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रविवार, 11 मई 2014

प्रभावशाली महिला


   सोलहवीं शताबदी में योरप में हुए प्रोटेस्टेन्ट धर्म सुधार के आरंभिक दिनों में रोमन कैथोलिक मत से निकल कर आने वाली एक सन्यासिन कैथरीन वॉन बोरा का विवाह धर्म सुधार के अग्रणीय, विटिनबर्ग में रहने वाले मार्टिन लूथर से हुआ। उनका यह विवाह हर रीति से एक आनन्दमय पारिवारिक जीवन और पारस्परिक संबंध का जीवन था। लूथर ने अपने अनुभव के आधार पर लिखा, "संसार के संबंधों में भले विवाह संबंध से बढ़कर मधुर और कोई संबंध नहीं है, और जीवन साथी से बिछुड़ने से अधिक कटु कोई अनुभव नहीं है"।

   क्योंकि कैथरीना प्रति प्रातः 4 बजे उठकर अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वाह आरंभ कर देती थी, इसलिए लूथर उसे "विटिनबर्ग का भोर का तारा" कहते थे। कैथरीना अपने घर के फल और सबज़ी के बागीचे की मेहनत के साथ देख-रेख करती थी। वह पारिवारिक व्यवसाय, लूथर परिवार के घर और ज़ायदाद की भी उतनी ही मेहनत और लगन से देख-भाल करती थी। समय के साथ लूथर और कैथरीना के छः बच्चे भी हुए, जिनके लिए कैथरीना का मानना था कि उनके चरित्र निर्माण की पाठशाला उनका अपना घर ही है और वह इस ज़िम्मेदारी को भी उतनी ही लगन के साथ निभाती थी। कैथरीना की इस भली विचारधारा, मेहनत और लगन ने उसे वास्तव में एक बहुत प्रभावशाली महिला बना दिया था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की नीतिवचन पुस्तक के 31वें अध्याय में एक उत्तम गृहणी के चरित्र का वर्णन दिया है; कैथरीना उसी वर्णन के अनुसार अपने आप को चलाने वाली महिला थी। जो जो गुण बाइबल में दी गई उस महिला के जीवन में पाए जाते हैं, कैथरीना उन्हीं के अनुसार प्रातः होने से पहले ही उठ कर अपने घराने के लिए भोजन और परिवार की देखभाल के लिए मेहनत किया करती थी।

   कैथरीना जैसी प्रभावशाली महिलाओं के जीवनों से हम परमेश्वर के भय में जीना, हर संबंध को सच्चे प्रेम से निभाना और हर ज़िम्मेदारी को पूरी कर्मठता के साथ पूरा करना सीख सकते हैं। - डेनिस फिशर


परमेश्वर के भय में चलने वाली भली माताएं ना केवल शब्दों द्वारा जीवन जीना सिखाती हैं, वरन अपने जीवनों के उदाहरण से उसे जी कर भी दिखाती हैं।

हर बुद्धिमान स्त्री अपने घर को बनाती है, पर मूढ़ स्त्री उसको अपने ही हाथों से ढा देती है। - नीतिवचन 14:1

बाइबल पाठ: नीतिवचन 31:10-31
Proverbs 31:10 भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उस के पति के मन में उस के प्रति विश्वास है। 
Proverbs 31:11 और उसे लाभ की घटी नहीं होती। 
Proverbs 31:12 वह अपने जीवन के सारे दिनों में उस से बुरा नहीं, वरन भला ही व्यवहार करती है। 
Proverbs 31:13 वह ऊन और सन ढूंढ़ ढूंढ़ कर, अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है। 
Proverbs 31:14 वह व्यापार के जहाजों की नाईं अपनी भोजन वस्तुएं दूर से मंगवाती हैं। 
Proverbs 31:15 वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी लौण्डियों को अलग अलग काम देती है। 
Proverbs 31:16 वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है। 
Proverbs 31:17 वह अपनी कटि को बल के फेंटे से कसती है, और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। 
Proverbs 31:18 वह परख लेती है कि मेरा व्यापार लाभदायक है। रात को उसका दिया नहीं बुझता। 
Proverbs 31:19 वह अटेरन में हाथ लगाती है, और चरखा पकड़ती है। 
Proverbs 31:20 वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र के संभालने को हाथ बढ़ाती है। 
Proverbs 31:21 वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती, क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहिनते हैं। 
Proverbs 31:22 वह तकिये बना लेती है; उसके वस्त्र सूक्ष्म सन और बैंजनी रंग के होते हैं। 
Proverbs 31:23 जब उसका पति सभा में देश के पुरनियों के संग बैठता है, तब उसका सम्मान होता है। 
Proverbs 31:24 वह सन के वस्त्र बनाकर बेचती है; और व्योपारी को कमरबन्द देती है। 
Proverbs 31:25 वह बल और प्रताप का पहिरावा पहिने रहती है, और आने वाले काल के विषय पर हंसती है। 
Proverbs 31:26 वह बुद्धि की बात बोलती है, और उस के वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं। 
Proverbs 31:27 वह अपने घराने के चाल चलन को ध्यान से देखती है, और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती। 
Proverbs 31:28 उसके पुत्र उठ उठ कर उसको धन्य कहते हैं, उनका पति भी उठ कर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है: 
Proverbs 31:29 बहुत सी स्त्रियों ने अच्छे अच्छे काम तो किए हैं परन्तु तू उन सभों में श्रेष्ट है। 
Proverbs 31:30 शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है, परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी। 
Proverbs 31:31 उसके हाथों के परिश्रम का फल उसे दो, और उसके कार्यों से सभा में उसकी प्रशंसा होगी।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 1-3


शनिवार, 10 मई 2014

क्षमा याचना


   मार्क से गलती हो गई। उसे रेस्टोरन्ट में एक मित्र से मिलना था और वह निर्धारित समय से एक घंटा विलम्ब से पहुँचा, तब तक उसका मित्र उसकी प्रतीक्षा करने के बाद वहाँ से जा चुका था। अपनी गलती के लिए शर्मिंदा होते हुए मार्क ने एक उपहार खरीदा और फिर एक स्थानीय दुकान से क्षमा याचना व्यक्त करने वाला एक कार्ड खरीदने गया। विभिन्न प्रकार और अवसरों के लिए प्रयोग में आने वाले अनेकों कार्डों में मार्क को क्षमा याचना का कार्ड ढूँढ़ पाना कठिन हो गया। आखिरकर उसे कुछ कार्ड मिले, जो उस दुकान के एक कोने में अप्रत्यक्ष से रखे हुए थे। उसने एक कार्ड लिया, उसे अपने उपहार के साथ लगा कर अपने मित्र को दिया, जिसने उसकी क्षमा याचना स्वीकार कर ली।

   चाहे क्षमा याचना कार्ड मिलना आसान ना भी हो, तो भी हमारे संबंधों मे क्षमा याचना की आवश्यकता बहुधा होती ही है। क्षमा याचना करना परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षाओं के अनुरूप है। प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को सिखाया कि वे आगे बढ़कर उन लोगों के साथ, जिन्हें उन से कोई ठोकर लगी हो, अपने संबंध ठीक करें (मत्ती 5:23-24; 18:15-20)। प्रेरित पौलुस में होकर परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने लिखवाया: "जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो" (रोमियों 12:18); ऐसा कर पाने के लिए क्षमा याचना करने का मन रखना अनिवार्य है।

   लेकिन क्षमा याचना करना सामन्यतः लोगों को बहुत कठिन लगता है, क्योंकि ऐसा करने के लिए सबसे पहले एक विनम्र हृदय होना आवश्यक है, तब ही हम अपनी गलती को मानने वाले और सच्चे मन से किसी से क्षमा माँगने वाले बन सकते हैं; और यह मनुष्य का स्वाभाविक व्यावहार नहीं है। प्रभु यीशु से मिलने वाली पापों की क्षमा और उसको किया गया जीवन समर्पण हमारे अहंकारी स्वभाव को विनम्र बनाता है और हमें क्षमा याचना करने वाला बनाता है। जहाँ क्षमा याचना और क्षमा प्राप्ति है, वहाँ संबंधों में कटुता बनी नहीं रह सकती, और संबंधों की बहाली स्वाभाविक हो जाती है।

   क्या आप से किसी के प्रति कोई गलती हुई है? अपने अहम को आड़े ना आने दें, परमेश्वर के सामने इस बात को मान लें और उससे बात ठीक करने के लिए सहायता माँगें। फिर विनम्र होकर आगे बढ़ें और उस जन से क्षमा याचना करें, चाहे आपके पास क्षमा याचना का कार्ड ना भी हो। परमेश्वर की सहायता और आपकी सच्चे प्रयास से संबंध बहाल हो जाएंगे। - ऐनी सेटास


अन्तिम बात कहने का सबसे अच्छा तरीका है क्षमा याचना।

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। - गलतियों 5:22-23

बाइबल पाठ: मत्ती 5:21-26
Matthew 5:21 तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:22 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्‍ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे “अरे मूर्ख” वह नरक की आग के दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:23 इसलिये यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहां तू स्मरण करे, कि मेरे भाई के मन में मेरी ओर से कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वहीं वेदी के साम्हने छोड़ दे। 
Matthew 5:24 और जा कर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा। 
Matthew 5:25 जब तक तू अपने मुद्दई के साथ मार्ग ही में हैं, उस से झटपट मेल मिलाप कर ले कहीं ऐसा न हो कि मुद्दई तुझे हाकिम को सौंपे, और हाकिम तुझे सिपाही को सौंप दे और तू बन्‍दीगृह में डाल दिया जाए। 
Matthew 5:26 मैं तुम से सच कहता हूं कि जब तक तू कौड़ी कौड़ी भर न दे तब तक वहां से छूटने न पाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 10-13


शुक्रवार, 9 मई 2014

महिमामय तथा उपयोगी


   मेरे नाती-पोते रंगीन लेगो के साथ खेलना बहुत पसन्द करते हैं। लेगो के उन छोटे छोटे कई भिन्न रंगों के आकारों को आपस में जोड़ कर किले, हवाई जहाज़, घर आदि कुछ भी दिए गए निर्देशों के अनुसार बनाया जा सकता है। लेगो से खेलने के लिए वे बच्चे खिलौने के डिब्बे को ज़मीन पर उलट कर सभी आकारों को बाहर निकाल लेते हैं, और फिर निर्देश पुस्तिका में दी गई किसी चीज़ को बनाने लग जाते हैं। लेकिन शीघ्र ही बजाए दिए गए निर्देशों का पालन करते रहने के, वे अपनी समझ और इच्छानुसार बनाना आरंभ कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि कुछ ही देर में बनाई जा रही वह चीज़ बिगड़ जाती है, और उन्हें सारे आकारों को अलग अलग करके फिर से बनाना आरंभ करना पड़ता है - लेकिन इस बार वे निर्देशों का ध्यान भी करते रहते हैं।

   क्या आज आप अपने जीवन को सुचारू रूप से चलता हुआ पाने की बजाए उसे अस्त-व्यस्त पाते हैं? यदि ऐसा है तो आपको भी अपने जीवन को परमेश्वर के नियमों के अनुसार सुधारने और पुनः बनाने की आवश्यकता है। प्रेरित पौलुस ने लिखा है कि प्रत्येक मसीही विश्वासी के जीवन की नेंव प्रभु यीशु मसीह है, और हम सब को ध्यान देना है कि हम उस नेंव पर कैसे निर्माण कर रहे हैं (1 कुरिन्थियों 3:10-11)। प्रभु ने हमारे लिए कुछ निर्देश भी दिए हैं जिनके अनुसार ही हमें अपने जीवनों को उसकी महिमा और उपयोगिता के लिए बनाना है। 

ये निर्देश हैं:
- नम्रता पूर्वक दूसरों की सेवा करते हुए उन्हें अपने से बढ़कर समझो (फिलिप्पियों 2:3-4);
- ज़रूरतमन्दों को अपने संसाधनों में से उदारता पूर्वक दो (याकूब 2:14-17);
- जो आपके साथ बुराई भी करें उनके साथ भी प्रेम पूर्वक व्यवहार करो (रोमियों 12:14-21);

ये अपने जीवन को भलि-भांति परमेश्वर के लिए महिमामय तथा उपयोगी (1 कुरिन्थियों 3:16) बनाने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए उसके निर्देशों में से कुछ निर्देश हैं, जिनका पालन द्वारा हमारी अपनी तथा अन्य लोगों की भलाई होती है। - जो स्टोवैल

जीवन संवारने तथा बनाने के लिए बाइबल परमेश्वर की ओर से दिया हुआ मार्गदर्शक एवं नक्षा है।

और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो। - इफिसियों 2:20-22

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:9-17
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1 Corinthians 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है। 
1 Corinthians 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते। 
1 Corinthians 3:16 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? 
1 Corinthians 3:17 यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 7-9


गुरुवार, 8 मई 2014

उपलब्ध


   गैरी अदालत में बैठा अपने मुकदमे की सुनवाई का नंबर आने की प्रतीक्षा में था। उस दौरान वह चल रहे मुकदमों की सुनवाई के दौरान एक के बाद एक लोगों की गवाहियाँ सुन रहा था जो बेघर किए जा रह थे। उन लोगों में से कई तो इस न्यायिक कार्यवाही से होकर ऐसे निकल रहे थे मानो वे इससे भलि-भांति परिचित हों और उन्हें कोई परवाह ना हो। लेकिन उन में से एक महिला, लेस्ली, बहुत घबराई हुई थी, उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है, और आगे क्या होगा, और ना ही उस महिला को समझ आ रहा था कि सही सहायता पाने के लिए किस के पास जाए।

   वहाँ बैठे बैठे गैरी को लगा जैसे उसके अन्दर कोई उसे उस महिला की सहायता के लिए आगे बढ़ने को कह रहा है। गैरी बहुत देर तक अपने अन्दर की उस आवाज़ को दबाता और नज़रन्दाज़ करता रहा, लेकिन वह आवाज़ शान्त नहीं हुई। गैरी ने आगे बढ़कर उस महिला की सहायता ना करने के कई बहाने ढूँढे; जैसे कि, अनजाने लोगों के साथ बातचीत करना उसे नहीं आता; उसे डर था कि उसका यह प्रयास गलत ना समझ लिया जाए, इत्यादि; लेकिन अन्ततः उसे लगा कि यह आवाज़ परमेश्वर की ओर से है, और वह परमेश्वर के निर्देशों के प्रति अनाज्ञाकारी नहीं होना चाहता था।

   जब वह महिला, लेस्ली, न्यायालय से निकल कर जाने लगी तब गैरी उसके पास गया और उससे कहा, "महोदया, मैंने अदालत में दी गई आपकी गवाही सुनी है, और मेरा विश्वास है कि परमेश्वर चाहता है कि मैं आपकी सहायता करूं।" पहले तो लेस्ली को गैरी पर शक हुआ, लेकिन गैरी ने उसे अपनी और अपनी इच्छा की खराई का विश्वास दिलाया। फिर गैरी ने कुछ लोगों से फोन द्वारा संपर्क किया और उस महिला का एक स्थानीय चर्च के लोगों के साथ संपर्क करवा दिया, जिन्होंने उसका घर बचाए रखने के लिए उसकी सहायता करी।

   परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को सक्रीय होकर उसके लिए कार्यरत रहने के लिए बुलाया है (1 यूहन्ना 3:18)। जब हम परमेश्वर की आवाज़ किसी की सहायता करने जाने के लिए सुनें, तो उस बुलाहट के प्रति ना केवल संवेदनशील हों वरन आज्ञाकारी भी रहें। परमेश्वर के लिए उपलब्ध बन कर ही हम उसके लिए उपयोगी हो सकते हैं। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


जब हम परमेश्वर की इच्छानुसार दूसरों की सेवा में लगे होते हैं, तब ही हम अपने लिए सर्वोत्तम कार्य में होते हैं।

अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर। - नीतिवचन 31:9

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:16-23
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। 
1 John 3:19 इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसके विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। 
1 John 3:20 क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। 
1 John 3:21 हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। 
1 John 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। 
1 John 3:23 और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 4-6


बुधवार, 7 मई 2014

समयानुसार


   मैं पहली बार सन 2005 में जमाइका के दक्षिणी तट के निकट पास्टर औडले ब्लैक के चर्च में आया था। तब उन्होंने अपने चर्च की आराधना सभा के लिए भवन के विस्तार का एक कार्यक्रम आरंभ किया ही था। उसके बाद मैं जितनी बार लौट कर वहाँ आया मैंने पाया कि उस भवन विस्तार में धीरे ही सही लेकिन कुछ ना कुछ बढ़ोतरी अवश्य ही होती जा रही थी। उन लोगों में इस बात को लेकर कोई निराशा नहीं थी कि भवन के पूरा होने में इतना समय लग रहा है। पास्टर ब्लैक और उस चर्च के अन्य लोग परमेश्वर के समय और जो कुछ वह उनके लिए कर रहा है उसको लेकर बहुत खुश रहते हैं। उनका यह धैर्य, आनन्द और विश्वास मेरे लिए एक प्रेर्णा और शिक्षा है।

   हम लोग सामान्यतः अधीर रहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारा चर्च तेज़ी से बढ़े, चर्च के जवान तेज़ी से परिपक्व हों और हमारी सभी समस्याएं बस आज ही हल हो जाएं। हमें यह स्मरण दिलाया जाना आवश्यक है कि हर बात को कुछ समय लगता है, सब कुछ परमेश्वर के समयानुसार ही होता है। उदाहरण के लिए, जब इस्त्राएलियों ने मिस्त्र की गुलामी से छुड़ाए जाने के बाद वाचा किए हुए कनान देश की ओर कूच किया तो परमेश्वर ने उन्हें वहाँ पहुँचाने के लिए लंबे मार्ग को चुना (निर्गमन 13:17-18)। उस लंबे मार्ग की यात्रा के समय में वे बहुत सी चुनौतियों से होकर निकले, परमेश्वर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और अनेक बातों में से निकालकर एक नए जीवन के लिए तैयार किया।

   हमारे आज के सब कुछ त्वरित रीति से करने की लालसा रखने वाले संसार में हमारा नज़रिया भी हमारे लिए सब कुछ बिना किसी विलंब के हो जाने का रहता है। लेकिन कई दफा यह शीघ्रता परमेश्वर की योजना के अनुसार नहीं होती। हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की इच्छा और योजना जानते रहने वाला बनना चाहिए, उसके समयानुसार हर कार्य को होने देने को स्वीकार करने वाला होना चाहिए। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर की समय-सारणी भले ही धीमी गति से बढ़े, लेकिन आगे की ओर स्थिरता के साथ बढ़ती है।

क्योंकि हर एक विषय का समय और नियम होता है, यद्यिप मनुष्य का दु:ख उसके लिये बहुत भारी होता है। - सभोपदेशक 8:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 13:17-22
Exodus 13:17 जब फिरौन ने लोगों को जाने की आज्ञा दे दी, तब यद्यपि पलिश्तियों के देश में हो कर जो मार्ग जाता है वह छोटा था; तौभी परमेश्वर यह सोच कर उन को उस मार्ग से नहीं ले गया, कि कहीं ऐसा न हो कि जब ये लोग लड़ाई देखें तब पछताकर मिस्र को लौट आएं। 
Exodus 13:18 इसलिये परमेश्वर उन को चक्कर खिलाकर लाल समुद्र के जंगल के मार्ग से ले चला। और इस्राएली पांति बान्धे हुए मिस्र से निकल गए। 
Exodus 13:19 और मूसा यूसुफ की हड्डियों को साथ लेता गया; क्योंकि यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहके, कि परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, उन को इस विषय की दृढ़ शपथ खिलाई थी, कि वे उसकी हड्डियों को अपने साथ यहां से ले जाएंगे। 
Exodus 13:20 फिर उन्होंने सुक्कोत से कूच कर के जंगल की छोर पर एताम में डेरा किया। 
Exodus 13:21 और यहोवा उन्हें दिन को मार्ग दिखाने के लिये मेघ के खम्भे में, और रात को उजियाला देने के लिये आग के खम्भे में हो कर उनके आगे आगे चला करता था, जिससे वे रात और दिन दोनों में चल सकें। 
Exodus 13:22 उसने न तो बादल के खम्भे को दिन में और न आग के खम्भे को रात में लोगों के आगे से हटाया।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 1-3


मंगलवार, 6 मई 2014

आमंत्रण


   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में यहेजकेल नबी की पुस्तक परमेश्वर के अनाज्ञाकारी रहे लोगों के ऊपर आने वाले परमेश्वर के न्याय के बारे में बताती है। परमेश्वर ने उन लोगों को बलवा करने वाले निर्ल्लज तथा हठीले लोग कहा (यहेजकेल 2:3-4)। यहेजकेल द्वारा लिखे गए उनके पाप के वर्णन और असके कारण उन पर आने वाले उग्र न्याय के शब्द चित्र भयावह हैं। लेकिन फिर भी अपने लोगों के पाप और उसके कारण उन पर आई बाबुल की बन्धुवाई और दुर्दशा में परमेश्वर के विलाप में उनके प्रति परमेश्वर का प्रेम चमकता दिखता है, वह उन्हें फिर से जीवन मार्ग पर चलने के लिए लौट आने का आमंत्रण देता है।

   परमेश्वर ने उन लोगों से कहा: "अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो? क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे" (यहेजकेल 18:31-32)।

   यह विवरण हमारे सामने एक महान सत्य को लाकर रखता है - परमेश्वर यह नहीं चाहता कि हम ग्लानि में जीते रहें, या उसकी आज्ञाओं को मानने के अपने प्रयास और बढ़ा दें, वरन उसकी इच्छा यह है कि हम उसके पास पश्चाताप में लौट आएं, उससे पुनः सामर्थ पाएं, एक नया मन और नयी आत्मा (यहेजकेल 36:26-27) उससे प्राप्त करें और फिर उसकी सेवकाई में लग जाएं।

   यदि आपको लगता है कि आप परमेश्वर से दूर भटक गए हैं, या आप का यह मानना है कि अब वह आप के साथ नहीं चलता तो यही समय है कि आप उपरोक्त सत्य को स्वीकार कर लें और उसके पास लौट आएं। वह सदा आपकी प्रतीक्षा में रहता है। क्या आप उसके प्रेम भरे आमंत्रण को स्वीकार कर के उससे एक नया मन और आत्मा पा लेना चाहते हैं? क्या आप उसके साथ जीवन मार्ग पर चलने के उसके इस आमंत्रण को अपनाएंगे? - डेविड मैक्कैसलैंड


वर्तमान एवं भविष्य को सुखद बनाने के लिए भूतकाल के लिए प्रभु यीशु में होकर मिलने वाली परमेश्वर की क्षमा प्राप्त कर लें।

मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे। - यहेजकेल 36:26-27

बाइबल पाठ: यहेजकेल 18:25-32
Ezekiel 18:25 तौभी तुम लोग कहते हो, कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, देख, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं है? 
Ezekiel 18:26 जब धमीं अपने धर्म से फिर कर, टेढ़े काम करने लगे, तो वह उनके कारण मरेगा, अर्थात वह अपने टेढ़े काम ही के कारण मर जाएगा। 
Ezekiel 18:27 फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिर कर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा। 
Ezekiel 18:28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा, इस कारण न मरेगा, जीवित ही रहेगा। 
Ezekiel 18:29 तौभी इस्राएल का घराना कहता है कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं? 
Ezekiel 18:30 प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा। 
Ezekiel 18:31 अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो? 
Ezekiel 18:32 क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 8-10


सोमवार, 5 मई 2014

माँगने से पहले


   अन्तराष्ट्रीय आर.बी.सी. मिनिस्ट्रीज़ के मेरे एक सहकर्मी ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल संबंधी संसाधनों का अनुवादक होने से उसे मिलने वाले आनन्द के बारे में बताया। उसने कहा, वह अपने आप को बहुत ही धन्य समझती है क्योंकि उन संसाधनों से मिलनी वाली बाइबल की शिक्षाओं की वह सर्वप्रथम प्राप्तकर्ता होती है। वह जैसे जैसे उन संसाधनों का अनुवाद करती है, उसने अनुभव से देखा है कि परमेश्वर उसकी आवश्यकता के अनुसार अपने वचन को उसे उन संसाधनों के द्वारा सिखाता रहता है, उसे प्रोत्साहित करता रहता है, उसे मार्गदर्शन देता रहता है। उसके जीवन की हर परिस्थिति के लिए आवश्यक सहायता उसे स्वतः ही मिलती रहती है।

   वह जब यह बात कह रही थी तो मैं सोच रहा था कि हमारा परमेश्वर कैसे हमारी सहायता अनेक प्रकार से किंतु सदा ही बड़े विश्वासयोग्य तरीके से करता रहता है। जीवन के भिन्न समयों में हमें भिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि हम उन चुनौतियों का सामना कभी अपनी सामर्थ और योग्यता से नहीं करते; क्योंकि जैसा प्रभु यीशु ने कहा है, "... तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है" (मत्ती 6:8)।

   हमारी आवश्यकताओं के समय में - चाहे वे आत्मिक हों, शारीरिक हों या भावनात्मक हों - हम अपने परमेश्वर पिता की देखभाल और चिंता पूरे विश्वास तथा निश्चिंतता के साथ भरोसा रख सकते हैं। वह हमें इतनी भली भांति जानता है कि सिद्ध समय पर वह हमारे लिए जो सर्वोत्तम है वही देता है और साथ ही हमारे लिए अपनी चिंता का आश्वासन भी देता है। उसने कहा है, "क्या दो पैसे की पांच गौरैयां नहीं बिकतीं? तौभी परमेश्वर उन में से एक को भी नहीं भूलता। वरन तुम्हारे सिर के सब बाल भी गिने हुए हैं, सो डरो नहीं, तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो" (लूका 12:6-7)।

   वह जो हमारे माँगने से पहले हमारी आवश्यकताओं को जानता है और उनकी पूर्ति का इन्तज़ाम करके रखता है, हम उसके प्रेम और बुद्धिमत्ता पर पूरा भरोसा रख सकते हैं। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का समय और विधि सदा ही सही होते हैं।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 6:5-15
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:7 प्रार्थना करते समय अन्यजातियों की नाईं बक बक न करो; क्योंकि वे समझते हैं कि उनके बहुत बोलने से उन की सुनी जाएगी। 
Matthew 6:8 सो तुम उन की नाईं न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है। 
Matthew 6:9 सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। 
Matthew 6:10 तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। 
Matthew 6:11 हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे। 
Matthew 6:12 और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर। 
Matthew 6:13 और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।” आमीन। 
Matthew 6:14 इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। 
Matthew 6:15 और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 5-7