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मंगलवार, 6 अगस्त 2013

अनपेक्षित असुविधा

   टोनी वह ढूँढ रही थी जो वास्तव में खोया नहीं था, इस प्रयास में उसने वह पाया जिसे वह ढूँढ तो नहीं रही थी लेकिन जिसकी उसे आवश्यकता थी और परिणामस्वरूप कुछ लोगों को एक ऐसा अनपेक्षित आत्मिक उल्लास और उत्थान मिल गया, जिसकी उन्हें अत्यंत आवश्यकता तो थी परन्तु पता नहीं था कि कैसे पाएं।

   नशीले पदार्थों के आदि लोगों के सुधार और पुनर्वासन के एक क्लीनिक में टोनी बाइबल अध्ययन चलाती है। वह अपने पति का खोया हुआ ड्राइविंग लाईसेंस खोज रही थी, और इस प्रयास में जिन जिन स्थानों पर उसके पति पिछले दिन में होकर आए थे वहाँ वहाँ जाकर पूछताछ कर रही; उन में से एक स्थान था एक अस्पताल। जब वह अस्पताल पहुँची तो उसे ड्राइविंग लाईसेंस तो नहीं मिला, लेकिन वहाँ उसकी मुलाकात एक मसीही स्कूली बच्चों की संगीत मण्डली से हो गई, जो अस्पताल के रोगियों के लिए मसीही गीत संगीत प्रस्तुत कर रहे थे। उनके कार्यक्रम से टोनी बहुत प्रभावित हुई और उसने उस संगीत मण्डली के संचालक से पूछा कि क्या वे लोग उसके बाइबल अध्ययन में आने वाले लोगों के लिए भी ऐसा ही एक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकेंगे। संचालक ने इस के लिए अपनी सहमति व्यक्त करी और वह संगीत मण्डली टोनी के बाइबल अध्ययन समूह के लिए कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई जिससे बहुत से लोगों ने पहले गीत-संगीत और फिर वार्तालाप द्वारा परमेश्वर के प्रेम, जीवन में नई आशा और अनन्त आनन्द का संदेश सुना और अपने जीवन संवारने के प्रयासों में लगे कई लोगों को अभूतपूर्व प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला।

   और वह ड्राइविंग लाईसेंस - जब उस दिन टोनी अस्पताल से वापस घर लौटी तो उसे वह लाईसेंस उसे वहीं एक कुर्सी पर पड़ा हुआ मिल गया। स्पष्टतया, उस दिन उसके लाईसेंस ढूँढने बाहर जाने का एक ही प्रयोजन था - परमेश्वर चाहता था कि वह उन बच्चों से मिले जो फिर नशीले पदार्थों के सेवन से बिगड़े हुए जीवनों को संवारने में योगदान देने वाले हो सकें!

   जब परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है (नीतिवचन 16:9) तो अनेक बार वह ऐसी रीति से करता है जो हमारे सोच-विचार और कल्पना से भी परे है। वह हमारी असुविधाओं के द्वारा भी हमारी भलाई और अपने नाम की महिमा करवा सकता है। अगली बार जब आप किसी अनपेक्षित असुविधा में पड़ें और कुछ भी समझ ना आ रहा हो तो अपनी सोच को केवल अपने तक ही सीमित ना रखें वरन इस बात पर भी ध्यान दें कि कहीं परमेश्वर आपके द्वारा किसी अन्य के अथवा स्वयं आपके जीवन में भी कोई भला कार्य तो नहीं करवा रहा है! - डेव ब्रैनन


परमेश्वर पर्दे के पीछे तो रहता है लेकिन पर्दे के आगे की हर बात को नियंत्रित करता रहता है।

मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है। - नीतिवचन 16:9

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:1-9
Proverbs 16:1 मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
Proverbs 16:2 मनुष्य का सारा चाल चलन अपनी दृष्टि में पवित्र ठहरता है, परन्तु यहोवा मन को तौलता है।
Proverbs 16:3 अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।
Proverbs 16:4 यहोवा ने सब वस्तुएं विशेष उद्देश्य के लिये बनाईं हैं, वरन दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है।
Proverbs 16:5 सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है करता है; मैं दृढ़ता से कहता हूं, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।
Proverbs 16:6 अधर्म का प्रायश्चित कृपा, और सच्चाई से होता है, और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।
Proverbs 16:7 जब किसी का चाल चलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है।
Proverbs 16:8 अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
Proverbs 16:9 मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 70-71 
  • रोमियों 8:22-39


सोमवार, 5 अगस्त 2013

कठिन विदाई

   जब हमारे सबसे छोटे बेटे मार्क ने फौज में भर्ती ली तो हम जान गए कि अब हमारे आगे चुनौतियाँ रखी हैं। हम यह जानते थे कि अब उसे खतरों का अकेले ही सामना करना पड़ेगा और उसकी शारीरिक, आत्मिक और भावनात्मक क्षमताओं की भरपूर परीक्षा होगी। हम यह भी समझ रहे थे कि अब से हमारा घर वैसा ही उसका घर नहीं रहेगा जैसा अब तक हुआ करता था। मार्क के फौज में जाने के दिन और संबंधित चुनौतियों के लिए मैं और मेरी पत्नि अपने आप को दृढ़ करते रहे।

   फिर वह दिन आया जब मार्क को भर्ती कार्यालय पहुँचना था। हम वहाँ पहुँचे, एक दूसरे से गले मिले, एक दूसरे से विदाई का चुंबन और आलिंगन किया और फिर वह उस कार्यालय में जीवन का नया अध्याय आरंभ करने के लिए चला गया। यह वह पल था जिसके लिए मैं इतनी तैयारी के बावजूद पूरी तरह तैयार नहीं था। उस क्षण विदाई की वह पीड़ा असहनीय थी; मुझे स्मरण नहीं कि जितना मैं उस दिन रोया उतना इससे पहले कभी रोया था। वह कठिन विदाई, उस प्रीय जन से विछोह ने मेरे हृदय को छेद दिया था। लेकिन साथ ही मैंने परमेश्वर की अद्भुत शांति भी अपने जीवन में अनुभव करी जो मुझे मेरे अकेलेपन से बाहर निकाल लाई।

   जब ऐसे पल आते हैं तो मैं धन्यवादी होता हूँ कि मेरा एक ऐसा परमेश्वर पिता है जो अपने प्रीय पुत्र से अलग होने के दुख को स्वयं अपने अनुभव से जानता है। मैं धन्यवादी होता हूँ कि मेरा एक ऐसा परमेश्वर पिता है जो  "...अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी" (भजन 68:5) कहलाता है। मुझे विश्वास है और मैंने अनुभव से जाना है कि वह परमेश्वर जो विधवाओं और अनाथों की सुधि रखता है वह मेरी भी सुधि रखता है और मेरे अकेलेपन, कठिनाईयों, संघर्षों और कठिन विदाई के समयों में भी मुझे सांत्वना देता है, मेरी देखभाल करता है।

   जीवन में ऐसे समय कभी भी अनायास ही आ सकते हैं, और आते रहते हैं, कठिन विदाई के समय भी। क्या आप उन अकेलेपन के समयों में मेरे समान ही परमेश्वर की सांत्वना और शांति का अनुभव करना चाहेंगे? अपना जीवन प्रभु यीशु के हाथों में सौंप दीजिए, वह सदा आपके साथ बना रहेगा, आपको शांति और सामर्थ देता रहेगा। - बिल क्राउडर


अकेलापन तब ही सताता है जब हम सदा हमारे साथ बने रहने वाले प्रभु यीशु को भूल जाते हैं।

परमेश्वर अपने पवित्र धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है। - भजन 68:5

बाइबल पाठ:  भजन 68:1-10
Psalms 68:1 परमेश्वर उठे, उसके शत्रु तित्तर बितर हों; और उसके बैरी उसके साम्हने से भाग जाएं।
Psalms 68:2 जैसे धुआं उड़ जाता है, वैसे ही तू उन को उड़ा दे; जैसे मोम आग की आंच से पिघल जाता है, वैसे ही दुष्ट लोग परमेश्वर की उपस्थिति से नाश हों।
Psalms 68:3 परन्तु धर्मी आनन्दित हों; वे परमेश्वर के साम्हने प्रफुल्लित हों; वे आनन्द से मगन हों!
Psalms 68:4 परमेश्वर का गीत गाओ, उसके नाम का भजन गाओ; जो निर्जल देशों में सवार हो कर चलता है, उसके लिये सड़क बनाओ; उसका नाम याह है, इसलिये तुम उसके साम्हने प्रफुल्लित हो!
Psalms 68:5 परमेश्वर अपने पवित्र धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है।
Psalms 68:6 परमेश्वर अनाथों का घर बसाता है; और बन्धुओं को छुड़ाकर भाग्यवान करता है; परन्तु हठीलों को सूखी भूमि पर रहना पड़ता है।
Psalms 68:7 हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला,
Psalms 68:8 तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
Psalms 68:9 हे परमेश्वर, तू ने बहुत से वरदान बरसाए; तेरा निज भाग तो बहुत सूखा था, परन्तु तू ने उसको हरा भरा किया है;
Psalms 68:10 तेरा झुण्ड उस में बसने लगा; हे परमेश्वर तू ने अपनी भलाई से दीन जन के लिये तैयारी की है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69 
  • रोमियों 8:1-21


रविवार, 4 अगस्त 2013

बाँटने के योग्य

   बहुत से लोगों को दूसरों के साथ उन पुस्तकों या लेखों को बाँटने से आनन्द मिलता है जिन के द्वारा उनके जीवनों पर प्रभाव आया और उनका जीवन संवर सका। ऐसे ही एक व्यवसायी हैं जैरी मैकमॉरिस जिन्होंने 50 वर्ष पूर्व, जब वे कौलरडो विश्वविद्यालय में छात्र थे तब एक व्यावसायिक खबरों वाला अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल पढ़ना आरंभ किया था। वे अपने विश्वविद्यालय और इस व्यावासयिक अखबार से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के सैंकड़ों छात्रों के लिए इस अखबार का ग्राहकी शुल्क भरकर इसे नियमित रूप से उन्हें मिलते रहने की भेंट दी। जैरी मैकमॉरिस ने एक अन्य अखबार कोलरैडो स्प्रिंग्स गज़ेट को एक साक्षात्कार में बताया: "उस अखबार ने सदा ही मुझे व्यावासायिक जगत में हो रही बातों की अच्छी जानकारी दी है, और अपने व्यावासयिक दिन का आरंभ उसे पढ़ने के द्वारा करना मेरे लिए एक आदत बन चुका है। उस अखबार के द्वारा व्यवसायिक-संसार की वास्तविक और महत्वपूर्ण बातें छात्रों को सहजता से पहुँचती रहती हैं।"

   इस व्यवसायी जैरी मैकमॉरिस के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायीयों को भी प्रभु यीशु के वचन दूसरों के साथ बाँटने में आनन्द मिलता है क्योंकि उन्होंने उन वचनों की जीवन बदलने और सुधारने वाली सच्चाई व्यक्तिगत रीति से अनुभव करी है। परमेश्वर के इस जीवत वचन बाइबल को दूसरों के साथ बाँटने के लिए लोग अनेक प्रकार से योगदान देते हैं - कुछ उसके भिन्न भाषाओं में अनुवाद में सहायता करते हैं, कुछ उसके छपने में सहायता करते हैं या फिर वितरण करने में योगदान करते हैं। कुछ अन्य लोगों को अपने साथ आकर वचन का अध्ययन करने का निमंत्रण देते हैं। परमेश्वर के वचन की सच्चाईयों को अन्य लोगों तक पहुँचाने के अनेक मार्ग हैं जिससे सच्चाई, प्रेरणा और सहायता के लिए प्यासे लोगों तक यह जीवनदायी वचन पहुँच सके। परमेश्वर के वचन को भिन्न रीतियों से दूसरों तक पहुँचाने वाले सब लोगों का लक्ष्य एक ही है, जो लाभ और सामर्थ उन्होंने प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता मानकर उसे जीवन समर्पित करने के द्वारा पाया है उसे दूसरों के लाभ के लिए उन तक पहुँचाना जिससे वे भी सच्चा मार्गदर्शन पा सकें। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा है, "यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं" (भजन 19:7)।

   सच्चे जीवते परमेश्वर का यह खरा और जीवता वचन जो जीवन बदलने और संवारने की सामर्थ रखता है और प्रत्येक विश्वास करने वाले का हर परिस्थिति में सही मार्गदर्शन करता है और बुराई से उसकी रक्षा करता है, वास्तव में बहुतायत से बाँटने के योग्य है। - डेविड मैककैसलैंड


बाइबल: अपने मस्तिष्क में इसे जानें, अपने मन में इसे बसा लें, अपने जीवन में इसे प्रदर्शित करें और संसार में इसे फैलाएं।

वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। - भजन 19:10

बाइबल पाठ: भजन 19:7-14
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है;
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं।
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं।
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर।
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67 
  • रोमियों 7


शनिवार, 3 अगस्त 2013

प्रार्थना

   कभी कभी मैं अपनी प्रार्थनाओं से शर्मिंदा होती हूँ। बहुत बार मैं अपने आप को प्रार्थना में बुद्धिहीन और व्यर्थ वाक्यांशों का प्रयोग करते हुए पाती हूँ, ना कि परमेश्वर पिता के साथ एक सार्थक और विचारपूर्ण संवाद करते हुए। ऐसा ही एक व्यर्थ वाक्यांश है, "प्रभु, मेरे साथ बने रहिए" जिसका बुद्धिहीनता के साथ प्रयोग संभवतः परमेश्वर पिता को भी नहीं भाता होगा, क्योंकि मेरे माँगने से पहले ही उसने अपने जीवते वचन के द्वारा मुझे और अन्य सभी मसीही विश्वासियों को बारंबार यह आशवासन दिया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा और कभी नहीं त्यागेगा।

   परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा यहोशु को दी जब मूसा के देहांत के बाद यहोशु को इस्त्राएलियों का नेतृत्व करके उन्हें वाचा के देश में ले जाकर बसाना था, और वह इस बड़ी जिम्मेदारी से घबरा रहा था (यहोशु 1:5)। नए नियम में आकर इब्रानियों की पत्री के लेखक ने इस प्रतिज्ञा को सभी मसीही विश्वासियों के लिए लागू बताया: "...क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)। यहोशु और इब्रानियों, दोनों ही स्थानों पर परमेश्वर ने जब यह प्रतिज्ञा बान्धी तो संदर्भ बताता है कि परमेश्वर ने ऐसा अपने लोगों द्वारा उसकी इच्छा और आज्ञापूर्ति के समयों में साथ बने रहने और उसके द्वारा सौंपे गए कार्य को भलि-भांति पूरा करने की सामर्थ देने के संदर्भ में कहा है। परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा लोगों के मन-मानी करने और उस मन-मानी में परमेश्वर के भी उनके साथ बने रहने का आश्वासन नहीं है। जबकि मैं जब प्रार्थना में परमेश्वर से उसकी उपस्थिति अपने साथ माँगती हूँ तो वह अधिकतर मेरी अपनी मन-मानी करने में उसकी सुरक्षा और सहायता उपलब्ध होने के संदर्भ में होती है। एक प्रेमी और धैर्यवान पिता के समान परमेश्वर हमें कभी संसार और शैतान के खतरों में अकेला नहीं छोड़ता, लेकिन वह हमें मन-मानी करने की छूट, या हमारी उस मन-मानी को नज़रंदाज़ करने का आश्वासन भी नहीं देता है।

   संभवतः हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बेहतर प्रार्थना कुछ इस प्रकार की होगी: "प्रभु, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मेरे अन्दर वास करने वाली आपकी पवित्र आत्मा के लिए जो मुझे आपके मार्गों में ले चलने और आपकी इच्छा पूरी करने की अगुवाई करने में सक्षम और तत्पर है। प्रभु मुझे सामर्थ दें कि मैं आपकी पवित्र आत्मा के चलाए चलूँ, आपकी इच्छा को पूरी करूँ। ऐसा ना हो कि मैं आपको ऐसे स्थानों पर लेकर जाने वाला बनूँ जहाँ आप जाना नहीं चाहते और ना ही आपकी इच्छापूर्ति की सामर्थ की बजाए आपसे अपनी मन-मर्जी करने की सामर्थ की लालसा रखूँ। मुझे नम्रता के साथ आपका आज्ञाकारी बने रहने वाला बनाएं।"

   जब हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा कर रहे होंगे तो हमारे बिना कहे ही वह ना केवल हमारे साथ बना रहेगा, वरन हमें सामर्थ और मार्गदर्शन भी देता रहेगा। यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत नहीं कर रहे हैं तो व्यर्थ प्रार्थनाएं करने की बजाए भला होगा कि हम उससे इस बात के लिए क्षमा माँगें, अपना मार्ग ठीक करें और उसके दिखाए मार्ग पर चलने वाले बनें जिससे उसकी सामर्थ और सहायता हमारे जीवनों में विदित हो। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हमारी प्रार्थनाएं व्यर्थ नहीं वरन सदा परमेश्वर की इच्छा के प्रति संवेदनशील और व्यावाहरिक रहें।

तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। - यहोशु 1:5

बाइबल पाठ: यहोशु 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65 
  • रोमियों 6


शुक्रवार, 2 अगस्त 2013

निकट

   कुछ वर्ष पहले मेरी कुछ जाँच हुईं यह देखने के लिए कि मुझे कहीं कैंसर तो नहीं है। मैं उन जाँच के परिणामों को लेकर चिंतित था; मेरी चिंता इस बात से और बढ़ रही थी कि अस्पताल में मैं अपरिचितों के बीच में था। हालांकि मेरे चारों ओर मेरी जाँच में जो चिकित्सा कर्मचारी लगे हुए थे वे सब बहुत प्रशिक्षित, निपुण, दक्षता और मिलनसार रीति से कार्य करने वाले तो थे, लेकिन मैं उनमें से किसी को भी व्यक्तिगत रीति से नहीं जानता था, किसी के साथ मेरे मित्रता के संबंध कभी नहीं रहे थे। मुझे इन्हीं अनजान लोगों के मध्य एक ऑपरेशन भी करवाना था।

   ऑपरेशन के बाद जब मैं बेहोशी की दवा के प्रभाव से बाहर आया तो जो पहली आवाज़ मैं ने सुनी और जो पहला चेहरा मैंने देखा, वह था अपनी पत्नि का, जो मुझ से कह रही थी, "प्रीय सब कुछ ठीक हो गया है, डॉक्टरों को कुछ गड़बड़ नहीं मिला।" मैंने उसके मुस्कुराते हुए चेहरे को देखा और उसकी कही बात से अधिक उसके मेरे निकट होने से मुझे शांति मिली। आशंका और चिंता के उस समय में एक ऐसे जन की निकटता और आश्वासन जिसे मैं जानता था और जो मुझ से प्रेम करता था मेरे लिए एक बहुत शांतिदायक और उत्साहवर्धक अनुभव था।

   ऐसा ही आश्वासन प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए भी सदा बना रहता है जिसने प्रभु यीशु पर विश्वास करके पापों से क्षमा और उद्धार प्राप्त किया है। प्रत्येक मसीही विश्वासी के पास यह आशा है कि जब वे स्वर्ग में आंखें खोलेंगे तो उनके सामने वह होगा जो उनसे बेहिसाब प्रेम करता है - प्रभु यीशु। एक प्रार्थना की पुस्तक में मसीही विश्वासियों की इस आशा से संबंधित प्रार्थना में लिखा है: "स्वर्ग में मेरे पहुँचने पर, मेरा उद्धारकर्ता मुझे जिला उठाएगा और मैं अपने परमेश्वर को देखुँगा। मैं स्वयं उसे देखुँगा, अपनी आँखों से उसे देखुँगा, उसे जो मेरा परम मित्र है, वो जो कोई अनजान नहीं है।"

   क्या इस संसार को छोड़ने और शरीर की नश्वरता के विचार आपको परेशान करते हैं? अपना जीवन और अपना भविष्य प्रभु यीशु के हाथों में सौंप दीजिए; वह ना केवल इस जीवन में उसे संभाले रहेगा वरन आने वाले अनन्त जीवन में भी आपको अपने साथ बनाए रखेगा। प्रभु यीशु ने अपने चेलों से वायदा किया है: "और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:3)।

   हम मसीही विश्वासियों के पास यह कितनी बड़ी और अद्भुत सान्तवना है, जो कहीं और किसी के पास कतई नहीं है, कि जब हमारा संसार से कूच का समय आएगा तो इस संसार में आँखें बन्द करके हम स्वर्ग ही में आँखें खोलेंगे और वहाँ हमारा उद्धारकर्ता और प्रेमी परमेश्वर हमारे निकट, हमारे समक्ष होगा तथा उसकी संगति का आनन्द अनन्त काल तक हमारे साथ होगा। - डेनिस फिशर


स्वर्ग का सबसे बड़ा आनन्द प्रभु यीशु को देखना होगा।

यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा। - यूहन्ना 12:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-7
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं।
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो।
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो।
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें?
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 60-62 
  • रोमियों 5


गुरुवार, 1 अगस्त 2013

भलाई

   किसी ने कहा है, "जो भलाई आप आज करेंगे, वह कल भुला दी जाएगी; फिर भी भलाई करते ही रहें।" मुझे यह बात पसन्द भी है, तथा मेरा मानना है कि स्मरण रखने और पालन करने के लिए यह एक महान सलाह भी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका ने प्रभु यीशु के पृथ्वी के जीवन में किए गए कार्यों का सार लिखा: "...वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा...(प्रेरितों 10:38)।"

   जब बाइबल हमें भलाई करने को कहती है तो इसका क्या तात्पर्य है? प्रभु यीशु ने अपने आस-पास के लोगों को उपदेश, चंगाई, आवश्यकतापूर्ति और सांत्वना देकर उनकी भलाई करी और अपने अनुयायीयों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रभु यीशु ने यही करने की शिक्षा अपने चेलों को दी, उनके प्रति भी जो उनके बैरी हों: "परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है" (मत्ती 5:44-45)। प्रभु यीशु के निर्देश हैं कि उसके चेले ना केवल आपस में एक दूसरे की देखभाल और सेवा करें (गलतियों 6:10), वरन बिना प्रत्युत्तर में कुछ मिलने की आशा रखते हुए सभी की सेवा करने वाले लोग हों, अपने शत्रुओं की भी; सताव, स्वार्थ और समय का आभाव या जीवन में व्यस्तता उनकी भलाई की सेवा को कभी बाधित ना करने पाएं: "पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है" (इब्रानियों 13:16)।

   अपने तथा समस्त संसार के उद्धारकर्ता के अनुयायी होने पर हमें उसके समान जीवन व्यतीत करना है और उसके गुणों को अपने जीवन में दर्शाना है, और यह करने का एक तरीका है प्रतिदिन अपने आप से पूछना, "मैं आज अपने प्रभु की समानता और नाम में क्या भलाई कर सकता हूँ?" जब हम भलाई करते हैं तो ना केवल हम परमेश्वर को प्रसन्न करते हैं वरन लोगों को भी उनके उद्धारकर्ता के प्रति आकर्षित करते हैं (मत्ती 5:16)। - मार्विन विलियम्स


प्रभु यीशु से पापों की क्षमा और उद्धार प्राप्त करें तथा उसके नाम में भलाई करने में लगे रहें।

कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था। - प्रेरितों 10:38

बाइबल पाठ: लूका 6:27-36
Luke 6:27 परन्तु मैं तुम सुनने वालों से कहता हूं, कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उन का भला करो।
Luke 6:28 जो तुम्हें श्राप दें, उन को आशीष दो: जो तुम्हारा अपमान करें, उन के लिये प्रार्थना करो।
Luke 6:29 जो तेरे एक गाल पर थप्पड़ मारे उस की ओर दूसरा भी फेर दे; और जो तेरी दोहर छीन ले, उसको कुरता लेने से भी न रोक।
Luke 6:30 जो कोई तुझ से मांगे, उसे दे; और जो तेरी वस्तु छीन ले, उस से न मांग।
Luke 6:31 और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो।
Luke 6:32 यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखते हैं।
Luke 6:33 और यदि तुम अपने भलाई करने वालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं।
Luke 6:34 और यदि तुम उसे उधार दो, जिन से फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएं।
Luke 6:35 वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है।
Luke 6:36 जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 57-59 
  • रोमियों 4


बुधवार, 31 जुलाई 2013

मुफ्त

   आर्थिक कठिनाईयों से जूझ रहे लोगों की सहायाता के लिए, जिस चर्च में मैं जाता हूँ वहां के लोगों ने एक "सब के लिए मुफ्त" दिवस आयोजित किया। हम चर्च के लोगों ने अपने घरों से कम प्रयोग करी हुई वस्तुएं लाकर चर्च में रख लीं और चर्च के दरवाज़े समाज के लिए खोल दिए और कह दिया कि जिसे जो आवश्यकता हो वह अपनी आवश्यकतानुसार बिना कोई दाम दिए ले जाए। जिन वस्तुओं को लाकर चर्च में रखा गया था वे दैनिक पारिवारिक जीवन में काम आने वाली वस्तुएं थीं, जिनके दाम किसी हम पहले ही चुका चुके थे। अब लोगों को अपनी आवश्यकता पहचान कर वांछित वस्तु केवल माँगना भर था और वह माँगी हुई वस्तु उन्हें बिना किसी प्रश्न या दाम के दे दी जाती।

   यह दिन बहुत सफल रहा, केवल इसलिए नहीं क्योंकि बहुत से लोग बहुत सी वस्तुएं ले जा सके, वरन इससे भी बढ़कर इसलिए क्योंकि उस दिन छः नए लोगों ने प्रभु यीशु को अपने निज उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया। इन छः लोगों ने केवल मुफ्त मिल रही वस्तुओं का लाभ नहीं लिया, वरन उससे भी अधिक उस मुफ्त मिल रही पापों की क्षमा और उद्धार का भी लाभ उठाया जिसकी कीमत प्रभु यीशु ने उनके लिए अपने बलिदान के द्वारा पहले से ही चुका रखी थी।

   समस्त संसार और समस्त मानवजाति के पापों के दण्ड को अपने ऊपर लेकर और उन के लिए लगभग 2000 वर्ष पहले क्रूस पर अपना बलिदान देकर प्रभु यीशु ने सभी के पापों के दण्ड को चुका दिया, तथा मृत्यु पर जयवन्त होकर तीसरे दिन जी उठने के द्वारा अपने ईश्वरत्व को भी प्रमाणित कर दिया। अब प्रभु यीशु से यह क्षमा और उद्धार सब के लिए मुफ्त में उपलब्ध है, केवल उसके पास जाकर इसे माँगना और स्वीकार करना है "इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे" (रोमियों 3:23-25)।

   संसार के इतिहास में केवल एक प्रभु यीशु ही है जिसने पापियों के उद्धार के लिए अपने प्राण दिए और उनसे पापों की क्षमा का भी वायदा करता है। केवल वही एक मात्र है जो स्वतः ही मृत्यु के तीन दिन के बाद जीवित लौट कर आया है और फिर कभी नहीं मरा। केवल वही एक मात्र है जो किसी जाति या धर्म के आधार पर नहीं वरन सभी के लिए अपने प्रेम के आधार पर व्यवहार करता है और उन्हें ऊँच-नीच, बड़े-छोटे, भले-बुरे, धर्मी-अधर्मी आदि में विभाजित नहीं करता वरन सबको अपने में एक कर लेता है "क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो" (गलतियों 3:26-28)।

   हम में से प्रत्येक जन किसी ना किसी बात में या आत्मिक रीति से आवश्यकतामन्द है, और हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति प्रभु यीशु में है। साथ ही संसार के हर जन की आवश्यकता है पापों से क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन, जो केवल प्रभु यीशु में ही उपलब्ध है, और वह भी बिलकुल मुफ्त! क्या आपने इस मुफ्त उपलब्ध उद्धार का लाभ उठा लिया है? - डेव ब्रैनन


पाप क्षमा और उद्धार मुफ्त में उपलब्ध तो हैं, किंतु आपके स्वीकार किए बिना वे आपके लिए कार्यकारी नहीं हो सकते।

अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों 3:22-23

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-9
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56 
  • रोमियों 3