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रविवार, 10 अगस्त 2014

उद्देश्य


   लैक्लैन मेक्युएरी सन 1810-1821 तक न्यू साऊथ वेल्स के राज्यपाल रहे थे; उनके शासन करने का तरीका ऐसा था कि उस नए बसाए गए स्थान में सब को यह लगता था कि सभी निवासियों का समानता का एक ही स्तर है। वे ऊँच-नीच में विश्वास नहीं रखते थे और ना ही किसी को असमानता या अलग होने का व्यवहार करने देते थे। जब "संभ्रांत" लोगों (अर्थात उन्होंने जो स्वतः ही आकर वहाँ बसने लगे थे, जो शासन से संबंधित लोग थे या जो सेना से थे), ने "मुक्त किए हुए" लोगों (अर्थात देश निकाला मिले हुए लोग जिन्हें कुछ शर्तों पर बाहर रहने की अनुमति मिली थी), के समुदाय से अपने आप को अलग रखने का प्रयास किया तब राज्यपाल लैक्लैन मेक्युएरी ने इस बात पर बल दिया कि सबको बिना किसी भेद-भाव के एक साथ ही रहना है और समाज में किसी के साथ कोई ऊँच-नीच का व्यवहार नहीं होगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम पाते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने समाज के द्वारा तिरस्कृत चुँगी लेने वाले व्यक्ति ज़क्कई में रुचि दिखाई और उसे भी समस्त संसार के उद्धार की अपनी योजना में बराबरी से सम्मिलित किया (लूका 19:1-10)। अपने व्यवसाय के कारण अपने ही यहूदी समाज से अलग किए हुए और घृणा के पात्र ज़क्कई के मन में तीव्र लालसा थी कि वह एक बार प्रभु यीशु को देखे। लेकिन नाटा होने के कारण वह भीड़ से घिरे हुए प्रभु यीशु को देख नहीं पाता था; इसलिए वह प्रभु यीशु के मार्ग में लगे एक वृक्ष पर चढ़ गया कि प्रभु यीशु की एक झलक देख सके। जब प्रभु यीशु उस वृक्ष के नीचे पहुँचे तो उन्होंने रुककर ज़क्कई को नीचे बुलाया, उससे प्रेम का व्यवहार किया और उसके घर जाकर भोजन भी किया। प्रभु यीशु से मिले इस प्रेम-व्यवहार ने ज़क्कई का जीवन बदल दिया; उसने अपने पापों का सार्वजनिक अंगीकार किया, उनके लिए पश्चाताप किया और जिनसे उसने बेईमानी से लिया था, उन्हें सब लौटा देने का वायदा किया। उस दिन ज़क्कई के घर उद्धार आया।

   प्रभु यीशु का उद्देश्य बहुत साधारण था - बिना किसी भी भेद-भाव के, पाप में खोए हुओं को ढूंढ़ना और उन्हें पाप क्षमा तथा उद्धार पाने की परमेश्वर की योजना प्रस्तुत करना, चाहे उनका सामाजिक स्तर कुछ भी क्यों ना हो। प्रभु यीशु के अनुयायी होने के कारण आज हम मसीही विश्वासियों को भी प्रभु यीशु ने यही उद्देश्य सौंपा है - सारे संसार में सभी के लिए पाप क्षमा और उद्धार की परमेश्वर की योजना का समाचार सभी को देना (मत्ती 28:18-20)।


जो मसीह यीशु का उद्देश्य था वही मसीह यीशु के अनुयायियों का भी है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10
Luke 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था। 
Luke 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था। 
Luke 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था। 
Luke 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था। 
Luke 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है। 
Luke 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया। 
Luke 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है। 
Luke 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं। 
Luke 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है। 
Luke 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 43-45


शनिवार, 9 अगस्त 2014

सांत्वना


   10 फरवरी, सन 1675 को 50 उपनिवेशीय परिवार अमेरिका के मैसाचूसट्स प्रांत के लैंकेस्टर इलाके में वहाँ के मूल रेड इन्डियन निवासियों द्वारा हमला किए जाने की आशंका को लेकर भयभीत थे। उन लोगों का पादरी, जोसफ रौलेंडसन, लोगों के बचाव के लिए सहायाता भेजने के लिए सरकार से गुहार लगाने बौस्टन गया हुआ था, उसकी पत्नि मेरी और उनके बच्चे घर पर ही थे। सूर्योदय के साथ ही उन परिवारों पर हमला आरंभ हो गया, उन50 उपनिवेशीय परिवारो में से कुछ लोग मारे गए और मेरी तथा अन्य कई लोग बन्दी बना लिए गए।

   उस कैद में मेरी ने अपने बन्धकों की ओर से क्रूरता और दया दोनों ही अनुभव करीं। वे रेड इन्डियन लोग मेरी तथा उन अन्य लोगों के धार्मिकता के स्वभाव के बारे में जानते थे, इसलिए उन्होंने मेरी को बाइबल की एक प्रति, जो उन्हें लूट में मिली थी, दे दी। बाद में मेरी ने उन दिनों के अपने अनुभवों के बारे में लिखते हुए परमेश्वर के संबंध में लिखा कि, "उसने मेरी बन्धुवाई के दुख के समय में अपने वचन में से कितने ही समय-संगत तथा सांत्वना देने वाले पद मुझे दिए"। परमेश्वर का वचन बाइबल मेरी के लिए बन्धुवाई के उस कठिन समय में एक बड़ी सांत्वना और सामर्थ का स्त्रोत था।

   यहूदा राष्ट्र एक विदेशी ताकत द्वारा बन्धुवाई में जाने की परिस्थिति में था (यशायाह 39:5-7), उन लोगों के सामने बड़ी कठिन परिस्थिति थी। लेकिन उस भयावह प्रत्याशा में भी परमेश्वर का वचन उनके लिए सांत्वना लेकर आया: "हिजकिय्याह ने यशायाह से कहा, यहोवा का वचन जो तू ने कहा है वह भला ही है। फिर उसने कहा, मेरे दिनों में तो शान्ति और सच्चाई बनी रहेगी" (यशायाह 39:8)।

   क्या आज परिस्थितियाँ आप पर हावी होकर आपको बन्धक बनाए हुए हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ने और उस पर मनन करने में समया बिताना आरंभ कीजिए - परमेश्वर की सांत्वना और सामर्थ का अनुभव आप अपने आप करेंगे। - डेनिस फिशर


परमेश्वर का वचन ही सच्ची शांति एवं सांत्वना का स्त्रोत है।

मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरने वाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झाने वाले आदमी से डरता है - यशायाह 51:12

बाइबल पाठ: यशायाह 39:5-40:5
Isaiah 39:5 तब यशायाह ने हिजकिय्याह से कहा, सेनाओं के यहोवा का यह वचन सुन ले: 
Isaiah 39:6 ऐसे दिन आने वाले हैं, जिन में जो कुछ तेरे भवन में है और जो कुछ आज के दिन तक तेरे पुरखाओं का रखा हुआ तेरे भण्डारों में हैं, वह सब बाबुल को उठ जाएगा; यहोवा यह कहता है कि कोई वस्तु न बचेगी। 
Isaiah 39:7 और जो पुत्र तेरे वंश में उत्पन्न हों, उन में से भी कितनों को वे बंधुआई में ले जाएंगे; और वह खोजे बनकर बाबुल के राजभवन में रहेंगे। 
Isaiah 39:8 हिजकिय्याह ने यशायाह से कहा, यहोवा का वचन जो तू ने कहा है वह भला ही है। फिर उसने कहा, मेरे दिनों में तो शान्ति और सच्चाई बनी रहेगी।
Isaiah 40:1 तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति! 
Isaiah 40:2 यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकार कर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।
Isaiah 40:3 किसी की पुकार सुनाई देती है, जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो। 
Isaiah 40:4 हर एक तराई भर दी जाए और हर एक पहाड़ और पहाड़ी गिरा दी जाए; जो टेढ़ा है वह सीधा और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस किया जाए। 
Isaiah 40:5 तब यहोवा का तेज प्रगट होगा और सब प्राणी उसको एक संग देखेंगे; क्योंकि यहोवा ने आप ही ऐसा कहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 40-42


शुक्रवार, 8 अगस्त 2014

सहानुभूति


   बेसबॉल की राष्ट्रीय स्पर्धा का वह खेल समाप्त हुआ, ग्रीन बे पैकर्स नामक दल अपनी जीत की खुशियाँ मना रहे थे और शिकागो बेर्यस नामक दल अपनी पराजय पर दुखी थे; मेरी बेटी लीज़ा ने ध्यान दिया कि उसकी 4 वर्षीय पुत्री एलियाना रो रही थी। यह बड़ी अजीब बात थी क्योंकि एलियाना के माता-पिता को इससे कोई मतलब नहीं था कि कौन जीतता है और कौन हारता है। जब लीज़ा ने एलियाना से पूछा कि वह क्यों रो रही है, तो बड़ी मासूमियत से उसने उत्तर दिया, "मुझे शिकागो बेर्यस के लिए बुरा लग रहा है, वे सब इतने दुखी दिखाई दे रहे हैं!"

   क्या इस छोटी सी लड़की से, जिसने अभी स्कूल जाना भी ठीक से आरंभ नहीं किया है, हम कुछ सहानुभूति के बारे में सीख सकते हैं? आज के इस संसार में जहाँ जीतने को इतना महत्व दिया जाता है और हारने वालों को तिरिस्कृत करके भुला दिया जाता है, बदनाम किया जाता है, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि सभी को सहानुभूति की आवश्यकता होती है। जब हम किसी को हानि उठाकर भी संघर्ष करते हुए देखते हैं तो क्या उनके साथ आँसु बहाने में, उनके कांधे पर हाथ रख कर उन्हें सहायता देने का प्रस्ताव देकर, उनकी परेशानी में हम भी सहभागी होते हैं?

   परमेश्वर के वचन बाइबल में अनेक भाग ऐसे हैं जो हमें दूसरों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए कहते हैं। फिलिप्पियों 2:1-3 में लिखा है कि हम दूसरों के बारे में अपने से बढ़कर सोचें, उनके हितों की भी चिंता करें ना कि केवल अपने ही हितों की। 1 पतरस 3:8-12 हमें स्मरण दिलाता है कि सहानुभूति का अर्थ है औरों के प्रति "भाईचारे की प्रीति" रखना; और कुलुस्सियों 3:12-15 बताता है कि करुणा, भलाई और दीनता परमेश्वर द्वारा पाप के दासत्व से छुड़ाकर उद्धार पाए हुए लोगों के गुण हैं।

   अपने चारों ओर देखें, क्या कोई ऐसा है जो किसी कठिन परिस्थिति से होकर निकल रहा है? उन की परिस्थितियों के लिए केवल बुरा अनुभव ही मत कीजिए, सहानुभूति और परमेश्वर के प्रेम के साथ उनकी ओर सहायता के हाथ बढ़ाईए। - डेव ब्रैनन


हमारा मसीह यीशु की समानता में होने का एक नाप है मसीह के समान दूसरों के दुखों में उनके साथ दुखी होना।

विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। - फिलिप्पियों 2:3

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-12
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो। 
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। 
1 Peter 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। 
1 Peter 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे। 
1 Peter 3:12 क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 37-39


गुरुवार, 7 अगस्त 2014

विस्मयकारी सृष्टि


   अगस्त 2011 में अमेरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष में स्थित हबल दूरबीन से लिए गए चित्रों को मिलाकर बनाया गया एक संयुक्त चित्र प्रकाशित किया, जिसे देखने वाले लोगों के चेहरों पर एक मुस्कुराहट आ गई। चित्र में दो नक्षत्र समूहों को आपस में टकराना आरंभ करते हुए दिखाया गया है, और यह टकराव की स्थिति एक अन्तरिक्षीय विस्मयबोधक चिन्ह (!) के समान दिखाई देती है। जो नवीनतम गणना मैंने पढ़ी है, उसके अनुसार अन्तरिक्ष में लगभग 100 अरब नक्षत्र समूह हैं और प्रत्येक नक्षत्र समूह सैकड़ों अरब तारों से मिलकर बना है, तथा नए नक्षत्र समूह अभी भी खोजे जा रहे हैं।

   जब मैंने वह अन्तरिक्षीय विस्मयबोधक चिन्ह वाले चित्र को देखा, तो मेरा ध्यान हमारे विस्मयकारी सृष्टिकर्ता की ओर गया, आकाशमण्डल जिसकी महिमा का वर्णन कर रहा है (भजन 19:1), किंतु वह तो अपने बनाए आकाशमण्डल से भी बढ़कर है। जब राजा सुलेमान परमेश्वर की उपस्थिति के लिए मन्दिर बनवा चुका, तो परमेश्वर कि महानता को स्मरण कर के उसने प्रार्थना में कहा, "क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा" (1 राजा 8:27)। राजा सुलेमान को एहसास हुआ कि जब परमेश्वर की उपस्थिति स्वर्ग में भी सीमित नहीं रह सकती तो पृथ्वी पर बने पत्थर के एक मन्दिर में क्योंकर सीमित हो सकती है?

   हमारे सीमित और नश्वर मन-मस्तिष्क के समझ पाने की क्षमता से कहीं कहीं अधिक बढ़कर प्रभु परमेश्वर की हस्ती है, लेकिन फिर भी उसने हमारे लिए यह संभव किया है कि हम उसे प्रभु यीशु में होकर जान सकें, जिसे उसने हमारे पापों की क्षमा और उद्धार के लिए इस संसार में मरने और फिर मृतकों में से पुनः जी उठने के लिए भेजा है। जब हम प्रभु यीशु पर विश्वास कर के अपने पापों से पश्चाताप करते हैं तथा अपना जीवन उसे समर्पित करते हैं, हमारे जीवन भी उसकी महिमा करने वाली उसकी विस्मयकारी सृष्टि का एक भाग बन जाते हैं। - एनी सेटास


सृष्टि में हम परमेश्वर की हस्तकला, और पापों से हमारे छुटकारे में हम उसके हृदय को देखते हैं।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: 1 राजा 8:22-30
1 Kings 8:22 तब सुलैमान इस्राएल की पूरी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ, और अपने हाथ स्वर्ग की ओर फैलाकर कहा, हे यहोवा! 
1 Kings 8:23 हे इस्राएल के परमेश्वर! तेरे समान न तो ऊपर स्वर्ग में, और न नीचे पृथ्वी पर कोई ईश्वर है: तेरे जो दास अपने सम्पूर्ण मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलते हैं, उनके लिये तू अपनी वाचा पूरी करता, और करुणा करता रहता है। 
1 Kings 8:24 जो वचन तू ने मेरे पिता दाऊद को दिया था, उसका तू ने पालन किया है, जैसा तू ने अपने मुंह से कहा था, वैसा ही अपने हाथ से उसको पूरा किया है, जैसा आज है। 
1 Kings 8:25 इसलिये अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! इस वचन को भी पूरा कर, जो तू ने अपने दास मेरे पिता दाऊद को दिया था, कि तेरे कुल में, मेरे साम्हने इस्राएल की गद्दी पर विराजने वाले सदैव बने रहेंगे: इतना हो कि जैसे तू स्वयं मुझे सम्मुख जानकर चलता रहा, वैसे ही तेरे वंश के लोग अपनी चालचलन में ऐसी ही चौकसी करें। 
1 Kings 8:26 इसलिये अब हे इस्राएल के परमेश्वर अपना जो वचन तू ने अपने दास मेरे पिता दाऊद को दिया था उसे सच्चा सिद्ध कर। 
1 Kings 8:27 क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा। 
1 Kings 8:28 तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा! अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर कान लगाकर, मेरी चिल्लाहट और यह प्रार्थना सुन! जो मैं आज तेरे साम्हने कर रहा हूँ; 
1 Kings 8:29 कि तेरी आंख इस भवन की ओर अर्थात इसी स्थान की ओर जिसके विषय तू ने कहा है, कि मेरा नाम वहां रहेगा, रात दिन खुली रहें: और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले। 
1 Kings 8:30 और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरन स्वर्ग में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 34-36


बुधवार, 6 अगस्त 2014

सदा


   मैं "सदा" तथा "कभी नहीं" शब्दों को बहुत पसन्द करता हूँ। इन दोनों में कितनी आशा निहित है! मैं तो यही चाहूँगा कि मैं सदा ही आनन्दित रहूँगा और जीवन मुझे धोखा कभी नहीं दे, परन्तु वास्तविकता यही है कि इस शरीर में मैं सदा ही आनन्दित नहीं रहूँगा, और जिन बातों के कभी नहीं होने की मैं इच्छा रखता हूँ, वे घटित भी हो सकती हैं। इसलिए, ये शब्द सुनने में चाहे जितने अच्छे लगें, वे अपने में निहित संभावनाओं की पूर्ति स्वतः ही करने की क्षमता नहीं रखते - उन संभावनाओं की पूर्ति तो वह करवा सकता है जो इस समस्त सृष्टि का सृष्टिकर्ता है तथा सब कुछ को नियंत्रित करता है, सारे संसार के सभी लोगों के लिए सेंत-मेंत पाप क्षमा और उद्धार का मार्ग देने वाला है, अर्थात प्रभु यीशु।

   प्रभु यीशु के स्वर्गारोहण के समय संसार में अकेले रह जाने को लेकर घबराए हुए अपने चेलों को प्रभु ने आश्वस्त किया, "...देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)। इब्रानियों की पत्री का लेखक अपने पाठकों को स्मरण दिलाता है कि प्रभु यीशु का अपने अनुयायियों से वायदा है, "तुम्हारा स्‍वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों 13:5-6)। प्रेरित पौलुस ने, मृत्यु की संभावना को लेकर आशंकित हो रहे थिस्सुलुनिकिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें प्रभु यीशु के आश्वसन का स्मरण कराया कि यदि मृत्यु आ भी जाए तो कोई डरने की बात नहीं है क्योंकि मृत्योप्रांत, "...हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:17)।

   हमें आज हमारी जीवन यात्रा चाहे कितनी भी भयावह प्रतीत हो रही हो, या अपना भविष्य कितना भी अन्धकारमय दिखाई दे रहा हो, हम मसीही विश्वासियों के साथ प्रभु यीशु की सदा बनी रहने वाली उपस्थिति हमें सभी परिस्थितियों और परेशानियों में से सकुशल होकर निकल पाने की सामर्थ और सान्तवना देती रहती है; और सबसे उत्तम बात यह है कि जब हम इस थोड़े समय के पार्थिव जीवन को समाप्त कर के अनन्त काल में प्रवेश करेंगे, फिर हम सदा ही प्रभु यीशु के साथ बने रहेंगे, उसे देखते रहेंगे और किसी बात को लेकर आशंकित या भयभीत कभी नहीं होने पाएंगे। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने आगे कहा, "सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:18)। - जो स्टोवैल


प्रभु परमेश्वर की उपस्थिति में बने रहना ही हमारी सांत्वना है।

निदान, हे भाइयो, आनन्‍दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्‍ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा। - 2 कुरिन्थियों 13:11

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं। 
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा। 
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे। 
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे। 
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे। 
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 31-33


मंगलवार, 5 अगस्त 2014

पूर्णतया साफ


   मेरा एक मित्र अपने पिछले वर्ष के जीवन अनुभवों के बारे में मुझे बता रहा था, जिस में वह कैंसर के लिए इलाज ले रहा था। उसके चेहरे पर छाई हुई मुस्कुराहट उस अच्छे समाचार का, जो अभी हाल ही में उसे मिला था, सशक्त प्रमाण थी। उसने बताया कि उसके इलाज के पूरा होने के एक वर्ष पश्चात की जाँच से पता चला कि अब वह कैंसर के सभी लक्षणों से पूर्ण्तया साफ है! ये दो शब्द, "पूर्ण्तया साफ" कितना भारी प्रभाव रखते हैं। मेरे उस मित्र के लिए इन दो शब्दों का अर्थ था कि अब उसके शरीर में से उसकी जान को खतरे में डालने वाले रोग के सभी अंश बिलकुल समाप्त हो चुके थे, अब खतरा टल चुका था और हम सब अपने मित्र के साथ इस बात के लिए आनन्दित हुए।

   राजा दाऊद भी बतशीबा के साथ अपनी नैतिक पराजय को झेलने के बाद अपने हृदय के लिए ऐसी ही दशा प्राप्त करने को लालायित था। अपने पापों के दाग़ों के धोए जाने की इच्छा लिए वह परमेश्वर से गुहार लगाता है: "हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर" (भजन 51:10)। उस समय दाऊद के लिए, और आज हमारे लिए भला समाचार यह है कि हमारे सब पापों के दाग़ धोए जा सकते हैं, हम पूर्णतया साफ हो सकते हैं, बस हमें परमेश्वर के वायदे पर भरोसा करते हुए उसके कथन का पालन करना है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9)।

   हम पाप से मलिन अपने हृदयों को अपने आप साफ नहीं कर सकते, यह कार्य केवल परमेश्वर ही कर सकता है। हम केवल अपने पापों को लेकर, उसके प्रेम और क्षमा पर विश्वास रखते हुए, उसके आश्वासन के अनुसार उसके पास आकर उन पापों और अपराधों को उसके समक्ष स्वीकार कर सकते हैं, उनके लिए पश्चाताप कर सकते हैं; और प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास में होकर परमेश्वर से पापों की क्षमा तथा नया जीवन को उसके अनुग्रह की भेंट के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। समस्त मानव जाति के सभी लोगों के लिए यह परमेश्वर का अटल वायदा है कि वह हमें हमारे पापों के हर दाग़ से पूर्णतया साफ कर देगा। - बिल क्राउडर


परमेश्वर से किए गए पाप अंगीकार और पश्चाताप का प्रतिफल सदा ही उससे मिलने वाली क्षमा और पवित्रता ही होता है।

जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। - भजन 32:5

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-10
1 John 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ। 
1 John 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)। 
1 John 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है। 
1 John 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।
1 John 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं। 
1 John 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते। 
1 John 1:7 पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। 
1 John 1:8 यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। 
1 John 1:9 यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। 
1 John 1:10 यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-30


सोमवार, 4 अगस्त 2014

चुनाव और सामर्थ


   प्रसिद्ध एथलीट एरिक लिड्डल के लिए सन 1924 के ओलंपिक खेलों में इतवार के दिन किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने का निर्णय कठिन नहीं था, क्योंकि अपने गहरे मसीही विश्वास में वे इस बात के लिए निश्चित थे कि इतवार का दिन परमेश्वर की ओर से निर्धारित आराधना का दिन है, विश्राम का दिन है।

   उनके लिए इससे भी अधिक पशोपेश में डालने वाला अवसर इस घटना से लगभग एक वर्ष पहले आया था जब एरिक से कहा गया कि वे अपने मसीही विश्वास के बारे में लोगों के एक समूह को संबोधित करें। सार्वजनिक रूप में अपने मसीही विश्वास के बारे में चर्चा करने को लेकर अपनी दुविधा के बारे में लिड्डल ने कहा, "मैं अपने संपूर्ण जीवन सार्वजनिक रीति कार्य करने से दूर रहा था, लेकिन अब मसीह यीशु की अगुवाई इससे विपरीत दिशा में जाने की प्रतीत हो रही थी, और मैं सार्वजनिक दिशा में जाने से घबरा रहा था। अन्ततः मैंने निर्णय लिया कि मैं सब कुछ प्रभु यीशु पर ही छोड़ दूँगा - आखिरकर यदि वह ही मुझे कुछ करने को कह रहा है, तो वह ही उस कार्य के योग्य सामर्थ भी मुझे देगा। जब मैंने प्रभु के निर्देशों का पालन करने का चुनाव किया तब मुझे उस कार्य को करने की सामर्थ भी मिल गई।"

   जिस दिन एरिक लिड्डल ने अपने मसीही विश्वास के बारे में सार्वजनिक हो जाने का निर्णय लिया, उसके अगले ही दिन उन्हें चीन में रह रही उनकी बहिन जैनी का पत्र मिला, जो कई सप्ताह पूर्व लिख कर डाक में भेजा गया था। उस पत्र का अन्त परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पद के साथ हुआ था; वह पद था: "मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा" (यशायाह 41:10)।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर की ओर से आने वाली हर बुलाहट विश्वास के साथ "हाँ" कहने के चुनाव का अवसर देती है जहाँ हम अपनी नहीं वरन परमेश्वर कि सामर्थ पर निर्भर रहना और उसी सामर्थ के साथ परमेश्वर के लिए कार्य करना सीखते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:24

तुम तो मेरी भेड़-बकरियां, मेरी चराई की भेड़-बकरियां हो, तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। - यहेजकेल 34:31

बाइबल पाठ: यशायाह 41:8-14
Isaiah 41:8 हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश; 
Isaiah 41:9 तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुला कर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुना है और तजा नहीं; 
Isaiah 41:10 मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।
Isaiah 41:11 देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश हो कर मिट जाएंगे। 
Isaiah 41:12 जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पाएगा; जो तुझ से युद्ध करते हैं वे नाश हो कर मिट जाएंगे। 
Isaiah 41:13 क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।
Isaiah 41:14 हे कीड़े सरीखे याकूब, हे इस्राएल के मनुष्यों, मत डरो! यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरी सहयता करूंगा; इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 25-27