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बुधवार, 17 दिसंबर 2014

जोखिम


   एक नया आईपैड पाने के लिए बदले में कोई क्या दे सकता है? एक 17 वर्षीय लड़के ने अपना एक गुर्दा दे दिया! उसके पास आईपैड खरीदने के लिए पैसे नहीं थे किंतु वह आईपैड पाना इतना अधिक चाहता था कि वह अपना ऑपरेशन करवाने तथा केवल एक गुर्दे के साथ शेष जीवन बिताने का जोखिम उठाने को तैयार था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र स्तीफनुस ने भी प्रभु यीशु के सुसमाचार के प्रचार के लिए एक बड़ा जोखिम उठाया। प्रभु यीशु की सेवकाई में आश्चर्यक्रम करते हुए स्तिफनुस को पकड़ लिया गया, उस पर मूसा की व्यवस्था तथा परमेश्वर के विरुद्ध निन्दा का झूठा इलज़ाम लगाया गया और उसे महापुरोहित के सामने न्याय के लिए लाया गया (प्रेरितों 6:8-14)। जब महापुरोहित ने उससे प्रश्न किया (प्रेरितों 7:1) तब स्तिफनुस ने एक और जोखिम लिया और एक ऐसा उपदेश दिया जिसके विषय में वह जानता था कि सुनने वाले उसे पसन्द नहीं करेंगे - उसने इस्त्राएल के इतिहास का हवाला देकर यह दिखाया कि इसत्राएल के लोग सदा से ही हठीले और परमेश्वर के अनाज्ञाकरी तथा परमेश्वर के भविश्यद्वक्ताओं का तिरिस्कार करने वाले और उन को सताने तथा मारने वाले रहे हैं; और अब उन्होंने यही कार्य प्रभु यीशु के साथ भी किया जो उनका प्रतीक्षित मसीहा था। स्तिफनुस के इस उपदेश की अति तीव्र प्रतिक्रिया हुई, और उन्होंने उसे पत्थरवाह कर के मार डाला: "तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे। और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे" (प्रेरितों 7:57-58)।

   क्यों प्रभु यीशु का प्रचार करने के लिए स्तिफनुस ने अपने प्राण का जोखिम उठाया? क्यों प्रभु यीशु के चेले प्रभु के पृथ्वी के समय के जीवन के समय से लेकर आज तक यह जोखिम उठाते आ रहे हैं, हर स्थान पर इस प्रचार के कारण सताव सहने और तिरिस्कृत होने, यहाँ तक कि परिवार और जान गवाँ देने को भी तैयार रहते हैं? क्योंकि स्तिफनुस के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायी यह बात संसार के सामने रखना चाहते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के जन्म, मृत्यु और पुनरुत्थान के कारण संसार के सभी लोगों के लिए पूर्णतः सेंत-मेंत पाप क्षमा और उद्धार तथा परमेश्वर के साथ अनन्त काल के जीवन का मार्ग उपलब्ध है; अब उन्हें कर्मों, व्यवस्था और रीति-रिवाज़ों के पालन के बन्धनों आदि के आधीन रहने की आवश्यकता नहीं है, अब प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा वे परमेश्वर के अनुग्रह में होकर अनन्तकाल की आशीष का जीवन बिता सकते हैं (प्रेरितों 6:13-15; इफिसीयों 2:8-9)।

   प्रभु यीशु के अनुयायी संसार को यही सुसमाचार सुनाने के लिए हर तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। - एलबर्ट ली


मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से संसार प्रभु यीशु को देख सकता है।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसीयों 2:8-9

बाइबल पाठ: प्रेरितों 7:51-8:2
Acts 7:51 जैसा तुम्हारे बाप दादे करते थे, वैसे ही तुम भी करते हो। 
Acts 7:52 भविष्यद्वक्ताओं में से किस को तुम्हारे बाप दादों ने नहीं सताया, और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्‍देश देने वालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वाने वाले और मार डालने वाले हुए। 
Acts 7:53 तुम ने स्‍वर्गदूतों के द्वारा ठहराई हुई व्यवस्था तो पाई, परन्तु उसका पालन नहीं किया।
Acts 7:54 ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे। 
Acts 7:55 परन्तु उसने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो कर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर। 
Acts 7:56 कहा; देखों, मैं स्वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं। 
Acts 7:57 तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे। 
Acts 7:58 और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे। 
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर। 
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।
Acts 8:1 उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए। 
Acts 8:2 और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 11-13


मंगलवार, 16 दिसंबर 2014

आनन्द


   जब हमारे आदि माता-पिता आदम और हव्वा ने परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता करी तो आनन्द जाता रहा। उन्हें परमेश्वर द्वारा उनके रहने के लिए बनाकर दी गई वाटिका से बाहर जाना पड़ा। उस वाटिका के बाहर का जीवन सरल नहीं था; उन्हें अपने भोजन को जुटाने के लिए कड़ा परिश्रम करना पडता था। उनके पाप के कारण मृत्यु ने भी संसार में स्थान पा लिया था इसलिए अब उन्हें जानवरों से भी सावधान रहना पड़ता था। उनके पहलौठे बेटे ने ही अपने छोटे भाई की हत्या भी कर डाली। उस एक अनाज्ञाकारिता ने परमेश्वर के साथ उनकी सहभागिता तथा उनके और संसार के सारे आनन्द को छिन्न-भिन्न कर दिया।

   लेकिन परमेश्वर ने अपने साथ मानव की संगति तथा उस खोए हुए आनन्द को लौटा कर पुनःस्थापित कर देने की योजना कार्यान्वित करी। परमेश्वर से संगति और सहभागिता का आनन्द एक व्यक्ति की अनाज्ञाकारिता और मृत्यु के द्वारा जाता रहा था, परन्तु एक व्यक्ति के जन्म और परमेश्वर पिता के प्रति उसकी आज्ञाकारिता के कारण उस आनन्द को पुनः प्राप्त कर लेने का मार्ग समस्त मानव-जाति के लिए उपलब्ध करवा दिया गया। प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्गदूत ने समाचार सुनाया: "तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा" (लूका 2:10)। प्रभु यीशु ने रोगियों को चंगा किया, अन्धों को आँखें दीं, मृतकों को जीवित किया; किंतु यह सब केवल आते समय के आनन्द और आशीषों की झलक मात्र थी।

   प्रभु यीशु के रूप में परमेश्वर संसार में आया, हमारे दुखों में संभागी हुआ, हमारे लिए मृत्यु पर जयवन्त हुआ और हमें एक दृढ़ अटल आशा दी कि एक दिन वह हमारे सभी दुखों, पीड़ाओं और मृत्यु का अन्त कर देगा (यूहन्ना 11:25-26; 1 कुरिन्थियों 15:3-4; प्रकाशितवाक्य 21:4)। यही कारण है क्रिसमस के समय को आनन्द का समय कहा जाता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


समस्त संसार के सभी लोगों के लिए आनन्द का मार्ग केवल प्रभु यीशु ही है।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: लूका 2:1-12
Luke 2:1 उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं। 
Luke 2:2 यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनियुस सूरिया का हाकिम था। 
Luke 2:3 और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए। 
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया। 
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए। 
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। 
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। 
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 8-10


सोमवार, 15 दिसंबर 2014

उद्देश्य


   परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई भविष्यवाणियों के प्रति लोगों का नज़रिया बहुत भिन्नता रखता है। कुछ तो उन्हें बिलकुल नज़रन्दाज़ करते हैं और मसीही विश्वास के जीवन में उनके महत्व को कोई स्थान नहीं देते, तो दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो केवल उन पर ही ध्यान लगाए रहते हैं और संसार में हो रही प्रत्येक घटना को उन भविष्यवाणियों के संदर्भ में ही देखते हैं।

   उन भविष्यवाणियों को अपने वचन में लिखवाने के पीछे परमेश्वर का उद्देशय क्या है? इन भविष्यवाणियों को सही परिपेक्ष में रखने के लिए कुछ तथ्यों पर एक दृष्टि डाल लेते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में कुल 31,124 पद हैं; इनमें से 8,352 पद - अर्थात 27 प्रतिशत पद ऐसे हैं जो भविष्यवाणियों से संबंधित हैं। क्योंकि भविष्यवाणी परमेश्वर के वचन के एक चौथाई से भी अधिक भाग का विषय है इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी को चाहिए कि वह परमेश्वर के प्रकाशन में उसके महत्व को समझे। लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि परमेश्वर ने भविष्यवाणी को क्यों रखा। प्रभु यीशु के चेले पतरस ने अपनी दूसरी पत्री को समाप्त करते हुए संसार के अन्त में होने वाली बातों को बताया और उस संदर्भ में अपने पाठकों को निर्देश दिया, "तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए" (2 पतरस 3:11) - कहने का तात्पर्य है कि परमेश्वर ने सब कुछ इसलिए प्रगट किया है कि हम ऐसा सही और भक्तिमय जीवन जीने के लिए प्रतिदिन की बातों में चुनाव करें जो हमारे अनन्त भविष्य के अनुरूप हो।

   परमेश्वर ने हमें भविष्य के बारे में इसलिए बताया है जिससे हम सारी सृष्टि और सृष्टि के संचालन पर उसके सर्व-अधिकार को पहचान सकें; उसे आदर देने वाले, उसकी महिमा करने वाले तथा उसके भय में रहने और चलने वाले बन सकें। यही भविष्यवाणी का उद्देश्य है। - डेनिस फिशर


यदि आप प्रभु यीशु मसीह के दूसरे आगमन की बाट जोहेंगे तो आप उसकी आज्ञाकारिता और महिमा के लिए जीवन भी व्यतीत करेंगे।

पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। - 1 पतरस 1:15

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:1-13
2 Peter 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं। 
2 Peter 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी। 
2 Peter 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे। 
2 Peter 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था? 
2 Peter 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है। 
2 Peter 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। 
2 Peter 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2 Peter 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। 
2 Peter 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। 
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 5-7


रविवार, 14 दिसंबर 2014

सृजनहार


   नोबल पुरुस्कार विजेता विलर्ड एस. बोएल "इलैकट्रौनिक आँख" के सह-अविषकार्क थे, जिसका प्रयोग आज डिजिटल कैमरा और अंतरिक्ष में स्थित हबल टेलिस्कोप में किया जाता है। एक बार वे एक नया डिजिटल कैमरा खरीदने के लिए बाज़ार गए। दुकान का एक कर्मचारी उन्हें कैमरे दिखाने लगा और उन कैमरों की कार्य-प्रणाली को बोएल को समझाने का प्रयास करने लगा; समझाते समझाते वह रुक गया क्योंकि उसे लगा कि समझा पाना बहुत जटिल है और शायद बोएल सारी बात समझ नहीं पा रहे हैं। बोएल ने तुरंत उस कर्मचारी से कहा, "समझाने की आवश्यकता नहीं है - इसका अविषकार मैंने ही किया है!"

   जब परमेश्वर ने शैतान को अनुमति दी कि वह अय्युब की परीक्षा कर ले, और शैतान ने अय्युब के परिवार, स्वास्थ्य और संपत्ति को बरबाद कर डाला, तो अय्युब अपने जन्म पर विलाप करने लगा, उस दिन को धिक्कारने लगा, और फिर परमेश्वर से प्रश्न करने लगा कि उसने क्यों अय्युब के जीवन में इतना कष्ट आने दिया। तब उत्तर में अय्युब को परमेश्वर ने स्मरण दिलाया कि सृष्टि का सृजनहार वह ही है। परमेश्वर ने अय्युब से कहा कि, सारी सृष्टि में दिखाई देने वाली परमेश्वर की महान सामर्थ और अद्भुत बुद्धिमता के संदर्भ में, जो कुछ अय्युब ने कहा है उसके बारे में पुनर्विचार करे; परमेश्वर ने अय्युब पर उसकी सीमित बुद्धि और ज्ञान को, जो परमेश्वर की महानता और बुद्धिमता को समझ पाने में अक्षम है, प्रकट किया।

  यदि आज हमें कभी ऐसा लगे कि हम परमेश्वर को बताएं कि जीवन कैसे चलना चाहिए, कैसे संचालित होना चाहिए, तो थोड़ा रुक कर सोच लें कि जीवन की रचना करने और भूत-वर्तमान-भविष्य काल की आवश्यकताओं के अनुसार उसे संचालित करने वाला परमेश्वर ही है। परमेश्वर हमें ऐसी सदबुद्धि दे कि हम अपनी सीमित बुद्धि को स्वीकार करने की दीनता रखने वाले और उस पर विशवास रखने तथा उस पर निर्भर रहने वाले हों; क्योंकि वह ही हमारा सृजनहार-पालनहार-तारणहार है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर को समझ पाना हम मनुष्यों के लिए असंभव है किंतु उसकी उपासना करना हमारे लिए अनिवार्य है।

आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; जगत और जो कुछ उस में है, उसे तू ही ने स्थिर किया है। - भजन 89:11

बाइबल पाठ: अय्युब 38:1-18
Job 38:1 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यूं उत्तर दिया, 
Job 38:2 यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है? 
Job 38:3 पुरुष की नाईं अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे। 
Job 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। 
Job 38:5 उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? 
Job 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया, 
Job 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे? 
Job 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; 
Job 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया, 
Job 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि 
Job 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडने वाली लहरें यहीं थम जाएं? 
Job 38:12 क्या तू ने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी, और पौ को उसका स्थान जताया है, 
Job 38:13 ताकि वह पृथ्वी की छोरों को वश में करे, और दुष्ट लोग उस में से झाड़ दिए जाएं? 
Job 38:14 वह ऐसा बदलता है जैसा मोहर के नीचे चिकनी मिट्टी बदलती है, और सब वस्तुएं मानो वस्त्र पहिने हुए दिखाई देती हैं। 
Job 38:15 दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बांह तोड़ी जाती है। 
Job 38:16 क्या तू कभी समुद्र के सोतों तक पहुंचा है, वा गहिरे सागर की थाह में कभी चला फिरा है? 
Job 38:17 क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखने पाया है? 
Job 38:18 क्या तू ने पृथ्वी की चौड़ाई को पूरी रीति से समझ लिया है? यदि तू यह सब जानता है, तो बतला दे।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 1-4


शनिवार, 13 दिसंबर 2014

बुद्धिमान


   मैं कैलिफोर्निया के एक चर्च में चर्च की संचालन समिति का सदस्य रहा था। उस समिति का एक अन्य सदस्य, बॉब स्मिथ, हम सभी से उम्र में बड़ा था, वह समस्याओं में सही मार्गदर्शन पाने के लिए हमें बार बार परमेश्वर के वचन बाइबल की ओर जाने का परामर्श देता था।

   एक बार हम चर्च में अगुवों की कमी के बारे में चर्चा कर रहे थे, और संभव हल खोजने के विकलपों की चर्चा में हमने घंटे से अधिक बिता दिया था। इस सारी चर्चा में बॉब बिलकुल चुप बैठा रहा था; आखिरकर उसने बड़े शान्त लहज़े में हम सब से कहा, "श्रीमन, हम अगुवों की कमी की इस समस्या के लिए प्रभु यीशु के निर्देशों को भूल बैठे हैं। हमारे कुछ भी करने से पहले हमें लूका 10:2 में प्रभु के निर्देश "और उसने उन से कहा; पके खेत बहुत हैं; परन्तु मजदूर थोड़े हैं: इसलिये खेत के स्‍वामी से बिनती करो, कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दे" का पालन करना चाहिए। उसकी बात सुनकर हम सब पानी-पानी हो गए; तब नम्र और दीन होकर हमने शेष समय प्रभु से अपने खेत में कार्य करने के लिए उपयुक्त मज़दूर भेजने की प्रार्थना करने में बिताया।

   प्रसिद्ध लेखक सी. ऐस. लूइस ने कहा था, "यदि स्वयं बुद्धिमान ना बन सकें तो भला रहेगा यदि बुद्धिमान लोगों की संगति में बने रहें।" लूइस की यह बात परमेश्वर के वचन बाइबल पर आधारित है: "बुद्धिमान सुन कर अपनी विद्या बढ़ाए, और समझदार बुद्धि का उपदेश पाए" (नीतिवचन 1:5)। हमारे साथी बॉब द्वारा हमें दी गई सलाह ऐसे बुद्धिमान लोगों की संगति में, जो स्वयं प्रभु यीशु की संगति में रहते हों और जिनके मन तथा मस्तिष्क परमेश्वर के वचन की बातों से भरे हुए हों, रहने से होने वाली भलाई का एक उदाहरण। प्रेरित यूहन्ना ने भी अपनी पत्री में उन भिन्न लोगों को संबोधित किया जो प्रभु यीशु को जानते थे और उसके साथ रहते थे (1 यूहन्ना 2)।

   हमारे लिए यह बहुत लाभप्रद होगा कि हम ऐसे लोगों के खोजी रहें जो प्रभु यीशु की उपस्थिति में रहते हैं, उसके वचन के साथ चलते हैं तथा प्रभु से मिलने वाली बुद्धिमता से परिपूर्ण रहते हैं। ऐसे बुद्धिमान लोग हमारे तथा हमारी मण्डलियों के लिए परमेश्वर के उपहार होते हैं। - डेविड रोपर


वह वास्तव में बुद्धिमान है जो दूसरों के अनुभव से स्वयं शिक्षा लेता है।

बुद्धिमान का मन उसके मुंह पर भी बुद्धिमानी प्रगट करता है, और उसके वचन में विद्या रहती है। - नीतिवचन 16:23

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 2:12-17
1 John 2:12 हे बालकों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए। 
1 John 2:13 हे पितरों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि जो आदि से है, तुम उसे जानते हो: हे जवानों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है: हे लड़कों मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि तुम पिता को जान गए हो। 
1 John 2:14 हे पितरों, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि जो आदि से है तुम उसे जान गए हो: हे जवानो, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि तुम बलवन्‍त हो, और परमेश्वर का वचन तुम में बना रहता है, और तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है। 
1 John 2:15 तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। 
1 John 2:16 क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। 
1 John 2:17 और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • फिलेमोन



शुक्रवार, 12 दिसंबर 2014

सांत्वना


   अमेरिका के इतिहास में एक बहुत त्रासदीपूर्ण और दुखदायी घटना है 19वीं सदी के आरंभ में अमेरिका के मूल रेड इन्डियन निवासियों का ज़बर्दस्ती किया गया विस्थापन। उन मूल निवासियों ने बढ़ती हुई श्वेत आबादी के लोगों के साथ संधियाँ करी थीं, उनके साथ दुश्मनों के विरुद्ध युद्ध में सहयोग किया था, लेकिन बाद में उन्हीं लोगों को अपनी भूमि छोड़कर अन्य स्थानों पर जाकर बसने के लिए मजबूर कर दिया गया। सन 1838 की सर्दियों में चिरोकी कबीले के हज़ारों लोगों को पश्चिम की ओर 1000 मील की एक कठिन यात्रा करने के लिए मजबूर कर दिया गया। इस अन्याय के कारण उनमें से हज़ारों मर गए क्योंकि सर्दी के समय में इस लंबी और कठिन यात्रा को कर पाने के लायक कपड़े, जूतियाँ और आवश्यक वस्तुएं उनके पास नहीं थे; इसलिए उनकी इस यात्रा को "आँसुओं की यात्रा" कहा जाता है।

   आज भी संसार अन्याय, पीड़ा और मनोव्यथा से भरा हुआ है। आज भी बहुतेरों को अनेक कारणों से अपने जीवन में "आँसुओं की यात्रा" करनी पड़ती है; उन्हें लगता है कि उनकी पीड़ा को जानने और समझने वाला कोई नहीं है, कोई उनकी परवाह नहीं करता है। लेकिन प्रभु परमेश्वर हमारी पीड़ाओं को देखता है और हमारे दुखी हृदयों को सांत्वना भी देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-5)। साथ ही वह उस आते समय कि भी आशा देता है जिसमें पाप और अन्याय का कोई दाग़ नहीं रहेगा; उस समय और उस स्थान पर "वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं" (प्रकाशितवाक्य 21:4)।

   परमेश्वर ना केवल भविष्य में हमारे आँसुओं को पोंछने और हमें सांत्वना देने की आशा देता है, वायदा करता है, वरन जब हम विश्वास और समर्पण के साथ उसके पास अपने दुखों को लेकर आते हैं तो वह आज भी हमारे सभी आँसुओं को पोंछता है, हर परिस्थिति में हमें सांत्वना देता है। - बिल क्राउडर


जब परमेश्वर हमारे जीवन में परीक्षाओं को आने की अनुमति देता है तो साथ ही अपनी शान्ति तथा सांत्वना भी हमें उपलब्ध करवा देता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा। 
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • तीतुस 1-3



गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

प्रेम व्यवहार


   कुछ वर्ष पहले की बात हैं मैं अपने एक मित्र के साथ परमेश्वर के वचन बाइबल से मत्ती 26 अध्याय पढ़ रहा था, जिसमें प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने से ठीक पहले की घटनाक्रम लिखा गया है। जब हम पढ़ते पढ़ते उस खण्ड पर आए जिसमें प्रभु यीशु तीन बार अपने चेलों से अपने लिए प्रार्थना करने को कहता है, और हर बार उन्हें प्रार्थना करते नहीं वरन सोते हुए पाता है, तो क्रोधावेश में होकर वह मित्र बोला, "यदि तब प्रभु यीशु के साथ मैं होता तो कभी नहीं सोता, मैं प्रभु का पूरा-पूरा साथ देता। कोई कैसे सो सकता है जबकि बारंबार प्रभु उन से कह रहा है कि वह बहुत व्याकुल है? प्रभु तो उनसे निवेदन कर रहा था।"

   यह जानते और समझते हुए कि हमारे परिवारजन हमारे कार्य करते रहने की व्यस्तता और लंबी दिनचर्या को लेकर कैसे संघर्ष करते हैं, मैंने अपने उस मित्र से कहा, "ऐसा कितनी बार हुआ है कि हमारे बच्चे स्कूल के किसी कार्यक्रम में, वहाँ बैठे अन्य अभिभावकों के मध्य हमें ढूँढ़ रहे होते हैं लेकिन हम वहाँ उनके लिए, उनके साथ नहीं होते? क्या हमारे बच्चों को कभी कभी अकेले ही परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता? हमारे परिवार और मित्रजनों को अनेक बार हमारी ओर से मिलने वाले व्यक्तिगत ध्यान और परवाह की आवश्यकता होती है; जैसे प्रभु यीशु की अपने चेलों से, वैसे ही हमारे परिवार और मित्रजनों की हम से उनका साथ निभाने की आशा रहती है, परन्तु जैसे प्रभु को अपने चेलों से वैसे ही उन्हें भी हम से निराशा ही मिलती है।"

   जीवन की माँगों और हम से जुड़ी लोगों की आशाओं के बीच तालमेल बैठा कर दोनों को निभाते रहना कोई सरल कार्य नहीं है, परन्तु ऐसा ना करना भावनाओं के साथ विश्वासघात भी है। उन चेलों द्वारा प्रभु यीशु को उस रात निराश करने की बात हमें उकसाती है कि हम आज अपने जीवनों में झाँक कर देखें कि हम अपने प्रभु और अपने प्रीय जनों को कितनी बार और कैसे-कैसे निराश करते रहते हैं; और फिर प्रभु यीशु से सहायता माँगें कि वह हमारा मार्गदर्शन करे कि हम वह प्रेम व्यवहार प्रदर्शित कर सकें जो हमें करना चाहिए। - रैन्डी किल्गोर


दूसरों की आवश्यकता के प्रति हमारी संवेदनशीलता, प्रभु यीशु के प्रति हमारे प्रेम का एक माप है।

इसलिये जागते रहो और हर समय प्रार्थना करते रहो कि तुम इन सब आने वाली घटनाओं से बचने, और मनुष्य के पुत्र के साम्हने खड़े होने के योग्य बनो। - लूका 21:36

बाइबल पाठ: मत्ती 26:36-46
Matthew 26:36 तब यीशु ने अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जा कर प्रार्थना करूं। 
Matthew 26:37 और वह पतरस और जब्‍दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा। 
Matthew 26:38 तब उसने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो। 
Matthew 26:39 फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो। 
Matthew 26:40 फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? 
Matthew 26:41 जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है। 
Matthew 26:42 फिर उसने दूसरी बार जा कर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो। 
Matthew 26:43 तब उसने आकर उन्हें फिर सोते पाया, क्योंकि उन की आंखें नींद से भरी थीं। 
Matthew 26:44 और उन्हें छोड़कर फिर चला गया, और वही बात फिर कहकर, तीसरी बार प्रार्थना की। 
Matthew 26:45 तब उसने चेलों के पास आकर उन से कहा; अब सोते रहो, और विश्राम करो: देखो, घड़ी आ पहुंची है, और मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है। 
Matthew 26:46 उठो, चलें; देखो, मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 तिमुथियुस 1-4