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सोमवार, 15 अप्रैल 2013

अनिश्चितता में निश्चय


   अप्रैल 2010 की घटना है, आईसलैंड में फटने वाले एक ज्वालामुखी से राख के बादल आकाश में छा गए और परिणामस्वरूप यूरोप तथा इंगलैंड के वायु अड्डे 5 दिन तक बन्द रहे। इसके कारण लगभग 100,000 उडानें रद्द हो गईं और लाखों वायु यात्री अपनी यात्रा से वंचित हो गए। बहुत से लोगों के अनेक आवश्यक कार्य अवरुद्ध हो गए, संसार भर में व्यापार में बहुत घाटा हुआ और सब अनिश्चितता से भर गए क्योंकि कोई नहीं जानता था कि घटना क्रम कब सामान्य होगा।

   जब हमारी योजनाएं बिखर जाएं, कोई उपाए सूझ ना पड़े तो उस कुंठा और निराशा का सामना हम कैसे करते हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह 26:3-4 जीवन के हर तूफान में हमें स्थिर बांधे रखने वाला लंगर है: "जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है" (यशायाह 26:3-4)। परमेश्वर की इस अटल प्रतिज्ञा को स्मरण रखना और हर रात सोने से पहले दोहराना हमें सदा ही हिम्मत देता रहेगा और हर परिस्थिति का सामना करने की सामर्थ देगा।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी को यह आश्वासन है कि चाहे हम झुंझला देने वाले असुविधा का सामना करें या हृदयविदारक हानि का, चाहे हमारी सभी योजनाएं बिखर जाएं और समस्या हमारी समझ और सामर्थ से परे हो, लेकिन हमारा परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ है, उसका प्रेम, शांति और सुरक्षा सदा ही हमारे जीवन में बने रहते है। वह हमारे लिए हर बात से अन्ततः भलाई ही उत्पन्न करता है (रोमियों 8:28) और हमारी सामर्थ से बाहर किसी परीक्षा में हमें नहीं पड़ने देता (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   जीवन की हर अनिश्चितता में हर मसीही विश्वासी के साथ परमेश्वर की सदा बनी रहने वाली उपस्थिति हमारी आशीष और सुरक्षा का निश्चय है। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब हम अपनी समस्याएं परमेश्वर के हाथों में सौंप देते हैं तो वह अपनी शांति हमारे हृदय में भर देता है।

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। - यशायाह 26:3

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-9
Isaiah 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
Isaiah 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
Isaiah 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
Isaiah 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।
Isaiah 26:5 वह ऊंचे पद वाले को झुका देता, जो नगर ऊंचे पर बसा है उसको वह नीचे कर देता। वह उसको भूमि पर गिराकर मिट्टी में मिला देता है।
Isaiah 26:6 वह पांवों से, वरन दरिद्रों के पैरों से रौंदा जाएगा।
Isaiah 26:7 धर्मी का मार्ग सच्चाई है; तू जो स्वयं सच्चाई है, तू धर्मी की अगुवाई करता है।
Isaiah 26:8 हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है।
Isaiah 26:9 रात के समय मैं जी से तेरी लालसा करता हूं, मेरा सम्पूर्ण मन यत्न के साथ तुझे ढूंढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहने वाले धर्म की सीखते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29 
  • लूका 13:1-22


रविवार, 14 अप्रैल 2013

उद्देश्य


   अपनी पुस्तक Life after Heart Surgery (हृदय शल्य चिकित्सा के बाद जीवन) में डेविड बर्क ने मृत्यु से अपना आमना-सामना होने के बारे में बताया है। अपने हृदय पर हुए दूसरे ऑपरेशन के बाद अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए उसे असहनीय पीड़ा हुई और उसके लिए सांस लेना भी दूभर हो गया। यह समझकर कि अब अन्त निकट है और वह अनन्त में प्रवेश करने वाला है उसने एक बार फिर परमेश्वर से प्रार्थना करी, पापों से मिली क्षमा के लिए धन्यवाद किया और उस पर अपना विश्वास पुनः व्यक्त किया।

   डेविड स्वर्ग पहुँच कर अपने पिता से मिलने के बारे में सोचने लगा जिनकी मृत्यु कई वर्ष पहले हो गई थी, इतने में नर्स ने पूछा कि वह अब कैसा अनुभव कर रहा है। डेविड ने उत्तर दिया कि "ठीक है! बस अब  स्वर्ग जाकर परमेश्वर से मिलने की प्रतीक्षा में हूँ।" नर्स ने उसे उत्तर दिया, "मित्र, मेरे कार्य समय में तो मैं यह नहीं होने दूँगी!" और थोड़े ही समय में डॉक्टर फिर से उसका ऑपरेशन कर रहे थे। उसकी छाती फिर से खोली गई और वहाँ एकत्रित दो लिटर पानी निकाला गया। इसके पश्चात डेविड स्वस्थ होने लगा और ठीक होकर घर जा सका।

   हमारे लिए यह विचार करना कि पृथ्वी पर हमारे अन्तिम क्षण कैसे होंगे, और हम उनका सामना कैसे करेंगे कोई सामान्य बात नहीं है। लेकिन जो प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार पाने के बाद मृत्यु प्राप्त करते हैं उन्हें यह पता है कि वे धन्य हैं (प्रकशितवाक्य 14:13) और परमेश्वर की नज़रों में उनकी मृत्यु बहुमूल्य है (भजन 116:15)।

   हमारे अस्तित्व में आने से पहले ही परमेश्वर ने हमारे समयों और दिनों को निर्धारित कर दिया था (भजन 139:16) और हम आज केवल इसलिए जीवित हैं क्योंकि सर्वशक्तिमान की श्वास से हमें जीवन मिलता है (अय्युब 33:4)। यद्यपि हम यह नहीं जानते कि हमारी कितनी सांसें शेष हैं, लेकिन हमें यह आशवासन है कि परमेश्वर इस बात को जानता है।

   हमारा उद्देश्य अपने जीवन के शेष समय के बारे में चिंतित होना नहीं वरन इस बात की चिंता हो कि जीवन और मृत्यु दोनों में हम परमेश्वर को भाते रहें (2 कुरिन्थियों 5:9) और हमारे जीवन तथा मृत्यु, दोनों ही से परमेश्वर की महिमा हो। तब ही हम प्रेरित पौलुस के समान कह सकेंगे: "क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है" (फिलिप्पियों 1:21)। सिंडी हैस कैस्पर


अपनी पहली श्वास से लेकर अन्तिम श्वास तक हम परमेश्वर की देखरेख में रहते हैं।

मुझे ईश्वर की आत्मा ने बनाया है, और सर्वशक्तिमान की सांस से मुझे जीवन मिलता है। - अय्युब 33:4 

बाइबल पाठ: भजन 139:13-18
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59


शनिवार, 13 अप्रैल 2013

खमीर


   अमेरिका में मध्य-1800 के समय बहुत से लोग कैलिफोर्निया प्रांत के इलाकों में सोना खोजने के लिए निकले थे; फिर यही सोना खोजने की धुन 1890 के दशक में अलास्का प्रांत में भी देखी गई। दोनों ही समयों में उन खोजकर्ताओं में खमीरी रोटी बहुत प्रचलित हुई।। खमीर का एक गुण है कि वह बाहर से कोई परिवर्तन दिखाए बिना ही आटे को अन्दर ही अन्दर परिवर्तित करता रहता है और थोड़ा सा खमीर थोड़े ही समय में बहुत सा आटा खमीरा कर देता है। ये खोजकर्ता अपने साथ थोड़े से आटे में खमीर गूंध कर लिए चलते थे जिससे जहां भी वे पड़ाव डालें उस खमीरे आटे को नए आटे में मिलाकर अपनी पसंदीदा खमीरी रोटी बनाने का आटा शीघ्रता से तैयार कर लें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में खमीर को बुराई का सूचक करके भी दिखाया गया है। बाइबल के नए नियम में खमीर को अधिकांशतः बिगाड़ने वाले प्रभाव के रूप में दिखाया गया है। प्रभु यीशु ने अपने चेलों को चेतावनी दी: "...कि फरीसियों के कपटरूपी खमीर से चौकस रहना" (लूका 12:1)। कपटी लोग बाहर से धार्मिकता का दिखावा करते हैं लेकिन अन्दर ही अन्दर उनके मन पापमय विचारों और व्यवहार से भरे रहते हैं। उनकी संगति मे रहने से उनका प्रभाव खमीर के समान अन्य लोगों में भी फैल जाता है, क्योंकि मनुष्य की स्वाभाविक प्रतिक्रीया है कि वह भलाई की बजाए बुराई का अनुसरण अधिक सरलता और सहजता से करता है।

   लेकिन प्रभु यीशु ने साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि, "कुछ ढपा नहीं, जो खोला न जाएगा; और न कुछ छिपा है, जो जाना न जाएगा" (लूका 12:2); अर्थात कभी ना कभी सब के मन की बातें, उनकी सच्चाई प्रकट हो ही जाएगी। परमेश्वर सब के सामने सब कुछ उजागर कर ही देगा। इस बात की सच्चाई और वास्तविकता हम अपने प्रतिदिन के समाचारों में देखते रहते हैं जहां एक के बाद एक बड़ी चतुराई और सफाई से किये गए घोटालों और बेईमानियों की पोल आए दिन खुलती रहती है और समाज में अच्छे और नामी समझे जाने वालों की काली करतूतें तथा वास्तविकता प्रकट होती रहती है।

   इसलिए बेहतर यही है कि हम परमेश्वर के भय में और उसको जवाबदेह होने को सदा स्मरण रखते हुए अपने जीवनों को उसके भय और आज्ञाकारिता में बिताएं जिससे फिर कभी बदनामी और जग-हंसाई का अवसर ना रहे। साथ ही पाप और बुराई के खमीर से सावधान रहें, उसे अपने जीवन से दूर ही रखें क्योंकि थोड़ा सा खमीर बहुत से आटे को खमीरा कर देता है। - डेनिस फिशर


और यदि तुम ऐसा न करो, तो यहोवा के विरुद्ध पापी ठहरोगे; और जान रखो कि तुम को तुम्हारा पाप लगेगा। - गिनती 32:23

थोड़ा सा खमीर सारे गूंधे हुए आटे को खमीरा कर डालता है। - गलतियों 5:9

बाइबल पाठ: लूका 12:1-7
Luke 12:1 इतने में जब हजारों की भीड़ लग गई, यहां तक कि एक दूसरे पर गिरे पड़ते थे, तो वह सब से पहिले अपने चेलों से कहने लगा, कि फरीसियों के कपटरूपी खमीर से चौकस रहना।
Luke 12:2 कुछ ढपा नहीं, जो खोला न जाएगा; और न कुछ छिपा है, जो जाना न जाएगा।
Luke 12:3 इसलिये जो कुछ तुम ने अन्‍धेरे में कहा है, वह उजाले में सुना जाएगा: और जो तुम ने कोठिरयों में कानों कान कहा है, वह कोठों पर प्रचार किया जाएगा।
Luke 12:4 परन्तु मैं तुम से जो मेरे मित्र हो कहता हूं, कि जो शरीर को घात करते हैं परन्तु उसके पीछे और कुछ नहीं कर सकते उन से मत डरो।
Luke 12:5 मैं तुम्हें चिताता हूं कि तुम्हें किस से डरना चाहिए, घात करने के बाद जिस को नरक में डालने का अधिकार है, उसी से डरो: वरन मैं तुम से कहता हूं उसी से डरो।
Luke 12:6 क्या दो पैसे की पांच गौरैयां नहीं बिकतीं? तौभी परमेश्वर उन में से एक को भी नहीं भूलता।
Luke 12:7 वरन तुम्हारे सिर के सब बाल भी गिने हुए हैं, सो डरो नहीं, तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31


शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

संकेत


   मेरे पति जे और मैं कार से जे के पिता से मिलने निकले जो दक्षिण कैरोलाइना में रहते थे। मार्ग अच्छा था और हम बिना किसी परेशानी के बढ़ते जा रहे थे। जब हम टेनिस्सी के मनोहर पहाड़ी रास्ते से होकर निकलने लगे तो कुछ समय पश्चात मुझे मार्ग के किनारे लगे संकेत दिखने आरंभ हो गए जो इस मार्ग को छोड़कर दूसरे मार्ग की ओर जाने को कह रहे थे। लेकिन जे फिर भी उसी मार्ग पर चलते जा रहे थे, इसलिए मैंने भी यह मान लिया कि ये संकेत हमारे लिए नहीं हैं, उन संकेतों के निर्देश हम पर लागू नहीं होते। लेकिन उत्तरी कैरोलाइना की सीमा के निकट आते आते मार्ग रुका हुआ मिला और वहां लिखा था कि आगे पहाड़ी मलबा गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जे को बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने क्षुब्ध होकर कहा, "पहले से ही इसके संकेत क्यों नहीं दीए गए? अब कितना पीछे जाकर मार्ग बदलना पड़ेगा।" मैंने कहा, "तुमने देखा नहीं; मार्ग में तो बहुत से संकेत लगे हुए थे!" तो जे बोले, "नहीं, मैंने संकेतों की ओर ध्यान नहीं दिया; लेकिन तुमने मुझे क्यों नहीं बताया?" मेरा उत्तर था, "मैंने समझा तुम देख रहे हो और सही मार्ग जानते हो।" अब हम यह घटना अपने मित्रों को एक मनोरंजक कहानी के रूप में सुनाते हैं।

   लेकिन इस जीवन से आने वाले अनन्त जीवन को ले जाने वाले सही मार्ग के चुनाव के संकेतों की अनदेखी कोई मनोरंजक घटना नहीं होगी और ना ही फिर कोई वापसी का मार्ग होगा। मानव जाति के संपूर्ण इतिहास में परमेश्वर सभी लोगों को एक के बाद एक अनेक संकेत देता आया है कि सही मार्ग कौन सा है और किस पर उन्हें चलना चाहिए, लेकिन अधिकांश लोग उन संकेतों की अन्देखी कर के अपने ही बनाए और चुने मार्ग पर चलते जा रहे हैं।

   परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को समस्त मानव जाति के लिए पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन का मार्ग बनाकर दिया। अपने जीवन काल के समय में वह इस्त्राएल के लिए एक चिन्ह और संकेत थे (लूका 11:30)। किंतु इस्त्राएल के धार्मिक अगुवों ने उनकी चेतावनियों की अनदेखी करी और अपनी गलती के बारे में सुनना नहीं चाहा (पद 43, 45)। प्रभु यीशु ने संसार के अन्त और मानव जाति के न्याय के संबंध में भी अनेक चिन्ह बताए जो आज हमारे समय में एक के बाद एक पूरे होते जा रहे हैं। यह दिखाता है कि प्रभु यीशु का दूसरा आगमन और संसार का न्याय बहुत निकट है; पापों से पश्चाताप और उद्धार पाने का समय अब थोड़ा ही रह गया है।

   आज हम भी ऐसे ही हो सकते हैं। जब सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है तो हम गलत मार्ग से सही मार्ग पर आने की चेतावनी संकेतों की अनदेखी करते रहते हैं। मार्ग का सुगम, तथा बाहरी दृश्य का मनोहर होना भी इस बात का निश्चय नहीं है कि मार्ग सही है। संकेतों की अनदेखी ना करें, चिन्हों पर ध्यान दें और उन्हें पहचाने, हाथ से निकला अवसर फिर नहीं मिलेगा। प्रभु यीशु आज एक प्रेमी उद्धारकर्ता के रूप में आपको बुला रहा है; ना हो कि उससे आपकी अगली मुलाकात संसार के न्यायी के रूप में हो। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर अपनी चेतावनियां हमें दण्डित करने के लिए नहीं, हमें सुरक्षित रखने के लिए देता है।

जैसा यूनुस नीनवे के लोगों के लिये चिन्ह ठहरा, वैसा ही मनुष्य का पुत्र भी इस युग के लोगों के लिये ठहरेगा। - लूका 11:30 

बाइबल पाठ: लूका 11:29-45
Luke 11:29 जब बड़ी भीड़ इकट्ठी होती जाती थी तो वह कहने लगा; कि इस युग के लोग बुरे हैं; वे चिन्ह ढूंढ़ते हैं; पर यूनुस के चिन्ह को छोड़ कोई और चिन्ह उन्हें न दिया जाएगा।
Luke 11:30 जैसा यूनुस नीनवे के लोगों के लिये चिन्ह ठहरा, वैसा ही मनुष्य का पुत्र भी इस युग के लोगों के लिये ठहरेगा।
Luke 11:31 दक्‍खिन की रानी न्याय के दिन इस समय के मनुष्यों के साथ उठ कर, उन्हें दोषी ठहराएगी, क्योंकि वह सुलैमान का ज्ञान सुनने को पृथ्वी की छोर से आई, और देखो यहां वह है जो सुलैमान से भी बड़ा है।
Luke 11:32 नीनवे के लोग न्याय के दिन इस समय के लोगों के साथ खड़े हो कर, उन्हें दोषी ठहराएंगे; क्योंकि उन्होंने यूनुस का प्रचार सुनकर मन फिराया और देखो, यहां वह है, जो यूनुस से भी बड़ा है।
Luke 11:33 कोई मनुष्य दीया बार के तलघरे में, या पैमाने के नीचे नहीं रखता, परन्तु दीवट पर रखता है कि भीतर आने वाले उजियाला पाएं।
Luke 11:34 तेरे शरीर का दीया तेरी आंख है, इसलिये जब तेरी आंख निर्मल है, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला है; परन्तु जब वह बुरी है, तो तेरा शरीर भी अन्‍धेरा है।
Luke 11:35 इसलिये चौकस रहना, कि जो उजियाला तुझ में है वह अन्‍धेरा न हो जाए।
Luke 11:36 इसलिये यदि तेरा सारा शरीर उजियाला हो, ओर उसका कोई भाग अन्‍धेरा न रहे, तो सब का सब ऐसा उलियाला होगा, जैसा उस समय होता है, जब दीया अपनी चमक से तुझे उजाला देता है।
Luke 11:37 जब वह बातें कर रहा था, तो किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे यहां भेजन कर; और वह भीतर जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 11:38 फरीसी ने यह देखकर अचम्भा दिया कि उसने भोजन करने से पहिले स्‍नान नहीं किया।
Luke 11:39 प्रभु ने उस से कहा, हे फरीसियों, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर तो मांजते हो, परन्तु तुम्हारे भीतर अन्‍धेर और दुष्‍टता भरी है।
Luke 11:40 हे निर्बुद्धियों, जिसने बाहर का भाग बनाया, क्या उसने भीतर का भाग नहीं बनाया?
Luke 11:41 परन्तु हां, भीतरवाली वस्‍तुओं को दान कर दो, तो देखो, सब कुछ तुम्हारे लिये शुद्ध हो जाएगा।
Luke 11:42 पर हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सुदाब का, और सब भांति के साग-पात का दसवां अंश देते हो, परन्तु न्याय को और परमेश्वर के प्रेम को टाल देते हो: चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी न छोड़ते।
Luke 11:43 हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और बाजारों में नमस्‍कार चाहते हो।
Luke 11:44 हाय तुम पर! क्योंकि तुम उन छिपी कब्रों के समान हो, जिन पर लोग चलते हैं, परन्तु नहीं जानते।
Luke 11:45 तब एक व्यवस्थापक ने उसको उत्तर दिया, कि हे गुरू, इन बातों के कहने से तू हमारी निन्‍दा करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54


गुरुवार, 11 अप्रैल 2013

तुच्छ?


   अमरीकी मुद्रा की सबसे छोटी इकाई है ’पेनी’ या एक सेंट और यह बहुत तुच्छ समझी जाती है। बहुत से लोग तो, यदि उन्हें सड़क पर एक पेनी पड़ा दिखाई दे तो उसे उठाने के लिए झुकते ही नहीं। लेकिन लोगों के दान पर चल रही कुछ धर्मार्थ संस्थाओं ने पाया है कि एक एक पेनी जोड़ने से एक अच्छी खासी रकम बन जाती है और बच्चे पेनी या छोटे छोटे दान करने में सबसे उदार होते हैं। इन संस्थाओं से संबंधित एक व्यक्ति ने अपने अनुभव के आधार पर कहा "ऐसे छोटे छोटे योगदानों का कुल योग एक महत्वपूर्ण रकम हो जाता है।" अर्थात पेनी चाहे बहुत छोटा हो, लेकिन तुच्छ नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी एक ऐसे ही तुच्छ समझे जाने वाले किंतु अन्ततः अति महत्वपूर्ण प्रमाणित होने वाले व्यक्ति दाऊद का वर्णन है। दाऊद अपने भाईयों में सबसे छोटा था और परिवार में उसकी कोई विशेष कदर नहीं थी। जब उसने अति विशालकाय गोलियत की चुनौती स्वीकार करी तो लोगों ने उसे बहुत छोटा, डींगमार तथा तुच्छ समझा जाना। किंतु परमेश्वर की सामर्थ और सहायता पर दाऊद का विश्वास वहां उपस्थित प्रत्येक अन्य व्यक्ति से कहीं अधिक बढ़कर था। इस्त्राएल के राजा ने दाऊद से कहा: "... तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है" (1शमूएल 17:33)। लेकिन दाऊद का उत्तर उस परमेश्वर पर उसका अडिग विश्वास था जिसने पहले भी उसकी सहायता करी और उसे बचाया था (पद 37)।

   दाऊद ने अपने आप को तुच्छ नहीं समझा, अर्थात एक अपरिहार्य समस्या के सामने अपने आप को बेबस और हीन नहीं जाना। यदि वह राजा शाऊल के निराशावाद और गोलियत की धमकियों से प्रभावित होकर डर जाता तो कुछ भी नहीं कर पाता। लेकिन उसने किसी मनुष्य की बात की बजाए परमेश्वर पर अपने विश्वास का सहारा लिया और अपने इस भरोसे के कारण साहस के साथ परिस्थित का सामना किया।

   जीवन की विषम परिस्थितियों में लोगों के कहे पर निराश हो जाना और अपने आप को तुच्छ और असहाय समझ लेना तो सरल है, लेकिन जब हम परमेश्वर पर विश्वास में और बीते समय में उसके द्वारा मिली सहायता और सामर्थ को स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं तो छोटी छोटी बातों से मिलने वाले प्रोत्साहन का योग एक बड़ी सामर्थ बन जाता है। विश्वास में उठाए गए हमारे हर कदम, हर बात का बड़ा महत्व है, योगदान है - चाहे वह कितना भी छोटा क्यों ना रहा हो। 

   तुच्छ कुछ भी नहीं; हर पेनी महत्वपूर्ण है। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब विश्वास अगुवाई करेगा तो साहस स्वतः ही साथ देगा।

फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे। - 1 शमूएल 17:37

बाइबल पाठ:  1 शमूएल 17:32-37
1 Samuel 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा।
1 Samuel 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है।
1 Samuel 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था; और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया,
1 Samuel 17:35 तब मैं ने उसका पीछा कर के उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उसने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला।
1 Samuel 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला; और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उसने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है।
1 Samuel 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28


बुधवार, 10 अप्रैल 2013

सदा काल के लिए


   प्रति इतवार दो युवा भाई चर्च की प्रथम पंक्ति में बैठे होते थे और वे अपने पिता को चर्च में हो रही आराधना सभा की अगुवाई तथा संचालन करते हुए देखते थे। एक रात उन्हें सो जाने के लिए भेजने के पश्चात पिता ने एक पुत्र के रोने की आवाज़ सुनी। पिता ने पुत्र के पास जाकर जानना चाहा कि वह क्यों रो रहा है। पहले तो वह बताने में संकोच करता रहा, लेकिन पिता के बहुत पूछने पर वह हिचकिचाते हुए बोला, "पिताजी बाइबल के अनुसार हम स्वर्ग में परमेश्वर की आराधना सदा काल तक करते रहेंगे; यह तो बहुत ही लंबा समय हो जाएगा!" उस युवक ने स्वर्ग कि आराधना को चर्च कि आराधना के समान ही समझा था और उसे लग रहा था कि उसके पिता को सदा काल तक वहां आगे खड़े होकर अगुवाई और संचालन करते रहना होगा; और वह इस से विचलित था!

   यद्यपि कई बार मेरी इच्छा होती है कि हम स्वर्ग और वहां की गतिविधियों के बारे में और अधिक जान पाते, लेकिन जितना हम अभी जानते हैं उससे यह तो स्पष्ट है कि वह एक बहुत रोचक स्थान होगा; ऊबा देने वाली वहां कोई बात नहीं होगी।

   वहां हम:
- ऐसी सुन्दरता देखेंगे जिसकी हम अभी कलपना भी नहीं कर सकते, और जीवन के जल की एक स्वच्छ नदी भी वहां होगी (प्रकाशितवाक्य 22:1)।

- वहां हम परमेश्वर की महिमा को देखेंगे जिससे स्वर्ग रौशन रहेगा (प्रकाशितवाक्य 21:23; 22:5)।

- वहां कोई दुख अथवा पीड़ा नहीं होगी (प्रकाशितवाक्य 21:4)।

- अवश्य ही वहां आराधना भी होगी; पृथ्वी के प्रत्येक कुल, भाषा और जाति में से लोग वहां एकसाथ एकत्रित होकर आराधना करेंगे (प्रकाशितवाक्य 5:9); वे प्रभु यीशु के नाम की स्तुति प्रशंसा आनन्दित होते हुए करेंगे क्योंकि वह ही परमेश्वर का वह सुयुग्य मेमेना है जो संसार के सभी लोगों के पापों के लिए मारा गया और उनके उद्धार के लिए फिर जी उठा (प्रकाशितवाक्य 5:12)।

- वहां हम परमेश्वर की उपस्थिति में सदा बने रहेंगे; और परमेश्वर की उपस्थिति में आनन्द की भरपूरी है (भजन 16:11)।

सचमुच स्वर्ग बहुत रोचक और रोमांचक स्थान है। क्या आप वहां जाने के लिए सुनिश्चित हैं? - ऐनी सेटास


स्वर्ग के आनन्द के सामने पृथ्वी के सभी सुख-विलास एक साथ मिलकर भी तुलना के योग्य नहीं हो सकते।

और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। - प्रकाशितवाक्य 21:5

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:1-7
Revelation 22:1 फिर उसने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकल कर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी।
Revelation 22:2 और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे।
Revelation 22:3 और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे।
Revelation 22:4 और उसका मुंह देखेंगे, और उसका नाम उन के माथों पर लिखा हुआ होगा।
Revelation 22:5 और फिर रात न होगी, और उन्हें दीपक और सूर्य के उजियाले का प्रयोजन न होगा, क्योंकि प्रभु परमेश्वर उन्हें उजियाला देगा: और वे युगानुयुग राज्य करेंगे।
Revelation 22:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें विश्वास के योग्य, और सत्य हैं, और प्रभु ने जो भविष्यद्वक्ताओं की आत्माओं का परमेश्वर है, अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि अपने दासों को वे बातें जिन का शीघ्र पूरा होना अवश्य है दिखाए।
Revelation 22:7 देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; धन्य है वह, जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें मानता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42


मंगलवार, 9 अप्रैल 2013

उठाए रखने वाला


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भविष्यद्वक्ता यशायाह की पुस्तक के 46वें अध्याय में एक तुलनात्मक विवरण है, दुश्मनों द्वारा बेबिलोन की घेराबंदी और उसके कारण वहां के लोगों के पलायन का। इस अध्याय के पहले पद में ही दिखाया गया है कि बेबिलोन के देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से लदी गाड़ीयां बोझ तले दबी हुई हैं, चरमरा रही हैं। इसकी तुलना में, तीसरे पद में लिखा है कि परमेश्वर ने अपने लोगों को उनके जन्म से ही उठा रखा है और चौथे पद में परमेश्वर का आश्वासन है कि उनके जीवन के अन्तिम क्षण तक वह उन्हें ऐसे ही उठाए रहेगा। मूल इब्रानी भाषा में यह तुलना बहुत स्पष्ट है कि अन्य देवी-देवताओं की मूर्तीयां तो पशुओं और गाड़ीयों पर लदे हुए बोझ हैं, परन्तु जीवते सच्चे परमेश्वर के लोग उसके द्वारा उठाए और संभाले हुए हैं जिन्हें वह उनके जन्म से ही लिए हुए है।

   हम मसीही विश्वासीयों के लिए इससे अधिक शांति और सांत्वना देने वाली बात और क्या हो सकती है कि जिस परमेश्वर ने हमें बनाया है, वह हमे से प्रेम भी करता है और हमारी परवाह भी करता है। यह उसका वायदा है कि वह हमें उठाए रहता है और हमारे जीवन भर हमारी हर चिंता की परवाह, और हर आवश्यकता की पूर्ति करता है। इसलिए निश्चिंत होकर अपने आप को उसकी बाहों में छोड़ दें और उसे आपका हर बोझ उठाने दें।

   ऐनी जौन्सन फ्लिन्ट द्वारा लिखित एक गीत में यही भाव व्यक्त किए गए हैं: "यह सोचकर मत डरो कि तुम्हारी आवश्यकता उसके प्रावधानों से बड़ी है; हमारा परमेश्वर अपने भण्डार की हर भलाई बांटने को ललायित रहता है; उसकी उन बाहों का सहारा लिए रहो जो सदा उपलब्ध रहती हैं; तुम्हारा स्वर्गीय पिता तुम्हें और तुम्हारे बोझों को उठाए रहेगा।"

   परमेश्वर सब के बोझ उठाने और उन्हें संभाले रखने को सदा तैयार रहता है; क्या आप ने उसे अपने आप को उसके द्वारा सम्भाले जाने और आपके बोझ उठाए जाने के लिए समर्पित किया है? - डेविड रोपर


हमारा काम है अपनी चिन्ताएं उस पर डाल देना; परमेश्वर का काम है उन चिंताओं का निवारण करना और हमें संभाले रहना।

तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:4

बाइबल पाठ: यशायाह 46:1-9
Isaiah 46:1 बेल देवता झुक गया, नबो देवता नब गया है, उनकी प्रतिमाएं पशुओं वरन घरैलू पशुओं पर लदी हैं; जिन वस्तुओं को तुम उठाए फिरते थे, वे अब भारी बोझ हो गईं और थकित पशुओं पर लदी हैं।
Isaiah 46:2 वे नब गए, वे एक संग झुक गए, वे उस भार को छुड़ा नहीं सके, और आप भी बंधुआई में चले गए हैं।
Isaiah 46:3 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं।
Isaiah 46:4 तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा;
Isaiah 46:5 मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?
Isaiah 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत भी करते हैं!
Isaiah 46:7 वे उसको कन्धे पर उठा कर लिये फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।
Isaiah 46:8 हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
Isaiah 46:9 प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।


एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24