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रविवार, 27 अप्रैल 2014

निर्णय


   अनेक स्वास्थ्य और फिटनैस केन्द्र आशा रखते हैं कि जनवरी के आरंभ होते ही अनेक लोग आकर उनके यहाँ सदस्यता लेंगे, शुल्क भरेंगे, फिर कुछ दिन तक आने के बाद आना बन्द कर देंगे। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि उन लोगों ने शुल्क तो भरा किन्तु उसका लाभ नहीं लिया। लेकिन फिटनैस प्रशिक्षक जैस्सी जोन्स कुछ भिन्न सोच रखते हैं। यदि आप ने सदस्यता ली और फिर नियम से नहीं आए तो वे आपकी सदस्यता रद्द कर देते हैं। जोन्स कहते हैं, "अपने पैसे बचा कर रखिए। कुछ महीनों बाद, जब आप इस बारे में गंभीर हो जाएं तब आकर मुझ से दोबारा मिलिए। मेरी चाहत आपसे तीन और माह का शुल्क लेना नहीं है। मैं चाहता हूँ कि आप अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति गंभीर बनें।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 9:57-62 में हम तीन ऐसे व्यक्तियों को पाते हैं जिन्होंने प्रभु यीशु के पीछे चलने की चाह रखी। उन तीनों से ही प्रभु ने कुछ कठोर बातें कहीं; एक से कहा, "...मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं" (पद 58); दूसरे से कहा, "...मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे..." (पद 60); और तीसरे से कहा, "...जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं" (पद 62)। प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु यीशु ने दिखाया कि प्रभु का चेला बन कर उसके पीछे चलना कैसा बलिदान और कटिबद्धत्ता का जीवन है।

   एक व्यक्ति का, जिसे मैं प्रभु यीशु के प्रति समर्पित और संवेदनशील शिष्य के रूप में जानता और उसकी सराहना करता हूँ, कहना है कि "प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक मूलभूत परिवर्तन और कटिबद्धत्ता के लिए तैयार रहना चाहिए"। प्रभु यीशु हमें केवल वर्तमान स्थिति से निकलने मात्र के लिए ही नहीं बुलाता, वरन इसलिए भी कि उस स्थिति से निकल कर उसके पीछे चल निकलने के अपने निर्णय को हम गंभीरता पूर्वक लें और निभाएं भी। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु का अनुयायी होना संपूर्ण समर्पण माँगता है।

हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। - फिलिप्पियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 9:57-62
Luke 9:57 जब वे मार्ग में चले जाते थे, तो किसी न उस से कहा, जहां जहां तू जाएगा, मैं तेरे पीछे हो लूंगा। 
Luke 9:58 यीशु ने उस से कहा, लोमडिय़ों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं, पर मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं। 
Luke 9:59 उसने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उसने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं। 
Luke 9:60 उसने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जा कर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना। 
Luke 9:61 एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं। 
Luke 9:62 यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 14-16


शनिवार, 26 अप्रैल 2014

सच्ची भक्ति


   हाल ही में मैंने युवाओं की ओर लक्षित पहरावे का एक विज्ञापन देखा; उसमें नीले रंग की जीन्स और उनके साथ जाने वाली सभी सहायक सामग्री दिखाई गई थी। इसमें कुछ भी नया नहीं है, लेकिन जिस बात ने मेरा ध्यान खींचा वह था उस पहरावे को दिया गया नाम - "ट्रू रिलिजन" अर्थात "सच्चा धर्म"। इस नाम के कारण मैं थम कर सोचने लगा - यह नाम क्यों चुना गया? कहीं ऐसा तो नहीं कि मैं इसमें छुपा कुछ गहरा अर्थ समझ नहीं पा रहा हूँ? एक जीन्स का धर्म से क्या संबंध हो सकता है? ये लोग कहना क्या चाहते हैं? मेरे इस चिन्तन ने मुझे निरुत्तर ही छोड़ दिया।

   मैं धन्यवादी हूँ कि परमेश्वर का वचन बाइबल इस संबंध में बिलकुल स्पष्ट है। बाइबल के नए नियम खण्ड की याकूब की पत्री में सच्चे धर्म के लिए लिखा है: "हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें" (याकूब 1:27) - यह एक अनूठी और प्रेर्णादायक बात है। बाइबल के अनुसार, सच्ची भक्ति  या सच्चा धर्म परमेश्वर के साथ हमारे संबंध का प्रगटिकरण है। मसीह यीशु में होकर बनी हमारी नई पहचान और परमेश्वर के साथ के हमारे संबंध का एक प्रमाण है कि हम एक दूसरे की देखभाल कैसी करते हैं - हम में जो कमज़ोर, ज़रूरतमंद तथा विपरीत परिस्थितियों के शिकार हो सकने की संभावना में हैं उनके प्रति हमारा रवैया क्या है?

   सच्चा धर्म या सच्ची भक्ति कोई वस्त्र नहीं है जिसे चाहे जब पहन लो और चाहे जब उतार दो। वह तो एक उच्च स्तर की चुनौती है, यह जानने और पहचानने की कि हम पवित्र परमेश्वर और संसार के समक्ष कैसा जीवन व्यतीत करते हैं। - बिल क्राउडर


अपने ऊपर कोई लेबल लगाने लेने से हम सच्ची भक्ति नहीं दिखा सकते; यह होता है परमेश्वर के भय और इच्छानुसार एक सच्चा जीवन जीने से।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: याकूब 1:19-27
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। 
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है। 
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है। 
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। 
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। 
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। 
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है। 
James 1:26 यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है। 
James 1:27 हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 10-13


शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

सुन्दर


   हल्के बैंगनी और नारंगी रंग की पृष्ठभूमि पर बारीक काले जालिनुमा नमूने में से होकर चमकते हुए प्रकाश ने मेरा ध्यान खेंचा। बारीकी से किए गए इस कार्य को देखकर मैंने सोचा कि यह अवश्य किसी कुशल चित्रकार की कला होगी। मैं बारीकी से उस चित्र के बनाने के लिए उपयोग किए गए चित्र-पटल - उस पत्ते को देखने लगा, और शीघ्र ही वहीं मुझे वह "चित्रकार" भी दिखाई दे गया - एक कीड़ा जिसने पत्ते को खाते खाते, पत्ते के अन्दर यहाँ-वहाँ रेखाओं का जाल सा खींच दिया था, और उस अध-खाए रंगीन पत्ते की उन रेखाओं में से कहीं कहीं से होकर सूरज की रौशनी दिखाई पड़ रही थी। उसी चमकती हुई रौशनी के कारण, पत्ते के नाश का वह दृष्य एक सुन्दर चित्रकला सा प्रतीत हो रहा था।

   उस "चित्र" को निहारते हुए मैं उन जीवनों के बारे में सोचने लगी जिन्हें पाप के कीड़े ने खा कर बरबाद कर दिया है। हमारे द्वारा या फिर अन्य किसी के द्वारा लिए गए गलत निर्णयों के दुषप्रभाव हमें अन्दर से खोखला कर देते हैं और हमारे लिए कष्टदायक बन जाते हैं। हम चाहे ऊपर या बाहर से ठीक दिखाई दें लेकिन पाप हमें अन्दर ही अन्दर गलाता तथा काटता रहता है। हम सब पाप के इन कटु दुष-परिणामों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जानते हैं।

   लेकिन उस "चित्र" ने मुझे केवल पाप द्वारा अन्दर से खाए जाने और नाश किए जाने की ही याद नहीं दिलाई, वरन उस स्थिति में भी मसीह यीशु में होकर मिलने वाली आशा और उसके सुखद परिणामों को भी याद दिलाया। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में अपने नबी योएल के द्वारा अपनी प्रजा इस्त्राएल से कहा, "और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा" (योएल 2:25); और यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कहा, "और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो" (यशायाह 61:3 )।

   शैतान का यह निरंतर प्रयास रहता है कि वह हमें पाप में बनाए रखे, हमें बिगाड़े रखे तथा नाश की ओर ले जाए। लेकिन जगत की ज्योति प्रभु यीशु मसीह हमारी पाप से बिगड़ी दशा में भी हमें स्वीकार कर के, हम में होकर अपनी ज्योति को संसार के समक्ष चमकने के द्वारा हमें सबके लिए सुन्दर तथा आकर्षक बना सकता है। बस हमें अपने आप को उसके हाथों में समर्पित करना है और उसे हमारे जीवनों में कार्य करने देने की स्वतंत्रता प्रदान करनी है; फिर वह हमारे बिगड़े हुए स्वरूप को भी संवार देगा, हम में होकर अपने तेज को संसार पर प्रगट करेगा और हमें सुन्दर कर देगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु हमारी सभी अपूर्णताएं हटाता नहीं है, वरन उन अपूर्णताओं में होकर अपनी ज्योति को चमकाता है और हमें सुन्दर बनाता है।

मैं तुम्हारे लिये नाश करने वाले को ऐसा घुड़कूंगा कि वह तुम्हारी भूमि की उपज नाश न करेगा, और तुम्हारी दाखलताओं के फल कच्चे न गिरेंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - मलाकी 3:11 

बाइबल पाठ: योएल 2:18-27
Joel 2:18 तब यहोवा को अपने देश के विषय में जलन हुई, और उसने अपनी प्रजा पर तरस खाया। 
Joel 2:19 यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।
Joel 2:20 मैं उत्तर की ओर से आई हुई सेना को तुम्हारे पास से दूर करूंगा, और उसे एक निर्जल और उजाड़ देश में निकाल दूंगा; उसका आगा तो पूरब के ताल की ओर और उसका पीछा पश्चिम के समुद्र की ओर होगा; उस से दुर्गन्ध उठेगी, और उसकी सड़ी गन्ध फैलेगी, क्योंकि उसने बहुत बुरे काम किए हैं।
Joel 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं! 
Joel 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। 
Joel 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।
Joel 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रासकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे। 
Joel 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।
Joel 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी। 
Joel 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 7-9


गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

भली विरासत


   मिशिगन प्रांत के मूल रेड इंडियन निवासी ही वहाँ के राजमार्ग बनाने वाले आरंभिक इंजीनियर थे। कुछ अपवादों को छोड़, आज के मिशिगन प्रांत के सभी राजमार्ग, उन मूल निवासियों द्वारा सैकड़ों वर्ष पहले जंगलों के बीच से निकाले गए मार्गों पर ही बनाए गए हैं। उन मूल निवासियों ने पहले तो पगडंडियाँ बनाई थीं जो 12-18 इंच चौड़ी हुआ करती थीं क्योंकि सुरक्षा के लिए लोग एक दूसरे के पीछे होकर ही चलते थे। फिर जब वे उन पगडंडी मार्गों पर घोड़े लेकर चलने लगे तो वे कुछ और चौड़े हो गए। अमेरिका में श्वेत निवासियों के आने और बस जाने के बाद घोड़ा गाड़ियाँ आईं जिनके लिए मार्ग और बड़े और बेहतर हुए और धीरे धीरे जैसे जैसे यातायात के साधन और यातायात करने वाले बढ़ते गए, वे कच्चे मार्ग पक्के मार्ग बने और फिर वर्तमान के राजमार्ग बन गए।

   ऐसे ही, राजा सुलेमान भी अपने पिता के दिखाए मार्ग पर चला और अपने बाद अपने पुत्रों और पोतों के लिए अनुसरण करने का मार्ग छोड़ गया। यह मार्ग था उसकी शिक्षाओं पर ध्यान लगाकर चलना जैसे वह अपने पिता राजा दाऊद की शिक्षाओं पर चलता रहा था (नीतिवचन 4:4-5)। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद को "परमेश्वर के मन के अनुसार व्यक्ति" कहा गया है (1 शमूएल 13:14; प्रेरितों 13:22)। राजा सुलेमान ने ऐसे "परमेश्वर के मन के अनुसार व्यक्ति" की शिक्षाओं का अनुसरण किया और अपने बाद अपनी सन्तान के लिए भी इस अनुसरण की शिक्षा छोड़ गया। परमेश्वर के विश्वासियों की युवा पीढ़ी अपने परिवार से ही परमेश्वर के बारे में सर्वोत्तम सीख सकती है।

   आज भी हमारी शारीरिक और आत्मिक सन्तान हमें ग़ौर से देखती हैं कि हम किस मार्ग पर चल रहे हैं। जीवते सच्चे परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह की विश्वासी होने के कारण, यह हमारा कर्तव्य है कि हम परमेश्वर के वचन बाइबल के अनुसार खरी, बुद्धिमतापूर्ण और स्पष्ट शिक्षाओं की पगडंडियाँ अपने अभिभावकों के लिए तैयार करके छोड़ें, जो आती पीढ़ीयों में उनके लिए भले राजमर्ग बन सकें। यही परमेश्वर की महिमा के लिए निरन्तर उपयोग होने वाली भली विरासत है। - डेव एगनैर


जब हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं तो हम अपने पीछे आने वालों के लिए एक मार्ग बना कर देते हैं।

जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है। नीतिवचन 15:32 

बाइबल पाठ: नीतिवचन 4:1-7
Proverbs 4:1 हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ। 
Proverbs 4:2 क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो। 
Proverbs 4:3 देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्र था, और माता का अकेला दुलारा था, 
Proverbs 4:4 और मेरा पिता मुझे यह कह कर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा। 
Proverbs 4:5 बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर; उन को भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना। 
Proverbs 4:6 बुद्धि को न छोड़, वह तेरी रक्षा करेगी; उस से प्रीति रख, वह तेरा पहरा देगी। 
Proverbs 4:7 बुद्धि श्रेष्ट है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 4-6


बुधवार, 23 अप्रैल 2014

प्रार्थना


   मठ के रसोई घर रह कर में नम्रता और दीनता के साथ बर्तन मांझने वाले ब्रदर लौरेंस (1614-1691) अपने आप को सदा ही परमेश्वर के अति निकट पाते थे। अवश्य ही ब्रदर लौरेंस प्रार्थना के लिए कुछ विशेष समय अलग से निकलते थे, लेकिन जो उनके लिए जीवन संवारने वाला अनुभव था वह था उनका अपने कार्य करते हुए प्रार्थना के भाव में बने रहना। उनके द्वारा लिखी गई सुप्रसिद्ध और बहुचर्चित भक्ति रचना, Practicing the Presence of God में वे लिखते हैं, "यह सोचना कि हमारे प्रार्थना के समय हमारी दिनचर्या से अलग होने चाहिए एक बहुत बड़ा भ्रम है। हम बाध्य हैं कि अपने कार्य समय में भी अपने कार्य के द्वारा परमेश्वर से ऐसे ही चिपके रहें जैसे अपने प्रार्थना काल में प्रार्थना द्वारा उस से चिपक जाते हैं।" उनके कहने का तात्पर्य था कि हम "निरन्तर प्रार्थना में लगे रहें" (1 थिस्सुलुनीकियों 5:17)।

   यह स्मरण रखने और जीवन संवारने के लिए एक बहुत सहायक बात है, क्योंकि कई बार हमारी प्रवृति जीवन को खण्डों में बाँट लेने की होती है। हो सकता है कि हम केवल चर्च में उपस्थित होने पर ही प्रार्थना करते हों, या फिर अपने गुट के साथ बाइबल अध्ययन के समय में, या पारिवारिक प्रार्थना समय अथवा व्यक्तिगत प्रार्थना के लिए निकाले गए विशेष समय में ही। लेकिन हमारे प्रतिदिन के कार्य समय में प्रार्थना का क्या? कार्य समय में प्रार्थना करने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने कार्य को छोड़कर, हाथ जोड़कर, घुटनों पर आकर ऊँची आवाज़ में प्रार्थना करने लगें। लेकिन इसका यह तात्पर्य अवश्य है कि अपने दिन के कार्य के दौरान लिए जाने वाले प्रत्येक निर्णय, लोगों से होने वाले प्रत्येक संपर्क और बातचीत को हम मन ही मन शांत स्वभाव के साथ परमेश्वर के सम्मुख लाते रहें, उससे उस समय, निर्णय और बातचीत के लिए मार्गदर्शन पाते रहें।

   हम कहीं भी हों, कुछ भी कर रहे हों, परमेश्वर चाहता है कि हम उसे उस सब का एक भाग बनाए रखें। जब यह प्रार्थना और परमेश्वर की उपस्थिति में बने रहने का भाव हमारे कार्यों और जीवनों के प्रतिपल का अभिन्न अंग बन जाएगा, तो हमारे जीवन भी परमेश्वर की महिमा का कारण बन जाएंगे, आशीषित हो जाएंगे। - डेनिस फिशर


सच्ची प्रार्थना, जीवन जीने की एक विधि है; ना कि आपात काल में सहायता पाने के लिए लिया गया टेढ़ा-मेढ़ा मार्ग।

और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। - इफिसियों 6:18

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 5:12-18
1 Thessalonians 5:12 और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो। 
1 Thessalonians 5:13 और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल-मिलाप से रहो। 
1 Thessalonians 5:14 और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ। 
1 Thessalonians 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्‍पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्‍टा करो। 
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो। 
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। 
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 1-3


मंगलवार, 22 अप्रैल 2014

खज़ाने


   मैं और मेरे पति विर्जीनिया के पूर्वी तट पर भ्रमण के लिए निकले थे और उस यात्रा में हम नक्शे का बारीकी से अध्ययन कर रहे थे। हम एक ऐसे मार्ग को ढूँढ रहे थे जो हमें समुद्र तट पर ले जाए। अन्ततः मुझे वह मार्ग मिल गया और मैंने गाड़ी उस पर डाल दी। कुछ ही समय में हम आनन्द से हंसने लगे क्योंकि समुद्र तट से कुछ ही पहले हम एक राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण उद्द्यान पहुँच गए थे। हमारे चारों ओर रेत के टीले, दलदल, समुद्र तटीय घास और बहुतायत से पक्षी, बगुले आदि थे। वह क्षेत्र सक्रीय, शोरगुल से भरपूर और बहुत मनोरम था। हम शिनकोटीग तथा असाटीग द्वीपों पर पहुँच गए थे - जो एक द्वीप से दुसरे द्वीप तक होने वाली वार्षिक खच्चर तैराकी के लिए जाने जाते थे। बहुत से अन्य लोगों ने इन्हें देखा और सराहा था, लेकिन हमारे लिए तो यह अन्देखा, अनखोजा अद्भुत नज़ारा था।

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी बहुत से लोगों के लिए ऐसा ही अन्देखा, अनखोजा और अद्भुत रोमांचकारी अनुभव है। बहुत से लोगों ने कभी इस पवित्र शास्त्र में छुपे बहुमूल्य खज़ानों को जाना ही नहीं है। इब्रानियों का लेखक परमेश्वर के वचन के लिए कहता है कि: "क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है" (इब्रानियों 4:12)। भजनकार ने उसे मार्ग को उजियाला देने वाला दीपक कहा है (भजन 119:105), और प्रेरित पौलुस ने उसे परमेश्वर के उद्देश्य बताने और सिखाने वाला कहा है (2 तिमुथियुस 3:16-17)।

   बाइबल को लेकर प्रार्थना पूर्वक पढ़ना आरंभ कीजिए, परमेश्वर से उसके विचारों और बातों को जानने की समझ माँगिए, और आप उन बहुमूल्य खज़ानों को देखने पाएंगे जो आपके जीवन को चकाचौंध कर देंगे। खज़ाने आपकी प्रतीक्षा में हैं; क्या आप उनकी लालसा रखते हैं? - सिंडी हैस कैसपर


परमेश्वर के वचन के अन्मोल रत्न खोजे जाने की प्रतीक्षा में हैं।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 3:14-17
2 Timothy 3:14 पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था 
2 Timothy 3:15 और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। 
2 Timothy 3:16 हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। 
2 Timothy 3:17 ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 27-29


सोमवार, 21 अप्रैल 2014

निवेश


   वह वित्तीय सलाहकार अपने श्रोताओं से कह रहा था, "मैं आपकी सहायता करना चाहता हूँ जिससे आप अपने भविष्य के लिए बुद्धिमानी से अपने पैसे का निवेश कर सकें।" वह चाहता था कि उसके श्रोता सेवानिवृत्ति निधी में निवेश करें, स्टॉक मार्केट या शेयर बाज़ार तथा अर्थव्यवस्था के उतार चढ़ाव से निश्चिंत होकर; क्योंकि, उसके अनुसार, अन्ततः उसके परिणाम बहुत लाभदायक होने वाले थे।

   परमेश्वर भी चाहता है कि हम बुद्धिमानी के साथ एक अन्य निवेश करें - अपने आत्मिक भविष्य के लिए। जीवन और परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव के दौरान हमें लगातार अपने "आत्मिक जमा-खाते" में अपने चरित्र का निवेश करते रहना चाहिए। मसीह यीशु पर उद्धार के लिए विश्वास ले आने के पश्चात, हमें अपने चरित्र के साथ इन अन्य सद्गुणों का निवेश करना चाहिए: विश्वास, सद्गुण, समझ, संयम, धीरज, भक्ति, भाई-चारे की प्रीति और प्रेम (2 पतरस 1:5-11)।

   चरित्र निर्माण में किए गए इस निवेश के भविष्य में मिलने वाले परिणाम होंगे, ईश्वरीय स्वभाव, मसीह यीशु के ज्ञान में बढ़ते हुए फलवन्त जीवन, हमारी बुलाहट के प्रति निश्चय, पाप पर मिलने वाली विजय (पद 5-10)।

   सेवानिवृत्ति निधी में निवेश करना सांसारिक धन पाने के दृष्टिकोण से लाभदायक हो सकता है, लेकिन वह निवेश या मिलने वाला धन आपके अनन्त भविष्य की सुरक्षा का निश्चय कतई नहीं है। आत्मिक जीवन में परमेश्वर के वचन बाइबल के निर्देशों के अनुसार समझदारी से किया गया निवेश ही पृथ्वी और स्वर्ग दोनों ही स्थानों पर निश्चित लाभ देना वाला निवेश है। यदि आपने आज तक यह निवेश नहीं किया है, तो अभी अवसर है, प्रभु यीशु में विश्वास लाने के द्वारा स्वर्ग में अपना खाता खोल लीजिए और फिर उसमें अपने चरित्र तथा अनन्त भविष्य का परमेश्वर के वचन के अनुसार निवेश करना आरंभ कर दीजिए। - ऐनी सेटास


अनन्त के लाभ के लिए निवेश करने का समय और अवसर अभी ही है।

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। - गलतियों 5:22-23

बाइबल पाठ: 2 पतरस 1:1-11
2 Peter 1:1 शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धामिर्कता से हमारा सा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है। 
2 Peter 1:2 परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्‍ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए। 
2 Peter 1:3 क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्‍ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है। 
2 Peter 1:4 जिन के द्वारा उसने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूट कर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्‍वभाव के समभागी हो जाओ। 
2 Peter 1:5 और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्‍न कर के, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। 
2 Peter 1:6 और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। 
2 Peter 1:7 और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। 
2 Peter 1:8 क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। 
2 Peter 1:9 और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुल कर शुद्ध होने को भूल बैठा है। 
2 Peter 1:10 इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्‍न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे। 
2 Peter 1:11 वरन इस रीति से तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनन्त राज्य में बड़े आदर के साथ प्रवेश करने पाओगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 24-26