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सोमवार, 8 दिसंबर 2014

अधीर


   चौराहे के उस पार से मैं देख रहा था, यातायात नियंत्रित करने वाली बत्ती जैसे ही लाल से हरी हुई, सबसे आगे खड़ी कार का चालक कार चलाने और आगे बढ़ाने में थोड़ा सा हिचकिचाया, और तभी अचानक ही न जाने कहाँ से कोई ऊँचे स्वर में चिल्लाने लगा - चलो! चलो!, आगे बढ़ो, चलो भी! यह शोर सुनकर वह चालक और अधिक असमंजस में पड़ गया तथा हड़बड़ा कर इधर-उधर देखने लगा, जानने को कि वह आवाज़ कहाँ से आ रही थी। तब मैंने देखा, उस चालक के पीछे खड़ी कार पर लाउडस्पीकर लगा हुआ था और उसकी सहायता से उस पिछली कार का चालक अगली कार वाले पर चिल्ला रहा था। अन्ततः आगे वाली कार का चालक कुछ संभला और अपनी कार आगे बढ़ा कर ले गया। मैं उस दूसरी कार के चालक की अधीरता एवं असभ्य वयवहार से चकित था।

   कभी कभी लोग सोचते हैं कि परमेश्वर भी ऐसा ही चिड़चिड़ा तथा अधीर है, और हमारी हर छोटी-मोटी गलती पर हमें दण्डित करने या हमें डाँटने के लिए हम पर नज़र गड़ाए रहता है, तैयार बैठा रहता है। लेकिन सच्चाई इसके बिलकुल विपरीत है। परमेश्वर अपने बच्चों के प्रति सदा धैर्य और प्रेम के साथ व्यवहार करता है, वह हमारी गलतियों के लिए हमें दण्ड देने या हमें डाँटने के लिए नहीं वरन हमें क्षमा करने और गलतियों को सुधारने के लिए अवसर देने को तैयार रहता है। वह हमारी रचना और परिस्थितियों को जानता है और हमसे उसी के अनुसार धीरज के साथ व्यवहार करता है (भजन 103:13-14)।

   प्रेरित पौलुस ने थिस्सुलुनीके के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें यह बात समझाने के लिए लिखा: "परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे" (2 थिस्सुलुनीकियों 3:5)। परमेश्वर हमारे जीवनों में कार्यरत है और वह अपने उद्देश्यों को हमारे जीवनों में पूरा भी करेगा। लेकिन वह उन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अधीर नहीं है, और ना ही किसी कठोर स्वामी के समान दण्ड अथवा क्रूरता के व्यवहार द्वारा हमसे कार्य करवाना चाहता है। हो सकता है कि हमें उकसाकर आगे बढ़ाने के लिए कभी उसे हमें हलकी सी चोट देनी पड़ जाए या फिर हमारी बनी रहने वाली लापरवाहियों के लिए कभी हमें अनुशासित भी करना पड़ जाए, लेकिन वह अधीर होकर ना कभी हम पर चिल्लाता है, ना कभी हमारा बुरा चाहता या करता है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर अपने बड़े अनुग्रह में होकर हमारे लिए अनन्त भलाई द्वारा अपने अनन्त प्रेम को प्रकट करता है।

जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:13-14

बाइबल पाठ: 2 थिस्सुलुनीकियों 2:13-3:5
2 Thessalonians 2:13 पर हे भाइयो, और प्रभु के प्रिय लोगो चाहिये कि हम तुम्हारे विषय में सदा परमेश्वर का धन्यवाद करते रहें, कि परमेश्वर ने आदि से तुम्हें चुन लिया; कि आत्मा के द्वारा पवित्र बन कर, और सत्य की प्रतीति कर के उद्धार पाओ। 
2 Thessalonians 2:14 जिस के लिये उसने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो। 
2 Thessalonians 2:15 इसलिये, हे भाइयों, स्थिर रहो; और जो जो बातें तुम ने क्या वचन, क्या पत्री के द्वारा हम से सीखी है, उन्हें थामे रहो।
2 Thessalonians 2:16 हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिसने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्‍ति और उत्तम आशा दी है। 
2 Thessalonians 2:17 तुम्हारे मनों में शान्‍ति दे, और तुम्हें हर एक अच्‍छे काम, और वचन में दृढ़ करे।
2 Thessalonians 3:1 निदान, हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो, कि प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए, जैसा तुम में हुआ। 
2 Thessalonians 3:2 और हम टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से बचे रहें क्योंकि हर एक में विश्वास नहीं।
2 Thessalonians 3:3 परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। 
2 Thessalonians 3:4 और हमें प्रभु में तुम्हारे ऊपर भरोसा है, कि जो जो आज्ञा हम तुम्हें देते हैं, उन्हें तुम मानते हो, और मानते भी रहोगे। 
2 Thessalonians 3:5 परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1-3


रविवार, 7 दिसंबर 2014

महज़ युवा


   हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात डैरल ब्लिज़र्ड ने वह अनाथालय छोड़ दिया जिस में वह बड़ा हुआ था और अमेरिका की वायुसेना में भरती हो गया। उन दिनों दूसरा विश्वयुद्ध चल रहा था और शीघ्र ही डैरल को ऐसी ज़िम्मेदारियाँ उठानी पड़ गईं जो सामन्यतः व्यसक और अनुभवी लोगों को दी जाती हैं। कई वर्षों के बाद एक पत्रकार को दिए गए साक्षात्कार में डैरल ने कहा, "लड़ाकु विमान का पाएलेट बनने से पहले जो सबसे बड़ी चीज़ मैंने चलाई थी वह थी चार खच्चरों से चलने वाली गाड़ी, और अब मुझे चार इंजनों वाला विशालकाय युद्धविमान बी-17 चलाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी। हम जो उन विमानों को उड़ा रहे थे महज़ युवा ही तो थे!"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम कई ऐसे लोगों के वृतांत लिखे हुए पाते हैं जिन्होंने साहस के साथ परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन किया, उसका अनुसरण किया, यद्यपि वे आयु और अनुभव में छोटे थे, युवा थे। भ्रष्ट आत्मिक नेतृत्व की स्थिति में भी "परन्तु शमूएल जो बालक था सनी का एपोद पहिने हुए यहोवा के साम्हने सेवा टहल किया करता था" (1 शमूएल 2:18)। दाऊद ने दैत्याकार गोलियत का सामना किया और उसे हराया जबकि उससे कहा जा रहा था, "... तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है" (1 शमूएल 17:33)। प्रभु यीशु की माता मरियम भी एक युवती ही थी जब उसके पास परमेश्वर कि ओर से स्वर्गदूत के द्वारा समाचार आया कि वो जगत के उद्धारकर्ता तथा परमेश्वर के पुत्र की सांसारिक माता बनेगी, मरियम का स्वर्गदूत को उत्तर था, "...देख, मैं प्रभु की दासी हूं, मुझे तेरे वचन के अनुसार हो: तब स्वर्गदूत उसके पास से चला गया" (लूका 1:38)। युवा पास्टर तिमुथियुस से, जिस पर मण्डली की देखभाल और संचालन करने की ज़िम्मेदारी थी, प्रेरित पौलुस ने कहा: "कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा" (1 तिमुथियुस 4:12)।

   परमेश्वर के परिवार में प्रत्येक जन का महत्व है, उपयोग है, आवश्यकता है। जो भी परमेश्वर के लिए कार्य करते हैं, वे परमेश्वर ही की सामर्थ से करते हैं, इसलिए युवा भी अपने विश्वास में निर्भीक रह सकते हैं और परमेश्वर पर विश्वास रखते हुए उसके द्वारा उन्हें दी गई ज़िम्मेदारी निभा सकते हैं; तथा व्यसक एवं प्रौढ़ उनका हौंसला बढ़ा सकते हैं जो परमेश्वर के लिए कार्यरत होने से इसलिए हिचकिचाते हैं क्योंकि वे अभी "महज़ युवा" ही हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


नवयुवकों का हौंसला बढ़ाने को कभी पुराना ना होने दें।

अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। - 2 तिमुथियुस 2:15 

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 4:9-16
1 Timothy 4:9 और यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है। 
1 Timothy 4:10 क्योंकि हम परिश्रम और यत्‍न इसी लिये करते हैं, कि हमारी आशा उस जीवते परमेश्वर पर है; जो सब मनुष्यों का, और निज कर के विश्वासियों का उद्धारकर्ता है। 
1 Timothy 4:11 इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह। 
1 Timothy 4:12 कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। 
1 Timothy 4:13 जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह। 
1 Timothy 4:14 उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्‍चिन्‍त न रह। 
1 Timothy 4:15 उन बातों को सोचता रह, और इन्हीं में अपना ध्यान लगाए रह ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। 
1 Timothy 4:16 इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुनने वालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।
एक साल में बाइबल: 1 थिस्सलुनीकियों 1-5

शनिवार, 6 दिसंबर 2014

प्रोत्साहन


   क्या आपको प्रोत्साहन की आवश्यकता है? क्या संसार से मिल रहे विभिन्न निराशाजनक तथा बुरे समाचारों के कारण आपको कुछ ऐसा चाहिए जो आपको उभार सके, थोड़ा बढ़ावा दे सके? परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता में आपको अनेक ऐसे खण्ड मिल जाएंगे जो आपको हर परिस्थिति में प्रोत्साहित कर सकते हैं, उभार सकते हैं।

   उदाहरण के लिए भजन 19 को लीजिए - यहाँ पद 7-9 में हमें उन सकारात्मक बातों की एक संक्षिप्त सूची मिलती है जो परमेश्वर के नियम और व्यवस्था के पालन से होती हैं। परमेश्वर की व्यवस्था और नियम की बात सुनते ही लोगों के मन में संकोच होता है, उन्हें लगता है कि ये वे बातें हैं जो हमारी स्वतंत्रता को छीन लेती हैं, हमें बाँध देती हैं, हमारे आनन्द को भंग कर देती हैं। इस भजन के लेखक ने परमेश्वर के निर्देशों के बारे में कुछ शब्दों का प्रयोग किया है, उसने उन्हें व्यव्स्था, नियम, उपदेश, आज्ञा, यहोवा का भय, धर्ममय इत्यादि कहा है। इन शब्दों से बहुतेरे लोग डरते हैं, उन के तात्पर्य को शक की दृष्टि से देखते हैं, उनका तिरिस्कार करते हैं। लेकिन साथ ही यह भी देखिए कि इन बातों पर विश्वास करने तथा उन्हें मानने वालों के लिए परमेश्वर ने क्या आशीषें रख छोड़ी हैं - प्राणों की बहाली, बुद्धिमता, आनन्दित हृदय, ज्योतिर्मय आँखें, स्थिरता, सत्य और धार्मिकता।

   अब ऐसा अद्भुत प्रोत्साहन और कहाँ मिलेगा? इसीलिए इस भजन का लेखक दाऊद परमेश्वर की वयवस्था और नियमों के लिए कहता है: "वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं" (भजन 19:10)। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के वचन का पालन ही मसीही विश्वासी की सबसे बड़ी स्वतंत्रता है।

जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ। - यिर्मयाह 15:16 

बाइबल पाठ: भजन 19
Psalms 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। 
Psalms 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। 
Psalms 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। 
Psalms 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है, 
Psalms 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाईं अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है। 
Psalms 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है। 
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर। 
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।। 
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • कुलुस्सियों 1-4



शुक्रवार, 5 दिसंबर 2014

जीवन का जल


   परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना रचित सुसमाचार के चौथे अध्याय में दी गई घटना को पढ़ते समय एक विचार आता है - प्रभु यीशु मसीह ने कुएँ पर बैठे हुए, वहाँ पानी भरने आई उस स्त्री में क्या देखा होगा? दिया हुआ घटनाक्रम हमें बताता है कि प्रभु ने उस स्त्री में एक ऐसा व्यक्ति देखा जो समाज की स्वीकृति और प्रेम के लिए लालायित था, क्योंकि उसके जीवन में इन बातों की बहुत कमी थी। लेकिन उस से भी बढ़कर प्रभु नें उसमें एक नए मन, नए जीवन की आवश्यकता को देखा - एक ऐसी बात जो केवल वह ही कर सकता था।

   यह संयोग मात्र नहीं था कि उस समय प्रभु यीशु उस कुएं पर अकेले थे; सभी चेले भोजन लाने के लिए नगर को चले गए थे। यदि वे चेले वहाँ उसके साथ होते तो प्रभु यीशु को उस स्त्री से बात करने में बाधा बनते। वे प्रभु को बताते कि जिससे वह बात करना चाह रहा है, वह एक स्त्री है, सामरी जाति की है - जिनसे यहूदी कोई व्यवहार नहीं रखते, और उसकी छवि अच्छी नहीं है - उस इलाके के लोग उस स्त्री को अच्छी नज़रों से नहीं देखते हैं।

   लेकिन प्रभु यीशु इन बातों के कारण वार्तालाप करने से रुक जाने वालों में नहीं थे। प्रभु यीशु ने उस स्त्री के बारे में सब कुछ जानते हुए भी, उस स्त्री से बातचीत करने के कारण प्रभु पर आ सकने वाले लांछन को समझते हुए भी उस से वार्तालाप किया, और उसे जीवन के जल के विषय में अवगत करवाया। एक ही वार्तालाप में प्रभु ने परस्पर व्यवहार के मतभेद, लिंग-भेद, नसल और जाति के मतभेद आदि सभी मतभेदों की बाधाओं को मिटा दिया, और यह स्त्री उन अनेकों सामरियों में से पहली बन गई जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह को जगत के उद्धारकर्ता और परमेश्वर के पुत्र के रूप में स्वीकार कर लिया (यूहन्ना 4:39-42)।

   उस स्त्री ने केवल स्वयं ही प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं किया परन्तु उसने तुरन्त जाकर वहाँ के लोगों में प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताया भी, और उन में से बहुतेरों ने उसी दिन उस स्त्री के समान प्रभु यीशु पर विश्वास भी किया। प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान तथा स्वर्गारोहण के बाद जब प्रभु यीशु के चेले, फिलिप, पतरस, यूहन्ना तथा अन्य सामरिया में प्रचार के लिए आए तो और भी बहुत से लोगों ने प्रभु यीशु पर विश्वास किया (प्रेरितों 8:5-14; 15:3)।

   हम जब प्रभु यीशु के साथ हुए अपने साक्षात्कार के बारे में और लोगों को बताते हैं तो हम भी उन्हें अपने समान ही जीवन के जल से आशीषित हो जाने के अवसर प्रदान करते हैं। - सिंडी हैस कैसपर

रखने लायक विश्वास, बाँटने लायक विश्वास भी है।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। - यूहन्ना 7:37-38

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:21-39
John 4:21 यीशु ने उस से कहा, हे नारी, मेरी बात की प्रतीति कर कि वह समय आता है कि तुम न तो इस पहाड़ पर पिता का भजन करोगे न यरूशलेम में। 
John 4:22 तुम जिसे नहीं जानते, उसका भजन करते हो; और हम जिसे जानते हैं उसका भजन करते हैं; क्योंकि उद्धार यहूदियों में से है। 
John 4:23 परन्तु वह समय आता है, वरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करने वालों को ढूंढ़ता है। 
John 4:24 परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करने वाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें। 
John 4:25 स्त्री ने उस से कहा, मैं जानती हूं कि मसीह जो ख्रीस्‍तुस कहलाता है, आनेवाला है; जब वह आएगा, तो हमें सब बातें बता देगा। 
John 4:26 यीशु ने उस से कहा, मैं जो तुझ से बोल रहा हूं, वही हूं।
John 4:27 इतने में उसके चेले आ गए, और अचम्भा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है। 
John 4:28 तब स्त्री अपना घड़ा छोड़कर नगर में चली गई, और लोगों से कहने लगी। 
John 4:29 आओ, एक मनुष्य को देखो, जिसने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है? 
John 4:30 सो वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे। 
John 4:31 इतने में उसके चेले यीशु से यह बिनती करने लगे, कि हे रब्बी, कुछ खा ले। 
John 4:32 परन्तु उसने उन से कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते। 
John 4:33 तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है? 
John 4:34 यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं। 
John 4:35 क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठा कर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं। 
John 4:36 और काटने वाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोने वाला और काटने वाला दोनों मिलकर आनन्द करें। 
John 4:37 क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बोने वाला और है और काटने वाला और। 
John 4:38 मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।
John 4:39 और उस नगर के बहुत सामरियों ने उस स्त्री के कहने से, जिसने यह गवाही दी थी, कि उसने सब कुछ जो मैं ने किया है, मुझे बता दिया, विश्वास किया।
एक साल में बाइबल: 
  • फिलिप्पियों 1-4



गुरुवार, 4 दिसंबर 2014

उदार


   एक बेघर व्यक्ति हमारे इलाके के स्थानीय पुस्तकालय में समय बिताता है। एक दोपहर को जब मैं पुस्त्कालय में बैठी कुछ लिख रही थी, मैंने भोजन करने के लिए अपना काम रोका और अपने साथ लाया हुआ भोजन खाने लगी। खाते-खाते मुझे उस व्यक्ति का चेहरा स्मरण हो आया और मैं भोजन खाते-खाते रुक गई। मैं उसके पास गई और बचा हुआ अछूता भोजन उसे प्रस्तुत किया, जो उसने ले लिया। इस छोटे सी घटना ने मुझे इस बात का एहसास करवाया कि जो परमेश्वर ने मुझे दिया है, मुझे उसे उन लोगों के साथ बाँटना भी है जिनके पास नहीं है।

   बाद में इस घटना के बारे में सोचते हुए मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल से इस संबंध में मूसा के द्वारा व्यवस्था में दिए गए निर्देशों को पढ़ा। मूसा में होकर परमेश्वर ने इस्त्राएलियों से कहा: "जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास द्ररिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना; जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला कर के उसको उधार देना" (व्यवस्थाविवरण 15:7-8)। एक ढीला किया हुआ हाथ दिखाता है उस बात की आज्ञाकारिता को जो परमेश्वर ने अपने लोगों से कही - दरिद्रों के लिए स्वेच्छा और मुक्त-भाव से दो; कोई बहाना नहीं, कुछ रोक कर नहीं रखना।

   जब हम ऐसे उदार होकर गरीबों की सहायता करते हैं तो परमेश्वर हमें हमारी उदारता के लिए आशीषित करता है (भजन 41:1-3; नीतिवचन 19:17; यशायाह 58:10)। परमेश्वर की अगुवाई में विचार कीजिए कि आप किस प्रकार भूखों की सहायता कर सकते हैं और प्रभु यीशु के नाम में कैसे ज़रूरतमन्दों को दे सकते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आप बिना प्रेम किए दे तो सकते हैं, लेकिन बिना दिए प्रेम नहीं कर सकते।

उदारता से भूखे की सहायता करे और दीन दु:खियों को सन्तुष्ट करे, तब अन्धियारे में तेरा प्रकाश चमकेगा, और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा। - यशायाह 58:10

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 15:7-11
Deuteronomy 15:7 जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास द्ररिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना; 
Deuteronomy 15:8 जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला कर के उसको उधार देना। 
Deuteronomy 15:9 सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर कर के उसे कुछ न दे, और वह तेरे विरुद्ध यहोवा की दुहाई दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा। 
Deuteronomy 15:10 तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा। 
Deuteronomy 15:11 तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला कर के अवश्य दान देना।

एक साल में बाइबल: 
  • इफिसियों 4-6


बुधवार, 3 दिसंबर 2014

विचारधारा


   प्रत्येक युग के अपने विचार और मान्यताएं होते हैं जो उस युग की संसकृति को प्रभावित करते हैं और "युग की विचारधारा" माने जाते हैं। यह एक प्रकार कि प्रचलित सर्वसम्मति होती है जिसे संसार के लोग मानते और निभाते हैं तथा दूसरों पर भी उसे मानने एवं निभाने के लिए दबाव डालते हैं। संसार के लोगों की यह प्रवृत्ति सभी को समाज की प्रचलित मान्यताओं को स्वीकार करने और निभाने के लिए उकसाती रहती है और हमें आत्मिक रीति से जागरूक नहीं रहने देती क्योंकि वह परमेश्वर की अटल एवं स्थिर मान्यताओं तथा निर्देशों के अनुसार नहीं वरन मनुष्यों के चंचल विचारों पर आधारित होती है।

   प्रेरित पौलुस ने इस भ्रष्ट कर देने वाले बहुआयामी वातावरण को "संसार की रीति" कहा। इफिसुस के मसीही विश्वासियों के मसीह यीशु में आने से पूर्व के जीवन के संबंध में उसने लिखा: "और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है" (इफिसियों 2:1-2)। यह "संसार की रीति" संसार द्वारा लाया जाने वाला वह दबाव है जो अलग अलग तरीकों से, समय और परिस्थिति अनुसार, शैतान द्वारा प्रेरित मान्यताओं और विचारों के द्वारा एक ऐसी जीवन शैली प्रचलित करवाना चाहता है जो परमेश्वर और उसके स्थिर निर्देशों से पृथक परन्तु तत्कालीन मनुष्यों के अपने विचारों, अहम, मानकों, प्रयासों और कार्यविधि पर आधारित हो।

   इसीलिए प्रभु यीशु मसीह हम मसीही विश्वासियों के लिए, क्योंकि हम संसार के नहीं हैं, संसार में रहते हुए भी हमें शैतान के दुराचारी प्रभावों से सुरक्षित रहने की प्रार्थना करता है (यूहन्ना 17:14-15)। वह जानता था कि संसार में रहते हुए संसार के प्रभावों से बचे रहना सरल नहीं है, इसलिए उसने हमारी सुरक्षा के लिए हमें कई साधन जुटा कर दिए हैं; वह हमारी सहायता करता है कि हम उसकी ज्योति में चलें (इफिसियों 5:8)। उसने अपना वचन हमें दिया है जिसे अपने अन्दर बसा कर हम संसार के अनुकूल बनने से बचे रहें (रोमियों 12:1-2)। उसने अपना पवित्र आत्मा हममें रहने को दिया है जिससे हम उसके चलाए चलते रहें (गलतियों 5:25), और प्रेम (इफिसियों 5:2), सत्य (3 यूहन्ना 1:4) तथा मसीह यीशु में बने रहें (कुलुस्सियों 2:6)।

   हम जितना परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ समय बिताएंगे और परमेश्वर की सामर्थ से उसके निर्देषों के अनुसार चलते रहेंगे, हम संसार की युग तथा समयानुसार बदलते रहने वाली हानिकारक विचारधारा और रीति से बचे रहेंगे तथा परमेश्वर की चिरस्थाई, अपरिवर्तनीय और अनन्तकाल के लिए लाभदायक विचारधारा के अनुसार चलते रहने पाएंगे। - डेनिस फिशर

हम मसीही विश्वासी कुछ समय के लिए ही संसार में हैं इसीलिए हमारी निष्ठा हमारे अनन्त निवास स्थान स्वर्ग के प्रति है।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:1-2 

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। 
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है। 
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। 
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। 
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)। 
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। 
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। 
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। 
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। 
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • इफिसियों 1-3


मंगलवार, 2 दिसंबर 2014

आशा


   आदम और हव्वा के पास सब कुछ था, साथ ही उनके पास यह सोचने का कोई कारण नहीं था कि उनका जीवन जैसे परमेश्वर द्वारा उपलब्ध करवाई गई हर उत्तम बात के साथ आरंभ हुआ था वैसे ही आगे बढ़ता नहीं रह पाएगा, किसी समय उनके उस आनन्द और आराम में कोई बाधा आ जाएगी; इस लिए उन्हें किसी बात की आशा रखने की आवश्यकता नहीं थी। लेकिन उन्होंने अपनी इस उत्तम स्थिति और आशीष को उस एक बात के लिए जोखिम में डाल दिया जो शैतान ने उनसे कही, कि परमेश्वर ने सब कुछ तो दिया लेकिन भले और बुरे के ज्ञान से वंचित रखा है (उत्पत्ति 2:17, 3:5)। जब शैतान ने उनके समक्ष इस बात को पा लेने का प्रस्ताव रखा तो हव्वा ने उसकी बातों में आकर उस प्रस्ताव को मान लिया, और आदम ने भी हव्वा का अनुसरण किया (उत्पत्ति 3:6)। उन्हें वह तो मिल गया जिसकी उन्होंने लालसा करी - ज्ञान, लेकिन उन्होंने वह गवाँ दिया जो उनके पास था - निर्दोष, निष्पाप जीवन और परमेश्वर के साथ संगति। इस निर्दोष और निष्पाप जीवन की हानि के साथ ही आशा की आवश्यकता ने जन्म लिया - आशा कि उनके पाप का दोष कभी हट सकेगा, वे कभी शर्मिंदगी से निकल सकेंगे और पुनः निर्दोष और निष्पाप होकर परमेश्वर के साथ संगति कर सकेंगे।

   इसी आशा की पूर्ति के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु के रूप में अपने आप को संसार के सामने प्रस्तुत किया। प्रभु यीशु ही मानव जाति के परमेश्वर से पुनः मेल हो जाने की एकमात्र आशा है; वही सभी जातियों का मनभावना है (हग्गै 2:7); उसी के द्वारा हम अन्धकार से ज्योति में आते हैं और पापों से छुटकारा पाते हैं (कुलुस्सियों 1:13-14); "वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं" (कुलुस्सियों 1:15-17)। प्रभु यीशु मसीह ही सारे संसार के लिए पापों के दोष से मुक्त हो कर अनन्त काल की महिमा की आशा है (कुलुस्सियों 1:27)।

   प्रभु यीशु के रूप में हमें दिए गए इस उत्तम आशा के वरदान के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें और उसकी इस भेंट को सहर्ष स्वीकार करें। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


आशा प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए निश्चितता है क्योंकि वह मसीह यीशु पर आधारित है।

जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। - कुलुस्सियों 1:27

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:3-17
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। 
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो। 
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो। 
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है। 
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है। 
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया।
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। 
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। 
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। 
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। 
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। 
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। 
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। 
Colossians 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • गलतियों 4-6