद्वक्ता तुझे कोई भारी काम करने की आज्ञा देता, तो क्या तू उसे न करता? फिर जब वह कहता है, कि स्नान करके शुद्ध हो जा, तो कितना अधिक इसे मानना चाहिये। 
2Ki 5:14  तब उस ने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जाकर उस में सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; उौर वह शुद्ध हो गया। 
2Ki 5:15  तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा होकर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर। 
2Ki 5:16  एलीशा ने कहा, यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थित रहता हूँ उसके जीवन की शपथ मैं कुछ भेंट न लूंगा, और जब उस ने उसको बहुत विवश किया कि भेंट को ग्रहण करे, तब भी वह इनकार ही करता रहा। 

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३२-३३ 
  • इब्रानियों १

शनिवार, 3 नवंबर 2012

हर पल के लिए तैयार


   अभिनेता क्रिस्टोफर रीव्स सन १९९५ में घुड़सवारी करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हुए जिससे उनके हाथों और पैरों का काम करना जाता रहा। इस दुर्घटना से पहले रीव्स ने एक फील्म में ऐसे ही एक मरीज़ की भूमिका निभाई थी। उस भूमिका की तैयारी के लिए वे एक संस्था में जाया करते थे जहां ऐसे रोगियों का इलाज और पुनर्स्थापना सिखाई जाती थी। रीव्स ने स्मरण किया कि हर बार जब वे उस संस्था से लौटते थे तो उनके मन में होता था "परमेश्वर का धन्यवाद हो कि यह मेरे साथ नहीं हुआ।" लेकिन इस दुर्घटना के बाद रीव्स को अपनी इस सोच पर दुख हुआ; इस संदर्भ में उन्होंने कहा, "मैं अपने आप को उन पक्षाघात से पीड़ित रोगियों से बिलकुल पृथक करके देखता था, बिना यह सोचे-समझे कि कभी भी क्षण भर में ही मैं भी इनके समान ही हो सकता हूँ।" और यह दुखद दुर्घटना उनके साथ घट गई।

   दुसरों को दुख-तकलीफों में देखकर हम भी सोच सकते हैं, और अकसर सोचते भी हैं कि ऐसा मेरे साथ नहीं हो सकता। हमारा ऐसा विचार विशेषतः तब होता है जब जीवन में हम सफलता, समृद्धि और पारिवारिक स्थिरता के समय से निकल रहे होते हैं। राजा दाऊद ने भी सफलता के एक समय में अपनी योग्यता के घमण्ड में अपने आप को हर नुकसान से सुरक्षित समझा: "मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का" (भजन ३०:६)। परन्तु तुरन्त ही उसने अपने मन को साधा और अपने घमण्ड से मुँह फेरा; उसने स्मरण किया कि बीते समयों में वह कठिनाईयों का सामना कर चुका है और परमेश्वर ही ने उसे उन सब से बचाया था: "तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवा कर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है" (भजन ३०:११)।

   चाहे हम आशीषों से होकर निकलें या परेशानियों द्वारा परखे जाएं, हर परिस्थिति में हमारा भरोसा अपनी किसी योग्यता या सामर्थ पर नहीं वरन केवल परमेश्वर और उसकी सामर्थ पर रहना चाहिए, क्योंकि कौन सा क्षण हमारे लिए क्या ले आएगा यह केवल परमेश्वर ही जानता है और जो उसपर भरोसा रखते हैं, उन्हें वह हर पल के लिए तैयार भी रखता है: "तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्‍चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा कि तुम सह सको" (१ कुरिन्थियों १०:१३)। - डेनिस फिशर


समय चाहे अच्छा हो या बुरा, हर समय में हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता परमेश्वर का साथ ही है।

मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। - भजन ३०:६

बाइबल पाठ: भजन ३०
Psa 30:1  हे यहोवा मैं तुझे सराहूंगा, क्योंकि तू ने मुझे खींचकर निकाला है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्द करने नहीं दिया। 
Psa 30:2  हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी और तू ने मुझे चंगा किया है। 
Psa 30:3  हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।
Psa 30:4  हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और जिस पवित्र नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो। 
Psa 30:5  क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सवेरे आनन्द पहुंचेगा।
Psa 30:6  मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। 
Psa 30:7  हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।
Psa 30:8  हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा, और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि 
Psa 30:9  जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लोहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है? 
Psa 30:10  हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर? हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।
Psa 30:11  तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवा कर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है; 
Psa 30:12  ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३०-३१ 
  • फिलेमौन

शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

सहायता


   किसी के प्रति दया दिखाने और उसकी सहायता करने के मार्ग में एक बड़ा रोड़ा होता है हमारा आंकलन करने लग जाना कि कौन इस दया और सहायता के योग्य है। प्रभु यीशु से एक व्यक्ति ने, अपने आप को धर्मी जताने के लिए प्रश्न किया "मेरा पड़ौसी कौन है?" (लूका १०:२९); अर्थात एक पड़ौसी के समान मेरी दया और सहायता पाने के योग्य कौन है? उत्तर में प्रभु यीशु ने उसे एक नीतिकथा सुनाई। 

   प्रभु यीशु ने कहा: "एक व्यक्ति यरुशलेम से यरीहो के दुर्गम मार्ग पर जा रहा था; उसे डाकुओं ने घेर कर मारा-पीटा और लूट कर मरने के लिए छोड़ दिया। कुछ समय बाद एक पुरोहित और फिर मन्दिर का एक सेवक वहां से निकले किंतु उस घायल व्यक्ति से मूँह मोड़कर चले गए। और कुछ समय के बाद एक सामरी व्यक्ति वहां से निकला, उसने उस घायल व्यक्ति पर तरस खाया, उसके घावों की मरहम्म-पट्टी करी और उसे अपनी सवारी पर बैठा कर एक सराय़ में ले गया जहां उसकी देखभाल हो सकती थी और सराय वाले को देखभाल के लिए पैसे भी दिए तथा लौटते में अन्य खर्चे को पूरा करने का आश्वासन भी।"

   प्रभु यीशु की बात सुनने वाले यह सुनकर चकित हुए होंगे क्योंकि यहूदी लोग सामरी लोगों को तुच्छ जान्ते थे और उनसे कोई व्यवहार नहीं रखते थे। वह सामरी व्यक्ति इस दया और सहायता करने के अवसर का उपयोग करने या ना करने का आंकलन कर सकता था क्योंकि घायल व्यक्ति एक यहूदी था, और सामरीयों को तुच्छ जानने तथा उन्हें अलग रखने की प्रथा यहूदीयों ने ही आरंभ करी थी। लेकिन उस सामरी व्यक्ति ने अपने फर्ज़ को इन छोटी बातों में पड़कर व्यर्थ नहीं किया; उसने केवल यह देखा कि जो घायल पड़ा है वह भी एक मनुष्य ही है और उसे सहायता की आवश्यकता है, और उसने ऐसा ही किया।

   क्या आज मैं और आप दया और सहायता यह जांचकर करते हैं कि दया और सहायता का पात्र इसके योग्य है कि नहीं? हम मसीही विश्वासियों को विशेषकर इस बात का ध्यान रखना है कि हम दया और सहायता करने में अपने प्रभु और उद्धारकर्ता के समान हों; और जिन्हें संसार तुच्छ और व्यर्थ जानता है उनके प्रति तो विशेषकर दया और सहायता के अवसर ढूँढते रहें। - मार्विन विलियम्स


प्रभु यीशु के प्रति हमारा प्रेम उतना ही वास्तविक है जितना कि हमारे पड़ौसी के प्रति।

परन्‍तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया। - लूका १०:३३

बाइबल पाठ: लूका १०:२५-३७
Luk 10:25  और देखो, एक व्यवस्थापक उठा, और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा कि हे गुरू, अनन्‍त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्‍या करूं? 
Luk 10:26  उस ने उस से कहा, कि व्यवस्था में क्‍या लिखा है? तू कैसे पढ़ता है? 
Luk 10:27  उस ने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Luk 10:28  उस ने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा। 
Luk 10:29 परन्‍तु उस ने अपनी तईं धर्मी ठहराने की इच्‍छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है? 
Luk 10:30  यीशु ने उत्तर दिया, कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिए, और मार-पीट कर उसे अधमूआ छोड़ कर चले गए। 
Luk 10:31 और ऐसा हुआ कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्‍तु उसे देख के कतराकर चला गया। 
Luk 10:32  इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतराकर चला गया। 
Luk 10:33 परन्‍तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया। 
Luk 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की। 
Luk 10:35  दूसरे दिन उस ने दो दिनार निकाल कर भटियारे को दिए, और कहा इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा। 
Luk 10:36  अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? 
Luk 10:37  उस ने कहा, वही जिस ने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २७-२९ 
  • तीतुस ३

गुरुवार, 1 नवंबर 2012

भण्डार


   मैं और मेरे पति एक घर में लगाई गई सामान की बिक्री में गए और घर में घूमकर बिक्री के लिए रखा हुआ देखने लगे - वहां घर का सब कुछ बेचे जाने के लिए रखा हुआ था - कालीन, दीपदान, कपड़े धोने और सुखाने की मशीन, अलमारियां, यहां तक की अलमारियों में रखी हुई खाने की वस्तुएं भी। बेचने के लिए खाने के कमरे की मेज़ पर खाना परोसने और खाने के प्रयोग में आने वाले बरतन तथा तश्तरियां भरे हुए थे, सामने के कमरे में ढेरों सजावट की चीज़ें रखी हुई थीं, गैराज में औज़ार, खिलौने, और अन्य सामान पड़ा था। देखकर आश्चर्य हुआ कि कितना सामान उस घर के लोगों ने जमा कर रखा था। वापस लौटते हुए हम सोचने लगे कि क्यों उन्होंने यह सामान की बिक्री लगाई होगी? क्या वे किसी अन्य स्थान पर जा रहे थे, या उन्हें पैसे की बहुत आवश्यकता हुई, अथवा घर के लोगों का देहान्त हो गया और वारिस अब इस घर  को खाली करना चाहता होगा। कारण जो भी रहा हो, जाने वाले अब यह सारा अर्जित सामान लेकर नहीं जा रहे थे, सब यहीं छूट गया था।

   मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक की पुस्तक में लिखे वचन स्मरण हो आए "यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?" (सभोपदेशक ५:१६)। हम खाली हाथ संसार में जन्म लेते हैं और खाली हाथ ही चले जाते हैं। जो भी सामान हम जोड़ते खरीदते और संचय करते हैं वह कुछ समय के लिए ही हमारे पास रहता है - और उतने समय में भी वह मिटता ही रहता है; कीड़े हमारे कपड़े खाने लगते हैं या फिर वे पुराने होकर फटने लगते हैं; सामान टूटता-फूटता रहता है और उसकी चमक तथा सुन्दरता ढलती जाती है; सोने-चांदी की चमक खराब होती रहती है (याकूब ५:२-३)। कभी धन जाता रहता है (सभोपदेशक ५:१४), और जो हमने अपने बच्चों के लिए जमा किया था वह उन्हें नहीं मिलता।

   इस संसार में सामान, धन और संपत्ति जमा करना मूर्खता है, क्योंकि मृत्योप्रांत हम कुछ भी अपने साथ लेकर नहीं जा सकते। जो आवश्यक है वह यह कि जो हमारे पास है और हमें परमेश्वर की ओर से मिलता है उसके प्रति सही रवैया रखें, परमेश्वर के भय और आज्ञाकारिता में जीवन बिताते हुए अपनी धन-संपत्ति का परमेश्वर के निर्देषों के अनुसार उसका सही उपयोग करें। ऐसा करके हम अपना धन-संपत्ति वहां जमा करेंगे जहां उसे होना चाहिए और जहां वह कभी नष्ट नहीं होगी - स्वर्ग में; और साथ ही, जैसे प्रभु यीशु ने कहा था, जहां हमारा धन होगा, वहीं हमारा मन भी लगा रहेगा ( मत्ती ६:२१)। - जेनिफर बैनसन शुल्ट


पार्थिव संपदा पर हाथ ढीले करने से ही हम स्वर्गीय संपदा को थामने वाले बन सकते हैं।

यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है? - सभोपदेशक ५:१६

बाइबल पाठ: सभोपदेशक ५:८-१७
Ecc 5:8  यदि तू किसी प्रान्त में निर्धनों पर अन्धेर और न्याय और धर्म को बिगड़ता देखे, तो इस से चकित न होना; क्योंकि एक अधिकारी से बड़ा दूसरा रहता है जिसे इन बातों की सुधि रहती है, और उन से भी ओर अधिक बड़े रहते हैं। 
Ecc 5:9  भूमि की उपज सब के लिये है, वरन खेती से राजा का भी काम निकलता है। 
Ecc 5:10  जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है। 
Ecc 5:11  जब संपत्ति बढ़ती है, तो उसके खाने वाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस संपत्ति को अपनी आंखों से देखे? 
Ecc 5:12  परिश्रम करने वाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तौभी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन के बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती। 
Ecc 5:13  मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो, 
Ecc 5:14  और वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है; और उसके घर में बेटा उत्पन्न होता है परन्तु उसके हाथ मे कुछ नहीं रहता। 
Ecc 5:15  जैसा वह मां के पेट से निकला वैसा ही लौट जाएगा; नंगा ही, जैसा आया था, और अपने परिश्रम के बदले कुछ भी न पाएगा जिसे वह अपने हाथ में ले जा सके। 
Ecc 5:16  यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है? 
Ecc 5:17  केवल इसके कि उस ने जीवन भर बेचैनी से भोजन किया, और बहुत ही दु:खित और रोगी रहा और क्रोध भी करता रहा;

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २४-२६ 
  • तीतुस २

बुधवार, 31 अक्टूबर 2012

शुद्ध और पवित्र


   कहते हैं कि २० सेकेंड तक साबुन-पानी से हाथ धोने से हाथों पर से सभी कीटाणु धुल जाते हैं। किंतु यह स्वच्छता सदा बनी नहीं रहती; थोड़ी देर में इधर-उधर छूने और कार्य करने से फिर से हाथ गन्दे हो जाते हैं, कीटाणु हाथों पर आ जाते हैं और फिर उन्हें हटाने और हाथों को पुनः स्वच्छ करने के लिए पहले के समान ही फिर से हाथ धोने पड़ते हैं।

   बाइबल के पुराने नियम के काल में, अपने पापों के प्रायश्चित के लिए लोगों को बार बार और प्रति वर्ष कुछ भेंट तथा बलिदान चढ़ाने होते थे। किंतु बलिदान का लहु उनके पापों को सदा के लिए दूर नहीं करता था (इब्रानियों १०:११)। केवल प्रभु यीशु के अमूल्य बलिदान और लहू में ही यह क्षमता है। अब इस नए नियम और अनुग्रह के काल में इन बलिदानों की कोई आवश्यक्ता नहीं रह गई है क्योंकि प्रभु यीशु के एक बलिदान और बहाए गए पवित्र लहू के द्वारा पापों की क्षमा का कार्य सबके लिए और सदा के लिए पूर्णतः संपन्न हो गया है। प्रभु यीशु का यह बलिदान और क्षमा का कार्य:

१. एक ही बार के लिए था -  वह पशुओं के बलिदान के समान नहीं है जिनका बार बार प्रति वर्ष बलिदान चढ़ाना पड़ता था (इब्रानियों १०:१-३, १०)।

२. वह हमें सभी पापों से पुरी तरह से शुद्ध और पवित्र करता है - जबकि पशुओं का बलिदान यह स्मरण मात्र कराता था कि एक निर्दोष पशु किसी दोशी मनुष्य के स्थान पर मारा जा रहा है, किंतु वह पशु उस मनुष्य के पापों को धो नहीं सकता था, उन्हें मिटा नहीं सकता था (इब्रानियों १०:३-६, ११)।

   किंतु अब "उस ने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्‍हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है" (इब्रानियों १०:१४)। केवल प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा के द्वारा ही हम पापों से संपूर्णतः शुद्ध और पवित्र हो सकते हैं। अब हमें पापों की क्षमा के लिए अपने किसी प्रकार के प्रयासों या बलिदानों की आवश्यक्ता नहीं है। अब केवल पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु से पापों की क्षमा मांगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने ही की आवश्यक्ता है। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रभु यीशु के लहु की सामर्थ प्रत्येक पाप के हर दाग़ को धो डालने में सक्षम है।

क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। - इब्रानियों १०:४

बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१-१८
Heb 10:1  क्‍योंकि व्यवस्था जिस में आने वाली अच्‍छी वस्‍तुओं का प्रतिबिम्ब है, पर उन का असली स्‍वरूप नहीं, इसलिये उन एक ही प्रकार के बलिदानों के द्वारा, जो प्रति वर्ष अचूक चढ़ाए जाते हैं, पास आने वालों को कदापि सिद्ध नहीं कर सकतीं। 
Heb 10:2  नहीं तो उन का चढ़ाना बन्‍द क्‍यों न हो जाता? इसलिये कि जब सेवा करने वाले एक ही बार शुद्ध हो जाते, तो फिर उन का विवेक उन्‍हें पापी न ठहराता। 
Heb 10:3  परन्‍तु उन के द्वारा प्रति वर्ष पापों का स्मरण हुआ करता है। 
Heb 10:4  क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। 
Heb 10:5   इसी कारण वह जगत में आने समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया। 
Heb 10:6   होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ। 
Heb 10:7  तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शस्‍त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्‍छा पूरी करूं। 
Heb 10:8   ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं। 
Heb 10:9  फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्‍छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे। 
Heb 10:10 उसी इच्‍छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं। 
Heb 10:11  और हर एक याजक तो खड़े होकर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते, बार बार चढ़ाता है। 
Heb 10:12  पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Heb 10:13  और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें। 
Heb 10:14  क्‍योंकि उस ने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्‍हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। 
Heb 10:15  और पवित्र आ्त्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्‍योंकि उस ने पहिले कहा था। 
Heb 10:16  कि प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्‍धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा। 
Heb 10:17   (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा। 
Heb 10:18  और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २२-२३ 
  • तीतुस १

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012

क्षति


   एक किशोर की आदत बन गई थी कि वह कुछ गलत काम या गड़बड़ी करता और जब पकड़ा जाता तो अपने माता-पिता से उसकी क्षमा मांग लेता। अपने इन कामों से उसने अपने माता-पिता को चाहे कितना भी आहत क्यों ना किया हो, फिर भी अगली बार गलती करने से वह रुकता नहीं था क्योंकि उसे पूरा विश्वास था कि उसके माता-पिता उसे क्षमा कर देंगे। जब एक और बार ऐसा हुआ तो उसके पिता ने इसके बारे में उसे कुछ सीख देने का निर्णय किया।

   पिता उसे घर के गैराज में ले गए और एक कील उठाई और हथौड़े से उसे दीवार में ठोंक दिया। फिर अपने उस किशोर पुत्र से कहा कि वह उस कील को निकाले। पुत्र ने बेपरवाही से अपने कंधे झटके, औज़ार लिए और दीवार से कील को खींच कर निकाल दिया। पिता ने कहा, बेटा, यह क्षमा के समान है। जब तुम कोई गलती करते हो तो यह उस कील के ठोंके जाने के समान है, जब हम क्षमा करते हैं तो यह उस ठोंकी गई कील के निकाले जाने के समान है; अब एक कार्य और करो, दीवार से कील का वह निशान हटा कर दीवार को पहले के समान निशान रहित कर दो। पुत्र आश्चर्यचकित रह गया और विस्मय से बोला, यह कैसे हो सकता है? निशान थोड़े ही मिटेगा! पिता ने फिर कहा इसी प्रकार क्षमा मांग लेने और दे देने से जीवन से गलती के निशान भी चले नहीं जाते। जितनी अधिक गलतीयां करोगे, क्षमा मिलने पर भी उन गलतीयों के प्रभावों के कारण तुम्हारा जीवन भी उतना ही भद्दा होता चला जाएगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद के जीवन की एक घटना इस कहानी को प्रमाणित करती है कि पाप के दुष्परिणाम जीवन को क्षति पहुंचाते हैं। दाऊद ने पाप किया, और जब परमेश्वर ने उस पाप का एहसास उसके सामने रखा तो दाऊद ने पश्चाताप भी किया और क्षमा भी मांगी। परमेश्वर ने उसे क्षमा तो किया लेकिन दाऊद के पाप के प्रभाव उसके अपने जीवन तथा परिवार में बहुत सी परेशानीयां छोड़ कर गए (२ शमूएल १२:१०)।

   पाप के द्वारा जीवन में होने वाली अवश्यंभावी क्षति के प्रति हम सचेत रहें और पाप को हलके में ना लें। जो पाप हो गए हैं उनके लिए पश्चाताप कर के और प्रभु यीशु से क्षमा मांग कर आगे को उसकी आज्ञाकारिता में रहें और अपने जीवनों में पाप को अवसर ना दें। - डेव ब्रैनन


हमारे पाप क्षमा होकर मिटाए जा सकते हैं, परन्तु उनके प्रभाव हमें भोगने होंगे।

इसलिये अब तलवार तेरे घर से कभी दूर न होगी, क्योंकि तू ने मुझे तुच्छ जानकर हित्ती ऊरिय्याह की पत्नी को अपनी पत्नी कर लिया है। - २ शमूएल १२:१०

बाइबल पाठ: २ शमूएल १२:१-१४
2Sa 12:1  तब यहोवा ने दाऊद के पास नातान को भेजा, और वह उसके पास जाकर कहने लगा, एक नगर में दो मनुष्य रहते थे, जिन में से एक धनी और एक निर्धन था। 
2Sa 12:2  धनी के पास तो बहुत सी भेड़-बकरियां और गाय बैल थे; 
2Sa 12:3  परन्तु निर्धन के पास भेड़ की एक छोटी बच्ची को छोड़ और कुछ भी न था, और उसको उस ने मोल लेकर जिलाया था। और वह उसके यहां उसके बाल-बच्चों के साथ ही बढ़ी थी; वह उसके टुकड़े में से खाती, और उसके कटोरे में से पीती, और उसकी गोद मे सोती थी, और वह उसकी बेटी के समान थी। 
2Sa 12:4  और धनी के पास एक बटोही आया, और उस ने उस बटोही के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाने को अपनी भेड़-बकरियों वा गाय बैलों में से कुछ न लिया, परन्तु उस निर्धन मनुष्य की भेड़ की बच्ची लेकर उस जन के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाया। 
2Sa 12:5  तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर बहुत भड़का; और उस ने नातान से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, जिस मनुष्य ने ऐसा काम किया वह प्राण दण्ड के योग्य है; 
2Sa 12:6  और उसको वह भेड़ की बच्ची का चौगुणा भर देना होगा, क्योंकि उस ने ऐसा काम किया, और कुछ दया नहीं की। 
2Sa 12:7  तब नातान ने दाऊद से कहा, तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरा अभिशेक करा के तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैं ते तुझे शाऊल के हाथ से बचाया; 
2Sa 12:8  फिर मैं ने तेरे स्वामी का भवन तुझे दिया, और तेरे स्वामी की पत्नियां तेरे भाग के लिये दीं; और मैं ने इस्राएल और यहूदा का घराना तुझे दिया था; और यदि यह थोड़ा था, तो मैं तुझे और भी बहुत कुछ देने वाला था। 
2Sa 12:9  तू ने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जान कर क्यों वह काम किया, जो उसकी दृष्टि में बुरा है? हित्ती ऊरिय्याह को तू ने तलवार से घात किया, और उसकी पत्नी को अपनी कर लिया है, और ऊरिय्याह को अम्मोनियों की तलवार से मरवा डाला है। 
2Sa 12:10  इसलिये अब तलवार तेरे घर से कभी दूर न होगी, क्योंकि तू ने मुझे तुच्छ जान कर हित्ती ऊरिय्याह की पत्नी को अपनी पत्नी कर लिया है। 
2Sa 12:11  यहोवा यों कहता है, कि सुन, मैं तेरे घर में से विपत्ति उठा कर तुझ पर डालूंगा, और तेरी पत्नियों को तेरे साम्हने लेकर दूसरे को दूंगा, और वह दिन दुपहरी में तेरी पत्नियों से कुकर्म करेगा। 
2Sa 12:12  तू ने तो वह काम छिपा कर किया, पर मैं यह काम सब इस्राएलियों के साम्हने दिन दुपहरी कराऊंगा। 
2Sa 12:13  तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है। तू न मरेगा। 
2Sa 12:14  तौभी तू ने जो इस काम के द्वारा यहोवा के शत्रुओं को तिरस्कार करने का बड़ा अवसर दिया है, इस कारण तेरा जो बेटा उत्पन्न हुआ है वह अवश्य ही मरेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २०-२१ 
  • २ तिमुथियुस ४

सोमवार, 29 अक्टूबर 2012

झूठ या सच


   स्टीव अकसर अपने सह-कर्मियों के साथ प्रभु यीशु और उद्धार के बारे में बातें करता है। किंतु जब भी वह सीधे परमेश्वर के वचन बाइबल से कोई बात कहता है तो कोई न कोई अवश्य यह कह उठता है कि "जरा ठहरो! किसी भी अन्य पुस्तक के समान यह भी तो मनुष्यों द्वारा ही लिखा गया है।" एक स्थानीय अखबार में छपे संपादक को लिखे पत्र में एक पाठक ने भी यही बात कही; उस पाठक ने लिखा: "मसीही विश्वासी बाइबल को परमेश्वर का वचन और अचूक बताते हैं, लेकिन मुझे कोई ऐसा कारण नहीं दीख पड़ता कि मैं स्वीकार कर लूँ कि बाइबल में मनुष्यों द्वारा लिखे शब्द किसी विज्ञान पत्रिका में लिखे मनुष्यों के शब्दों से अधिक विश्वासयोग्य हैं।"

   जब ऐसी आलोचना और परमेश्वर के वचन को मानव रचना एवं त्रुटिपूर्ण कहकर उसकी उपेक्षा का सामना करना पड़े तो हम मसीही विश्वासी प्रत्युत्तर में क्या कहें? संभव है कि हम में से बहुत से बाइबल के ज्ञाता नहीं हैं, इसलिए हम से कोई उत्तर बन ना पड़े। इसीलिए सबसे पहली आवश्यकता है कि हम परमेश्वर के वचन बाइबल का नियमित रूप से प्रार्थना के साथ अध्ययन करें और बाइबल के इतिहास तथा उससे संबंधित पुरातत्व खोजों के बारे में जानकारी अपने पास रख लें। जब हम ध्यान और नियम से बाइबल का अध्ययन करेंगे (२ तिमुथियुस २:१५) तो हम जानेंगे कि उसका परमेश्वर की प्रेर्णा से लिखा होना स्वयं बाइबल ही का दावा है (२ तिमुथियुस ३:१६) और विश्वासयोग्य है; ऐसा दावा जिसे आज तक कभी कोई गलत साबित नहीं कर पाया है।

   बाइबल से संबंधित थोड़े से तथ्यों पर विचार कीजिए - यह १६०० वर्षों के अन्तराल में लिखी ६६ भिन्न पुस्तकों का संकलन है। ये पुस्तकें ४० लेखकों द्वारा, जिनका सामाजिक और शैक्षिक स्तर बिलकुल भिन्न था, तीन भिन्न भाषाओं में, भिन्न परिस्थितियों में लिखी गईं। ये लेखक किसी दूसरे लेखक की कृति से अनभिज्ञ थे और ना ही उन्हें इस बात का आभास भी था कि कभी उनके द्वार लिखी बात एक पुस्तक के रूप में संकलित होगी। ना ही उनमें से कोई स्वभाव या पेशे लेखक था, वे सब परमेश्वर द्वारा प्रेरित होकर जो परमेश्वर उन्हें बताता गया लिखते गए, और जब उनका कार्य पूरा हो गया तो उनकी लेखनी भी शांत हो गई। बाइबल के प्रथम खंड ’पुराने नियम’ और दूसरे खंड ’नए नियम’ के बीच ४०० वर्षों की शांत अवधि है जब परमेश्वर द्वारा कोई वचन नहीं दिया गया। इतनी भिन्नता के बावजूद इस संकलन की प्रथम पुस्तक ’उत्पत्ति’ से लेकर अन्तिम पुस्तक ’प्रकाशितवाक्य’ तक एक ही वृतांत का वर्णन है, उसमें कोई परसपर विरोधाभास नहीं है और सभी पुस्तकें एक दुसरे की पूरक हैं। यह तभी संभव है जब उनका मानवीय लेखक चाहे जो भी हो, किंतु उन सब का मूल लेखक एक ही हो जो ना केवल बाइबल वरन सृष्टि के आरंभ से अन्त तक सब कुछ जानता हो - अर्थात परमेश्वर।

   यद्यपि हम बाइबल को परमेश्वर का वचन विश्वास द्वारा मानते हैं, तो भी यह कोई अन्ध-विश्वास नहीं है, क्योंकि परमेश्वर का वचन उसे परखने और जांचने का खुला निमंत्रण देता है। जिसने भी खुले और निषपक्ष मन से जांचा है, बाइबल को खरा और विश्वासयोग्य ही पाया है।

   परमेश्वर के वचन का नियमित अध्ययन कीजिए और उसकी आशीषें दूसरों के साथ भी बांटिए और आपका अपना जीवन आशीशों से भरपूर रहेगा। - ऐनी सेटास


बदलते और अस्थिर संसार में आप कभी ना बदलने वाले परमेश्वर के स्थिर और अटल वचन बाइबल पर पूरा भरोसा रख सकते हैं।

अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। - २ तिमुथियुस २:१५

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस ३:१२-१७
2Ti 3:12   पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे। 
2Ti 3:13  और दुष्‍ट, और बहकाने वाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे। 
2Ti 3:14  पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह कि तू ने उन्‍हें किन लोगों से सीखा था; 
2Ti 3:15  और बालकपन से पवित्र शास्‍त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्‍त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। 
2Ti 3:16  हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। 
2Ti 3:17  ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १८-१९ 
  • २ तिमुथियुस ३